सोमवार, 23 मार्च 2026

वन विकास निगम द्वारा पांच माह पूर्व कराए गए पथ रोपण पूरी तरह से बर्बाद

 वन विकास निगम द्वारा पांच माह पूर्व कराए गए पथ रोपण पूरी तरह से बर्बाद 



अलताफ़ हुसैन

रायपुर (फॉरेस्ट क्राइम न्यूज़)छग प्रदेश का वन विभाग, एवं उसके अनुवांषिक धड़ा वन विकास निगम सहित बहुत से संबंधित विभाग प्रदेश भर के रिक्त पड़त भाटा भूमि,  क्षेत्र में हरियाली प्रचार प्रसार करनें के महत्वाकांक्षी उद्देश्य को योजनाओं के मध्यम से  रोपण प्लांटेशन कर  हरियाली की चटकमय कांति युक्त आभा बिखेरने दृढ़ संकल्पित रहते है परंतु वन कर्मियों की लापरवाही,सुरक्षा,व्यवस्था,देखरेख उपचार, निंदाई गुड़ाई, के अभाव में ऐसे  रोपण प्लांटेशन क्षेत्र कुछ दिनों में ही दम तोड़ते हुए   पुनः चटियल मैदान के रूप में परिलक्षित होने लगता है इसका साक्षात उदाहरण नवा रायपुर अटल नगर में पांच माह पूर्व संपादित कराए गए पथ रोपण कार्य  पूरी तरह से तबाह और बर्बाद नज़र आ रहा है 


        नवा रायपुर अटल नगर में वर्ष 2025 के अंत माह नवंबर में दीपावली राज्योत्सव के समय सेक्टर 27 व,29 , इंग्लिश स्कूल के मीडियन मार्ग मंत्रालय मोड के एकांगी मार्ग सहित  डिप्टी सी. एम. अरुण साव वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी  बंगला के आसपास क्षेत्र,  तुता धरना स्थल, राज्योत्सव सतनाम चौक, रेल्वे ट्रैक मे छ्ग राज्य वन विकास निगम के मध्यम से भिन्न भिन्न क्षेत्रों में वृहद स्तर पर मिश्रित प्रजाति के पौधों का पथ रोपण कार्य संपादित कराए गए थे परंतु पांच माह व्यतीत होते ही सुरक्षा व्यवस्था देखरेख उपचार, केज्युवल्टी के अभाव में साठ प्रतिशत रोपण क्षेत्र पूरी तरह से तबाह एवं बर्बाद नज़र आ रहे है केवल मंत्री, बंगले के आसपास एवं कुछ स्थान को अलग दृष्टिकोण से आंकलन किया जाए तो बाकी रोपण क्षेत्र के सुखी लकड़ी की टहनी,डंगाल, ही दिख रहे है बाकी सभी क्षेत्र शुष्क एवं समतल नज़र आ रहा है इस संदर्भ में वन विकास निगम नवा रायपुर अटल नगर क्षेत्र के रेंजर चंद्राणी बांदे, एवं निशांत ठाकुर से संपर्क करने का प्रयास किया गया परंतु दोनों ही रेंजर क्षेत्र में नज़र नही आए एवं न ही कोई वन विकास निगम के वन कर्मी कथित क्षेत्र में दिखाई दिया स्पष्ट करते चले कि लाखों,करोडो नही बल्कि अरबों रुपये का व्यवसाय करने वाला छग राज्य वन विकास निगम नवा रायपुर मुख्यालय मुख्य मार्ग से मात्र दो तीन किलोमीटर मे ही स्थित है परंतु अधिकांश वन विकास निगम कर्मी  प्लांटेशन कार्य क्षेत्र से सदैव नदारत रहते है यह स्थिति यही की नही बल्कि पूरे छग प्रदेश के वन विकास निगम फिल्ड की है न कभी डिविजन स्तर में उपर बैठे अधिकारी फील्ड की मॉनिटरिंग करते है और न ही भ्रष्ट आचरण पर वैधानिक कोई कार्यवाही करते है 


उनका मूल धर्म केवल "सबसे बड़ा रुपैय्या" रह गया है समुचित कार्यवाही न होने की वजह से मैदानी अमले के अधिकारी कर्मचारी मनमाने रूप से भ्रष्टाचार, फर्जीवाडा, गबन, घोटाले,अनीयमिताओं,को मुक्त रूप पर अंजाम देने में नही हिचकिचाते है फिर मैदानी अमला भी उपर बैठे अधिकारियों से क्यों डरें या हिचकिचाएं ? जब उन्हे प्रसेंटेज कट मिला जाता हो फिर तो मैदानी अमले की स्थिति"सैंय्या भई कोतवाल तो अब डर काहे का" वाली बन जाती है तब उपर बैठे सब अधिकारी दूध मलाई चट कर बिल्ली की भाँति आँख बंद कर बैठ जाते है उन्हे लगता है जैसे उन्हे कोई नही देख रहा परंतु दुनिया खुली आँखों से उन्हे देख कर सब समझती है उसका मुख्य कारण यह भी माना जा रहा है कि डिविजन कार्यालय को छोड़ कर फील्ड में कहीं भी कार्यालय का स्थायी ठौर ठिकाना न के बराबर है  समस्त वन विकास निगम कर्मी अपने आवास से ही लिखा पढ़ी कार्य संपादित कर डिविजन कार्यालय में बिल बाउचार् जमा करने आते है जहाँ रोपण फील्ड अथवा प्लांटेशन के संदर्भ मे जानकारी मालूम करने पर यत्र तत्र भटकना पड़ता है नवा रायपुर अटल नगर की जनकारी लेने पर  दोनों रेंज अधिकारी सहित डी एम. एवं डी.डी.एम. भी उपस्थित नही मिले तथा उनसे भी इस कार्य के संदर्भ में विस्तृत चर्चा एवं जानकारी प्राप्त नही हो सकी 

सूत्रों से जब नवा रायपुर अटल नगर के कथित पथ रोपण कार्य के संदर्भ में जानकारी एकत्र की गई तो ज्ञात हुआ है कि  संपूर्ण रोपण कार्य का बजट लाखों मे नही बल्कि करोड़ों का है फिर भी पौधों की ऊँचाई दो से चार फीट के ही लगाए गए है वह भी किस नर्सरी से पौधे क्रय किये गए जिस पर भी कमीशन खोरी एवं भ्रष्टाचार की बू आ रही है क्योंकि किसी भी प्लांटेशन की रोपे गए पौधों की ऊँचाई लगभग चार से छ फीट होना अनिवार्यतः होता है परंतु नवा रायपुर मे न्युन्तम दो फीट से अधिक चार फीट के पौधे क्रय किये गए इससे स्पष्ट होता है कि जिस नर्सरी से क्रय किये गए पौधों चाहे वविनि  के उत्पादित नर्सरी से क्यों न क्रय किए गए हो उसका बिल देखकर ही सत्यता ज्ञात होगा क्योंकि जिस प्रकार पौधे रोपे गए है उसे देख कर कमीशन खोरी एवं भ्रष्टाचार होने की बू अलग नज़र आ रही है यदि ईमानदारी से चार में छ आठ फीट ऊँचाई वाले पौधे क्रय किए जाते तो उसका पांच माह में ग्रोथ कुछ और ही नजर आता यदि मान भी लिया जाए कि छोटे बड़े ऊँचाई वाले पौधे  कमीशन खोरी कर क्रय किये भी गए तो उनकी सुरक्षा देख रेखा निंदाई गुड़ाई नियमित सिचाई, पर ध्यान दिया जाता तो भी रोपण क्षेत्र हरियाली युक्त नज़र आती क्योंकि वन विकास निगम के ऐसे भ्रष्ट रेंजर जिनका मूल उद्देश्य अपनी जेब गर्म करना भर रह गया है यही वजह है कि रोपण पश्चात क्षेत्र में होने वाली विभागीय प्रक्रिया जिसमे सिंचाई से लेकर सुरक्षा, निंदाई गुड़ाई, गाला थाला,दवा छिड़काव्,उपचार केज्युवल्टी, तक जैसे महत्वपूर्ण कार्य संपादित किये जाते है परंतु  इस ओर व वि नि के रेंजर सहित सह कर्मी कोई तवज्जो नही देते नजर आए है परिणामतः  देखरेख सुरक्षा, उपचार के अभाव में कुछ माह मे ही रोपण क्षेत्र मरणास्न्न स्थिति में पहुँच चुका है जबकि व वि. नि. एवं अनुबंध एजेन्सी के अनुसार वविनि को तीन से चार किस्त पार्ट मे राशि जारी करती है जिसमे  प्रथम राशि लगभग आधी जो लाखों से लेकर करोड़ों रुपये भी हो सकते है उसके पश्चात तीस प्रतिशत एवं अंत मे दस प्रतिशत राशि मैंटनेंस हेतु जारी की जाती है परंतु प्रारंभिक् राशि मे ही बंदरबाट का खेल हो जाता है  जिससे रोपण क्षेत्र की स्थिति बढ़ी दयनीय हो जाती है केवल वी आई पी क्षेत्र पर कार्य किया गया है जैसे मंत्री बंगला के आसपास क्षेत्र को छोड़ दिया जाए तो नवा रायपुर अटल नगर के पथ रोपण कार्यों के निष्पादन मे फर्जी बिल बाउचर से लाखों का खेल हो चुका होगा यदि दस श्रामिक से कार्य संपादित किया गया होगा तो उसे पचास श्रमिक दर्शा कर एक ट्रैक्टर की जगह दस ट्रैकटर ट्राली सिंचाई,अंकित कर बिल बाउचर के मध्यम से लाखों रुपये स्वाहा हो चुका होगा  व वि नि कर्मियों के भ्रष्ट अर्थ लाभ वाले आचरण ने कथित पथ रोपण क्षेत्र पूरी तरह से फेल और बर्बाद हो चूका है इसकी विस्तृत जानकारी लेने वन विकास निगम मुख्यालय से लेकर संबन्धित विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर अटल नगर नवा रायपुर स्थित पथ रोपण कार्य का बजट से लेकर किस मद एवं  पौधे  क्रय किए गए है जिसकी संपूर्ण जानकारी ली जाएगी तथा अगले अंक में विस्तृत रिपोर्ट का प्रकाशन किया जाएगा

गुरुवार, 12 मार्च 2026

वन क्षेत्र आरंग का सागौन प्लांटेशन ऑक्सिजन देकर बन रहा जीवन दायिनी -

 वन क्षेत्र आरंग का सागौन प्लांटेशन ऑक्सिजन देकर बन रहा जीवन दायिनी -


पर्यटन स्थल के रूप मे यह क्षेत्र विकसित हो सकता है  


अलताफ़ हुसैन 

रायपुर(छत्तीसगढ़ वनोदय) प्रकृति ने विशाल धरती पर पेड़ पौधे की भगौलिक संरचना कर उसके मनभावन हरीतिमा चादर ओढ़ा कर वनों का जो अविश्वसनीय, अतुलनीय हरित श्रृंगार किया है उसके दिव्य आभा युक्त व्यवस्था देख कर कोई भी प्रकृति एवं पर्यावरण प्रेमी मंत्र मुग्ध होकर उसकी  मुक्त कंठ से प्रशंसा किए बगैर नही रह सकता  ईश्वरीय संरचना की बेमिसाल कृति का बेहतरीन नमुना जो संपूर्ण मानव जगत, जीव जंतु, जलचर नभचर,सरीसृप, कीट,मकोड़े, इत्यादि  को  हरियाली से श्रृंगारित कर वन के रूप में संपूर्ण जगत के गोशे गोशे में पृथवी को वरदान प्रदत्त किया है जिसकी वजह से सम्पूर्ण जीवन चक्र के बनते बिगड़ते भगौलिक जलवायु संरचना को संतुलित कर रखा हुआ है परंतु मानव समाज निज स्वार्थ सिद्धि लाभ उठाने के लिए हरियाली का लगातार विदोहन,कर  धरती एवं उस पर आत्मनिर्भरता पूर्ण आश्रित जीवन शैली को अस्त व्यस्त करते हुए जिनमे अब चाहे वह मानव जीवन हो जीव जंतु, हो या सूक्षम कीट पतंगे क्यों न हो सब पर परिवर्तित प्रकृतिक वातावरण, जलवायु स्वास्थ्य गत कारणों पर विपरीत प्रभाव डाल चुका है  परिणामतः गलोबल वार्मिंग के लगातार बढ़ते प्रभाव से वनों एवं हरियाली की सूर्य के समान चमकदार आभा  लगातार छिन्न भिन्न होकर विलुप्त होती जा रही है वनों एवं प्राकृतिक पेड़ पौधों  हरियाली के दोहन बढ़ते कल कारखानों की निकलने वाले दम घोटु  प्रदूषण से अनेक व्याधियों ने अपना घर बना चुके जो घटते वन लुप्त होती हरियाली इसके मुख्य कारक माने जाते है परंतु मानव इस भावी विपतियों से बे खबर इस ओर सारगर्भित स्वस्थ्य उपाय करने के बजाए अपने आर्थिक आय स्त्रोत बढ़ाने, की कामना सहित अपने मौलिक संसाधन ऐश ओ इशरत जैसी व्यवस्था पर अधिक बल दे रहा है जिससे वायु जल मंडल में दूषित प्रभाव मे वृद्धि हो रही है तथा अनेको नाना प्रकार के गंभीर रोग, बीमारियों का प्रकोप भी बढ़ रहा है जिसका  विगत वर्षों में  उदाहरण कोरोना जैसे जानलेवा महामारी से साक्षात्कार संपूर्ण विश्व ने भोगा है  परंतु इन सब के बावजुद् वन रूपी हरियाली लहलहाते पेड़ पौधों के अस्तित्व को बचाने एवं अक्षुणय बनाए रखने संपूर्ण जगत के जीव जंतु का जीवन दायिनी कहलाने वाले पेड़ पौधों को अमरत्व प्रदान करने के बहुउद्देशीय पुनीत कार्य छत्तीसगढ़ प्रदेश का वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के दूर दर्शी सोच रखने वाले अधिकारी, वन कर्मचारी एवं मैदानी अमलो  के जांबाज सिपाही प्रमुखता से रात दिन जुटे रहते है नित नवीन योजनाओं के मध्यम से पड़त भाटा, बंजर भूमि में प्लांटेशन के मध्यम से हरियाली की चादर फैला कर ओरेंज भूमि का काया कल्प करते रहते  है ताकि प्रकृति के असंतुलिन ऋतु परिवर्तन को संतुलित कर शुद्ध, स्वस्थ्य, जलवायु  वातावरण निर्मित किया जा सके तथा मानव जीवन सहित जीव जंतुओं को खुली हवा मे विचरण कर  स्वास्थ जीवन के साथ वनों के हरियाली क्षेत्रों में  अठखेलिया करते वन्य प्राणी दृष्टि गोचन होता रहे रिक्त पड़त भूमि में भिन्न भिन्न प्रजाति के प्लांटेशन लगा कर प्रदेश का वन विभाग न ही हरियाली की सौगात दे रहा है बल्कि परिवर्तन हो रहे जलवायु से बढ़ रही वैश्विक गंभीर जानलेवा बीमारीयो, एवं प्रदूषण को संतुलिन कर प्राकृतिक, एवं पर्यावरण प्रेमियों के लिए जीवनदायीनी साबित हो रहा है


रायपुर वन मंडल अंतर्गत आरंग परिवृत  से करीब चालीस किलोमीटर दूर ग्राम मोहमेला से मात्र तीन से पांच किलोमीटर की दूरी स्थित चिखली ग्राम के कक्ष क्रमांक 81 में वन विभाग के कर्मठ मैदानी अमले ने वित्तीय वर्ष 1999- 2000 में अर्थात 25 वर्षों पूर्व से अधिक हजारों की संख्या मे सागौन प्लांटेशन किया था जिसमे शत प्रतिशत  सागौन आज की तिथि में फल फूल रहे है बल्कि वन विभाग के राजस्व के रूप में जहां लाखों, करोड़ों की राशि का हरा सोना बन चुके है वही इसके साथ ही अब वे सागौन प्लांटेशन पेड़ आसपास बसे अनेकों ग्राम क्षेत्रों के जीवन को ऑक्सिजन देकर जीवन दायिनी बन चुके है यही नही प्रकृति के स्वरूप ,में हरीतिमा अस्मिता की चादर ओढ़ा कर  सुनहरी मनमोहक हरियाली आभा  बिखेर कर आम लोगों को अपनी ओर चित आकर्षित भी कर रहे है 



          इस संदर्भ में बताया जाता है कि रायपुर वन मंडल अंतर्गत आरंग परिवृत् से चालीस किलोमीटर दूर स्थित मोह मेला ग्राम से लगे हुए चिखली ग्राम मे महानदी तट के समीप वित्तीय वर्ष 1999-2000 में तत्कालिक वन अधिकारियों द्वारा कक्ष क्रमांक 81 के, 85 हेक्टेयर में दो भागों में सागौन सहित भिन्न भिन्न मिश्रित प्रजाति का प्लांटेशन वृहद भूभाग में किया गया था जिसकी वर्तमान आयु लगभग 26 वर्षीय हो चुकी है कथित सागौन प्लांटेशन के संदर्भ में वरिष्ठ आई एफ.एस



रायपुर वन मंडलाधिकारी लोकनाथ पटेल बताते है कि हमारे तत्कालिक कर्तव्यनिष्ठ अधिकारियों,मैदानी अमलों के कर्मचारियों की मेहनत का प्रतिफल स्वरूप कथित सागौन  प्लांटेशन हमें विरासत में उपहार स्वरूप प्राप्त हुआ है जिनकी थाती को बचाए रखना हमारा मौलिक कर्तव्य बनता है इसके लिए वन मंडल अधिकारी, मैदानी अमले के कर्मचारी निष्ठा पूर्वक कटिबद्धता हेतु दृढ़ संकल्पित है  रायपुर वन मंडल अधिकारी लोकनाथ पटेल आगे बताते है कि  इसके अलावा समय अनुसार पृथक  वर्ष 2012-2013 में  केज्युवल्टी कार्य भी संपादित किए जाते रहे है जिसकी वजह से प्लांटेशन क्षेत्र मे शत प्रतिशत पौधे सुरक्षित एवं ग्रोथ कर रहे है वे आगे बताते है कि इसी तारतमय में वितीय वर्ष  2026-27 में लगभग 55 (पचपन) हेक्टेयर  भूभाग के 18 हेक्टेयर भूमि में केज्युवल्टी सागौन सहित मिश्रित प्रजाति के पौधों का पुनःरुत्पादन  कर प्लांटेशन किया जाएगा  जिसकी दृत गति से तैयारी की जा रही है  रायपुर वन मंडलाधिकारी श्री पटेल  आगे बताते है कि प्रकृति आपदा, गाय, बकरी मवेशियों की चराई एवं आसपास के ग्रामीणों द्वारा लगातार आवागमन के चलते  एक बहुत बड़ा भूभाग समतलीकरण के रूप मे परिवर्तित हो चुका था जिसकी कायाकल्प करने की आवश्यकता महसूस की जा रही थी  उन्होंने आगे बताया कि इसी संदर्भ में अठारह हेक्टेयर भूमि के खरपतवार,सहित  व्यवधानिक पेड़, पौधों को साफ कर समतलीकरण किया जाएगा तद् पश्चात वृक्षारोपण करने की तैयारी की जाएगी इस सिलसिले मे रायपुर वन मंडल के उप वन मंडलाधिकारी आनंद कुदरिया का कथन है कि क्षेत्र को हरीतिमा युक्त बनाने हेतु समस्त औपचरिकताएं पूर्ण कर हजारों की संख्या में सागौन सहित अन्य मिश्रित पौधों का रोपण वर्ष 2026 मे किया जाएगा इसके लिए भूमि व्यवस्था की जा रही है तथा रोपण पश्चात केज्युवल्टी, सहित उपचार दवा खाद, सुरक्षा, व्यवस्था पर  समय समय पर विशेष ध्यान  दिया जाएगा वे आगे बताते है कि इसके लिए रोपण क्षेत्र में आधुनिक मशीन से खरपतवार को साफ कर, उबड़ खाबड़ स्थल का समतलीकरण कर भूमि व्यवस्थापन कार्य जारी किया जा चुका है यही नही मजदूरों के मध्यम से तीन गुणित तीन के गड्ढो को खोदकर तीन फीट के अंतराल में सागौन सहित अन्य प्रजाति जिसमे सागौन,महुआ,बांस,बरगद, कुसुम,  नीम, करंज,सहित फलदार, फुलदार,  छायादार एवं औषधि गुण वाले  पौधों का रोपण कार्य द्रुत गति से किया जाएगा  उन्होंने संभावना व्यक्त की है कि वित्तीय वर्ष 2026 मार्च पश्चात जून जुलाई तक प्लांटेशन कर लिया जाएगा इसके लिए वे लगातार मॉनिटरिंग करते रहते है 


  इस संदर्भ में युवा जुझारू, कर्तव्य निष्ठा रायपुर  परिक्षेत्राधिकारी चंद्र कुमार महोबिया से जब चर्चा कि गई तो उन्होंने बताया कि सागौन प्लांटेशन रायपुर वन मंडल के लिए बड़े गर्व का विषय है जिसकी वर्तमान आयु लगभग छब्बीस वर्षों की हो चुकी है तथा यह 85 हेक्टेयर मे दो भागों मे फैला है जिसके एक क्षेत्र 55 हेक्टेयर क्षेत्र में 18  हेन्टेयर भू भाग में मिश्रित वृक्षारोपण का कार्य संपादित किया जाएगा रायपुर परिक्षेत्राधिकारी चंद्र कुमार महोबिया आगे बताते है कि सागौन की वर्तमान स्थिति बहुत अच्छी है तथा लगातार ऊँचाई में सतत ग्रोथ कर रहे है वही इस बात पर भी उन्होंने जोर दिया है कि समय अनुसार इसका विरलन न होने से इसकी गोलाई अपेक्षाकृत कम है  रेंज अधिकारी महोबिया ने बताया कि यह क्षेत्र वन भूमि क्षेत्र होने के कारण चारों ओर लगभग 32 प्रवधानित मुनारा मे लगभग समस्त मुनारा निर्माण किया जा चुका है ओर इसके साथ ही पौधों की सुरक्षतामक दृष्टिकोण से फेसिंग एवं गेट बनाये जाएंगे ताकि गाय गरुआ एवं मवेशी चराई से रोक थाम किया जा सके वही सुरक्षा हेतु चौकीदारों की नियुक्ति बढ़ाई जाएगी सिंचाई व्यवस्था के संदर्भ में उनका मत है कि ग्रीष्म ऋतु में टैंकर के मध्यम से समुचित व्यवस्था की जाएगी बताते चले कि श्री चंद्र कुमार महोबिया सीजी पी एस सी पास कर वर्ष दो हजार अठारह उन्नीस में वन विकास निगम में जॉइनिंग  की थी तथा दो वर्ष पश्चात 2021-2022 मे रेग्युलर वन विभाग में सेवा से जुड़े निगम के प्लांटेशन के दो वर्ष का लाभ उन्हे प्राप्त हुआ तथा अपने वन विभाग के कार्य काल में उन्होंने बहुत से प्लांटेशन रोपण का लाभ अपने मार्ग दर्शन में संपादित कराया है जो आज भी उल्लेखनीय माने जाते है 


 रायपुर वन मण्डल अंतर्गत आरंग परिवृत् के प्रभारी अधिकारी एस.के.सामंतराय जो जमीनी स्तर के जुड़े अधिकारी है जिसकी वजह से वे कर्म पर अधिक तरजीह देते है इसलिए उनके अधीनस्थ कर्मी उन्हे कर्मयोगी के नाम पर ज्यादा जानते है तथा वे भी किसी भी कर्म क्षेत्र को चुनौती के  रूप में स्वीकार करते है यही कारण है कि उन्हे वन विभाग रायपुर का जिला उड़न दस्ता का अतिरिक्त प्रभार भी मिला हुआ है उनके बारे मे बताया जाता है कि काष्ठ तस्करों के लिए उन्होंने रात दिन उन पर वन अधिनियम के तहत  ताबड़तोड़ कार्यवाही कर उनके नाक मे दम कर रखा है जुझारू पन उनके आदत मे शुमार है इसलिए वह संपूर्ण सौपे गए दायित्वों का निर्वहन  बड़ी इमानदारी एवं निष्ठा पूर्वक निभाते है जिसकी वजह से उनकी कार्य शैली उन्हे अन्य लोगों से अलहदा बनाती है


रायपुर से लगभग सत्तर किलो मीटर दूरी फील्ड चिखली ग्राम का अट्ठारह हेक्टेयर भूमि का सागौन प्लांटेशन का दायित्व उन्ही के कंधों पर है तथा वे लगातार प्लांटेशन पहुँच कर संपूर्ण कार्यों को अपने निगरानी मे संपादित करवा रहे है वे बताते है कि लगने वाले वृक्षारोपण के पौधे भिन्न भिन्न प्रकार के मिश्रित पौधों का चयन कर फलदार, फुलदार, सायादर्, औषधि गुणवाले पौधों का रोपण वन मण्डल  अधिकारी लोकनाथ पटेल साहब के आदेश एवं  उप वन मंडल अधिकारी आनंद कुदरिया साहब के मार्ग दर्शन एवं परिक्षेत्राधिकारी चंद्र कुमार महोबिया साहब के नेतृत्व मे वृक्षा रोपण कार्य संपादित किया जाएगा जिसकी तैयारी पूरी कर ली गई है रोपण क्षेत्र में पौधों की सुरक्षा पर बहुत ध्यान देने की आवश्यकता की जाएगी उसके लिए फेंसिंग के साथ ही लगभग बत्तीस मुनारे निर्माण किये जाएंगे ताकि वन क्षेत्रों का अतिक्रमण न किया जा सके आरंग क्षेत्र के प्रभारी श्री एस. के. सामंत राय आगे बताते है कि वन क्षेत्र के मध्य में रेत माफिया सक्रिय है जो  लगातार ट्रको से रेत उत्खनन कर सड़क एवं वन भूमि क्षेत्र मार्ग को क्षति पहुंचाई जा रही है इसके लिए  विभाग को  अवगत कराकर रेत उत्खनन को बंद करने की मांग की जाएगी ताकि हरित क्षेत्र को धूल, प्रदूषण, उत्खनन इत्यादि से प्लांटेशन क्षेत्र को होने वाली क्षति से बचाया जा सके आरंग प्रभारी एस. के. सामंत राय आगे बताते है कि शीघ्र 85 हेक्टेयर भूमि का नाप झोंक कर रिपोर्ट वन विभाग,पर्यावरण विभाग एवं कलेक्टर को भेजी जाएगी 


ग्राम चिखली सागौन प्लांटेशन प्रभारी दौलत राम साहू है उन्होंने संपादित किये जाने वाले वृक्षारोपण क्षेत्र के बारे में बताया कि लगातार क्षेत्र में रोपण कार्यों स्थानीय श्रमिकों के मध्यम से रोजगार ग्यारंटी के तहत कराया जा रहा है रोपण कार्य हेतु स्थानीय एवं असपास ग्राम क्षेत्र के श्रमिकों को लगातार रोजगार उपलब्ध दिया जा रहा है उत्साहित युवा दौलत राम साहू फॉरेस्ट गार्ड बताते है रोपण कार्य की गति तेज स्तर पर की जा रही है ताकि जून जुलाई तक पूर्ण हो सके वही उनका सहयोग आरंग परिवृत के युवा सावन कुमार साहू फॉरेस्ट गार्ड काफी सक्रिय है वे लंबे समय से आरंग परिवृत् के क्षेत्र में बहुत से प्लांटेशन करवा चुके है जिनमे अब पूर्व में संपादित  चार पांच हेक्टेयर क्षेत्र में कृष्ण कुंज हो या समोदा के आगे नदी किनारे प्लांटेशन हो सभी क्षेत्र के प्लांटेशन आज भी सफल एवं सुरक्षित है वे भी ग्राम चिखली प्रभारी दौलत राम साहू के साथ में बड़ी सक्रियता से हो रहे वृक्षारोपण कार्यों को शिद्दत से संपादित करने में जूटे हुए है 


गौर तलब है कि ग्राम चिखली का कथित सागौन एवं मिश्रित प्लांटेशन के शत प्रतिशत सफल होने का मुख्य वजह उसके समीप महानदी की जलधारा  है जिसकी नमी लगातार कई किलोमीटर तक अवशोषित करती रहती है इसी नमी से प्लांटेशन क्षेत्र वन का रूप धारण कर चुका है यदि आम जन सागौन प्लांटेशन क्षेत्र के मध्य से गुजरता है तो  ऐसा प्रतीत होता है जैसे सिरपुर,बार नवापार के सघन जंगल में पर्यटक भ्रमण कर रहे हो इसकी मनोहारी दृश्य ही इतनी आकर्षित है कि मध्य से गुजरती महानदी कि जलधारा दूसरे छोर ऐतिहासिक प्राचीन  मंदिर किसी भी पर्यटक को श्रद्धा से शीश नवाने विवश कर देता है वन विभाग इस संदर्भ में रुचि दिखाए तो इसे पर्यटन के रूप में विकसित कर सकता है क्योंकि सिरपुर, बार नवापारा अभ्यारण के मध्य महानदी का फासला मात्र है  यदि इस की दूरी कम करने ओवर ब्रिज निर्माण किया जाए तो बहुत से पर्यटक इस ओर भी आकर्षित हो सकते है तथा विभाग को भविष्य मे अच्छा राजस्व मिलने की प्रबल उम्मीद बन  सकती है