सोमवार, 23 मार्च 2026

वन विकास निगम द्वारा पांच माह पूर्व कराए गए पथ रोपण पूरी तरह से बर्बाद

 वन विकास निगम द्वारा पांच माह पूर्व कराए गए पथ रोपण पूरी तरह से बर्बाद 



अलताफ़ हुसैन

रायपुर (फॉरेस्ट क्राइम न्यूज़)छग प्रदेश का वन विभाग, एवं उसके अनुवांषिक धड़ा वन विकास निगम सहित बहुत से संबंधित विभाग प्रदेश भर के रिक्त पड़त भाटा भूमि,  क्षेत्र में हरियाली प्रचार प्रसार करनें के महत्वाकांक्षी उद्देश्य को योजनाओं के मध्यम से  रोपण प्लांटेशन कर  हरियाली की चटकमय कांति युक्त आभा बिखेरने दृढ़ संकल्पित रहते है परंतु वन कर्मियों की लापरवाही,सुरक्षा,व्यवस्था,देखरेख उपचार, निंदाई गुड़ाई, के अभाव में ऐसे  रोपण प्लांटेशन क्षेत्र कुछ दिनों में ही दम तोड़ते हुए   पुनः चटियल मैदान के रूप में परिलक्षित होने लगता है इसका साक्षात उदाहरण नवा रायपुर अटल नगर में पांच माह पूर्व संपादित कराए गए पथ रोपण कार्य  पूरी तरह से तबाह और बर्बाद नज़र आ रहा है 


        नवा रायपुर अटल नगर में वर्ष 2025 के अंत माह नवंबर में दीपावली राज्योत्सव के समय सेक्टर 27 व,29 , इंग्लिश स्कूल के मीडियन मार्ग मंत्रालय मोड के एकांगी मार्ग सहित  डिप्टी सी. एम. अरुण साव वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी  बंगला के आसपास क्षेत्र,  तुता धरना स्थल, राज्योत्सव सतनाम चौक, रेल्वे ट्रैक मे छ्ग राज्य वन विकास निगम के मध्यम से भिन्न भिन्न क्षेत्रों में वृहद स्तर पर मिश्रित प्रजाति के पौधों का पथ रोपण कार्य संपादित कराए गए थे परंतु पांच माह व्यतीत होते ही सुरक्षा व्यवस्था देखरेख उपचार, केज्युवल्टी के अभाव में साठ प्रतिशत रोपण क्षेत्र पूरी तरह से तबाह एवं बर्बाद नज़र आ रहे है केवल मंत्री, बंगले के आसपास एवं कुछ स्थान को अलग दृष्टिकोण से आंकलन किया जाए तो बाकी रोपण क्षेत्र के सुखी लकड़ी की टहनी,डंगाल, ही दिख रहे है बाकी सभी क्षेत्र शुष्क एवं समतल नज़र आ रहा है इस संदर्भ में वन विकास निगम नवा रायपुर अटल नगर क्षेत्र के रेंजर चंद्राणी बांदे, एवं निशांत ठाकुर से संपर्क करने का प्रयास किया गया परंतु दोनों ही रेंजर क्षेत्र में नज़र नही आए एवं न ही कोई वन विकास निगम के वन कर्मी कथित क्षेत्र में दिखाई दिया स्पष्ट करते चले कि लाखों,करोडो नही बल्कि अरबों रुपये का व्यवसाय करने वाला छग राज्य वन विकास निगम नवा रायपुर मुख्यालय मुख्य मार्ग से मात्र दो तीन किलोमीटर मे ही स्थित है परंतु अधिकांश वन विकास निगम कर्मी  प्लांटेशन कार्य क्षेत्र से सदैव नदारत रहते है यह स्थिति यही की नही बल्कि पूरे छग प्रदेश के वन विकास निगम फिल्ड की है न कभी डिविजन स्तर में उपर बैठे अधिकारी फील्ड की मॉनिटरिंग करते है और न ही भ्रष्ट आचरण पर वैधानिक कोई कार्यवाही करते है 


उनका मूल धर्म केवल "सबसे बड़ा रुपैय्या" रह गया है समुचित कार्यवाही न होने की वजह से मैदानी अमले के अधिकारी कर्मचारी मनमाने रूप से भ्रष्टाचार, फर्जीवाडा, गबन, घोटाले,अनीयमिताओं,को मुक्त रूप पर अंजाम देने में नही हिचकिचाते है फिर मैदानी अमला भी उपर बैठे अधिकारियों से क्यों डरें या हिचकिचाएं ? जब उन्हे प्रसेंटेज कट मिला जाता हो फिर तो मैदानी अमले की स्थिति"सैंय्या भई कोतवाल तो अब डर काहे का" वाली बन जाती है तब उपर बैठे सब अधिकारी दूध मलाई चट कर बिल्ली की भाँति आँख बंद कर बैठ जाते है उन्हे लगता है जैसे उन्हे कोई नही देख रहा परंतु दुनिया खुली आँखों से उन्हे देख कर सब समझती है उसका मुख्य कारण यह भी माना जा रहा है कि डिविजन कार्यालय को छोड़ कर फील्ड में कहीं भी कार्यालय का स्थायी ठौर ठिकाना न के बराबर है  समस्त वन विकास निगम कर्मी अपने आवास से ही लिखा पढ़ी कार्य संपादित कर डिविजन कार्यालय में बिल बाउचार् जमा करने आते है जहाँ रोपण फील्ड अथवा प्लांटेशन के संदर्भ मे जानकारी मालूम करने पर यत्र तत्र भटकना पड़ता है नवा रायपुर अटल नगर की जनकारी लेने पर  दोनों रेंज अधिकारी सहित डी एम. एवं डी.डी.एम. भी उपस्थित नही मिले तथा उनसे भी इस कार्य के संदर्भ में विस्तृत चर्चा एवं जानकारी प्राप्त नही हो सकी 

सूत्रों से जब नवा रायपुर अटल नगर के कथित पथ रोपण कार्य के संदर्भ में जानकारी एकत्र की गई तो ज्ञात हुआ है कि  संपूर्ण रोपण कार्य का बजट लाखों मे नही बल्कि करोड़ों का है फिर भी पौधों की ऊँचाई दो से चार फीट के ही लगाए गए है वह भी किस नर्सरी से पौधे क्रय किये गए जिस पर भी कमीशन खोरी एवं भ्रष्टाचार की बू आ रही है क्योंकि किसी भी प्लांटेशन की रोपे गए पौधों की ऊँचाई लगभग चार से छ फीट होना अनिवार्यतः होता है परंतु नवा रायपुर मे न्युन्तम दो फीट से अधिक चार फीट के पौधे क्रय किये गए इससे स्पष्ट होता है कि जिस नर्सरी से क्रय किये गए पौधों चाहे वविनि  के उत्पादित नर्सरी से क्यों न क्रय किए गए हो उसका बिल देखकर ही सत्यता ज्ञात होगा क्योंकि जिस प्रकार पौधे रोपे गए है उसे देख कर कमीशन खोरी एवं भ्रष्टाचार होने की बू अलग नज़र आ रही है यदि ईमानदारी से चार में छ आठ फीट ऊँचाई वाले पौधे क्रय किए जाते तो उसका पांच माह में ग्रोथ कुछ और ही नजर आता यदि मान भी लिया जाए कि छोटे बड़े ऊँचाई वाले पौधे  कमीशन खोरी कर क्रय किये भी गए तो उनकी सुरक्षा देख रेखा निंदाई गुड़ाई नियमित सिचाई, पर ध्यान दिया जाता तो भी रोपण क्षेत्र हरियाली युक्त नज़र आती क्योंकि वन विकास निगम के ऐसे भ्रष्ट रेंजर जिनका मूल उद्देश्य अपनी जेब गर्म करना भर रह गया है यही वजह है कि रोपण पश्चात क्षेत्र में होने वाली विभागीय प्रक्रिया जिसमे सिंचाई से लेकर सुरक्षा, निंदाई गुड़ाई, गाला थाला,दवा छिड़काव्,उपचार केज्युवल्टी, तक जैसे महत्वपूर्ण कार्य संपादित किये जाते है परंतु  इस ओर व वि नि के रेंजर सहित सह कर्मी कोई तवज्जो नही देते नजर आए है परिणामतः  देखरेख सुरक्षा, उपचार के अभाव में कुछ माह मे ही रोपण क्षेत्र मरणास्न्न स्थिति में पहुँच चुका है जबकि व वि. नि. एवं अनुबंध एजेन्सी के अनुसार वविनि को तीन से चार किस्त पार्ट मे राशि जारी करती है जिसमे  प्रथम राशि लगभग आधी जो लाखों से लेकर करोड़ों रुपये भी हो सकते है उसके पश्चात तीस प्रतिशत एवं अंत मे दस प्रतिशत राशि मैंटनेंस हेतु जारी की जाती है परंतु प्रारंभिक् राशि मे ही बंदरबाट का खेल हो जाता है  जिससे रोपण क्षेत्र की स्थिति बढ़ी दयनीय हो जाती है केवल वी आई पी क्षेत्र पर कार्य किया गया है जैसे मंत्री बंगला के आसपास क्षेत्र को छोड़ दिया जाए तो नवा रायपुर अटल नगर के पथ रोपण कार्यों के निष्पादन मे फर्जी बिल बाउचर से लाखों का खेल हो चुका होगा यदि दस श्रामिक से कार्य संपादित किया गया होगा तो उसे पचास श्रमिक दर्शा कर एक ट्रैक्टर की जगह दस ट्रैकटर ट्राली सिंचाई,अंकित कर बिल बाउचर के मध्यम से लाखों रुपये स्वाहा हो चुका होगा  व वि नि कर्मियों के भ्रष्ट अर्थ लाभ वाले आचरण ने कथित पथ रोपण क्षेत्र पूरी तरह से फेल और बर्बाद हो चूका है इसकी विस्तृत जानकारी लेने वन विकास निगम मुख्यालय से लेकर संबन्धित विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर अटल नगर नवा रायपुर स्थित पथ रोपण कार्य का बजट से लेकर किस मद एवं  पौधे  क्रय किए गए है जिसकी संपूर्ण जानकारी ली जाएगी तथा अगले अंक में विस्तृत रिपोर्ट का प्रकाशन किया जाएगा

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