*व्यापार सुगम निवेशकों के लिए छत्तीसगढ़ राज्य बन रहा कुबेर की कुंजी*
अल्ताफ हुसैन
रायपुर (मिशन पॉलिटिक्स न्यूज़) धन धान्य से परिपूर्ण छत्तीसगढ़ की उर्वरा धरती ने अपने गर्भ में प्राकृतिक गौण खनिज का आकुत भंडार समेटे हुए है जिसके विदोहन पश्चात अनेक लोक कल्याणकारी वस्तुओं का निर्माण कर देश के उन्नति, प्रगति और विकास मे सहभागिता सुनिश्चित किया जा सकता है देश के यशस्वी प्रधान मंत्री माननीय श्री नरेंद्र मोदी जी का भारत को विश्व गुरु बनाने की दूर दर्शी सोच को सपना साकार करने कि मुहिम की प्रारंभिक कड़ी कि देश मे आर्थिक तकनीक सामाजिक,पर्यावरणीय हरित ऊर्जा को बढ़ावा देकर जब हम वर्ष 2047 मे देश के सौ वें आजादी का जश्न माना रहे हो तब प्रत्येक स्तर पर देश महा शक्तिशाली के रूप मे उभर कर सामने आए उसी बहुद्देशीय सपनों को साकार करने छग सरकार कटिबद्ध है तथा कृषि उन्नत क्षेत्र के साथ साथ ही एक भावी विजन का मूल मंत्र लेकर बस्तर सहित वर्ष 2031 तक छग प्रदेश को औद्योगिक क्षेत्र मे मॉडल राज्य के रूप मे विकसित करने का लक्ष्य सुनिश्चित किया हुआ है
इसके प्रारंभिक चरण मे बस्तर सहित प्रदेश के अन्य स्थानों से अवरोध के रूप मे नक्सल वाद का समूल नष्टिकरण सबसे बड़ी चुनौती थी जिसे देश के केंद्रीय गृह मंत्री माननीय अमित शाह के सफल मार्ग दर्शन एवं राज्य के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी के नेतृत्व मे कुछ माह के अंदर नक्सलवाद का लगभग खात्मा कर दिया गया आशंकित विकास डर भय आतंक,के बीच विकास सबसे बड़ा रोड़ा मानी हुई थी परंतु जिस ताबड़तोड़ स्तर पर सरकार ने स्फुर्ति दिखा कर नक्सल वाद का खात्मा किया वह पूरे देश मे कबीले तारीफ बन गई आज निर्भय होकर पूंजी निवेशकों के अलावा उद्योगिक घरानों के सुप्रसिद्ध बड़ी कंपनियां छग क्षेत्र मे उद्योग लगाने आतुर है यह कटु सत्य का उदगार छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (CSIDC) के प्रबन्ध संचालक आई.एफ. एस. अधिकारी विश्वेश कुमार झा ने बताई उन्होंने छग राज्य के निरंतर हो रहे विकास, उद्योग नीति पर विस्तृत चर्चा करते हुए बताया कि हमारे छग राज्य मे सबसे बड़ी चुनौती नक्सलवाद की थी जिसकी वजह से पूर्व शासन काल मे कोई भी निवेशक उद्योग लगाने यहाँ कतराते थे सर्व प्रथम केंद्रीय रिजर्व बल के सहयोग से उन्हे समूल नष्ट कर देश विदेश मे होने वाले इनवेस्टर कनेक्ट मीट का आयोजन हैदराबाद, दिल्ली, मुंबई, कलकत्ता, बैगलूरु,रायपुर, जगदलपुर सहित जापान जैसे सिटी तक मे किया गया तथा वन टू वन बैठक लेकर उन्हे नक्सलवाद जैसी समस्या से आश्वस्त कर उन्हे उद्योग लगाने आमन्त्रित किया गया जिसमे उद्योग लगाने से लेकर निवेशकों, राज्य सरकार द्वारा दिए जाने वाली सुविधा के बारे मे बताया गया कुछ माह मे इसके सार गर्भित परिणाम आने लगे तथा बहुत सी कंपनियां यहाँ उद्योग लगाने कार्य प्रारंभ कर चुकी है
*भारत माला सड़क निर्माण*
छग राज्य उद्योग विभाग के एम. डी. विश्वेश कुमार झा बताते है कि उद्योग को सरल, सुगम एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से संपूर्ण प्रदेश मे भारत माला परियोजना के तहत सड़क निर्माण का जाल बिछाया गया ताकि जिसका लाभ जिले मे लगाए जाने वाली कंपनीयो उद्योगों के उत्पाद, कच्चा माल एवं क्रय विक्रय की अवागमन सुविधा उपलब्ध कराई जा सके राज्य सरकार नए आईडिया से कंपनियों को आकर्षित कर रही है जिनमे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने इसी वर्ष छग राज्य मे इंडस्टेरियला (उद्योग)
2026 एक्ट पारित की है जो देश का पहला एक्ट बन गया है इस एक्ट से प्रभावित होकर मध्य प्रदेश और अन्य राज्य उक्त कथित उद्योग एक्ट का अनुसरण का रहे है रिस्क एंड ट्रस्ट आधारित बिजनेस परमिशन सिस्टम है, जो एमएसएमई इकाइयों और निवेशकों को सेल्फ-सर्टिफिकेशन तथा हर साल लाइसेंस के नवीनीकरण की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है। ऑन लाइन एकल खिड़की तकनीक मध्यम से डिजिटल रूप से समयबद्ध ऑटो-अप्रूवल की सुविधा दिया जा रहा है ताकि सही समय पर शासकीय कार्य सहजता और सुगमता से पूरी की जा सके यही नही प्राइवेट भूमि क्रय करने शासन पुरा सहयोग कर रहा है जोखिम भरे उद्योग को पृथक श्रेणी मे बांटा गया है इसके लिए रिस्क वाले उद्योग को अन्य व्यक्ति द्वारा क्रय लेने पर अनुमति सहित अन्य शासन स्तर की प्रक्रिया को शिथिल बनाया गया ताकि लोन एवं अन्य उद्योग का सफल संचालन निरंतर जारी रहे उद्योग विभाग के एम. डी विश्वेश कुमार झा आगे बताते है कि हमने अलग अलग सैक्टर बनाए है जिसमे पारंपरिक स्थानीय गौण खनिज के उत्पादित सामाग्री लोहा, कोयला, के अलावा टेक्सटाइल, एग्रीकल्चर,जेम्स, को प्राथमिकता दिया गया है इंपोर्टेंट तेरह पार्क बनाए गए है उन्होंने बताया हमने लोकल स्तर पर पूंजी निवेशकों से लोन, फाइनेंस शासकीय उपक्रम मे लोन उपलब्ध है इसके अलावा नॉन बैंकिंग सुविधाएं क्षेत्र मे आ गई है जिससे कम ब्याज दर का लाभ उधमी उठा सकते है उन्हे अधिक जोड़ा जा रहा है उन्होंने आगे बताया कि बड़े शहरों मे रिस्क उद्योग का खतरा बढ़ा है जिसमे मुख्यतः अहमदाबाद के बहुत से टेक्सटाइल सेक्टर जो अब गुजरात अहमदाबाद शहर के मध्य आ गए उन्हे वहाँ की सरकार बाहर भेजा जा रहा है ऐसे मे छग सरकार उन्हे आमन्त्रित कर रही है यही नही सुप्रसिद्ध गरम मसाला निर्माता एम. डी.एच. को भी सरगुजा अंबिकापुर मे यूनिट लगाने आमन्त्रित किया गया इसकी वजह उक्त क्षेत्र मे मसालों की फसल अधिक की जाती है जिसका लाभ उन्हे क्षेत्र मे मिलेगा उनका कथन है कि छग सरकार केवल स्टील क्षेत्र तक सीमित नही रहना चाहती बल्कि जो उत्पाद निर्माण यहाँ नही उन्हे ही यहाँ छग राज्य में आमन्त्रित किया जा रहा है
*प्रदूषण मुक्त व्यापार हरियाली को तरजीह*
छग राज्य के प्रत्येक जिले मे लगाए आने वाले उद्योग प्रदूषण के रोक थाम के लिए आधुनिक तकनीक से रीसायक्लिंग कर समाप्त किया जाएगा, इसके लिए राज्य सरकार पांच प्रतिशत वृक्षारोपण का दायित्व निभाएगी साथ ही कंपनी द्वारा पंद्रह प्रतिशत रोपण कर वॉटर से री सायकलिंग ट्रिटमेंट कर ग्रीन मॉडल को प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि आसपास खेती किसानी,अन्य कृषि उत्पादित खाध समाग्री, एवं जन स्वस्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव न पढ़े भारतीय वन सेवा के वरिष्ठ अधिकारी एवं उद्योग विभाग के एम.डी. विश्वेश कुमार झा ने बताया कि वे स्वयं वन एवं पर्यावरण, प्राकृतिक से नाता है वृहद स्तर पर प्रदूषण मुक्त ग्रीन जोन निर्माण किये जा रहे है इसका उदाहरण अटल नगर स्थित ग्राम उपरवारा सेक्टर 39 मे औद्योगिक इकाई द्वारा लगभग 2800 पीपल पौधों वन विकास निगम एवं वन विभाग द्वारा लगा कर मुख्य मंत्री एवं शासन के समाननीय मंत्री एवं आम जन की गरिमामयी उपस्थिति मे वृहद स्तर पर वन महोत्सव मनाया गया यही नही सेक्टर 16 मे भी पीपल वन का कार्य द्रुत गति से बड़े पैमाने पर रोपण कार्य किया जा रहा है संभवतः जिसका उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थित मे अगस्त माह मे होना तय है यही नही बस्तर सहित सरगुजा, एवं अन्य राज्यों मे बड़े पैमाने पर प्लांटेशन एवं रोपण कार्य जारी है जिनका मूल उद्देश्य हरियाली के साथ ही शुद्ध ऑक्सिजन का प्रसार एवं आम जन प्रदूषण से मुक्त रहे बता दे कि पीपल पेड़ लंबी आयु और वायु मण्डल मे सर्वाधिक ऑक्सिजन प्रसारित करने वाला पौधा माना जाता है तभी छोटे बड़े उद्योग कंपनी लगाने के पूर्व तेजी से राज्य मे हरियाली के प्रति राज्य शासन सजग और संवेदन शील है तभी भविष्य मे छोटे बड़े कंपनी, उद्योग प्रदूषण मुक्त व्यापार का परिचालन कर सकेंगे
*सिंगल विंडो सिस्टम*
लाइसेंस और अनुमति के लिए ऑनलाइन सेवाएं देना प्रमुख है कार्यों मे पारदर्षिता लाने के उद्देश्य से समस्त बिल कार्य भुगतान तथा वस्तुओं का लेनदेन किया जाएगा इसके लिए शासन पॉवर सप्लाई को तरजीह दे रखी है उन्होंने बताया कि बहुत से इलेक्ट्रानिक सेक्टर जिसमे चिप्स इत्यादि निर्माण मे पॉवर की भूमिका बहुत अधिक सहायक साबित होगा उन्होंने यह भी बताया कि जापान कि सुप्रसिद्ध कंपनी वाणीज्य एवं उद्योग मंत्रालय भारत सरकार के मध्यम से छग राज्य मे अपना प्लान लाने वाली है इस संदर्भ मे जापान प्रतिनिधियों से लगातार बैठक हो रही है बहुत से कंपनी शीघ्र ही यहां छग मे निवेश कर रहे है उन्होंने आगे बताया कि आज दिनांक तक छग राज्य मे लगभग अस्सी हजार लाख करोड़ रुपये का कुल निवेश उधमियों द्वारा किया गया है जो इस बात का स्पष्ट संकेत है कि आने वाले पांच वर्षों मे छग राज्य उद्योग के क्षेत्र मे एक नया इतिहास रचते हुए एक नया अध्याय स्थपित करेगा.







































