श्रम सम्मान राशि को लेकर इन्द्रवती कोषालय अधिकारी ने मंचाया हड़कंप, विक्त विभाग के निर्देशों को तोड़ मरोड़कर अपने हिसाब से नाप दिय
रायपुर / छत्तीसगढ़ में महानदी भवन मंत्रालय से लगे हुए सचिवालय इन्द्रावती भवन में वरीष्ठ कोषालय अधिकारी का गेम चेंजर प्लान से पुरे छत्तीसगढ़ में सरकार के खिलाफ आक्रोश का माहोल बन गया है। छत्तीसगढ़ दैनिक वेतनभोगी वन कर्मचारी संघ के प्रान्ताध्यक्ष व छत्तीसगढ़ दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी फैडरेशन के प्रदेश संयोजक रामकुमार सिन्हा ने बताया कि कोषालय अधिकारी नियुक्ति आदेश को लेकर जो पत्र लेख किया है वह पूर्णत: गलत है।
वरिष्ठ कोषालय अधिकारी ने अपने पत्र क्रमांक 223/व.को.अधि./स्था./2026 नवा रायपुर दिनाक 05.06.2026 के माध्यम से पत्र जारी कर दिया है कि बिना नियुक्ति आदेश के श्रम सम्मान के देयकों को कोषालय में प्रस्तुत नही करने बाबत! यह कोषालय अधिकारी या तो सरकार को गिराने के लिये कमर कस लिया है या फिर दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी / श्रमिकों को तड़पाने के लिये कमर कस लिया है।
जबकी वित्त विभाग ने स्पष्ट रूप से आदेश जारी किया है कि
श्रम विभाग द्वारा निर्धारित दर में दैनिक / मासिक वेतन पर कार्यरत कर्मचारियों को श्रम सम्मान राशि दिये जाने हेतु दिशा-निर्देश।
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा श्रम विभाग द्वारा निर्धारित दर में दैनिक / मासिक वेतन पर कार्यरत कर्मचारियों को रूपए 4000/- मासिक की दर से श्रम सम्मान राशि दिये जाने का निर्णय लिया गया है। यह श्रम सम्मान राशि श्रम विभाग द्वारा निर्धारित दर पर दैनिक / मासिक वेतन पर शासकीय विभागों में कार्य करने वाले अकुशल, अर्धकुशल, कुशल एवं उच्च कुशल दर के कर्मचारियों को प्राप्त वेतन के अतिरिक्त देय होगी।
उक्त श्रम सम्मान राशि के भुगतान हेतु निम्नानुसार दिशा-निर्देश जारी किये जाते हैं:-
1. श्रम सम्मान राशि दिनांक 01 अगस्त, 2023 से देय होगी।
2. भुगतान की जाने वाली श्रम सम्मान राशि संबंधित विभाग के बजट शीर्ष के उद्देश्य शीर्ष #18 - पारितोषिक के अंतर्गत विकलनीय होगी।
3. वित्तीय वर्ष 2023-24 में सभी योजनाओं हेतु उपरोक्त उद्देश्य शीर्ष नहीं खोला जा सका है अतः इस वित्तीय वर्ष में श्रम सम्मान राशि का भुगतान किये जाने हेतु विभागाध्यक्ष स्तर पर उद्देश्य शीर्ष #18- पारितोषिक खोला गया है।
4. प्रत्येक अधीनस्थ कार्यालय द्वारा ऐसे अकुशल, अर्धकुशल, कुशल एवं उच्च कुशल दर पर कार्यरत कर्मचारियों का विवरण प्रतिमाह अपने विभागाध्यक्ष को उपलब्ध करायेंगे। विभागाध्यक्ष कार्यालय द्वारा इसका देयक तैयार कर कोषालय के माध्यम से सीधे संबंधित कर्मचारियों के खाते में अंतरित की जावेगी।
5. आगामी वित्तीय वर्ष हेतु प्रत्येक विभाग सभी योजना शीर्ष में आवश्यक होने पर उक्त उद्देश्य शीर्ष अंतर्गत बजट प्रावधान कराया जाना सुनिश्चित करेंगे।
6. सभी विभागाध्यक्ष अपने अधीनस्थ कार्यालयों में उक्त श्रेणी में रखे गये कर्मचारियों के संबंध में प्रथमतः यह सुनिश्चित करेंगे कि वे विभाग में स्वीकृत किसी भी नियमित / कलेक्टर दर के पद के विरूद्ध कार्य पर रखे गये हैं अथवा आकस्मिक श्रमिक के रूप में कार्यरत हैं तो उनकी आवश्यकता/औचित्य का युक्ति-युक्त परीक्षण कर लिया जावें।
7. यह श्रम सम्मान राशि कैलेण्डर माह की समाप्ति पर देय होगी तथा माह की अनुपस्थिति की अवधि के समानुपातिक सम्मान राशि में उस माह कमी की जाएगी।
8. सभी विभागाध्यक्ष अपने अधीनस्थ कार्यालयों में उक्त श्रेणी में कार्यरत कर्मचारियों का सम्पूर्ण विवरण एवं उन पर होने वाले व्यय के अभिलेख का श्रेणीवार विवरण पृथक-पृथक संधारित करेंगे।
विभाग के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों का विवरण एवं उन पर किये जाने वाले व्यय की त्रैमासिक जानकारी संचालक, कोष एवं लेखा को उपलब्ध करायेंगे।
10. त्रैमास के कर्मचारियों की संख्या एवं उन पर होने वाले व्यय पर यदि कमी अथवा वृद्धि होती है तो उसका स्पष्ट कारण एवं औचित्य का उल्लेख आगामी त्रैमास के विवरण में किया जाए।
वित्त के निर्देश स्पष्ट कर रहा है कि किन किन श्रेणी के कर्मचारियों को श्रम सम्मान राशि देना है, इसमें कहीं पर भी ऐसा लेख नही किया गया है या आदेशित नही किया गया है कि नियुक्ति पत्र वालों को ही 4,000 रूपया श्रम सम्मान राशि का भुगतान होगा। वरीष्ठ कोषालय अधिकारी के इन पत्रों का संगठन खंडन करता है और पुर जोर विरोध भी करता है, नियुक्त पत्र का बहाना करके श्रम सम्मान से वंचित करना चाहते है जो कि उचित नही है।
कोषालय अधिकारी भले यह लेख करते कि बिना कार्य आदेश के 4000 श्रम सम्मान राशि नही दिया जायेगा , तो यह बात समझ में आता क्योकि रायपुर में कुछ विभागों में देखने को मिल रहा है कि बिना कार्य आदेश जारी किये सीधा बीटीआर में चढ़ाकर ले जाते है और भुगतान करा रहे हैं।
मंत्रीयों व अधिकारियों के द्वारा लगातार अनाप शनाप अपने बंगले में निवास में दैनिक वेतनभोगी रखते जा रहे है और उसे 4,000 रूपया प्रतिमाह श्रम सम्मान राशि दिला रहे हैं। और यहा पर 10 से 15 साल कार्य कर चुके दैनिक वेतनभोगी को श्रम सम्मान राशि से वंचित कर दे रहे है जो कि सरासर अन्याय है।
अगर वरिष्ठ कोषालय अधिकारी को आपत्ति दर्ज करना है तो इन विषयों पर करें ताकी सबके सांथ न्याय हो सकें। साल भर से नये नये श्रमिकों को कार्य पर रखकर जिन्हे 4,000 श्रम सम्मान दिया जा रहा है उस पर रोक लगायें और जो वरीष्ठ है जिन्हे भुगतान नही किया जा रहा है उसे भुगतान करने हेतु निर्देशित करें!
वन विभाग में तो रोज नये नये रख रहे है और 4,000 श्रम सम्नान राशि दे रहे है, जो कि गलत है एक दायरा निर्धारण कर श्रम सम्मान राशि का भुगतान करायें।
समस्त विभागों में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी सांथियों के चिन्ता करने की बात नही है वरिष्ठ कोषालय अधिकारी के द्वारा जारी किये गये पत्र का पुर जोर विरोध किया जायेगा समय आने पर इन्द्रवती भवन सचिवालय का घेराव भी किया जायेगा।
















































