मंगलवार, 10 फ़रवरी 2026

UGC द्वारा उच्च शिक्षा संस्थानों में लागू नियम निरस्त करने राज्यपाल को वर्ल्ड ब्राह्मण फ़ेडरेशन ने ज्ञापन दिया

 


UGC द्वारा उच्च शिक्षा संस्थानों में लागू नियम निरस्त करने राज्यपाल को वर्ल्ड ब्राह्मण फ़ेडरेशन ने ज्ञापन दिया


अर्जुन तिवारी 

रायपुर (मिशन पॉलिटिक्स न्यूज़) . विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता के अधिकार के तहत सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के हितों के विपरीत जातिगत भेदभाव को बढ़ावा देने वाला नियम बनाया गया है, जिससे दुर्भावनावश की गई शिकायतों से सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों का भविष्य पूर्णत: बर्बाद हो जायेगा. यह नियम संविधान के समानता के अधिकारों व प्राकृतिक नियम के विपरीत है.


वर्ल्ड ब्राह्मण फेडरेशन छत्तीसगढ़ एवं सर्व युवा ब्राह्मण परिषद छत्तीसगढ़ के पदाधिकारियों ने इस नियम को वापस लेने की मांग करते हुए 9 फरवरी 2026, सोमवार को सायं 4 बजे महामहिम राष्ट्रपति महोदया, माननीय प्रधानमंत्री महोदय एवं महामहिम राज्यपाल महोदय के नाम लोकभवन पहुंचकर ज्ञापन सौंप कर नये नियम पर विरोध दर्ज किया और उसे निरस्त करने की मांग की.

लोक भवन ज्ञापन देने गये प्रतिनिधि मंडल में प्रदेश अध्यक्ष अरविंद ओझा, महिला अध्यक्ष नमिता शर्मा, राष्ट्रीय महासचिव सुरेश मिश्रा, सलाहकार रज्जन अग्निहोत्री, प्रदेश महासचिव डॉ. सुनील कुमार ओझा, संभागीय अध्यक्ष नितिन कुमार झा, महिला महासचिव सुमन मिश्रा, सचिव प्रीति मिश्रा, विनिता मिश्रा, विद्या भट्ट, अनिता राव, सुनीता शर्मा, राजकुमार दीक्षित, शैलेष शर्मा, राघवेन्द्र पाठक, अभिषेक त्रिपाठी, रामवृत्त तिवारी, रवि शर्मा, उमेश शर्मा, मदन मोहन उपाध्याय, अभिषेक  पाण्डेय, मनीष पाठक, परवेश तिवारी, चन्द्र प्रकाश आदि प्रमुख पदाधिकरी ऊपस्थित थे

कोडार काष्ठागार का साग- वान बना भ्रष्टाचारियों का भगवान

 कोडार काष्ठागार का  साग- वान 

बना भ्रष्टाचारियों का भगवान 


अल्ताफ हुसैन 

रायपुर(फॉरेस्ट क्राइम  न्यूज़)छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम एक स्व पोषित संस्था है जो स्वयं द्वारा उत्पादित सागौन प्लांटेशन रोपण कर वन विकास निगम की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ कर संपूर्ण  व्यवस्था का संचालन करता है इसके लिए छ्ग के भिन्न भिन्न वन क्षेत्रों में वृहद स्तर पर रोपित सागौन प्लांटेशन कर जिसकी आयु लगभग ग्यारह वर्षीय,बाल अवस्था इक्कीस वर्षीय किशोर अवस्था, इकतीस वर्षीय स्वास्थ युवा अवस्था एवं इक चालीस वर्षीय परिपक्व स्थिति में पहुँचने तक प्रति वर्ष माह नवंबर दिसंबर से लेकर अप्रेल मई कभी कभी वर्षा ऋतु के पूर्व काल तक थीनिंग कर सागौन का पातन कर अलग अलग  केटेगिरी बल्ली,डेंगरी,  परिपक्व गोला, के रूप  में  स्थानीय काष्ठागार में संग्रहित किया जाता है तद् पश्चात प्रति माह निर्धारित तिथि पर काष्ठागार मे नीलाम के मध्यम से अपनी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ कर निगम को सुव्यवस्थित करता है  इसके एवज में वन विकास निगम राज्य शासन को भी प्रति वर्ष अर्जित आय से लाभांश राशि प्रदान करता है परंतु लगातार राज्य शासन को दिए जाना वाला लाभांश राशि का ग्राफ  लगातार निम्न स्तर पर पहुँच चुका है  छ्ग राज्य वन विकास निगम के पूर्व प्रबन्ध संचालक (एम डी) जो पी सी सी एफ रेंज के आई.एफ.एस.अधिकारी होते है जिनमे एक श्री एस सी जैना साहब के समय छ्ग राज्य शासन को मिलने वाला लाभांश राशिआज की तुलना में बहुत अधिक हुआ करता था परंतु आज उसका एक हिस्सा  लाभांश राशि भी राज्य शासन को नही मिल पा रहा है इसका मूल कारण वविनि  सिस्टम में भ्रष्टाचार के दीमक ने इतना अधिक गहरी खाई की तरह जड़ तक  पैठ बना ली है कि आर्थिक रूप से वन विकास निगम को भीतर ही भीतर पूरी तरह खोखला कर रख दिया है उपर से निचले स्तर के अधिकारी कर्मचारी नित नए नए उपाय से किसी भी प्रकार से वन विकास निगम की लुटिया डुबोने मे कोई कोर कसर नही छोड़ रहे है इसका परिणाम यह होता है कि बड़े बड़े उजागर होने वाले गबन भ्रष्टाचार, घोटाले, अनीयमिताएं पूरी तरह से इस प्रकार दबा दिया जाता है कि कोई भी भ्रष्टाचार,फर्जीवाडा, गबन, धोटाले, अनीयमिताएं, मात्र जैसे इनके लिए  खेल का एक हिस्सा हो एवं कार्य वाही के नाम पर लिखा-पढ़ी सब बनावटी कागजी घोड़े दौड़ते रहते है  शनैः शनैः भविष्य मे आरोपित अधिकारी, कर्मचारी पूरी तरह साफ सुथरा बच जाते है एक तरह से वन विकास निगम में भ्रष्टाचार की चमड़ी इतनी मोटी हो चुकी है कि मोटी खाल, चमड़ी वाले घड़ियाल की आँख, भी वविनि की भ्रष्ट कार्यशैली देख कर शरमा जाए


 वर्ष 2020 के पश्चात  ऐसे बहुत से गभीर मामले कोडार काष्ठागार के उजागर हुए है जिसमें   अब तक हजारों घन मीटर सागौन की ढुलमूल  मेजरमेंट व्यवस्था के कारण अफरा-तफरी कर गड़बड़ घोटाला, गबन  भ्रष्टाचार  की भेंट चढ़ चुकी है और फिर भी किसी वरिष्ठ अधिकारी ने इस पर न्याय पूर्ण जांच करनें की ज़हमत भी नही उठाई और पूरी की पूरी मिलने वाली करोड़ों की राशि गबन कर डकार तक नही लिया गया  यदि ईमानदारी से उपर बैठे वरिष्ठ अधिकारी इस पर  कार्यवाही करते तो बहुत से वन विकास निगम कर्मी  की  नौकरी तो जाती ही साथ ही लाल बंगले की सैर करते सो अलग साथ ही उनसे रिकवरी अलग वसूला जाता परंतु  समस्त व्यवस्था 'सैय्या भयो कोतवाल तो अब डर काहे का" वाली उक्ति को चरितार्थ करते हुए जब संपूर्ण व्यवस्था भ्रष्टाचार में लीन हो तब उन पर कौन डंडा चलाए ? गड़बड़ कर मेजरमेंट की घोटाले की वजह से इस वित्तीय वर्ष 2026 में फिर एक नया गड़बड़,घोटाला हो सकता है वन विकास निगम अंतर्गत बार नयापारा  परियोजना मंडल के अब चाहे सिरपुर आरंग, बार रायकेरा, रवान परिक्षेत्रों से सागौन कटाई से लेकर काष्ठागार पहुँचने तक तो एक बड़ा खेल होता ही है  परंतु काष्ठागार में काष्ठ उतारने से लेकर थप्पी जमाने का भी बहुत बड़ा खेल होता दिखाई दे रहा है जिसमें श्रमिकों को दिये जाने वाले भुगतान पर यह आंकडा लाखों,नही बल्कि करोड़ों में पहुँचने का अंदेशा है हाल ही प्रातःकाल  फॉरेस्ट क्राइम न्यूज़ के पत्रकार पिथौरा प्रवास मे थे तथा वे जब प्रातः काल कोडार काष्ठागार मे पहुंचे जहाँ कुछ श्रमिक लोड ट्रक से सागौन उतार कर सीधे थप्पी जमा रहे थे आश्चर्य का विषय यह था कि न ही कोई वहाँ मेजरमेंट करने वाला वन विकास निगम का अधिकारी,कर्मचारी था और न ही रेंजर मौजूद था सिर्फ मजदूर ही सीधे सागौन काष्ठ उतार कर थप्पी जमा रहे थे 


गौर तलब यह है कि जंगल से आनें वाली काष्ठ मेजरमेंट पश्चात काले रंग पेंट से नंबर, इत्यादि अंकित कर काष्ठागार भेजा जाता है जिसे काष्ठागार प्रभारी, रेंजर या नियुक्त मेजरमेंट कर्मी द्वारा पचास नग का नाप जोख  देख कर उसका मिलान करता है पश्चात उसे किस श्रेणि में रखना है वह उस श्रेणि थप्पी में रखा जाता  है जो कोर्डवर्डअनुसार होता है जैसे सी 1अथवा सी 2 या ए बी सी कोर्ड नम्बर मे जमा किया जाता है परंतु यहाँ ऐसी कोई प्रक्रिया दिखाई नही दी गई और सीधे सीधे थप्पी जमा दिया गया यानी बल्ली,डेंगरी गोला सागौन  सब एक ही स्थान में रखा जा रहा था जबकि सेवा निवृत पूर्व अधिकारी से जब जानकारी ली गई तो मालूम हुआ है कि एक एक काष्ठ को दिये गए नम्बर से मिलान कर ही उसका संचय किया जाता है इसके पूर्व काष्ठों को फैला कर सुखाया जाता है ताकि उसका अनुमानित घन मीटर लिखा जा सके जिसके लिए बकायदा छ्ग राज्य वन विकास निगम लोडिंग अन लोडिंग सहित काष्ठ  फैलाई से लेकर उसकी लंबाई, गोलाई,घनमीटर मेजरमेंट  तक इसके लिए लाखों की बड़ी राशि जारी करता है परंतु इस प्रकार की ढुलमूल कार्यशैली से संभवतःगड़बड़ी होना तय है साथ ही बहुत बड़े राजस्व का नुकसान होना निश्चित है जो मेजरमेंट की अस्पष्ट गलत  नीतियों की वजह से कई घन मीटर सागौन के अनेक काष्ठ  विगत कुछ वर्षों में लगातार गड़बड़ी स्पष्ट देखने में आ चुका है जबकि वन नियम यह कहता है कि काष्ठागार मे काष्ठ पहुँचते रोजनामचा पंजी में गेट पर अंकित किया जाता है ही कष्ठों को पहले फैलाया जाता है ताकि उसकी नमी सुखता सहित उसके घन मीटर का उचित मुल्यांकन किया जाए क्योंकि सुखता में दो पाइंट छोड़ दिया जाता है जैसे पंद्रह मीटर है तो उसे चौदह मीटर अस्सी पॉइंट बताया जाएगा पश्चात उसके  श्रेणि का सही मूल्यांकन पचास एवं चालीस की थप्पी बनाया जाता है


जिसके एवज मे श्रमिकों को प्रति ट्रक  सागौन काष्ठों की फैलाई, सुखता करना फिर मेजरमेंट कर्मी द्वारा उसके घनत्व, आकर, प्रकार, लंबाई, गोलाई कर उसे उचित श्रेणि क्रम में जमाना होता है इन समस्त व्यवस्था हेतु श्रमिकों का पारिश्रमिक मूल्य छ्ग राज्य वन विकास निगम तय करता है जैसे इसकी अनुमानित दर सागौन बल्ली तीन से पांच  रुपये नग डेंगरी काष्ठ पांच से दस, पंद्रह रुपये और घनत्वदार सागौन बारह सौ से पंद्रह सौ रुपये घन मीटर निर्धारित अनुमानित माना जाए तो उस हिसाब से पचासों लाख का श्रमिक भुगतान वन विकास निगम सिर्फ बार नयापारा परियोजना मंडल को ही प्रदाय करता है उस हिसाब से संपूर्ण प्रदेश के काष्ठागार मे श्रमिकों का भुगतान का आंकडा करोड़ों रुपये पहुँच जाए तो अतिशियोक्ति नही  है परंतु काष्ठागार  श्रमिकों द्वारा जिस प्रकार से सुविधाजनक सरलीकरण शार्टकट अपना रहे है उससे वन विकास निगम के अधिकारी, कर्मचारी द्वारा आँख में सुरमा डाल  कर संपूर्ण व्यवस्था को नज़र अंदाज़ कर  निगम कर्मी द्वारा भेजे गए    व्हाट्स एप फोटो देख पर ही गोसवरा व बिल बाऊचर लिखकर मंडल कार्यालय में प्रस्तुत कर रहे है जिसमें कितने घन मीटर कार्य कितनी श्रमिक संख्या द्वारा  संपादित किया गया इन सबका कोई पुरसाने हाल नही क्योंकि  इसकी मॉनिटरिंग करनें बार परियोजना मंडल के डी एम. से लेकर एस डी ओ यहाँ तक रेंजर तक कई कई  दिनों तक लापता रहते है वहाँ काला पीला क्या हो रहा सब बराबर हो जाता है. 


 रेंजर को फोन लगाने पर रिसीव नही करते ऐसा प्रतीत होता है जैसे उन्होंने भैय्या के भरोसे में गय्या पाल रखा है मगर वो भैय्या जो  कोडार  काष्ठागार डिपो प्रभारी ईश्वर केवर्त भी ट्रेनिंग से आने के पश्चात लुका छिपी का खेल खेल रहे है वहां उपस्थिति सेवानिवृत पांच वर्षों से संविदा का लाभ लेने वाले भगवती सोनी से पूछने पर उनके जल्दी घर जाने की बात बताते है जबकि यह भी जानकारी मिली है कि वे मोबाइल में कैमरा लगा कर किसी भी आम व्यक्ति से मिलने साफ मना कर रखे है  उनके इस प्रकार की कार्य शैली से वन विकास निगम की आर्थिक रीढ़ माने जाने वाला कोडार काष्ठागार का समुचित, सुचारु संचालन कैसे संभव होगा ? बताते चले कि लाखों का पारिश्रमिक भुगतान के पीछे सभी का कमीशन तय है जिसमें गैंग लीडर से लेकर प्रभारी,रेंजर एवं उपर बैठे अधिकारीयों का प्रतिशत बंधा हुआ है  जब बैठे ठाले कमीशन आ रहा है तो फिर काष्ठागार में झांकने की क्या आवश्यक ?  रेंजर भी कभी अपने कार्यालय में नही बैठते संपूर्ण कार्य घर से संपादित कर मंडल         कार्यालय या मुख्यालय में बिल बाउचर निपटाने मे लगे रहते है यह  बड़े शर्म की बात है कि वन विकास निगम के बहुत से कार्यालय है ही नही और जो है वह खुलते ही नही  वही नाके मे भी  ताला बंदी रहता है इन  परिस्थिति में निगम कर्मी क्या करते है और उनको कौन सा भुगतान किया जाता है समझ से परे है. बहारहाल, यही नही काष्ठागार मे नीलाम पश्चात नीलाम कर्ता की गाड़ी लोड से लेकर चार बल्ली लगाने तक की राशि वसूली जाती है जो सीधे  काष्ठागार प्रभारी प्रति दिन पांच से दस हजार रुपये की पृथक आय अर्जित कर ली जाती है इस प्रकार अधिकारियों रेंजर की लगातार  मॉनिटरिंग न करने से भ्रष्टाचार, गड़बड़ घोटाला, की संभावना प्रबल हो जाती है और कोडार काष्ठागार का यह ग्रीन गोल्ड कहे जाने वाला सागवान (सागौन) भ्रष्टाचारियों के लिए भगवान साबित हो रहा है इस पर तत्काल उपर बैठे अधिकारी द्वारा एक्शन नही लिया गया तो वह दिन दूर नही जब बचा खुचा वन विकास निगम का बंटाधार होना  लगभग तय माना जा रहा है. 

गुरुवार, 29 जनवरी 2026

*डाॅ.सलीम राज ने कार्यालय, छ.ग.राज्य वक्फ बोर्ड व अन्य वक्फ संस्थानों पर किया ध्वजारोहण*

 


*डाॅ.सलीम राज ने कार्यालय, छ.ग.राज्य वक्फ बोर्ड व अन्य वक्फ संस्थानों पर किया ध्वजारोहण*




मिशन पॉलिटिक्स , रायपुर छ.ग। देश के 77 वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर डाॅ.सलीम राज, माननीय अध्यक्ष, छ.ग.राज्य वक्फ बोर्ड (केबिनेट मंत्री दर्जा, छ.ग.शासन) ने कार्यालय छ.ग.राज्य वक्फ बोर्ड में ध्वजारोहण किया, ध्वजारोहण उपरांत राष्ट्रगान का गायन किया गया तथा गणतंत्र दिवस की बधाई दी गई। इस अवसर पर छ.ग.राज्य वक्फ बोर्ड के माननीय सदस्यगण श्री मोहम्मद फिरोज खान, श्री फैसल रिजवी (वरिष्ठ अधिवक्ता), श्री रियाज हुसैन के साथ छ.ग.राज्य वक्फ बोर्ड की मुख्य कार्यपालन अधिकारी शिम्मी नाहिद, लेखा अधिकारी पवन कुमार व बोर्ड कार्यालय के समस्त कर्मचारीगण उपस्थित रहे। 


*वक्फ संस्थानों पर भी डाॅ.सलीम राज द्वारा किया गया ध्वजारोहण:-*


डाॅ.सलीम राज द्वारा बड़ी ईदगाह-दरगाह हजरत सैयद पहलवान शाह बाबा र.अ., मस्जिदे मोहम्म्दी, मोहम्म्दी पब्लिक स्कूल, लाखे नगर ईदगाहभाठा रायपुर, मस्जिद हजरत गरीब नवाज कमेटी मुस्लिम हाॅल आर.डी.ए.काॅलोनी संजय नगर रायपुर आदि में भी ध्वजारोहण किया गया। इस अवसर पर सम्बंधित वक्फ संस्थानों के मुतवल्ली, कमेटी के पदाधिकारी, समाज प्रमुख व आम जनमानस व स्कूली बच्चे उपस्थित रहे। डाॅ. सलीम राज द्वारा राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर आपसी एकता, अमन, भाईचारा के साथ यह पर्व मनाने देश को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया। इसके अतिरिक्त छ.ग.राज्य के विभिन्न जिलों में स्थित वक्फ संस्थानों द्वारा भी सम्बंधित संस्था के मुतवल्ली व कमेटी द्वारा ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। 






वविनि की यह कैसी कार्यवाही - सागौन खजाने की सुरक्षा भ्रष्ट, फर्जी डिप्टी के हाथों में मामला -बारनवपारा परियोजना वन मंडल का - फर्जी डिग्रीधारी डिप्टी लोकेश साहू पर क्यों नही कर रहे कार्यवाही

 वविनि की यह कैसी कार्यवाही - सागौन खजाने की सुरक्षा भ्रष्ट, फर्जी डिप्टी के हाथों में 

मामला -बारनवपारा परियोजना मंडल का

फर्जी डिग्रीधारी डिप्टी लोकेश साहू पर क्यों नही कर रहे कार्यवाही


 अलताफ़ हुसैन की कलम से

रायपुर (फॉरेस्ट क्राइम न्यूज़)  बार नयापारा परियोजना मंडल वन विकास निगम रवान परिक्षेत्र के डिप्टी रेंजर लोकेश साहू पर अनेक भ्रष्टाचार, गड़बड़ घोटाला, अनियमितताएं  के गंभीर आरोप लगने के बाद भी उसे पुनः बार नवापारा परियोजना मंडल के आरंग परिक्षेत्र मे डिप्टी रेंजर के पद का प्रभार देकर वन विकास निगम के आला कमान ने उसे पुनः महिमा मंडित कर खुले स्तर पर भ्रष्टाचार, गड़बड़ घोटाला, अनियमितता,एवं फर्जीवाड़ा करने का निमंत्रण दे दिया है क्योंकि सेवाकाल प्रारंभ होने के पूर्व से ही उसकी बुनियादी नींव ही फर्जी स्कूल प्रमाण पत्र के दस्तावेज के आधार पर शासकीय सेवा काल में नियमितिकरण से ही प्रारंभ हुआ है अब जिसकी सेवा  काल ही फर्जी तरीके से हुई हो उसकी इतने लंबी अवधि में कितने भ्रष्टाचार,गड़बड़ ,घोटाले,  अनियामिताएं,एवं फर्जीवाड़ा, किया गया होगा उसका अनुमान कोई भी बड़ी सहजता से लगा सकता है क्योंकि प्राचीन कहावत है कि चांवल पकने पर केवल एक चांवल दाना के अन्न को दबा कर पता किया जाता है कि वह पूरी तरह से पका है या नही परंतु यहाँ तो डिप्टी रेंजर लोकेश साहू की भ्रष्ट कार्य प्रणाली से समूचा वन विकास निगम के अधिकारी कर्मचारी भली भाँति जानते और समझते है फिर भी उसको बार नवापारा परियोजना मंडल आरंग परिक्षेत्र में पुनः पदस्थापना कर उसे महिमा मंडित करने के पीछे अधिकारियों की दुधारू गाय वाली मंशा स्पष्ट नजर आ रही है

             दाखिला खारिज  का  छाया पत्र


जबकि फर्जी दस्तावेज की वजह से बारंबार उसकी उच्च स्तरीय अनेक शिकायत होने पर भी मुख्यालय पर बैठे उच्च अधिकारियों के कान मे जूं तक नही रेंगी तथा उसको  खुले वन में चारागाह की भाँति छोड़ दिया गया ताकि भ्रष्टाचार,गड़बड़ घोटलां कर  के अपने आकाओं को खुश कर सके परंतु ऐसे भ्रष्ठ निगम कर्मी पर नकेल कसने के लिए न्यायालय के दरवाजे अभी भी खुले हुए है जिस पर उच्च स्तर पर विभागीय कार्यवाही नही की जाती तब स्वतंत्र रूप से कोई भी व्यक्ति द्वारा विधिक न्यायालयीन कार्यवही करने बाध्य हो सकता है 


 सिरपुर, रायकेरा,वन क्षेत्र छताल - चांदादाई मंदीर के आगे वन क्षेत्र की भारी कटाई

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             स्पष्ट करते चले कि यदि इस प्रकार की न्यायालयीन विधिक कार्यवाही होती है तब इसमें उपर बैठे उच्च अधिकारी से लेकर जांच अधिकारी तत्कालीन डी एम से लेकर एस डी ओ तक पर गाज गिर सकती है जैसा की फॉरेस्ट क्राइम न्यूज़ ने पूर्व समाचार में उन पत्रों का हवाला भी दिया गया था जिसमें वन जलवायु  परिवर्तन विभाग के अवर सचिव द्वारा जारी पत्र क्रमांक/2917/दिनंक/,14/09/2023/ का हवाला देकर  क्षेत्रीय कार्यालय बार नवापारा परि. मंडल ने मंडल प्रबन्धक को लिखित पत्र में क्र.वविनि /2023/1360/दिनंक 06/12/2023  में स्पष्ट निर्देशित किया गया है कि रवान परिक्षेत्र के डिप्टी रेंजर लोकेश कुमार साहू के विरुद्ध एफ. आई. आर. करते हुए कार्यवाही की जाए परंतु उक्त लेखपत्र पर बार परियोजना मंडल के मंडल प्रबन्धक द्वारा क्या कार्यवाही किया गया यह अब तक स्पष्ट ज्ञात नही परंतु यह तो तय है कि यदि इस पर गंभीरता से कार्यवाही की जाती तो डिप्टी रेंजर लोकेश कुमार साहू का निगम से बर्खास्त होना तय माना जा रहा है क्योंकि वन अधिनियम  तो यही कहता है कि कोई भी वन कर्मचारी चाहे वह  वन विकास निगम का ही वन कर्मी क्यों न हो यदि किसी भी गंभीर अपराधिक  प्रकरण होने की दशा में उसे कार्य से पृथक किया जा सकता है परंतु ऐसे वन विकास निगम कर्मी जो अनेक फर्जी प्रमाण पत्र से शासकीय नौकरी प्राप्त कर भ्रष्टाचार, गड़बड़, घोटला,अनियमितता का  गर्द उडा रहा हो ऐसे  प्रकरण में तो  तत्काल कार्य से पृथक किया जा सकता है फिर भी छ्ग राज्य वन विकास निगम में ऐसे बहुत से भ्रष्ट, कुकर्मी निगम कर्मी  मौजूद है जिन्होंने पैसे की बदौलत आज भी नौकरी में न सिर्फ विद्यमान है बल्कि अपने परमोशन का लाभ लेकर वन अधिनियम कानून की धज्जिया उड़ाते हुए ठहाका लगाकर व्यवस्था को ठेंगा दिखा  हंस रहे है उन्ही मे से एक डिप्टी रेंजर लोकेश कुमार साहू भी है जिसे आरंग परिक्षेत्र का प्रभार दे दिया गया 


   प्राचार्य द्वारा सूचना के अधिकार में दी गई सत्यापित  बारहवीं 

    का पत्र
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        बताते चले कि पूर्व में भी एक आई एफ एस अधिकारी के कार्यकाल में आरंग परिक्षेत्र के  कोडार डेम के दूसरे हिस्से में लोहारडीह एवं परसाडीह  के कक्ष क्रमांक  860 जिसे निगम कर्मी कक्ष क्रमांक 859 बताते है में लगभग 15 हेकटेयर  वृहद भूभाग था जिसमे हरे भरे परिपक्व सघन वन क्षेत्र था वर्ष 2019 -2020 को उजाड़ कर पूरी तरह समतल कर दिया गया था जिसका विरोध परसाडीह के मूल वनवासी जिनकी कई पुश्ते द्वारा निवासरत  होते  हुए कृषि कार्य कर जीवन यापन कर रहे है उन्हे उक्त क्षेत्र से अतिक्रमण बता कर बेदखल किया गया था जिसका विरोध का सामना आज भी उनके द्वारा किया जा रहा है उस 859 - 860 क्षेत्र मे लगभग करोड़ों के सागौन सहित अन्य मिश्रित प्रजाति के कष्ठों का विदोहन किया गया था पश्चात वन विकास निगम ने उसी वित्तीय वर्ष को पुनः लाखों करोड़ों की  लागत  लगा कर उसी वन क्षेत्र में पुनः सागौन प्लांटेशन  किया गया था तत्कालिक स्थानीय ग्राम वासियों से पूछने पर उनका कथन था कि  अनेक वर्षों से परिपक्व भिन्न भिन्न प्रजाति के स्वस्थ्य पेडों की कटाई किया जाना यह समझ के परे था यही नही वर्ष 2019-2020 मे वविनि द्वारा लगाए गए  सागौन प्लांटेशन आज पूरी तरह बर्बाद हो चुके है


बार क्षेत्र में बगैर मेजरमेंट हुए काष्ठ का जखीरा


 यह तत्कालिक में आरंग के डिप्टी लोकेश साहू द्वारा संपादित कराए गए थे अब करोड़ों रुपये प्राप्त कर वन के हरियाली को उजडा चमन बना कर काष्ठ पातन करना फिर लाखों करोड़ों की राशि लगा कर सागौन प्लांटेशन कर पांच वर्षीय सागौन से वन विकास निगम को क्या आर्थिक लाभ मिला इसका विश्लेषण अधिकारियों को करना चाहिए क्योंकि प्रति   छ माह या वर्ष में केजयुवल्टी, जैविक,रसायनिक,खाद,डी.ए.पी. सहित सुरक्षा, चौकीदारी मे मंडल द्वारा परिक्षेत्रों के रेंज अधिकारी, कर्मियों में किश्तों में राशि जारी करती है जो तीन से पांच वर्ष की आवधि तक रहता है फिर भी कथित लोहारडीह,परसाडीह, वप्लांटेशन बर्बाद होना भ्रष्ट कार्यों की और सीधा इशारा करता है जबकि वविनि में होता यह है कि वनों को उजाड़ने के बजाए रिक्त पड़त भाटा बंजर भूमि में कार्य योजना बना कर प्लांटेशन किया जाता है फिर भी वन विकास निगम द्वारा कष्ठों की चाह में  हरे भरे लहलहते वनों पर कुल्हाड़ी, और आधुनिक आरी से समूल जड़ पर कुठारा घात करना, फिर सागौन प्लांटेशन  करना यह कौन सी नीति है यह समझ के परे है जबकि नियमावली में वही पेडों का पातन करना है जो बीमारू, अस्वस्थ, या पेडों के ग्रोथ में व्यवधान उत्पन्न कर सागौन के ,ग्यारह,इक्कीस, एकतीस,ईकचालीस वर्षीय आयु के पेड़  हो वैसे पेड़  काटे जाने का प्रावधान है  जबकि वनों में ऐसे भी बहुत से पेड़ है जो स्वयं के बीज धरा पर स्वमेव, अंधड़ तूफान हवा से गिर धाराशाही अवस्था में पहुँच जाते है तथा  नैसर्गिक प्रकृति रूप से विकसित एवं पुलकित हो कर उजड़ते वनों  एवं  प्राकृतिक को संतुलित करते रहते है उन्हे ही निशान बना कर वन विकास निगम वनों के विनाश का मूल कारण बनता जा रहा  है यही स्थिति आरंग परिक्षेत्र के कोडार जलाशय के समीप माँ खल्लारी मन्दिर के समीप हजारों पेडों का पातन गत वित्तीय वर्ष 2025 मई-जून में बड़ी बेरहमी से सागौन सहित भिन्न भिन्न प्रजाति के पेडों का पातन कर लिया गया इसके साथ ही कथित क्षेत्र में प्लांटेशन भी कर दिया गया अब सवाल यह उठता है कि इसके प्लांटेशन  में  वन विकास निगम ने कितनी राशि व्यय की है यह अब ज्ञात करना  बाकी है 



नाका पंजी में दर्ज किए बिना ट्रक पार होता हुआ 

       नाका में नाका बंदी

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      यह भी ज्ञात हुआ है कि डिप्टी लोकेश साहू, सहित अन्य डिप्टी रेंजर की अगुवाई  में  बार नवापारा परियोजना मंडल के सिरपुर, बार, रायतुम , रवान  क्षेत्र में बड़ी तबाही मचाते हुए कटाई कि है जिसमें अनेक भिन्न भिन्न प्रजाति के इमारती काष्ठों का दोहन किया गया है  इस सिलसिले में यह भी ज्ञात हुआ है कि प्रति वर्ष थिनिग के नाम पर चिंहित मार्किंग ग्यारह वर्षीय, इक्किस वर्षीय, इकतीस वर्षीय, एवं इकचालीस वर्षीय सागौन थिनिग का प्रारूप योजना तैयार की जाती है जिसमें प्रति वर्ष  सागौन काष्ठों का निर्धारित लक्ष्य घन मीटर अंकित रहता है उदाहरण स्वरूप जैसे सात हजार से दस हजार घन मीटर पातन का लक्ष्य बार नवापारा  परि योजना मंडल मे है तब उस लक्ष्य प्राप्ति को पूर्ण करने के पश्चात अन्य काष्ठों  का विदोहन कर अतिरिक्त आर्थिक लाभ कमाया जाता है इसके एवज में प्रति वर्ष राज्य शासन के सरकार को लाभांश राशि दी जाती है एक प्रकार से छ्ग राज्य वन विकास निगम वन क्षेत्र में किराये दार की भाँति है जो उपरोक्त लक्ष्य पूर्ण करनें विद्युत की गति से अप्रेल तक पातन कार्य संपादित किए जाते रहेंगे 





माँ खल्लारी आरंग के समीप कटाई एवं प्लांटेशन

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इसी की आड़ में बहुत से वन विकास निगम कर्मी भारी भ्रष्टाचार को अंजाम देकर अपने और अपने आकाओं को खुश कर पर्मोशन,पदोंन्नति, एवं मनचाही स्थान  व्यवस्था का लाभ उठाते है जिसका ताजा उदाहरण डिप्टी रेंजर लोकेश कुमार साहू का है जिसे कवर्धा जिले में ट्रांसफर किया गया था परंतु स्थानीय क्षेत्र एवं बाल गोपाल के शिक्षा, इत्यादि का हवाला देकर कथित बार नवापारा परियोजना मंडल का मोह वे त्याग नही रहे है और वर्षो से यहां जमे हुए है  वन विकास निगम की यह स्थिति यही नही बल्कि संपूर्ण छ्ग प्रदेश के निगम वन कर्मचारियों की है जिसकी वजह से बहुत से वविनि कर्मी अपने अपने क्षेत्र में पचीस से उपर वर्षों से जमे रह कर एक ही स्थान के कूप मंडुक बन गए है,,, शेष अगले अंक में जारी...... 


शनिवार, 10 जनवरी 2026

अभनपुर नयापारा आरामिल में प्रतिबंधित काष्ठ दिन रात पहुँच रहे

 अभनपुर नयापारा आरामिल में प्रतिबंधित काष्ठ 

  दिन रात पहुँच रहे


अलताफ़ हुसैन

रायपुर (फॉरेस्ट क्राइम न्यूज़) छत्तीसगढ़ प्रदेश के वन क्षेत्र में बेतहाशा अवैध कटाई किसी से छुपा नही है आए दिन समाचार पत्रों की सुर्खियों में यह बात प्रकाशित होते रहती है कि साल, सागौन,बीजा, खैर, सहित भिन्न भिन्न प्रजाति के कहुआ,जैसे अन्य काष्ठ तस्करी करते वन विभाग की टीम ने पकडा परंतु वर्ष में एकाध बार किए जाने वाली ऐसी कार्यवाही एक प्रकार से ...ऊँट के मुँह मे जीरा...के समान नही लगता है क्योंकि लगातार प्रदेश के निस्तार  काष्ठ डिपो में उपरोक्त इमारती काष्ठ की बढ़ रही शासकीय मूल्य दर एवं ऑन लाइन नीलामी ने काष्ठ माफिया, तस्करों एवं आरा मिल,टिम्बर की नींद उडा कर रख दी है परिणामतः  काष्ठ तस्करों, दलालों ने किसान अथवा स्थानीय सरपंच की मिलीभगत कर लिखित में कटाई की अनुमति प्राप्त कर लेते है तथा अनुमति पत्र लेकर उसकी आड़ में कृषि, भूमि, क्षेत्र के प्राकृतिक रूप से पैदा,पीपल से लेकर नीम, बेर, इमली, एवं अन्य फलदार, फूलदार, औषधि युक्त पेडों का पातन कर क्षेत्र के आरा मिल,टिम्बर में पहुँचा दिया जाता है जबकि उपरोक्त फलदार, फूलदार, औषधि युक्त पेड़ एवं कहुआ तक पेड़ की कटाई बगैर सक्षम वन अधिकारी, एवं एस.डी.एम. की अनुमति पत्र लिए वनोपज धन का  पातन नही किया जा सकता यह सीधे सीधे काष्ठों की चोरी एवं तस्करी की श्रेणी  मे आता है जिससे  काष्ठ तस्कर और दलालों को इसके एवज में अच्छा खासा आर्थिक लाभ मिल जाता है जबकि वन अधिनियम यह कहता है कि छ्ग शासन द्वारा छुट बबूल किस्म के अन्य प्रजाति के वन संपदा काष्ठों का नाम आयु, एवं उसके काश्त कारी भूमि से हटाने का लिखित कारण बता  कर उसे सरपंच के द्वारा अनुमोदन कर वन विभाग के सक्षम अधिकारी से लिखित में अनुमति लेना अनिवार्य होता है जिसमें कम से कम तीन से छ माह का समय लगता है परंतु काष्ठ तस्कर एवं दलाल बगैर किसी लिखित प्रक्रिया के सरपंच की अनुमति जैसे वह वन विभाग का स्वामी या अधिकारी हो तथा मनमाने रूप से बबुल,जैसे अन्य काष्ठों की विभाग  को अनुमति, सूचना दिये बगैर सरपंच पद का लाभ उठाते हुए  खुले आम मन माफिक काष्ठों का विदोहन कर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर शासन के राजस्व को चोट पहुंचा रहे है ज्ञात हुआ है कि बहुत से आरा मिलर्स स्वयं के दलाल नियुक्त कर ट्रैक्टर एवं बड़े ट्रकों में चोरी छिपे कृषि क्षेत्रों के काष्ठों का परिवहन कर लगातार हरियाली मय क्षेत्रों का विदोहन तेजी से किया जा रहा है इस संदर्भ में आशंका व्यक्त की जा रही  है कि बहुत से छोटे वन कर्मचारियों ने बकायदा होने वाली कटाई के एवज में प्रति गाड़ी के हिसाब से हजारों लाखों रुपये का लेनदेन कर विशेष छुट दे रखी है जिसकी वजह से काष्ठ तस्करों के हौसले और बुलंद है. 


इस तारतम्य में अभी लगातार समाचार मिल रहा है कि अभनपूर, राजिम नयापारा के आरा मिल काष्ठों कि बम्फर आमद से आरा मिल लालम लाल और गुलज़ार है जहाँ प्रतिबंधित कहुआ से लेकर भिन्न भिन्न प्रजाति के इमारती काष्ठों का अनवरत परिवहन हो रहा है परंतु इस संदर्भ में वन विभाग का उड़न दस्ता के द्वारा सारगर्भित कार्यवाही नही होना बताया जा रहा है जबकि अति विश्वसनीय सूत्रों से यह भी ज्ञात हुआ है कि अभनपुर जो राजधानी रायपुर को जोड़ने वाला प्रमुख सेंटर क्षेत्र माना जाता है जहाँ एक ओर से, कुरुद, जो धमतरी वन मंडल के मेघा क्षेत्र से सिंगपुर नगरी को जोड़ता है वही धमतरी,वन मंडल के बहुत से वन क्षेत्रों का यह क्षेत्र खुला मार्ग है जहाँ से भारी मात्रा में वन क्षेत्र के काष्ठों का परिवहन निर्बाध गति से किया जाना बताया जा रहा है वही दूसरी ओर से पांडुका गरियाबंद से  बड़ी सहजता से भी काष्ठ परिवहन राजिम नयापारा  होते हुए अभनपुर हेतु आवगमन उपलब्ध  है जिसका दो दर्जन से उपर आरामिल तस्कर भरपूर लाभ उठा रहे है  इसकी जब सूत्रों से जानकारी ली तो अधिकांश आरा मिलर्स के कर्ता धर्ता का रटारटाया जवाब था कि   स्थानीय आरामिल  में उपलब्ध काष्ठ  महाराष्ट्र  वन क्षेत्र काष्ठागार से नीलामी से ली गई है  सवाल उठता है कि लाखों कि महाराष्ट्र क्षेत्र के इमारती काष्ठ नीलामी से लाखों रुपये व्यय कर एक या दो ट्रक ही लिया जा सकता है यहाँ तो कई ट्रक इमारती काष्ठ प्रत्येक आरा मिल मे उपलब्ध है जो कहाँ से यहाँ तक पहुंचा? यह विचारणीय पहलू है अभनपूर, राजिम  नयापारा, आरामिल में ऐसी स्थिति एक दो आरा मिल मे ही नही बल्कि दर्जनों आरा मिल में देखी जा सकती है यदि इसकी सूक्षमता से जांच की जाए तो बहुत बड़ा काष्ठ तस्करी का भंडाफोड़ यहाँ हो सकता है 


  लगातार अभनपुर, राजिम नयापारा आरा मिल क्षेत्रों में हो रही अवैध काष्ठ परिवहन के संदर्भ में नया रायपुर परिक्षेत्राधिकारी चंद्र कुमार महोबिया से सवाल किया गया तो उन्होंने बताया कि इस संदर्भ में कथित क्षेत्र में लगातार लाव लश्कर के  साथ रात्रि गश्त किया जा रहा है  जिस का परिणाम रहा की अभनपुर के दो आरामिल पर कार्यवाही की गई परंतु यह पर्याप्त नही है उन्होंने आगे बताया कि जब तक  काष्ठ तस्करों पर बड़ी कार्य वाही नही हो जाती तब तक उसे वे सफलता नही मानते वही जिला उड़न दस्ता प्रभारी सामंत  राय  से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि आरंग सहित अभनपुर एवं अन्य क्षेत्र में  तस्करों पर कार्यवाही की गई है यह कार्यवाही आगे भी जारी रहेगी लगातार काष्ठ माफियाओं पर कार्यवाही के लिए सतत गश्त की जा रही है शीघ्र ही इसके सार्थक परिणाम सामने आने की उम्मीद व्यक्त की गई है बताते चलें  कि कार्यवाही जो भी हो परंतु आरा मिल के खिलाफ फॉरेस्ट काइम  न्यूज़ उक्त अवैध  काष्ठ तस्करी पर  समय समय पर पाठकों को अवगत कराते रहेगा क्योंकि  इनके द्वारा काष्ठ लाए जाने वाले श्रोत,,नाम, आरा मिल की व्यवस्था सहित अन्य सैटिंग व्यवस्था लेनदेन इत्यादि का खुलासा किया जाएगा.

बुधवार, 31 दिसंबर 2025

वन विकास निगम का डिप्टी रेंजर लोकेश साहू वर्षों से फर्जी नौकरी कर रवान क्षेत्र को कर रहा खोखला

 वन विकास निगम का डिप्टी रेंजर लोकेश साहू वर्षों से फर्जी नौकरी कर रवान क्षेत्र को कर रहा खोखला


अलताफ़ हुसैन

रायपुर (फॉरेस्ट क्राइम न्यूज़) छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम एवं संपूर्ण प्रदेश के समान्य वन मंडल कार्यालयों में ऐसे बहुत से वन कर्मचारी है जो किसी न किसी तरह से फर्जीवाडा  प्रमाण पत्रों के मध्यम से शासकीय नियुक्ति प्राप्त कर वर्षों से शासन के राजस्व को चुना लगा रहे है मजे की बात यह है कि वरिष्ठ अधिकारी भी इन सब बातों से अनभिज्ञ नही है फिर भी ऐसे वन कर्मचारियों पर किसी प्रकार की कोई भी वैधानिक कार्यवाही नही की जा रही है तथा मजे से ऐसे वन कर्मी शासन के समस्त योजनाओं का भरपूर लाभ उठा रहे है  इसका ताजातरीन उदाहरण छ्ग राज्य वन विकास निगम के बार नयापारा परियोजना मंडल अंतर्गत रवान परिक्षेत्र के  डिप्टी रेंजर लोकेश साहू जो नाम के लिए तो छ्ग राज्य वन विकास निगम मे डिप्टी रेंजर का कार्य करता है परंतु काष्ठ माफिया एवं तस्करो के मध्य वह जैसे फिल्म पुष्पा का हीरों चंदन तस्कर पुष्पा राज है वैसे ही बार नयापारा परियोजना मंडल स्थित रवान वनक्षेत्र स्थित सागौन का यह पुष्पा  है जो विस्तृत भू भाग मे फैले वन क्षेत्र सागौन काष्ठ  का वह रक्षक नही बल्कि भक्षक बना बैठा हुआ है जिसे आसपास के ग्रामीण क्षेत्र में लोग उसे वर्दी वाला सागौन तस्कर लोकेश के नाम से पहचानते है


आसपास के चौकीदार सुरक्षा कर्मीयों से पातासाजी करने पर उन्होंने बताया कि सागौन के बहुत से कक्ष क्रमांक क्षेत्र मे सागौन के मेजरमेंट में धांधली गड़बड़ झाला कर रायपुर के भनपुरी सहित बहुत से  क्षेत्र में सागौन काष्ठ की अफरातफरी कर चुका है यही नही विगत कुछ वर्ष पूर्व मेजरमेंट के समय गलती से लगभग तीन सौ से उपर घन मीटर सागौन कोडार काष्ठागार पहुँच गया भौतिक सत्यापन में तात्कलिक उप वन मंडल प्रबंधक ने काष्ठ  भौतिक सत्यापन मे अंतर पाए जाने पर उनके द्वारा सत्यापन करने से  साफ इंकार कर दिया गया जिसमे तीन सौ से उपर घन मीटर का अंतर बताया गया इस तारतम्य में मंडल प्रबन्धक के द्वारा पत्र क्र. /व.वि.नि./राजस्व/2022/2696/ जो 03/11/2022/ को उप मंडल प्रबन्धक को लिखा गया था जो उपरोक्त तीन सौ से उपर घन मीटर सागौन की मैजेरमेंट करते समय धांधली,हेराफेरी उजागर  हुआ था जिसका आरोप भी लोकेश साहू द्वारा ही किया जाना बताया गया था अब सवाल यह उठता है कि उक्त अंतर के तीन सौ से उपर घन मीटर सागौन का क्या हुआ ?


 इस की कोई खबर नही? क्या कथित अंतर हुई सागौन को मिली भगत कर खुर्दबुर्द कर प्राप्त राशि को परस्पर  बन्दर बांट कर लिया गया यह भी जांच का विषय है यदि इसकी जानकारी ली जाए तो बहुत से अधिकारी एवं वविनि के कर्मचारीयों की नौकरी खतरे में पढ़ सकती है बताते चले कि सागौन थीनिंग कार्य होने के कुछ वर्ष पूर्व ऐसे सागौन को  जो बीमारू, व्याधि ग्रस्त आड़े तिरछे, खोखले,अथवा बल्ली नुमा जो पेड़ पौधों वनों के ग्रोथ में बाधा उरपन्न करते है साथ ही बीस तीस एवं चालीस वर्षीय ,स्वस्थ्य परिपक्व अवरोधक सागौन को चिंहित कर कितने कक्ष क्रमांक के कितने हेक्टेयर में कितनी की संख्या में पातन किया जाना है वह सुनिश्चित किया जाता है उसका पांच वर्ष पूर्व अवलोकन कर संख्या, घन मीटर निर्धारित की जाती है पश्रत गोशवारा  में अंकित कर वर्ष अनुसार मार्किंग कर जनवरी फरवरी से पातन कार्य प्रारंभ किया जाता है परंतु यहाँ ठीक विपरित चोर मचाए शोर....की स्थिति निर्मित रहती है यहाँ बीमारू व्याधि ग्रस्त खोखला,  सागौन के साथ  चिंहित स्वस्थ सागौन एवं अन्य बेशकीमती साल, बीज, जैसे अन्य बेशकीमती पेडों का पातन भी कर लिया जाता है जो पूर्व चिंहित सुनिश्चित निर्धारित काष्ठ संख्यिक दर  से कई गुना अधिक पातन होता है इन सब के पीछे वविनि के डिप्टी रेंजर लोकेश साहू का बहुत बड़ा खेल, एवं योगदान बताया जाता है क्योंकि वन विकास निगम के उपर बैठे अधिकारियों का मुँह इसी राशि एवं इस प्रकार की गड़बड़ी घोटाले एवं अनीयमिताएं कर खामोश करवा लेता है उच्च अधिकारी भी आँख बंद कर उसके फर्जी गड़बड़ी घोटाले को देख कर भी अनदेखा कर कृपा बरसा रहे है  जिसकी वजह से आज वह वर्षों से बार नया पारा परियोजना मंडल में सांप की तरह कुंडली मार कर पदस्थ कथित वनक्षेत्र को पूरी तरह से खोखला कर चुका है फिर भी अब तक उपर बैठे कोई भी अधिकारियों ने उस पर अन्यंत्र भेजने या गड़बड़ी रोकने का दुस्साहस नही कर सका  इसका सीधा आशय यह माना जा रहा है कि वह अधिकारियों की मिलीभगत  और शह पर समस्त कर्म कांड को अंजाम दिया जा रहा है इसकी वजह यह भी माना  जा रहा है कि दुधारू गाय की तरह दूध देने वाली गाय को कोई भी भगाना नही चाहता इस वजह से वह व. वि.नि.के अधिकारीयों की आँख का तारा बना बैठा है जबकि इसके उपर और भी बहुत गंभीर आरोप लगा हुआ है 


उल्लेखनीय है कि वन विकास निगम के बहुत से वन कर्मचारी यह कहते नही थकते कि ऐसा कटाई, गड़बड़ घोटाला जैसे गंभीर आरोप होने पर उसे कब से नौकरी से निकाल देना चाहिए था परंतु मुख्यालय वन विकास निगम के एक पूर्व सेवा निवृत लेखा प्रबन्धक की विशेष कृपा दृष्टि से वे बचते आ रहे थे परंतु वर्तमान परिस्थिति में उन्हे कौन बचा रहा यह आगे खुलासा होगा परंतु गंभीर चर्चा इस बात को लेकर है कि लोकेश साहू डिप्टी रेंजर पर फर्जी तरीके से स्कूल सार्टिफेकेट के मध्यम अल्प आयु से ही वविनि से नियमितीकरण का लाभ  उठाते हुए शासन को धोख़ा घड़ी कर समस्त शासन की सुविधा जनक योजना का लाभ अब तक उठा रहा है हमे मिले पत्र से यह भी ज्ञात हुआ है कि वर्ष, 2023 में भी  अवर सचिव छग शासन के पत्र क्रमांक/ 2917/दिनंक /14/09/2023/वन एवं जल वायु परिवर्तन  विभाग ने बार नयापारा परियोजना मंडल को पत्र क्रमांक /क्षे.म.प्र./2023/1360/ के दिनंक 06/12/2023/को मंडल प्रबन्धक के नाम पत्र जारी करते हुए स्पष्ट उल्लेख किया है कि वन विकास निगम मे फर्जी तरीके से नियमितीकारण का लाभ उठाते हुए नौकरी कर रहे डिप्टी रेंजर लोकेश साहू के विरुद्ध एफ. आई.आर. दर्ज कराते हुए कार्यवाही की जाए जिस पर आज पर्यंत कोई कार्यवाही नही की गई जो उपर बैठे अधिकारियों की कार्य शैली पर सवाल खड़ा करता है तत्कालिक आर जी एम बार नया पारा परि. मंडल के पत्र मे लिखा गया है कि डिप्टी रेंजर लोकेश साहू जिसका जन्म तिथि19/05/1978/ थी तो वह वन विकास निगम मे वर्ष, 1995 से कार्यरत होना बताया गया तब उनकी उम्र 18 वर्ष से कम के थे अर्थात वे नाबालिग थे  ऐसी परिस्थिति मे यह कानूनन अपराध है यही नही दैनिक वेतन भोगी के रूप लोकेश साहू  नियमित छात्र  के रूप में दसवी बारहवीं  तथा स्नातक तक की उपाधि प्राप्त की तब दैनिक वेतन भोगी के रूप में था तो वह कोई नियमित छात्र कैसे हो सकता है? इससे स्पष्ट होता है कि डिप्टी लोकेश साहू दैनिक वेतन भोगी के रूप मे कार्यरत नही रहे होंगे तथा  उपस्थिति संबंधी भी कोई आभिलेख नही होना बताया गया था यही नही जांच कर्ता अधिकारी से भी स्पष्टी करण मांगा गया था परंतु इस संदर्भ में क्या कार्यवाही हुई यह ज्ञात नही परंतु डिप्टी लोकेश साहू पर कार्यवाही करना तो दूर आज भी वह वन विकास निगम में एक ही परिक्षेत्रा में वनों का विदोहन कर उसे दीमक की तरह खोखला कर रहा है एवं अधिकारी भी आँख बंद कर चुप्पी साधे बैठे है खबर यह भी छनकर आ रही है कि उसे कवर्धा क्षेत्र में एक माह से ट्रांसफर कर दिया गया है फिर भी वह बार नयापारा परियोजना क्षेत्र के रवान परिक्षेत्र में अब भी यथावत स्थिति में बैठा है अब यह सब देख कर इस बात का सहजता से अनुमान लगाया जा सकता है कि धन के बल पर मुख्यालय से लेकर आर.जी.एम. सहित डी एफ.ओ. (डी.एम.)एवं एस. डी.ओ. का मुंह बंद कर रखा है 


 यह स्थिति वन विकास निगम की ही नही बल्कि वन जलवायु परिवर्तन विभाग के अन्य परिक्षेत्रों में भी देखा गया है  छ्ग राज्य वन अनुसंधान संस्थान के मुख्यालय से यह खबर तेजी से निकल कर आ रही है की एक अन्य महिला कर्मी  अनुकंपा नियुक्ति सहायक ग्रेड 3 के पद पर परिवार से झूठ बोल कर फर्जी तरीके से सहमति बना कर नौकरी ले ली है जिसका विरोध उसके ही परिवार जन लिखा पढ़ी और संबन्धित विभाग से पत्राचार कर रहे है उसी भवन के उपरी हिस्से मे  सीसीएफ आफिस विधान सभा में एक वन कर्मी विगत चौदह,पन्द्रह वर्षों से आसमान में  रवि के तेज के समान चमक रहा है यहाँ तक विभागीय पदोंन्नति होने के बाद भी वह उसी पद स्थान में वर्षों से  काबिज है बताया जाता है कि समस्त विभागीय गुणा भाग के मामले में वह सिद्धस्त है यही कारण है कि अनेक सी सी एफ आते गए और चले गए मगर कथित बंदा वन कर्मी अब  भी सीसीएफ ऑफिस मे  एक स्थान पर ढोल धमाका पीट कर बल्ले बल्ले कर रहा है रायपुर वन मंडल रायपुर अंतर्गत खरोरा के समीप मोहरेंगा वाइल्ड लाइफ प्रभारी ने तो बकायदा तीन लोगों को दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी लगा दिया है जिसमे एक कर्मी उसकी स्वयं की बहन भांजा को साथ ही पेंशन एवं लड़के को अनुकंपा भी मिल गई है उसके बावजूद परिवार वाद के मोह में तीन से अधिक लोगों को वेतन विभाग से मिल रहा है यह संख्या अधिक भी हो सकती है यदि इसकी जांच की जाए यह तो रायपुर वन मंडल के कुछ स्थान के उदाहरण है यदि पूरे प्रदेश में सूक्ष्मता से देखा जाए तो बहुत से  फर्जी नियुक्ति सहित फर्जी नौकरी के बहुत से प्रकरण सामने आ सकते है 

मंगलवार, 23 दिसंबर 2025

छ.ग. वन कर्मचारी संघ, जिला कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न

 छ.ग. वन कर्मचारी संघ, जिला कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न


रायपुर।(छत्त्तीसगढ़ वनोदय न्यूज़) वन कर्मचारी संघ, जिला शाखा रायपुर द्वारा जिला अध्यक्ष एवं जिला कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह  रेंजर्स एसोसिएशन हॉल, पंडरी, रायपुर में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।

इस गरिमामय कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय श्री मणिवासगन एस. (भा.व.से.), मुख्य वन संरक्षक, रायपुर रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीया श्रीमती सतोविषा समाजदार (भा.व.से.), मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी), रायपुर द्वारा की गई।

कार्यक्रम में अखिल भारतीय वन कर्मचारी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सतीश मिश्रा एवं रायपुर परिक्षेत्र अधिकारी श्री दीपक तिवारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। वहीं प्रांतीय निकाय से श्री संतोष सामंत राय की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिन्होंने संगठन को सशक्त बनाने पर अपने विचार व्यक्त किए।


इस अवसर पर छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संगठन के जिला अध्यक्ष श्री सावन कुमार साहू एवं जिला कार्यकारिणी के अन्य सदस्यों को विधिवत शपथ दिलाई गई। सभी नवनियुक्त सदस्यों ने संगठन की गरिमा, कर्मचारियों के हितों की रक्षा तथा वन एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति निष्ठा से कार्य करने का संकल्प लिया। तत्पश्चात कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री मनिवासागन एस ने  नव निर्वाचित अध्यक्ष एवं सभी कार्यकारिणी सदस्यों कों बधाई देते हुए कहा की सभी कर्मचारी विभाग के कार्यों कों निष्ठा से निभाते हुए मिलकर कार्य करें, कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्री सतोविषा समाजदार ने भी सभी नव निर्वाचित सदस्यों कों बधाई दी। कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, संगठन के पदाधिकारी, सदस्यगण एवं बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे। समारोह का वातावरण अनुशासन, एकजुटता एवं संगठनात्मक प्रतिबद्धता से परिपूर्ण रहा।

अंत में जिला अध्यक्ष श्री सावन कुमार साहू ने सभी अतिथियों, पदाधिकारियों एवं उपस्थित सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए संगठन को और अधिक सशक्त बनाने हेतु सामूहिक प्रयास का आह्वान किया।

शनिवार, 6 दिसंबर 2025

फ्रैंड्स म्युजिकल् ग्रुप की संगीतमयी प्रस्तुति पर श्रोता झूमे

 फ्रैंड्स म्युजिकल् ग्रुप की संगीतमयी प्रस्तुति पर श्रोता झूमे


रायपुर (मिशन पॉलिटिक्स न्यूज़) फ्रैंड्स म्युजिकल ग्रुप एवं एवन साउंडस के संयुक्त सहभागिता निभाते हुए कुमार शानु एवं उदित नारायण के सदाबहार फिल्मी गीतों की प्रस्तुति दी गई जिसमें एक से बढ़कर एक कलाकारों ने मदमस्त कर देने वाले गीतों की बेहतरीन अंदाज मे मंच पर साझा किया जिसमें कुछ कलाकार ऐसे भी थे जिन्होंने अपना जीवन कला, गीत, संगीत को समर्पित किया हुआ है जिनमे  राजेश नायक जी का नाम प्रमुखता से लिया जा सकता है वे संगीत की दुनिया में उनका एक अलग पहचान बनी हुई है उन्हे संभवतः श्रोताओं द्वारा पहली बार मंच में. ...दिल है कि  मानता नही...की प्रस्तुति देख आश्चर्य चकित हुए बिना नही रह सके क्योंकि इतनी सटीक अंदाज में उनकी प्रस्तुति सुन कर मन प्रफुल्लित हुए बिना नही रह सका वही फ्रैंड्स म्युजिकाल ग्रुप के डायरेक्टर विजय निहाल ने सभी कलाकारों को चुन कर लिया  उन्होंने...मस्ताना मौसम है रंगीन नजारा ये ...टाइटल  सॉन्ग की प्रस्तुति दी  एक अच्छे कार्य क्रम के लिए  अच्छे सधे हुए कलाकार की आवश्यकता होती जिसके लिए उन्होंने समन्दर से मोतियों का चयन किया वही प्रवीण यदु ने.., तेरी उम्मीद तेरा इंतजार करता हूं.ृ .कृष्णा यादव , इस प्यार से मेरी तरफ ना देखो फहीम खान ,  तुम्हे अपना बनाने की कसम खाई है...बसंत दीप, मुझको किया हुआ है कमलेश सिन्हा,दिल जाने जिगर तुझपे निसार किया है  राजेन्द्र जगत,...दिल कहता है चल उनसे मिल, गोल्डन साहू , जादू तेरी नजर  जैसे गीत को श्रोताओं ने बहुत पसंद किया फीमेल वॉयस मे मधु यादव जागृति, मीनाक्षी ,अनुष्का ने  सभी गीतों पर अच्छा तालमेल बिठाकर  श्रोताओं की ताली बटोरने में  कामयाब  रही वही संचिता भट्टाचार्य की कोमल आवाज़ ने लोगों के कानों में मिश्री घोल दी बताते चले कि इसके पूर्व भी उन्होंने कुमार शानु के साथ भी गीत साझा किया है यकिनन ऐसे साधक कलाकर जब मंच में हो तो वह कार्यक्रम सफल होने की ग्यारंटी मानी जाती है यही नही सभी अन्य कलाकर प्रवीण यदु, बसंत दीप सहित अन्य कलाकार ने भी अपनी प्रस्तुति से सब का मन मोह लिया यहाँ तक नवोदित युवा कलाकार भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया कार्यक्रम के अंत मे उपस्थित बहुत से सम्मानित डायरेक्टर समाज सेवी, पार्षद गण का सम्मान किया गया जिनमे,मुख्यतः लक्ष्मी नारायण लाहोटी, गाता रहे मेरा दिल म्युजिकल् ग्रुप के डायरेक्टर वरिष्ठ पत्रकार नवाब कादिर पार्षद तिलक पटेल,श्री दुबे जी, पार्षद गोवर्धन शर्मा, रविंद्र दत्ता सहित अनेक विशिष्ट जन का शाल दे कर सम्मान किया गया इस विशेष गीत संगीत कार्यक्रम को सफल बनाने पर सभी श्रोता गण एवं विशिष्ट जन का फ्रैंड्स म्युजिकल ग्रुप के डायरेक्टर विजय निहाल ने हृदय से आभार व्यक्त किया कार्य क्रम का संचालन लक्ष्य टारगेट ने अपने विशेष अंदाज मे किया

शनिवार, 29 नवंबर 2025

ग्राम केशला को विकास की मुख्य धारा मे जोड़ना मुख्य लक्ष्य - उप सरपंच लोमश देवांगन

  ग्राम केशला को विकास की मुख्य धारा मे जोड़ना मुख्य लक्ष्य - उप  सरपंच लोमश देवांगन 


अलताफ़ हुसैन

रायपुर (मिशन पॉलिटिक्स न्यूज़) देश की सवा सौ करोड़ से उपर की जनसंख्या है जो देश के प्रति अपनी सच्ची सेवा, श्रद्धा ,एवं जन सेवा का भाव रखते हुए सामाजिक कल्याण एवं उत्थान मे अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर एक नया इतिहास रचने का साहस रखते है उनमे से आधुनिक नव युग के युवा कर्मठ, जुझारू, संवेदन शील, कर्तव्य निष्ठा अथक कर्म योगी जैसे व्यक्तित्व भी है जो बिना व्यवस्था, संसाधन से इतर सामाजिक, जन कल्याणकारी  सरोकार के  मध्यम से ग्रामीण क्षेत्र से ही अपनी पृथक पहचान निर्मित कर रहे है उनमे से ही एक नाम लोमश कुमार देवांगन का भी है जो खरोरा स्थित केसला ग्राम पंचायत के वर्तमान कार्यकाल में उप सरपंच पद के रूप में पदस्थ है मात्र 34 वर्ष की  आयु मे उप सरपंच जैसे ग्रामीण क्षेत्र की राजनीति के रूप में सक्रिय होने के पीछे का कारण पूछने पर उन्होंने बताया कि इसके पूर्व ग्रामीण चुनाव में भी वे सरपंच उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ चुके है परंतु कहते है न कि हार के बाद जो जीत मिलती है उसका एक अलग आनंद, प्राप्त होता है जिसका उदाहरण उप सरपंच के रूप में खरोरा स्थित केसला ग्राम मे रूप में सामने आया उन्होंने आगे बताया वैसे भी पिता श्री महेश कुमार देवांगन को प्रारंभ से ही जन सेवा के कार्य करते आम जन के सुख दुख में लोगों का सहयोग करना वे बाल्यकाल से देखते आ रहे है जिसका मेरे बाल मन में एक अमिट छबि  बनी हुई थी वही से मन जन सेवा का भाव ने जन्म लिया और मैंने राजनीति को अपना कर्म क्षेत्र बनाया उसका परिणाम यह निकला कि आज मै ग्राम केसला का उप सरपंच पद पर जन सेवा में लगा हुआ हूँ 




 उनसे आगे  सवाल पूछने पर कि - जन सेवा तो आप अन्य क्षेत्र में भी जाकर कर सकते थे परंतु  राजनीति ही क्यों चुना ? पूछे जाने वर वे कहते है -समाज मे जन सेवा पुलिस, आर्मी, पत्रकार, एवं अन्य क्षेत्र में सभी जन सेवा किया जा सकता  है फिर भी किसी न किसी तरह उपर बैठे, वरिष्ठ अधिकारी के दबाव में मुक्त रूप से कार्य अवरोधित होता है परिणामतः सेवा का दायित्व वहां नगण्य हो जाता है वही राजनीति में स्वच्छंद हो कर सेवाभाव किया जा सकता है जिसमे किसी का रोक टोक नही होता चाहे आप किसी पद में रहे या न रहे  केसला उप सरपंच लोमश कुमार देवांगन आगे बताते है कि बचपन में हरिशंकर परसाई जी की एक कविता ने उन्हे बहुत ज्यादा प्रभावित किया रचना में कवि बताते है कि... समाज की गंदगी साफ करने के लिए कीचड़, रूपी दलदल में पहले उतरना पढ़ता है तभी वह गंदगी साफ किया जा सकता है... सो मैंने भी चहुँ ओर  मे व्याप्त गंदगी को साफ करने  दलदली रूपी समाज मे उतर गया हूँ अब चाहे इसका जो भी परिणाम सामने आए आम जन के व्यथा और समस्या का निराकरण करना मूल उद्देश्य बन चुका है खरोरा स्थित ग्राम केसला के उप सरपंच लोमश कुमार देवांगन आगे बताते है कि राजनीति ही नही किसी भी कार्य क्षेत्र में रहकर स्वच्छ विचार धारा से जन समाज कल्याण किया जा सकता है यही वजह है कि वे राजनीति के अलावा बीजेपी पार्टी एवं आर. एस.एस.संगठन से जुड़ाव है जिसमें  शैक्षणिक,शरीरिक, एवं बौद्धिक, मूल मंत्र के साथ देश के विकास में अपना अमूल्य योगदान देकर हमारे पूर्वजो के सोपानों को विश्व गुरु बनाने मुख्य धारा से जुड़ कर दृढ़ संकल्पित हूँ वे अपने मार्ग दर्शक एवं प्रेरणा स्त्रोत भारत देश के यशस्वी प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र दास मोदी जी एवं स्व. अटल बिहारी बाजपेयी जी से बहुत अधिक प्रभावित हूँ तथा उन्हे अपना आदर्श, एवं मार्ग दर्धक मानते है उनके प्रभावशाली व्यक्तित्व एवं शैली ने उनके मर्म मस्तिष्क पर एकअमिट छबि बनी हुई है लोमश देवांगन आगे बताते है मेरे उप सरपंच के अल्प कार्यकाल  मे बहुत सी जन हित कल्याण कारी योजनाओ का क्रियान्व्यन किया जाना प्रस्तावित है  जिसमें मुख्यतः ऑन लाइन बच्चो को आधुनिक शिक्षा जिसमे कोरोना काल में संचालित किया गया था वैसे ही, स्कूल, में कॉम्प्युटर से शिक्षा का स्तर बढ़ाना है आम जन को सुलभ सड़क, बिजली की पूर्ण व्यवस्था,मुख्य चौक मुहल्लों, में कैमरा लगवाना, सोलर पैनल लाइट से क्षेत्र को जगमगाना, पेयजल की सुचारु व्यवस्था, शासन की समस्त प्रमुख योजनाओ में जिसमे आवास विहीन व्यक्ति को प्रधान मंत्री आवास योजना की पात्रता दिलाना प्रमुख है जिनमे बहुत से पात्र व्यक्ति आज उक्त योजना का लाभ उठा भी रहे है इसके लिए केसला ग्राम के सरपंच माया वन्शे का भरपूर सहयोग मिलता है कार्यों की पारदर्षिता बनाए रखने के लिए प्रत्येक तीन माह मे ग्राम सभा की बैठक बुला कर शासकीय योजनाओं सहित समस्त मद की राशि का विस्तृत ब्यौरा दिया जाता है उन्होंने आगे बताया कि निराश्रित सहित  कच्चे मकान वाले पात्र व्यक्तियों सहित अन्य समस्त योजनाओं का लाभ स्थानीय ग्रामीणों को दिया जा रहा है स्थानीय ग्रामीणों को रोजगारोन्मुखी कार्यों के संदर्भ में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि आपको आश्चर्य होगा कि मेरे क्षेत्र के सभी महिला पुरुष आत्मनिर्भर है पत्येक घर में  बीस वर्षों से संपूर्ण भारत देश में पहने जाने वाले महिला परिधान (पेटीकोट) का सिलाई कर एक इतिहास रचा दिया है  शासन की लखपति दीदी योजना के नाम को यही के स्थानीय लोग सार्थक किये हुए है केसला उपसरपंच लोमश देवांगन आगे बताते है कि संपूर्ण देश में यहाँ कि सिलाई की हुई पेटीकोट बिक्री हेतु जाती है जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ है प्रत्येक घर में किए जाने वाले कार्यों को देखते हुए अनेक संस्थानों ने उन्हे स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया यही नही आत्मनिर्भर बनने एवं शासन की महत्वाकांक्षी योजना लखपति दीदी की उक्त योजना की गाथा का उल्लेख देश के प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने भाषण मे किया है जिसकी वजह से खरोरा स्थित ग्राम केसला का नाम गर्व से लिया जाता है प्रस्तावित योजना मे ग्राम केसला उप सरपंच लोमश देवांगन का कथन है कि हमारे ग्राम के भाई बहनों के लिए शीघ्र ही महतारी सदन का निर्माण किया जाने की योजना है जो प्रस्तावित है जहाँ दीदी बहनी एवं सामाजिक बैठक सहित अन्य सांस्कृतिक, धार्मिक,कार्यक्रम का आयोजन किया जा सके सुशिक्षित, व्यवहारिक, उप सरपंच लोमश देवांगन की केसला ग्राम क्षेत्र में कम उम्र में ही अपनी विशिष्ट पहचान निर्मित कर चुके है प्रति दिन एक निर्धारित समय में ग्रामीणों की समस्याओं का शांत चित मन से निराकरण करते है कहा जाता है कि...पूत के पांव पालनें में दिखाई दे जाते है....इसका  उदाहरण युवा उप सरपंच लोमश देवांगन पर सटीक बैठता है उनकी लगातार जनसेवा, एवं समर्पित सेवा भाव   देखकर अनेक ग्रामीण एवं समर्थक राजनीति क्षेत्र का ध्रुव तारा का उपमा दे रहे है तथा उनके  उज्ज्वल भविष्य की कामना कर रहे है 

सोमवार, 27 अक्टूबर 2025

भारत माला की हरियाली कोमा खान में बिखरी

 भारत माला की हरियाली कोमा खान में बिखरी

अलताफ़ हुसैन 

रायपुर, (छत्तीसगढ़ वनोदय) महासमुंद वन मंडल मुख्यालय से  लगभग 32 किलोमीटर दूर स्थित बागबाहरा परिक्षेत्र से महज पन्द्रह किलोमीटर की दूरी पर स्थित कोमाखान परिवृत क्षेत्र में वैसे तो गगन चुंबी पर्वत माला के मध्य छोटी,बड़ी कल-कल  करते नदी,नाले, के प्रवाहित होती जल धाराएं  वर्षों से हरियाली युक्त सघन वन क्षेत्र मे दूरस्थ प्रकृतिक वातावारण  की एकअलग छटा बिखेर रही है जो अनायास आम लोगों का चित आकर्षित करती है जिसकी वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग समुचित देखरेखा व्यवस्था तथा बिगड़े वनों के सुधार हेतु समय समय पर पुनरुत्पादन कर प्राकृतिक वनों का स्वरूप यथावत स्थापित करने कटिबद्धता प्रदर्शित करती है इसी श्रृखला में कोमाखान परिवृत से मात्र चार किलोमीटर के फासले पर  दरबेकेरा वन ग्राम के समीप स्थित कक्ष क्रमंक 469 के रिक्त पड़त भाटा वन भूमि  जिसका क्षेत्रफल 14. 270 हेक्टेयर है जिसमें कुल रोपण क्षेत्रफल 5.534.हेक्टेयर में वर्ष, 2025 जुलाई को 5534 नग भिन्न भिन्न प्रजाति के फलदार, फूलदार, सायादार, औषधि गुण वाले पौधों का सफल रोपण किया गया जो मात्र चार माह की अल्प अवधि में  जबरदस्त ग्रोथ कर रहा  है प्लांटेशन के संदर्भ में बागबाहरा के कर्मयोगी, समर्पित,निष्ठावान,

लगनशील, कर्तव्यपरायण, व्यक्तित्व के धनी परिक्षेत्राधिकारी लोकनाथ ध्रुव से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि यहॉं ग्राम दरबेकेरा में किए गए मिश्रित प्रजाति के प्लांटेशन ओरेंज भूमि में कराया गया है यह वन भूमि क्षेत्र है रिक्त पड़त नारंगी भूमि होनें की वजह से अतिक्रमणकरियों की इस क्षेत्र पर बहुत दिनों से नज़र गड़ी हुई थी गत वर्ष कार्य योजना बना कर प्लांटेशन् हेतु विभाग को दिया गया परिणामतः राज्य कैंपा मद से क्षति पूर्ति सिंचित  मिश्रित वृक्षारोपण कार्य संपादित कराया गया जिसके लिए कठोर बंजर भूमि में  वर्षा ऋतु के पूर्व गड्ढे इत्यादि कार्य करवाए गए  उक्त कार्य हेतु आस पास  ग्राम क्षेत्र से श्रमिकों को मंगवाया गया इसकी एक वजह यह भी थी कि दरबेकेरा वन ग्राम की जनसंख्या बहुत कम थी जिसकी वजह से दस बीस किलोमीटर दूर स्थित श्रमिकों को बुलवाया गया इसके अलावा दरबेकेरा में पखडंडी  रूपी सड़क मार्ग उपर से वर्ष ऋतु एवं जलभराव की स्थिति में आवागमन दुर्लभ होना ही था साथ में अन्य रोपण एवं निर्माण सामाग्री लाने ले जाने अत्यंत जर्जर पखडंडी मार्ग में चलना दुरूह अवस्था में  पहुँच जाता था फिर भी परिस्थिकीय अनुसार प्लांटेशन कराना अत्यंत आवश्यक था जिसे प्रकृति आपदा सहित व्यवस्था से लड़ते हुए कार्य संपादित कराया गया  इसके बावजुद हमारे वन सहकर्मियों ने रात दिन एक कर  औरेंज भूमि में कार्य को संपादित किया बागबाहरा परिक्षेत्राधिकारी श्री लोकनाथ ध्रुव आगे बताते है कि प्लांटेशन् कार्य भारत माला सड़क परियोजना के निर्माण अंतर्गत क्षतिपूर्ति प्लांटेशन के रूप में तत्कालीन महासमुंद के डी.एफ.ओ.पंकज राजपूत एवं  वर्तमान महासमुंद वन मंडलाधिकारी  मयंक पांडे के मार्ग दर्शन एवं नेतृत्व में संपादित कराया गया गौर तलब है महासमुंद वन मंडलाधिकारी आई.एफ. एस.श्री मयंक पांडे एक प्रशासनिक अनुभवी, एवं गंभीर अधिकारी के रूप में पहचाने जाते है वे मैदानी कार्यों से किसी प्रकार का समझौता नही करते यही वजह है कि उन्होंने धमतरी वन मंडल सहित अनेक वन मंडल कार्यालयों में अपनी सफल सेवाएं देकर एक पृथक पह्चान निर्मित की है 


जिसकी वजह से आज भी अधिकारी कर्मचारी उन्हे सम्मान के साथ याद करते है उनके यहाँ आने से महासमुंद वन मंडल क्षेत्रों में एक अलग उत्साह देखा जा रहा है स्थानीय अधिकारी कर्मचरियों में नवीन परियोजनाओं पर उल्लेखनीय कार्य किये जाएंगे ऐसी संभावना व्यक्त की जा रही है वही कार्यों की संपूर्ण व्यवस्था एवं मॉनिटरिंग वर्तमान उप वन मंडलाधिकारी गोविंद सिंह साहेब बेहतर जानते है क्योंकि अपने पूर्व सेवा काल में रेंजर सहित अन्य पदों में कार्य करते हुए उन्हे बलौदा बाजार वन मंडल अंतर्गत कसडोल के सोनाखान परिक्षेत्र का  अच्छा लंबा अनुभव  प्राप्त है उनके द्वारा पलांटेशन सहित फेंसिंग, एवं अनेक वन क्षेत्रों में संपन्न कराए गए निर्माण कार्यों की पूर्ण जानकारी है यही वजह है कि महासमुंद वन मण्डल कार्यालय में आते ही संपूर्ण कार्यों का अवलोकन कर वे दिशा निर्देश देते रहते है जिससे कोमाखान दरबेकेरा के कक्ष क्रमांक 469 का कथित प्लांटेशन  बड़ी तेजी से ग्रोथ कर रहा है जिसकी ऊँचाई लगभग चार से दस फीट पहूच गई है  परिक्षेत्राधिकारी लोकनाथ ध्रुव की जीवट कार्य शैली की बात की जाएं तो वे कार्यों के प्रति काफी संवेदनशील रहे है वे कार्यों के प्रति समर्पित सेवा भाव से सौंपे गए विभागीय दायित्वों का जब तक निर्वहन नही कर लेते  तब तक उन्हे संतुष्टि नही मिलती उनके संदर्भ में यह भी बताया जाता है कि कार्य अवधि समाप्त होने के बावजूद वे अपने सहयोगी (स्टाफ) वन कर्मियों के साथ बैठ कर समस्त कार्यों का निष्पादन  पूर्ण करा कर ही दम लेते है इसके लिए भले रात्रि दस बजे या बारह क्यों न बज जाए उनकी कार्य करने की क्षमता, जुझारूपान उनके विभागीय कार्य शैली को अलहदा बनाता है 


दरबेकेरा पलांटेशन का पुरा श्रेय वे अपने सहयोगी वन कर्मी कोमाखान  डिप्टी रेंजर दुलार सिन्हा जी एवं फॉरेस्ट बीट गार्ड खेमराज साहू एवं समस्त वन सहकर्मी सहयोगीयों को  देते है उनका कथन है कि मै तो केवल जाकर मॉनिटरिंग कर रहा था परंतु सही मायनों में ये जमीनी योद्धा है जो रात दिन एक कर श्रमिकों से कार्य संपादित करवाते है जमीन व्यवस्था से लेकर पौधा रोपण, तक कार्य धूप, गर्मी, वर्षा मे संपन्न कराते है इस संदर्भ में जब कोमखान स्थित डिप्टी साहेब दुलार सिन्हा जी से चर्चा की गई तो उन्होंने प्लांटेशन क्षेत्र में ले जाकर अवलोकन कराया जहाँ आज की तिथि में पौधे लगातार ग्रोथ कर रहे है उन्होंने बताया कि  वन्य प्राणियों एवं पालतू मवेशी चराई रोकने के लिए प्लांटेशन को चारो ओर से मजबूत मोटे तारों से घेरा बंदी एवं मुख्य लोहे का मजबूत गेट लगाया गया है ताकि प्लांटेशन  शत प्रतिशत सुरक्षित, एवं ग्रोथ करता रहे  सिंचित प्लांटेशन के संदर्भ में डिप्टी कोमाखान दुलार सिंह सिन्हा बताते है कि इसके लिए पाइप इत्यादि बिछाए गए है क्योंकि वर्तमान में  वर्षा ऋतु चल रहा है उसके पश्चात,शीत ऋतु में भी सिंचाई की आवश्यकता लगभग होती है फरवरी मार्च आगामी सत्र से ही सिंचाई प्रारंभ होगा इसके लिए बहुत से चयनित स्थान पर बोर खनन कराए गए है जिनमें पंप, वाल्व, पाइप इत्यादि से स्प्रिंकलर से  सिंचाई का उपयोग किया जाएगा यह विधि अमुमन आवासीय, औद्योगिक और कृषि कार्यों के लिए किया  जाता है जो प्लांटेशन क्षेत्र के लिए बहुत लाभकारी एवं कारगर साबित होगा डिप्टी दुलार सिन्हा आगे बताते है कि दरबेकेरा के 14270 वन भूमि क्षेत्र में लगभग साढ़े पांच हजार मिश्रित प्रजाति के पौधों का रोपण किया गया है जिनमे मुख्यतः सागौन दो हजार पौधे, नीम एक हजार, बेल, सात सौ, आँवला पंद्रह सौ, महुआ सात सौ, जामुन दो सौ, शिशु एक सौ चौबीस, करंज एक सौ पचास नग शामिल किए गए है जो चार माह में तेजी से बढ़त बनाए हुए है फलदार फूल दार औषधि युक्त पौधों की प्रचुरता के संदर्भ में पूछे जाने पर कोमाखान  फॉरेस्ट के युवा साहसी बीट गार्ड खेमराज साहू बताते है कि क्षेत्र में भालू की मात्रा लगभग पंद्रह से आधिक होने के कारण वे खाद्य वस्तुएँ प्राप्ति हेतु यत्र तत्र भटकते है फलदार, फुलदार,पौधों के रोपण से उन्हे भविष्य में खाद्य वस्तुएँ फल फूल बड़ी सहजता से प्राप्त होगा

वही जोंक नदी की सहायक कांदाजड़ी नाला के वन क्षेत्र से प्रवाहित होते पानी भी उन्हे बड़ी सुलभता से प्राप्त होगा जिसकी वजह से वे ग्रामीण क्षेत्र की ओर पलायन भी नही करेंगे उन्होंने आगे बताया कि दरबेकेरा वन ग्राम प्रबन्ध समिति द्वारा लगातार मॉनिटरिंग की जाती है वही प्लांटेशन क्षेत्र में चौकीदार नियुक्त किया गया है ताकि सुरक्षा बनी रहे बीट गार्ड खेमराज साहू ने बताया 


कि प्लांटेशन क्षेत्र में प्रारंभिक् स्तर पर गाला थाला निर्माण कर डी. ए. पी. दवा खाद,यूरिया, से उपचार किया जा चुका है वहीं केज्युवल्टी निंदाई गुड़ाई भी किया गया है अब वहाँ प्लांटेशनन क्षेत्र में प्रतिदिन सुरक्षा देखरेख की जा रही है उल्लेखनीय है कि यह प्लांटेशन कार्य भारत माला सड़क निर्माण परियोजना के तहत मार्ग मे अवरोधित  क्षतिग्रस्त पेड़ पौधों की क्षति पूर्ति के रूप में कैंपा मद से वर्ष 2024-2025- से लेकर वर्ष 2033-2034 तक आठ से दस वर्षों के लिए समान्य वन मंडल महासमुंद  अंतर्गत बागबाहरा परिक्षेत्र के कोमाखान परिवृत क्षेत्र मे प्लांटेशन का रोपण किया गया है जो राष्ट्रीय राज मार्ग भारत माला सड़क उन्नयन योजना के साथ वन विभाग से अनुबंध कर कैंपा मद से क्षति पूर्ति राशि प्रदान कर रिक्त वन भूमि में रोपण कार्य संपादित कर  वनों के स्वरूप को सुधार किया जा रहा है जो आने वाले आठ दस वर्षों पश्चात कोमाखान का उक्त क्षेत्र हरियाली के मामले मे एक  अलग ही छटा बिखेरेगी  जिससे वन का रकबा भी बढ़ेगा. 

सोमवार, 13 अक्टूबर 2025

किशोर द के सुपर हिट प्रेम विरह, तकरार, रुमानी, गीतों को सुन कर श्रोता भी कह उठे...गाता रहे मेरा दिल

 किशोर द के सुपर हिट प्रेम विरह, तकरार, रुमानी, गीतों को सुन कर श्रोता भी कह उठे...गाता रहे मेरा दिल



  अलताफ़ हुसैन 

  समीक्षक/ विश्लेषण

एक रास्ता है जिंदगी,,,सांसों मे गर्मी है ,,कल की हंसी मुलाकात के लिए,,,,, और खातून की खिदमत मे सलाम अपुन का... अरे दिवानों मुझे पहचानो,,,,मै हूँ डॉन ,,,जैसे सदाबहार गीतों के गुल दस्तों के साथ रविवार 12 अक्टुबर की शाम छ बजे से मायाराम सुरजन हॉल गुलज़ार हुआ जिसमे किशोर कुमार की पुण्य तिथि पर विशेष रूप से ...गाता रहे मेरा दिल...म्युजिकल् ग्रुप ने उनके द्वारा गाए सदा बहार नग़्मों की प्रस्तुति देकर उन्हे श्रद्धा सुमन अर्पित किया रायपुर सहित बाहर से पधारे स्थानीय कलाकारों ने अपनी बेहतरीन  आवाज़ और अंदाज़ के साथ एक शनदार प्रस्तुति दिया  जिसमे एक से बढ़कर एक आवाज़ के जादूगरो ने ऐसा गीतो का समां बांधा की खचाखच भरे हॉल किशोर मय हो गया तथा प्रत्येक  गीतो पर श्रोताओं की तालियों की गड़गड़ाहट की आवाज़ से गायक कलाकर दुगने उत्साह के साथ अपने परफॉरमेंस देते गए पचास गीतों के इस फेहरिस्त से लबरेज़ गुलदस्ते में श्रोता  अपनी सीट से टस से मस नही हुए मुंबई से पधारे राजेश पटेल यहाँ आकर माहौल को ऐसा खुशनुमा निर्मित कर दिया कि उनके प्रत्येक गीत पर श्रोताओं ने दिल खोल कर स्वागत किया इसके बाद लगातार...आँखों मे काजल है,,, लावरिस का गीत,,अपनी तो जैसे तैसे जनाबे आली,,,,अब चाहे मां रूठे या बाबा मैंने,,,,, तुमसे बड़ कर दुनिया में,,,,जैसे गीतों का यह कारवां धीरे धीरे बढ़ता चला गया इस दरमियान लगभग बारह गीतों की विशेष प्रस्तुति गाता रहे मेरा दिल के डायरेक्टर नवाब कादिर ने प्रत्येक प्रस्तुत  गीतो में ऐसा ऊर्जा का संचार भर दिया कि सभी प्रस्तोता गायक दोगुना उत्साह से अपनी प्रस्तुति देने लगे...गाता रहे मेरा दिल के डायरेक्टर नवाब कादिर का गीतों का चयन इतना लाजवाब होता है कि वे लीक से हट कर कुछ नया परफॉर्मेंस देनें का प्रयास करते है यही नही डेढ़ से दो माह तक सभी गायकों से भरपूर अभ्यास करवाते है एवं स्वयं गीतों का रिहर्सल भी करते है तभी तो अपने गीतों में जीवन जीने की अद्भुत विशेषता झलकती है ठंडे या सुस्त वातावरण प्रोग्राम में अपनी अद्भुत गायन शैली एवं अंदाज़ से प्रस्तुति दे कर धूमधाम, ताबड़तोड़, खुशनुमा माहौल निर्मित कर देते है उनके इसी गीत संगीत प्रेम की वजह से उनके स्वस्थ मन और काया को ऊर्जावित करती है उन्हे ही नही बल्कि श्रोता गण  भी तीन से चार घंटे के लिए दुनिया के समस्त झंझावत से किनारा करके गीत संगीत में ऐसे तल्लीन हो जाते है जैसे दुनिया मे अन्य कार्य की कोई आवश्यकता ही नही रह गई हो इसलिए सब की संतुष्ट देनें के पुण्य कार्यो के लिए वे पूरी गीत संगीत के तप की साधना कर अपने प्रतिभागी चयनित गायक और गीत की प्रस्तुति मंच पर दिलवाते है यही वजह है कि....गाता रहे मेरा दिल... कार्यक्रम का श्रोता बड़ी बेसब्री से इंतज़ार करते  है इस बार के कार्यक्रम में उन्होंने सहयोगी गायकों से प्रेम, विरह, तकरार, रूमान, फास्ट सॉन्ग सहित सोलो गीतों को क्रमशः प्रस्तुत करवाया लगभग चार  घंटे अवधि  वाले कार्यक्रम में कोई भी ऐसा श्रोता नही था जिसने उठ कर घर जाने का विचार किया हो वे  सीट में जड़वत हो कर सभी गीत को मंत्र मुग्ध हो कर आनंद उठाते रहे वहीं...गाता रहे मेरा दिल...के संरक्षक तिलक पटेल की आवाज़ और सुर में बहुत अधिक सुधार आ चुका है  या ये कह लें कि प्रस्तुत गीतों के पीछे उन्होंने कसरत से मेहनत किया और प्रत्येक शब्दों को रटने का भरपूर प्रयास किया फिर भी उर्दू शब्द में उनकी कुछ कमी नज़र आती है  वरिष्ठ गायिकाओं में अनुभा जी एवं पूजा मैडम को बेहतर परफॉर्मेंस देने के लिए उन्हे स्मृति चिन्ह दे कर सम्मानित किया गया वही निलिमा मैडम एवं उर्मिला मैडम ने अपनी सुमधुर  सुरीले गीतों से ऐसा ताल मेल बिठाया जिसे सुनकर श्रोता झूमने लग गए  गायको में विश्वजीत जी एवं विनोद देवांगन की आवाज़ में संजीदगी के साथ ऐसा अल्हड़ पन था कि हर गीत पर श्रोता वाह वाह कह उठे   शहज़ाद खान ने सोलो एवं फास्ट गीतों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को झूमने विवश कर दिया वही विशन पटेल अख्तर शरीफ ने अपनी आवाज से न्याय किया और वे पूरी मेहनत कर श्रोताओं की  अपेक्षा में खरे उतरने मे कामयाब रहे 

     गाता रहे मेरा दिल म्युजिकल् ग्रुप की इस  किशोर द की पुण्य तिथि पर विशेष पेशकश का आयोजन किया जाना वाकई में बेहद सुखद एवं अविस्मरणीय पल रहा जो  कार्यक्रम के सफल होने की ओर इंगित करता है  इसकी खास वजह यह भी है कि एक ही ढर्रे पर केंद्रित गीतों की प्रस्तुति श्रोताओं में उबाऊपन ला देता है इस वजह से चयन कर्ताओं ने उन गीतों का ही चयन किया जो श्रोताओं की अपेक्षा में नयापन ला सके जबकि अमूमन देखा यही जाता है कि गीत संगीत के कार्यक्रम में उन्ही गीतों को समाहित किया जाता है जो लोगो की जुबान में रचे बसे हो जिसकी वजह से सुर ताल आवाज़ की निरसता श्रोताओं को बोझिल बना देती है तथा श्रोता भी औपचारिकता निभा कर कार्यक्रम की इति श्री मान लेते है परंतु...गाता रहे मेरा दिल...के डायरेक्टर नवाब कादिर गीत संगीत के मामले में कोई समझौता नही करते वे प्रस्तुत गीतों की जम कर कलाकारों से रियाज़ तो करवाते ही है उसके साथ ही संगीत ट्रैक पर भी पैनी नज़र रखते है यही कारण इस दफा स्पेशल ट्रैक बनवाये ताकि श्रोता और गायक दोनों सुन कर झूम जाए और इस प्रयोग पर वे कहीं हद तक सफल भी हुए इसका उदाहरण यह है कि जितने भी श्रोताओं ने उक्त कार्यक्रम को सुना देख उसकी भूरि भूरि प्रशंसा किये बगैर नही थक रहे है .जो उनकी सफलता का माप दंड माना जा सकता है जिसके लिए वे इस का श्रेय अपने म्युजिकल् ग्रुप....गाता रहे मेरा दिल...की पूरी टीम को देते है.सबसे बड़ी बात यह है कि पचास गानों कि लंबी फेहरिस्त को अंजाम तक पहुँचने मे मंच के खेवैया, सेतु साहू का विशेष योगदान रहा जिन्होंने एक या दो सारगर्भित् शेरों शायरी बोलकर सीधे गायकों को मंच पर आमंत्रित करते गए जो समय से आधे घंटे पूर्व तक कार्यक्रम समापन की ओर पहुँच गया था.. 

गुरुवार, 9 अक्टूबर 2025

बिहार चुनाव सब के लिए चुनौती बड़ी

 

              बिहार चुनाव  सब के लिए चुनौती बड़ी



अर्जुन तिवारी

 रायपुर (मिशन पॉलिटिक्स न्यूज़) बिहार चुनाव में इस बार सीट शेयरिंग में सभी मुख्य राजनीतिक पार्टियों का पसीना छूटने लगा है एक ओर भाजपा इस बार भी नीतीश कुमार के चेहरे को सामने रख कर चुनाव पिच में कूदने की घोषणा कर चुके है वही दूसरी ओर संगठन में शामिल चिराग पासवान को मनाने में खूब पसीना बहाने मजबूर दिखाई दे रहा है चिराग पासवान की पहले 4 से 5 सीट देकर लाली पाप थमाने वाले भाजपा को इस समय अपने पार्टी को अधिक से अधिक टिकट मांग रखकर सबको चौका दिया है पिछले चुनाव में पासवान की पार्टी जितने भी सीट मिले थे उसमें सभी सीटों में जीत कर आया था उसी के चलते पासवान अधिक सीट की मांग कर रहे है ताकि पार्टी में बिहार के लिए सर्वाधिक दबाव बना सके वहीं दूसरी ओर कल की टी वी डीवीडी में बीजेपी प्रवक्ता नीतीश कुमार ही संगठन में अगले मुख्य मंत्री होने की बात करके सबको चौका दिया है जबकि केंद्रीय स्तर पर ऐसा सर्वाधिक घोषणा अभी नहीं किया गया है वही हाल कांग्रेस पार्टी की है लालू के लाल तेजस्वी यादव न अपने आपको बिहार के अगले मुख्य मंत्री खुद को घोषणा करके कांग्रेस पार्टी को बेकपुट में लाकर खड़ा कर दिया है जब की कांग्रेस पार्टी जीत के आधार पर मुख्य मंत्री बनाए जाने की बात करते आ रहे है मजेदार बात ये भी है कि इस बार के बिहार चुनाव में लालू पुत्र अलग अलग चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके है तेजप्रताप के द्वारा अलग पार्टी बना लेने के बाद तेजस्वी यादव को पसीना पहने में कोई कसर नहीं छोड़ा है अब देखना ये है कि इस बार की बिहार चुनाव में किसका पताका फहराता है और कौन मुख्य मंत्री के आसान में बिराजमान होते है भाजपा इस बार महिला मतदाताओं को लुभाने के लिए दस दस हजार अपनी रोजगार शुरू करने के लिए रकम देकर चाणक्य नीति खेल जरूर खेल है पर विजय श्री मिल जाए ये कहना परिस्थिति को देखते  हुए कठिन ही लगता है वही बिहार चुनाव घोषणा होते ही राहुल गांधी का बाहर रहना किसी के गले नहीं उतर रहा है

रविवार, 5 अक्टूबर 2025

स्व. श्री मांगे राम शर्मा की पुण्यतिथि पर "निशुल्क परामर्श एवं चिकित्सा शिविर" का आयोजन



स्व. श्री मांगे राम शर्मा की पुण्यतिथि पर "निशुल्क परामर्श एवं चिकित्सा शिविर" का आयोजन  



रायपुर, आज रविवार दिनांक 5 अक्टूबर, 2025 को प्रांतीय कार्यालय, प्रोफेसर कालोनी, रायपुर में वर्ल्ड ब्राह्मण फ़ेडरेशन एवं सर्व युवा ब्राह्मण परिषद के प्रदेश अध्यक्ष अरविन्द ओझा और महिला अध्यक्ष नमिता शर्मा की अध्यक्षता में प्रमुख पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गयी जिसमें सर्वसम्मति से वर्ल्ड ब्राह्मण फ़ेडरेशन के संस्थापक एवं पूर्व चेयरमैन स्व. श्री मांगे राम शर्मा जी की पुण्यतिथि पर "निशुल्क परामर्श एवं चिकित्सा शिविर" का आयोजन 6 अक्टूबर, 2025 को एस.के. केयर हास्पिटल, पचपेड़ी नाका, रायपुर में  प्रातः 9 से 3 बजे तक एवं 12 अक्टूबर, 2025 को छत्रपति शिवाजी उ.मा. विद्यालय, प्रोफेसर कालोनी, रायपुर में प्रातः 9 से 12 बजे तक "निशुल्क परामर्श एवं चिकित्सा शिविर" आयोजित करने का निर्णय किया गया. इस शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा परामर्श एवं ब्लडप्रेशर, शुगर, हिमोग्लोबिन, फैटी लिवर आदि की जांच निशुल्क की जाएगी. चिकित्सा जांच एस.के. केयर हास्पिटल के सहयोग से संपन्न की जाएगी.

इस बैठक में प्रमुख रूप प्रदेश महासचिव डाॅ सुनील ओझा, प्रदेश सलाहकार द्वय रज्जन अग्निहोत्री, त्रिभुवन तिवारी, संभागीय अध्यक्ष नितिन झा, महिला महासचिव सुमन मिश्रा, उपाध्यक्ष बबीता मिश्रा, प्रदेश सचिव द्वय वीणा मिश्रा, रामब्रत तिवारी, सांस्कृतिक प्रभारी प्रीति मिश्रा, मीडिया प्रभारी सुमन पाण्डेय, संभीगीय सह सचिव उमेश शर्मा आदि पदाधिकारी उपस्थित थे. बैठक का संचालन नमिता शर्मा एवं धन्यवाद ज्ञापन रज्जन अग्निहोत्री ने किया.