बगिया का फूल छ्ग का सिरमौर बन प्रदेश में लिख रहा विकास की नई इबारत
संदर्भ - मुख्यमन्त्री विष्णुदेव साय पर केंद्रित लेख
संकलन /लेख
अलताफ़ हुसैन
रायपुर (मिशन पॉलिटिक्स न्यूज़) सही मायनों में भारत महानगरों,शहरों के , क्रांकिट के जंगल में नही बल्कि दुरस्था ग्राम क्षेत्रों के लहलहाते फसलों में कार्य करते आम जनता के मन में बसता है जहाँ की सोंधी मिट्टी, लहलहाते खेत,ऊँचे पहाड़, मदमस्त कर देने वाली वनों की चलने वाली ठंडी पुरवाई,में जब गगन चुंबी पेड़ पौधे झूमते है तब ऐसा प्रतीत होता है जैसे एक एक पत्ता मदमस्त होकर भारत देश की स्तुति गान कर रहे हो यह दृश्य भारत में बसने वाले ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी दृष्टिगोचर होता है वहाँ पर निवासरत एक आम व्यक्ति जब साधन, संपन्नता के अभाव में असाधारण कार्य की जद्दो जहद का बीडा उठाता है तब उसका जीवन बहुत दुरूह एवं संघर्ष पूर्ण हो जाता है परंतु देश मे ऐसे भी जौहरी मौजूद है जिनकी पारखी नज़रें उपेक्षित ग्रामीण क्षेत्रों मे पड़े हीरे की चमक को पहचान जाते है तथा उसको तराश कर समुचित स्थान मे रखते है
उपरोक्त कथन छ्ग राज्य के उस कोहिनूर हीरा के संदर्भ मे कही जा रही है जो छ्ग प्रदेश के छोटे से ग्रामीण क्षेत्र बगिया का साधारण कृषक पुत्र है जो कभी स्वप्न में भी नही सोचा होगा कि वह छत्तीसगढ़ राज्य का सर्वोच्च पद मुख्यमन्त्री के रूप में बैठेगा परंतु उस हीरे की चमक को एक ही नज़र मे देश के यशस्वी प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने अपने मंत्री मंडल के कार्यकाल में कथित हीरे को परखाऔर प्रथम दृष्टि में साधारण सा दिखने वाले असाधारण व्यक्तित्व को पहचाना और उन्हे 13 दिसंबर 2023 को प्रदेश की मुख्यमन्त्री के रूप में ताजपोशी की घोषणा कर दी तत्कालीक छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्यमन्त्री पद के बहुत से ऐसे भी दावेदार थे जो साधन संपन्न क्षेत्रों से आते थे परंतु देश के प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने गुरु द्रोणाचार्य की भाँति उस एकलव्य से उसका अंगूठा मांगने की बजाय हाथ मे तीर धनुष थमा कर एक और अर्जुन खड़ा कर दिया यहाँ बात छत्तीसगढ़ के सहज,सरल, मिलनसार,मुख मे चिर परिचित गंभीर परंतु दृढ़ संकल्पित मुस्कान, ललाट मे सूर्य की तेज लिए, सर्व हारा,जन हितैषी एवं कर्तव्य निष्ठा,व्यक्तित्व के धनी माननीय मुख्यमन्त्री श्री विष्णु देव साय के संदर्भ मे कही जा रही है जिन्होंने बाल्य काल से ही शोषित वर्गों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास उन्नति की मुख्यधरा से जोड़ने का जज़्बा रहा यही वजह है कि युवा होते हुए उन्होंने ग्रामीण राजनीति मे उतर गए क्योंकि जशपुर जिले का एक प्रसिद्ध और छोटा सा गांव बगिया में उनका जन्म साधारण कृषक परिवार के घर में 21 फरवरी 1964 को हुआ था उनके पिता स्वर्गीय राम प्रसाद साय और माता जसमनी देवी ने बहुत स्नेह से उनका लालन पालन किया उनकी प्राथमिक शिक्षा कुनकुरी के लोयोला उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से हायर सेकेंडरी तक शिक्षा प्राप्त की पश्चात उनका विवाह 1991 में कौशल्या साय से संपन्न हुआ जिनसे , एक बेटा और दो बेटियां हुई युवा काल में ही वे कृषि के अलावा स्थानीय राजनीति मे सक्रिय हो गए थे वर्ष 1989 में वे पंचायत स्तर ग्राम पंचायत बगिया में साधारण पंच के रूप से अपनी राजनैतिक की शुरुआत की आगामी पंचायत चुनाव वर्ष 1990 में उन्होंने समर्पित सेवा भाव से ग्राम बगिया क्षेत्र में ऐसा कार्य किया कि सभी ग्रामवासी उनके मुरीद हो गए कहा जाता है कि पूत के पांव पालना मे नज़र आ जाता है वैसा ही राजयोग का प्रबल योग गति ने धीमे कदम से राजनीति में रखते हुए श्री विष्णुदेव साय के एक वर्ष के अल्प कालिक कार्य काल में पहले पंच के रूप मे रहे पश्चात एक वर्ष में ही वे निर्विरोध सरपंच चुने गए इस दरमियान वे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ(आर एस एस) में एक साधारण कार्यकर्ता के रूप मे लगातार जुड़े रहे तत्कालिक दौर में क्षेत्र के कद्दावर नेता दिलीप सिंह जुदेव और उनके परिवार से लगातार संपर्क रहा तथा राजनीति सहित विभिन्न मुद्दों पर उनसे राय मशवरा लेते रहे शनैः शनैःअपना राजनीति कद भी बढ़ाते रहे ग्रामीण पंचायत राजनीति से सरपंच पद की प्रारंभिक राजयोग की शुरुआत ने उन्हे स्थानीय शहरी क्षेत्रों की राजनीति से सीधे केंद्र सरकार की राजनीति में ले जाकर बिठाया वे इस दरमियान विभिन्न महत्वपूर्ण पदों मे आसीन होकर अपने क्षेत्रों का सफलता पूर्वक प्रतिनिधित्व किया कथित कार्यकाल में वे वर्ष 1990 से 1998 तक मध्यप्रदेश के तपकरा विधान सभा मे सदस्य रहे इसके पश्चात वर्ष 1999, 2004, 2009 और 2014 में लगातार चार बार रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुने गए और क्षेत्र के जनहित मुद्दों को समय समय पर उठाते रहे साथ में उसका निराकरण भी करते रहे वे जमीनी स्तर से जुड़े आदिवासी नेता थे तथा सब के सुख दुख मे सदैव साथ खड़े रहना उनका मूल कर्तव्य था इसकी वजह से उनका जनाधार लगातार बढ़ता गया फिर वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में इस्पात, खान, श्रम और रोजगार राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाली उसी कार्यकाल के दौर में माननीय श्री नरेंद्र मोदी जी के संपर्क में रहते हुए उनसे लगातार मुलाकात होती रही तभी उनकी पारखी नज़रों ने छत्तीसगढ़ के कोहिनूर हीरा कहे जाने वाले वर्तमान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को परखा तथा उन्हे प्रदेश की बागडोर सौंपी
छग के यशस्वी मुख्य मंत्री विष्णुदेव साय जी के कृतित्व एवं व्यक्तित्व दोनों मे समानता नजर आती है वे पूर्व मुख्यमन्त्री डॉ रमन सिंह से कार्यशैली से काफी प्रभावित रहे तथा उनके ही कार्य काल की तर्ज पर बहुत सी शासकीय योजनाओं का क्रियानव्यन इस बार भी दोहरा रहे है जो आज भी पूरी तरह सफलता का कुंजी साबित हो रहा है उन्होंने छ्ग की समस्त योजनाओं में सभी वर्गों का विशेष ध्यान रखते हुए कार्य कर रहे है जिनमें मुख्यतः मातृ सशक्तिकारण की दिशा में महतारी वंदन योजना, कृषको के उत्थान के लिए कृषक उन्नत योजना, जिसमें बीज खाद की उपलब्धता से लेकर ऋण प्रदान करना फसलों की समर्थंन मूल्य 3100 की निर्धारित दर पर क्रय करना, श्रमिक वर्ग के बच्चों के लिए नोनी सशक्तिकारण योजनाएं समाहित की गई है जिसका प्रत्येक वर्ग के लोगो को उनके खाते में सीधा लाभ मिल रहा है दीन दयाल उपाध्याय भूमि कृषिहीन कल्याण योजना के तहत भूमिहीन कृषक मजदूर को प्रति वर्ष दस हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है यही नही मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना जिसमें मेधावी शिक्षा प्रोत्साहन समान राशि श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति और मेधावी छात्रों को ₹1 लाख से ₹2 लाख तक की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है जिसमें छात्राओं को स्कूटी भी दी जाती है
महिलाओं के स्वस्थ्य और सुरक्षा की दृष्टि से प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत रसोई गैस एलपीजी कनेक्शन प्रदान किया गया है इसके अलावा मोबाइल वेटरिनरी यूनिट (पशु चिकित्सा)एवं खेल प्रोत्साहन योजना सहित आज प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में एक अदद मकान निर्माण करने की लालसा रहती है जो आम जनता के लिए बहुत बड़ी समस्या और चुनौती बन चुका है जिसके निराकरण हेतु प्रत्येक व्यक्ति के अपना घर अपना आवास निर्माण पीएम आवास योजना के नाम से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों मे लागू किया है जिसकी वजह से बहुत से नागरिकों का अपना स्वयं का मकान का सपना साकार हो गया है इसके अलावा भी बहुत सी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल की गई है जिनमें शिक्षा के क्षेत्र में स्वामी आत्मानंद स्कूलों का नव निर्माण एवं पुनरुत्थान किया गया है गरीब बच्चों के शिक्षा पर अधिक जोर दिया गया है केंद्र सरकार द्वारा स्वस्थ के क्षेत्र में जारी आयुष्मान कार्ड सहित हमर अस्प्तल में प्रारंभिक् मुफ्त इलाज की व्यवस्था छ्ग की साय सरकार कर रही है जिसका लाभ आम जन को मिल रहा है
छ्ग के मुख्यमन्त्री विष्णु देव साय का एक ही विजन चल रहा है सब का साथ सबका विकास इस समस्त योजना के तहत प्रदेश को विकास एवं उन्नति की ओर ले जाने के साथ विकसित छ्ग को प्रथम पंक्ति में लाना प्रमुखता है नवाचार उद्योग के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन करना भी प्रमुखता मे शुमार है बस्तर जैसे नक्सल वाद क्षेत्रों का समूल नष्ट कर एक नई इबारत लिखी गई अब उन क्षेत्रों में नई विजन के तहत बहुत से उद्योग घरानों ने नवीन मैन्युफैक्चरिंग उत्पाद जैसे फूड से लेकर कपड़े, स्वस्थ्य, दवाइयां इलेक्ट्रानिक कंपनी टी वी , सीमेंट, लोहा जैसी स्थानीय,देशी एवं विदेशी सुप्रसिद्ध निर्माण, कंपनियों को आमंत्रित किया गया है जिसका सारगर्भित परिणाम सामने आने लगे है इच्छुक कंपनी, उद्योगपतियों के लिए छ्ग शासन उद्योग लगाने नियम अनुसार कम राशि में उन्हे भूमि सहित, पानी बिजली, सड़क जैसी सुविधा भी उपलब्ध करा रही है
छत्तीसगढ़ सरकार अंजोर 2047 के विजन पर रूपरेखा तैयार कर चल रही है जिसमें विकसित भारत का विकसित छत्तीसगढ़ राज्य की परिकल्पना को तैयार कर रही है इसका मुख्य उद्देश्य राज्य को एक पिछड़े क्षेत्र से निकालकर अगले 25 वर्षों में अत्यधिक समृद्ध और आत्मनिर्भर मॉडल राज्य के रूप में स्थापित करना है मुख्य लक्ष्य हर व्यक्ति को रोजगार, शिक्षा, स्वस्थ्य, उद्योग, व्यापार, को तरजीह देकर विकसित छत्तीसगढ़ राज्य को हीरे के समान चमकदार बनाना है जिसकी चमक देश ही नही अपितु विश्व के मानस पटल पर चमकेगा यह तभी संभव है जब प्रदेश का मुखिया श्री विष्णु देव साय जैसे हीरक गुण वाले मुख्यमन्त्री ही छत्तीसगढ़ गढ़ राज्य उसकी कांति मय आभा को नवीन योजनाओं के मध्यम से उसके स्वरूप को हीरक मय बना दे तभी वह हीरक छत्तीसगढ़ भी कहलाएगा.



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