शनिवार, 22 अगस्त 2026

अनुठी पहल वन विभाग के दैनिक वेतन भोगियों के आश्रित परिवार को देगा एक लाख रुपया अनुकम्पा अनुदान

 

अनुठी पहल
वन विभाग के दैनिक वेतन भोगियों के आश्रित परिवार को देगा एक लाख रुपया अनुकम्पा अनुदान



रायपुर/ (फॉरेस्ट क्राइम न्यूज़) छत्तीसगढ़ में वर्तमान में भिन्न भिन्न संगठन कार्य कर रहे है लेकिन दैनिक वेतन भोगी वन कर्मचारी संघ ने वन विभाग में कार्यरत   कर्मचारियों के हित में कुछ अलग ही पहचान निर्मित की है, छत्तीसगढ़ दैनिक वेतनभोगी वन कर्मचारी संघ पं.क्र.548 लगातार दैनिक वेतनभोगी भोगी कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा का मुद्दा विगत दस वर्षों से निरंतर उठाते आ रहे है!

यह जानकारी देते हुए  संगठन के महामंत्री राजकुमार चौहान  ने  बताया कि छत्तीसगढ़ में यह पहला ऐसा निर्भीक संगठन देखने को मिला जो अपने विशिष्ट कार्यशैली,दृढ़ मजबुत इरादे के साथ संघर्षरत है, वर्ष 2018 में लगातार 22 दिनों तक वर्ष 2022 में लगातार 34 दिनों तक वही वर्ष 2024 में 48 दिनों तक लगातार अनिश्चित कालीन हड़ताल में रहकर  दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी, वाहन चालक,कम्प्युटर आपरेटर,  डाटा एन्ट्री आपरेटर, कार्यालय सहायक, तेन्दुपत्ता गोदाम सुरक्षा श्रमिको के लिए मुद्दा उठाया! जिसके लिए आज भी निरंतर संधर्ष जारी है

वर्ष 2018 अनिश्चित कालीन हड़ताल में सफलता :- छत्तीसगढ़ में वर्ष 2008 में नियमितीकरण के बाद किसी भी विभाग में दैनिक वेतन भोगी नही माना जाता था और ना ही दैनिक श्रमिक शासन को विभाग के द्वारा निरंक भेजा जाता था,किन्तु छत्तीसगढ़ दैनिक वेतनभोगी वन कर्मचारी संघ ने इस मुद्दा को लेकर रणनीति के तहत लड़ाई लड़कर दैनिक वेतनभोगी मनवाते हुए पहली बार वृत्त स्तर से वरीयता सूची बना!

वर्ष 2022 की अनिश्चित कालीन हड़ताल की सफलता :- संगठन ने पुन : छत्तीसगढ़ दैनिक वेतनभोगी वन कर्मचारी संघ पं.क्र.548 के बैनर तले वर्ष 2022 में 34 दिनों तक अनिश्चित कालीन हड़ताल किया ,

1. उक्त हड़ताल के परिणाम स्वरूप श्रमायुक्त दर पर कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कुशल,अर्धकुशल, अकुशल श्रमिकों को 4,000 रूपया श्रम सम्मान राशि पारितोषिक भुगतान जारी किया गया.


2. दैनिक वेतन भोगी के निधन हो जाने पर उनके आश्रित पीड़ित परिवार के सदस्य को एकमुश्त 01 लाख रूपया अनुकम्पा अनुदान राशि, का भुगतान जारी करवाया जो संघ की बहुत बड़ी उपलब्धि है!


3. हड़ताली दैनिक वेतन भोगियों को 34 दिन हड़ताल अवधि का वेतन भुगतान आदेश जारी!


4. हड़ताली कर्मचारियों के पुन: वापसी सेवामुक्त किये गये कर्मियों की बहाली!


5. दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का नियमितीकरण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया!


वर्ष 2024 की अनिश्चित कालीन हड़ताल के परिणाम :- छत्तीसगढ़ दैनिक वेतनभोगी वन कर्मचारी संघ ने अपनी  लंबित मांगों को लेकर पुन: मैदान में कुदा जिसके परिणाम स्वरूप निम्न मांगे पुरी की गई :-

1. वन विभाग में कुछ वन मंडलों में 24 घंटा ड्युटी लिया जा रहा था जिसे तत्काल बंद कर शासन के नियमानुसार 08 घंटा ड्युटी लिये जाने का निर्देश जारी हुआ!


2. दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों जिनकी सेवा अवधि 02 वर्ष पूर्ण हो गया है उनका स्थायीकरण करने हेतु प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है।


3. कार्यभारित तथा आकस्मिकता निधि सेवा नियम लागु किये जाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया।


4. वन विभाग में 129 दैनिक वेतनभोगी को कार्य से पृथक किया गया उनकी पुन: वापसी !


5. श्रम सम्मान राशि से वंचितों को श्रम सम्मान देने के लिए जारी हुए निर्देश!


6. हड़ताली कर्मचारियों को हड़ताल अवधि का वेतन भुगतान!


सहित कई ऐसे मुद्दे है जिन्हे सकरात्मक पहल से अधिकारियों से समन्वय बनाकर सफलता हासिल किया गया है।

संगठन के महामंत्री राजकुमार चौहान ने बताया कि
वन विभाग के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी एवं श्रमिक अपने संगठन के प्रति समर्पित है जिसके कारण संगठन पूरी निष्ठा और मजबुती के साथ अपना पक्ष रखता है और पहल भी होता है।  कुछ अवसर परस्त लोग स्वयं तो दिशा से भटक गये है और दूसरों को भटकाने का प्रयास कर रहे है, लेकिन वन विभाग के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी संघ भटकने वाला नही है, बल्कि दुगने उत्साह के साथ संगठन को मजबूत करने जुटा हुआ है तथा बाहरी तत्वों द्वारा जो संघ से बाहर किये गये है उनके द्वारा अवसर परस्ति का लाभ उठाते हुए, बरगलाने, बांटने का कुत्सित प्रयास भी किया जा रहा है परंतु दैनिक वेतन भोगी वन कर्मचारी संघ के निष्ठावान पदाधिकारी आज भी पूरी ऊर्जा, विश्वास निष्ठा के साथ डटकर वन कर्मियों के आत्म समान के हितों की सुरक्षा एवं अधिकारों की लडाई लड़ रहे है जिसके प्रभाव से  अन्य अवसर वादी द्वारा लुभावने वादे कर सदस्यों को बरगलने,पथ भ्रष्ट करने का कुत्सित प्रयास किया जा रहा है जिनका  संगठित सदस्यों पर विपरित प्रभाव नही आने वाला.

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