छत्तीसगढ़ दैनिक वेतन भोगी वन कर्मचारी संघ पं.क्र.548 मजबुत संगठन के रूप में उभरी एवंलअनोखी पहल से अपनी छाप छोड़ी है।
छत्तीसगढ़ दैनिक वेतनभोगी वन कर्मचारी संघ की ने संगठन के महत्व को आत्मसात किया है प्रान्ताध्यक्ष रामकुमार सिन्हा ने बताया की संगठन के सिद्धांत वे मूलभूत नियम और दिशा निर्देश हैं जो किसी संस्था, व्यवसाय या प्रशासनिक ढांचे के निर्माण, संचालन और प्रबंधन में मदद करते हैं। ये सिद्धांत कार्यकुशलता बढ़ाते हैं, कर्मचारियों के बीच तालमेल सुनिश्चित करते हैं और लक्ष्यों को प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त करते हैं।
संगठन के प्रमुख सिद्धांतों का संक्षिप्त विवरण निम्नलिखित है:- *उद्देश्यों की एकता (Unity of Objectives):* संगठन के प्रत्येक सदस्य और विभाग को संस्था के सामान्य लक्ष्यों के प्रति स्पष्ट होना चाहिए। सभी प्रयास निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में केंद्रित होने चाहिए।
*कार्य का विभाजन और विशिष्टीकरण (Division of Work):-* संपूर्ण कार्य को छोटे-छोटे भागों में विभाजित किया जाना चाहिए। जब कर्मचारी अपनी योग्यता और रुचि के अनुसार एक ही प्रकार का कार्य बार-बार करते हैं, तो इससे विशिष्टीकरण और कार्यक्षमता में वृद्धि होती है।
*अधिकार और उत्तरदायित्व (Authority and Responsibility):-* निर्णय लेने का अधिकार और काम के प्रति जवाबदेही के बीच संतुलन होना चाहिए। यदि किसी कर्मचारी को कोई जिम्मेदारी सौंपी जाती है, तो उसे उस कार्य को पूरा करने के लिए पर्याप्त अधिकार भी मिलने चाहिए।
*आदेश की एकता (Unity of Command):-* इस सिद्धांत के अनुसार, एक कर्मचारी को केवल एक ही उच्च अधिकारी से निर्देश प्राप्त होने चाहिए। इससे भ्रम, टकराव और दोहरे आदेशों की समस्या से बचा जा सकता है।
*समन्वय का सिद्धांत (Principle of Coordination):-* जेम्स डी. मूने के अनुसार यह संगठन का सबसे प्रमुख सिद्धांत है। यह सुनिश्चित करता है कि संगठन के सभी विभागों और कर्मचारियों के कार्यों में परस्पर तालमेल हो, ताकि कार्यों में दोहराव न हो और उद्देश्य आसानी से पूरे हो सकें।
*नियंत्रण का दायरा (Span of Control):-* एक वरिष्ठ अधिकारी के सीधे नियंत्रण में कर्मचारियों की एक उचित संख्या होनी चाहिए। संख्या इतनी अधिक न हो कि अधिकारी प्रभावी ढंग से पर्यवेक्षण (Supervision) न कर सके।
*पदसोपान (Hierarchy):-* संगठन में शीर्ष से लेकर निम्न स्तर तक अधिकारियों की एक स्पष्ट श्रृंखला होनी चाहिए। यह ऊपर से नीचे की ओर अधिकार और संचार के प्रवाह को बनाए रखने में मदद करता है।
*संगठन के एक दशक में प्राप्त उपलब्धियां :-*
(1) वन विभाग में वर्ष 2008 में नियमितीकरण के पश्चात दैनिक वेतनभोगी भोगी मानना बंद कर दिया था, शासन प्रशासन में दैनिक वेतन भोगी एवं दैनिक श्रमिकों की जानकारी हमेशा निरंक जाता था यह प्रथा वर्ष 2013 तक चला!
(2) छत्तीसगढ़ दैनिक वेतनभोगी वन कर्मचारी संघ ने वन विभाग में प्रचलित रहे विभागीय दर जिसके आधार पर वेतन भुगतान किया जाता था उसका विरोध किया,और श्रमायुक्त दर पर वेतन भुगतान करने के लिये विभाग से आदेश जारी करवाया।
(3) वन विभाग में श्रमायुक्त दर पर वेतन भुगतान कराने के बाद लगातार दैनिक वेतनभोगी मानने के लिये जंग छेड़ दिया लगातार हड़ताल कर विभाग में दैनिक वेतन भोगी मानने के लिये शासन स्तर पर जानकारी भिजवाया।
(4) संगठन के पहल से वन विभाग ने दैनिक वेतनभोगी मानकर पहली बार वृत्त पर वरीयता सूची तैयार किया!
(5) वर्ष 2022 में छत्तीसगढ़ दैनिक वेतनभोगी वन कर्मचारी संघ ने लगातार 34 दिनो तक अनिश्चित कालीन हड़ताल में रहे, प्रमुख सचिव वन विभाग एवं सचिव वन विभाग,प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन बल से चर्चा उपरांत दैनिक वेतनभोगी के निधन पर 01:00 लाख रूपया अनुकम्पा अनुदान पर सहमती बनी और आज भुगतान हो रहा है।
(6) छत्तीसगढ़ दैनिक वेतन भोगी वन कर्मचारी संघ के द्वारा सौपे गये प्रस्ताव पर मुख्य मंत्री, व उप मुख्य मंत्री के अनुमोदन पश्चात समस्त शासकीय विभागों में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी को 4,000 रूपया श्रम सम्मान देने की घोषणा की यह संगठन की अनुठी पहल रहा!
(7) छत्तीसगढ़ में पहली बार संगठन के पहल से दैनिक वेतनभोगी एवं श्रमिकों को हड़ताल अवधि का वेतन भुगतान वर्ष 2022 में 34 दिन का हुआ तथा वर्ष 2024 में 48 दिनो का भुगतान हुआ है।
(8) वर्ष 2024 में निरंतर 48 दिनों तक अनिश्चित कालीन हड़ताल के परिणाम स्वरूप स्थायीकरण एवं आकस्मिकता कार्यभारित का प्रस्ताव शासन स्तर पर गया।
छत्तीसगढ़ दैनिक वेतनभोगी वन कर्मचारी संघ पं.क्र.548 निरंतर अपनी कामयाबी की ओर बढ़ रहा है, वन विभाग के दैनिक वेतनभोगी,वाहन चालक, कार्यालय सहायक, कम्प्युटर आपरेटर,डाटा एन्ट्री आपरेटर,दैनिक श्रमिक चट्टानी ईरादा के सांथ संगठन में जुड़े हुए है और संगठन को मजबुती प्रदान किये हैं।
*संगठन एकता शायरी, संगठन पर कविता*
टकराने की मत करना कोशिश संगठन मेरे साथ है!
अकेला समझने की मत करना कोशिश मेरी हिम्मत मेरे पास है!!
डराना अब किसी के बसकी बात मेरी जान मेरे साथ है!
संगठन की ताकत से आज वो बहुत बड़ा हो गया!
जिसने उसे वहां पहुंचाया आज उसी को बर्बाद करने तैयार हो गया!!
जरा संभल जा क्यों अपनी कब्र खोदने को तैयार हो गया।
जिस परिवार में अच्छा संगठन हो वो परिवार खुशनुमा होता है, घायल कोई करना चाहे तो एक होकर वार करता है!!
संगठन ही एक ऐसा परिवार है जहां पर अपनो का प्यार मिलता है।
प्रेषक
रामकुमार सिन्हा
प्रान्ताध्यक्ष
छत्तीसगढ़ दै.वे.भो.वन कर्मचारी संघ पं.क्र.548

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