प्रदेश के वन मंत्री केदार कश्यप ने नंदनवन जू, जंगल सफारी पर्यटकों को दी नई सौगात
अलताफ हुसैन
रायपुर (छत्तीसगढ़ वनोदय) छ्ग प्रदेश का वह ऐतिहासिक दिन जब देश के यशस्वी प्रधान मंत्री माननीय श्री नरेंद्र मोदी जी ने प्रदेश भर की जनता के लिए पर्यटन स्थल के रूप में नया रायपुर अटल नगर स्थित मानव निर्मित जंगल सफारी का गरिमामयी उपस्थिति मे एक नवंबर 2016 को उद्घाटन कर वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में ऐतिहासिक क्षण के सुनहरे पन्ने मे दर्ज कर दिया था जिसका कवरेज देश विदेश की सुप्रसिद्ध मीडिया संस्थानों ने किया यहाँ तक देश के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा पिंजरे में कैद शेर की तस्वीर क्लिक करते नज़र आए थे उक्त छाया चित्र खूब वायरल हुआ था जिसका परिणाम यह हुआ कि पर्यावरण एवं वन्य प्राणी प्रेमियों सहित पर्यटक बड़ी संख्या में जंगल सफारी नवा रायपुर की ओर रुख करने लगे एशिया का मानव निर्मित जंगल सफारी, नंदन वन जु इन दस वर्षों में लगातार अनेक नवीन योजनाओं और कार्यक्रम के मध्यम से पर्यटकों का लगातार आकर्षण का केंद्र बिंदु बना हुआ है
इस श्रृंखला में नवा रायपुर स्थित नंदन वन पक्षी विहार जु एवं जंगल सफारी में पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए देशी विदेशी अनेक नवीन प्रजाति के वन्य प्राणियों के दर्शन हेतु विभाग द्वारा समय समय पर अमूलचुल् परिवर्तन किये जाते रहे है ताकि पर्यटक नए वन्य प्राणियों के मध्य उत्साह पूर्वक सह परिवार जैव विविधता से परिपूर्ण नंदन वन जू एवं जंगल सफारी वन भ्रमण कर अधिक लाभ उठा सके इन दस वर्षों में नंदन वन पक्षी विहार जू जंगल सफारी में अनेक देशी विदेशी पक्षियों का आकर्षण देखने मिल जाता है जिसमें रंग बिरंगे तोता, मैना, तितर जंगली मुर्गी,सहित अनेक प्रवासी पक्षी यहाँ परिवर्तित मौसम में इनकी लगातार आमद बनी रहती है तथा संपूर्ण पक्षियों के मधुर कलरव से क्षेत्र गुँजयमान रहता है जिन्हे पर्यटक प्राकृतिक रूप से उनका दर्शन कर प्रफुल्लित होते रहते है जंगल सफारी में नवीन योजनाओं के तहत अनेक नई नस्ल के आकर्षक विदेशी वन्य प्राणियों जिनमे मुख्यतः ज़ेब्रा जैसे खूबसूरत वन्य प्राणी लाकर जंगल सफारी को पर्यटकों के लिए नई सौगात देने का प्रयास किया जाता रहा है जिस प्रकार जंगल सफारी में ज़ेब्रा लाया गया उसी प्रकार चिंपाजी को यहाँ लानें विशेष योजना बनी हुई है वही हाथी घोड़ा, ऊँट विदेशी डॉग जैसे बहुत से वन्य प्राणी लानें विचार किया जा रहा है जंगल सफारी में यहाँ अब तक हिंसक एवं शाकाहारी शेर,भालू,बाघ,चीता,हिरणनील गाय, कोटरी, सहित अनेक प्रजाति के वन्य प्राणियों का रहवास बना हुआ है जिन्हे खुले आबो हवा प्राकृतिक मुक्त वातावरण में बड़ी सहजता से विचरण करते दर्शन किया जा सकता है
नंदन वन पक्षी विहार जू एवं जंगल सफारी जो लगभग 320 हेक्टेयर,लगभग 800 एकड़ भूमि क्षेत्र में निर्मित है वहाँ अनेक बाड़े निर्माण किये गए है ताकि मौसम अनुकूल प्रकृति वातावरण निर्मित किया जा सके इसके अलावा जलचर, प्राणियों मगर घड़ियाल,के लिए अतिरिक्त माकुल व्यवस्था प्रबन्धन द्वारा की गई है तितली विहार, जहाँ रंग बिरंगे फूलों पौधों का निर्माण किया गया है ताकि उन्हे यहाँ प्राकृतिक हरा भरा माहौल मिल सके तथा आहार के रूप में फूलों का रस पान कर सके वही जहरीले एवं साधारण सर्प का बाडा जिसे स्नेक पार्क भी बनाएं गया है जिसमें सभी प्रजाति ज़हरीले, साधारण सर्प को रखा जाना भी बताया गया है जो पर्यटकों को आकर्षित और रोमांचित करता है
पर्यटन को अधिक से अधिक बढ़ावा देने के बहुउद्देशिय योजनाओं के मध्यम से वन विभाग एवं प्रबन्धन द्वारा समय समय पर बहुत सी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती रही है पर्यटकों की सुविधा को ध्यान मे रखते हुए नवाचार के रूप में इस बार इलेक्ट्रिक वाहनों, जलाशय क्षेत्र में बोटिंग सुविधा के लिए नवीन व्यवस्था उपलब्ध की गई है जैसे ही पर्यटक जंगल सफारी में प्रवेश करते है उन्हे बैटरी चलित इलेक्ट्रिक वाहन से सफारी नौका विहार तक पहुंचाया जाता है जहाँ इलेक्ट्रिक वाहन बस इत्यादि से संपूर्ण क्षेत्र का भ्रमण कराया जाता है पर्यटकों को कम समय मे अधिक से अधिक पर्यटन को विकसित करने एवं व्यवस्था एवं सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए छ्ग प्रदेश के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के लोकप्रिय मंत्री केदार कश्यप की दूर दर्शी सोच एवं कुशल मार्ग दर्शन मे नंदन वन जू और जंगल सफारी के लिए पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से पर्दूषण रहित इलेक्ट्रिक वाहन, एवं बोटिंग सुविधा का अत्याधुनिक व्यवस्था की गई है जिससे पर्यटकों को कम समय मे अधिक से अधिक भ्रमण का लाभ प्राप्त हो सके इसके लिए वन विभाग एवं नंदन वन जू,एवं जंगल सफारी प्रबन्धन द्वारा पर्यटन सहित आवागमन व्यवस्था, वन्य प्राणियों के खानपान, को ध्यान में रखते हुए प्रवेश शुल्क से लेकर भ्रमण तक में वृद्धि करने पर विचार कर रहा है संभवतः भ्रमण शुल्क जून माह 2026 के प्रथम सप्ताह से दोगुनी होने की बात कही जा रही है
प्रदेश के वन मंत्री केदार कश्यप ने नवाचार प्रणली के तहत तथा देश के यशस्वी प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ईधन बचत संकल्प को ध्यान मे रखते हुए इलेक्ट्रिक वाहन एवं नौका विहार बोटिंग का विकल्प के रूप में चयन किया इसके लिए वन विभाग के भारी भरकम अधिक व्यय बजट करने के बजाए इलेक्ट्रिक वाहन बोटिंग को तरजीह दिया तथा विभाग द्वारा सीधे वाहन निर्माता कंपनी से आर्थिक साझा कर नवीन व्यवस्था कायम की गई जिसका सीधा लाभ पर्यटकों को मिलेगा इस संदर्भ में ज्ञात हुआ है कि वर्तमान में सात इलेक्ट्रिक बस एवं पांच जिप्सी लिया गया है जिसकी संख्या भविष्य में अधिक बढ़ाई जा सकती है लिए गए बस और जिप्सी के बारे मे बताया जाता है कि यह वातावरण में शांत कम प्रदूषण एवं अत्यधिक शोर शराबा कोलाहल से ध्वनि रहित परिपूर्ण है इसके परिचालन से वन्य प्राणियों में खौफ भय गुस्सा उत्तेजना की अनुभूति नही होगी तथा वे निश्च्छल, शांत प्रकृति वातावरण मे निर्भय होकर विचरण करते दृष्टि गोचर रहेंगे तथा पर्यटकों को भी सहजता से इनका दर्शन लाभ मिल सकेगा वही बोटिंग के लिए अत्याधुनिक बोट लिया गया है जिसमें सह परिवार सहित सुविधाजनक स्थिति में निर्भय होकर जल विहार का आनंद उठा सकेंगे इसके अलावा पॉटन बोट, बांस रॉफ्टस एवं कायक व वॉटर बाइसिकल जैसी सुविधा उपलब्ध की गई है जिसमें सुरक्षा कवच के साथ जल क्रीड़ा का आनंद लिया जा सकता है
परिवारिक माहौल में नवा रायपुर स्थित नंदन वन जू एवं जंगल सफ़ारी पर्यटन क्षेत्र भ्रमण के दौरान मोबाइल द्वारा बहुत से अविस्मरणीय पल को सेल्फी के मध्यम से सहेजा जाना आम बात है लेकिन उक्त पल,अवधि, दिन को सदैव अक्षुण्य बनाए रखने के उद्देश्य से प्रबन्धन एवं विभाग द्वारा ऐसे शॉप का निर्माण की है जिसमें प्रदेश की कला, संस्कृति,पर आधारित अनूठी हस्त शिल्प कलात्मक वस्तुयें विक्रय हेतु रखी गई है जिसे पर्यटकों द्वारा क्रय कर स्मृति चिन्ह के रूप में इसे वर्षों तक सहेजा जा सकता है यही नही पर्यटन स्थल के रूप मे विकसित नवीन योजनाओं के पहल से स्थानीय ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगार युवक युवतियों को रोजगार उपलब्ध हो सकेगा साथ ही महिलाएं भी आत्म निर्भर होकर सम्मान जनक जीवन व्यतीत कर सकेंगे इसके लिए बहुत सी निज कंपनिया इस ओर करोड़ों रुपये का निवेश करने दिलचस्पी दिखाई है जो भविष्य मे पर्यटन स्थल के लिए मील का पत्थर साबित होगा
पर्यटकों को दी जाने वाली इलेक्ट्रिक वाहन सुविधा के विशेष अवसर पर प्रदेश के वन मंत्री श्री केदार कश्यप द्वारा नवीन इलेक्ट्रिक वाहनों को हरी झण्डी दिखा कर अपने संक्षिप्त उद्बोधन मे कहा कि प्रदेश के मुख्य मंत्री विष्णु देव साय जी के कुशल नेतृत्व में तथा देश मे आए ईधन संकट के बीच मे देश के यशस्वी प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ईधन बचत के अवहान एवं दिशा निर्देश का अक्षरशः पालन करते हुए हमने इलेक्ट्रिक वाहन का चयन कर सीधे कंपनी से आर्थिक साझेदारी की है जिसके उपयोग से पर्यावरण सुरक्षित एवं संतुलित रहेगा साथ ही प्रदूषण से निजात मिलेगी तथा आमजन के स्वास्थ्य पर भी दुष्प्रभाव नही पढ़ेगा वन मंत्री केदार कश्यप ने आगे कहा कि हमें छत्तीसगढ़ प्रदेश को पर्यटन के मामले मे वैश्विक मानचित्र के रूप मे विकसित करना है जिसकी शुरुआत नवाचार के रूप मे इलेक्ट्रिक वाहनों का क्रय कर विभाग एवं कंपनी से सीधे आर्थिक साझेदारी करना हमारे लिए एक नई दिशा की ओर पहला कदम बढ़ाना साबित हुआ है साथ ही स्थानीय बेरोजगारों के लिए नव सृजन के रूप में रोजगार व्यवस्था का मार्ग भी प्रशस्त हुआ है
इस विशेष अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप के अलावा अभनपुर विधायक इंद्रकुमार साहू, सहित अनेक जन प्रतिनिधि तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही श्रीनिवास राव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) श्री अरुण कुमार पांडेय, प्रबन्ध संचालक छ्ग राज्य लघु वनोपज संघ, श्री अनिल कुमार साहू, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्रीमती शालिनी रैना, मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी श्री गुरुनाथन एन. संचालक जंगल सफारी श्री थ्रेजस शेखर सहित बड़ी संख्या में वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे






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