सोमवार, 15 फ़रवरी 2021

रायपुर में रहस्यमय तरीके से ट्रेन से लापता हुई महिला, 7 दिन बाद भी नहीं मिला कोई सुराग

 



 फॉरेस्ट क्राइम न्यूज़ 15 फरवरी 2021आकांक्षी अपने पति सुखवीर शर्मा के साथ विशाखापत्तनम घूमने गई थीं और 6 फरवरी को कोरबा लौटते समय सुबह के करीब 7.15 बजे रायपुर में ट्रेन से अचानक लापता हो गईं. बता दें कि कोरबा में सुखवीर शर्मा के बड़े भाई जसवीर शर्मा रहते हैं जिनके घर उन्हें वापस लौटना था.

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में यात्रा के दौरान एक महिला रहस्यमय तरीके से ट्रेन से लापता हो गई हैं. यह घटना 6 फरवरी की है. महिला का नाम आकांक्षी है जो अपने पति और 6 साल के बच्चे के साथ विशाखापत्तनम से घूम कर वापस अपने जेठ के घर कोरबा लौट रही थीं. जीआरपी और रेल प्रशासन की लाख कोशिशों के बाद भी महिला का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है.

लापता महिला आकांक्षी के मामा शिव कुमार भारद्वाज के मुताबिक आकांक्षी अपने पति सुखवीर शर्मा के साथ विशाखापत्तनम घूमने गई थीं और 6 फरवरी को कोरबा लौटते समय  सुबह के करीब 7.15 बजे रायपुर में ट्रेन से अचानक लापता हो गईं. बता दें कि कोरबा में सुखवीर शर्मा के बड़े भाई जसवीर शर्मा रहते हैं जिनके घर उन्हें वापस लौटना था.

शिव कुमार भारद्वाज ने बताया कि इसके बाद उनके पति ने ट्रेन से उतर कर रेल थाने में अपनी पत्नी के लापता होने की रिपोर्ट लिखवाई जिसकी जांच अभी भी रेल पुलिस कर रही है. आकांक्षी के मामा ने कहा, 'स्टेशन पर लगे सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि रायपुर में उनकी भांजी (आकांक्षी)  ट्रेन में चढ़ी लेकिन अपने पति को नहीं मिली और उसके बाद से लापता है.'

शिवकुमार भारद्वाज ने बताया कि भांजी के साथ ही उसका और पति दोनों का फोन भी गुम है. लेकिन यहां हैरान करने वाली बात ये है कि जहां महिला का फोन लापता होने के दिन से ही बंद आ रहा है, वहीं उनके पति का फोन घटना के बाद भी चार दिनों तक एक्टिव रहा है. रेल पुलिस को इसकी जानकारी मोबाइल नंबर के सीडीआर से भी मिली है. पुलिस ने जब लापता महिला के पति के फोन को ट्रैक किया तो जिस दिशा में वो ट्रेन जा रही है उसी दिशा में फोन भी ट्रैक हो रहा है.

शिवकुमार ने बताया कि इसके बाद जीआरपी ने उस ट्रेन की कई बार तलाशी ली लेकिन फोन या महिला का कोई पता नहीं चला. ट्रैकिंग के दौरान 11 फरवरी के बाद से वो फोन भी अब बंद आने लगा है. उन्होंने कहा कि उनके परिवार को कोई अंदाजा नहीं है कि महिला को किसी ने अगवा किया है या फिर वो नशाखुरानी गिरोह की शिकार हुई है.

लापता महिला के मामा ने बताया कि आकांक्षी के ससुराल में भी कोई विवाद नहीं है और वो बहुत अच्छे ढंग से रह रही थी. ऐसे में पूरा परिवार परेशान है और आकांक्षी की सलामती की दुआ मांग रहा है. अगर आप लोगों में से किसी को भी महिला के बारे में कोई जानकारी मिलती है तो आप इस मोबाइल नंबर 7011241885 पर संपर्क कर उनकी जानकारी दे सकते हैं.

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शिवकुमार ने बताया कि इसके बाद जीआरपी ने उस ट्रेन की कई बार तलाशी ली लेकिन फोन या महिला का कोई पता नहीं चला. ट्रैकिंग के दौरान 11 फरवरी के बाद से वो फोन भी अब बंद आने लगा है. उन्होंने कहा कि उनके परिवार को कोई अंदाजा नहीं है कि महिला को किसी ने अगवा किया है या फिर वो नशाखुरानी गिरोह की शिकार हुई है.

लापता महिला के मामा ने बताया कि आकांक्षी के ससुराल में भी कोई विवाद नहीं है और वो बहुत अच्छे ढंग से रह रही थी. ऐसे में पूरा परिवार परेशान है और आकांक्षी की सलामती की दुआ मांग रहा है. अगर आप लोगों में से किसी को भी महिला के बारे में कोई जानकारी मिलती है तो आप इस मोबाइल नंबर 7011241885 पर संपर्क कर उनकी जानकारी दे सकते हैं.

रविवार, 14 फ़रवरी 2021

दैनिक वेतन भोगियों को समर्थन का आह्वान

रायपुर छग वन कर्मचारी  दैनिक वेतनभोगी  संघठन के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार शर्मा ने समस्त छग वन कर्मचारी संगठन के दैनिक वेतन भोगियों कर्मचारियों से शासन के दोहरी नीति के विरुद्ध  एक मत होने का आह्वान किया है उन्होंने समस्त कर्मचारियों से अपील की है कि समस्त दैनिक वेतन भोगी संगठन एक हो जाएं  और अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ें

सोमवार, 1 फ़रवरी 2021

सीधी भर्ती पर रोक लगाने दै.वे.भो.वन कर्मचारी संघ ने वन मंत्री मो.अकबर को ज्ञापन सौंपा

 सीधी भर्ती पर रोक लगाने दै.वे.भो.वन कर्मचारी संघ ने वन मंत्री मो.अकबर को ज्ञापन सौंपा  


रायपुर(फॉरेस्ट क्राइम न्यूज़) छग वन जलवायु परिवर्तन विभाग के द्वारा सीधे नए भर्ती का पत्र जारी कर और वरिष्ठ दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को बजट का अभाव बताकर उन्हें विभागीय कार्यों से पृथक किए जाने  को लेकर छग वन कर्मचारी संघ ने इस पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है इस तारतम्य में संघटन के पदाधिकारियों ने  भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग ज्ञापन सौंप कर वन मंत्री मोहम्मद अकबर एवं वन बल प्रमुख राकेश चतुर्वेदी से की है  

 इस संदर्भ में छग दैनिक वेतन भोगी वन कर्मचारी संघ के उपाध्यक्ष अरविंद वर्मा,एवं प्रदेश महामंत्री रामकुमार सिन्हा,एवं राजकुमार शर्मा ने संयुक्त विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया कि छग राज्य के वन मंत्री मोहम्मद अकबर के नाम की आड़ में प्रदेश के वन विभाग में भारी संख्या में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की भर्ती की जा रही है जिनमे कंप्यूटर ऑपरेटर,वाहन चालक,इत्यादि  शामिल है  दैनिक वेतन वन कर्मचारी संघ का कथन है कि पूर्व में वर्षों से कार्यरत समस्त दैनिक वेतन भोगी वन कर्मचारियों को बजट का अभाव में समय पर वेतन न देकर उन्हें आर्थिक मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताडित किया जाता है पश्चात उन्हें कार्यों से पृथक कर दिया जाता  है वही विभाग द्वारा नित नए नए  भर्ती माननीय वन मंत्री के नाम पर किए जा रहे संघ ने सवाल उठाया है कि जब कर्मचारियों के वेतन हेतु बजट का अभाव बताया जाता है तो नए भर्ती किस आधार पर किए जा रहे दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के वेतन के लिए कहां से बजट आ रहा है ? उन्होंने बताया कि पूर्व में भी इस विषय को लेकर कर्मचारी पदाधिकारी प्रदेश के यशस्वी मुख्य मंत्री भूपेश बघेल को अपनी व्यथा से अवगत करा चुके है जिस ओर उन्होंने  संवेदनशीलता पूर्वक विचार करने का आश्वासन  दिया था   फिर भी अब तक इस ओर सारगर्भित कदम नही उठाया गया राज्य शासन के इस दोहरी नीति के विरुद्ध दैनिक वेतनभोगी वन कर्मचारी संघ ने मंत्री महोदय के नाम की आड़ में हो रहे भर्ती पर  तत्काल रोक लगाने की मांग की है वही हाल ही में छग राज्य वन विकास निगम में भी सहायक  परियोजना  क्षेत्रपाल,क्षेत्र रक्षक,लेखापाल,कनिष्ठ लेखापाल के लिए सीधे भर्ती पर भी तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है दैनिक वेतन भोगी वन कर्मचारी संघ ने कहा है कि सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी द्वारा चुनावी घोषणा के वायदे के अनुसार  वर्षो से कार्यरत दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को उनकी योग्यता के अनुसार कार्यों में समायोजित कराए जाने का स्मरण कराते हुए पत्र में लिखा है उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग द्वारा सीधी भर्ती कर वर्षों से कार्यरत दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के अधिकारों का हनन किया जा रहा है एवं बजट का अभाव बताकर उन्हें कार्यों से पृथक किया जा रहा है छग दैनिक वेतनभोगी वन कर्मचारी संघ ने चेतावनी दी है कि यदि 109 पदों की सीधी भर्ती पर  तत्काल रोक नही लगाई जाती है तो सीधी भर्ती के विरुद्ध न्यायालय की शरण मे जाने बाध्य होना पड़ेगा  रोक लगाए जाने संबधित पत्र सामान्य प्रशासन सहित समस्त संबंधित विभाग के सचिव अध्यक्ष, वन मंत्री,वन बल प्रमुख को प्रेषित कर दी गई है