मंगलवार, 27 फ़रवरी 2024

सागौन विरलन करना था सौ घन मीटर कर दिया दो सौ तीस घन मीटर बार के डिप्टी का कारनामा

 सागौन विरलन करना था सौ घन मीटर कर दिया दो सौ तीस घन मीटर 

बार के डिप्टी का कारनामा

अलताफ़ हुसैन द्वारा 

रायपुर  यह कटु सत्य है कि एक बार पुनः वन विकास निगम के कर्मचारी द्वारा बड़ी घोर लापरवाही बरती गई अब इसे लापरवाही कह ले या फिर भ्रष्टाचार गड़बड़ घोटाले करने का एक सशक्त सु अवसर माध्यम मान ले क्योंकि गणना और मार्किग के पश्चात सीधे थोड़ी बहुत कमोबेश नही बल्कि दोगुनी मात्रा मे सागौन विरलन कर दिया गया यह सीधे सीधे गढ़बड़ घोटाला कर भ्रष्टाचार करने की मंशा नही तो और क्या है ?  बार नवापारा परियोजन मंडल अंतर्गत  रवान परिक्षेत्र मे कक्ष क्रमांक 116 के टीपी 02 मे माह 07-05-2023  वित्तीय बर्ष 2022-2023 मे भौतिक विदोहन  कार्य किया गया था जिसमे लगभग 95 अर्थात सौ घन मीटर का पातन किया जाना सुनिश्चित था परंतु रवान के डिप्टी रेंजर लोकेश साहू ने वरिष्ठ अधिकारियों के बगैर अतिरिक्त आदेश पत्र के 95 घन मीटर के स्थान पर दो सौ तीस से उपर अर्थात  130 घन मीटर अतिरिक्त   विरलन कर दिया गया इस संदर्भ मे ज्ञात हुआ है की वन विकास निगम पातन कार्य से पूर्व एक अथवा दो वर्ष पूर्व गणना कार्य करती है जिसमे आगामी वित्तीय सत्र मे गणना और मार्किंग कर उतने ही कूप मे मार्किंग कर चालू वितीय वर्ष मे परिपक्व सागौन का विरलन करती है कटाई पश्चात काष्ठों पर गेरुए सफेद रंग मे नंबर मार्किंग कर काष्ठागार मे गणना संख्या अंकित की जाती है तथा वन क्षेत्रों से भेजे गए सागौन काष्ठों को मिलान कर मेजरमेंट किया जाता है परंतु बार स्थित रवान परिक्षेत्रा के डिप्टी  रेंजर लोकेश साहू ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को वास्तविकता का भान कराए बगैर 95 घन मीटर के स्थान पर कुल 230 घन मीटर का सागौन विदोहन् कर दिया  जो लगभग 13 ट्रक ट्राली सागौन परिवहन कर कोडार काष्ठागार भेज दिया गया इस संदर्भ मे जब डिप्टी लोकेश साहू से बड़ी संख्या मे सागौन विरलन किए जाने के तारतम्य मे फॉरेस्ट क्राइम न्यूज़ ने मोबाइल मे चर्चा कर बात चित  की गई तो उन्होंने  गत वर्ष2022-2023 के पांचवे माह मे किए गए सागौन विरलन  के गणना, मार्किंग से अधिक संख्या मे पातन करने के एवज मे कोई जानकारी नही होना बताया जबकि तत्कालिक रेंजर एंब्रोस एक्का भी सेवा निवृत हो गए तब यह ज्ञात हुआ है कि किसी अन्य व्यक्ति के द्वारा लिखित मे शिकायत बार परियोजना के एस.डी.ओ. चित्रा त्रिपाठी मैडम को दी गई थी जिन्हे उक्त कटाई की पूरी जानकारी थी मगर उन्होंने भी डिप्टी रेंजर लोकेश साहू को कटाई के संदर्भ मे रोकना मुनासिब नही समझा और चुप रहने की बात कही 


वही बार परियोजना के तत्कालिक डी.एफ.ओ. (डी. एम. ) बी रमन सोमावार को भी कक्ष क्रमांक 116 के इस बड़े सागौन कटाई की भनक थी सेवा निवृत होने के पूर्व जाते हुए वे बड़ा खेल खेलना चाहते थे मगर इसके पूर्व ही उनका अन्यंत्र तबादला हो गया और सारी मंशा उनकी धरी की धरी रह गई जबकि इसकी शिकायत बार परियोजना मंडल के वर्तमान डी.एफ.ओ.रौनक गोयल आई. एफ.एस. अधिकारी को भी दी गई परंतु इस संदर्भ मे उनकी ओर से भी कोई वैधानिक कार्यवाही नही की गई केवल औपचारिक जांच   किया जाता रहा ऐसा बताया जा रहा है गौर तलब है कि 95 घन मीटर मे गणना 6890 नग मार्किंग कर यदि सीधे उनके काटे गए ठूंठ की संख्या की गणना  की जाए तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा जबकि 95 घन मीटर जिसकी संख्या लगभग 6890 सागौन नग जो 21 वर्षीय था तब विरलन पश्चात 230 घन मीटर की गणना सागौन  नग की संख्या साफ गणना की जा सकती है यानी पूर्व गणना के विरलन पश्चात उससे दो  गुना अधिक कटाई की गई सागौन की संख्या कितनी होगी वह स्पष्ट हो जाएगा ?



   यह तो स्पष्ट हो गया है कि डिप्टी रेंजर लोकेश साहू एक शातिर और अपराधिक दिमाग वाला वन कर्मी है इसके पूर्व भी उसके द्वारा वर्दी की आड़ मे  अनेक अनैतिक कृत्यो को अंजाम दिया जा चुका है कोडार बांध के पीछे हिस्से मे स्थित लोहारडीह परस पानी ग्राम मे  वर्ष 2019-2020 मे कक्ष क्रमांक 850,859,860,मे भी वन क्षेत्रों से प्लाटेंशन रोपण के नाम पर बड़ी संख्या मे भिन्न भिन्न प्रजाति के पेड़ पौधों का दोहन किया गया था उस समय भी काष्ठों की  गड़बड़ी और घोटाला कर  भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया था अब सवाल यह उठता है कि वन क्षेत्रों के वर्षों पुराने पेड़ पौधों की हरियाली का विदोहन् कर वन विकास निगम द्वारा विभागीय हित का लाभ उठाने सागौन प्लांटेशन करना कहाँ तक उचित है?यही नही वन क्षेत्रों मे फलदार औषधि युक्त पौधों की प्रचुरता रहती है परंतु ऐसे पौधों का बिरलान कर दिया जाता है वन विकास निगम चूंकि राज्य शासन से लीज मे ली गई अनुबंध के आधार पर वन क्षेत्र का अधिग्रहण कर मन माने ढंग से वनों का दोहन कर रहा है साथ ही सागौन पलांटेशन कर अपना  आर्थिक हित पृथक रूप से साध रहा है एक प्रकार से आम के आम और गुठली का दाम का दोहरा लाभ उठा रहा है बदले मे वार्षोकी लाभांश के रूप मे राज्य सरकार को :2.26 करोड़ की राशि प्रदान कर अपने कर्तव्यों की इति श्री मान लेता है वही राज्य सरकार और मूल वन विभाग को चाहिए की इस संदर्भ मे कठोर नियम बनाने चाहिए की प्राचीन वन क्षेत्रों के पेड़ पौधे, हरियाली, और पर्यावरण को वन विकास निगम द्वारा क्षति न पहुंचा कर पड़त भाटा भूमि मैदानी क्षेत्र मे सागौन प्लांटेनशन कर हरियाली प्रसार करे न की वन क्षेत्रों का विदोहन् किया जाए बताते चले कि छ्ग शासन और वन विभाग प्रदेश के वन क्षेत्रों का अस्तित्व बचाने नाना प्रकार के जतन कर करोड़ों रुयये लगाती है वही उसका अनुषंगिक धडा वन विकास निगम भीतर ही भीतर वन क्षेत्रों को खोखला करने मे कोई कोर कसर नही छोड़ रहा है जिसका साक्षात उदाहरण बार की यह ताजा घटना है जबकि डिप्टी लोकेश साहू के संबंध मे बहुत से अनियमितता के संदर्भ मे ज्ञान हुआ है उस के द्वारा फर्जी अंक सूची और प्रमाण पत्र के मध्यम से नौकरी प्राप्त करना भी बताया गया है पुराने वन विकास निगम कर्मी यह बताते है कि लोकेश साहू न ही वह  1997से पहले दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी था और न ही वन विकास निगम मे कार्यरत था मगर फिर भी सभी कर्मचारियों को लांघते हुए दो स्टार के पद मे पहुँच गया यह करिश्माई जादू कैसा हो गया इसकी विस्तृत रिपोर्ट अगले अंक मे प्रस्तुत किया जाएगा. 

बुधवार, 14 फ़रवरी 2024

कोंडागाँव वन मंडल का कृष्ण कुंज बना आकर्षण का केंद्र

 कोंडागाँव वन मंडल का कृष्ण कुंज बना आकर्षण का केंद्र 


अल्ताफ हुसैन द्वारा 

रायपुर  (छ्ग वनोदय(छ्ग प्रदेश की सर्वाधिक नैसर्गिक वातावरण वाला क्षेत्र जहाँ के ऊँचे ऊँचे  गगन चुंबी पहाड़ मे हरियाली की चादर ओढ़े श्रृगारित पेड़ पौधे जो आदि काल से वर्षों के अपनी ऐतिहासिक वैभव शाली गाथा की साक्षी है नैसर्गिक प्रकृति छटा का ऐसा मनोहारी दृश्य बिखेरता है जो किसी का भी मन मस्तिष्क को आकर्षित कर देता है ग्रीष्म काल मे सूर्य देव की तीक्षण तपिश के  बावजुद् उष्ण कटिबद्ध क्षेत्र मे प्रकृति का प्रभाव  संपूर्ण क्षेत्र मे न के बराबर रहता है धूल धुँआ एवं प्रदूषण रहित क्षेत्र मे बारह मासी नमी युक्त सूक्ष्म कण ओस की बूंदों से संपूर्ण वातावरण मे शीतलता और वाष्पीकरण की धुंधलका से दूरस्थ क्षेत्रों के पहाडों की अलाग ही आभा बिखेरती है  वह क्षेत्र समुद्र तट की ऊँचाई पर स्थित कोंडगांव से संरक्षित वन क्षेत्र के समीप स्थित है जहाँ कोंडागांव  वन  मंडल अंतर्गत  कक्ष क्रमांक पी एफ 449 कोपाबेड़ा  शिव मंदिर के पास 2.50 एकड भूभाग मे कृष्ण कुंज का निर्माण किया गया कोंडगांव परिक्षेत्रा के समीप स्थित कृष्ण कुंज निर्माण के संदर्भ मे तत्कालिक डी.एफ.ओ.उत्तम कुमार गुप्ता बताते है कि इसके निर्माण का मुख्य कारण यह है कि राजस्व भूमि मे कृष्ण कुंज निर्माण से अतिक्रमण से सुरक्षा के साथ धार्मिक आस्था का संचार होगा और क्षेत्र मे निवासरत आम जन के मध्य हरियाली प्रसार कर शुद्ध, स्वच्छ, वातावरण निर्मित करना है यहां स्वच्छ वातावरण मे स्परिवार भ्रमण कर प्रकृति को आत्मसात कर पर्यावरण को संरक्षित, संवर्धन करना है ताकि भावी पीढ़ी इसके महत्व को समझे तत्कालिक डी.एफ.ओ. उत्तम गुप्ता का कथन है कि संपूर्ण छ्ग मे इससे बेहतर आकर्षक कृष्ण कुंज कही और निर्मित नही हुआ है  


 श्री रमेश कुमार जांगड़े (आई.एफ.एस.)       कोंडागाँव वन मंडलाधिकारि
 

वर्तमान कोंडगांव वन मंडलाधिकारी जांगडे साहब .बताते है कि गौण खनिज न्यास मद से कृष्ण कुंज का निर्माण किया गया है जिसकी लागत 41.93 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे यथा संभव उसे आकर्षक निर्माण करने का प्रयास किया गया आज वहां अवगमन करते राहगीर मंत्र मुग्ध होकर कृष्ण कुंज की प्रशंसा करते नही थकते करीब ही श्री शिव मंदिर् होने की वजह से बहुत से भक्त जनों का अनवरत लगा रहता है भविष्य मे उन्हे कृष्ण कुंज परिसर मे सुकुन के कुछ क्षण व्यतीत करने मे आनंद की अनुभूति होगी कोंडागांव डी एफ. ओ. जंगाडे साहब ने बताया इसके निर्माण के पीछे सभी वन कर्मियों ने पूरी मेहनत की है तथा यह कृष्ण कुंज के मध्य मे मुलायम घास से कलाकृतिक रूप से उकेरा गया है  अन्य रिक्त स्थानों मे पारंपरिक धार्मिक आस्थावान पेड़,पौधों के साथ ही फलदार,रंग बिरंगे फूलदार, औषधि युक्त पौधे कृष्ण कुंज को आकर्षक मनमोहक बना रहे है 

एस.डी.ओ. आशीष कोडरीवाल  साहब

वही कोडागाँव वन मंडल के एस.डी.ओ. आशीष कोडरीवाल का कथन है कि पेड़ पौधे रोपण करना मुख्य उद्देश्य मात्र नही है बल्कि उसकी सुरक्षा करना सबसे बड़ी चुनौती है इसके लिए चारो और चैन लिंक से लेकर बाउंड्री वॉल से घेरा गया है ताकि गाय गरुआ और मवेशी से सुरक्षित रखा जा सके कोंडागाँव उपवन मंडलाधिकारी आशीष कोडरीवाल आगे बताते है  कि रोपित पेड़ पौधे वर्ष दो वर्ष पश्चात जब वे युवा हो रहे होते है तब मानव समाज उसके अस्तित्व को समूल नष्ट करने नाना प्रकार के जतन करता है इसके लिए सुरक्षित करने ऐसे धार्मिक आस्था वाले पेड़ पौधे रोपे गए है जिसकी धार्मिक ग्रंथों मे उल्लेख मिलता है जिनमे मुख्यतः कदम से लेकर आँवला तक शामिल है जिनका समय समय पर पूजा अर्चना भी की जाती है इससे आम लोगों मे पेड़ पौधे, प्रकृति, पर्यावरण के प्रति श्रद्धा और जागरूकता बढ़ेगी 

     श्री अनूप कुमार अवधिया आर.ओ . 

कोंडागांव के तत्कालिक एवं वर्तमान रायपुर परिक्षेत्राधिकारी अनूप कुमार अवधिया जिन्होंने आपना संपूर्ण जीवन वानिकी कार्यों को समर्पित किया तथा उनको कार्यों का लंबा अनुभव रहा है वे बताते है कि कृष्ण कुंज निर्माण के पूर्ण भूमि असमतलीय उबड खाबड़ थी जिसे कारण कृष्ण कुंज निर्माण मे बहुत सी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था छोटे बड़े पेड़ पौधे घास फुस के खरपतवार और उबड़ खाबड़ असमतल  भूमि को समतली कारण करने मे बहुत समय लगा पश्चात  काली,मुरुमी,मिट्टी डाला गया ताकि रोपित पौधे तेजी से ग्रोथ कर सके तत्कालिक कोंडगांव रेंजर  अपने द्वारा निर्मित कृष्ण कुंज निर्माण करने का अनुभव  साझा करते हुए  नवा रायपुर मे पदस्थ परिक्षेत्राधिकारी श्री अनूप अवधिया बताते है कि धार्मिक आस्था और पूजनीय, फलदार, फूल्रदार, सायादार,पांच सौ से अधिक पेड़ पौधों का,जिनमे पीपल,आम, कृष्ण वट,बरगद,इमली, जामुन, गुलर, कदम, शहतूत, तेंदु, चार, गंगा इमली, अनारा, कैथ, नीम, बाबुल,बेल, आंवला,पलाश,अमरूद, सीताफल, का रोपण किया गया है रोपण पश्चात उसकी सुरक्षा अनिवार्यतः हो जाता है 

             कृष्ण कुंज कोंडागांव

इसके लिए रेंजर अनूप अवधिया बताते है कि कृष्ण कुंज के चारो ओर बाउंड्रीवॉल, चैन लिंक फेंसिंग कराया गया है ताकि मवेशी,चराई और पौधे कटाई से रोक जा सके कृष्ण कुंज को आकर्षक बनाने के लिए उगता सूर्य आकृति गोल कुंड और पथ वे पर रश्मि  नुमा आकृति के स्थन पर ऐसे आधुनिक पेवर्स ब्लाक निर्माण कराए गए है जिसे देख कोई भी भ्रमणकारी व्यक्ति वहां के पेड़ पौधों के आकर्षण, वहाँ के आबो हवा, का कायल हो जाएगा वही गोलाकार  सूर्य आकृति के मध्य और पथ वे रश्मि के स्थान पर हरे भरे इस कलाकृति से मुलायम हरे घास लगाए गए है जो देखने पर ही आकर्षक और लुभावना दिखता है ऐसे हरे भरे सुकून के क्षण मे पर्यटक स्वतः को समस्त प्रकार से तलाव मुक्त महसूस करेंगे तत्कालीन कोंडगांव रेंजर अनूप अवधिया बताते है कि मुख्य द्वार को बहुत ही आकर्षक बनाए गाए है वही उसके वॉल पर रंग बिरंगे कलर से भगवान श्री कृष्ण का चित्र उकेरा गया है जहां विभिन्न मुद्राओं मे प्रभु श्री कृष्ण भगवान के जीवन गाथा वर्णित है जिसे देख कर आम जन उनके इतिहास गाथा का वर्णन की जानकरी प्राप्त कर धार्मिक जिज्ञासा का रसपान कर धर्म अध्यात्म संस्कृति का ज्ञान अर्जित कर सकेंगे

      श्री बी. रामा राव वर्तमान परिक्षेत्राधिकारी

तत्कालिक कोंडागांव रेंजर अनूप कुमार अवधिया बताते है कि कृष्ण कुंज निर्माण के पीछे केवल हरियाली प्रसार और नैसर्गिक वातावरण निर्मित करना उद्देश्य ही नही है बल्कि हरे भरे वृक्ष के पीछे ईश्वर का वास होना भी है जिसका मानव समाज के द्वारा धड़ल्ले से हरे भरे पेड़ पौधों का विरलन और पातन कर प्रकृति और पर्यावरण की क्षति पहुंचाई जा रही है जिसके परिणीति के रूप मे ईश्वर का प्रकोप कोरोना जैसे विकराल बीमारी से जूझे है इसलिए पेड़ पौधों और पर्यावरण के संरक्षण संवर्धन की आवश्यकता है यही वजह है प्रभु श्री कृष्ण के नाम पर कृष्ण कुंज का नाम किया गया है ताकि धार्मिक आस्था वाले पेड़ पौधों का संहार करने मे मानव हजार बार सोचे 

 श्री राकेश शुक्ला आर. ए. कोंडगांव

वर्तमान कोंडागाँव रेंजर बी.रामाराव कृष्ण कुंज  मे रोपे गए पेड़ पौधों की पूरी सुरक्षा देखरेख के प्रति संवेदनशील है आर. ए. राकेश शुक्ला कोंडागांव जो मैदानी अमले के मुख्य कर्ता धर्ता होते है वे बताते है कि फॉरेस्ट गार्ड,एवं चौकीदार सहित अन्य वन कर्मियों पर नियमित सुरक्षा का भार सौंप रखा है वे भी प्रति दिन नियमित पानी और रख रखाव कर रहे है  
इस कृष्ण कुंज के संदर्भ मे फॉरेस्ट गार्ड कोंडागांव  गजेंद्र मरकाम गौड़ बताते है कि ग्रीष्म ऋतु  मे पानी व्यवस्था हेतु टैकर द्वारा या अन्य संसाधन से किया जाना बताया गया है वही  देख रेखा सुरक्षा उपचार हेतु छ माह मे केज्युवल्टी कार्य भी किए गए है अभी तक कोई भी पौधे मरणासन्न अवस्था मे नही है और सभी पौधे स्वस्था और ग्रोथ कर रहे है रेंजर बी. रामाराव आगे बताते है कि चार वर्षों के लिए कार्य संपादित किया जाना है इसके लिए संपूर्ण माकुल व्यवस्था है वर्तमान  स्थिति मे पौधे पांच से दस फीट ऊँचाई मे पहुँच चुका है जिसकी वजह से कृष्ण कुंज एक आकर्षक स्वरूप मे परिलक्षित हो रहा है

बुधवार, 7 फ़रवरी 2024

जान जोखिम मे डाल कर बांस विरलन से विभाग को राजस्व देने वाला देवपुर रेंज

 जान जोखिम मे डाल कर बांस विरलन से विभाग को राजस्व  देने वाला देवपुर रेंज 


अल्ताफ हुसैन /सहयोगी मज़हर इकबाल द्वारा

बलौदाबाजार वन मंडल देवपुर रेंज से सीधे  सघन वन क्षेत्र बांस विरलन की रिपोर्ट 


रायपुर (छ्ग वनोदय पत्रिका) छ्ग प्रदेश का सघन वन क्षेत्र बलौदा बाजार वन मंडल के अंतर्गत देवपुर वन परिक्षेत्र की अपनी अलग आभा दिखती है इसका मुख्य कारण यहाँ की गगन चुंबी पहाड़ के उपर सागौन सहित भिन्न भिन्न प्रकार के पेड़ पौधे वनोंषधि के भांति भांति के आकर्षक फल, फूल,पौधे, जड़ी बूटी,पत्तो के साथ यहां के ऊँची पहड़ों की चोटी से शीर्ष  स्थल पर कलकल करती गिरती हुई पानी की जलधारा जो किसी देवधारा से कम परिलक्षित नही होता और स्वतः प्राकृतिक सौंदर्य आभा के साथ ही यहां के मनोरम दृश्य को हृदय स्पर्शी बना कर मर्म मस्तिष्क को प्रफुल्लित  करती है यही नही ऊँचे ऊँचे पहाड़ के चोटी से ढालान की और नीचे उतरते हुए असमतल उबड़  खाबड़ चट्टानों के मध्य अपने सैकड़ों वर्षो से स्निग्ध काले चट्टानी पत्थरों की वैभव शाली इतिहास की गवाही देते हुए यह कहते हुए नही थकती कि प्रकृति ने आदि काल से मानव समाज को अपनी गोद मे लालन पालन किया है उन्हे फल फूल, वनोपज देकर जीवन दायिनी बनी है वन्य जीव जंतुओं को अठखेलिया करते समस्त ऋतुओं मे उनके वास सहवास का साधन बनी रही देवपुर परिक्षेत्र का उक्त देवघाट की नैसर्गिक हरीतिमा युक्त छटा बढाने मे  लहरदार सर्पिणी के समान मुख्य मार्ग से लेकर सघन वन क्षेत्र के मध्य मे ऊँचे ऊँचे हरे भरे बांस के अनगिनत भिर्रा के पेड़ पहाड़ी क्षेत्र को और अधिक आकर्षक,मनोहारी बनाती है  बलौदा बाजार वन मंडल का देवपर परिक्षेत्रा का यह क्षेत्र सर्वाधिक प्राकृतिक बांस उत्पादन क्षेत्र है जहाँ से विभाग संपूर्ण क्षेत्र मे बांस का विरलन कर प्रदेश भर मे बांस खपत अपूर्ति सेकडों वर्षों से कर रहा है जहा स्थानीय ग्रामीणों के अलावा वन विभाग कें लिए आर्थिक स्त्रोत का मुख्य साधन और रीढ़ की हड्डी मानी जाती है 

इस संदर्भ मे बलौदा बाजार के वन मंडलाधिकारी मयंक अग्रवाल बताते है कि देवपुर परिक्षेत्र बांस का प्राकृतिक उत्पादन होता है यहां की गुणवत्ता युक्त बांस संपूर्ण प्रदेश मे उत्तम क्वालिटी मानी जाती है यही वजह है कि प्रदेश भर मे देवपुर परिक्षेत्र के बांस की अच्छी मांग है बलौदा बाजार भावसे अधिकारी मयंक अग्रवाल बताते है कि इसके विरलन् के तीन से चार वर्ष पूर्व परिपक्व बांस क्षेत्र की गणना की जाती है पश्चात अनेक विकट परिस्थियों मे कार्य संपादित किया जाता है उन्होंने आगे बताया कि बांस विरलन की प्रक्रिया भी बड़ी जटिल होती है एक सौ भिर्रा वाले भूभाग क्षेत्र मे सैंपल के रूप मे सौ से उपर परिपक्व  बांस भिर्रा क्षेत्र की गणना की जाती है





  गणना कर बांस लगाकर लाइनिंग कार्य कर उस क्षेत्र को कूप बनाया जाता है जिसका अनुमानित उत्पादन निकालकर उस हिसाब से आगामी वर्ष मे बजट जारी की जाती है जिसका विरलन आगामी वित्तीय वर्ष सितंबर माह से प्रारंभ कर ग्रीष्म ऋतु के पूर्व लगभग पांच से छ माह तक कार्य संपादित कर लिया जाता है 




बलौदाबाजार वन मंडल सोनाखान, देवपुर के एस डी ओ  राकेश चौबे  एक सुलझे हुए, अनुभवी,परिपक्व अधिकारी है उनकी दूर दृष्टि सोच कार्यों को पार दर्शी बनाती है उनका कथन है कि देवपुर परिक्षेत्र मे बांस विरलन बहुत दुरूह कार्य है देवघाट पर्वत शृंखला की चोटी मे बसे प्राकृतिक बांस के वन के विरलन मे स्थानीय मजदूर अल्प मात्रा मे कटाई करते है उदाहरण स्वरूप यदि स्थानीय मजदूर बीस बांस की कटाई दिन भर मे करने की क्षमता है तो बाहरी क्षेत्र से आए मजदूर दिन भर मे दोगुना अर्थात कमोबेश पैतीस से चालीस बांस का विरलन कर देते है जिससे कार्यों मे गति और उसके विरलन आवधि मे कार्य संपादित हो जाता है उप वन मंडलाधिकारी  राकेश चौबे आगे बताये है कि बाहरी क्षेत्र से लाए गए मजदूर पूर्णतः दक्ष और कुशल होते है बस्तर से इनकी पूरी टीम बुलाई जाती है जो पहाड़ के शीर्ष पर अस्थायी बांस और घास फूस की कुटिया बना कर लगभग छ माह का प्रवास करते है  बांस विरलन कार्य मे सप्ताह के एक दिन  स्थानीय हाट बाजार से रसद क्रय कर उपर पहुंचा कर पूरी तन्मयता से प्रातः काल से ही विरलन  कार्य को अंजाम देते है बलौदाबाजार देवपुर एस.डी.ओ.राकेश चौबे आगे बताते है कि दुर्गम और जटिल क्षेत्र होने के कारण बांस विरलन  कार्य मे बहुत सी समस्या आती है सघन वन क्षेत्र मे हिंसक वन्य प्राणियों का खतरा,  मजदूरों के आकस्मिक अस्वस्थता होने की स्थिति मे दवा उपचार का अभाव, लाइट और मोबाइल नही इन परिस्थितियों मे बड़ी जद्दो जहद से दो चार होना पड़ता है मजदूरों के भावी सुरक्षा की क्या व्यवस्था पूछने पर बलौदा बाजार देवपुर उप वन मंडलाधिकारी राकेश चौबे बताते है कि बैटरी चलित झटका मशीन डी.ई.तार से कनेक्ट कर लगाया जाएगा उसकी व्यवस्था की जा रही है देवपूर के युवा, कर्मठ जुझारू परिक्षेत्राधिकारी पुष्पेन्द्र साहू से बांस विरलन  के संदर्भ मे पूछने पर बताते है कि 


बस्तर से बहुत से मजदूरों को बांस विरलन कार्य हेतु बुलाया गया है जिन्हे स्थानीय देवपूर् वन समिति के सानिध्य और मार्गदर्शन मे बांस विरलन  कार्य संपादित हो रहा है इसके एवज मे समिति को वर्षों से प्रति वर्ष राजस्व की शत प्रतिशत लाभांश राशि प्रदाय की जाती है जिसकी राशि से रोजगार, आस्था और ,सामाजिक मूलक, कार्य संपादित होते है देवपूर् परिक्षेत्राधिकारी पुष्पेन्द्र साहू आगे बताते है कि स्थानीय रोजगार के इतर अन्य क्षेत्र के मजदूरो का प्रवास से स्थानीय रोजगार प्रभावित नही होता उन्हे निचले वन क्षेत्र मे विरलन या अन्य पातन कार्य दिया जाता है वही ऊँचाई वाले वन क्षेत्र मे स्थानीय कामगारो मे बहुत बहाने हीला हवाला होता है जिससे कार्य अवरुद्ध होता है ग्रीष्म ऋतु के पूर्व तय सीमा मे बांस विरलन पातन कार्य न होने से लक्ष्य प्रभावित होता है और विभाग लक्ष्य से बिछड़ जाता है उन्होंने बताया कि ग्रीष्म ऋतु के पूर्व बांस विरलन कार्य ना हो पाने से ग्रीष्म ऋतु मे बांस वन क्षेत्र मे परस्पर घर्षण से अग्नि दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है और विभाग को आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ सकता है इसलिए तय अवधि मे बांस विरलन अनिवार्य होता है बांस वन क्षेत्र देवपूर् रेंज के मैदानी अमलो मे तैनात रीखीराम साहू वन रक्षक और शोभा सिंह ने बताया कि बस्तर से आए मजदूरों को समय समय पर राशन पानी की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है तथा उन्हे बीस दिन के अंतराल मे मजदूरी भुगतान कर दिया जाता है 




रिखिराम साहू शोभा सिंह जो मैदानी अमले की पूरी व्यवस्था और कार्य संपादित करते है उन्होंने बताया कि छोटे बड़े बांस की निर्धारित प्रति नग की दर से वन विभाग द्वारा तय किया गया है 



उदाहरण स्वरूप ऊँचाई मध्यम वाले बांस की दर उपरोक्त स्तर पर विभाग द्वारा निर्धारित की गई है वन रक्षक द्वय ने बताया कि एक मीटर का टुकडा भी व्यर्थ नही जाता उसे बीस थप्पी का सौ बंडल करने पर 2022 रुपये प्रदाय किया जाता है रिखि राम साहू और शोभा सिंह ने आगे बताया कि वन क्षेत्र की ऊँचाई से नीचे लाने मे बहुत कठिन कार्य लगा है इसके लिए वन क्षेत्र मे ही अस्थायी  पहुँच मार्ग बनाया जाता है जो सड़क मुख्य मार्ग से होते हुए देवपूर्, नवगांव,परिसर मे डंप किया जात है तथा मांग होने पर आपूर्ति के अनुसार उसे गंतव्य स्थान भेजा जाता है 

शनिवार, 3 फ़रवरी 2024

वन विकास निगम मे खुले आम भर्राशाही, लूट सको तो लूट लो

  वन विकास निगम मे खुले आम भर्राशाही, लूट सको तो लूट लो


अल्ताफ हुसैन 

रायपुर (फॉरेस्ट क्राइम न्यूज़) छ्ग राज्य वन विकास निगम जो छ्ग शासन की स्व पोषित संस्था माना जाता है चिन्हित कष्ठागार  से सागौन सहित बेशकीमती इमारती काष्ठों की नीलामी कर उक्त आय से वन विकास निगम का संचालन करता है लेकिन लगातार भ्रष्टाचार,गड़बड़ घोटाला, के चलते वह अब सफेद हाथी बनता जा रहा है छ्ग वन विकास निगम मे काष्ठागार,एवं आईपीडी योजनाओ सहित अन्य लाभ अर्जित करने के नाम पर इसका ग्राफ निम्न स्तर पर पहुँच चुका है इसका सीधा उदाहरण यह है कि प्रति वर्ष मुख्य मंत्री के नाम पर राज्य शासन को देने वाला लाभांश राशि दो से तीन करोड़ तक पहुँच चुका है जबकि प्रारंभिक काल मे  जब एस सी जेना  साहब इसके एम।डी. हुआ करते थे तब राज्य शासन की लाभांश राशि लगभग सताईस  करोड़ रुपये दिए जाते थे केवल पच्चीस वर्ष मे इसकी हालात इतना खस्ता हो चुकी है कि लाभांश राशि का ग्राफ स्तर कई गुणा नीचे पहुँच चुका है इसकी मुख्य वजह यह है कि कई सेवा निवृत अधिकारीयों की लगातार भ्रष्ट कार्य शैली ने इसके आर्थिकी ढांचे पर लोभ और लालच के कुल्हाड़ी से कुठाराघात कर वन विकास निगम के अस्तित्व पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है अब स्थिति यह हो गई है कि  छ्ग राज्य वन विकास निगम के सभी अधिकारी कर्मचारी उस बिल्ली की भांति आँख मुंद कर  दूध मे जमे मलाई पर ऐसा झपट्टा मार कर चट करने का सुअवसर देखते रहते है जैसे उनकी बंद आँख कर मलाई चट करने वाली प्रवृत्ति पर उक्त गतिविधियों  पर कोई देख नही रहा है  परंतु कहते है कि बिल्ली के भाग में छिका फूटे वाली उक्ति चरितार्थ हो जाती है ऐसे बहुत से प्रकरण जनमानस के समक्ष आते रहे है जो छ्ग राज्य वन विकास निगम की कार्य प्रणाली से सभी भली भांति परिचित है जैसे छ्ग राज्य वन विकास निगम के वर्षो से अघोषित एम. डी. के रूप मे संविदा नियुक्त प्रधान वित्त शाखा प्रबन्धक भोजराज जैन जो सेवानिवृत होने के पश्चात अपनी दूसरी पारी मे पांचवी इवनिंग की तैयारी कर चुके है एक प्रकार से वे छ्ग वन विकास निगम मे अंगद की पांव की तरह यहां लंबे समय से जमे हुए है वर्षों से वन विकास निगम को भ्रष्टाचार, गड़बड़  घोटाल,की कालिख  से पोतकर वन विकास निगम में काजल की काली  कोठरी मे परिवर्तित करने मे अपनी महती अहम भूमिका अदा कर चुके है अब चाहे किसी का ट्रांसफर हो,किसी को राशि लेकर नौकरी लगाने से लेकर पदोन्नत करना अब चाहे 1997 से लेकर अब तक अनियमित  कर्मचारी लोकेश साहू और इन जैसे कई कर्मचारियों को जिसकी वरीयता सूची मे नाम ही नही था उन्हे नियमित पोस्ट कर पदोन्नत कर दो स्टार से विभूषित करना भले शिक्षा के नाम पर  फर्जी सर्टिफिकेट लगाया गया हो और बार नवापारा परियोजना मंडल मे एस डी ओ तक पदोन्नत कर प्रभार दे दिया गया जिनमे मोहला परियोजना मंडल के सर्वाधिक चर्चित प्रभारी रेंजर खटकर  जिनके काले कारनामों की सूची सूचना के अधिकार मे पाना बरस परियोजना मंडल कार्यालय राजनांदगाँव से निकाली गई थी वह आज भी फॉरेस्ट क्राइम न्यूज़ के पास मौजूद है यही नही वित्त प्रबन्धक भोजराज जैन द्वारा ऑडिट मे सभी नौ परियोजना मंडल के वित्त शाखा कर्मियों का भय दोहन कर प्रति वर्ष लाखों रुपये की उगाही,आम बात है वन विकास निगम मे किसी भी दुर्घटना मे मृत निगम कर्मियों के परिवार के सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति  भले ही उसके यहां का कोई सदस्य पूर्व मे शासकीय सेवा मे संलग्न क्यो न हो उन्हे नियम विरुद्ध जाकर अनुकंपा  नियुक्ति दिलाकर वन विकास निगम मे  आधे से अधिक निगम कर्मी अपनी सेवा शान ओ शौकत से कर रहे है उस पर निगम अधिकारियों का रुदाली रोना इस प्रकार से कि निगम मे स्ताफ,कर्मचारियों कि भारी कमी है



जबकि वर्षो से दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को जिनमे कई तो सेवा निवृत के कागार मे पहुँच चुके है परंतु उनका नियमितिकरण  आज पर्यंत नही हो पाया वहीं दूसरी ओर अनुकंपा नियुक्ति वाले कर्मचारी भ्रष्टाचार गड़बड़ घोटाला, जैसे सारे सकल कर्म करे उन्हे बचाने के लिए वित्त प्रबन्धन भोजराज जैन बारह महीने चौबीस घंटे उपलब्ध रहते है तथा उन्हे बचा भी लेते है इसका जीता जागता उदाहरण यह है कि कोडार डिपो मे पदस्थ अनुकंपा कर्मी जागृति देवांगन  वर्ष 2021मे देह व्यापार मे सलिप्त पाया गया जिसे कुछ माह जेल की हवा खाने  के बाद पुनः नौकरी मे बहाल कर दिया गया बाद मे उसे फिर हटा दिया गया ज्ञात हुआ है कि देह व्यापार मे लिप्त एक महिला फांसी लगा कर इहलीला समाप्त कर दी इस बीच निगम की छिछालेदर न हो उसे कार्यों से कुछ समय तक कार्यों से पृथक कर दिया गया अब चर्चा  जमकर हो रही है कि बार डिविजन देवेंद्र नगर कार्यालय मे सजायाफ्त जागृत देवांगन को फिर नियुक्त कर दिया गया अब यह सब कैसे नियुक्ति हुआ यह सब बेहतर जानते है परंतु नियम  तो यह है कि ऐसे अपराधिक गतिविधियों मे संलिप्त पाए जाने वाले कर्मचारीयों को तत्काल कार्यों से बर्खास्त किया जाता है परंतु सारे नियम कानून को धता बताते हुए अनुकंपा नियुक्त जागृत देवांगन और उस जैसे बहुत से कर्मचारी है जो आज भी डंके की चोट पर छ्ग राज्य वन विकास निगम मे अपनी सेवाएं दे रहे है तथा निगम के अधिकारी भी मुंह कान आँख बंद किए हुए मूक बधिर और सुरदास बने हुए है यही वजह है कि निगम क्षेत्र के वन मे कितनी चोरी हो रही कुछ भी ज्ञात नही हो पाता विश्वस्त सूत्रों से ज्ञान हुआ है कि कोडार काष्ठागार मे राष्ट्रीय कृत परिपक्व दस नग  इमारती बीजा काष्ठ   01जनवरी 2024 को आरंग परिक्षेत्र के रेंजर युवराज साहू और उनकी टीम द्वारा कोडार के समीप लोहारडीह पेंड्रा से  राजसात किया गया था बताया गया है कि उक्त बीजा काष्ठ स्थानीय किसी कृषक के खेत से काटा गया था जिसे वन विकास निगम रेंजर देवराज साहू के मार्ग दर्शन मे जप्ती किया गया था मजे की बात यह है कि एक माह से उपर होने के बावजूद न ही कृषक पर अब तक कोई वैधानिक तौर पर कार्यवाही की गई और न ही (पी.ओ.आर.)  पंचनामा किया गया सवाल उठता है कि बेशकीमती बीजा काष्ठ जप्ती के पश्चात अपने वरिष्ठ अधिकारी आर. जी. एम. डिविजन मैनेजर, डिप्टी डी एम. को इसकी सूचना दी गई अथवा नही? यदि वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई तो अब तक  पंचनामा सहित कटाई करने वाले आरोपी के विरुद्ध कार्यवाही क्यो नही की गई ? बेशकीमती बीजा काष्ठ को आरंग मे क्यों छुपा कर रखा गया ? जबकि विश्वस्त सूत्र से यह भी ज्ञात हुआ है कि पेड्रा,लोहारडीह, के कक्ष क्रमांक 850 से परिपक्व बीजा काष्ठ की कटाई की गई थी परंतु कटाई करने वाले पर कोई  कार्यवाही,हुई और न ही विभागीय कर्मचारियों पर कोई कार्यवाही की गई  अब,इसे क्या समझा जाए ?काष्ठ तस्कर से मिली भगत के बीजा काष्ठ की कटाई की गई जब ही तो उस और कोई कार्यवाही नही की गई यदि विभागीय कटाई की जाती तो पहले लिखित मे परमिशन लिया जाता फिर हैमर लगा कर मार्किंग की जाती पश्चात कटाई की जाती मगर ऐसा कुछ भी नही किया गया और चोरी छिपे कटाई हो गई ? अब इस संदर्भ मे बार नवापरा परियोजना मंडल के डी.एम. सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस तारतमय मे क्या कार्यवाही करते है देखना होगा? यह मामला तो ताजा तरीन है मगर कोडार कष्ठागार और आठ अन्य परियोजना  मंडल काष्ठागार में भी होने वाली नीलामी अभिलेखों,टीपी मे कई ट्रक काष्ठ परिवहन हो रहे है जिसका कोई पूरसाने हाल नही है और लाखों, करोड़ों का खेला हो जाता है 

शुक्रवार, 29 दिसंबर 2023

छ्ग वनोदय पत्रिका के नाम पर कतिपय लोग द्वारा वसूली

 छ्ग वनोदय पत्रिका के नाम पर कतिपय लोग द्वारा वसूली


प्रदेश भर मे वन विभाग पर केंद्रित एक मात्र पत्रिका    छ ग वनोदय पत्रिका नाम से लगातार वन विभाग के विकास परक योजनाआ पर  प्रकाशित किया जा रहा है जिसकी वजह से कतिपय अवांछित तत्वों द्वारा बेजा लाभ उठाने के उद्देश्य से अनेक विभागीय अधिकारियों, कर्मचरियो से अवैध रूप से राशि वसूल किया जाने की शिकायत मिल रही है ऐसे अवांछित तत्वों से सावधान रहने की अपील छ ग वनोदय के संपादक, मुद्रक, प्रकाशक अल्ताफ हुसैन ने की है इसके बावजूद किसी भी व्यक्ति द्वारा भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय से राजिस्ट्र्ड पंजीकृत पत्रिका छ ग वनोदय पत्रिका के नाम से कोई व्यक्ति वसूली करते हुए पाया जाता है तब इस स्थिति मे उसके विरुद्ध कॉपी राइट् के अंतर्गत  तत्काल संपादक, मुद्रक प्रकाशक अल्ताफ हुसैन को 7869247588 पर सूचित करे ऐसे व्यक्ति के विरुद्ध विधि अनुसार कानूनी कार्यवाही किया जाएग 

     गौर तलब है कि छ ग वनोदय पत्रिका भारत सरकार से पंजीकृत किया गया है इसके बावजूद कतिपय अवांछित तत्व द्वारा छग वनोदय के नाम पर वसूली कर समाचार संकलन भी नही किया जा रहा है और अधिकारियों से हजारों की राशि लिया जा रहा है ऐसे बहुत से वन कर्मचारियों द्वारा बताया गया तथा जिसका संपूर्ण दायित्व की जिम्मेदारी राशि प्रदाय करने वाले अधिकारी कर्मचारी की होगी छ ग वनोदय ऐसा किसी भी व्यक्ति संस्था को जवाबदेही नही दिया गया है या पत्रिका संस्थान मे संचालित संवाद दाता नियुक्त किया गया है राशि लेन देन करने वाले ऐसे अधिकारी कर्मचारी अपने स्व विवेक और जिम्मेदारी से लेन देन करे इसकी जिम्मेदारी छ ग वनोदय पत्रिका संस्थान की नही होगी और यदि कोई  छग वनोदय पत्रिका के नाम पर राशि वसूली  करते पाए जाता है जो पूरी तरह गैर कानूनी के श्रेणी मे होगा ऐसे व्यक्ति के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की जा सकती है

बुधवार, 27 दिसंबर 2023

चरण दास महंत ने कांग्रेस स्थापना दिवस पर दी बधाई *

 चरण दास महंत ने कांग्रेस स्थापना दिवस पर दी बधाई *



रायपुर, छत्तीसगढ़ विधानसभा नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कांग्रेस स्थापना दिवस पर प्रदेशवासियों को  बधाई शुभकामनाएं देते हुए हा कि हम सबको भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का कार्यकर्ता होने पर गर्व है। कांग्रेस की स्थापना 28 दिसंबर 1885 को हुई थी। कांग्रेस एक दल ही नहीं बल्कि एक विचार और आंदोलन का नाम है।

कांग्रेस एक ऐसी पार्टी जिसका गठन देश की उन्नति प्रगति के लिए हुआ। धीरे-धीरे यह पार्टी आजादी की लड़ाई की आधार बनी। महात्मा गांधी  के नेतृत्व में आजादी की लड़ाई लड़ी गई और देश आजाद हुआ। 


उन्होंने कहा आजादी के बाद पंडित जवाहर लाल नेहरू जी के नेतृत्व में अखिल भारत की आधारशिला रखी गई. आज यदि देश और पूरी दुनिया में सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में स्थापित है तो यह हमारे कांग्रेस के महान नेताओं की मेहनत, उनकी सोच और त्याग से संभव हुआ, चाहे वे महात्मा गांधी जी हो, सरदार बल्लभ भाई पटेल जी हो पंडित नेहरू  हो या पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी  राजीव गाँधी ..


हमें श्रीमती सोनिया गांधी तथा राहुल गांधी एवं श्रीमती प्रियंका गांधी के रूप में कांग्रेस के नेतृत्व पर गर्व है, जिनका संकल्प देशहित में सेवा-भाव से काम करना है। अडिग संकल्प, स्पष्ट दिशा और मजबूत इरादों के साथ वर्तमान परिस्थितियों में कांग्रेस को मदांध सत्ता की चुनौती के सामने खड़ा होना है, ताकि आने वाले समय में हमारी नीतियों, सिद्धांतों और कार्यक्रमों की वजह से समाज के सभी वर्गों का विश्वास और समर्थन प्राप्त हो।


       

शनिवार, 16 दिसंबर 2023

हाईकोर्ट का आदेश रायपुर प्रेस क्लब के चुनाव का रास्ता साफ।

हाईकोर्ट का आदेश रायपुर प्रेस क्लब के चुनाव का रास्ता साफ।
रायपुर। हाईकोर्ट के आदेश के बाद रायपुर प्रेस क्लब के चुनाव का रास्ता साफ हो गया है। चुनाव की मांग को लेकर प्रेस क्लब के पूर्व उपाध्यक्ष प्रफुल्ल ठाकुर ने हस्तक्षेप याचिका दायर की गई थी। इस पर सुनवाई करते हुए जस्टिस गौतम भादुड़ी ने पंजीयक फर्म एंड सोसाइटी को चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट ने पंजीयक फर्म एंड सोसाइटी को निर्देश देते हुए कहा गया है कि मतदाता सूची का परीक्षण कराने के उपरांत रायपुर प्रेस क्लब का चुनाव सम्पन्न कराएं। रायपुर प्रेस क्लब के संविधान के मुताबिक, चुनाव उपरांत पदाधिकारियों का कार्यकाल एक वर्ष का होता है। अंतिम चुनाव जून 2018 में कराए गए थे। जिसके बाद से अब तक चुनाव नहीं हुए हैं। प्रेस क्लब मतदाता सूची के परीक्षण की मांग को लेकर प्रेस क्लब सदस्य डी. बैरागी ने 2019 में हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसके बाद कोर्ट ने मतदाता सूची परीक्षण के निर्देश रायपुर प्रेस क्लब को दिए थे। चुनाव की मांग को लेकर पूर्व उपाध्यक्ष प्रफुल्ल ठाकुर ने दायर की थी हस्तक्षेप याचिका। रायपुर प्रेस क्लब ने मतदाता सूची परीक्षण के लिए एक कमेटी बनाई थी, लेकिन परीक्षण के काम नहीं हो सका। जिसके बाद 2020 में प्रेस क्लब के एक अन्य सदस्य की ओर से चुनाव की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई, जिसकी सुनवाई करते हुए कोर्ट ने जल्द से जल्द चुनाव कराने के निर्देश दिए थे। पंजीयक फर्म एंड सोसाइटी और रायपुर कलेक्टर की ओर से चुनाव की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई थी, लेकिन इसी बीच डी. बैरागी की ओर से फिर से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी प कि मतदाता सूची के परीक्षण के बगैर चुनाव कैसे कराए जा सकते हैं? जिसके बाद कोर्ट ने चुनाव पर फिर रोक लगा दी। इसके बाद चुनाव की मांग को लेकर रायपुर प्रेस क्लब के उपाध्यक्ष प्रफुल्ल ठाकुर ने पहले रिट पिटीशन और फिर हस्तक्षेप याचिका हाईकोर्ट में दायर की।

सोमवार, 6 नवंबर 2023

बेनर् पोस्टर जलाने से भाजपा की बौखलाहट सामने आ गयी - गोपाल धीवर

 बेनर् पोस्टर जलाने से भाजपा की बौखलाहट सामने आ गयी - गोपाल धीवर


रायपुर सोमवार को भाजपा प्रत्याशी खुशवंत साहेब की चुनाव प्रचार ग्राम गोढ़ी में आयोजित की गयी थी,जिसमें भाजपा कार्यकर्ताओं के द्वारा कांग्रेस के झंडा बैनर तोरण पोस्टर आदि को तोड़फोड़ कर जलाया गया है।यह भाजपा की हार की हताशा और बौखलाहट को प्रमाणित करता है। छत्तीसगढ़ में चारों तरफ़ कांग्रेस की हवा चल रही है, इसलिए मुद्दा विहीन भाजपा पुरी तरह से खिसिया गयी है और आक्रोशित होकर अलोकतांत्रिक कृत्य पर उतर आई है।दुसरी तरफ सेक्टर अध्यक्ष गोपाल धीवर ने कांग्रेस के इतिहास को अवगत कराते हुए अपने बुथ अध्यक्षों प्रभारियों और अन्य समस्त वरिष्ठ,युवा, और महिला पदाधिकारियो कार्यकर्ता को बदलें की कोई भी कार्यवाही नहीं करने की निवेदन की है और साथ ही इस बात को दुहराया है कि,आरंग विधान सभा क्षेत्र के लोकप्रिय कांग्रेस प्रत्याशी एवं केबिनेट मंत्री माननीय डॉ शिवकुमार डहरिया जी भारी बहुमत से चुनाव जीत रहे हैं।



हम शान्ति पसंद लोग हैं, इसलिए हम चुनाव आयोग की आचार संहिता,भारत के संविधान और कुदरत के कानून की मर्यादाओं को आत्मिक आदर करते हैं।

क्योंकि हम गांधी ,अंबेडकर ,इंदिरा,और राजीव गाँधी के आदर्श सिद्धांतों की विरासत वाली विश्व की महान राजनैतिक संगठन कांग्रेस पार्टी की कार्यकर्ता हैं। 


सोमवार, 18 सितंबर 2023

माना स्थित कृष्ण कुंज का शुभारंभ विधायक सत्य नारायण शर्मा ने किया

  माना स्थित कृष्ण कुंज का शुभारंभ विधायक सत्य नारायण शर्मा ने किया

रायपुर छग के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की महत्वांकाक्षी योजना के तहत ग्राम पंचायत माना के निकट माना बस्ती इंदिरा निकुंज में वन विभाग रायपुर रेंज के तहत कृष्ण कुंज का निर्माण किया गया यह माना रोपणी के समीप लगभग 3.50 हेक्टेयर भूमि पर निर्माण कराया गया जिसका शुभारंभ पूर्व मंत्री और छग शासन के वरिष्ठ कद्दावर विधायक श्री सत्यनारायण शर्मा  के आतिथ्य एवं कर कमलों द्वारा किया गया माना रोपाणी स्थित कृष्ण कुंज में कुल 33 प्रकार के फलदार औषधियुक्त पौधे जिनमे आंवला,अंजीर,जामुन,बेल, संतरा,आम,चीकू,कटहल,नींबू,करौंदा,सीताफल,अमरूद,बेर, हर्र, बेहड़ा,महुआ,इमली,तेंदू,

काजू शहतूत,रामफल,बरगद,

पीपल,नीम,कदम,प्लाश,चंदन,गुलर,चार,अशोक,अनार, बादाम, चंपा,आदि को सम्मिलित किया गया तथा लगभग 720 पौधे रोपित कर कृष्ण कुंज वाटिका का निर्माण किया गया 


 कृष्णकुंज, वाटिका के निर्माण के उद्देश्य और विस्तार के संबंध में वरिष्ठ विधायक सत्य नारायण शर्मा ने छग शासन ने अपने उद्बोधन में कहा की विलूप्त होते फलदार,औषधियुक्त पौधों को संरक्षण,संवर्धन कर उसके अस्तित्व को अक्षुण्य बनाए रखना छग सरकार की प्राथमिकता है यही वजह है कि नगर निगम,ग्राम जनपद पंचायतों के माध्यम से कृष्णकूंज का निर्माण किया जा रहा है इसकी वजह से प्रदेश भर में बड़ी संख्या में हरियाली प्रसार किया गया है विधायक सत्य नारायण शर्मा ने आगे बताया कि कृष्णकुंज स्थापना से बढ़ते प्रदूषण के विरुद्ध एक अभियान है जिससे स्वच्छ वातावरण निर्मित कर परस्पर सामाजिक समरसता स्थापित करना मुख्य उद्देश्य  है ताकि मुक्त स्वच्छ वातावरण में आम जन को स्वास्थ्य वर्धक वातावरण सहजता से कृष्णकूंज वाटिका के रूप में इसका लाभ आम जन को मिल सके

 इस कार्यक्रम में वरिष्ठ विधायक एवं  मुख्य अतिथि श्री सत्य नारायण शर्मा के अलावा स्थानीय जनप्रतिनिधि बिसौहा सिन्हा,श्रीमती किरण सिन्हा, विनय गेंद्रे,प्रकाश बांधे,दीपक देवांगन,श्रीमती उषा सोनी, रमेश सोनी,सहित  वन विभाग के आला वन मंडलाधिकारी विश्वेश कुमार झा,संयुक्त वन मंडलाधिकारी विश्वनाथ मुखर्जी, परिक्षेत्राधिकारी सतीश कुमार मिश्रा,सहायक परिक्षेत्राधिकारी तेजा सिंह साहू  सहित वन कर्मचारी स्थानीय गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे

मंगलवार, 22 अगस्त 2023

वन विभाग की पत्रिका छत्तीसगढ़ वनोदय का प्रकाशन


वन विभाग की पत्रिका छत्तीसगढ़ वनोदय  का प्रकाशन


रयपुर छग वन विभाग एवं वन विकास निगम  की सर्वाधिक पढ़े जाने वाली  हिंदी त्रैमासिक पत्रिका छत्तीसगढ़ वनोदय का प्रकाशन हो गया  शीघ्र ही  छत्तीसगढ़ वनोदय पत्रिका का प्रकाशित अंक की प्रति पाठकों के हाथों में होगा बता दे कि वन विभाग,वन विकास निगम की तथ्य परक विकास पूर्ण योजनाओं पर सामग्री प्रकाशित की जाती है अतएव इस अंक में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा हरित क्रांति के उद्देश्य से जनकल्याण कारी विकास परक योजनाओं पर केंद्र बिंदु बनाया गया है जिसमे कृष्ण कुंज, मुख्यमंत्री वन संपदा योजना, जिसका लाभ कृषक सहित सभी वर्ग के हितग्राही इसका लाभ भविष्य में उठाएंगे वही कृषि और जल संरक्षण के उद्देश्य से  नरवा योजना,बंजर पड़त भाटा भूमि में हरियाली प्रसार हेतु बहुत से अतिक्रमणकारियों से संरक्षित कर राजस्व भूमि सुरक्षित करने के उद्देश्य से चयनित स्थलों में लाखों असंख्य पौधों का सफल रोपण,  प्रभु श्री राम वन गमन मार्ग में पथ रोपण सहित 26 वीं वन खेलकूद प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ वन विभाग के साहसी खिलाड़ियों द्वारा प्रदेश को सिरमौर बनाने जैसे रोचक  लेख प्रकाशन किया गया है  विभागीय कार्यों के अलावा वन्य प्राणियों के चारागाह निर्माण जैसी उपलब्धि भी प्रस्तुत की गई है यही नही  इस अंक में बहुत से रोमांचक लेख जैसे निगम कर्मियों से हाथियों से समना जैसे लेख प्रकाशित किया गया है ज्ञातव्य हो कि कि छत्तीसगढ़ वनोदय पत्रिका का प्रकाशन विभाग के कर्मठ अधिकारी,मैदानी अमले के जाबांज वन कर्मियों के ईमानदारी से संपादित कराए गए  कर्तव्य दायित्वों का निर्वहन जैसे कार्यों का छग वनोदय पत्रिका के संपादक मंडल द्वारा रूबरू होकर साक्षातकार लेकर प्रतिसाद स्वरूप संकलित किया जाता रहा है जिसे वन विभाग,वन विकास निगम के विगत  दो वर्षों से कार्य को संकलित कर पत्रिका के रूप में लगातार प्रकाशित  किया जा रहा है  छत्तीसगढ़ वनोदय त्रैमासिक पत्रिका का यह द्वितीय वर्ष है इस के स्वामी  प्रकाशक एवं संपादक अलताफ हुसैन तथा सह संपादक मजहर इकबाल है छत्तीसगढ़ वनोदय पत्रिका के संपादक मंडल के सभी मित्रों ने  नवीन ताजा अंक के प्रकाशन पर सभी वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी कर्मचारी,मैदानी अमले द्वारा प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से समाचार संकलन में   सहयोग दिए जाने पर उनका हृदय से आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया गया है

मंगलवार, 15 अगस्त 2023

बदहाली स्थिति में काष्ठागार था कैम्पा मद से क्वार्टर,कार्यालय का निर्माण

 बदहाली स्थिति में काष्ठागार था कैम्पा मद से  क्वार्टर,कार्यालय का निर्माण 


विगत कई वर्षों से वन विभाग के  रायपुर वन मंडल कार्यालय के अधीन बहुत से  निस्तारी काष्ठागार डिपो की स्थिति जर्जर अवस्था में पहुंच चुकी थी उनका कोई भी पुरसाने हाल नही था यथावत स्थिति में टीन टप्पर और कवेलू की झोपड़ी नुमा स्थान पर बहुत से काष्ठागार संचालित हो रहे थे इन्हें देख कर कोई भी दया की कतार दृष्टि से अवश्य देखता था 


परंतु रायपुर वन मंडल कार्यालय के संवेदन शील वन मंडल अधिकारी विश्वेश कुमार झा ने कष्ठागार डिपो की दयनीय स्थिति देखी तो उनके पुनरुद्धार की पहल की तथा तब कार्य योजना निर्माण कर समस्त काष्ठागार में आमूलचूल परिवर्तन और नव निर्माण हेतु प्रस्ताव भेजा गया  जिसकी स्वीकृति कैम्पा मद से दी गई तथा रायपुर वन मंडल के अधीन समस्त काष्ठागार निस्ता़री डिपो का नव निर्माण प्रारंभ हुआ उन्ही जर्जर निस्तारी डिपो में  विधान सभा के समीप स्थित बरौंदा डिपो भी एक था जहां एक झोपड़ी नुमा स्थल में दशकों से कार्य संचालित हो रहा था  


जिसके नव निर्माण कार्यालय सहित वन रक्षक आवासी परिसर भवन कर काया कल्प किया गया तथा वर्तमान नव निर्मित भवन की स्थिति  लगभग पंचांनबे (95%) प्रतिशत कार्य का संपादन पूर्ण करा लिया गया रायपुर वन मंडल के रायपुर तिल्दा परिक्षेत्र में विधान सभा के समीप स्थित बरौंद काष्ठागार निस्तारी डिपो स्थित वन रक्षक क्वार्टर के निर्माण संदर्भ  में एस. डी.ओ.विश्वनाथ मुखर्जी साहब से चर्चा किए जाने पर बताया कि वन मंडल रायपुर के अधीन काष्ठागार डिपो काफी प्राचीन और जर्जर अवस्था में पहुंच चुका था वन कर्मी बड़ी विकट परिस्थिति में कार्य संपादन करते थे सभी ऋतुओं का  प्रभाव कार्य और वन कर्मी झेलते थे जिसे डी.एफ.ओ. विश्वेश कुमार झा ने महसूस किया इसके नव निर्माण में पहल करते हुए कैम्पा मद से सभी काष्ठागार का निर्माण की अनुमति दी एस.डी.ओ. विश्वनाथ मुखर्जी ने आगे बताया कि रायपुर वन मंडल के अधीन सभी काष्ठागार स्थल में चौगद्दी दीवार के साथ बाउंड्री वॉल निर्माण करने के आदेश दिए  साथ ही मुख्य गेट का निर्माण करवाया गया ताकि डिपो के काष्ठ और निस्तारी सामग्री सुरक्षित रखा जा सके रायपुर तिल्दा परिक्षेत्र के पूर्व रेंजर साधे लाल बंजारे ने बताया कि बरौंदा काष्ठागार डिपो में वन कर्मियों को बैठने का समुचित स्थान नहीं था पूर्व में निर्मित झोपड़ी में इसका संचालन होता था सर्व प्रथम गेट के समीप कार्यालय का निर्माण किया गया जहां से कार्य सुचारू ढंग से जारी हुआ 



वही रायपुर तिल्दा परिक्षेत्र के वर्तमान रेंजर सतीश मिश्रा बताते है कि भवन क्वार्टर न होने से वन कर्मी भी संध्या पश्चात पलायन कर जाते थे जिससे डिपो चौकीदार के भरोसे रहता था अब यह स्थिति नही होगी रायपुर रेंजर सतीश मिश्रा कहते है कि काष्ठागार के दिन बहुरेंगे यह तो तय था परंतु  रायपुर वन मंडल के वन मंडलाधिकारी विश्वेश झा साहब की दूर दर्शी सोच ने संपूर्ण क्षेत्र की कायाकल्प कर रख दी जिसकी वजह से सभी वन कर्मी गदगद है तथा दोगुने उत्साह से कार्य संचालित कर रहे है साथ ही काष्ठ सामग्री भी अब पूरी तरह सुरक्षित हो गया है 


   रायपुर परिक्षेत्र के बसोड़  डिपो प्रभारी एस.के.सामंतराय ने बताया कि बसोड़  उपभोक्ता डिपो में समस्त वीआईपी बेरीकटिंग कार्य एवं बसोड  को रियायत दर पर बांस दिया जाता है उन्होंने बताया कि कोरोना काल के भयावह  स्थिति में जिस समय लोग घर से पर निकलने से डरते थे उस समय हमारे मार्गदर्शक वन मंडला अधिकारी श्री विश्वेश कुमार झा साहब के मार्गदर्शन में  रायपुर नगर निगम के सारे जोन में लगभग 20 लाख का लकड़ी दाह संस्कार हेतु बसोड़ डिपो से ही प्रदाय किया गया था यही नही वे आगे बताते है कि भविष्य में आसपास के समस्त ग्रामीणों को मनरेगा के तहत  रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से डिपो में रिक्त स्थल पर शीघ्र नर्सरी कार्य प्रारंभ किया जाएगा जिससे आसपास क्षेत्रों के लिए पेड़ पौधे  सहजता से उपलब्ध हो सकेगा 
बसौड काष्ठागार डिपो के फॉरेस्ट और प्रभारी  एस.के.सामंत राय से चर्चा करने पर बताया कि वन रक्षक क्वार्टर को वर्तमान आधुनिक स्तर पर निर्माण किया गया है  जिसमे सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है दो  बड़ा कमरा, बड़ा हॉल  सहित खुले खिड़की दरवाजे निर्माण किया गया उसके पीछे की तरफ आधुनिक किचन स्थल निर्माण कराया गया जिसमे हवादार खिड़की लगाई गई है ताकि मुक्त वातावरण में खाद्य सामग्री,भोजन निर्माण किया जा सके बारौंदा डिपो प्रभारी सामंत राय बताते है कि किसी भी निर्माण में किसी प्रकार का कोई समझौता नही किया गया है  समस्त कमरों में हॉल किचन में उत्तम क्वालिटी के आकर्षिक टाइल्स लगाए गए  है प्रवेश  दरवाजे सहित सभी कमरों में लकड़ी के दरवाजे लगाए गए है सभी कमरे सहित किचन जगह में खिड़की लगी है ताकि स्वच्छ शुद्ध हवा का झोका भीतर तक पहुंच सके बारौंद डिपो प्रभारी एस.के.सामंतराय आगे बताते है कि लेट बॉथ को बाहरी हिस्से में निर्माण किया गया है उसी के बगल में रिक्त भूमि है जहां खुला हिस्सा में आंगन है वहां सूर्य की किरणे की तेज से वातावरण को खुशनुमा  बनाएगा वही मुख्य दरवाजे पर पोर्च भी निर्माण किया गया है जहां गाड़ी,मोटर सायकल रखा जा सके डिपो प्रभारी एस.के.सामंत राय आगे बताते है कि संपूर्ण क्वार्टर को आधुनिकता के साथ निर्माण किया गया हैं लगभग छ लाख से ऊपर राशि लगाई गई है कोई भी वन कर्मी सपरिवार वहां जब भी निवास करेगा तो उन्हे सुखद अनुभूति होने का लाभ प्राप्त होगा उनका कथन है कि जीवन में प्रत्येक व्यक्ति का मकान का एक सपना जरूर रहता है भले ही सेवा काल में स्वयं का निजी मकान    निर्माण नही कर सकता है  मगर शासकीय सेवा में निवास करते हुए आवासीय मकान का यह सपना बरौंदा कष्ठागार परिसर में पूरा जरूर हो सकता है जिसके लिए रायपुर वन मंडल के डी एफ ओ विश्वेश कुमार झा सहित समस्त अधिकारी गण बधाई के पात्र है

शुक्रवार, 11 अगस्त 2023

आरंग हरदीडीह में फलदार वृक्षारोपण से ग्रामीणों को मिलेगा आर्थिक लाभ

 आरंग हरदीडीह में फलदार वृक्षारोपण से ग्रामीणों को मिलेगा आर्थिक लाभ


अलताफ हुसैन

छग शासन के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और वन मंत्री मोहम्मद अकबर की मंशा अनुरूप प्रदेश में हरित क्रांति लाने के लिए बहुत सी योजनाओं का वन विभाग का मैदानी अमला द्वारा सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है जिससे प्रदेश की पड़त भाटा भूमि और राजस्व भूमि में लगातार प्लांटेंशन किया जा रहा है ऐसी कोई भी अब पड़त भाटा भूमि मैदानी क्षेत्र का राजस्व भूमि रिक्त दिखाई नही दे रहा है जिससे चहुंओर हरियाली परिलक्षित न हो रही हो इसी क्रम में रायपुर वन मंडल के तहत आरंग परिवृत समोदा नगर पंचायत के हरदीडीह ग्राम के राजस्व भूमि में लगभग बीस हेक्टेयर पड़त राजस्व भूभाग में  22000 फलदार पौधों का सफल रोपण किया गया जो अपने आप में एक मिसाल मानी जा रही है चर्चा इस बात को लेकर हो रही है कि उक्त क्षेत्र में लगभग 80 प्रतिशत  फलदार पौधे लगाए गए है कारण यह माना जा रहा है कि बहुत से वन्य प्राणीयों जिनमे वानरो की संख्या अत्यधिक है उनके द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के घरों को क्षतिग्रस्त करते है तथा भालू सहित शाकाहारी वन्य प्राणियों का लगातार आवागमन बना रहता है जिनके भावी फल फूल खाद्यान्न चारे की व्यवस्था  सुनिश्चित करने के उद्देश्य की मंशा नजर आ रही है इस संदर्भ में


 वरिष्ठ रायपुर वन मंडल अधिकारी विश्वेश झा का कथन है कि ग्राम हरदीडीह  में अस्सी प्रतिशत फलदार रोपण का उद्देश्य वन्य प्राणियों को भविष्य में बड़ी सहजता के साथ सुचारू रूप से फलदार पौधे उपलब्ध हो सकेंगे वही स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार भी उपलब्ध हो सकेगा डी.एफ.ओ. विश्वेश झा आगे बताते है कि रिक्त भूमि पर लगातार अतिक्रमण सहित समीप स्थित नदी से रेत उत्खनन किया जा रहा था जिसकी वजह से नदी का कटाव का दायरा भी बड़ रहा था इससे समीप ग्राम वासियों और क्षेत्र को भगौलिक स्थिति में व्यापक असर पढ़ता उन्होंने आगे कहा कि रोपण से बीस हेक्टेयर भूमि सुरक्षित हो गई है 


रायपुर वन मंगल के उप वन मंडलाधिकारी विश्वनाथ मुखर्जी का कथन है कि रोपण क्षेत्र में लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है प्रथम निंदाई गुड़ाई और उपचार हेतु खाद इत्यादि डाली जा रही हैं सुरक्षात्मन दृष्टिकोण से पोल फेंसिंग की गई है तथा मुख्य मार्ग में गेट लगाया गया है ताकि मवेशियों चराई से सुरक्षित रखा जा सके  एस डी ओ विश्वनाथ मुखर्जी आगे बताते है कि स्थानीय कर्मियों को चौकीदारी नियुक्त की गई है जो रोपण क्षेत्र में निगरानी कर रहे है   वही रायपुर परिक्षेत्राधिकारी सतीश मिश्रा इस संदर्भ में बताते है कि बहुत से ग्रामीण राजस्व भूमि पर साग सब्जी एवं अन्य काश्तकारी किया जाता था जिससे अतिक्रमण की आशंका बढ़ गई थी परिक्षेत्र अधिकारी सतीश मिश्रा आगे बताते है कि 22 हजार पौधों का सफल रोपण काम समय में कड़ी मेहनत से किया गया है और अल्प समय में ही बड़ी तेजी से पौधे बढ़त बनाए हुए है 


नवा रायपुर रेंजर श्री सतीश मिश्रा आगे बताते है कि आरंग परिवृत क्षेत्र अंतर्गत अन्य ग्रामों में रोपित किए गए वृक्षारोपण में अधिकांश फलदार,फूलदार पौधे लगाए गए है ताकि क्षेत्र  प्रदूषण मुक्त होने के साथ साथ  स्थानीय ग्रामीणों को भावी रोजगार मुहैया उपलब्ध हो सके रायपुर वन मंडल अंतर्गत आरंग परिवृत के अनुभवी कार्यों के प्रति जुझारू समर्पित निष्ठावान डिप्टी रेंजर लोकनाथ ध्रुव जो फील्ड में सदेव तत्पर नजर आते है उन्होंने बताया कि हरियाली प्रसार के तहत खमतराई,6 हेक्टेयर, परसदा मु.,3 हेक्टेयर,तुलसी से परसदा मार्ग दो किलोमीटर, ग्राम तुलसी 6हेक्टेयर,ग्राम हरदीडीह 20 हेक्टेयर, गुल्लू भाग दो में 8 हेक्टेयर में  लगभग छ  पृथक स्थानों पर राजस्व भूमि एवं सड़क मार्ग में  पचहत्तर हजार से अधिक पौधों का रोपण किया गया है जिसकी वर्तमान स्थिति बेहतर और बढ़त बनाए हुए है


आरंग परिवृत के डिप्टी रेंजर लोकनाथ ध्रुव आगे बताते है कि इसके लिए वरिष्ठ वन मंडल अधिकारी विश्वेश झा अनुभवी रायपुर वन मंडल के एस डी ओ. विश्वनाथ मुखर्जी, रायपुर परिक्षेत्राधिकारी सतीश मिश्रा के मार्गदर्शन और दिशा निर्देश पर संपूर्ण रोपण कार्य संपादित हुआ है अब क्षेत्र में चहुओर हरियाली बढ़ गई है डिप्टी रेंजर ध्रुव आगे बताते है कि 22000 रोपण पौधे तीन बाई तीन के  अंतराल में लगाएं गए है जिसमे अस्सी प्रतिशत से अधिक फलदार पौधे रोपित किए गए है जिनमे,जामुन,अमरूद, हर्रा, बेहडा,आंवला,सीताफल,

बोहार,शिशु,नीम,इमली, खम्हार,पीपल,बांस,चारु,

बेल, इत्यादि पौधे लगाए गए है आरंग डिप्टी लोकनाथ ध्रुव बताते है कि अधिक फलदार पौधे लगाने की मंशा मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के अनुरूप किया गया है जो तेजी से बढ़ने वाले पौधे है इसका लाभ वन्य प्राणियों सहित  स्थानीय ग्राम वासीयों को प्राप्त होगा छ वर्ष तक इसकी सुरक्षा,व्यवस्था, निंदई,गुड़ाई, वृद्धि,,ग्रोथ,उपचार,

केज्यूवल्टी  विभाग द्वारा निष्पादन किया जाएगा पश्चात नगर पंचायत के अधीन ग्राम को हैंडवर्क कर दिया जाएगा 


श्री ध्रुव आगे बताते है कि ऐसे फलदार पौधों से प्राप्त कृषि फल उत्पादन पश्चात ग्राम सरपंच द्वारा स्थानीय ग्रामीणों को भविष्य में रोजगार उपलब्ध कराकर फल विक्रय कर लाभ उठाया जाएगा जिससे अतिरिक्त आय का साधन निर्मित होगा आरंग डिप्टी लोकनाथ ध्रुव ने आगे बताया यह योजना मुख्यमंत्री वृक्ष वन संपदा योजना के समान है जिसका आर्थिक लाभ चार से पांच वर्ष पश्चात भविष्य में स्थानीय ग्राम वासियों को प्रारंभ हो जाएगा आरंग डिप्टी लोकनाथ ध्रुव आगे कहते है कि मैदानी क्षेत्र के सभी वन कर्मी पूरी मुस्तैदी से कार्य कर रहे है इस संदर्भ में ग्राम हरदीडीह वृक्षारोपण क्षेत्र अवलोकन हेतु जब वहां पहुंचा गया तब


 रोपण क्षेत्र में आरंग वन रक्षक सावन कुमार साहू रोपण क्षेत्र में खाद,दावा छिड़काव करवा रहे थे उनसे बात करने पर बताया कि छ माह तक थाला निर्माण कर निंदाई गुड़ाई,उपचार कार्य कर लिया जाएगा अभी सभी पौधे स्वस्थ्य है और पूरी बढ़त बनाए हुए है कीट प्रकोप से बचाव के लिए दवा खाद छिड़काव जारी है वन रक्षक सावन कुमार साहू ने बताया कि सावन का मौसमी वर्षा होने से सिंचाई नही की जा रही है परंतु सिंचाई उत्खनन हेतु बोरिंग लगाया जाएगा चार,पांच वर्ष पश्चात रोपण में फल लगना प्रारंभ हो जाएंगे जिसका लाभ स्थानीय ग्रामीणों को प्राप्त होगा इनकी आर्थिक सुदृढता बढ़ जाएगी 

सोमवार, 31 जुलाई 2023

वर्ल्ड रेंजर्स डे पर राजधानी में जुटे प्रदेश भर के रेंजर्स

 वर्ल्ड रेंजर्स डे पर राजधानी में जुटे प्रदेश भर के रेंजर्स 


रायपुर छत्तीसगढ़ फॉरेस्ट रेंजर एसोशिएशन का होटल एम्पायर वी.आई. पी. रोड में रेंजर्स डे मनाया गया जिसमे प्रदेश भर के रेंजर्स उपस्थित हुए तथा अपने अनुभव का साझा किया उन्होंने बताया की वनों के संरक्षण संवर्धन की आवश्यक है यदि वन है तो संपूर्ण विश्व के जीव जंतु मानव जगत की सुरक्षा है बदलते परिवेश में ग्लोबल वार्मिंग का तापमान परिवर्तित हुआ है उसे ही वनों की सुरक्षा से सुरक्षित किया जा सकता है अखिल भारतीय राजपत्रित वन अधिकारी एसोशिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सतीश कुमार मिश्रा ने आगे बताया कि वनों का लगातार हास हुआ है इसकी वजह से वन्य प्राणियों का जीवन भी सांसत में पड़ चुका है आए दिन वन्य प्राणी भूख प्यास और खाद्य पदार्थ की लालसा में अकाल मौत का ग्रास बन रहे है जिससे इनकी संख्या लगातार घट रही है  वनों के संरक्षण के साथ साथ वन्य प्राणियों के संवर्धन की आवश्यकता है जिसका नैतिक दायित्व सभी रेंजर्स का कर्तव्य बनता है


राष्ट्रीय अध्यक्ष सतीश मिश्रा ने इस संदर्भ में प्रदेश के रेंजरों के समक्ष उपजी विसंगतियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि डंडे के बल पर वनों की सुरक्षा सुनिश्चित नही की जा सकती काष्ठ माफिया तस्करों और शिकारियों से हमेशा दो चार होना पड़ता है ऐसे बहुत से पूर्व उदाहरण मिल चुके है जिसमे रेंजर अधिकारी अपनी  जान दे कर कर्तव्यों का दायित्व निभाते हुए अपनी जान गंवा बैठे उन्होंने आगे कहा हम ऐसे अधिकारियों को स्मरण कर श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए उनको नमन करते है और बगैर संसाधन के विचलित हुए बगैर हमे अपने कर्तव्यों का निर्वाहन करना है और वनों की सुरक्षा के साथ वन्य प्राणियों की सुरक्षा भी अनिवार्य करना है विश्व रेंजर्स डे के इस अवसर पर प्रदेश भर के रेंजर्स सहित अखिल भारतीय राजपत्रित रेंजर एसोसिएशन के पदाधिकारी गण उपस्थित थे  तथा बहुत से वक्ताओ  ने कार्यक्रम को संबोधित अध्यक्ष प्रकाश ठाकुर अध्यक्ष छग रेंजर्स एसोसिएशन रायपुर व्ही एन दुबे, श्री मिर्जा फिरोज बेग,महासचिव  ने  दिया मुख्य अतिथि की आसंदी से पी सी सी एफ  श्री निवास राव ने संक्षिप्त उद्बोधन  में उपस्थित समस्त रेंजर्स को वर्ल्ड रेंजर्स डे की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बहुत सी कमियां है जिसे भविष्य में दूर करने का प्रयास किया जाएगा वही कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य वन संरक्षक दिलराज प्रभाकर विशेष अतिथि के रूप में रायपुर वन मंडल अधिकारी विश्वेश झा  उपस्थित थे राष्ट्रीय अध्यक्ष सतीश कुमार मिश्रा ने 4800 वेतनमान शासन से पहल करने की मांग रखी गई है जिसका समर्थन सभी पदाधिकारी उपाथित रेंजर्स ने किया