मंगलवार, 11 फ़रवरी 2025

पंडित रवि शंकर शुक्ल वार्ड क्रमांक 34 मे कई मतदाताओं का नाम गायब

 पंडित रवि शंकर शुक्ल वार्ड क्रमांक 34 मे कई मतदाताओं का नाम गायब 

रायपुर पंच वर्षीय नगरीय निकाय चुनाव मे पंडित रवि शंकर शुक्ल वार्ड क्रमांक 34 में इस बार बहुत से मतदाताओं का सूची मे नाम कट गया या पर्ची इधर से उधर अन्यंत्र अन्य वार्ड चली गई जिसकी वजह से बहुत से मतदाता दिन भर अपनी पर्ची पाने के लिए यहाँ वहाँ भटकते रहे तथा बहुत से मतदाता अपने पसंदीदा प्रत्याशी के पक्ष मे मत देने से वंचित रह गए सुबह से बूथ का चक्कर काटने वाले अनेक मतदाताओं ने छ्ग शासन के निर्वाचन आयोग के कार्य प्रणाली पर रोष व्यक्त करते हुए बताया कि गत विधान सभा एवं लोकसभा  चुनाव के समय बकायदा मतदाता सूची मे उनका नाम एवं पर्ची आई थी जिस पर हमने अपने पसंदीदा प्रत्याशी को वोट किया था परंतु नगर निगम चुनाव मे परिसिमन पश्चात बहुत से मतदाताओं का नाम और पर्ची विलुप्त कर दिया गया या फिर अन्यंत्र प्रकाशित हो गया जिसका कही अता पता नही चल पा रहा है तथा आम लोग खासे परेशान होते रहे यहाँ तक कुछ मतदाताओं ने यह भी बताया कि छ्ग निर्वाचन आयोग के एप से भी बहुत से मतदाताओं का नाम अपडेट के अभाव मे विलुप्त कर दिया गया है जबकि वर्षों से वे मतदान करते आ रहे है वही स्थानीय निवासियों ने यह आरोप लगाते हुए राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जानबुझ कर बहुत से मतदाताओं के नाम और पर्ची को विलुप्त कर दिया गया ताकि किसी एक पार्टी का लाभ मिल सके तथा उसका वर्चस्व बरकरार रहे फिल्हाल पं. रवि शंकर शुक्ल वार्ड क्रमांक 34 मे लगभग आठ सौ से लेकर एक हजार से उपर मतदाता का नाम गायब होने की बात बताया जा रहा है जिसका नुक्सान बहुत से दलीय, निर्दलीय प्रत्याशियों पर पड़ेगा मतदाताओं की पर्ची और मतदान न करने की वजह से मतदान की प्रक्रिया सुस्त रफ़्तर से रही है अपरान्हा पांच बजे तक 55 से साठ प्रतिशत मतदान होने का अनुमान  होना बताया जा रहा है मत दाताओं की सूची से नाम गायब होने की बात अन्य वार्डों मे भी बताई जा रही है 

शुक्रवार, 17 जनवरी 2025

योजनाओं और मंत्रियों का चेहरा चमकाने वाला जन संपर्क विभाग क्यों कर रहा शासन की छबि धूमिल

 योजनाओं और मंत्रियों का चेहरा चमकाने वाला जन संपर्क विभाग क्यों कर रहा शासन की छबि धूमिल


अलताफ़ हुसैन

 रायपुर (फॉरेस्ट क्राईम न्यूज़) रायपुर,,,धनघोर आश्चर्य,,, क्या सोचा जा सकता है कि   छ्तीसगढ़ जन संपर्क विभाग अब कुछ लोगों के लिए धन संधान विभाग बन चुका है  यानी धन कमाने की मशीन बन चुका है सुन कर और पढ़ कर कुछ आश्चर्य तो अवश्य होगा परंतु यह शाश्वत सत्य है  हाल ही मे किसी ने आर टी आई के मध्यम से पूर्व कुछ प्रदर्शित विज्ञापन के  पत्र मांगे गए जिनमे कुछ ऐसा भी  अखबार समाचार पत्र पत्रिकाओं की जानकारी मिले जिसमे लगभग दो करोड़ से उपर की राशि का भुगतान कर इतिहास रचा दिया जो सीधे सीधे सैकडों लघु पत्र पत्रिकाओं के मौलिक अधिकारों का हनन है बताया जाता है कि माह अक्टुबर 2024 से बहुत से निकलने वाले लघु पत्र पत्रिकाओं को जन संपर्क विभाग से मिलने वाला नियमित विज्ञापन पर डाका डाल कर तथा कथित  दो समाचार पत्र पत्रिका को लाखों करोड़ों का विज्ञापन  जारी कर दिया गया अब उन्हे उक्त राशि भुगतान जन संपर्क विभाग ने किया गया या नही यह तो जन संपर्क विभाग ही बात सकता है परंतु  उन दो समाचार पत्र पत्रिकाओं के मामले मे तो जन संपर्क विभाग सही मायनों मे उनके लिए धन कुबेर  बन गया है अब इनका सरकुलेशन स्थानीय अन्य पत्र पत्रिकाओं के सरकुलेशन से अधिक तो नही निकलता होगा फिर भी  उक्त कथित समाचार पत्र पत्रिका को लाखों  करोड़ों का विज्ञापन किस आधार पर जारी किया गया यह जबरदस्त चर्चा का विषय बना हुआ है जबकि बहुत से स्थानीय पत्रकारों के मध्य जमकर चर्चा इस बात को लेकर भी हो रही है कि स्थानीय अथवा छ्ग प्रदेश के समाचार पत्र पत्रिका को विज्ञापन जारी होता तो छग शासन की योजनाओं का स्थानीय या प्रदेश में प्रचार प्रसार किया जाता परंतु मध्य प्रदेश के ग्वालियर, और दिल्ली से निकलने वाले समाचार पत्र पत्रिका मे  लाखों और करोड़ों रुपये का विज्ञापन जारी करना किसी को भी संदेह पैदा करता है वह भी डीएवीपी दर से कई गुना अधिक राशि से जो प्रसिद्ध समाचार पत्र पत्रिकाओं को भी इतनी राशि जारी नही किया जा सकता जो विज्ञापन नीति और नियम कानून के विपरीत है जो सीधे तौर पर भ्रष्टचार और कमीशन खोरी होने का अंदेशा व्यक्त करता है   बताते चले कि छ्ग जन संपर्क विभाग रायपुर में लगभग तीन सौ से उपर पत्र पत्रिकाओं का जो सूचना और भारत सरकार मंत्रालय से आर. एन. आई. द्वारा पंजीकृत है वह स्थानीय जन संपर्क विभाग रायपुर में  पंजीबद्ध है जिनमे साप्ताहिक, पक्षिक, मासिक समाचार पत्र पत्रिकाओं  को दस हजार या अधिक का विज्ञापन प्रति माह जारी किया जाता है परंतु विज्ञापन नीति न होने के कारण अपनी..ढफली अपना राग...की तर्ज पर यहाँ भी बंदर बांट की तरह,,,अंधा बांटे रेवड़ी,,फिर फिर अपने को देय,,, की कहावत चरितार्थ होते नज़र आती है ऐसे भी पत्र पत्रिकाएँ है जिनका कोई सरक्युलेशन नही मगर उन्हे दस हजार से लेकर एक लाख से उपर का विज्ञापन जारी कर  उन्हे महिमा मंडित किया जा रहा है वही दूसरी ओर अनेक पत्र पत्रिकाए दसों साल से उपर नियमित प्रकाशन को विज्ञापन देने मे लगातार उपेक्षित किया जा रहा  है वहीं कई बगैर आर एन आई. से पंजीकृत वेब पोर्टलों को पचास  हजार के उपर लाखों के विज्ञापन जारी किये जा रहे है 


जिस प्रकार हमें मिले दो रिलीज ऑर्डर पत्र न्यूज़ कोड संख्या 41316/1 में राशि 11457152-00 की (एक करोड़ चौदह लाख संतावन हजार एक सौ बावन रुपये) की राशि तथा दूसरे रिलीज ऑर्डरर की इंग्लिश हिंदी पत्रिका कोड संख्या 12883/1 मे 8823529-00 की राशि शब्दों में (अठियासी लाख तेइस हजार पांच सौ उनतीस रुपये) की राशि कुल 20,280,,681 रुपये जन संपर्क उर्फ धन संधान विभाग द्वारा जारी किया गया जो अपने आप मे एक अविश्वसनीय उदाहरण है यही नही जन संपर्क विभाग में उपर बैठे अधिकारी के बंदर बांट वाला यह कार्यक्रम अब भी अनवरत जारी है लगभग सौ पत्र पत्रिकाओं और बहुत से न्यूज़ पोर्टल को अक्टुबर 2024 से विज्ञापन बंद कर दिया गया लगातार जन संपर्क विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर जब उन्हे विज्ञापन बंद करने की वजह पूछने पर टाल मटोल कर हीला हवाला किया जा रहा है इससे सपष्ट भान होता है कि बहुत से पत्र पत्रिकाओं  एवं वेब पोर्टल की रोकी गई राशि को  खुर्द बुर्द कर कमीशन खोरी का यह मिशन अब भी निर्बाध गति से जारी है अब ऐसे परिस्थितियों मे राज्य शासन मे उपर बैठे मंत्रीयों, जन प्रतिनिधियों और नौकर शाहों अधिकारियों,का स्वच्छ और साफ सूथरा  चेहरा चमकाने हेतु शासन द्वारा करोड़ों के बजट के साथ निर्मित जन संपर्क रूपी ब्यूटी पार्लर मे शासन के ही नुमाइंदे जन कल्याण कारी योजनाओं को पलीता  लगाने उन राशि से अपनी छबि चमकाने दमकाने मे लगे हुए है छ्ग जन संपर्क विभाग की यह सुपर्णखा रूपी विकृत चेहरा निर्मित करने के पीछे कुछ भाजपा  पार्टी के विभीषण  का हाथ होने के संकेत मिल रहे है जिसकी जांच और ऑडिट कराया जाना चाहिए जिसमे बहुत बड़े गड़बड़ घोटाले, और भ्रष्टाचार की परत खुल सकती है वर्तमान मे बहुत से तथा कथित पत्रकार जो दो से तीन पत्रिकाओ का प्रकाशन तथा वेब पोर्टल के मध्यम से हजारों लाखों का विज्ञापन के जरिए प्राप्त कर रहे है उसकी भी विज्ञापन नीति के माप दंड के अनुसार जांच की जाने चाहिए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके. 

सोमवार, 6 जनवरी 2025

वन कर्मीयों के पास ,बाल, खाल,काष्ठ, तोता, पकड़ने के अलावा कुछ काम नही, ई कुबेर किसी के लिए वरदान, किसी के लिए चुनौती

 वन कर्मीयों के पास ,बाल, खाल,काष्ठ, तोता, पकड़ने के अलावा कुछ काम नही, 

ई कुबेर किसी के लिए वरदान, किसी के लिए चुनौती 

 

अलताफ़ हुसैन

 फॉरेस्ट क्राईम न्यूज़ -रायपुर छत्तीसगढ़ वन विभाग के वह दिन लद गए जब वन कर्मियों के पास कार्य योजनाओं की भरमार  रहती थी रिक्त पड़त भाटा भूमि मे हरियाली प्रसार करने के लिए प्लांटेशन सहित वनों के संरचनाओं मे नित नए निर्माण एवं प्रयोग किया जाता था ताकि छ्ग प्रदेश के बनों का विस्तार निरंतर होता रहे  परंतु विगत एक वर्षों से देखा यह जा रहा है कि  अपवाद स्वरूप प्रदेश के कुछ परिक्षेत्र स्थल पर रिक्त पड़त राजस्व भाटा भूमि में प्लांटेशन कार्य छोड़ दिया जाए तो शेष वन राजस्व भूमि, वन क्षेत्रों मे कोई भी उल्लेखनीय कार्य नही हुए है तथा मैदानी क्षेत्र मे भी अधिकतम नाममात्र पचीस से तीस प्रतिशत कार्य का ही क्रियान्व्यन  हो पाया वह भी विशेष परिस्थितियों मे उक्त प्लांटेशन इसलिए कराए गए क्योंकि  देश के यशस्वी प्रधानमन्त्री श्री नरेंद्र मोदी जी की महत्वाकांक्षी योजना एक पेड़ माँ के नाम से कुछ राजस्व भूमि स्थान मे हरियाली प्रसार एवं पौधा रोपण कर नाम मात्र कार्य संपादित कर अपनी गतिविधि दर्ज कर अपनी पीठ थप थपा सके परंतु वास्ताविकता यह है कि ऐसा रोपण  कार्य लगभग नगण्य  रहा है वर्ष 2024 मे अतिरिक्त हरियाली प्रसार के नाम पर प्रदेश भर के वन मंडल परिक्षेत्रों मे  निःशुल्क पौधे वितरण किया गया रोपे गए पौधों भी...ऊँट के मुह मे जीरा.. जैसे साबित हो रहे है सर्वाधिक आश्चर्य का विषय 2024 मे तब हुआ जब संपूर्ण वर्षा ऋतु काल मे वन विभाग के अधिकांश वन वृतों के राजस्व एवं वन भूमि परिक्षेत्र, में वन कर्मी हाथ पर हाथ धरे हुए ऑफिस की कुर्सी मे जमे रहे किसी भी अधिकारी कर्मचारीयों द्वारा प्लांटेशन या पथ रोपण कार्य मे हाथ नही डाला गया  इसका मुख्य कारण केंद्र सरकार द्वारा आर. बी. आई. के मध्यम से सीधे ई कुबेर की राशि संबन्धित कार्य के दुकानदार अथवा ठेकेदार, निविदा कारों के खाते मे आंतरित किया जाने लगा ज्ञातव्य हो कि किसी भी रोपण प्लांटेशन कार्य जैसे वर्षा ऋतु मे नही किया जाना किसी को भी आश्चर्य मे डाल सकता है फिर भी कार्य के नाम पर नर्सरी से आम जन को निशुल्क पौधों का वितरण किया गया जो पूर्व करोङों रुपये की विभाग द्वारा प्रदत्त लागत से वहन किया गया था गौर तलब है कि कोई भी नर्सरी अथवा प्लांटेशन, रोपण कार्य मे पॉलीथीन बैग से लेकर बीज, रसायनिक जैविक खाद क्रय हेतु पहले राशि लगाई जाती थी तद पश्चात उसका भुगतान किया जाता था अब सीधे ऑन लाइन खरीदी से  संपूर्ण बिल का भुगतान दुकानदार को विभाग द्वारा ऑन लाइन कर लिया जाता  परंतु अब भुगतान ठेका प्रणाली या निविदा के मध्यम से ई कुबेर द्वारा होने लगी है जिसकी वजह से सामाग्री  कार्य स्थल पहुँचने तक आधा वर्षा ऋतु काल व्यतीत हो जाता है वही निर्माण संरचना हेतु जैसे ईटा गिट्टी रेती सीमेंट,  इत्यादि का भुगतान भी ठेकेदार निविदा पद्धति के मध्यम से सीधे ई कुबेर के मध्यम से किया जा रहा है जिसकी वजह से मैदानी कार्यों, एवं प्लांटेशन कार्यों मे लेट लतीफ होना स्वभाविक है इस पर मैदानी अमलो पर नए नियम कानून थोप दिया गया एक तो अल्प बजट के अभाव से अधिकारियों एवं मैदानी वन कर्मियों के कार्यों मे अनिश्चितता की स्थिति निर्मित बनी हुई है उपर से नये नियम कानून के तहत शत प्रतिशत प्लांटेशन, पथ रोपण न होने की स्थिति मे संबंधित परिक्षेत्राधिकारी डिप्टी रेंजर सहित मैदानी अमले से संपूर्ण लागत राशि रिकवरी करने की हिटलरी फरमान से स्थिति भयावह निर्मित हो गई है  कोई भी अधिकारी, कर्मचारी, इस परिस्थिति मे नौकरी दांव मे रख कर कोई  रिस्क नही उठाना चाहता जबकि अमुमन देखा यह गया है कि प्लांटेशन, पथ रोपण पश्चात गाय गरुवा एवं मवेशी चराई,प्रकृति आपदा, असमाजिक तत्वों द्वारा पेड़ पौधों की कटाई एवं सुरक्षात्मक घेरो की टूट फूट,चोरी होने से उपरोक्त परिस्थितियों में प्लांटेशन  रोपण शत प्रतिशत रह पाना असंभव है     


जन प्रतिनिधियों की ठेकेदार प्रणाली से वे तो गदगद हो गए शेष बजट मे बैठे अधिकारियों का प्रसेंटेज़ मे बढ़ोतरी की मांग से बजट का ग्राफ और कम स्थिति मे पहुँच गया उस पर प्लाटेशन भी शत प्रतिशत होना सामाग्री खरीदी भी एक नम्बर मे चोखा होना तथा उस पर समस्त प्लांटेशन शत प्रतिशत  न होने पर इसकी रिकवरी रेंजर, डिप्टी रेंजर मैदानी अमले से ही लेना अन्यथा उस पर विभागीय डंडा चलने की बात से सभी कर्मचरियो ने कार्यों से अपना हाथ खिच चुके है जिसका खामियाजा उन्हें ही भुगतना है उपर बैठे अधिकारी अपने हिस्से का कमीशन भी यहाँ वहाँ से निकाल ही लेंगे तथा इससे सरकार को भी कोई नुक्सान नही होगा क्योंकि केंद्र से या राज्य से मिलने वाली राशि को ई कुबेर के माध्यम बैंक मे जमा राशि से करोडों रुपये का ब्याज बैठे बिठाए देर सबेर उन्हे मिल ही जाएगा वही रेंजर से लेकर मैदानी अमलो के लिए बेहद परीक्षा और चुनौती की घडी है वही राज्य से मिलने वाला बजट के अलावा केंद्र से भी वन्य प्राणियों की सुरक्षा,सफारी, पर्यटन,अभ्यारणय का अलग बजट विभाग को मिलता है परंतु उक्त राशि के बारे मे यह चर्चा आम है कि राशि का क्रियानव्यन...जंगल में मोर नाचा किसने देखा...वाली उक्ति को चरितार्थ करती हुई प्रतीत होती है अब वह राशि कहाँ गया यह चर्चा का विषय है चर्चा इस बात की भी गर्म है कि समस्त राशि राज्य शासन द्वारा महतारी वंदन योजना सहित धान खरीदी, एवं किसानो को दिया जा रहा है जिसमे वन विभाग सहित संपूर्ण अन्य विभाग के बजट मे कटौती कर के  वितरण किया जा रहा है सत्यता क्या है यह तो सरकार ही जाने परंतु इसकी वजह से सभी विभाग के विकास कार्यों मे ब्रेक सा लग गया है एक प्रकार से पूर्ववर्ती सरकार द्वारा जारी महतारी वन्दन योजना एवं किसानों और धान खरीदी राज्य शासन के लिए गले की हड्डी बन गई है यदि राज्य सरकार द्वारा उक्त योजना को बन्द किया जाता है तो वादा खिलाफ़ी के हालात उत्पन्न हो सकते है और भविष्य मे इसके दुरगामी परिणाम सामने आ सकते है हालांकि वही दूसरी वजह यह भी बताई जा रही है कि अल्प बजट मे भी भारी कमीशन खोरी की जा रही है नेताओं और जन प्रतिनिधियों द्वारा अपने विश्वासपात्र लोगों को ठेका, निविदा दिलाया जा रहा है जिसका बिल भुगतान केवल रेंजर के हस्ताक्षर से पास कर निर्धारित तिथि पर ऑन लाइन सबमीट किया जाना अनिवार्य कर दिता गया है देरी से बिल प्रस्तुत करने पर विभागीय कार्यवाही का नियम बन चुका है इन परिस्थितियों में नेता जन प्रतिनिधि अपने हिस्से की कमीशन खोरी अपने व्यक्ति से तो प्राप्त कर लालम लाल होकर बल्ले बल्ले कर रहे है और आम जनता को ई कुबेर ऑन लाइन पारदर्शिता भुगतान के नाम पर  भ्रष्टाचार मुक्त भारत का दंभ भरा जा है एक प्रकार से संपूर्ण   राज्य के बजट राशि को सेंट्रलाईज़ कर दिया गया इससे नेताओं और जन प्रतिनिधियों का कोई नुकसान नही है एक प्रकार से सभी मैदानी अधिकारियों के हाथ काट कर उन्हे पंगु बना दिया गया जिसका प्रभाव सिस्टम पर देर सबेर दिखाई देगा साथ ही वन विभाग के कार्य शैली मे भी ग्रहण लगने के साथ ही कार्यों की पार दर्शित धीरे धीरे समाप्त होते जाएगी  क्योंकि सभी  कार्य योजनाओं मे मंत्री,जन प्रतिनिधियों और नेताओं द्वारा ठेकेदारी प्रथा के मध्यम से अपने लोगों को ही प्रोत्साहित किया जाएगा केवल नाम  मात्र छुट पुट योजनाए के अलावा वन वृतों मे इनके समक्ष कोई कार्य नही होगा तब ऐसी परिस्थितियों मे वनों का विदोहन,विनाश,और चोरी में बढ़ोतरी होगी जिसमें निर्माण या अन्य सामाग्री क्रय  की मीकदार दोगुना मात्रा मे खरीदा जाएगा वह भी एक नही दो से तीन बारा भी उसी सामाग्री को क्रय किया जाएगा उससे भ्रष्टाचार में बढ़ोतरी होगी वनों का लगातार पातन होगा जिससे वन क्षेत्रों का रकबा घटेगा साथ ही अधिकारी काष्ठ मिलों की चैकिंग, वर्षिकी लाइसेंस,मिलो  मे लगे बिजली की मासिक यूनिट खपत के आधार पर काष्ठ चिराई का मुल्यांकन सहजता से ज्ञात कर मासिक या त्रैमासिक प्रतिवेदन जांच के आधार पर उनके काष्ठों की चिराई,एवं खपत का मूल्यांकन करेंगे साथ ही इनके सामने खाली समय मे वन्य प्राणियों के शिकार किए गए शिकारी के विरुद्ध तोता, बाल, खाल, काष्ठ, पकड़ने के अलावा अब इनके समक्ष कुछ भी शेष विभागीय कार्य नही रह पाएगा.

शुक्रवार, 20 दिसंबर 2024

आरंग तामासिवनी नवीन शाला मे शिक्षकों के अभाव में ताला बंदी*

 *आरंग तामासिवनी नवीन शाला मे शिक्षकों के अभाव में ताला बंदी*

आरंग.... ग्राम तामासिवनी के नवीन प्राथमिक शाला मे विगत कई वर्ष से शिक्षकों की कमी थी इस शाला मे सिर्फ दो शिक्षक कार्यरत है। नवीन प्राथमिक शाला मे कक्षा एक से कक्षा पांच तक की पढ़ाई लगभग नगण्य है। जिससे विद्यार्थियों के भविष्य अंधकारमय लग रहा है। शासन प्रशासन से विगत तीन वर्ष से शिक्षकों की मांग जनप्रतिनिधि एवं पालकों द्वारा मांग किया जाता रहा है मगर सिर्फ आश्वासन दिया जाता रहा है।

थक हार कर आज पालको द्वारा स्कूल मे ताला बंदी कर स्कूल के सामने धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। धरना प्रदर्शन मे शामिल महिलाओं मे अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंताये साफ देखने को मिल रहा है। 

ग्राम पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि हेमलाल जांगड़े उपसरपंच हुलास साहू बबलू वैष्णव चितरंजन साहू संतोष साहू स्कूल पहुंचकर पालको के साथ धरना प्रदर्शन मे शामिल हुए। उच्च अधिकारियो को यथास्तिथि से अवगत कराया गया। अभनपुर beo श्रीमती धनेश्वरी साहू नायब तहसीलदार गोबरा नवापारा अशोक कुमार जंघेल abo श्री राजेश साहू brcc श्री राकेश साहू नोडल प्रतिनिधि श्री मयंक धर दिवान समन्वयक श्री भाष्कर साहू नवीन शाला पहुंचकर पालको एवं बच्चों से समस्याओं को जाना एवं जल्द ही हल करने का आश्वासन दिया गया।*

गुरुवार, 7 नवंबर 2024

छत्तीसगढ़ वनोदय पत्रिका का प्रकाशन

 छत्तीसगढ़ वनोदय पत्रिका का प्रकाशन 

रयपुर  छ्ग प्रदेश के वन बाहुल क्षेत्र एवं वन विकास निगम पर केंद्रित विकास पूर्ण तथ्य एवं सत्य परक योजनाओं पर केंद्रित एक मात्र बहुरंगी पत्रिका  छत्तीसगढ़ वनोदय का आज नियमित प्रकाशन किया गया जिसमे वन क्षेत्रों के समसायियक विषय को लेकर प्रकाशन किया गया जिनमे मुख्यतः हाल ही संपादित हुए 27वीं खेल कूद प्रतियोगिता के अलावा अव्वल दर्जे का बागबाहरा खुर्द नर्सरी महासमुंद वन मंडल का हाईटेक नर्सरी,बार अभ्यरणय मे वन भैसें के रहवास, कोंडागाँव परिक्षेत्र एवं माना परिवृत् का कृष्ण कुंज, सहित खैरागढ़ वन वृत क्षेत्र का मृदा भु जल  संरक्षण, वन विकास निगम द्वारा कराए गए प्लांटेशन सहित बहुत से अन्य बहुरंगी पठनीय सामाग्री का प्रमुखता के साथ समावेश कर प्रकाशन किया गया


ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ वनोदय त्रैमासिक पत्रिका वन एवं वन विकास निगम  का एक मात्र पत्रिका है जो विगत चौथे वर्ष मे सफलता पूर्वक पदार्पंण करने जा रहा है   छत्तीसगढ़ वनोदय पत्रिका का संपादन,एवं प्रकाशन अलताफ हुसैन द्वारा अनवरत किया जा रहा है उक्त त्रैमासिक पत्रिका छ्ग वनोदय पत्रिका के संपादन एवं प्रकाशन कार्य मे उप संपादक दानिश आफताब  द्वारा विशेष सहयोग किया गया हम वन विभाग, वन विकास निगम के उन सभी अधिकारियों कर्मचारियों, मैदानी अमले, सुधि पठाको का  हृदय की अथाह गहराई से धन्यवाद प्रेषित करते है जिन्होंने हमे प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष रूप से दूरस्थ जिलों मे पहुंचने पर अपना कीमती समय देकर  समाचार संकलन करने मे पूर्ण सहयोग प्रदान किया 

सोमवार से छत्तीसगढ़ वनोदय का वितरण किया जाएगा

शनिवार, 2 नवंबर 2024

फर्जी शिकायत की आड़ में वन विकास निगम के अधिकारियों का भय दोहन

 फर्जी शिकायत की आड़ में वन विकास निगम के अधिकारियों का भय दोहन



अलताफ़ हुसैन द्वारा

रायपुर (फॉरेस्ट क्राइम न्यूज़)  सूचना का अधिकार शासकीय विभागीय कार्यों की पारदर्शी समीक्षात्मक मध्यम है जो आम जन के कर के रूप मे प्राप्त राशियों का शासन कर्मियों द्वारा  कार्यों का कितना सफल क्रियानव्यन किया गया उसका सटीक अवलोकन किया जा सके  परंतु देखा यह जा रहा है कि सूचना के अधिकार के रूप मे कुछ लोग द्वारा गलत उपयोग किया जा रहा था जिसकी वजह से कोई भी सूचना के अधिकार लगाने वाले कई व्यक्तियों  की छबि  धूमिल हो चुकी है  वही अब कुछ लोग द्वारा सूचना के अधिकार से इतर अब पी. एम. सी.एम.एवं  वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत कर ब्लैकमैल जैसा नया फार्मुला ईजाद कर आर्थिक स्त्रोत का सशक्त मध्यम प्रारंभ कर दिए है जिसकी वजह से कोई भी विभागीय कार्यशैली मे व्यवधान उत्पन्न तो होता ही है साथ ही विभाग सहित पूरा सिस्टम संदेह के दायरे जैसे कटघरे मे खड़ा हो जाता है शिकायत की आड़ मे कुछ लोग द्वारा किसी विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के उपर एक ही विषय कार्यों  को लेकर भ्रष्टाचार,अनीयमितता, की दर्जनों शिकायत अलग अलग क्षेत्रों में लगाकर अपना  आर्थिक सुदृढ़ता का मार्ग प्रशस्त कर रहे है  यह भी ज्ञात हो रहा है कि संबंधित विभाग कर्मचारियों द्वारा ऐसी शिकायतों का निराकरण हेतु जब किसी आवेदक कर्ता को भौतिक सत्यापन  हेतु बुलाया जाता है तब वह उल्टे ही जांच अधिकारियों को ही शिकायत का निराकरण का हवाला दे कर हाथ उठा देता है यानी अपूर्ण जानकारी के अभाव मे लगातार आवेदक व्यक्ति के इस हरकत से वहाँ के विभागीय अधिकारी और कर्मचारियों को खासा परेशान होना पड़ रहा है  विश्वस्त सूत्रों से यह  ज्ञात हुआ है कि मध्य प्रदेश सरकार की ही तरह छग सरकार भी ऐसे शिकायत करने वाले आवेदक कर्ताओ की लिस्ट तैयार कर नाम सार्वजनिक कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्यवाही करने शासन स्तर पर कार्य कर रही है 



     ताजातरीन संपूर्ण मामला बिलासपुर छग वन विकास निगम का बताया जाता है हमारे समाचार पत्र कार्यालय से अज्ञात रूप से प्राप्त पत्रों के आधार पर  जैसे हमें  जानकारी प्राप्त हो रही है उसके अनुसार शिकायत कर्ता बिलासपुर निवासी संजय अग्रवाल द्वारा छ्ग वन विकास निगम के प्रदेश भर के भिन्न भिन्न परियोजना मंडल कार्यालय मे एक ही समानता पूर्ण शिकायत को पृथक रूप से दर्ज करवा कर समस्त वविनि  कर्मचरियों को परेशान कर भय दोहन किया जा रहा है डाक बंगला चौक करगी रोड कोटा निवासी संजय अग्रवाल नामक व्यक्ति जो वर्ष 2020 से आज पर्यत 2024 तक एक ही विषय वस्तु जैसे एन.पी.टी.सी.पी. सिपत में कराए गए गड्ढा खुदाई,तेंदुआ परिक्षेत्र के कक्ष क्रमांक 140/एवं 164 मे कराए गए सागौन प्लांटेशन के पौधों के मृत होने की शिकायत कथित संजय अग्रवाल द्वारा मुख्य मंत्री से लेकर वन मंत्री पी सी सी एफ तक की गई थी जिसका निराकरण हेतु जांच अधिकारी की उपस्थिति मे आवेदक को कथित  क्षेत्र मे अवलोकन पश्चात दिखाया गया था जिसे   संतुष्ट होने पर उससे लिखित मे ले लिया गया वन कर्मियों द्वारा आगे बताया जाता है कि आवेदक संजय अग्रवाल द्वारा वविनि कार्यालय मे पहले शिकायत करता है पश्चात जांच के समय सैटलमेंट कर लेता है फिर लिखित मे संतुष्ट पत्र लिख कर आवेदन वापस कर लेता है फिर वही शिकायत को पुनः अन्य वन विकास निगम परियोजना मंडल कार्यालय मे किसी और अधिकारी कर्मचारी के नाम से शिकायत का आवेदन लगा देता है तथा विभागीय कार्यालय या थाना मे स्पष्टीकरण देकर दबाव पूर्ण आवेदन देकर  कर्मियों को अप्रत्यक्ष रूप से धमकी देता है कि मुझे दबाव डाल कर शिकायत वापस लिया गया है एक प्रकार से अधिकारियों को आरोप लगाकर उन्हे मानसिक, आर्थिक, और शरीरिक रूप सें प्रताड़ित करता है एक प्रकार से उसके संतुष्ट होने के बावजूद संजय अग्रवाल द्वारा उक्त शिकायत वविनि के  विभागीय अधिकारी के नाम से लगातार शिकायत करता रहा  जिसे लेकर कोटा परियोजना मंडल कार्यालय द्वारा मण्डल प्रबन्धक ने वविनि के पत्र क्रमांक 1243/दिनांक 26/07/2023/ को कोटा थाना प्रभारी को भी पत्र लिखा जा चुका है उसके बावजूद  दर्जनों शिकायत उसके द्वारा उसी विषय को लेकर किया गया कर्मचारियों द्वारा लिखित पत्र मे यह भी उल्लेखित किया गया है कि शिकायत करने के पीछे उसकी मंशा ब्लैकमेलिंग है जिसकी हम अर्थात समाचार पत्र इसकी पुष्टि नही करता है            


          




        वन विकास निगम बिलासपुर कोटा से प्राप्त पत्र अनुसार वर्तमान मे संजय अग्रवाल ने लगभग पांच से अधिक वन विकास निगम के डिविजन मे लगातार शिकायत दर्ज की जा चुकी है पड़ताल करने पर नाम न छापने की शर्त पर कुछ वन विकास निगम कर्मियों द्वारा बताया गया है कि संजय अग्रवाल नामक व्यक्ति द्वारा पूर्व मे केवल वन विकास निगम बिलासपुर के कोटा पंडरिया डिविजन मे ही आर टी आई. (सूचना के अधिकार) लगा कर वहाँ के सहायक लेखापाल से लेकर रेंजर सहित डी.एम. तक सूचना के अधिकार के मध्यम से उनका भय दोहन करता था परंतु वहाँ की एक महिला रेंजर अधिकारी ने जब उसके विरुद्ध कोटा थाना क्षेत्र एवं महिला आयोग मे शिकायत दर्ज की पुलिस थाना, एवं महिला आयोग द्वारा कानूनी कार्यवाही होने से  बचने की दशा मे स्वतः  उसके द्वारा मान मनुव्वल कर  आर. टी. आई. लगाना बंद कर दिया उसकी एक वजह यह भी बताई जाती है कि सूचना के अधिकार की तीस दिन  पश्चात मिलने वाली जानकारी और सूचना आयोग मे दो वर्षों की लंबी प्रक्रिया से बचने  उसके द्वारा  अपनी कार्य शैली मे परिवर्तन करते हुए अपना दायरा वन विकास निगम छत्तीसगढ़ के लगभग पांच से उपर सभी डिविजन मे  शिकायत दर्ज करने वाला  खेल प्रारंभ कर दिया शिकायत कर्ता संजय अग्रवाल द्वारा आई एफ एस अधिकारी से लेकर लेखापाल, कर्मचरियों की शिकायत दर्ज की जिनमे मुख्य पीड़ित अधिकारियों मे सर्व श्री मनोज पांडे  आर जी एम. बिलासपुर, बच्चन साहेब रायगढ़, होम लाल साहू, डिविजनल मैनेजर,मोहला पाना बरस, गजेंद्र पांडे, डी एम. कांकेर, ऋषि शर्मा, एस डी ओ बार नवापारा परियोजना मंडल, रुस्तम मंडल डी एम. जगदलपुर, विनीत सिंह अंबिकापुर, पीयूष बजाज बिलासपुर रेंजर के अलावा लेखापाल जैसे पदों पर बैठे अधिकारियों कर्मचारियों पर इनकी शिकायत पी एम ओ. प्रधान मंत्री कार्यालय, छग,के राज्यपाल, मुख्य मंत्री, वन मंत्री, लोक आयोग, ए सी बी, मुख्य सचिव, पी सी सी एफ. मे शिकायत किया जा चुका है


जिसके जवाब मे उसे जांच अधिकारी द्वारा नीयत तिथि में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने संबंधित परियोजना मंडल मे तलब किया गया तथा उसके द्वारा संबंधित लिखित पत्र, दस्तावेज, या लिखित साक्ष्य प्रस्तुत करने कहा जाता रहा तब आवेदक संजय अग्रवाल द्वारा मूक, बधिर बनकर शांत बैठा रहता तथा न ही  वह किए  गए शिकायत के प्रमणक,दस्तावेज, या अन्य कोई भी साक्ष्य प्रस्तुत नही करता उसके द्वारा बारंबार यही शिकायत अन्य परियोजना मंडल कार्यालय मे पुनः लगाकर वहाँ के अधिकारी कर्मचारियों को भी लगातार परेशान एवं प्रताड़ित करता वविनि कर्मियों ने बताया है कि जांच अधिकारी द्वारा आवेदक संजय अग्रवाल से जब त्रस्त हो गए तब उच्च स्तर पर उसकी शिकायत मे बताया गया जिसमे उसके द्वारा लगातार गंभीर भ्रष्टाचार, अनीयमितता, का आरोप पूर्व जांच अधिकारी द्वारा  स्पष्ट निराधार, मिथ्या साबित हो चुका है फिर भी संजय अग्रवाल द्वारा उसी एक  विषय को केंद्र बिंदु बना कर भिन्न भिन्न परियोजना मंडल कार्यालय मे शिकायत दर्ज कर अधिकारियों कर्मचरियों को प्रताड़ित कर भय दोहन कर उस पर ब्लैक मेलिंग जैसा गंभीर आरोप भी लगाए जा चुके है जबकि हमे मिले प्राप्त शासन के पत्र मे भी इस बात का उल्लेख किया गया है कि ऐसे व्यक्ति के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही या एफ.आईर. दर्ज किया जाए


परंतु यह विचारणीय पहलू है कि वन विकास निगम के उच्च अधिकारी लगातार  शिकायत का पुलिंदा भेजने वाले व्यक्ति के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही करने मे अब तक आँख बन्द कर क्यों टाल मटोल कर रहे है? क्यों नही उस पर एफ. आई. आर. दर्ज की जा रही है यह अब चिंता का विषय बन चुका है

       उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश शासन मे इस प्रकार की हजारों शिकायत से त्रस्त हो कर मध्य प्रदेश मे एक बड़ी सूची तैयार की जा रही है जिसमे बारबार उसी शिकायत को लगाने वाले व्यक्ति के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की जाएगी वहाँ पर एक व्यक्ति ने लगभग आठ सौ शिकायत दर्ज की है जिसका नाम सार्वजनिक किया जाएगा ऐसा भी बताया गया है ठीक छ्ग सरकार मे भी अपुष्ट समाचार मिल रहे है कि उसी प्रकार मिलते जुलते  शिकायत करने वाले  आवेदकों की कुंडली तैयार की जाएगी  तथा उनका नाम सार्वजनिक कर कानूनी कार्यवाही की जाएगी

मंगलवार, 8 अक्टूबर 2024

महासमुंद कौन्दकेरा उच्च तकनीक नर्सरी के पौधे हरियाली बिखेर रहे

 महासमुंद कौन्दकेरा उच्च तकनीक नर्सरी के पौधे  हरियाली बिखेर रहे 

अलताफ़ हुसैन

रायपुर (छत्तीसगढ़ वनोदय) शाश्वत एवं  स्थापत्य दो पृथक शब्द है शाश्वत जो सदैव किसी भी काल,युग मे अजर , अमर रहने वाला कहलाता है जबकि स्थापत्य परिवर्तन शील तकनीक रुचि अनुसार मानव द्वारा निर्माण,इच्छाओ की आपूर्ति कहलाता है उदाहरण स्वरूप जब से युगों का वर्चस्व प्रारंभ हुआ तब से जल, थल, वायु,, पेड़ पौधे शाश्वत के श्रेणि मे आते है वही परिवर्तित युग मे स्थापत्य जिसकी स्थापना, अविष्कार, निर्माण, ईजाद किया जाए वह स्थापत्य कहलाता है ऐसे अनेक तकनीक का ईजाद कर मानव ने  अवश्यक्ताओ विनिर्माण की पूर्ति किया है जो प्रायः विलुप्तता के कगार पर पहुँच चुके थे जिनमे जीवन दायिनी अमरत्व प्रदान करने वाली प्राकृतिक पेड़ पौधों का लगातार हास  हुआ है जिसके स्थापत्य के लिए इनमे ऐसे भी प्रजाति के पौधे है जो पर्यावरण के दृष्टि कोण से संपूर्ण वाता वरण के लिए अमृत तुल्य माना जाता है लगातार  विलुप्तता के जड़ पर पहुँच चुका था ऐसे पौधों के अस्तित्व को बचाए रखने के लिए वन जल वायु एवं परिवर्तन विभाग ने आधुनिक तकनीक अविष्कार का प्रश्रय लेकर उनके अस्तित्व बचाने लगातार प्रयास कर रही है इसी तारत्म्य मे फलदार औषधि युक्त फुलदार पौधों को आधुनिक तकनीक, हाईटेक पद्धति से उसका अस्तित्व बचाने लगातार प्रयास किया जा रहा है जिसके सार्थक परिणाम अब परिलक्षित हो रहे है 


        महासमुंद जिला वन वृत मुख्यालय से लगभग दस किलोमीटर की दूरी पर ग्राम कौंदकेरा जो गाडाघाट  सेतु के समीप स्थित पथरीली चट्टानी भूमि मे लगभग 15 हेक्टेयर  विस्तृत भू भाग मे हाई टेक नर्सरी का सफल निर्माण वर्ष 2024 मे प्रारंभ किया गया जहाँ भिन्न भिन्न प्रजाति के सभी फलदार, फूलदार,औषधि युक्त पौधों के अलावा अनेक विलुप्त प्रजाति  पौधों को उच्च तकनीक  मध्यम से समायोजित कर नर्सरी निर्माण एवं रोपण कर उनके अस्तित्व को बचाने  युद्ध स्तर पर कवायद किया जा रहा है इस संदर्भ मे महासमुंद वन मंडल मे 2014 बैच  के भावसे अधिकारी पंकज राजपूत  जो युवा के साथ नई सोच,नई उमंग  कर्मठता,विस्तारित सोच, नई उड़ान की परिकल्पनाओं को साकार करने मे विश्वास करते है यही कारण है कि वन वृत महासमुंद क्षेत्र के समस्त परिक्षेत्र एवं परिवृत मे नई उन्नत तकनीक, आधुनिक विचारधारा के साथ क्षेत्र मे हरियाली और अद्भुत उन्नत कार्यशैली की वजह से उन्हे अन्य समकक्ष अधिकारियों से अलहदा बनाती है 


उन्होंने अपनी सेवा काल मे जशपुर, राजनांदगंव, जैव विविधता बोर्ड मे पदस्थ रहते हुए अनेक उपलब्धि युक्त कार्यों को संपादित किया महासमुंद वन वृत मे लगातार चार वर्षों से उपर रहते हुए अपनी वर्तमान आधुनिक कार्य शैली सेवाओं के साथ उल्लेखनीय विचार धाराओं  को अंजाम दिया जिनमे कोड़ार जलाशय के समीप स्थित पर्यटन स्थल कोडार वन चेतना केंद्र नाम से  विकसित किया जो आज भी आम जन एवं विभाग के लिए उपलब्धि मानी जाती है जहाँ परिवरिक स्वस्थ्य वातावरण मे नौका विहार एवं पर्यटन हेतु लोग पहुँचते है यही नही  बागबाहरा एवं अन्य परिक्षेत्र सहित परिवृतों मे अनेक नर्सरी का सफल संपादन निष्पादन कर आज की कार्यशैली की बेमिसाल उपलब्धियों मे जारी है इसके अलावा शासन द्वारा जारी अनेक कृषकों के लिए जनकल्याणकारी योजनाओं का सफल संपादन भी इन्ही के कार्यकाल मे सुनहरे पन्नों मे अंकित किया जा चुका है 


इसके लिए उनके कंधे से कांधा मिलाकर चलने वाले महासमुंद उप वन मंडलाधिकारी वाहिद खान  का महत्वपूर्ण योगदान भी उल्लेखनीय माना जाता रहा है महासमुंद एस डी ओ. वाहिद खान कार्यों के प्रति सदैव स्टिक और मुखर रहे है उन्होंने वर्ष 1984 से सामाजिक वानिकी, से अपनी सेवा काल प्रारंभ किया था तथा नर्सरी, वानिकी तकनीक का उन्हे अच्छा लंबा अनुभव रहा है बीजों के अंकुरण से लेकर गुणवत्ता पूर्ण पौधे तैयार करने जैसा दक्षता उनके कार्य शैली मे सम्मिलित है एक प्रकार से बीज अंकुरण से लेकर गुणवत्ता युक्त पौधे तैयार करने मे ईश्वर की उन पर विशेष कृपा रही है जगदलपुर से कार्य योजना से लेकर राजनांद गाँव, कवर्धा, बालोद, खैरागढ़, पश्चात महासमुंद वन मंडल मे एस डी ओ पद मे रहते हुए अभी भी अपने अंतिम वर्ष के सेवा काल मे युवा और ऊर्जावान की भाँति अपनी सेवाएं दे रहे है 40 वर्षों से अधिक सेवा काल मे वृक्षों पेड़ पौधों और भिन्न भिन्न परिक्षेत्रों के वनों का उनका लगातार साथ रहा और पेड़ पौधे भी अपने इस जनक को ठीक वैसे ही पहचान कर हवा के झोके मे  ऐसे झूम कर लहलहा उठते है जैसे एक पुत्र अपने पिता के आगमन पर मचल कर झूम उठता हो

उप वन मंडलाधिकारी  वाहिद खान  के  कार्य शैली के संदर्भ मे यह बात प्रचलित है कि वे कार्यों और नियम से कोई समझौता नही करते तथा ईमानदारी से  वानिकी कार्यों का कुशल संपादन समय समय पर मॉनिटरिंग कर अधिनस्थो को सदैव दिशा निर्देश देते रहते है  जिसके लिए वे हमेशा जाने पहचाने जाते रहते है उनके दक्ष एवं अनुभव का लाभ अनेक विभागीय जांच मे भी अपनी अद्भुत बौद्धिक कार्य शैली की भूमिका का निर्वहन कुशल दक्षता का निष्पादन भी कार्य अनुभव के आधार पर अल्प कालिक अवसर पर निपटारा  किया  अपने अनुभव के बारे मे वे बताते है कि महासमुंद कौन्दकेरा  उच्च तकनीक नर्सरी पूर्व मे एक छोटा नर्सरी के रूप मे संचालित हुआ करता था परंतु विगत दो वर्षों की कड़ी मेहनत लगन का परिणाम है कि  इसका पुनरुद्धार कर उच्च तकनीक नर्सरी के रूप मे विकसित किया गया उन्होंने बताया कि नर्सरी मे आधुनिक कक्ष, कमरों के  अलावा ग्रीन और व्हाइट पॉली हाउस का निर्माण किया गया जिसमे अनुकूल वतावरण,तापमान और  आद्रता को समान्य रखने के लिए वायु, जल इत्यादि का छिड़काव् (स्प्रे)कर पौधों को संरक्षित कर सुरक्षित रखा जाता है पॉली हाउस मे कीट,फंगस, इत्यादि के बचाव किया जाता है साथ ही कीट नाशक औषधि छिड़काव् से सुरक्षा किया जाता है
ग्रीन पॉली हाउस मे भी कूलिंग, एडजास्ट, कूलर के मध्यम से तापमान नियंत्रित कर सुरक्षित किया जाता है पश्चात पौधों को पॉलिथिन बैग मे दवा खाद मिट्टी मे रोपित कर समान्य  आबो हवा मे रख जाता है तथा लगातार उसकी नियमित सिंचाई की जाती है एस डी ओ वाहिद खान  आगे बताते है कि मदर प्लांट का भी निर्माण किया गया टेशू कल्चर से शिड तैयार किया जाता है शिड टीटमेंट के लिए स्टैंड सहित समस्त उच्च तकनीक, व्यवस्था उपलब्ध कर लिए गए है उन्होंने बताया की वर्ष 2023 -24 मे रोपित पौधों को मनरेगा सहित सभी क्षेत्र स्थलों मे साढ़े छ लाख पौधों का वितरण  किया गया जो बहुत बड़ी उपलब्धि है महासमुंद एस डी ओ वाहिद खान बताते है कि औषधि युक्त पौधों मे मुख्यतः आँवला, हर्रा, बेहड़ा, अर्जुन, शतावर, जामुन, अमलताश, फलदार पौधों मे अमरूद, आम, गंगा इमली,बेल,चार, 

पपीता, चिकु,मूंगा, खमहार, करंज, सागौन, गुलमुहर, पेल्टा फार्म,रैनट्री, कपोक, शिशु, सिंदूरी, सहित अनेक प्रजाति के पौधे रोपित किए गए है इस संदर्भ मे महासमुंद परिक्षेत्राधिकारी सियाराम ताम्रकार बताते है कि कौन्दकेरा हाईटेक  नर्सरी मे सभी सुविधाएं उपलब्ध किए गए है तथा उन्नत तकनीक  से पौधों का रोपण किया जा रहा है जिसके सारगर्भित परिणाम सामने आ रहे है महासमुंद रेंजर सियाराम ताम्रकर बताते है कि कौन्दकेरा  हाईटेक नर्सरी मे सिंचाई कि माकुल व्यवस्था है ट्यूबवेल के अलावा  कोड़ार नाला, एनिकट से बारहमासी सिंचाई व्यवस्था हो जाती है तथा पॉली हाउस मे भी सिंचाई एवं आद्रता नियंत्रित करने संग्रहित प्लास्टिक ड्रम मे नल के मध्यम से जल की व्यवस्था की गई है उन्होंने बताया कि सभी रोपण से लेकर वर्मी कामपोज़ खाद तथा पॉलीथीन बैग मे उपज तक कार्यों के निष्पादन हेतु आसपास के ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराया जाता है जिन्हे कलेक्टर दर पर राशि प्रदाय किया जाता है यही नही सुरक्षा की दृष्टि कोण से नर्सरी के चारो ओर तारों से फेंसिंग की गई है महासमुंद परिक्षेत्राधिकारी सियाराम  ताम्रकर का कथन है कि नर्सरी अर्थात बीजारोपण से लेकर कोमल शिशु का लालन पालन करना होता है इसके लिए विभाग के सभी कर्मचारी अधिकारी पूरी तन्मयता से उसकी सुरक्षा देखरेख, उपचार कर जब उन्हे रोपण हेतु वितरण किया जाता है मगर  हितग्राहियों द्वारा ले जाए गए पौधों की समुचित देख रेखा, सुरक्षा के अभाव मे  जब उनका अस्तित्व समाप्त हो जाता है तब मन बोझिल हो जाता है यदि प्रत्येक नागरिक अपनी पूर्ण जिम्मेदारी और  ईमानदारी से कुछ वर्ष तक रोपित पौधों की देखभाल सुरक्षा इत्यादि कर ले तो प्रदेश की स्थिति मे कथनी और करनी मे बहुत बड़ा अंतर दिखाई देगा

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*एक पेड़ मां के नाम*

विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम

वन परिक्षेत्र महासमुंद में उपवनमंडल अधिकारी अब्दुल वहीद खान  की उपस्थिति में ग्राम पंचायत कौंदकेरा की सरपंच अन्नू लेखराम चन्द्राकर के मुख्य आतिथ्य में "एक पेड़ मां के नाम"  अभियान के तहत एक दिवसीय "विशेष वृक्षारोपण" कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सरपंच महोदया एवं गणमान्य नागरिकों द्वारा फलदार प्रजाति के पौधों का वृक्षारोपण किया गया।महासमुंद परिक्षेत्र के वन परिक्षेत्र अधिकारी श्री सियाराम कर्माकर एवं परिक्षेत्र सहायक महासमुंद, नर्सरी प्रभारी कौंदकेरा एवं अन्य वन कर्मचारियों की उपस्थिति में उक्त कार्यक्रम का आयोजन हुआ। 


रविवार, 22 सितंबर 2024

आरंग नदी तट रोपण से पर्यावरण व्यवस्था मे सुधार

 आरंग नदी तट रोपण से पर्यावरण व्यवस्था मे सुधार 


अलताफ़ हुसैन द्वारा

(छत्तीसगढ़ वनोदय)  छत्तीसगढ़ के प्रमुख नदियों मे से एक महानदी जो किसी भाग्य रेखा के समान खींची हुई जल रेखा से कम नही दिखती है यह जब अनेक स्थलों से होते हुए किसी सर्पिणी के समान घुमाव दार अविरल जल धारा  के रूप में चलती है तब ऐसा प्रतीत होता है कि  प्रदेश की प्रकृति, पर्यावरण,एवं वन्य प्राणियों सहित आम जन  जीवन के लिए उनका भविष्य तय कर रही है आसपास एवं वन क्षेत्रों,की नमी,बनाए रखने मानव और प्रत्येक वन्य प्राणियों जलीय पशु पक्षी, के पेयजल की निजात के अलावा भी यह महानदी प्राकृतिक, सौंदर्यता, पर्यावरण व्यवस्था सहित अनेक  संसाधनों की आपूर्ति प्रदान करते हुए सदाबहार वरदान साबित हुई है अनेक प्रकार के लौह, ताम्र, स्वर्ण कण से मिश्रित महीन गौण खनिज के रेतीली एवं कठोर चट्टानी  क्षेत्र मे वर्षा ऋतु पश्चात  यह कल-कल करती हुई  इठलाते हुए जब किसी असमतलीय उबड़ खाबड़ क्षेत्र से गुजरती है 


तब  धूप के चमकते, दमकते, दैदिप्यमान  ओजस्वी जल धारा किसी नव यौवना के अल्हड़पन के समान  मद मस्त  होकर प्रकृति सरगम के सप्त सुर ताल की अदृश्य नाद संपूर्ण वायु मंडल में अलौकिक उदघृत लय को परिभाषित करते हुए शांत वातावरण मे जैसे प्रेम गीत को गुनगुनाते हुए अपने  गंतव्य की ओर अठखेली करते हुए निकली जा रही हो  तो अनायास अवागमन करते लोगों का मन उस ओर स्वतः आकर्षित कर  नदी के ऊँचे पुल के मुहाने मे खड़े होकर प्रकृति की बेजोड़ कृति को अपलक घंटों निहारते स्वयं की जिज्ञासा को रोक नही पाता ईश्वर की ऐसी बे मिसाल मनोहारी अविस्मरणीय कृति  लाभ  से कोई भी वंचित रहना नही चाहता और आधुनिक मोबाइल मे सेल्फी लेकर उस अविस्मरणीय प्राकृतिक पल को कैद कर लेना चाहता है 


    रायपुर वन वृत अंतर्गत आरंग परिवृत् के महानदी तट पर ऐसा नयनाभिराम दृश्य प्रायः देखने मिल जाता है हरियाली और पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से वन विभाग द्वारा आरंग से लगभग  आठ से दस किलोमीटर की दूरी  पर स्थित ग्राम पंचायत अमेठी के आश्रित ग्राम गुदगुदा मे दो अलग अलग भू भागों में क्रमशः 08 हेक्टेयर मे 8800 पौधों तथा दूसरे क्षेत्र में 13 हेक्टेयर भू भाग मे 14 हजार 300 पौधों का वर्ष 2022 मे मिश्रित  प्रजाति का सफल रोपण कर प्लांटेशन  किया गया था जिसमे शिशु नीम, काला सिरसा, पीला बांस, अर्जुन, अकेशिया, बोहार, केजुरीना, पीपल, सहित भिन्न भिन्न प्रजाति के पौधे किए गए जो लगभग आज वर्ष 2024 मे शत प्रतिशत सफल देखा गया है


 इस संदर्भ मे आरंग परिवृत् के डिप्टी प्रभारी संतोष कुमार सामंत राय  से उनके साथ ग्राम पंचायत अमेठी के कथित आश्रित  क्षेत्र  ग्राम गुदगुदा प्लांटेशन पहुँच कर रूबरू प्लांटेशन क्षेत्र का अवलोकान किया गया जहाँ द्वितीय वर्ष मे पौधे आठ से दस फीट ऊँचाई मे ग्रोथ कर रहे थे आरंग डिप्टी प्रभारी  संतोष सामंत राय बताते है कि वन सदृश्य परिलक्षित होने वाला कथित प्लांटेशन का श्रेय रायपुर वृत के वरिष्ठ वन मंडलाधिकारी अधिकारी लोकनाथ पटेल के कुशल निर्देशन मे 


उप वनमंडलाधिकारी विश्व नाथ मुखर्जी के मार्ग दर्शन तथा परिक्षेत्राधिकारी तीरथ राम साहू  के सफल नेतृत्व मे द्वितीय वर्ष का केजयुवल्टी निंदाई गूढाई, उपचार आदि कार्य संपादित किए गए लगातार रोपण क्षेत्र की मॉनिटरिंग स्वयं डिप्टी संतोष सामंत राय एवं उनके मैदानी अमले की टीम पूरी तरह से चाक चौबंद तरीके से कर रही है तथा इसके लिए प्लांटेशन क्षेत्र मे चौकीदारों की नियुक्त किए गए है सुरक्षा की दृष्टि कोण से रोपण क्षेत्र मे चारो और से बारबेट कटिले तारों की फेंसिंग किया गया है ताकि गाय गरुवा मवेशी चराई  से रोपण क्षेत्र की सुरक्षा की जा सके आरंग परिवृत् के डिप्टी प्रभारी संतोष सामंत राय से नदी तट रोपण ही क्यों पूछे जाने पर वे बताते है कि नदी की प्रबल जल प्रवाह की वजह से तट क्षेत्र का लगातार भूस्खलन, क्षरण और मिट्टी का कटाव होते रहता है जिसकी वजह से ग्रामीण क्षेत्र मे भावी विकट परिस्थिति निर्मित हो सकती है इसके रोकथाम और सुरक्षा के मद्दे नज़र रखते हुए वन जलवायु एवं परिवर्तन विभाग  तट रोपण कार्यों को प्रमुखता से संपादित करता है वही प्राकृतिक रूप से भी वन निर्मित होते रहता है जिससे  नदी का बहाव संतुलित तो रहता ही है साथ ही पेड़ पौधे की वजह से जल के स्त्रोत भी बना रहता है और पर्यावरण संतुलन जलवायु मे वृद्धि बनी रहती है


उन्होंने आगे बताया कि ग्राम गुदगुदा के सरपंच और वहाँ के समस्त ग्रामीणों द्वारा प्लांटेशन क्षेत्र की सुरक्षा और सहयोग करते है आरंग डिप्टी सामंत राय ने आगे बताया कि क्षेत्र के सुप्रसिद्ध समाजसेवी  विनय गुप्ता जो पर्यावरण प्रेमी है ग्रीष्म कालीन मे जल अभाव सूखे एवं जल स्तर कम होने की परिस्थिति मे उनके द्वारा स्वयं की राशि वहन कर टैंकर से सिंचाई व्यवस्था कर सहयोग किया जाता है इसकि वजह यह बताया जाता है कि नदी तट पर रोपण होने की वजह से उसको माकुल सिचाई प्राप्त होती है जबकि अल्प बजट के अभाव मे सिंचाई व्यवस्था तनिक दुरूह हो जाता है तब ऐसे भीषण ग्रीष्म मे नदी नाले पोखर सब सुख जाते है ऐसी परिस्थिति मे विनय गुप्ता जैसे समाज सेवी, एवं ग्रामीणों के सहयोग से प्लांटेशन  के अस्तित्व बचाने विभाग के मैदानी अमला स्वयं को तपा कर देड से दो तीन, माह अपने को झोंक देता है  जिसका परिणाम है कि आरंग तट रोपण क्षेत्र का शत प्रतिशत रिजल्ट सामने आया है


 आरंग परिवृत् डिप्टी संतोष सामंत राय बताते है कि दो भाग मे रोपित ग्राम गुदगुदा का प्लांटेशन को शत प्रतिशत सफल करने मे आरंग परिवृत  के सभी मैदानी अमले का पूर्ण सहयोग मिला है विशेष रूप से (बीएफओ) पंकज वर्मा ने पूरी लगन से द्वितीय वर्ष की निंदाई, गूढाई, संपूर्ण पौधों मे गोल आकार् का गाला थाला,निर्मित कर डी.ए. वी.पी. और जैविक खाद , काली मिट्टी, से उपचार, व्यवस्था, केजयुवल्टी  इत्यादि को बड़ी तन्मयता से संपादित करवाया  जिसकी वजह से असमतलीय ऊँची नीची पहाडी क्षेत्र मे रोपे गए प्लांटेशन  आज वन सदृश्य नज़र आ रहा है 

शुक्रवार, 6 सितंबर 2024

मातृत्व की छाँव मे पनपता एक पेड़ माँ के नाम

 मातृत्व की छाँव मे पनपता एक पेड़ माँ के नाम 

अलताफ़ हुसैन की कलम से

रायपुर (छत्तीसगढ़ वनोदय)  मां अर्थात जनक जननी होती है लाखों दुख,विपदा, आफत, कष्ट सहने के बाद भी वह अपने पूत को अपने स्नेह के आँचल मे समेट कर रखती है यह आदर्श मात्र मानव  समाज मे ही  देखने नहीं मिलता बल्कि धरती मां भी अपने असंख्य सपूतों के लिए भी सदैव वरदान साबित होते आई है जब से नभ, थल, जल की उत्पति ब्रह्मांड मे हुई है तब से ही वसुंधरा को मां स्वरूपा का स्थान प्राप्त हुआ है और मानव जब भी किसी पुण्य कर्म का शुभारंभ करता है तब वह धरती मां के चरणों मे पूजा अर्चना कर नत मस्तक श्रद्धानवत हो कर उसका आशीर्वाद प्राप्त करता है धरती मां को अनेक रूप मे पूजा जाता रहा है अब चाहे हलषष्ठी पूजा जो इसी धरती मां की कोख से संपूर्ण मानव जीवन को अन्न जल देता है या फिर मकान भवन, इमारत की नीव का निर्माण हो सब धरती मां अपने गर्भ मे ही सब को निवास स्थान प्रदान करती है यही नही हरे भरे पेड़ पौधों, की विशाल श्रृंखला का प्राकृतिक निर्माण कर जल जंगल जमीन की, वैभवत मे चार चांद लगा देती है प्राकृतिक के इस मनोहरी दृश्य को सहेजने के उद्देश्य से 5 जून 2024 को भारत देश के यशस्वी प्रधान मंत्री माननीय  श्री नरेंद्र मोदी जी ने एक पेड़ मां के नाम की देश व्यापी अभियान योजना का प्रारंभ किया 


जो छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश मे हर खास व आम लोगों ने हर्षोल्लास के साथ मनाया छत्तीसगढ़ प्रदेश सहित राजधानी रायपुर मे 11 जुलाई 2024 को प्रमुखता के साथ एक पेड़ मां के नाम से लाखों की संख्या मे मिश्रित प्रजाति के पौधों का सफल रोपण किया गया जो इतिहास के सुनहरे पन्ने मे यह संख्या दर्ज की गई छत्तीसगढ़ प्रदेश के मुख्य मंत्री माननीय विष्णु देव साय वन मंत्री केदार कश्यप सहित वरिष्ठ अधिकारी, स्कूली बच्चे, सेना के जवान एवं गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति मे एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम का शुभारंभ नवा रायपुर अटल नगर स्थित जैव विविधता पार्क मे किया गया और पूरे प्रदेश मे अब तक करोड़ों की संख्या मे पौधा रोपण कार्यक्रम मे आमजन ने स्वस्फुर्त होकर सहभागिता सुनिश्चित की रायपुर वन मंडल के अंतर्गत एक  पेड़ मां के नाम की योजना से सफल रोपण से फलीभूत हो कर नवा रायपुर वन मंडल के अधिकारी,कर्मचारी,और मैदानी अमला खासे उत्साहित और गदगद है इस संदर्भ मे  वन मंडलाधिकारी लोकनाथ पटेल बताते है कि इस महा वृक्षा रोपण कार्यक्रम मे रायपुर डिविजन मे ही वन महोत्सव अंतर्गत छ लाख से अधिक पौधों का वृक्षा  रोपण महा अभियान कार्यक्रम संपादित  किया गया जिसमे फलदार, सायादर्, फुलदार, औषधि युक्त पौधों का रोपण किया गया नवा रायपुर जैव विविधता पार्क मे संपूर्ण पौधे 20 हेक्टेयर भू भाग  मे 22 हजार पौधे रोपे गए 


रायपुर वन मंडलाधिकारी  लोकनाथ पटेल आगे बताते है कि वृक्षारोपण महा अभियान संपूर्ण राष्ट्र व्यापी अभियान है जिसमे देश सहित छत्तीसगढ़ प्रदेश मे हरित क्रांति युग का  सूत्रपात प्रारंभ हुआ है इस हरित महा अभियान के रोपण से प्रदेश के बंजर पड़त भाटा भूमि क्षेत्र मे वन सदृश्य स्थिति भविष्य मे निर्मित होगी साथ ही प्रदूषण मुक्त स्वस्थ्य वातावरण से मानव जीवन सहित पशु, पक्षियों, वन्य प्राणियों जैसे गिलहरी, वानर,सरीसृप इत्यादि को इसका लाभ प्राप्त होगा नवा रायपुर परिक्षेत्राधिकारी तीरथ राम साहू जो पीसीसीजी (पी.एस.सी) 2019 से हल्दवानी में वन सेवा मे ट्रेनिंग पश्चात विगत पांच वर्षों से  छ्ग प्रदेश के विभिन्न वन क्षेत्र मे अपनी सेवाएं दे रहे है उन्हे व्यापक वन एवं वानिकी का अनुभव प्राप्त हो रहा है नवा रायपुर स्थित जैव विविधता पार्क उनके ही मार्ग दर्शन मे संपादित हुआ है उन्होंने एक पेड़ मां के नाम महाअभियान वृक्षारोपण कार्यक्रम के विस्तार एवं उसके संदर्भ मे पूछने पर बताया कि उक्त अभियान से जलवायु हरियाली मे वृद्धि तो होगी ही साथ ही वन क्षेत्रों का रकबा बढ़ेगा क्योंकि लगातार ग्लोबल वार्मिंग से बढ़ रहे ऋतु परिवर्तन एवं फसल चक्र मे भी आंशिक परिवर्तन देखने को मिल रहा है


जो संपूर्ण मानव जगत के लिए अच्छे संकेत नही है वन विभाग भिन्न भिन्न योजनाओं के मध्यम से अनेक पडत भाटा भूमि मैदानी क्षेत्र पथ रोपण मार्ग मे पेड़ पौधे, प्लांटेशन कर पर्यावरण और जलवायु को संतुलित करने का यथा संभव प्रयास कर रहा है नवा रायपुर परिक्षेत्राधिकारी तीरथ साहू आगे बताते है कि एक पेड़ मां के नाम से वृक्षारोपण महाअभियान राष्ट्र व्यापी अभियान है जिसमे देश के प्रधान मंत्री  माननीय श्री नरेंद्र मोदी  ने धरती मां और प्रत्येक देश वासीयों की मां का भावनात्मक संदेश दिया है कि वृक्षों और पेड़ पौधों का विदोहन मत करो क्योंकि धरती मे उगा हुआ एक पेड़ मां के सम तुल्य है हमे हरियाली की चादर के साथ, सुकून की ठंडी छाँव की आँचल पसार कर देती है वह हम मानव जगत एवं समस्त प्राणियों की जीवन दायिनी है वह वायु मंडल मे अदृश्य महिन धूल धुसरित, लौह कण को अवशोषित कर शुद्ध वायु ऑक्सिजन प्रदाय करती ही है साथ ही  प्रदूषण मुक्त वातावरण निर्मित करने में कारगर साबित हुई है एक पेड़ मां के नाम यही संदेश देने का प्रयास है


 नवा रायपुर वन मंडल परिक्षेत्राधिकारी तीरथ राम साहू आगे बताते है कि उक्त योजना मे किसी प्रकार की कोताही नही बरती जा रही है क्योंकि कार्यक्रम विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी मे संपादित किया गया था जिनमे मुख्यतः प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, श्री केदार कश्यप, वन मंत्री,विशिष्ट अतिथि अरुण साव जी, विजय शर्मा जी, उप मुख्य मंत्री छ्ग शासन, श्री राम विचार नेताम जी दयाल दास बघेल जी,श्री ओ.पी.चौधरी जी, वित्त मंत्री, श्री टंक राम वर्मा, इंद्र कुमार साहू विधायक अभनपुर वन बल प्रमुख श्री निवास राव सहित सभी वन अधिकारी कर्मचारियों एन. आर.डी.ए. चेयरमैन श्री बजाज, भारतीय सेना के जवान, स्कूली छात्राओं, की उपस्थिति मे भिन्न भिन्न प्रजाति के मिश्रित पौधों का सफल रोपण संपन्न हुआ था जिसकी देख रेखा सुरक्षा व्यवस्था हेतु रात दिन प्लांटेशन  क्षेत्र जैव विविधता पार्क मे  चौकीदारी की नियुक्ति की गई है वही नवा रायपुर वन मण्डल के उप परिक्षेत्राधिकारी  मैडम लीना कश्यप बताती है कि प्रति दिन स्थानीय ग्राम क्षेत्र के महिला पुरुष ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है जिन्हे जैव विविधता पार्क क्षेत्र में पौधे रोपण कार्य के अलावा उसकी सुरक्षा के उपाय, गाला, घाला , दवा खाद उपचार के अलावा प्राकृतिक वर्षा न होने की स्थिति मे नियमित सिंचाई  खरपतवार इत्यादि की सफाई, लगातार की जा रही है डिप्टी रेंजर लीना कश्यप आगे बताती है कि संपूर्ण जैव विविधता पार्क मे आस्थावान धार्मिक पौधों के साथ ही फल दार, सायादार औषधि युक्त, लुप्त प्रायः वानिकी पौधों का रोपण किया गया है जिनमे मुख्यतः बरगद, पीपल, सागौन, कदंब, नीम, हर्रा, बेहड़ा, करंज, आम, जाम,नींबू, जामुन,चार, कटहल, शिशु, आँवला, तथा पेल्टाफार्म जैसे आधुनिक पौधों का सफल रोपण किया गया है डिप्टी लीना मैडम बताती है कि संपूर्ण रोपण क्षेत्र की व्यवस्था और सुरक्षा हेतु चाक चौबंद तरीके से की जा रही है गाय गरुआ मवेशी की सुरक्षा की दृष्टि कोण से चारो ओर तारो की वॉल फैसींग, और मुख्य मार्ग मे गेट लगाया गया है ताकि रोपण क्षेत्र सुरक्षित रह सके नवा रायपुर डिप्टी रेंजर लीना कश्यप बताती है कि रोपण एक पेड़ मां के नाम से किया गया है उसकी यह उक्ति यथा नाम  तथा गुण को चरितार्थ करते हुए एक मां के समान ही लालन पालन करने का संपूर्ण प्रयास किया जा रहा है


 जैसे मानव अपनी एक मां की सुरक्षा देखरेख उनके सपूतों द्वारा की जाती है रोपित किए गए एक एक पेड़ की पूरी सुरक्षा देखरेख उपचार पूरी तंमयता सतर्कता पूर्वक की जा रही है क्योंकि  एक पेड़ मां नाम के लिए संपूर्ण अधिकारी, डीएफओ साहब से लेकर उप वन मण्डलाधिकारी विश्वनाथ मुखर्जी साहब, परिक्षेत्राधिकारी तीरथ साहू साहब सहित मैदानी अमला, लगातार मॉनिटरिंग, सुरक्षा, की दृष्टि से दिशा निर्देश देते रहते है जिसका प्रतिसाद निकट भविष्य मे देखने मिलेगा क्योंकि जो क्षेत्र कभी हरियाली के बिना उजडा हुआ निरस नज़र आता था वहाँ हरा भरा एक पेड़ मां के रूप मे  लहलहाता हुआ प्राकृतिक पर्यावर्णीय ईश्वरीय वरदान हर मानव को मिली सौगात किसी स्वर्ग से कम  साबित नही होगा


 ऐसी हरीतिमा मनमोहक जन्नत  या स्वर्ग जैसी प्रकृति संरचना को देख कर भला कोई कवि या शायर अपने कलम को विराम कैसे दे सकता है वह भी जब एक पेड़ का स्वरूप मां के रूप मे हों तब मुनव्वर राणा की चन्द पंक्तिया याद आ रही है जो  कहते है -चलती फिरती हुई आँखों से अज़ाँ देखी है

मैंने जन्नत तो नहीं देखी है माँ देखी है

मंगलवार, 3 सितंबर 2024

नवा रायपुर पी. जामगाँव के मुरुमी क्षेत्र मे मिश्रित प्रजाति के पौधों का सफल रोपण

 नवा रायपुर पी. जामगाँव के

मुरुमी क्षेत्र मे मिश्रित प्रजाति के पौधों का सफल रोपण


रायपुर वन मंडल अंतर्गत नवापारा परिवृत के ग्राम (पी.) जामगाँव  मे वित्तीय वर्ष 2022-2023 मे हरियार छ्ग योजना के तहत 6.5 हेक्टेयर भू भाग राजस्व भूमि मे 7150 , पौधों का मिश्रित प्रजाति का सफल प्लांटेशन विभाग द्वारा किया गया है जिससे क्षेत्र की अलग हरीतिमा युक्त फ़िज़ा परिलक्षित हो रही है तथा आम जन की गुजर जब वहां से करते है तब हरे  भरे शुद्ध वातावरण स्वतः लोगो को आकर्षित करता है क्षेत्र को हरा भरा बनाने के पीछे मुख्य उद्देश्य लगातार परिवर्तित होते ऋतु वातावरण, प्रदूषण और लगातार बढ़ती गर्मी  की अधिकता को संतुलित करना है रायपुर वन मंडल के डी. एफ. ओ. विश्वेश झा साहब का कसा हुआ प्रशासनिक व्यवस्था का दूरगामी परिणाम है कि रायपुर वन मंडल के भिन्न भिन्न क्षेत्रों मे कई वर्षो से उजड़ा चमन क्षेत्र  नज़र आ रहा था अपने सेवा काल मे आते ही उन्होंने लगातार पेड पौधों और प्लांटेशन को अधिक तरजीह दिया यही कारण है कि अब रायपुर के बहुत से असमतलीय भूमि उजाड़ दिखने वाले क्षेत्र  हरियाली से हरा भरा  दिखाई दे रहे है 


तत्कालिक वन मंडलाधिकारी विश्वेश झा के संदर्भ मे अधिनस्थ वन कर्मचारियों का कथन है कि उनके रायपुर वन मंडल क्षेत्र मे सेवा देने और  कार्यों की विशेष अलहदा शैली है जो उनके व्यक्तित्व मे निखार लाता है कनिष्ठ से लेकर वरिष्ठ कर्मचारियों उनके कार्य शैली से खासे प्रभावित रहते है वे कार्यों मे तनिक भी कोताही बर्दाश्त नही करते तथा समय समय पर स्वयं मॉनिटरिंग और उप वन मंडलाधिकारी विश्वनाथ मुखर्जी से करवाते रहते है इससे कार्यों मे पारदर्शित बनी रहती है तथा कार्य भी सुचारु और नियमित ढंग से पूर्ण होता है


एस.डी. ओ.विश्वनाथ मुखर्जी साहब भी एक परिपक्व,अनुभवी अधिकारी के रूप मे जाने जाते है प्लांटेशन और रोपण का अच्छा लंबा अनुभव रहा है गड्ढो से लेकर खाद तथा रोपे जाने वाले पौधों की ऊँचाई, लंबाई, से भली भाँति परिचित है इसके पश्चात होने वाले देखरेख, सुरक्षा पर वन कर्मियों से विशेष ध्यान देने आदेशित करते है परिणामतः साल भर के अंतराल मे ही पौधे ग्रोथ करने लगते है यही कारण है कि पी. जामगांव अपने द्वितीय वर्ष की आयु मे ही सघन वन क्षेत्र के रूप मे परिलक्षित हो रहा है रायपुर वन मंडल के ग्राम पी. जामगांव को जो मुख्य सड़क मार्ग मे सटा हुआ प्लांटेशन है सही मायनों मे उक्त क्षेत्र मे प्लांटेशन साकार और आकार देने का कार्य तत्कालिक नवा रायपुर परिक्षेत्राधिकारी सतीश मिश्रा को जाता है जिन्होंने मुरुमी लैट्रेचर पथरीली क्षेत्र  मे हरियाली की परिकल्पना को साकार करने का बीडा उठाया और अपने मार्ग दर्शन मे संपूर्ण कार्यों को पूर्ण करवाया वर्ष 2022-2023 मे 08 हेक्टेयर भू भाग मे  मिश्रित प्रजाति के पौधों का सफल रोपण पश्चात सर्व प्रथम सुरक्षात्मक दृष्टि कोण से चैन लिंक कार्य करवाये गए ताकि गाय, गरुव, मवेशी, और आम उपद्रवियों से प्लांटेशन की सुरक्षा के मद्दे नज़र रखते हुए गेट निर्माण करवाया  गया ताकि प्लांटेशन सुरक्षित रह सके


यही नही तत्कालिक परिक्षेत्राधिकारी सतीश मिश्रा आगे बताते है कि प्लांटेशन मे बाकायदा चौकीदारों की नियुक्ति भी की गई जिसका परिणाम है कि रोपण क्षेत्र शत प्रतिशत सफल हुआ है 


वही नवा रायपुर वन मंडल के नवापारा परीवृत के वर्तमान परिक्षेत्राधिकारी तीरथ राम साहू बताते है कि ग्राम क्षेत्र पी. जामगांव का उक्त प्लांटेशन बहुत तेजी से ग्रोथ कर रहा है और शनैः शनैः युवा अवस्था को पहुँच चुका है प्लांटेशन पश्चात छ माह और वर्ष मे बकायदा निंदाई, गुड़ाई, उपचार किया जाता है जो तीन वर्ष से लेकर पांच वर्ष तक के लिए किया जाता है  इसके लिए पौधों के जड़ पर गाला थाला बना कर डी.ए.वी.पी. या जैविक खाद इत्यादि डालकर् संपूर्ण पौधों का उपचार किया जाता है इस प्रक्रिया के लिए किश्तों मे राशि विभाग द्वारा जारी की जाती है जिसमे द्वितीय निंदाई गुड़ाई, मे आधी राशि शेष उपचार मे पाव हिस्सा राशि वहन विभाग द्वारा आपूर्ति की जाती है इसके अलावा ग्रीष्म  ऋतु मे पानी की व्यवस्था टैंकर, अन्य संसाधनों के माध्यम से किया जाता है जिससे इसकी हरियाली बरकरार बनी रहती है तथा पौधे लगातार सर्वाईव करते हुए स्वस्थयता  बनाए रखे हुए है मैदानी क्षेत्र मे अपना पसीना से सींचने वाले वन कर्मियों की महत्व पूर्ण भूमिका रहती है जिनमे फॉरेस्टर (वनपाल) से लेकर फॉरेस्ट गार्ड की भूमिका महती रहती है



नावापरा परिवृत के फॉरेस्टर  गिरीश रजक ने अल्हादित् होते हुए बताते है कि पी. जामगाँव का यह पलांटेशन आसपास के ग्रामीणों के लिए आकर्षण का केंद्र बिंदु बन गया है इसमें पीछे की मेहनत वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर तत्कालिक परिक्षेत्राधिकारी, फॉरेस्ट गार्ड से लेकर वन चौकीदार तक की मेहनत रहती है तभी तो अधिकारियों के मार्ग दर्शन मे हरियाली पूर्ण वातावरण संपादित हो पाता है तत्कालिक नवापारा  परिवृत् के फॉरेस्टार गिरीश रजक आगे बताते है कि वहाँ आज फलदार, फुलदार, सायादार्, औषधि युक्त पौधों का रोपण किया गया है जिनमे मुख्यतः कटहल,आम, जाम, जामुन, अमरुद्, बेल, बादाम, शहतूत, औषधि युक्त पौधों मे हर्रा,बेहड़ा,अशोका,आँवला महुआ, कुसुम, जोहार, कदम, जैसे अनेक प्रजाति के पौधे युवा अवस्था मे पहुँच कर लहलहा रहे है अब यह क्षेत्र वन सदृश्य नज़र आता है वर्तमान नवापारा परिवृत् के डिप्टी झुमुक् लाल देवांगन् बताते है कि पी. जामगांव की स्थिति बेहतर है और पौधे लगभग पांच फीट से उपर पहुँच चुके है वे बताते है कि ग्रीष्म ऋतु लगते ही  लगातार सिंचाई और पानी की व्यवस्था की जाती है इसके लिए  ग्रीषम ऋतु मे पानी की माकुल व्यवस्था की जाती है


नवापारा परिवृत् के डिप्टी झुमुक् देवांगन् बताते है कि कुछ वर्ष देख रेख सुरक्षा,व्यवस्था की दरकार है जिसे विभागीय कर्मचारी पूरी निष्ठा पूर्वक ईमान दरी से निर्वहन कर रहे है यह क्षेत्र स्वतः किसी वन क्षेत्र से इतर  नज़र आएगा हमारी और से सभी व्यवस्था सुरक्षा देखरेख उपचार मे कोई कमी नही की जा रही है नवा रायपुर परिक्षेत्राधिकारी तीरथ राम साहू  बताते है कि पी. जामगाँव मुरुमी क्षेत्र के बावजूद भी वहां पलांटेशन करना एक बहुत बड़ी चुनौती थी मगर हमारे मैदानी अमले के कर्मचारियों  ने उसे सार्थक कर दिखाया जिसकी वजह से क्षेत्र मे हरियाली नज़र आ रही है

सोमवार, 2 सितंबर 2024

चट्टानी गौण खनिज संपदा,के बीच हरियली की सौगात

 चट्टानी गौण खनिज संपदा,के बीच हरियली की सौगात






रायपुर छत्तीसगढ़ की रत्न गर्भा धरती में आकृत खजाना जिनमे लौह अयस्क, चूना,मैग्नेशियम,सहित अनेक संपदा का भंडार अटा पड़ा हुआ है यही नही  प्राकृतिक की हरियाली युक्त वन संपदा भी इन क्षेत्रों के वैभवशाली मनोहारी परिदृश्य भी  प्रदेश की पृथक पहचान को स्वर्ग  सा महौल निर्मित कर  संपूर्ण वातावरण को खुशनुमा,रमणीक मनमोहक, आकर्षक  निर्मित करता है जिससे चहुओर एक प्राकृतिक नैसर्गिक  वातावरण निर्मित होता है ऐसे स्थिति निर्मित करने के पीछे वन विभाग और उस से संबंधित अनुषागिक धड़ा छ्ग वन विकास निगम अपने कार्य कर्तव्यों के प्रति सदैव कटिबद्ध रहते है जहां छग वन  एवं जल वायु परिवर्तन विभाग अन्य  राष्ट्रीय,कैंपा मद से राजकीय आर्थिकी मद  संसाधनों और योजनाओं के माध्यम से संरचनाओ से बहुत सी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन करता है जबकि इसके इतर छग राज्य वन विकास निगम ऐसी योजनाएं जिनमें वन ग्राम समितियों के माध्यम से वन क्षेत्रों में तालाब ,सड़क,फायर वॉच वनोपज, संधारण,इत्यादि जैसे सामाजिक रोज़गार मूलक योजनाओं का कभी भी सफल  क्रियान्वयन नही करता और न ही राज्य शासन से छ्ग वन विकास निगम को पृथक बजट अथवा कैम्पा मद से कार्य नहीं करता केवल छग वन विकास निगम  औद्योगिक घरानों के द्वारा सामाजिक उत्तरदायित्व के माध्यम से  आईपीडी योजना के तहत रिक्त पड़त भाटा भूमि के चयनित स्थलों शहरी क्षेत्रों में रिक्त भूभाग मे प्लांटेंशन पथ रोपण या शासन से वन क्षेत्रों में प्रदत लीज में प्रदाय भूभाग में हजारों लाखों की संख्या में सागौन और इमारती कष्ठों का सफल रोपण करता  है जिसके पश्चात दस,बीस,तीस,चालीस, पचास परिपक्व सालाना वर्षीय सागौन का थिनिंग, विदोहान कर  वन विकास निगम अपनी कंपनी का सुचारू ढंग से क्रियान्वयन करता है एक प्रकार से यह स्व पोषित संस्था के रूप में कार्य करता है प्रशासनिक विभागीय व्यवस्था के साथ राज्य सरकार को भी लीज के रूप में रोपे गए सागौन की आय से प्रति वर्ष लाभांश राशि भी प्रदान करता है छग राज्य वन विकास निगम केवल इंडस्ट्रियल संस्थानों रेल्वे की भूमि सहित शासकीय विभाग नगर निगम सहित अन्य क्षेत्रों में  (एम ओ यू) के आधार पर अनुबंध कर पड़त भाटा मैदानी भूमि में प्लांटेशन कर हरियाली प्रसार करता है जिसके एवज में इंडस्ट्रेलियल(कंपनी ) आई पी डी योजना के तहत छग राज्य वन विकास निगम को राशि प्राप्त करती है तथा मूल कार्य प्रति वर्ष परिपक्व सागौन थिनिंग,जो फरवरी पश्चात कटाई कर काष्ठागार डिपो के माध्यम संचय कर  नीलामी की जाती है जो मूल स्त्रोत का माध्यम होता है  छ्ग वन विकास निगम के लिए यह रीढ़ की हड्डी मानी जाती है इसे अपना मुख्य आय का श्रोत बनाया हुआ है वन क्षेत्रों के रख रखाव, व्यवस्था, वन विकास निगम करती है वन क्षेत्रों मे सागौन प्लांटेशन कर कम से कम तीन अथवा पांच वर्षों की सतत निगरानी में केज्युवलटी, दवा,खाद,उपचार और  सुरक्षा कर उसकी व्यवस्था की जाती है  तथा काष्ठागार मे वार्षिकी नीलामी निविदा प्रकाशन कर आम उपभोगताओं को प्रदाय कर आर्थिक संसाधन संकलित कर छग राज्य वन विकास निगम का सूचारु रूप से क्रियनवयन किया जाता है



    इसी  परिपेक्षा मे वित्तीय वर्ष 2021व 22 को मोहला मानपुर के छ ग. राज्य मे नए जिला के अस्तित्व मे आते ही आयरन युक्त क्षेत्र मोहला, मानपुर, के भिन्न भिन्न ग्राम क्षेत्रों मे सागौन पौधों का सफल प्लांटेशन ग्राम बोदाल, तारमटोल, हिदद्ड, मे किया गया था इस संदर्भ मे राजनांद गाँव पाना बरस परियोजना मंडल के डीविजनल मैनेजर(डी एफ ओ) होम लाल साहू बताते है कि देववाणवी परिक्षेत्र स्थित बोदाल क्षेत्र मे वित्तीय वर्ष 2021-22 मे  सागौन प्लांटेशन का सफल रोपण 16 हेक्टेयर भूभाग मे किया गया था पानाबरस परि योजना मंडल के डी.एम.  होमलाल साहू का कथन है कि ऊँची पहाड़ी चट्टानी क्षेत्र होने के साथ ही लौह अयस्क मैग्निशायम जैसे गौण खनिज प्रचुर मात्रा मे पाया जाता है जहाँ की जलवायु, मिट्टी प्रकृति रूप से पेड़ पौधे शीघ्र ग्रोथ  करने मे वर्षों बरस लग जाता है परंतु हमारे निगम अधिकारी  कर्मचारीयों ने चट्टानी खनिज युक्त क्षेत्र मे तीन वर्ष के लगतार  मॉनिटरिंग देखरेख उपचार इत्यादि कर सफल सागौन प्लांटेशन रोपण कर अविश्वसनिय कार्य कर दिखाया जो बहुत बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है वही मोहला परिक्षेत्रा अधिकारी जागेश गौड़  सागौन प्लांटेशन के  शत प्रतिशत सफल होने से अल्हादित और काफी हर्षित है मोहला मुख्यालय से बारह किलो मीटर की दूरी स्थित ग्राम बोदाल, ग्राम तारमटोला, ग्राम हिददड, मे दो स्थलों पर सागौन प्लांटेशन ग्राम बोदाल मे क्रमशः 16 हेक्टेयर पौधे जिसकी संख्या 40 हजार टी. पी. वर्ष 2021-22 मे रोपित किया गया जिसकी तीन वर्ष मे ऊंचाई लगभग दस से बारह फिट हो चुकी है वही तारमटोला मे 18 हेकटेयर भूभाग मे 45 हजार पौधे वर्ष 2023 मे रोपित किए गए



 रेन्जर जगेश गौड़ बताते है कि उक्त प्लांटेशन तीन वर्ष के लिए किया गया है प्लांटेशन क्षेत्र मे मौका स्थल पर जाकर जब इसका अवलोकन किया गया तब वहाँ सभी पौधे स्वस्थ्य और सर्वाईव करते दिखे इस संदर्भ मे मोहला परिक्षेत्राधिकरी जागेश गौड़ बताते है कि ग्राम बोदाल जो वित्तीय वर्ष 2021-22 मे रोपण किया गया था तीन वर्ष मार्च माह मे इसकी अवधि समाप्त हो जाएगी उन्होंने बताया कक्ष क्रमाँक 472 मे विगत तीन वर्षों के कार्य आवधि मे इसके उपचार सहित निंदाई, गुडाई, दवा खाद, जो वर्ष मे दो बार दवा खाद उपचार, लगभग 15 ग्राम प्रथम बीटिंग मे किया जाता है इनकी सुरक्षा देख रेख हेतु बकायदा स्थानीय चौकीदार की नियुक्ती की जाती है इसके अलावा सिंगलिका कार्य किया गया जिसमे सागौन पौधे मे दो शाखा या दो कॉपी निकल आए अतिरिक्त शाखा निकाल दिया जाता है  जिससे सागौन पौधे सीधी अवस्था मे ग्रोथ करते है  समीपस्थ ही ग्राम तारमटोला के संदर्भ मे मोहला परिक्षेत्राधिकरी जागेश गौड़ आगे बताते है कि वर्ष 2023 मे क्षेत्र मे सागौन प्लांटेशन 18 हेकाटेयर भू भाग मे 45 हजार सागौन प्रजाति के पौधे रोपण किया गया है यह दो भू भाग पहाड़ी और ढलानी क्षेत्र मे रोपण किया गया है ताकि वर्षा ऋतु के जल से रोपण क्षेत्र को भरपूर पानी प्राप्त हो सके तथा लंबे समय तक नमी बरकरार रहे उन्होंनेआगे बताया द्वितिय वर्ष मे केज्युव्लटी किया गया है सभी पौधे स्वस्थ्य और ग्रोथ कर रहे है चराई की रोकथाम के लिए स्थानीय चौकीदार नियुक्त किया गया है


 छग राज्य वन विकास निगम के पानाबरस परियोजना मंडल के अन्तर्गत मोहला परिक्षेत्राधिकरी जागेश गौड़ आगे बताते है कि बहुत सी वन भूमि क्षेत्र अतिक्रमण की भेंट चढ़ जाती है जिसके रोकथाम के लिए रिक्त भूमि को वन का स्वरूप बनाए रखने और सुरक्षा अति अवश्यक हो गया है इसके लिए वन विकास निगम के वरिष्ठ पी.सी.सी.एफ.तपेश झा ने ऐसे चयनित वन क्षेत्र मे सागौन रोपण कराने की जो पहल की है वह काबिले तारिफ है प्रशंसनीय है आखिर वन विकास निगम के जल जमीन जंगल को चीर स्थाई बचने मे अपनी महती भूमिका का निर्वाहन पूरी ईमानदारी तन्मयता से कर रहा है

शनिवार, 24 अगस्त 2024

शहीदे आज़म इमाम हुसैन के चालिसवें का जुलूस कल

 शहीदे आज़म इमाम हुसैन के चालिसवें का जुलूस कल



सफदर हुसैन की रिपोर्ट 

रायपुर इराक करबाला की तपती ज़मीन मे तीन दिन के भूखे प्यासे शहीद हुए हज़रत इमाम हुसैन और उनके बहत्तर  साथियों के साथ  छ माह के नन्हे मुजाहिद अली असगर की शहादत की याद मे  चालीसवे का जुलूस हज़रत बाकर्  इमाम बारगाह पंडरी से निकाला जाएगा यह जानकरी अंजुमन के  सदर यावर अली ने बताया कि प्रति वर्ष के अनुसार इस वर्ष भी इमाम हुसैन की याद मे अंजुमने अलमदारे हुसैनी ईरानी जमात रायपुर द्वारा कल दिनाक 26/8/2024 सोमवार को जुलूस निकाला जाएगा  जो पंडरी बस स्टैंड ,खालसा स्कूल ,शास्त्री चौक ,बंजारी बाबा औलिया चौक, नल घर चौक ,से होता हुआ बैरन बाजार स्थित बारगाहे अलविया मे पहुंचेगा जहाँ ईरानी जमात के महिलाएं,बच्चे युवा और बुजुर्ग अंजुमन द्वारा मातमदारी और नौहाख्वानी पेश की जाएगी  जिसमे शायर अहलेबैत जनाब मरहूम हाजी सुलेमान अली ईरानी,अली सज्जाद रुस्वा, फरमान अली , डॉक्टर हाजी मोहसिन अली सुहैल  ,और युवा शायर सरफराज़ अली फ़राज़ का हृदय स्पर्शी नौहा, मरसीया कलाम पेश किए जाएंगे 

जिसे उस्ताद ए नौहा खवां सर्व श्री सलाम हुसैन ,गुलाम अब्बास ,सफदर हुसैन, ज़हीर अब्बास,सरफ़राज़ अली ,समीर हुसैन ,इरफान अली, अज़मत अली, ज़ुबैर अली और दीगर        नौहा ख्वां अपनी दिलसोज़ आवाज़ में कलाम पेश कर शोहदाए करबला को पुरनम आँखों से   श्रद्धांजलि प्रस्तुत करेंगे जुलूस  ए हुसैनी का नेतृत्व जनाब बाबर अली, यावर अली, सरताज अली, नासिर अली करेंगे