गुरुवार, 27 अक्टूबर 2022

जन्म दिन पर विशेष- प्रदेश की राजनीतिक पटल का ध्रुव तारा विकास उपाध्याय

 प्रदेश की राजनीतिक पटल का ध्रुव तारा विकास उपाध्याय 


जन्मदिन पर विशेष

अलताफ हुसैन

रायपुर (मिशन पॉलिटिक्स न्यूज़) वैसे तो केवल चुनाव में ही बहुत से नेता ऐसे कार्य कर जाते है जो आम लोग पूरी तरह समझते भी है और अवसर वादी नेता को पहचानते भी है परंतु रायपुर शहर के राजनीतिक क्षितिज पर ऐसे युवा जुझारू एवं हर व्यक्ति के दिल मे राज करने वाले नेता उंगलियों में गिनने लायक ही शेष है जिनमे प्रदेश राजनीति के आसमान पर चमकदार ध्रुव तारा के समान प्रकाश वान होने की अद्भुत क्षमता परिलक्षित हो रही है  उनमे ही एक नाम बड़ी तेजी से उभरता हुआ जन मानस के मन मस्तिष्क में अंकित हो चुका है और वह  नाम है विधायक विकास उपाध्याय का जिन्होंने अपनी राजनीति की शरुआत छात्र संगठन से प्रारंभ किया था  ऐसे बहुत कम व्यक्तित्व होंगे जो जमीनी स्तर से अपनी राजनीति  सफर तय करते हुए शीर्ष पर पहुंचे हो क्योंकि यह सफर बहुत कठिन है जो जनता और पार्टी के प्रति  समन्वय बना कर चले क्योंकि दोनों ही क्षेत्र में आत्म विश्वास की बागडोर बड़ी मजबूती से पकड़ कर चलना जैसे दो धारी तलवार पर चलने के समान है यही वजह है कि अपने समर्थकों के साथ विश्वास की ज़मीन तैयार करने हर छोटे बड़े अमीर गरीब सुख दुख तीज पर्व, और संस्कृति आयोजनों में स्व स्फूर्त भागीदारी के साथ अपनत्व की मिठास से लोगों का स्नेह उन्हें प्राप्त होने लगा कांग्रेस पार्टी द्वारा सौपे गए विभिन्न पद और दायित्वों का समूचा लाभ आम जन तक कैसे पहुंचाए इसके लिए वे अग्रसर रहे पूर्ववर्ती सरकार के योजनाओं के लाभ के लिए उन्होंने सड़क पर उतर कर उनकी मांगों की लड़ाई भी लड़ी क्यूँकि आज के विस्तृत राजनीति में प्रत्येक आम जन मौलिक अधिकारो का लाभ चाहता है जिसे  उन तक पहुंचाने में विकास उपाध्याय एक सेतु बने और आम जन की आवाज़ बनते चले गए लोगो ने उन के मृदु व्यवहार,और आम जन के प्रति समर्पण भाव ने उन्हें एक जन नायक के रूप में उभार दिया अब चाहे कोरोना काल का विध्वंसक समय हो जब लोग अपने घरों में दुबके हुए थे तब वे और उनकी टीम अपने विधान सभा क्षेत्र में जरूरत मंदों को अन्न से लेकर जरूरत की वस्तुएं प्रदान कर मानव जीवन को सार्थक कर रहे थे साफ सफाई कर्मियों का सम्मान कर उनका उत्साह वर्धन कर रहे थे गर्मियों में छाता और पानी देकर उन पुलिस कर्मियों के जज्बे को  सलाम कर रहे थे जो शीत ग्रीष्म और वर्षा ऋतु में अपने  शरीर को सूर्य की तपिश में झुलसाकर वर्षा ऋतु में भीगा कर   यातायात विभागीय कर्तव्यों का निर्वहन कर आम जन के आवागमन को सहज और सुलभ करते है उनके सन्दर्भ में भला कौन सोचता है परंतु विधायक विकास उपाध्याय ने एक विधायक होने के पूर्व संवेदन शीलता का परिचय देते हुए उन्हें छाते और शीतल जल प्रदान किया यह कृत्य किसी भी पाषाण हृदय व्यक्ति के दिल मे उनके प्रति श्रद्धा और सम्मान से  मस्तक स्वतः झुक जाता है और यही एक सफल जन नायक की पहचान भी है जो केवल विकास उपाध्याय में ही दृष्टि गोचर होता है आज वे लोगो के सर्वाधिक चहेते विधायक के रुप में अपनी पहचान बना चुके है यही नही कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ जन  भी उनके राजनीति समीकरण के कायल हो गए यही वजह है कि वे स्थानीय ही नही वरन राष्ट्रीय स्तर पर उनकी सहभागिता सुनिश्चित करते हुए विभिन्न पदों पर उन्हें सोशोभित कर उनका कद को बढ़ाया है  तथा भिन्न भिन्न राज्यों में संपादित चुनाव में समन्वयक और स्टार प्रचारक के रूप में पार्टी ने महती जिम्मेदारी भी सौंपी ताकि कांग्रेस पार्टी को युवा कांधे से संबल प्राप्त हो रात दिन मेहनत का परिणाम भले ही उत्साह पूर्ण आशा जनक नही रहा लेकिन कहते है मेहनत व्यर्थ नही जाती देर सबेर उसका सार्थक परिणाम मिलेगा आज भी वे देश भर में भाजपा की आंधी में हाशिए पर पड़ी कांग्रेस पार्टी को वरिष्ठों के मार्गदर्शन में मुख पृष्ठ पर लाने अपने समर्थकों के साथ पूरी ऊर्जा के साथ जूझे हुए है इस आशा के साथ कि अस्तांचल में डूब  चुके कांग्रेस रूपी सूरज का पुनः उदय होगा शुरुआत राहुल के भारत जोड़ो यात्रा सहित संगठन में बदलाव से एक आशा की किरण बन चुकी है जो छत्तीसगढ़ प्रदेश में कांग्रेस की धमाकेदार वापसी उसका उदाहरण बन चुका है अब  भावी चुनाव का समय जैसे जैसे नजदीक आ रहा है वैसे वैसे कांग्रेस पार्टी के नेताओं की धड़कन भी बढ़ती जा रही है हालांकि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने अंतिम छोर तक राजीव गांधी  न्याय योजना ,गोबर खरीदी सहित अनेक जन कल्याणकारी विकास परक योजनाओं का वास्तविक धरा पर सफल क्रियान्वयन कर एक प्रकार से अपनी विजय सुनिश्चित करने मैदान तैयार कर चुकी है वही सभी विधायकों द्वारा भी अपने क्षेत्र के विकास में कोई कोर कसर नही छोड़ी है विधायक विकास उपाध्याय द्वारा भी अपने क्षेत्र में सड़क बिजली से लेकर समस्त मौलिक अधिकार का इमानदारी से यथार्थ के ज़मीन में निर्वहन कर अपनी  विजयी मार्ग प्रशस्त कर चुके है सर्वाधिक चर्चित और चुनौती पूर्ण कार्य के रूप में टाटीबंद चौक निर्माण था जो उनके क्षेत्र में होने के कारण उस चुनौती को स्वीकार करते हुए विधायक विकास उपाध्याय द्वारा ओवर ब्रिज का निर्माण  अपने कार्यकाल मे पूर्ण करवाने कोई कसर नही छोड़ा  आज लगभग आधा कार्य पूर्णतः हो चुका है संभवतः चुनाव पूर्व शेष कार्य पूर्ण होने की बात कही जा रही है और जटिल आवागमन भविष्य में सुगम,और सहज हो जाएगा यह तो तय है जन सेवा के ही उद्देश्य से निर्मित टाटी बंध ओवर ब्रिज का निर्माण और उसका श्रेय  कम से कम इतिहास के पन्नो में  विकास उपाध्याय ने अपना नाम अवश्य  दर्ज करवा लिया आज उनके क्षेत्र की जनता उनके कार्यों से प्रसन्न है तथा उन्हें अपना नायक मानती है यह सब  स्नेह और विश्वास की वो मजबूत बागडोर है जो उन्होंने वर्षों से जमीनी स्तर से जुड़ कर कमाई है जिसे खण्डित करना किसी के वश में नही लगातार अपने क्षेत्र में विकास की नई इबारत लिखने वाले विधायक  विकास के जन सेवा,और आम जन के प्रति उनके अधिकारों का लगातार निराकरण करते हुए पृथक छबि निर्मित की है जो भविष्य में अपने नाम को सार्थक करते हुए विधायक विकास ऐतिहासिक नया उप..अध्याय लिखेंगे यह तय है

रविवार, 16 अक्टूबर 2022

18-19 अक्टूबर को राजधानी रायपुर में रजवार चित्र प्रदर्शनी का आयोजन

 🔴18-19 अक्टूबर को राजधानी रायपुर में रजवार चित्र प्रदर्शनी का आयोजन🔴



रायपुर. आदिवासी लोक कला अकादमी, छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद् द्वारा 18 और 19 अक्तूबर को राजधानी में रजवार चित्रकला प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है. महन्त घासीदास संग्रहालय की कला वीथिका में 18 अक्तूबर को संध्या साढ़े पांच बजे से रात्रि 8 बजे तक और 19 अक्तूबर को सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक प्रदर्शनी आयोजित है. दोनों दिन दस दिवसीय रजवार चित्रकला शिविर में बनाए गए चित्रों को आमलोगों के अवलोकन के लिए प्रदर्शित किया जाएगा.


गौरतलब हो कि रजवार चित्रकला से जुड़े कलाकार  चित्रकला शिविर में लगातार चित्र बना रहे है. छत्तीसगढ़ की पहचान को रेखांकित करने वाले दस कलाकार पहली बार एक साथ कला वीथिका में एकत्र हुए है. शिविर में जो दस कलाकार शामिल है, वे हैं- बुधनी राजवाड़े, पंडित राम, सहोदरी बाई, रामकरन राम, भगत राम, कुदरराम, अमित कुमार, संदीप कुमार, पार्वती और बेलपती.


यह पहला अवसर होगा जब रजवार चित्रों की प्रदर्शनी कला दीर्घा में आयोजित की जायेगी. राजधानी में रजवार चित्रों की प्रदर्शनी के बाद चित्रों की प्रदर्शनी छत्तीसगढ़ के अन्य शहरों और प्रदेश के बाहर भी आयोजित की जाएगी.


इन चित्रों की प्रदर्शनी के बारे में

आदिवासी लोककला अकादमी के अध्यक्ष नवल शुक्ल का कहना है कि 

“छत्तीसगढ़ की इस विशिष्ट रजवार चित्रकला शैली को पहचान, प्रोत्साहन और सम्मान देने के लिए राजधानी में चित्रकला शिविर का आयोजन किया जा रहा है. ऐसी गतिविधियां छत्तीसगढ़ के अन्य आदिवासी और लोक कला रूपों पर आगे भी करते रहने की योजना है ताकि प्रदेश के जनजातीय और लोक कला रूपों को समुचित प्रतिष्ठा मिल सके.


क्या है रजवार चित्रकारी


रजवार चित्रकारी भित्ती चित्रकारी की एक विशिष्ट शैली है जो छत्तीसगढ़ के सरगुजा अंचल में विशेष रूप से प्रचलित है. यह एक ऐसी परंपरा है जो छत्तीसगढ़ की संस्कृति को भित्ती चित्र के माध्यम से प्रस्तुत करती है. इस भित्ती चित्र के माध्यम से प्रकृति एवं ग्रामीण परिवेश का चित्रण किया जाता है. यह एक पारंपरिक भित्ती चित्र शैली है.

कला प्रेमी कैलाश छाबड़ा ने कलाकारों का सम्मान किया परंतु आयोजको ने धन्यवाद के दो शब्द भी नही कहे

 कला प्रेमी कैलाश छाबड़ा ने कलाकारों का सम्मान किया परंतु आयोजको ने धन्यवाद के  दो शब्द भी नही कहे

रायपुर महान गायक किशोर कुमार के तीसवें पूण्य तिथि के अवसर पर एक गीत संगीत का कार्यक्रम मायाराम सुरजन हॉल में सम्पन्न हुआ जिसमें केवल  किशोर दा के सुपर हिट गीतों की लगातार प्रस्तुति दे कर उन्हें स्वरांजलि दी गई इस अवसर पर सम्मान समारोह का कार्यक्रम भी किया गया जिसमें बहुत से लोगो का सम्मान प्रसिद्ध समाजसेवी,संगीत कला को सदैव प्रोत्साहित करने वाले कैलाश छाबड़ा के द्वारा शॉल एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया यह सम्मान उन कलाकारों को प्रदान किया गया जिन्होंने गीत संगीत कला और सिनेमा क्षेत्र में विशेष योगदान दिया तथा संलग्न विद्या में आज भी अपनी सेवा अनवरत दे रहे है

ऐसे फनकारों को सम्मानित कर उन्हें प्रोत्साहित करने संगीत प्रेमी एवं समाजसेवी कैलाश छाबड़ा सदैव तत्पर रहते है परन्तु यह बड़े दुख का विषय रहा कि जिस कैलाश छाबड़ा के द्वारा मंचीय आसंदी से जिनका सम्मान किया  गया वही आयोजकों द्वारा एक बार भी  उनके इस सराहनीय पूर्ण  प्रोत्साहन कार्य को लेकर धन्यवाद स्वरूप उनकी  प्रशंसा में दो स्तुति शब्द भी नही कहे जो आयोजको के लिए शर्म करने की बात है और साथ ही निंदनीय है 

अनुराग बसु ने किया सोनी को सम्मानित

 अनुराग बसु ने किया सोनी को सम्मानित


रायपुर. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आर्ट, लिटरेचर एंड फिल्म फेस्टिवल के समापन अवसर पर प्रसिद्ध फिल्मकार अनुराग बसु ने अंचल के पत्रकार और फिल्मकार राजकुमार सोनी को सम्मानित किया.


गौरतलब है कि राजकुमार सोनी ने देश के प्रसिद्ध श्रमिक नेता शंकर गुहा नियोगी के जीवन संघर्षों पर एक डाक्यूमेंट्री फिल्म लाल जोहार का निर्माण व निर्देशन किया है. इस फिल्म का प्रदर्शन फिल्म फेस्टिवल में किया गया था. 


लगभग 45 मिनट की इस डाक्यूमेंट्री फिल्म ने पूरे समय दर्शकों को बांधकर रखा. दर्शकों के बीच इसका अच्छा प्रतिसाद देखा गया. फिल्म में नियोगी के आंदोलन से जुड़ी पृष्ठभूमि को बेहद सरल और कलात्मक ढंग से समझाया गया है. जबकि फिल्म में नियोगी की हत्या के बाद उपजे सवाल मन को बेचैन और उद्वेलित करते हैं.जो लोग भी शंकर गुहा नियोगी के कामकाज को जानते-समझते हैं उनके लिए यह फिल्म एक दस्तावेज साबित हुई.


पिछले साल 28 सितंबर को जब नियोगी की शहादत को 30 साल पूरे हुए थे तब यह फिल्म जारी की गई थीं. इस फिल्म का प्रदर्शन छत्तीसगढ़ के अनेक गांवों में किसान और मजदूरों के बीच किया जा चुका है. छत्तीसगढ़ में जहां-जहां भी शंकर गुहा नियोगी का आधार क्षेत्र है वहां-वहां अब भी यह फिल्म दिखाई जा रही है.


फिल्म में भिलाई के रंगकर्मी जय प्रकाश नायर, सुलेमान खान, अप्पला स्वामी, संतोष बंजारा, शंकर राव, राजेंद्र पेठे के अलावा राजहरा के कलाकार कुलदीप नोन्हारे, ईश्वर, गांधीराम और किशन ने काम किया है. बैकग्राउंड म्यूजिक पुष्पेंद्र साहू ने दिया है. फिल्म में कैमरे व सहायक निर्देशन की जिम्मेदारी तत्पुरुष सोनी ने संभाली है.फिल्म की शूटिंग दल्ली राजहरा व भिलाई में की गई हैं. फिल्म के प्रदर्शन के बाद सोनी ने दर्शकों के सवालों के जवाब भी दिए.

सोमवार, 10 अक्टूबर 2022

वन विभाग के अधिकारी पर फर्जी वाड़ा कर करोड़ो का भ्रष्टाचार के आरोप मढ़ने वाले हेमलाल साहू के विरुद्ध सिविल लाइन मे शिकायत पत्र दी

 वन विभाग के अधिकारी पर फर्जी वाड़ा कर करोड़ो का भ्रष्टाचार के आरोप मढ़ने वाले हेमलाल साहू के विरुद्ध सिविल लाइन मे शिकायत पत्र दी

रायपुर नमो नमो  संस्था के सव्यं भू अध्यक्ष हेम लाल साहू के विरुद्ध वन विभाग रायपुर परिक्षेत्र के पंद्रह सुरक्षा श्रमिकों ने  हस्ताक्षर कर सिविल लाइन थाना रायपुर मे लिखित मे शिकायत दर्ज करवा हेम लाल साहू के विरुद्ध एफ आई आर दर्ज कर कार्यवाही की मांग की गई है

      उल्लेखनीय है कि विगत दिनों हेम लाल साहू द्वारा कुछ सुरक्षा श्रमिकों को जो रायपुर वन मंडल अंतर्गत नवापारा परिवृत्त में सुरक्षा श्रमिक के रूप मे विगत कई वर्षों से भिन्न भिन्न वन क्षेत्रों मे कार्यरत है जिनसे हेम लाल साहू द्वारा लगतार उनसे गाली गलौज एवं मारपीट कर पंद्रह दिनों का वेतन दिए जाने दबाव बनाया जाता रहा है  तथा उन्हें  बड़े अधिकारियो से शिकायत का भय दिखा कर नौकरी से निकलवाने की धमकी भी दी जाती थी यही नही उच्च अधिकारी और मंत्री के समक्ष झूठी शिकायत कर नौकरी  से बाहर निकालने पत्र भी लिखता रहता था  जिससे प्रताड़ित होकर आज सुरक्षा श्रमिकों जिनमे खेलुराम साहू, पिता कुशुराम साहू, आनंद साहू पिता स्व. मदन लाल साहू, जगदीश  साहू पिता धनवार साहू, और दुर्गेश पाल, पिता राम साय पाल  सहित लगभग पंद्रह श्रमिकों के द्वारा सिविल लाइन थाना मे शिकायत पत्र लिख कर हेम लाल साहू पर एफ आई आर दर्ज कर विधि युक्त कार्यवाही करने की मांग की गई है 

   गौर तलब है कि नमो नमो संस्था के स्वयं भू अध्यक्ष अध्यक्ष हेम लाल साहू द्वारा एक वायरल वीडियो मे उपरोक्त  समस्त सुरक्षा श्रमिकों को फर्जी रूप से राशि आहरण कर परिक्षेत्र अधिकारी सतीश मिश्रा पर करोडो का गबन किए जाने का मिथ्या एवं भ्रमक आरोप लगा कर रेन्जर को बदनाम करने का कुत्सित प्रयास किया था उक्त शिकायत वाली कार्यवाही उसी ब्यान के विरुद्ध के रूप मे देखी जा रही है रेन्जर सतीश मिश्रा का स्पष्ट कथन है कि मेरे क्षेत्र मे किसी प्रकर की कोई फर्जीवाडा बर्दाशत नही किया जाएगा जितने सुरक्षा श्रमिक कार्यरत है  वही राशि जारी की जाएगी किसी भी नेता के दबाव मे उनके परीजन दोस्त के नाम से बगैर कार्य संपन्न किए किसी प्रकार का कोई भी फर्जी श्रमिक भुगतान नही किया जाएगा ज्ञात हुआ है कि हेमलाल साहू द्वारा पूर्व में नमो नमो संस्था के पद पर नियुक्त था परंतु असमाजिक गति विधियों मे संलिप्तता के चलते राष्ट्रीय संस्था ने भी उसे बाहर कर दिया फिर भी संस्था के लेटर पैड का अनैतिक उपयोग आज पर्यंत किया जा रहा है सूचना का अधिकार लगा कर तथा अधिकरियो के उपर दबाव बना कर अपने तीन रिश्तेदारों के नाम  की तीस हजार रुपये की बड़ी राशि अपने नाम के खाते में डलवा रहा था जिसका भान होने पर रेन्जर ने उक्त राशि को बंद करवा दिया प्रति रोध के चलते हेम लाल साहू द्वारा काफी  लंबे समय से सूचना का अधिकार लगा कर भ्रष्टाचार, गडबड घोटाले जैसे आरोप लगा कई पदस्थ रेन्जरों को भय दोहन और बदनाम, दुष्प्रचार कर उच्च अधिकरियो को दिग्भ्रमित  कर रहा था जिस की वजह से ऐसे कानूनी लड़ाई की स्थित निर्मित हुई है तथा उसके विरुद्ध शिकायत पत्र सिविल लाइन टी. आई. को सौंपा गया श्रमिकों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए टी आई ने अधीनस्थों को हेमलाल साहू पर कार्यवाही का आदेश दिया है 

शनिवार, 8 अक्टूबर 2022

रायपुर वन मण्डल मे सूचना का अधिकार लगा छुट भैय्या नेता हेमलाल साहू उठा रहा बेजा लाभ

 रायपुर वन मण्डल मे सूचना का अधिकार लगा छुट भैय्या नेता हेमलाल साहू उठा रहा बेजा लाभ 


अलताफ हुसैन

रायपुर सूचना का अधिकार जितना शासकीय कार्यों मे हो रहे आम जनता के पैसों का जमीनी स्तर पर संपन्न किए गए कार्यों का समुचित क्रियानव्यन एवं व्यय व्यवस्था के साथ अधिकारियों द्वारा ईमान दारी कर्तव्य निष्ठा के साथ कार्यों मे पार दर्शिता ज्ञात करने का हथियार माना जाता है तो वही दूसरी और तथा कथित छुट भैय्या नेताओं के लिए यह सूचना का अधिकार ब्लैक मेल कर अवैध वसूली का जरिया भी बनता जा रहा है जिसका साक्षात उदाहरण रायपुर वन मंडल के परिक्षेत्राधिकारी सतीश मिश्रा के उपर करोड़ो की आय अर्जित कर गडबड घोटाला और भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाते हुए तथा कथित छुट भैय्या नेता हेम लाल साहू के द्वारा लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है तथा इसके एवज मे अपने तीन सुरक्षा श्रमिकों का भुगतान अपने खाता मे ट्रांसफर करने की मांग की जा रही है ऐसा ना करने की स्थिति मे सूचना का अधिकार लगा कर मानसिक,आर्थिक,और शारीरिक रूप से प्रताडित कर जान से मारने जैसी मिथ्या भ्रमक रिपोर्ट लिखा कर फंसाने एवं भयदोहन कर अवैध वसूली की बात कह हेम लाल साहू के द्वारा दबाव बनाया जा रहा है जिस की वजह से परिक्षेत्राधिकारी सतीश मिश्रा द्वारा हेम लाल साहू के ऊपर मान हानि का दावा किए जाने की बात कही है 

गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व एक वीडियो बड़ी तेजी से वायरल हुआ था जिसमे नमो नमो संस्था के स्वयं भू अध्य्क्ष हेम लाल साहू निवासी बोरिया खुर्द रायपुर द्वारा सुरक्षा श्रमिकों, क्रमशः मनोज साहू,खगेश साहू,जगदीश् साहू, खेलुराम साहू, दुर्गेश पाल टीकाराम साहू, रायपुर वन मंडल मे कार्यरत दैनिक वेतन भोगी कर्मियों की आड़ मे यह आरोप लगाया कि ये फर्जी तरीके से नवा रायपुर परिक्षेत्र मे  कार्य ना करते हुए इनके नाम से फर्जी बिल बाउचर के माध्यम से पारिश्रमिक राशि आहरित की जा रही है जबकि आज लगभग सत्रह सुरक्षा श्रमिक रायपुर वन मण्डल कार्यलय मे उप स्थित हो कर हेम लाल साहू के उक्त मिथ्या,भ्रमक ब्यान की निंदा करते हुए बताया कि समस्त सुरक्षा श्रमिकों से हेम लाल साहू द्वारा सदैव कार्य के एवज मे आधी राशि की मांग की जाती है राशि  न देने की स्थिति मे इस प्रकार आरोप मढ़ कर भय दोहन किया जाता है समस्त उपस्थित सुरक्षा श्रमिकों ने सामवेत स्वर् मे यह भी बताया कि उनका पारिश्रमिक देर सबेर उनके खाते मे नियमित पहुँच जाता है जबकि नवापारा रायपुर के डिप्टी रेन्जर राकेश शुक्ला ने बताया कि बिल बाउचर बनाने अथवा योजना राशि  के देर से आने  की स्थिति मे कुछ विलंब अवश्य होता है परंतु राशि सुरक्षा श्रमिकों के खाते मे डाल दी जाती है इसमे किसी प्रकार का गडबड घोटाला का सवाल ही नही उठता इस संदर्भ मे उपस्थित हुए सभी सुरक्षा श्रमिकों से पूछा गया सबने राशि उनके नाम के खाते मे आने की जानकारी दी जबकि नमो नमो समिति के स्वयं भू अध्य्क्ष हेम लाल साहू के विरुद्ध भी पुलिस थाने मे शिकायत की बात कही गई परंतु वह सदैव अधिकरियो के नाम से सूचना का अधिकार लगा तथा करोड़ों का भ्रष्टाचार का आरोप मढ़कर उनका भय दोहन कर अवैध राशि वसूली किए जाने की बात भी सामने आ रही है   इस संदर्भ में नवा रायपुर परिक्षेत्राधिकरि सतीश मिश्रा ने करोड़ो की राशि के भ्रष्टाचार को सिरे से खारिज करते हुए बताया कि अट्ठारह करोड़ राशि का मेरे क्षेत्र मे कार्य संपादित ही नही हुआ है क्योँकि ऊपर बैठे अधिकरियो को समस्त योजना की जानकारी रहती है तथा समस्त भुगतान आर टी जी एस के माध्यम से होती है फिर भ्रष्टाचार का सवाल ही नही उठता जबकि वह आए दिन योजना के संदर्भ में सूचना का अधिकार के जरिए जानकारी मांगता रहता है  जिसे उसे प्रदाय कर दिया जाता है अब यदि वह उसका भौतिक सत्यापन कर ले कि कार्य स्थल मे योजना का सफल क्रियनवयन हुआ है अथवा नही तब दुध का दुध और पानी का पानी हो जाएगा परंतु वह केवल सूचना के अधिकार का बेजा लाभ उठाने का प्रयास कर विभाग को उलझाने  का कार्य करता है 
यही नही ज्ञात यह भी हुआ है बहुत सी कार्यालयीन  जानकारी टी. पी. मे कार्यरत उसकी पत्नी द्वारा हेम लाल साहू को देती है जिसके आधार पर वह अधिकरियो का भय दोहन कर वसूली किया जाना बताया गया है यही नही फील्ड मे भी तथा कथित नेता के स्वय अपने रिश्ते दार दीपेश साहू भांजा,गेंदलाल साहू भाई, और तीरथ साहू दमाद,  जो बगैर उपस्थिति दर्ज किए वर्षों से पारिश्रमिक भुगतान का लाभ स्वयं के खाते में डलवा कर  रहा था जिसका भान होने पर वर्तमान रेन्जर सतीश मिश्रा द्वारा उक्त भुगतान को रोक दिया गया जिसके बौखलाहट के चलते हेम लाल साहू के द्वारा सूचना का अधिकार और करोड़ों रुपये औसतन अट्ठारह करोड़ का भ्रष्टा चार का आरोप लगा कर मानसिक आर्थिक, एवं सामजिक प्रतिष्ठा को आघात  करने का कुत्सित प्रयास किया जिसके विरुद्ध परिक्षेत्राधिकारी सतीश मिश्रा लिखित मे शिकायत करने की बात कही ज्ञात तो यह भी हुआ है कि नमो नमो संस्था के स्वयं भू अध्य्क्ष हेम लाल साहू से विभाग के समस्त उच्च अधिकारी भी त्रस्त है वह अकारण विभागीय समय पर पहुँच कर कार्य सांपादन मे बाधक बन अंगद की पांव की तरह जम जाता है जिससे शासकीय कार्यो मे बाधा होती है यही नही बहुत से स्थान पर यह कहने से गुरेज नही करता है कि विभाग की समस्त योजना जो करोड़ो की होती है वह स्वयं लिखे पत्र के माध्यम से लाता है अब सवाल उठता है कि जब वह ही ऐसे योजनाओ के प्रोजेक्ट उसके पत्र लेखनी से हो जाते तो वरिष्ठ अधिकरियो का विभाग में रहने का क्या औचित्य ? लेकिन उसकी निम्न स्तरिय सोच पर दया करके उसे कुछ अधिकारी  राशि दे देते है जिसका दुष्परिणाम यह हो रहा है कि वह अधिकरियो के विरुद्ध ही जान से मारने की शिकायत अनेक थानों मे कर चुका है जिसकी वजह से बहुत से अधिकारी त्रस्त हो चुके है तथा उसके विरुद्ध कानूनी कार्यवाही करने बाध्य हो गए है हालांकि इसके पूर्व भी नमो नमो संस्था अध्यक्ष हेम लाल साहू के विरुद्ध फॉरेस्ट क्राइम ने समाचार  प्रकाशित कर चुका है कुछ वर्षो तक शांत रहने के पश्चात उसकी अवैध वसूली की गति विधियां पुनः प्रारंभ हो गई है 

मंगलवार, 27 सितंबर 2022

द कराओके क्लब म्यूजिकल ग्रुप में नारी शक्ति की बेहतरीन प्रस्तुति श्रोता झूमे

 


द कराओके क्लब म्यूजिकल ग्रुप में नारी शक्ति की बेहतरीन प्रस्तुति श्रोता झूमे

रायपुर वैसे तो सप्ताह में कराओके गीत संगीत के दो चार आयोजन तो लगातार होते रहते है जहां पहुंच कर गीत संगीत पिपासु अपने प्रिय फिल्मी गायकों की मिलती जुलती आवाज की वैकल्पिक प्रवाहित होती सुर धारा से अपनी प्यास बुझा लेते है  परंतु  नवरात्रि पर्व की इस धार्मिक आस्था वाले विशेष दिन में फिल्मी गीत संगीत का महत्व तनिक कम हो जाता है जिसकी बानगी आज मायाराम सुरजन हॉल में कराओके क्लब के द्वारा आयोजित मेरी दोस्ती मेरा प्यार गीत संगीत कार्यक्रम में भी परिलक्षित हुआ जहां श्रोताओं की कम उपस्थिति के बावजूद बेहतरीन कार्यक्रम संपन्न हुआ और श्रोता ध्यान मग्न होकर गीत संगीत का लुत्फ उठाते दिखे

अवकाश दिवस के इतर मंगलवार के दिन किए जाने वाले गीतों की इस शाम पर असर दिखा क्योंकि बहुत से श्रद्धालु नवरात्र के इस पावन पर्व में माता रानी के उपवास के अलावा धार्मिक कर्मकांड,पूजा अर्चना में तल्लीन रहते है फिर भी सुर संगीत के साधक बहुत अधिक संख्या में तो नही परंतु माकूल संख्या में जरूर उपस्थित हुए और आयोजकों के महीनों से किए गए रियाज और मेहनत को असफल नहीं होने दिया तथा एक से बढ़कर एक गीतों की प्रस्तुति में झूमकर करतल ध्वनि से प्रत्येक गायकों का उत्साह वर्धन किया जिनमे मनोज मसंद के गीत अब्बू खुदा.. विक्की सोनी.. मैं निगाहे तेरे चेहरे से हटाऊ कैसे..तो राजाराम,रूबी मसीह के द्वारा युगल गीत..मदहोश दिल की धड़कन.के बाद विक्की सोनी और लीना मसीह के जुगल बंदी में

..मुझे छू रही है तेरी गर्म सांसे..के अलावा विजय कोठरी एवम उनकी अर्धांगनी रोहणी कोठारी जी ने साथ देकर.. तोता मेरे तोता मैं तो तेरी हो गई... गीत को बहुत सुंदर और सधे हुए आवाज में प्रस्तुति दी वही सिंगर अशोक मूलचंदानी जिनकी गायकी का अपना अलग अंदाज है  ने किशोर दा के सुप्रसिद्ध गीत...मेरी उमर के नौजवानों.. दिल न लगाना..और हजार रहें मुड़ के देखी की इतनी बेहतरीन प्रस्तुति दी की हॉल श्रोताओं की तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा लीना मसीह और संजय पांडे के द्वारा प्रस्तुत गीत...अए मेरे हम सफर ...को भी काफी पसंद किया गया..मनोज मसंद के गीत ..चाहिए तेरा प्यार..तेरा प्यार चाहिए ..को श्रोताओं का बहुत प्यार मिला मसंद की गायकी  में दर्शकों को बांधे रखने का माद्दा है ऐसा प्रतीत होता है कि वे अपने लक्ष्य की ओर शनै शनै बढ़ रहे है सर्वाधिक तालिया और प्रतिभा का सही मूल्यांकन बिट्टू जी और लीना मसीह के द्वारा गाया  युगल गीत जिसे बैक ग्राउंड आवाज दी थी साउथ के लीजेंड गायक एस पी बाला सुब्रमण्यम ने जिनके संदर्भ में यह कहा जाता है  कि उनकी रेंज इतनी हाई होती है कि वहां तक अपनी आवाज पहुंचाना बहुत कठिन होता है मगर दोनो कलाकारों ने आके तेरी बाहों में हर शाम लगे सिंदूरी ...को इतने बेहतरीन अंदाज में प्रस्तुत किया की उपस्थित श्रोता खड़े होकर तालियों से दोनो गायकों का सम्मान किया इसके पश्चात पंजाबी पॉप संगीत का तड़का लगाने अतिथि गायिका पल्लवी राव ने ..हो पता नही कौन सा नशा करता है .. अंतरे से  सारे श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर दिया श्रोताओं के कल्पना के विपरीत एक हवा के झोंके की तरह वह आ कर संगीत के संपूर्ण वातावरण में तूफान ला दिया इसके अलावा...मेरी दोस्ती मेरा प्यार टाइटल सॉन्ग.. हम प्यार करने वाले..पतझड़ सावन बसंत बहार... ओ हसीना जुल्फों वाली जाने जहां...जैसे सदाबहार नगमे मायाराम सुरजन हॉल में गूंजते रहे गायकों ने इस कार्यक्रम में जहां सहायक गायकों की भूमिका अदा की तो वही संपूर्ण गीत संगीत के इस आयोजन में नारी शक्ति सब पर भारी रही तथा सभी स्लो, हाई,रेंज के गीतों की बेहतरीन प्रस्तुति देकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने कामयाब रही तथा कार्यक्रम को सफलता प्रदान करने में एक बहुत बड़ी भूमिका अदा की उनकी बेहतरीन प्रस्तुति और इस पावन नवरात्रि पर्व पर समस्त नारी शक्ति को श्रोताओं का सादर 🙏नमन..🙏 वंदन..🙏अभिनंदन


सोमवार, 26 सितंबर 2022

वन विकास निगम में कब थमेगा रिश्वत खोरी,लेनदेन और भ्रष्टाचार का खेल

 वन विकास निगम में कब थमेगा रिश्वत खोरी,लेनदेन और भ्रष्टाचार का खेल

रायपुर(फॉरेस्ट क्राइम न्यूज़) छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम में रिश्वत खोरी,लेनदेन,भ्रष्टाचार और गड़बड़ घोटाले का खेल थमने का नाम ही नहीं ले रहा है आए दिन कोई न कोई नया प्रकरण जन मानस के समक्ष आते ही रहते है अब ताजा सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आर.जी.एम.प्रभात मिश्रा के ऊपर प्रोजेक्ट कार्यों के एवज में रिश्वत खोरी,कमीशन  राशि लेनदेन का मामला सामने आ रहा है बताया जाता है कि आर. जी.एम.प्रभात मिश्रा किसी भी प्रोजेक्ट की जारी की जाने वाली पी.एफ.आर.(परियोजना मांग पत्र)बगैर राशि लेनदेन के जारी नही करते एवम शासकीय मद राशि को कम कर देते है जिससे रेंज अफसरों को बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पढ़ रहा है ज्ञात हुआ है कि प्रोजेक्ट के प्रारंभ करने हेतु अनेक रेंज अफसरों डिप्टी रेंजर को उनके घर के दहलीज तक जाना पढ़ता है वहां उनसे लेनदेन, रिश्वत खोरी एवम सेटिंग कर के ही उन्हे  जारी की जाने वाली शासकीय मद की राशि प्राप्त होती है इससे चार परियोजना मंडल के अधिकारी खासे परेशान हो चुके है रायपुर का बार नवापारा परियोजना मंडल,कवर्धा परियोजना मंडल, अंतागढ़ रीजनल और पाना बरस परियोजना मंडल के डी. एम.से लेकर रेंज अधिकारी,डिप्टी रेंजर यहां तक अन्य छोटे कर्मचारी जिसमे फॉरेस्ट गार्ड अर्दली भी शामिल है उनके द्वारा लगातार कार्यों में निकाले  जा रहे नुक्ता चीनी से शासकीय कार्यों में जारी की जाने वाली आर्थिक व्यवस्था एक प्रकार से डगमगा गई है संपादित कार्यों में छानबीन,जांच कर कार्यवाही  के नाम से निगम कर्मियों को एक प्रकार से मानसिक,आर्थिक रूप से प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया जा रहा है इससे कई निगम कर्मी त्रस्त हो चुके है सूत्रों से मिले समाचार से यह भी ज्ञात हुआ है कि  आई एफ एस अधिकारी प्रभात मिश्रा के द्वारा डी.एम.से लेकर फॉरेस्ट गार्ड यहां तक अर्दली स्तर के छोटे कर्मियों की मिलने वाली राशि पर भी डाका डाल रहे है उनका भय दोहन कर उनसे राशि वसूलना कुछ शोभा नही देता यदि इसी प्रकार की भ्रष्ट कार्यशैली जारी रही तो मैदानी अमला कैसे प्रोजेक्ट को पूरा कर पाएगा पौधे क्रय से लेकर गड्ढे खनन तक एवम रोपण पश्चात उपचार एवम तीन से पांच वर्षों की मेंटनेंस राशि कहां से उपलब्ध करेगा  इसके लिए मैदानी अमले के समक्ष केवल वनों की अवैध कटाई और चोरी के कोई दूसरा रास्ता ही शेष नही है बताया जाता है कि आर.जी.एम.प्रभात मिश्रा साहब पूर्वानुमान लगाकर एक एक कार्यों का हिसाब लगा कर नवीन परियोजनाओं की दसों लाख की जारी की जाने वाली शासकीय मद की राशि को गुणाभाग कर घटा देते है तथा दो चार लाख का ही योजना बनाकर  परियोजना अधिकारियों को स्पष्ट कह देते है कि इन राशि में कार्य करना है तो करों नही तो किसी अन्य कर्मी को कार्य दे दूंगा ऐसी परिस्थिति में बहुत से मैदानी अमले मन मारकर कार्य को अंजाम देकर यहां वहां से मेंटनेस करते है नही तो कई कई प्रोजेक्ट तो इनके द्वारा बैठाए गए डिप्टी या अन्य निचले स्तर पद के कर्मचारियों से ही योजना पूर्ण करवा लेते है इससे सीधे सीधे उन्हे एक मुश्त लाखों की बड़ी राशि का लाभ प्राप्त हो रहा है और रेंज अधिकारी केवल चौकीदारी समतुल्य बिल बाउचर में हस्ताक्षर  करने विवश हो जाते है उनकी यह भ्रष्ट कार्यशैली को लेकर छग राज्य वन विकास निगम के बहुत से अधिकारी कर्मचारी बेहद क्षुब्ध है तथा कई ने तो कार्य न कर घर में बैठने की सोच रखी है आर.जी.एम. प्रभात मिश्रा की लगातार रिश्वत खोरी एवम भ्रष्ट कार्यशैली से उन्हेने अब तक लाखों करोड़ों की राशि का खेल खेलकर एकत्रित कर ली है और मैदानी अमले को केवल मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना के कुछ भी हासिल नहीं हो रहा है बताया जाता है कि उनके उक्त व्यवहार से चारों डिविजन के परियोजना मंडल के अधिकारी भी काफी नाराज चल रहे है वही आर जी एम के द्वारा लगातार जारी की जाने वाली राशि में कटौती के कारण बहुत से कर्मी उनके घर की चौखट में शीश नवाने जाते है कि किसी तरह प्रोजेक्ट उन्हे मिल जाए तो कार्यों को गति दे सके परंतु मिश्रा साहब की कठोर प्रताड़ना वाली नीति और परियोजना में कांटा मारने के चलते बहुत से पी.आर. ओ.अपने आप को असहाय महसूस कर रहे है गौर तलब है कि निगम प्रमुख प्रबंध संचालक पी सी पांडे साहब वर्षांत माह दिसंबर में सेवानिवृत हो रहे है उनके आशानुरूप उन्होंने पूर्व में भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए विभागीय कर्मियों के स्थान पर आई एफ एस अधिकारियों की नियुक्ति की थी ताकि प्रशासनिक व्यवस्था में कुछ कसावट लाई जा सके परंतु उनके विचार के ठीक उलट यहां आई एफ एस अधिकारी ही रेत से तेल निकालने में लगे हुए है जिससे विभाग की साख पर  दाग लगना स्वभाविक है वैसे भी मुख्यालय प्रबंधक लेखा पद में अंगद के पांव की भांति भोजराज जैन ने वर्षों से अपना पांव एक ही स्थान पर जमाए बैठे है तथा निगम को दीमक की भांति खोखला कर चुके है स्पष्ट करते चले कि यह वही वन विकास निगम है जो मध्यप्रदेश के अधीन था तब राज्य शासन को पच्चीस करोड़ से ऊपर लाभांश राशि से अनुग्रहित करता था आज स्थिति यह निर्मित हो गई है कि एक से डेढ़ करोड़ की लाभांश राशि शासन के जेब में आ रही है तो बाकी की राशि किसके जेब में जा रही है बताते चले कि स्व पोषित संस्था होने की वजह से यह स्वयं लाभ अर्जन कर कंपनी अर्थात निगम का संचालन करती है तथा लाभांश राशि से कुछ लाभांश राज्य सरकार को भी प्रति वर्ष प्रदान करती है परंतु ठीक इसके विपरित उपरोक्त राशि वर्ष दर वर्ष बढ़नी चाहिए थी मगर वन विकास निगम में उक्त लाभ अर्जन की राशि का ग्राफ लगातार गिरते ही जा रहा है   लोगों में चर्चा इस बात को लेकर होती है कि ये कैसा निगम है जो घाटे में चलने के बाद भी संचालित है अनेक निगम कर्मी यहां तक कहने से नही चूकते कि निगम को वन विभाग में मर्ज कर देना चाहिए इसकी मूल वजह,भोजराज जैन जैसे भ्रष्ट अधिकारियों का निगम में वर्षों से जमा रहना माना जा रहा है जो लगातार निगम को आर्थिक क्षति पहुंचा कर अपना घर भर रहे है आज भोजराज जैन ने सेवा में रहते हुए जितना आकुत धन अर्जित किया हुआ है शायद ही किसी निगम कर्मी के पास उतना धन होगा परिवार के नाम पर कई फ्लैट के अलावा खेत,जमीन,सहित कई अघोषित चल,अचल संपतियां उन्होंने अर्जित कर रखी है दैनिक वेतन भोगी कर्मी के पद से सेवा प्रारंभ करने वाले भोजराज जैन ने ऑडिट के नाम से लेकर स्थानांतरण,पदोन्नत,नौकरी लगाने के नाम तथा परियोजनाओ में एक एक एक गड्ढे के खनन के नाम पर निगम में ही भ्रष्टाचार की गहरी खाई खोद दी है  यहां विदित हो कि प्रति वर्ष वार्षिक ऑडिट के नाम से भोजराज जैन ने प्रत्येक परियोजना मंडल से लेखा शाखा अधिकारियों से लाखों की राशि वसूली की जाती है जिसकी राशि कहां जाती है यह आज तक ज्ञात नही हुआ उसी प्रकार कोटा पंडरिया परियोजना मंडल बिलासपुर में भी नौकरी के नाम पर लाखों की राशि लेकर अभ्यर्थियों को आज तक नौकरी में नही लगाया यही नहीं पदोन्नति,ट्रांसफर का खेल में तो वे लालम लाल हो गए है उनका ही अनुसरण आज आर.जी. एम.प्रभात मिश्रा भी कर रहे है और निगम के आर्थिक रीढ़ को क्षति ग्रस्त कर रहे है भोजराज जैन के संदर्भ में यह भी ज्ञात हुआ है कि विगत कुछ माह से उनका सीधा हाथ का कंपन कुछ ज्यादा ही बढ़ गया है अर्थात आंतरिक रूप से वे पूरी तरह अस्वस्थ एवम असक्षम हो चुके है  जिसकी वजह से उन्हें कागज में एक लाइन लिखने के लिए दूसरे का चेहरा देखना पडता है ऐसे में उन्हें कार्य में रखना कहां तक उचित है वे केवल उल्टे हाथ से हस्ताक्षर भर करने के लिए अपनी उपस्थिति दर्ज कर लाखों का वेतन और शासकीय सुविधाएं प्राप्त कर रहे है वैसे भी ऐसे अधिकारी जो संविदा नियुक्ति में हो उसे किसी भी विभागीय दस्तावेज में हस्ताक्षर और निर्णय लेने का अधिकार नहीं है ऐसे में जो अक्षम,असहाय,रूपी हो वन नियम के अनुसार उसे ऐसे गरिमामयी पद से मुक्त कर देना चाहिए मानवीय संवेदनशीलता अपने स्थान पर है इसका यह आशय कतई नहीं कि केवल अनुभव एवम ट्रांसफर पदोन्नति के खेल खेलने और अवैध वसूली के नाम पर विभाग उन्हे लाखों का वेतन सहित अन्य विभागीय सुविधाएं क्यों प्रदान कर रही है यह समझ के परे है यही नहीं इनके अलावा कोठारे बाबू जैसे और भी अधिकारी है जो वर्षों से संविदा के नाम पर निगम मुख्यालय में कुंडली मारकर बैठे है ऐसे अधिकारियों को तत्काल सेवा पद से मुक्त किया जाना उचित है  क्योंकि परिवर्तन प्रकृति का नियम है  उसके विपरीत जाने से केवल  क्षति का ही सामना करना पड़ता है जिसका साक्षात उदाहरण वन विकास निगम की वर्तमान आर्थिक स्थिति को देखकर लगाया जा सकता है  बहरहाल, निगम में ऐसे  बैठे भ्रष्ट अधिकारियों के कार्यशैली को संज्ञान में लेकर उन कृत्यों पर रोक लगाना भी आवश्यक हो गया है जिनसे विभाग की छबि धूमिल हो रही हो

जन जागरूकता से ही शराब बंदी संभव सत्य नारायण शर्मा

 




जन जागरूकता से ही शराब बंदी संभव सत्य नारायण शर्मा



रायपुर(मिशन पॉलिटिक्स)।  प्रदेश के वरिष्ठ विधायक श्री सत्य नारायण शर्मा ने कहा कि प्रदेश में माननीय मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल शराब बंदी को लेकर गंभीर है तथा एक ही झटके में नोट बंदी की तरह इसे त्वरित बंद नहीं किया जा सकता इसके लिए संपूर्ण योजना बद्ध तरीके से शराब बंद किए जाने की बात कही है यही नहीं बकायदा शासन स्तर पर एक समिति का गठन किया गया है जो अन्य शराब बंदी राज्यों में जाकर उसका अध्ययन एवम अवलोकन कर परिणाम ज्ञात किया जाएगा पश्चात रिपोर्ट के आधार पर ही पूर्ण शराब बंदी की प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी श्री शर्मा ने कहा कि दो वर्ष कोरोना काल में व्यतीत हो गए अब यदि त्वरित इस पर अमली जामा पहनाया जाता है तो पड़ोसी राज्यों से स्तर हीन शराब की तस्करी प्रारंभ हो जाएगी जो शासन के लिए बहुत बड़ी चुनौती है उन्होंने आगे कहा जब तक जनता जागरूक नहीं होगी तब तक शराब बंदी संभव नहीं उक्त कथन आज कांग्रेस  के वरिष्ठ  विधायक नेता सत्य नारायण शर्मा ने अपने आवास में लिए गए प्रेस कांफ्रेंस में कही श्री सत्य नारायण शर्मा ने कहा कि मेरे द्वारा जारी वक्तव्य को बीजेपी तोड़ मरोड़ कर पेश कर रही है कि सरकार प्रदेश में शराब बंदी नही करना चाहती जवाब में श्री शर्मा ने कटाक्ष करते हुए

आगे कहा कि बीजेपी ने तो छग प्रदेश में पंद्रह वर्षों तक राज किया उस समय प्रदेश में पूर्णतः शराब बंदी क्यों नहीं की उस वक्त तो खुले आम शराब की स्मगलिंग की जा रही थी गंगा जल हाथ में लेकर शराब बंदी की शपथ लेने की बात पर उन्होंने कहा  कि बीजेपी स्वयं गंगा जल हाथ में लेकर कसम खा कर सच बोल दे कि शराब बंदी के ही लिए कांग्रेस ने शपथ ली थी वरिष्ठ विधायक श्री शर्मा ने आगे कहा कि वास्तविक धरा पर शराब बंदी करना बहुत कठिन कार्य है यह तब ही संभव हो सकता है जब जनता में जागरूकता आएगी इसके पूर्व भी देश में बहुत से राज्य गुजरात,पंजाब,मध्यप्रदेश, सहित कई राज्यों में शराब बंदी की गई है मगर इसके क्या परिणाम सामने आए है यह सब को ज्ञात है  शराब बंदी के लिए भी शासन स्तर पर एक समिति गठित की गई है जो राज्यों का दौरा कर वहां की रिपोर्ट शासन को सौंपेगी उसी आधार पर प्रदेश में शराब बंदी की कार्य योजना बनाई जाएगी उन्होंने आगे कहा कि समाचार पत्रों और टीवी चैनलों के माध्यम से यह भी ज्ञात हुआ था कि नकली शराब सेवन से लगभग डेढ़ सौ लोग असमय काल कलवित हो चुके है उन्होंने कहा यह सब शराब बंदी का ही दुष्परिणाम है श्री शर्मा ने कांफ्रेंस के दौरान यह भी कहा कि बगैर जन जागरूकता लाए शराब बंदी असंभव है इसके लिए घर के प्रत्येक व्यक्ति माता,बहने,बच्चों सहित आम लोगों द्वारा सहमति समरसता एवम जन जागरूकता जरूरी है उन्होंने आगे कहा की नोट बंदी की तरह एकाएक शराब बंदी  असंभव है नोट बंदी के बाद जो व्यवहारिक परेशानियां पूरे देश में आई थी वैसे ही आकस्मिक विकराल परिस्थितियां  शराब बंदी से राज्य में भी आ सकती है इसके दूरगामी परिणाम और विपरीत प्रभाव पड़ सकता है इसलिए दशहरा दिवाली के बीच इस ओर शासन द्वारा गठित कमेटी देश के अन्य शराब बंदी  राज्यों का दौरा कर अपनी रिपोर्ट पेश करेगी हमारे द्वारा इसके लिए  शराब बंदी राज्यों को पत्र लिखा जा चुका है वहां की नीति जानने वहा से अनुमति एवम दौरा पश्चात जो रिपोर्ट सामने  आने के पश्चात ही कोई निर्णायक  कदम उठाया जाएगा श्री शर्मा ने यह भी कहा कि भाजपा नीत राज्यों सहित संपूर्ण देश में एक साथ शराब बंदी की जानी चाहिए 

शनिवार, 24 सितंबर 2022

महापौर ने .. होटों से छू लो तुम.. के लिए जैसे ही सुर छेड़ा तो सैकड़ों श्रोताओं ने ताली से स्वागत किया

 महापौर ने .. होटों से छू लो तुम.. के लिए जैसे ही सुर छेड़ा तो सैकड़ों श्रोताओं ने ताली से स्वागत किया

फ्रेंड्स म्यूजिकल ग्रुप की सूफियाना महफिल में श्रोता झूमे


अल्ताफ हुसैन

रायपुर फ्रेंड्स म्यूजिकल ग्रुप द्वारा शहीद स्मारक भवन में  आयोजित सूफियाना गीत संगीत की सुरीली शाम संपन्न हुआ लाइव बैंड द्वारा उक्त कार्यक्रम में अधिकांश सूफी गायकी को महत्व दिया गया मध्य में कुछ फिल्मी गीतों का तड़का भी लगाया गया ताकि श्रोताओं को बराबर गीत और कव्वाली का जायका मिलता रहे कार्यक्रम का प्रारंभ राष्ट्रीय गान....जन गण मन....से प्रारंभ किया गया पश्चात  हिट कव्वाली अल्लाहु अल्लाहू...के साथ  मंच पर नरेंद्र पाल सिंह उर्फ निंदर जी ने  कार्यक्रम की बेहतरीन शुरुआत की इसके पश्चात जैनुल हक, द्वारा ताजदारे हरम,,को पॉप वर्जन के साथ प्रस्तुत किया गया जिसे सभी श्रोताओं ने पसंद किया वही गायक तरुण शर्मा ने  सुरेश वाडेकर के द्वारा परदे  पर गाया गीत ..और इस दिल में क्या रखा है ..की शानदार प्रस्तुति के बाद.हर्षिता ने स्व.लता जी के द्वारा   फिल्म आशा में गाए गीत ..., शीशा हो या दिल हो आखिर टूट जाता है...एक प्रशंसनीय प्रयास रहा जिसे उपस्थित श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया अगला गीत शौर्य शर्मा ने वर्तमान फिल्मी पर्दे पर उभर चुके गायक अभिजीत द्वारा गाया गीत..तेरी याद साथ है...,को भी पसंद किया गया अगले गीत के रूप में पंजाबी लहजे में लता मंगेशकर के द्वारा गाया गीत को मंच पर रूबी मसीह,, जिंद ले गया वो दिल का जानी...प्रस्तुत किया जिस पर युवाओं की प्रशंसनीय और अच्छी प्रतिक्रिया रही  वही ... बीते ज़माने की ब्लैक एंड व्हाइट फिल्म श्री 420 में रफी और लता का गाया सुपरहिट गीत...रमैया वस्ता वैय्या पर जैनुल हक, मंजू राव के द्वारा दी गई प्रस्तुति पर श्रोता झूम उठे फिल्मी गीत और सूफियाना महफिल में अपनी पृथक छबि बना चुके शहर के जाने माने युवा फनकार सैफ सुहैल द्वारा उस्ताद नुसरत फतेह अली खान द्वारा गाया सूफियाना अंदाज का गीत... खंजर है तेरी आंखें,,तलवार है तेरी आंखे...और एक नज़्म ... ओ माने या न माने दिलदारा... जैसा फास्ट रेंज वाले पंजाबी लहजे में गीत प्रस्तुत कर श्रोताओं को झूमने विवश कर दिया और संपूर्ण हॉल झूमने लगा इस संदर्भ में ढोलक,और तबले पर थिरकती उंगलियों और थाप  सहित अन्य आधुनिक वाद्य यंत्रों में गायकों और मयुजिशन की जुगलबंदी इतनी सटीक थी कि प्रत्येक निकलने वाली धुन पर श्रोता स्वयं को झूमने रोक नही पा रहे थे  वही सिद्धिक बैंड पार्टी के सलीम सिद्दीकी और अयान सिद्धिक ने सेक्सोफोन एवं अन्य स्टूमेंट ... में ख्वाजा मेरे ख्वाजा को बजाकर दर्शकों का दिल जीत लिया 


कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में  पहुंचे महापौर  एजाज ढेबर द्वारा बहुत से उपस्थित सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारियों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मान किया तथा लोगों की विशेष मांग पर एक गीत .. होटों से छू लो तुम... मेरा गीत अमर कर दो... गाने के लिए जैसे ही सुर छेड़ा उपस्थित सैकड़ों श्रोताओं ने दिल खोलकर ताली से उनका स्वागत किया अपने प्रथम नागरिक को पहली बार मंच पर साक्षात फिल्मी गाना गाते सुन कर श्रोता अकल्पनीय भाव से तटस्थ होकर उन्हे सुनते रहे और महापौर एजाज ढेबर भी ऐसे सधे हुए अंदाज में गीत को सुंदर ढंग से प्रस्तुति दी जिसे सुनकर  उपस्थित श्रोताओं के कल्पना के विपरीत आश्चर्य मिश्रित प्रतिक्रिया देखने और सुनने मिली इसके पश्चात गायिका,विभूति कर्मकार,और धैर्य शर्मा,,,पहला पहला इश्क हुआ है,,, गाया इसमें आश्चर्य वाली बात यह थी कि धैर्य शर्मा केवल ग्यारह वर्ष की अल्प आयु में अपनी गायकी की प्रस्तुति दे रहे थे जो अभी स र ग म का सुर सिख रहे है तथा अपनी मंचीय गायकी प्रस्तुति से उपस्थित श्रोताओं को मुक्त कंठ से प्रशंसा करने विवश कर दिया अगली प्रस्तुति अमीर खुसरो की नज़्म पूर्वा श्रीवास्तव,,, नैना मिलाइके..छाप तिलक...को गाया जिसपर बहुत से श्रोता झूमने लगे  ग्यारह साल के राजिक ने पुष्पा का ...तेरी झलक श्री वल्ली गाया ..वही फिरोज अली  द्वारा चढ़ता सूरज धीरे धीरे ढलता है ढल जाएगा,,,जैसी इमोशनल कव्वाली जो जीवन दर्शन कराती है उसे सुन कर श्रोता मस्त हो गए फिर,,, दमा दम मस्त कलंदर,, अली का पहला नंबर ...सहित बहुत से कव्वाली और फिल्मी गीतों का समावेश किया गया था फ्रेंड्स ग्रुप की यह प्रस्तुति के पीछे बाबा भाई,फिरोज अली,इमरान भाई,,सहित बहुत से लोगों ने मेहनत की  वर्ष में एक प्रोग्राम देने के रूप में पहचाने जाने वाले फ्रेंड्स ग्रुप की यह प्रस्तुति बड़ी जबर्दस्त थी और यह प्रथम अवसर भी कहा जा सकता है कि शाहीद स्मारक सांस्कृतिक मंच पूरी तरह से खचाखच भरा हुआ था वही श्रृंखला बद्ध  सूफी कव्वाली और फिल्मी  गीतों की यह प्रस्तुति देर रात तक लोगों का मनोरंजन करने में बेहद सफल रही 

आर. डी.इवेंट के गीत संगीत कार्यक्रम में गोल्डन की चमक से वीरान जंगल में नृत्य

 आर. डी.इवेंट के गीत संगीत कार्यक्रम में गोल्डन की चमक से वीरान जंगल में नृत्य 



अल्ताफ हुसैन पत्रकार की

 समीक्षात्मक रिपोर्ट

रायपुर कहते है अति घमंड खुदा को भी पसंद नही है इसलिए वह समय पर उसको आइना भी दिखा देता है कुछ यही हाल देखने को मिला मायाराम सुरजन हॉल में शुक्रवार को आर. डी.इवेंट के द्वारा संपन्न हुए गीत संगीत कार्यक्रम में जिसमे 1990 के सुपर हिट गीत संगीत की प्रस्तुति दी गई जिसमे बहुत से नवांगतुक प्रतिभाशाली कलाकारों ने अपनी बेहतरीन आवाज में उस दौर के गीतों की प्रस्तुति कंवलजीत कौर, रिद्धि दास गुप्ता, संचिता भट्टाचार्य,बसंत दीप,दीपक अग्रवाल जैसे नए  कलाकारों ने बहुत मेहनत की और अपने गायकी के साथ पूरा न्याय करते हुए श्रोताओं की तालियों के हकदार भी बने तो वहीं विजय निहाल, अजय श्रीवास जैसे मंझे हुए गायकों ने मंच को पूरी ऊर्जा के साथ सम्हाले रखा जिसमे मुख्य रूप से ..मेघा रे मेघारे...पापा कहते है बड़ा नाम...सुन बेलिया ...जब हम जवां होंगे...गीतों को लिया जा सकता है..गायिकाओं में च्युंगम गर्ल शेख आफरीन,जो गाते हुए भी च्युंगम खाती है का परफॉर्मेंस अजय श्रीवास सहित अन्य गायकों की जुगल बंदी में बहुत ही शानदार रहा वही जबस्दस्त तरीके से संचिता भट्टाचार्य ने भी अपनी गायकी में कोई कोर कसर नही छोड़ी, कंवल जीत कौर अपने गीतों में मेहनत करती दिखी और कहीं हद तक वह सफल भी रही दीपक अग्रवाल के पापा कहते है गीत ने सब को झूमा दिया अजय श्रीवास की गायकी में परिपक्वता झलकती है तथा वे रफी,उदित नारायण सहित किशोर आदि गीतों को बहुत सहजता से प्रस्तुति देकर अपने प्रतिभा का पूरा सम्मान रखा वही, विजय निहाल और बसंत दीप, सहित अन्य गायकों की प्रस्तुति भी शानदार रही 


यहां सर्वाधिक कमजोर कड़ी डायरेक्टर सलीम संजरी का रहा क्योंकि मो.रफी को अपना आदर्श मानने वाले सलीम संजरी ना तो रफी के गीतों पर न्याय कर सके और न ही शब्बीर कुमार और अमित के गीतों से न्याय कर सके क्योंकि आवाज ही उनकी इतनी दबी हुई है कि बारंबार साउंड सिस्टम वाले को आवाज कम ज्यादा का इशारा कर रहे थे जो नाच न आए तो आंगन टेढ़ा ...वाली उक्ति को चरितार्थ करते हुए प्रतीत होता है भले ही प्रोत्साहन स्वरूप उनके सफल गायकी और प्रोग्राम  को लेकर मिथ्या प्रशंसा की जा रही हो परंतु वास्तविक धरातल पर यह उतना ही कटु सत्य जैसा है जितना दिन और रात का होना शाश्वत सत्य है  उनके प्रोग्राम को ले डूबने के पीछे उनका स्वयं का इगो है जिसे वे स्वीकार नहीं करते और किसी भी कलाकार और सम्माननीय व्यक्तियों के संदर्भ में ऊट पटांग वक्तव्य दे देते है जिसका ही परिणाम है कि उनके द्वारा पूर्व में किए गए कार्यक्रम की अपेक्षा संपन्न हुए कल के कार्यक्रम में भीड़ भी कम आई जो उनके लिए बहुत ही ज्यादा विचारणीय पहलू है  बड़े बड़े इवेंट करवा लेना  या नई प्रतिभाओं को मंच देना कोई बड़ी बात नहीं परंतु स्वयं की प्रतिभा को सामने लाना वह भी पूरी परिपक्वता के साथ यह महत्वपूर्ण है सोशल मीडिया में कार्यक्रम के पूर्व में चाय पानी की व्यवस्था से लेकर अनेक अनर्गल टिप्पणी पता नही वे किस नशे में रहकर करते रहे है ज्ञात नही परंतु उनकी यह कमी  अब भी दिखती है जो एक परिपक्व व्यक्ति को शोभा नहीं देता जिस पर सुधार की आवश्यकता है यहां 

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गौरतलब है कि गोल्डन साहू जैसे छत्तीसगढ़ के महान गायक ने हिंदी फिल्म के डिस्को गीत पर सभी को नचा कर पूरी महफिल लूट ली जो यह आभास कराता है कि मां सरस्वती का आशीर्वाद भी उन्हें ही मिलता है जो निस्वार्थ भाव से संगीत की साधना करते है उन्हे नही जो मिले वरदान को पा कर किसी कलाकार को छोटा दिखाने में लगा रहते है सत्य लिखना और आइना दिखाना बड़े साहस का काम है जो एक पत्रकार ही कर सकता है और सच्चाई  कल शुक्रवार को हुए उक्त प्रोग्राम से सब के सामने आ गई है  फिर भी एक प्रकार से देखा जाए तो कार्यक्रम की जो थोड़ी बहुत सफलता मिली है उस का श्रेय उन कलाकारों को जाता है जिन्होंने मंच साझा करते हुए पूरी मेहनत से अपनी गायकी से उपस्थित श्रोताओं को बांधे रखा और उनका मनोरंजन किया  लक्ष्य अर्थात टारगेट सर का मंच संचालन उम्दा रहा 

गुरुवार, 22 सितंबर 2022

जामा मस्जिद चुनाव बेरोजगारी,शिक्षा,स्वास्थ्य से कौम के हालात बदलने की नई सोच,मो.रिजवान

 जामा मस्जिद चुनाव

बेरोजगारी,शिक्षा,स्वास्थ्य से कौम के हालात बदलने की नई सोच,मो.रिजवान

रायपुर जिस उम्र में युवा बिजनेस और अधिक पैसा कमाने की सोच रखते है उस उम्र में यदि कोई युवा कौम की खिदमत करने की सोच रखे तो यह सबके लिए आश्चर्य का विषय हो सकता है परंतु यह भी उतना ही कडूवा सच भी है कि रायपुर शहर के ही राजातालाब नूरानी चौक के एक युवा मोहम्मद रिजवान हमजा खान बहुत ही कम उम्र में कौम की खिदमत करने का जज्बा लिए ऐसा काम कर रहे है कि जो भी उन्हें देखता या उनके कार्यों के बारे में सुनता तो उनके लिए दुआ जरूर करता है अपने वक्त के प्रसिद्ध  मोहम्मद हाशिम खान एडवोकेट के लखते जिगर मोहम्मद रिजवान हम्ज़ा प्रारंभ से ही कौम का जज्बा रखते है यही वजह रही कि राजा तालाब स्थित नई बस्ती की बढ़ती मुस्लिम  आबादी के कारण नूरानी मस्जिद छोटी पढ़ने लगी थी तब युवा सोच के साथ  उन्होंने नई मस्जिद निर्माण के लिए मुहल्ले के बुजुर्गों,युवाओं को साथ लेकर योजना प्रारंभ की उनके जज्बे को देखते हुए उन्हें नव निर्मित नूरे नबी मस्जिद की तामीर का महती जिम्मेदारी सौंपी इस सोच के साथ की नव जवान क्या कर सकेगा और उन्हे पहला सदर नूरे नबी मस्जिद नई बस्ती राजातालाब का बनाया गया जिस पर यकीन करना बड़ा दुरूह था मगर कौम की खिदमत और अल्लाह के इबादत खाना बनाने के जज्बे ने उन लोगों की सोच को बदल कर रख दिया जो ये सोचते थे कि मोहम्मद रिजवान हम्ज़ा जैसा नव जवान इतनी बड़ी जिम्मेदारी को कैसा पूरा करेगा परंतु कहते है जिसके दिल में नेक नियत हो और साथ ही अल्लाह का करम हो वह भला दुनियां में कैसे नाकाम हो सकता है बहुत ही कम समय में मोहम्मद रिजवान हमजा ने राजातालाब नई बस्ती में नूरे नबी मस्जिद की तामीर करवा कर एक इतिहास रच दिया ऐसी खूबसूरत मस्जिद तामीर से पूरे मुहल्ले में उनके कार्यों और कौम की खिदमत को लेकर चर्चा होने लगी और उन्हे बगैर किसी विरोध के नूरानी मस्जिद में सदर की गरिमामयी पद पर भी चुन लिया गया अब उनके युवा कंधों पर दोहरे जिम्मेदारी का बोझ था नूरे नबी मस्जिद के साथ मुहल्ले की सबसे पुरानी नूरानी मस्जिद को भी नया आकार देना था तब उन्होंने भविष्य की बढ़ती मुस्लिम आबादी को ध्यान में रखते हुए नूरानी मस्जिद को डबल स्टोरी निर्माण की बात जुमे की नमाज में रखी और सर्व सहमति से बहुत कम समय में नूरानी मस्जिद का काम प्रारंभ हो गया छ से आठ माह के अल्प अंतराल में उन्होंने नूरानी मस्जिद की काया कल्प कर दी और उसके स्थान पर एक बेहद खूबसूरत डबल स्टोरी मस्जिद की तामीर करवाकर यहां भी कथनी और करनी पर खरा साबित हुए इस मामले में जब मोहम्मद रिजवान हम्ज़ा से चर्चा की गई तो उनका मत है कि मेरी कोई हस्ती नही यह सब अल्लाह का करम है


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वह जिससे चाहे काम लेना होता है ले लेता है.. यह तो अल्लाह तआला की नजरे करम और इनायत है कि मुझ जैसे नाचीज़ से काम लिया और मुझे एक नही बल्कि दो मस्जिद की तामीर का सुनहरा अवसर दिया जो सबके सामने है जामा मस्जिद चुनाव लडने के पीछे आपका क्या मंतव्य है पूछने पर नूरे नबी और नूरानी मस्जिद के सदर रिजवान खान कहते है कि यह मंशा मेरी नही बल्कि यहां मुहल्ले के बुजुर्ग और युवा साथियों की सोच है कि मै  कौम के प्रति नई सोच,के साथ परिवर्तन ला सकता हूं जिसमे मुस्लिम कौम के चारो तरफ पसरी हुई बेरोजगारी,भटकते युवा, बच्चे, बच्चियों के,शिक्षा, और लगातार परिवर्तित होते दशा के साथ उनकी दिशा में प्रगति,विकास, उत्थान और रोजगार सृजन की कल्पना को साकार करने का इंकलाबी जज्बा मुझमें दिखता है जिसे बड़े स्तर पर करने के लिए उन्होंने मुझे जामा मस्जिद मुतवल्ली चुनाव लडने की राय दी नूरानी मस्जिद के सदर मो.रिजवान हम्ज़ा आगे कहते है कि जैसा अल्लाह रब्बुल इज्जत  ने स्थानीय मुहल्ले स्तर पर मस्जिद निर्माण करने का मेरा चयन किया यदि वही परवर दीगार आगे भी चाहे तो कौम के खिदमत के लिए मुझे चुन सकता है जामा मस्जिद मुतवल्ली बनने पर आप किस तरह कौम की खिदमत करना चाहते है पूछने पर नूरानी मस्जिद के सदर(मुतवल्ली) रिजवान हम्ज़ा कहते है यकीनन मेरी सोच कौम के बच्चे,युवा, बच्चियों, और बुजुर्गों की खिदमत करने के बहुत से प्लान है जिस पर चलकर कौम के बदतर होते हालात को सुधारा जा सकता है जिनमे मुख्यतः बेरोजगारी,शिक्षा,स्वास्थ्य,है वह नई सोच से ही संभव हो सकता है राजधानी रायपुर के जामा मस्जिद प्रत्याशी के रूप में मैने भी पर्चा दाखिल किया हुआ है मुझे चुनाव चिन्ह चांद तारा मिला है जो कौमी निशान भी है अब यहां राजधानी के मुस्लिम जमात किसे चुनते है  यह उनके अधिकार में है  परंतु उन्होंने एक बात अवश्य कही की अल्लाह जिसे चाहता उससे अपना काम ले लेता है परंतु मैं अपने बुजुर्गों युवा साथियों से ये जरूर कहना चाहूंगा कि कौम के बदतर हालात को देखते हुए परिवर्तन जरूर लाएं और साफ सुथरे प्रत्याशी का ही चयन करे

मंगलवार, 20 सितंबर 2022

सिरातुन्नबी कमेटी द्वारा अगले माह इज्जतिमाई निकाह

  सिरातुन्नबी कमेटी द्वारा अगले माह इज्जतिमाई निकाह

रायपुर शहर सीरतुन्नबी कमेटी के अध्यक्ष हाजी अनवर रिज़्वी ने  जानकारी दी है की इस साल सीरत कमेटी की जानिब से  16/10/2022 दिन् इतवार शाम् को इज्जतिमाई निकाह का कार्यकर्म रखा गया है जिस मे सभी दुल्हन को सीरत कमेटी की जानिब से 25000 हज़ार रुपए की रकम दी जाएगी आप्  अपने  मोहल्ले कि मस्जिद् के मुतवल्ली हज़रात से मिलकर  रजिस्ट्रेशन करवाये  रजिस्ट्रेशन की आखरी तारीख 10 अक्टूबर है संपूर्ण जानकारी के लिए नीचे दिए नंबर में राब्ता कायम कर सकते है 


सदर :: हाजी अनवर रिज़वी :7869211121

सेक्ट्री :शहाबुद्दीन खान 8770869817