सोमवार, 11 अक्टूबर 2021

इंडियन जर्नलिस्ट् फेडरेशन ने S P गरियाबंद को ज्ञापन सौंपा ,

 इंडियन जर्नलिस्ट् फेडरेशन ने S P गरियाबंद  को ज्ञापन सौंपा ,

गरियाबंद।   गरियाबंद के पत्रकार रविशंकर बघेल  नवभारत के संवाददाता पर हमला करने वाले राशन माफिया लोगो  को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग इंडियन जर्नलिस्ट फेडरेशन ने की है। 

इंडियन जर्नलिस्ट् फेडरेशन छत्तीसगढ़ यूनिट पत्रकार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष शरनजीत सिंह तेतरी ,जिला अध्यक्ष यशवंत मरकाम  ने जिला गरियाबंद के एस पी संतोष महतो जी से मुलाकात कर  ज्ञापन  सौंपा, इस अवसर पर उन्हे अवगत कराते हुए कहा कि  पत्रकार  रविशंकर बघेल सहित प्रदेश भर में पत्रकारों पर लगातार हमले हो रहे है जो देश के चौथे स्तंभ एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है इससे पत्रकार स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहा है  तथा वह निष्पक्ष पत्रकारिता के दायित्वो का निर्वहन भी ठीक से नही कर पा रहा है उन्होंने एसपी से पत्रकार रवि शंकर बघेल  पर हमला करने वाले आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी कार्यवाही  की मांग की हैं घटना सन्दर्भ में श्री तेतरी ने बताया कि    5 अक्टूबर मंगलवार की रात  को पत्रकार  रविशंकर बघेल  नवभारत संवाददाता मैनपुर, गरियाबंद  के साथ मारपीट   राशन माफिया लोगों के द्वारा किया गया।  FIR भी दर्ज हैं परंतु  अभी तक आरोपियों की गिफ्तारी नही हुई हैं इससे राशन माफियाओं के हौसले बुलंद है उन्होंने मांग  किया हैं कि जल्द से जल्द आरोपियों को गिफ्तारी कर कड़ी कार्यवाही की जाए

इंडियन जर्नलिस्ट्स फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष श्री तेतरी ने कहा की इस संबंध में अतिशीघ्र DGP और गृह मंत्री से मुलाकात कर आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा की पत्रकार सुरक्षा कानून लागू नहीं होने से छत्तीसगढ़ में पत्रकारों के ऊपर हमले हो रहे है उन्होंने मांग की है छत्तीसगढ़ में तत्काल पत्रकार सुरक्षा कानून लागू किया जाए 
आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग करने वालों में इंडियन जर्नलिस्ट्स फेडरेशन( ijf)  के अध्यक्ष शरनजीत सिंह तेतरी  अमित मिश्रा प्रदेश उपाध्यक्ष, अनिल रतेरिया प्रदेश महासचिव, प्रताप नारायण सिंह प्रदेश सचिव , भारत योगी प्रदेश सचिव ,     यशवंत मरकाम जिला अध्यक्ष गरियाबंद ,  आबिद शेख ,नरेंद्र शर्मा, महेंद्र ठाकुर,विजय लाल, किशोर कर ,शशिर देवगन , श्याम कश्यप , राहुल पनका,सैय्यद शफ़ीक़ अमन, मो. शमीम, मौजूद थे 


शुक्रवार, 8 अक्टूबर 2021

रायपुर वन मंडल के द्वारा प्राकृतिक वन रोपण कार्य में जापानी पद्धति वरदान साबित हो रही

  रायपुर वन मंडल के द्वारा प्राकृतिक वन रोपण कार्य में जापानी पद्धति वरदान साबित हो रही 

रायपुर (छग वनोदय) प्राचीन काल से ही संपूर्ण पृथ्वी पर  वनों की एक विशाल श्रृंखला  थी जिसमें समस्त जलवायु का आनंद मानव जीवन एवं वन्य प्राणी वर्षों से लेता रहा था परन्तु बढ़ते अनियंत्रित जनसंख्या, अतिक्रमण कर वन क्षेत्रों में कांक्रीटीकरण तथा लगातार वनों पर मानव का दखल,उसके विदोहन से वनों के अस्तित्व पर भी संकट  बढ़ता गया परिणामतः प्रदेश में वनों का दायरा एवं क्षेत्रफल सिमट कर   40 प्रतिशत तक पहुंच गया वनों के संरक्षण, संवर्धन में प्रदेश का वन विभाग अनेक योजनाओं के माध्यम से उसे संरक्षित करने के प्रयास एवं इसके संवर्धन हेतु नए प्रयोग भी करता रहा है  तथा आज भी वनों के अस्तित्व को  अक्षुण्य बनाए रखने में छग प्रदेश का वन जलवायु परिवर्तन विभाग देशी,विदेशी आधुनिक तकनीक से किए जा रहे वृक्षारोपण की वजह से अब चटियल एवं पड़त भाटा भूमि भी हरीतिमा चादर ओढ़े वनों सदृश्य लगने लगे है रायपुर वन मण्डल के अंतर्गत आने वाले ऐसे अनेक चटियल मैदानी और पड़त भाटा भूमि थे जहां  रायपुर वन मण्डल अधिकारियों और मैदानी कर्मियों के लगातार अथकप्रयास,दृढ़ इच्छा शक्ति और विश्वास से क्षेत्र को हरीतिमा चादर ओढ़ाकर हरियाली प्रसार के विस्तार में अपनी कर्तव्यनिष्ठा का उदाहरण पेश किया है अब उसके सारगर्भित परिणाम भी सामने दिखने लगे है आधुनिक तकनीक के प्रयोग के वन क्षेत्रों की दिशा और दशा  में हरियाली की ऐसी प्राकृतिक छटा बिखेर रहा है कि आवागमन करते राहगीर , आम व्यक्ति मंत्रमुग्ध होकर प्राकृतिक  हरियाली छटा को निहारने स्वयं उसके पैर ठिठक रहे है तथा  नैसर्गिक वातावरण दर्शन में  लीन हो  रहे है चटियल मैदान में सफल हरियाली युक्त वतावरण निर्मित करने का प्रथम महती दायित्व एवं उसका श्रेय  रायपुर वन मंडल  अटल नगर को जाता है जहां ग्राम खंडवा के समीप स्थित क़ुर्रू  जल संधारण शुद्धिकरण केंद्र के समीप स्थित  लगभग 10 हेक्टेयर पडत भाटा मुरुमी भूमि  जहां सदैव वातावरण शुष्क रहता था तथा गर्मी एवं उमस से समीप स्थित ग्राम खंडवा के ग्रामीण एवं राहगीर सदैव परेशान रहते थे  रायपुर वन मंडल अतर्गत व्यर्थ पड़त भाटा भूमि के 10 हेक्टेयर विस्तृत भूभाग में वन  जैसी हरियाली विस्तार एवं प्रसार की योजना को अमली जामा पहनाने  वर्ष 2019-20 को एक आधुनिक प्रयोग के माध्यम से किए जाने का बीड़ा उठाया तथा एक वर्ष पश्चात उसके सार्थक,सफल वन के रूप मे दूरगामी  परिणाम भी परिदृश्य हो रहे है ग्राम खंडवा का उपेक्षित पड़त भाटा भूमि आज वन की भांति समदृष्य हो रहा है जहां  प्रदेश का रायपुर वन मंडल अंतर्गत आधुनिक पद्धति से कराए गए प्लांटेशन अब आम व्यक्ति को ही अपनी ओर आकर्षित नही कर रहे है  अपितु देशी,विदेशी पशु पक्षी को भी अपनी ओर आकर्षित कर उनके ठौर,ठिकाना के केंद्र बिंदु बनते जा  रहे है छग शासन के पर्यावरण प्रेमी वन मंत्री मोहम्मद अकबर द्वारा सत्ता में आते ही ऐसे बिगड़े वन क्षेत्र,पड़त भाटा भूमि  की दिशा में सुधार कार्यों को गति प्रदान की है जिसके सार्थक परिणाम अब जन मानस के समक्ष आ रहे है हरीतिमा युक्त क्षेत्र की दशा दिशा में व्यापक बदलाव कार्य कर नए प्लांटेशन,एवं आधुनिक तकनीक से वनों का विस्तार किया जा रहा है जिसके सफल क्रियान्वयन में वरिष्ठ पीसीसीएफ अधिकारी राकेश चतुर्वेदी  साहब वन बल प्रमुख के दिशा निर्देश एवं युवा ऊर्जावान डीएफओ विश्वेश कुमार झा साहब एवं चुनौती पूर्ण कार्यों का लंबा अनुभव रखने वाले अनुभवी कर्तव्यपरायण अधिकारी एसडीओ विश्वनाथ मुखर्जी के सफल मार्गदर्शन सहित परिक्षेत्राधिकारी सतीश मिश्रा साहब के कुशल नेतृत्व  में बिगड़े वनों ,पड़त भाटा भूमि में हरियाली के विस्तार,हेतु आधुनिक पद्धति से नए प्लांटेशन का  सफल  निष्पादन किया गया  

नवा रायपुर अटल नगर के ग्राम खंडवा में कथित क्षेत्र में कराए गए सफल जापानी पद्धति का प्रयोग कर वनों का प्लांटेशन जिसे देखने के पश्चात यह कतई नही लगता कि इसे आधुनिक पद्धति से इसका विस्तार किया गया बल्कि ऐसा ज्ञात होता है कि प्राकृतिक ने स्वयं वन का निर्माण कर दिया हो  इस संदर्भ में वन मण्डलाधिकारी श्री विश्वेश कुमार झा साहब ने बताया कि मानव जीवन मे पेड़ पौधों की अति महत्वता का भान  हाल ही वैश्विक महामारी में महसूस किया गया था जिसके माध्यम से व्यक्ति को शुद्ध ऑक्सिजन कि अल्पता ने उनकी आंखें खोल दी परन्तु वैश्विक संक्रमण बीमारी प्रसार होने  के पूर्व से ही विभाग द्वारा कार्ययोजना बना कर इसे वास्तविक धरा पर  सफल रोपण कर प्रयोग प्रारंभ कर दिया था  औधौगिक घरानों के सामाजिक उत्तरदायित्व (सी.एस. आर.) के अंतर्गत वृक्षारोपण  कार्य  एन. टी. पी.सी.कोरबा एवं वृक्ष कटाई से प्राप्त मद के संयुक्त रूप से ग्राम खंडवा के क़ुर्रू जल संधारण शुद्धिकरण केंद्र के समीप पड़त भाटा भूमि पर वर्ष 2019-20में सफल आधुनिक जापानी पद्धति से  प्लांटेशन किया गया जैसा कि उपरोक्त वैश्विक महामारी में शुद्ध आक्सीजन की महत्वता का भान जिस प्रकार आम व्यक्तियों को हुआ उसे देखते हुए अब आम व्यक्ति पूरी तरह जागृत हो यह समझ चुका है कि  केवल पेड़ पौधों से ही शुद्ध आक्सीजन प्राप्त किया जा सकता है  इस दिशा में वन विभाग  ने पहल करते हुए रायपुर वन मण्डल परिक्षेत्रों में वृह्द स्तर पर पेड़ पौधों का प्लांटेशन कर हरियाली बिखेरने का प्रयास किया जो सफल भी हुआ  विशेषकर पड़त भाटा भूमि एवं पथरीले भूभाग, में  वर्ष 2019-20  में कराए गए प्लांटेशन अब अपने वास्तविक स्वरूप में आकार ले चुके है अब ऐसे प्लांटेशन युवा अवस्था में पहुंच चुके हैं  जिसकी हरियाली देखकर  ही आम व्यक्ति मंत्र मुग्घ हो रहा है

श्री विश्वनाथ मुखर्जी 
उप वन मण्डलाधिकारी
रायपुर वन मंडल

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इस रोपण के संबन्ध मे उप वन मण्डलाधिकारी विश्वनाथ मुखर्जी ने वनों के विस्तार में लगातार प्रयास किए जा रहे है और अब उसके सारगर्भित परिणाम भी परिलक्षित हो रहे है  श्री मुखर्जी ने बताया कि ग्राम खंडवा के मुरुमी चट्टानी भूमि में प्लांटेशन करवाना एक बहुत बड़ी चुनौती थी फिर भी उस चुनौती को स्वीकार कर नए आधुनिक जापानी तकनीक मियां अकिरा कोकी (वाकी) पद्धति से इसका विस्तार करने की सोची इसके लिए 1.2 हेक्टेयर भूभाग में लगभग तीन फीट गहरा मैदानी क्षेत्र को खनन करवाया गया तथा उसमें नारियल के छिलके, वर्मी कंपोस्ट  खाद सहित अन्य खाद,काली मिट्टी मिश्रण कर बिछाया गया पश्चात मिट्टी को पाटने के पूर्व ही उन गड्ढो में 28 प्रजाति के  वनों से लाए गए  वन पौधे को नियम अनुसार  रोपित कर दिया गया इसके आश्चर्य जनक परिणाम दिखे लगातार पौधे बड़ी   तृवता  से सर्वाइव करने लगे तथा माकूल आधुनिक खाद काली मिट्टी के मिश्रण से इनका  ग्रोथ भी आशाजनक रहा पश्चात इस आधुनिक पद्धति से 1.2 हेक्टेयर मे निर्मित वन को हमने प्राकृतिक को सौप दिया जिसके नैसर्गिक ऊर्जा, हवा पानी, एवं आहार से लगभग डेढ़ वर्ष में ही यह क्षेत्र जंगल समतुल्य हो गया श्री मुखर्जी साहब बताते है कि यह आधुनिक जापानी पद्धति डॉ. अकिरा मियां कोको  पद्धति के सफल परीक्षण और आए परिणाम से समूचा विभाग आल्हादित एवं गदगद  है तथा ऐसे और प्रयोग भविष्य में किए जाने पर विचार किया जा रहा है 


                   श्री सतीश मिश्रा 

           रायपुर वन मण्डल परिक्षेत्राधिकारी

            नवा रायपुर अटलनगर रायपुर

-----------------------------------------------------------रायपुर वन मंडल क्षेत्र के परिक्षेत्राधिकारी सतीश मिश्रा साहब कहते है कि किसी भी सफल प्लांटेशन का मूल मंत्र उसकी सुरक्षा है यदि सुरक्षा चाक चौबंद हो तो प्लांटेशन निश्चित रूप से सर्वाइव के साथ ग्रोथ भी करेंगे साथ ही मवेशियों,एवं दोहन कर्ताओं से भी  वनों के संरक्षण एवं पेड़ पौधों के संवर्धन में  सुरक्षा मिलेगी जिससे वनों के विस्तार को कोइ नही रोक सकता परिक्षेत्र अधिकारी श्री सतीश मिश्रा साहब ने आधुनिक जापानी पद्धति के संदर्भ में बताया कि जापान के डॉ. अकिरा मियां  वाकी के नाम पर ही उक्त पद्धति के नाम पड़ने की वजह बताई  जिनके द्वारा व्यर्थ नारियल अपशिष्ट के कवच,गौमूत्र,वर्मी कंपोस्ट, गोबर खाद काली मिट्टी,को उपयोगी बनाने के सफल अध्ययन एवं देहरादून से आए प्रशिक्षित अधिकारी के मार्गदर्शन पश्चात इसका प्रदेश में सर्व प्रथम प्रयोग रायपुर वन मण्डल के अंतर्गत नवा रायपुर अटल नगर  स्थित ग्राम खंडवा के क़ुर्रू जल फिल्टर प्लांट के बगल स्थल में  किया गया साथ ही प्रदेश के अनेक रोपण स्थलों पर अब इस आधुनिक पद्धति से रोपण  किया जा रहा है जिसके आशाजनक परिणाम सामने आ रहे है  उक्त पद्धति के माध्यम से कठोर भूमि पर रोपण व्यर्थ भू बस्थल के रेती, मृदा,चट्टानी,पथरीली,मुरुमी भूमि पर  उर्वरा क्षमता के बढाने के साथ रोपण के सफल परिणाम परिलक्षित हो रहे है जिसका उदाहरण नवा रायपुर के ग्राम खंडवा स्थित 1.2 हेक्टेयर में प्रयोग के रूप में कराए गए रोपण से अनुमान लगाया जा रहा है श्री सतीश मिश्रा साहब ने आगे बताया कि इस आधुनिक पद्धति से प्रदेश के बहुत से जिलों के अन्य वन मंडल में भी रोपण कार्यों में इस पद्धति से प्रयोग  किए जाने  की प्रेरणा मिली है तथा वे इस प्रयोग  को अंगीकार कर रहे है 


                   डिप्टी रेंजर ललित साहू 

           रायपुर वन मंडल नवा रायपुर अटल नगर 

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 डिप्टी रेंजर ललित साहू  नवा रायपुर ने बताया कि  वरिष्ठ अधिकारियों के कुशल मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में यहां मिश्रित प्रजाति के लगभग 28 हजार मिश्रित जाति के पौधे लगाए गए है जिनमें कुल बेड संख्या क्रमशः 45से.मि. बाई 45 से.मि.के अंतराल मे रोपित 30मीटर 2.40 के  क्रमशः 18 बेड एवं 60 मीटर 2.40 के  36  बेड है जिनमे मिश्रित प्रजाति के 27हजार 750 पौधों का शत प्रतिशत सफल रोपण किया गया यही नही 8 हेक्टेयर भूभाग  में 3x3 के अंतराल में भिन्न भिन्न प्रजाति के पौधे रोपण  किए गए जो वर्तमान में वन सदृश्य प्रतीत हो रहा है शेष 8 हेक्टेयर  रोपण स्थल में शीशम,नीम, मुंडी,आंवला बेहड़ा, बांस,पेल्टाफाम अर्जुन,गुलमोहर,हर्रा,इमली, कटहल, सहित,अनेक फलदार,फूलदार,छायादार,पेड़ रोपित किए गए है जो अपने वास्तविक स्वरूप में आ गए है  डिप्टी रेंजर ललित साहू ने आगे बताया कि सघन वन के रूप में ग्राम खंडवा में रोपण पौधों  को एक मॉडल के रूप में प्लांटेशन किया गया है उन्होंने बताया  मानव दबाव एवं चराई से  सुरक्षा ही वनों के विस्तार में सबसे बड़ा मूलमंत्र है वही श्री सतीश मिश्रा का कथन है कि यदि मानव प्राकृतिक वनों की सुरक्षा कर ले तो उसे कभी कोरोना संक्रमण एवं अन्य संक्रमण व्याधियों से  मुक्त रहेगा उन्हें बताया कि कोरोना काल की आपात स्थिति में लोगों को  ऑक्सीजन एवं पेड़ पौधों की उपयोगिता समझ आ गई थी  जिसके चलते याब मानव को पर्यावरण एवं वनों का संरक्षण में अपना महती योगदान देना आवश्यक हो गया  है  रायपुर वन मण्डल द्वारा समीप स्थित ग्राम थनौद  में मुख्य मार्ग के बगल में स्थित वन महोत्सव के अवसर पर लगभग 3000 हजार पौधों का सफल पौधा रोपण कार्य किया गया था जो अब क्षेत्र में सघन वन क्षेत्र के रूप में विकसित हो रहा है उक्त क्षेत्र में मिश्रित प्रजाति के पौधा रोपण किया गया था जिनमे बांस बेहड़ा, अर्जुन,जामुन,आम,शिशु , आदि प्रमुख पौधे भी सम्मिलित थे जो अब  युवा अवस्था मे पहुंच गए है इनके सुरक्षा के भी व्यापक कदम उठाए गए थे जहां रोपण क्षेत्र के चारों ओर फेंसिंग चैन लिंक के द्वारा किया गया था तथा निरन्तर क्षेत्र में चौकीदार निगरानी करता रहता है ताकि पशु एवं कटाई से रोपण क्षेत्र को सुरक्षित रखा है सके वहां उपस्थित फॉरेस्ट गार्ड भूपेंद्र यादव से जब पौधों के संदर्भ में पूछा गया तब उसने बताया कि क्षेत्र में वन महोत्सव के समय वर्ष 2019-20 में पांच हजार तथा वर्ष 2021 में 3000 पौधे कुल आठ हजार पौधे यहां अपनी हरीतिमा छटा बिखेर रहे है तथा मुरुमी एवं काली मिट्टी युक्त क्षेत्र होने के कारण शात प्रतिशत रोपण सफल है वह रक्षक भूपेंद्र यादव ने बताया कि फलदार पेड़ों में अब फल और फूल निकलने प्रारंभ हो गए है ग्राम थनौद चौक के समीप क्षेत्र पूर्व की स्थिति से बेहतर हरा,भरा, घना क्षेत्र के रूप में विकसित हो चुका है 

इसके अलावा तर्रा नर्सरी के पृष्ठ मुरुमी भूभाग कक्ष क्रमांक 71 में भी बलॉक स्तर पर बांस 500 नीम 2500,बेल 2500,पेलटा फाम 900 गुलमोहर 2000 पौधों का रोपण किया गया जो लगभग 17 हेक्टेयर भूभाग में किया गया उक्त प्लांटेशन क्षेत्र को अतिक्रमण से सुरक्षा के साथ साथ हरियाली प्रसार के तहत किया जाना बताया 

ग्राम थनौद से लगे ग्राम के सुन्दरकेरा में भी साढ़े आठ हेक्टेयर भूभाग में असिंचित इमली,बांस,कचनार,नीम, जामुन,कहवा,गुलमोहर करन इत्यादि के मिश्रित पौधों का कैम्प मद से  वर्ष 2021 चालू वित्त वर्ष में सफल रोपण कार्य संपादित होना बताया गया यही नही ग्राम सुन्दरकेरा के मंडी क्षेत्र में भी वृक्षारोपण किया गया है जो अब अपनी बढ़त बनाए हुए है एवं क्षेत्र में हरियाली बिखेर रहे है इनकी सुरक्षा हेतु भी सीमेंट पोल के साथ चैन लिंक फेंसिंग की गई है  क्षेत्र में लगातार सुरक्षा श्रमिक के अलावा अधिकारी कर्मचारी निगरानी बनाए हुए है  जो भविष्य में इसके सार्थक परिणाम सामने आएंगे . 

कामरान अंसारी ने राज्यसभा सांसद छाया वर्मा के नेतृत्व में रेलवे जीएम को पंडरी बस स्टैंड में रेलवे काउंटर चालू करनें ज्ञापन सौंपा

कामरान अंसारी ने राज्यसभा सांसद छाया वर्मा के नेतृत्व में रेलवे जी.एम. को पंडरी बस स्टैंड चालू करनें ज्ञापन सौंपा 
रायपुर  लाल बहादुर शास्त्री वार्ड के पार्षद एवं रेलवे सलाहकार सदस्य कामरान अंसारी राज्यसभा सांसद श्रीमती छाया वर्मा एवं के.टी. एस. तुलसी जी के नेतृत्व में रेल्वे सलाहकार समिति की एक  बैठक संपन्न हुई इस अवसर पर कामरान अंसारी पार्षद लाल बहादुर शास्त्री वार्ड एवं सदस्य रेलवे सलाहकार सदस्य ने बस स्टैंड पंडरी मे विगत कई महीनों से बंद पड़े रेलवे काउंटर के सुचारु संचालन हेतु  राज्य सभा संसद  छाया वर्मा से  नियमित काउंटर चालू किए जाने  की बात रखी जिसे संसद श्रीमती छाया वर्मा द्वारा आम जन को हो रही परेशानी को देखते हुए एक पत्र रेलवे जी.एम. को सौंपा तथा उसे शीघ्र चालू करने की मांग की गई जिस पर जी.एम. रेलवे द्वारा शीघ्र काउंटर प्रारंभ करने का आश्वासन दिया गया  


इस अवसर पर अन्य मनोनीत  रेलवे सलाहकार सदस्य विशेष रूप में उपस्थित थे 





मंगलवार, 5 अक्टूबर 2021

गौठान के बकरे को काटकर ग्राम भलेरा प्रतिनिधि मना रहा पार्टी

 गौठान के बकरे को काटकर ग्राम भलेरा प्रतिनिधि मना रहा पार्टी 


       सरपंच प्रतिनिधि चंद्रकुमार साहू ग्राम भलेरा

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अलताफ हुसैन

रायपुर आरंग जनपद विधान सभा अभनपुर अंतर्गत ग्राम भलेरा में आजकल जनता की राशि का दुरुपयोग  ग्राम पंचायत  के सरपंच प्रतिनिधि चन्द्रकुमार साहू  एवं उनके सहयोगियों द्वारा किस तरह  किया जा रहा है इसकी चर्चा संपूर्ण आरंग जनपद पंचायत क्षेत्र में हो रही है तथा सुनने वाले हैरान हो कर चर्चा कर रहे है कि सरपंच प्रतिनिधि चन्द्रकुमार साहू द्वारा पंचायती सुराजी  नियम कानून के इतर ऐसे जन विरोधी कार्य को खुल कर  कैसे अंजाम दे सकता  है  इस चर्चित ग्राम भलेरा केभ्रष्ट कृत्यों को ध्यान  में रखते हुए आरंग जनपद पंचायत सीईओ,जिला सीईओ सहित अन्य अधिकारियों को संज्ञान लेकर तत्काल ऐसे भ्रष्टासुरों जन प्रतिनिधि,एवं अतिरिक्त लाभ उठाने वाले घुसपैठिये सचिव के विरुद्ध  प्रभाव से निलंबित कर देने  की चर्चा भी की जा रही है 


ग्राम गोइन्दा सचिव गोवर्धन साहू  जिसके जनपद पंचायत कर्मियों एवं जनप्रतिनिधि  के वरदहस्त के चलते  दोनों हाथ मे लड्डू है  

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इस  संदर्भ में ज्ञात हुआ है कि ग्राम पंचायत भलेरा में मीना साहू सरपंच पद के लिए चयनित हुई थी उसके (एसपी) पति  सरपंच प्रतिनिधि चन्द्रकुमार साहू द्वारा समस्त ग्राम विकास कार्यों को देख रहा था ग्राम भलेरा में संपादित किए जा रहे विकास के उक्त समस्त निर्माण कार्य जिनमे रोजगार ग्यारंटी मनरेगा, गौठान निर्माण, चौदहवें,पन्द्रहवें वित्त की राशि से निर्माण कार्यों सहित स्वच्छता एवं गौण खनिज मद से कार्य संपादित के नाम पर ग्राम पंचायत गोइंदा के सचिव गोवर्धन साहू द्वारा लगातार  ग्राम पंचायत भलेरा में  हस्तक्षेप किया जा रहा है  तथा उसके मार्ग दर्शन में ही उपरोक्त समस्त निर्माण कार्यों में अनियमितता,एवं भ्रष्टाचार का  खुला खेल किया जा रहा है  जिसका विरोध पंच सहित समस्त ग्राम वासियों द्वारा समय समय पर किया जाता रहा है परन्तु अपने मूल कार्य स्थल ग्राम गोइन्दा  में दस प्रतिशत उपस्थिति देकर नब्बे प्रतिशत अवधि  ग्राम भलेरा में व्यतीत करने वाले गोवर्धन साहू स्वयं के देखरेख,और मार्गदर्शन में कार्य निष्पादित करवाया जा चुका है जिसकी लंबित राशि जनपद पंचायत से  इसी माह के प्रथम सप्ताह जारी किया गया  ठेकेदार और सप्लायर के नाम से  फर्जी बिल बाउचर के माध्यम से जारी किए गए धनादेश चेक से जनपद पंचायत द्वारा जारी एक


 सचिव गोवर्धन साहू के कार्यकाल में संपादित कार्य स्थल ग्राम राटाकाट जहां के विवरणी बोर्ड से राशि मिटा दिया गया
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बड़ी राशि जो कुछ संबंधित ठेकेदार सप्लायर को कमीशन स्वरूप राशि देने के पश्चात शेष आहरित की गई  उक्त राशि से ग्राम पंचायत भलेरा के सरपंच प्रतिनिधि एवं गोइन्दा सचिव गोवर्धन साहू द्वारा गौठान में शासकीय योजना अंतर्गत सात लाख में नवनिर्मित शेड में रखे गए  बकरा एवं मुर्गी की जान भी अब सांसत और खतरे में आ गई  क्योंकि जनपद पंचायत आरंग से निर्माण के एवज में मिलने वाली एक बड़ी राशि जो कुछ तो कमीशन खोरी की भेंट चढ़ गई शेष  एक बड़ी राशि से सरपंच प्रतिनिधि एवं गोवर्धन साहू के नेतृत्व में लगातार शराब पार्टी मनाने का एक अनन्त कालीन दौर चालू हो गया बताया जाता है कि सरपंच प्रतिनिधि लगातार शराब के मद में डूबा हुआ है तथा इसका भरपूर लाभ गोवर्धन साहू के द्वारा उठाया जा रहा है इसी परंपरा का निर्वहन करते हुए  उसके द्वारा आय से अधिक संपति एकत्रित किए जाने के समाचार भी लगातार प्राप्त हो रहे है जबकि ग्राम भलेरा में मूल पदस्थ सचिव सोमनाथ साहू को केवल कार्यालयीन दस्तावेजों में हस्ताक्षर एवं स्टाम्प के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है   हालिया चर्चा इस बात को लेकर हो रही है कि ग्राम भलेरा के गौठान में नव निर्मित बकरी शेड में शासकीय राशि से दो बकरे क्रय कर लाकर रखा गया था परन्तु दिनांक 04/10/2021/दिन सोमवार को उक्त गौठान में लाए गए एक बकरे को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा क्योंकि  ग्राम पंचायत भलेरा के सरपंच प्रतिनिधि चन्द्रकुमार साहू  तथा गोइंदा सचिव गोवर्धन साहू द्वारा यह कहा गया कि पंचायत की राशि से लाए गए दोनों बकरे अच्छी नस्ल के नही है अतएव उन्होंने उसे मारकर पार्टी मनाने की सोची तथा अपने कुछ पंच और दोस्तों के साथ मिल कर गौठान के समक्ष रहने वाले चरवाहे धनी यादव के घर मे उसे काट दिया गया तथा काट कर अपने कुछ सहयोगियों को किलो आधा किलो वितरण कर लगभग नौ किलो ग्राम बकरे के मांस के साथ शराब की बड़ी थैली लेकर आरंग के खमतराई रोड के आसपास जमकर शराब खोरी और मटन खाकर पार्टी मनाई गई 


ग्राम भलेरा का उचित मूल्य दुकान जहां से 80 बोरा राशन चोरी हो गया था जिसकी जांच लंबित है

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बताया जाता है बेतहाशा शराब पीने से शामिल लोग ठीक से चल भी नही पा रहे थे तथा चन्द्रकुमार साहू को दो व्यक्ति सहारा देकर लाए वही दूसरे बकरे के संदर्भ में यह ज्ञात हुआ है कि उस की शामत दशहरा या दीपावली में आ सकती है ऐसा विश्वनीय सूत्रों से ज्ञात हुआ है सवाल यह उठता है कि पार्टी मनाना कोई बूरी बात नही परन्तु जनता हित मे लगाई जाने वाली  शासकीय राशि गौठान समिति के सदस्यों एवं उनके आय सुदृढ़ता का साधन है  जिस का निज उपयोग करना कहां तक उचित है ? इस संदर्भ में जब सरपंच प्रतिनिधि चन्द्रकुमार साहू से चर्चा करने हेतु संपर्क करने का प्रयास किया गया था तब नशे में मदहोश लड़खड़ाती आवाज़ में  उन्होंने अपनी व्यस्तता का हवाला देते हुए मिलने से इंकार कर दिया था जबकि संपर्क करने के  समय वे काटे गए बकरे और शराब की पार्टी में पूरी तरह व्यस्त थे 


ग्राम पंचायत भलेरा के गौठान में सरपंच प्रतिनिधि के साथ पंचगण

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 बहरहाल,उक्त शासकीय राशि से महिला समूह एवं गौठान में आय अर्जित करने वाले संसाधनों के दुरुपयोग के संदर्भ में यह भी सफाई दे सकते है कि वे व्यक्तिगत बकरा क्रय कर पार्टी मनाए थे तब व्यक्तिगत किसी चरवाहे से बकरा क्रय क्यों नही किया गया ? गौठान में ही बकरी पालन शेड से बकरा क्यों लिया गया ? क्या लाए गए बकरे मुर्गी की संख्या पंचायत पंजी अथवा कंप्यूटर मे दर्ज की गई थी ? काटे गए बकरा एवं अन्य प्राणियों के  रख रखाव हेतु कितनी राशि अब तक व्यय की गई  यह  सवाल को लेकर जम कर चर्चा जारी है बताते चले कि इस प्रकार की भर्राशाही एवं भ्रष्टाचार का खेल ग्राम भलेरा में सरपंच प्रतिनिधि एवं कथित गोइंदा सचिव गोवर्धन साहू द्वारा लंबे समय से खुले आम चल  रहा है गोवर्धन साहू के संबन्ध में यह ज्ञात हुआ है कि पूर्व कार्यकाल में भी उस के द्वारा अन्य  कार्य स्थानों में भी  खुलकर भ्रष्टाचार किया गया था तथा जिस सचिव के पास सायकल नही थी आज वह चार पहिया वाहन सुसज्जित भवन सहित अनेक चल अचल संपति का स्वामी है तथा शाही जीवन व्यतीत कर रहा है इस संदर्भ में जमकर चर्चा गरम है कि वर्तमान में ग्राम गोइंदा पंचायत में सचिव रहने के बावजूद ग्राम भलेरा पंचायत के प्रति  कार्यों में दखल और लगातार रुचि दिखाना.... दोनों हाथ मे लड्डू खाने वाले जैसे उक्ति के संदेह को जन्म देता है

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जनपद पंचायत आरंग जहां करोड़ो के फर्जी बिल पास हो रहे है तथा अनेक सरपंच सचिव ने आकूत संपति अर्जित कर ली है

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 ज्ञात तो यह भी हो रहा है कि गोवर्धन साहू के जनपद पंचायत आरंग में सीईओ  तथा अन्य कर्मचारियों से बेहद मधुर संबन्ध है यही वजह है कि निर्माण सामग्री सहित अन्य सामग्री क्रय के  फर्जी बिल पास कराने एवं अन्य योजना पाने वह सफल हो जाता जिसकी वजह से जनपद पंचायत के सीईओ ,अधिकारियों की गोवर्धन साहू के ऊपर विशेष कृपा दृष्टि बनी हुई है  तथा उसे अपने कार्य स्थल के अलावा किसी भी ग्राम पंचायत के कार्यों में दखल देने की पूरी  छूट है गोवर्धन साहू के लगातार भ्रष्टाचार के मामले सामने आने पर एक मर्तबा बन चरौदा फर्जी बिल प्रकरण की याद ताजा कर दिया है  फिलहाल,गोवर्धन साहू के आय से अधिक संपति के मामले में और भी कई महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई जा रही है शीघ्र ही गोवर्धन साहू के काले चिट्ठे को जनमानस के समक्ष लाया जाएगा फिलहाल इसकी लिखित शिकायत जनपद पंचायत सीईओ,जिला पंचायत सीईओ,जिला कलेक्टर सहित पंचायत मंत्री से की जाएगी

सोमवार, 4 अक्टूबर 2021

रायपुर वन मण्डल का अनोखा प्रयोग नक्षत्र के अनुसार पौधा रोपण कर तैयार किया जा रहा नक्षत्र वाटिका

 रायपुर वन मण्डल का अनोखा प्रयोग - नक्षत्र के अनुसार पौधा रोपण कर तैयार किया जा रहा नक्षत्र वाटिका 

रायपुर (छत्तीसगढ़ वनोदय) .

.एहि सूर्य! सहस्त्रांशो! तेजो राशे! जगत्पते!

अनुकम्प्यं मां भक्त्या गृहाणार्घ्य दिवाकर!

अर्थात हे सूर्य देवता हजारों करोड़ों तेज किरण से संपूर्ण ब्रह्मांड  को अपनी तेज से प्रकाशमान करने वाले मुझ पर भी अपनी दया अनुकंपा की दृष्टि डाल कर मेरी भक्ति को स्वीकार करो तथा मुझे निरोग एवं स्वस्थ्य प्रदान करे,,, आपके समक्ष बारबार शीश नवाता हूं मेरी भक्ति स्वीकार करो.....ऐसे बहुत से श्लोक हिन्दू धर्म के प्रसिद्ध ग्रन्थों और पुराण में अंकित है जो हमारी उस संस्कृति एवं सभ्यता की ओर आकर्षित करता है जिसमे हम किसी अदृश्य शक्ति से प्रभावित अथवा ग्रसित होते है तब ऐसे मूल देवता की स्तुति श्लोक के माध्यम से भक्तिभाव  से उसके निराकरण हेतु अर्ध्य अर्पण कर शीश नवाते है तथा चमत्कारिक रूप से भी ऐसे संकट से सुरक्षित हो जाते है कुछ ऐसा ही मानव जीवन को प्रभावित करने वाले ग्रह,नक्षत्र  होते है जो बारंबार  जीवन को उथल पुथल करते रहते है  जिसके निराकरण के अनेक साधन भी ईश्वर ने  मानव को प्रदान किए है अब मनुष्य किन उपचारों का उपयोग करता है यह उसके विवेक पर निर्भर करता है धार्मिक आस्था वाले व्यक्ति ईश्वरी शरण मे उपरोक्त श्लोक,मन्त्रों एवं पूजा,आराधना, व्रत,उपासना,यज्ञ, के माध्यम ग्रह दोष की शांति के उपाय खोजते है तो कई जातक प्राकृतिक गर्भ से निकले रत्न धारण सहित अन्य माध्यम से ग्रह शान्ति के उपाय खोजते है जिनमे सर्वाधिक प्रबल ग्रह सूर्य है जिसकी शांति हेतु धार्मिक ग्रन्थ पुराण के उपरोक्त श्लोक के मंत्र द्वारा पूजा आराध्य के माध्यम से शांति के उपाय निश्चित किए गए है  जबकि भगौलिक संरचना एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण के आधार पर सूर्य ग्रह मंडल के  धुरी पर ही  संपूर्ण सोम,भौम,बुध,गुरु शुक्र शनि जैसे अन्य ग्रह मंडल उस की परिक्रमा अनवरत जब से पृथ्वी का अस्तित्व  धरती पर आया तब से ही करते रहते है इन्ही ग्रह मंडल के नाम पर ही साप्ताहिक दिवसों के नाम पड़े जो पृथ्वी से मानव जीवन के जुड़े होने की दशा में बदलते परिवेशों में उन पर अनुकूल विपरीत प्रभाव छोड़ते रहते है इनके प्रभाव से ही सारे जगत में  बाढ़, अकाल,भूकंप इत्यादि प्राकृतिक उथल पुथल की स्थिति निर्मित होते रहती है यदि ईश्वरीय प्रकोप ने मानव जीवन को व्याधि प्रदान किया है तो वही इनके  निराकरण एवं निरोग हेतु  प्राकृतिक से अनमोल खजाना जड़ी,बूटी, अध्यात्म,धार्मिक श्लोक,मन्त्र,दान,यज्ञ जैसी विधि  माध्यम भी उपलब्ध कराए है  तो दूसरी ओर ग्रह,दोष निवारण हेतु समुद्र मंथन से रत्न,मणि को भी औषधि के रूप में उपलब्ध कराए है कुल मिलाकर हमारे समस्त समस्या का निराकरण ईश्वर ने प्राकृतिक के गर्भ में छुपा रखा है उसका उपयोग हम कहां तक,किस रूप में कर सकते है यह सबसे बड़ा सवाल है क्या आप जानते है कि हमारे आसपास उगने वाले  पेड़ पौधे जिन्हें हमारे ऋषि मुनियों एवं तपस्वियों ने आदि काल से ही इसकी गुणवत्ता एवं उपयोगिता महत्वता को प्रामाणिक  संग्रहित कर मानव जीवन से भान कराया था उन्हें औषधि के रूप में इनके फल फूल पत्तों  की उपयोगिता बताई तो दूसरी ओर ग्रह शान्ति के  प्रकृतिक पेड पौधों के  उपायों को भी खोज निकाला था परन्तु आधुनिकता की चकाचौंध में मानव जीवन को कोसों दूर कर प्राकृतिक के अनमोल खजाने को बिसरा दिया इन्ही ग्रह दोष शांति होने वाले दुष्प्रभाव उस के निराकृत किए जाने वाले पेड़ पौधे,की जीवन मे उपलब्धता को भान करने के उपायों, उद्देश्य के लिए छग प्रदेश का वन जलवायु परिवर्तन विभाग  रायपुर वन मंडल के द्वारा अनोखा नक्षत्र वाटिका तैयार कर विलुप्त हो रही पारंपरिक धार्मिक मान्यता और ग्रह शांति के प्राकृतिक उपायों को आम व्यक्ति से साझा करने का अवसर तलाश रहे है इसके लिए एक ऐसी वाटिका का निर्माण करना प्रारंभ कर दिया गया है जो मात्र तीन से छह माह के अंदर आम जनता की ग्रह नक्षत्रों  से जुड़ी जिज्ञासा को शांत करने पर्याप्त होगा


  श्री विश्वेश कुमार झा साहब डीएफओ रायपुर व.म.

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ऐसे ही ग्रह शान्ति और नक्षत्रों के प्रभाव को कम करने वाले प्राकृतिक पेड़ पौधों का संकलन एवं उसकी उपयोगिता, महत्वता को आम जनता के समक्ष लाने का बीड़ा एवं अनोखी  परिकल्पना को  रायपुर वन मंडल के युवा ऊर्जावान,कर्तव्यनिष्ठ,डीएफओ विश्वेश कुमार झा साहब तथा लंबे समय से विभाग में अपनी सेवा देने वाले अनुभवी कर्तव्यनिष्ठ कार्यों के प्रति समर्पित निष्ठावान एसडीओ विश्वनाथ मुखर्जी साहब के माध्यम से साकार किया जा रहा है जो छग प्रदेश का एकमात्र ऐसा नक्षत्र वाटिका होगा जो रायपुर सहित प्रदेश एवं देश वासियों के समक्ष एक उदाहरण साबित होगा तथा पेड़ पौधों के माध्यम से ग्रह नक्षत्र  योग की दशा में आम जन को अपने घर आंगन में भी ऐसे पेड़ पौधों की रोपण करने की प्रेरणा मिलेगी  रायपुर वन मण्डलाधिकारी विश्वेश कुमार झा साहब ने इस अनोखी नक्षत्र वाटिका के बारे में  बताया कि   ग्रह नक्षत्र से रूबरू कराने तथा उनके द्वारा ग्रह शांति के उपाय के संदर्भ में जन  जगृति लाने के उद्देश्य से उक्त नक्षत्र वाटिका परियोजना को अमलीजामा पहनाया जा रहा है उन्होंने बताया कि नक्षत्र वाटिका का एक छोटा सा उदाहरण ऊर्जा पार्क में भी देखने मिल जाएगा परन्तु वह नक्षत्र जोन आम लोगों की जिज्ञासा दूर करने की दृष्टिकोण से संक्षिप्त है  श्री झा बताते है कि वृक्ष अथवा पेड़ तो सब को दिखता है परन्तु उसकी उपयोगिता धार्मिक मान्यता तथा ग्रह नक्षत्र से  पेड़ पौधों की संबंद्धता  का किसी को आभास नही है हमने ऐसे महा ज्ञानियों एव ऋषि मुनियों के माध्यम से धार्मिक पुराण ग्रन्थों से इनकी प्रामाणिक उपयोगिता को ज्ञात किया पश्चात उनका रोपण कार्य संपादित करवा रहे है रायपुर वन मण्डलाधिकारी विश्वेश कुमार झा साहब ने आगे बताया कि अभी ग्रह नक्षत्र से संबंधित बहुत से पौधे लगाए जा चूके है तथा बहुत से पौधों का रोपण होना शेष है इसके पीछे की वजह अधिकांश पेड़ पौधों को अनुकूल जलवायु, वातावरण, नही मिलने की वजह से वे सर्वाइव नही कर पाते ऐसे पौधों के रोपण हेतु संबंधित परीक्षण किए गए मृदा एवं समुचित खाद के साथ रोपण प्रक्रिया अपनाई जाएगी तथा उसके ग्रोथ किए जाने तक देखरेख एवं व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी श्री झा साहब ने आगे बताया नक्षत्र वाटिका में  अब तक पचास फीसदी कार्य पूर्ण हो चुका है नक्षत्र वाटिका के  प्रेरणा के  संदर्भ में डीएफओ विश्वेश कुमार झा ने बताया कि स्वामी शंकराचार्य के मार्ग दर्शन एवं परिकल्पना को साकार करने की मंशा पर उनके द्वारा प्रदत्त  भूमि मिलने पर वर्ष 2019 में भूमि पूजन का कार्यक्रम प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल,वन मंत्री मो.अकबर, क्षेत्रीय वरिष्ठ विधायक सत्यनारायण शर्मा विधायक धनेंद्र साहू जी तथा श्री राकेश चतुर्वेदी साहब पीसीसीएफ वन बल प्रमुख सहित अनेक गणमान्य अधिकारीयों के गरिमामयी   उपस्थित में सम्पन्न हुआ था   छ माह के अंतराल में शीघ्र ही शेष कार्य पूर्ण कर लिए जाने हेतु वे आश्वस्त है

श्री विश्वनाथ मुखर्जी साहब एस डी ओ रायपुर व.म.

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इस संदर्भ में उप वन मण्डलाधिकारी विश्वनाथ मुखर्जी साहब ने बताया कि रायपुर शहर  से मात्र पन्द्रह किलोमीटर की दूरी पर स्थित बोरियाकला कालोनी के समीप दस एकड़ वृहद भूभाग में केवल ग्रह,नक्षत्र से सन्दर्भित पेड़ पौधों का रोपण कार्य संपादित किया जा रहा  है जिसका खाका वास्तुकला की दृष्टिकोण से  निर्माण किया गया है   वाटिका मे धार्मिक मान्यता वाले पौधे, सहित ग्रह शांत करने वाले पौधों को प्राथमिकता दी गई है श्री विश्वनाथ मुखर्जी साहब ने आगे बताया कि जब मानव जीवन का जन्म बालक के रूप में होता है तब वह किस नक्षत्र ग्रह में जन्म लेता है उसका भविष्य उस आधार पर सुनिश्चित कर निर्धारित किया जाता है ऐसे प्रत्येक मानव जीवन से जुड़े ग्रह नक्षत्र के प्राकृतिक एवं पेड़ पौधों की उपयोगिता  अवलोकन एवं ज्ञान जिज्ञासा को शांत करने के उद्देश्य से क्रमबद्ध वास्तुकला ग्रह दशा से सन्दर्भित पौधरोपण कार्य किया जा रहा है जहां मध्य में खड़े होने के पश्चात सम्पूर्ण नौ ग्रह से जुड़े पौधों से साक्षात्कार होगा तथा उनकी हमारे जीवन मे होने वाले अच्छे बुरे  प्रभाव  को कितने प्रकार से निराकृत करने में सहायक एवं उपयोगी है उसकी संपूर्ण विवरण एक बोर्ड में अंकित होगा जो अपने आप मे एक उपलब्धि होगी श्री मुखर्जी साहब ने बताया कि वाटिका में कुछ मिश्रित प्रजाति के पौधे भी रोपित किए गए है जो शुद्ध वातावरण एवं स्वच्छ ऑक्सीजन की दृष्टिकोण से मानव जीवन को स्वास्थ्य वर्धक बनाएंगे तथा आसपास  क्षेत्र का वातावरण भी प्रदूषण मुक्त होगा  मुखर्जी साहब ने आगे बताया कि दस एकड़ भूमि दान अनन्त श्री विभूषित श्री गजानन्द गुरु शंकराचार्य ज्योतिष पीठाधीश्वर श्री स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज के द्वारा प्रदाय किया गया तथा उनकी ही परिकल्पना को साकार किया जा रहा है संरक्षक ब्रह्मचारी श्री सुबुद्धानन्द जी निज सचिव जगतगुरु शंकराचार्य जी महाराज  के मार्ग दर्शन में  समस्त कार्य निष्पादित  हो रहे है उन्होंने बताया कि वाटिका में लगाए जाने वाले पौधे गीता पुराण में उल्लेखित पौधों का चयनकर रोपा जा रहा है 

श्री सुधाकर राव शिंदे साहब प.अ.रायपुर व.म.
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रायपुर क्षेत्र के परिक्षेत्राधिकारी श्री  सुधाकर राव शिंदे साहब ने बताया कि नक्षत्र वाटिका का निर्माण उच्च अधिकारियों के दिशा निर्देश अनुरूप निर्माण करने का प्रयास है तथा यह नक्षत्र  वाटिका संभवतः छग प्रदेश  में एकमात्र एकलौता वाटिका होगा जो ग्रह नक्षत्र पर आधारित होगा परिक्षेत्राधिकारी सुधाकर राव शिंदे ने बताया कि नक्षत्र वाटिका निर्माण के पीछे मुख्य उद्देश्य  हमारी विलुप्त होती धार्मिक मान्यताएं संस्कार,एवं संस्कृति को सहेजना है आज भी वट वृक्ष एवं अन्य वृक्षों के तनों पर महिलाएं अपने पति पुत्र की दीर्धायु कामना के लिए  धागा बांधती है,उनकी पूजा अर्चना करती है ऐसे वृक्ष हमारे गौरवशाली इतिहास के साक्ष्य होते है परन्तु आधुनिकता ने हमारी सोच विचार एवं शैली में व्यापक परिवर्तन लाया है जिसको सहेजने का एक छोटा सा प्रयास है यदि यह सफल रहा तो इस प्रकार के मानव जीवन से जुड़ी उनके स्वास्थ्यगत संबन्धी,एवं धार्मिक संस्कारों से जुड़े अन्य  वाटिका,वृक्षारोपण,प्लांटेशन  के माध्यम से आम जन को जानकारी देने का प्रयास विभाग द्वारा  भविष्य में भी होता रहेगा

         श्री तेजा सिंह साहू प्रभारी नक्षत्र वाटिका

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नक्षत्र वाटिका के प्रभारी  तेजा सिंह साहू जो एक स्वस्थ्य एवं बलिष्ठ कद काठी,व्यक्तित्व के स्वामी है साथ ही पारंपरिक खेल भारोत्तोलन में उन्होंने राजीव पांडे खिताब भी अपने नाम किया हुआ है  खेल भावना के चलते ही उन्हें  खिलाड़ी कोटा से वन विभाग में सेवाकाल प्रारंभ करने का सुअवसर प्राप्त हुआ है उन्होंने उत्साहित होते हुए बताया कि यह अपने आप मे एक अनूठा प्रयास है जिसमे नक्षत्र के हिसाब से पौधे रोपे जा रहे है  वास्तुकला के दृष्टिकोण से इसका निर्माण किया जा रहा है  धार्मिक आस्था से जुड़े पौधे भी रोपित किए गए है कुछ मिश्रित प्रजाति के पौधे गौठान हिस्से में लगाए गए है तथा मध्य में वृत्ताकार परिधि है जो सूर्य का स्थान समतुल्य निर्माण किया गया वही उसके आसपास संबंधित ग्रह नक्षत्रों के पौधे रोपे जा रहे है जिनमे मुख्यतः आक,ढाक, खैर,अपमार्ग,पीपल गूलर,शामी, चंदन,कुश,एवं बांस  आम जामुन आंवला,अर्जुन,अशोक,नीम, अमरूद,कदम,अनार,इत्यादि प्रमुख है रोपित पौधों में कौन सा पौधा किस ग्रह शान्ति के लिए उपयोगी होता है पूछने पर वाटिका प्रभारी  तेजा सिंह साहू ने बताया कि भविष्य मे नक्षत्र वाटिका में लगाए जाने वाले पौधों के अंतिम सिरे में विस्तृत जानकारी के साथ साथ पौधों की उपयोगिता, एवं मान्यता अनुसार विवरण बोर्ड लगाए जाएंगे जो  प्रतिष्ठित ज्ञानी साधु संत एवं ऋषि मुनियों  से इसके लिए मार्गदर्शन लिया जाएगा जिसका कार्य प्रारंभ हो चुका है  वही श्री तेजा साहू ने बताया कि वर्तमान में पथ  मार्ग हेतु पेवर्स ब्लॉक लगाए जा रहे है जो एक परिधि स्वरूप होगा नक्षत्र वाटिका निर्माण के पीछे के उद्देश्य के बारे में प्रभारी  तेजा सिंह साहू ने बताया कि आम जन केवल यह घूमने टहलने ही नही आएंगे बल्कि पेड़ पौधों का हमारे जीवन मे धार्मिक एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण से कितना महत्व रखता है इसकी जानकारी भी  नक्षत्र वाटिका में दर्ज विवरणी बोर्ड का पाठन कर उसे अंगीकार करेंगे उन्होंने आगे बताया कि मानव को यह जानना अति आवश्यक हो गया है कि ग्रह  नक्षत्र मानव जीवन में क्या प्रभाव डालते है तथा इन्हें  किस प्रकार शांत किया जा सकता है जो हमे प्राकृतिक के खजाने से  ईश्वर ने भरपूर प्रदान किया है जिसकी उपयोगित एवं जानकारी के आभव में हम इनसे कोसो दूर रह कर इनका दोहन करते रहे  है जिनकी अल्पता से इसके दुष्परिणाम भी हमारे सामने आते है उन्होंने कहा कि आज हम मंगल और चन्द्र ग्रह में प्रवेश कर चुके है परन्तु उनके दुष्प्रभाव से आज भी अपरिचित है जो नक्षत्र वाटिका के माध्यम से संबंधित ग्रह नक्षत्र के पेड़ पौधों का रोपण कर आम जन में पेड़ पौधों की महत्वता, जागरूकता तथा पर्यावरण के संरक्षण संवर्धन में   उनकी सामाजिक,धार्मिक सरोकार, मान्यता के अनुरूप जागृत कर सहभागिता सुनिश्चित करने  का प्रयास मात्र है
 

        ग्रह नक्षत्र पर आधारित वाटिका का निर्माण

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जिससे सुरक्षा के साथ साथ पर्यावरण वातावरण अनुकूल होगा जो हमारी भावी पीढ़ी के लिए वरदान साबित होगा वही अपना संपूर्ण जीवन का सेवाकाल वन एवं पेड़ पौधों की सुरक्षा में लगा देने वाले एस डी ओ मुखर्जी साहब ने बताया कि नक्षत्र वाटिका जैसी अनोखी पहल  पूर्व में नही की गई थी यह संपूर्ण प्रदेश भर में अपने आप मे एक उदाहरण है नक्षत्र वाटिका निर्माण से आने वाले पर्यटकों  को बहुत सी जानकारी प्राप्त होगी प्रकृतिक प्रेमी एवं  छात्र छात्राएं भी पेड़ पौधों की गुणवत्ता ,  जन जीवन मे इसकी महत्वता और वर्षों से हमारे मानव जीवन का अस्तित्व को बचाए रखने में इनकी भूमिका से रूबरू हो सकेंगे बाहरी प्रदेशो से आने वाले अधिकारियों को भी एक  पृथक आभास होगा तथा नक्षत्र वाटिका से रूबरू होकर उन्हें भी अपने क्षेत्र में इस प्रकार की अनूठी पहल करने की प्रेरणा मिलेगी परिक्षेत्राधिकारी मधुकर राव शिंदे ने बताया कि हलांकि क्षेत्र में औषधि युक्त वाटिका सहित सफारी ज़ू, अन्य प्रयोग समय समय पर किया जाता रहा है तथा इससे साक्षात्कार होने पर्यटक भी आते है परन्तु ग्रह,नक्षत्रों, से संबन्ध नक्षत्र वाटिका प्रदेश भर में  एक ऐसा अद्भुत उदाहरण है जो किसी भी पर्यटक को अपनी ओर आकर्षित तो करेगा ही साथ ही उसे धार्मिक मान्यता,संस्कार,इनकी हमारे जीवन मे उपयोगिता,महत्वता के साथ विलुप्त होती प्राचीन सभ्यता के  लिए ज्ञान वर्धन में भी सहायक सिद्ध होगा 


त्रैमासिक पत्रिका छग वनोदय में शीघ्र प्रकाशित

पत्रकारों को काष्ठ माफिया संतोष चंद्रकार द्वारा मारने की धमकी पुलिस में रिपोर्ट दर्ज

 पत्रकारों को काष्ठ माफिया संतोष चंद्रकार द्वारा  मारने की धमकी  पुलिस में रिपोर्ट दर्ज 


रायपुर आरंग समाचार संकलन को गए पत्रकारों को स्थानीय फरफौद  निवासी संतोष चंद्रकार काष्ठ माफिया द्वारा जान से मारने की धमकी दिया गया जिसकी प्रथमिक रिपोर्ट आरंग थाना में दर्ज की गई 

 मिली जानकारी के अनुसार फॉरेस्ट क्राइम न्यूज़ के पत्रकार  आरंग विधान सभा के अंतर्गत ग्राम फरफौद समाचार संकलन हेतु गए थे जहां ग्राम फरफौद-छतौना स्थित गौतम ऑटो सेंटर के समीप बैठे थे  तभी वहां सन्तोष चंद्रकार नामक काष्ठ माफिया शराब के नशे में पहुंचकर उपस्थित पत्रकारों से गाली गलौज एवं डंडा लाकर  मारने की धमकी देकर चिल्लाने लगा जबकि पत्रकार उससे बड़ी शालीनता से बात कर रहे थे  परन्तु वह लगातार पत्रकारों को डंडे से मारने चिल्लाता रहा वही पत्रकारों को यह भी कहने लगा कि बड़े बड़े चंदन और सागौन तस्कर है उनके बारे में छापो हम तो खेत खलिहान के लकड़ी खरीद कर उसे बेचते है कह कर अपशब्दों का प्रयोग करने लगा वही पत्रकार ग्राम फरफौद में व्यवसायी अशोक चन्द्राकर से उसके स्वस्थ्यगत जानकारी एवं कुशलक्षेम ज्ञात करने पहुंचे थे  तथा पूर्व में भी संतोष चंद्रकार द्वारा पत्रकारों से धमकी एवं दुर्व्यवहार की घटना कारित किया जा चुका है  तथा आज भी ग्रामवासियों के द्वारा समझाइश देने के बावजूद  डंडे से मारने की धमकी दिया गया जो पत्रकारों के सुरक्षा को लेकर सवाल खड़ा करता है जो निंदनीय है आरंग पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा  294/506 लगाकर मामला पंजीबद्ध कर लिया है

गुरुवार, 30 सितंबर 2021

जंगल सफारी फॉरेस्ट गार्ड के जब ऐसे ठाठ.. तो अधिकारियों के जल्वे क्या होगा

 

जंगल सफारी  फॉरेस्ट गार्ड के जब ऐसे ठाठ.. तो अधिकारियों के जल्वे क्या  होगा 

अलताफ हुसैन

रायपुर (फॉरेस्ट क्राइम न्यूज़) विगत दिनों जंगल सफारी  में डिप्टी रेंजर सुनील कुमार खोपरागड़े एवं महेंद्र भारती ठेकेदार के जुगलबंदी से शासकीय योजनाओं के सफल क्रियान्वयन हेतु जारी शासकीय राशि मे करोड़ों रुपयों का गड़बड़ घोटाला कर भ्रष्टाचार को अंजाम दिए जाने का समाचार  प्रकाशन किया गया था समाचार प्रकाशन के पश्चात विभाग में हड़कंप भी मचा परन्तु  विभागीय कार्यवाही के नाम पर .  ढाक के वही तीन पात वाली ... कहावत यहां चरितार्थ होते नज़र आई है ...तथा  मात्र औपचारिक जांच कार्यवाही का दिखावा कर करोड़ों के भ्रष्टाचार के मामले को पुनः ठंडे बस्ते में डाल दिए जाने जैसा प्रतीत हो रहा है क्योंकि जंगल सफारी में निर्माण कार्य एवं अन्य विभागीय योजना के क्रियान्वयन हेतु विभागीय भ्रष्टासुरों की एक पूरी लंबी चैन बनी हुई है तथा बड़े सुनियोजित ढंग से  गड़बड़ घोटाला एवं दस्तावेज़ों में कूट रचना कर भ्रष्टाचार को अंजाम दिया जा रहा है अब इन भ्रष्टासुर मैदानी कर्मचारियों के सिर पर किस अधिकारी एव जन प्रतिनिधि का वरदहस्त प्राप्त है यह तो वस्तुस्थिति देखने से ही आईने की तरह स्पष्ट दिखाई पड़ता है परन्तु ऐसे बड़े गड़बड़ घोटाला और भ्रष्टाचार का प्रकरण सामने आने के पश्चात भी जंगल सफारी में  कार्यरत कर्मचारियों पर किसी प्रकार की कोई कार्यवाही न होना तथा  उनकी नियुक्ति अब भी वही होना बहुत से सवाल खड़े करता है अमूमन देखा यह जाता रहा है कि विभागीय कर्मचारियों के द्वारा  एक छोटी सी चूक होने पर  संबंधित संलिप्त कर्मचारियों पर निलंबन अथवा बर्खास्तगी की कार्यवाही सुनिश्चित हो जाती है परन्तु जंगल सफारी के भ्रष्ट कर्मचारियों पर इस प्रकार की कोई कार्यवाही न होने से इनके हौसले और बुलन्द हो गए है तथा  समाचार प्रकाशन के पश्चात कोई विभागीय कार्यवाही न होने से ये मन ही मन से गदगद भी है  इसका उदाहरण यह देखने,सुनने  मिल रहा है कि  सफारी में गड़बड़,घोटाला मे लिप्त कर्मचारियों के द्वारा चिकन मटन बिरयानी एवं स्कॉच,आई.बी.शराब,बियर की बोतल खोलकर पार्टी मनाई जा रही है....सईंया भयो कोतवाल ...तो अब डर काहे का ...की तर्ज पर निर्माण कार्यों का निष्पादन उसी महेंद्र भारती नामक ठेकेदार के माध्यम से कराए जा रहे है जो दस वर्षों से ऊपर जंगल सफारी में कार्य संपादित कर स्थानीय मजदूरों एवं सुरक्षा श्रमिकों का आर्थिक शारीरिक एवं मानसिक शोषण कर रहा है जबकि जंगल सफारी एवं ज़ू में उसके द्वारा कराए जा रहे गुणवत्ता विहीन निम्नस्तरीय  कार्य का निरीक्षण कर  उसपर तत्काल कार्यों पर रोक लगाकर उसे  निष्कासित कर नई निविदा कॉल के माध्यम से अन्य ठेकेदार से शेष कार्य कराए जा सकते है  परन्तु ऐसा हुआ नही वजह स्पष्ट है कि यहां भ्रष्टाचार के इतने बड़े बड़े गड्ढे, बल्कि खाई है कि कोई भी समझदार अधिकारी इसे पाटने की सोच भी नही सकता  तथा अपनी सेवाकाल के साफ सुथरे दामन को काला नही कर सकता यही वजह है कि भ्रष्टाचार के पर्याय बन चुकी जंगल सफारी में लंबे समय से डीएफओ मर्सिबेला मैडम को वहां से स्थान्तरित नही किया गया क्योंकि ...जैसी करनी वैसी भरनी....की तर्ज पर उनके कर्मों का भुगतान उन्हें ही वहां पर नियुक्त रख कर किया  जा रहा है यही वजह है कि परिस्थितिवश  तथाकथित ठेकेदार जंगल सफारी में संलिप्त अधिकारी,कर्मचारियों को  वहां से अन्यंत्र पोस्ट नही किया जा रहा है क्योंकि आज नही तो कल पूर्व में किए गए भ्रष्टाचार की जांच की आंच के घेरे में सभी को आना ही है यही वजह है कि उच्च अधिकारियों की  नज़रे इनायत  उपरोक्त समस्त कर्मचारियों पर बनी हुई है  स्वयं को साफ सुथरा बनाए रखने के लिए सफारी कर्मचारीयों द्वारा  पृथक कार्यशैली अपनाई जा रही है इसके लिए उन्होंने   ठेकेदार, को मोहरा बनाकर उसकी ठेकेदारी प्रथा की आड़ में श्रमिक से लेकर निर्माण सामग्री का बिल बाउचर ठेकेदार के द्वारा बनवाए जाने का रास्ता अपनाया जो श्रमिको के शोषण के उद्देश्य से स्वयं की मनमर्जी एवं कलेक्टर दर से आधी राशि में सैकड़ों श्रमिकों से कार्य संपादित करवा रहा है तथा निर्माण सामग्री की दर भी स्वयं एवं अधिकारियों के दिशा निर्देश पर तय कर एक बड़ी राशि  का गड़बड़ घोटाला कर भ्रष्टाचार को अंजाम दिया जा रहा है  जबकि इसके ठीक विपरीत स्थानीय विभागीय कर्मचारियों के माध्यम से कार्य संपादित कराए जाने पर उनकी हाजिरी तथा फर्जी बैंक खाता संख्या दर्ज कर शासकीय  राशि गबन करने जैसे प्रकरण सामने आने लगते है जिससे विभागीय अधिकारियों के सीआर पर भी प्रभाव पड़ता है अतएव इन समस्त पेचीदगी से बचने ठेकेदार महेंद्र भारती को मोहरा बनाकर उसके माध्यम से अब फर्जी बिल भुगतान और श्रमिको के पारश्रमिक राशि की अफरा तफरी तथा गुणा भाग वाला खेल सहजता,एवं सुगमता से  खेला जा रहा है भविष्य में यदि कभी जांच की आंच अथवा विभागीय निरीक्षण होने पर ऐसे कर्मचारी अपने आप को साफ बचाने  सॉफ्ट कार्नर बना कर चल रहे है तथा जांच होने पर समस्त गड़बड़ घोटाला का दोषा रोपण संबंधित कार्यरत ठेकेदार के सर मढ दिया जाएगा कुछ यही कहानी जंगल सफारी में बेखौफ होकर चल रही है 

ज्ञात तो यह भी हुआ है कि समाचार प्रकाशन पूर्व सुनील खोपरागड़े द्वारा बड़ी संख्या में फर्जी बाउचर, एवं संबंधित दस्तावेजों को जला दिया गया क्योंकि उसके द्वारा कुछ  चिन्हित श्रमिकों के परिजन एवं मित्रों के फर्जी खाता संख्या दर्ज करवा कर बड़ी राशि आहरित की गई थी इससे इन्हें तो भारी लाभ हुआ साथ ही ऊपर बैठे अधिकारी भी लालम लाल हो गए जबकिं चर्चा इस बात को लेकर गर्म है कि एक ही विभाग पर लगभग पांच वर्षों से डीएफओ के पद पर रहते हुए मर्सिबेला मैडम ने आकूत संपति अर्जित कर रखी है  समाचार तो यह भी मिला  है कि उन्होंने नवा रायपुर में अपने परिजनों के नाम से ज़मीन मकान ले लिया है तो तनिष्क जैसे डायमंड ज्वेलरी से डायमंड भी क्रय कर रखा है चार पहिया वाहन सहित अन्य स्थलों  पर भी अचल संपति लिए जाने की जानकारी प्राप्त हो रही है उल्लेखनीय है कि वर्ष 2017 में करोड़ों के मुरुम घोटाला कांड में डीएफओ मर्सिबेला मैडम के ऊपर ईओडब्ल्यू एवं आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो की जांच प्रकरण दर्ज है यह अलग बात है कि इस प्रकरण पर उन पर अब तक  कोई कार्यवाही नही की गई अब यह कार्यवाही क्यों नही हो पाई ?यह तो ऊपर बैठे अधिकारी ही बता सकते है कि कहां पर किस चीज का चढ़ावा चढ़ाकर जांच को प्रभावित कर एडजस्ट किया गया परन्तु यह भी उतना ही कटु सत्य है कि उनकी क्रमोन्नति,एवं तबादला भी उक्त प्रकरण पश्चात काफी दुरूह हो गया है आज नही तो कल जांच की जद में उनका आना पत्थर पर लकीर के समान सत्य है   इसलिए भी आईएफएस डीएफओ मर्सिबेला मैडम द्वारा भी खुलकर अपने अधीनस्थों को भ्रष्टाचार करने की खुली छूट दे रखी है तथा यहां से अन्यंत्र उनका तबादला भी नही हो रहा है जो इनके सेवाकाल में क्रमोन्नति की राह में एक प्रकार से ग्रहण सा लग गया है   बताते चले कि जंगल सफारी से सटे बॉटनिकल गार्डन में वर्ष 2017-18 में एक बड़े भूभाग से अवैध मुरुम,काली मिट्टी,ढुलाई का प्रकरण प्रकाश में आया था जिसे वन विकास निगम द्वारा निर्मित ऑक्सिजोन में डाला गया था जिसका करोड़ों रुपयों का बिल बना था अवैध रूप से किए जा रहे खनन समाचार पत्रों एवं चैनलों के माध्यम से जब समाचार  जनमानस के समक्ष आने पर  तात्कालिक वन विकास  निगम प्रबन्धन ने सांकरा स्थित ऑक्सिजोन से मुरुम उत्खनन करवा कर बड़ी राशि भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाई थी इस अफरा तफरी में भी डीएफओ मर्सिबेला मैडम  का नाम प्रमुखता से आया था परन्तु विभागीय जांच होने पर उन पर किसी प्रकार की कोई  कार्यवाही नही होना विभागीय कार्यशैली पर सन्देह की उंगली उठाता  है  फिर भी उन्हें लंबे समय से एक ही कार्य स्थल पर नियुक्ति मानों किसी अज्ञात ईश्वर का अपने भक्त पर विशेष कृपा दृष्टि बना हुआ सा प्रतीत होता है संभवतः भक्त द्वारा भी अपने ईश्वरीय आक़ा को खुश करने विशेष रूप से  प्रसाद का चढ़ावा चढ़ाना पड़ता होगा ? यही वजह बताई जा रही है कि लंबे समय से एक ही  विभाग के कार्य स्थल पर डीएफओ मर्सिबेला मैडम जमी हुई है  परन्तु (सीआर)दागदार होने पर ...लागा चुनरी में दाग मिटाऊं कैसे....की तर्ज पर उन्हें बहुत से उपाय करने होंगे जो रात के अंधेरे में रौशनी की तलाश करने के समान लगता है   फिलहाल तो वो भ्रष्टाचार के भंवर में फंसी हुई है इससे किस तरह उभरना होगा यह एक कुशल तैराक ही जान सकता है  वही मैदानी जंगल सफारी  स्थल के अधिकारी,कर्मचारीयों का भ्रष्टाचार कर आकूत संपति बनाए जाने का आलम यह है कि एक छोटा कर्मचारी  फॉरेस्ट गार्ड ने भी चल अचल संपति  बना ली है आसपास क्षेत्रों में रहने वाले कई फॉरेस्ट गार्ड ने तो बकायदा सेक्टर 27 सेक्टर 29 मे पक्के मकान बना लिए है  तथा  चार पहिया वाहन में चल रहे है  एक प्रकार से जंगल सफारी में बड़े पैमाने पर हुए भ्रष्टाचार की चर्चा  में यह कहा जा रहा है कि जब एक फॉरेस्ट गार्ड के ऐसे ठाठ है तो सोचो ऊपर बैठे अधिकारियों के शान ओ शौकत का क्या हाल होगा फॉरेस्ट गार्ड के विलासता पूर्ण जीवन शैली को लेकर  संपूर्ण प्रदेश भर के कर्मचारियों  में चर्चा और कौतूहल का विषय बना हुआ है 

वन कर्मी अब इनके आनबान और शान देखकत चटकारे लेकर फिल्मी गीत... जंगल जंगल बात चली है पता चला है...कंबल ओढ़ के घी पिया है घी पिया है.. कि तर्ज पर मजे ले रहे है क्योंकि फॉरेस्ट गार्ड   जिनमे मुख्यतः बबलू निराला, पिंकेश्वर दास वैष्णव, मंशाराम साहू,निरंजन दास साहू,मनीष राव ,एवं कृष्णा राव का नाम उल्लेखनीय है सर्वाधिक धन अर्जित के मामले में बबलू निराला का नाम खासा चर्चित है जिसने  शराब,शबाब,कबाब,के सारे कीर्तिमान ध्वस्त कर दिए थे वहीं वर्तमान में  पिंकेश्वर दास वैष्णव फॉरेस्ट गार्ड जंगल सफारी  के संबन्ध में यह भी  ज्ञात हुआ है कि फर्जी आदेश के माध्यम से 2009 में उसकी भर्ती हुई है बताया जाता है कि भर्ती आदेश मे (व्हाइटनर) सफेदा लगा हुआ था जो फर्जी तरीके से भर्ती होने की आशंका को प्रबल करता है इस संबध में यह भी ज्ञात हुआ था कि बिलासपुर वृत से  भर्ती आदेश होते ही एक सप्ताह  पश्चात ही उसे रायपुर डिवीजन स्थानान्तरण कर जंगल सफारी में अटैच कर दिया गया था जबकि वन नियम में यह है कि नवीन भर्ती वाले कर्मचारी को  जहां उसकी भर्ती हुई थी उसी वृत के अन्य स्थान पर भेजा जा सकता था परन्तु उक्त प्रक्रिया नही अपनाई गई आदेश लेकर जब वह रायपुर डिवीजन में उपस्थित हुआ

तब  तात्कालिक डीएफओ द्वारा उसके आदेश की प्रति फेक कर यह कहा था कि यह सब मेरे कार्यकाल में नही चलेगा...परन्तु राजनैतिक अथवा ऊपरी दबाव के चलते उसे रायपुर वृत में नियुक्ति मिल गई बताया तो यह भी जाता है कि वह केवल आठवी तक अल्प शिक्षित है तथा उसकी कद काठी भी नियमानुसार तय मापदण्ड से काफी कम है जबकि फॉरेस्ट गार्ड की सामान्य ऊंचाई  साढ़े पांच फीट होना अनिवार्य होता है सामान्य कद के ऊंचाई वाले फॉरेस्ट गार्ड  प्रतिभागी का चयन वन अधिनियम में निर्धारित नही है उससे कम कद काठी वाले अल्प शिक्षित  व्यक्ति को चतुर्थ श्रेणी चपरासी इत्यादि में लिया जा सकता है परन्तु पिंकेश्वर दास वैष्णव को फॉरेस्ट गार्ड की भर्ती में सारे   नियम कायदों को बलाए ताक रख कर किया गया जिसमे  पिंकेश्वर दास वैष्णव खरा नही उतरता उसकी कद काठी मात्र साढ़े चार फीट का होना बताया जा रहा है साथ ही उसके भर्ती आदेश में नाम के स्थान पर व्हाइटनर (सफेदा) लगा होना उसके सीधे फर्जी आदेश से भर्ती होने की आशंका  को प्रबल करता है ऐसे फर्जी आदेश में शासकीय सेवा का लाभ उठाने तथा विभाग को गुमराह करने के  तारतम्य में वन अधिनियम में यह स्पष्ट उल्लेख है कि ऐसा कर्मचारी जो विभाग में फर्जी तरीके से भर्ती होकर विभाग को गुमराह कर प्रदत समस्त शासकीय लाभ उठा रहा हो उस कर्मचारी का  पेंशन पर कटौती प्रमोशन में रोक एरियर्स में कटौती तथा नियुक्ति को तत्काल रद्द भी किया जा सकता है यही नही विभाग को गुमराह कर ने के कुत्सित प्रयास में धोखाधड़ी 420 का मामला। भी पंजीबद्ध हो सकता है तथा उससे विभाग  द्वारा अब तक के सेवाकाल में लिए गए राशि,गड़बड़ घोटाला,भ्रष्टाचार की राशि की रिकवरी भी किया जा सकता है जो उसके चल अचल संपति को राजसात कर अपनी भरपाई पूरी की जा सकती है परन्तु ऐसे फॉरेस्ट गार्ड भी जो फर्जी तरीके से व्हाइटनर लगे आदेश से लंबे समय से जंगल सफारी में लगभग दस वर्षों से ऊपर अपनी  सेवा दे रहा है उसके द्वारा पॉश इलाके में  निर्मित  फ्लैट  लिया ऐसे ही उपरोक्त उल्लेखित फॉरेस्ट गार्डों ने अपने ग्राम क्षेत्र भेलवाडीह में भी सुसज्जित मकान तैयार कर लिए है अब इससे यह अनुमान लगाया जा सकता है कि एक अदना से कर्मचारी के ऐसे राजशाही ठाठ है तो उनसे ऊपर के कर्मचारी,अधिकारियों का क्या हाल होगा यह विचार किया जा सकता है  वही जंगल सफारी ज़ू में वन प्राणियों के सुरक्षा को लेकर भी कई सवाल उठाए जा रहे है वन्य प्राणी प्राकृतिक वनों में स्वछंद विचरण करने वाले प्राणी है जिनमे कुछ शाकाहारी तो कुछ मांसाहारी है उनकी जंगल सफारी में रहते हुए अकाल मृत्यु होना भले ही वह मौसमी प्रकोप से ही क्यों न हो यह वन क्रूरता,अत्याचार अधिनियम के तहत माना जाता है क्योंकि उनके स्वछंद विचरण हेतु माकूल बाड़ा नही है  एक प्रकार से 5000 वर्गफीट के बाड़े में वह  कैदी का जीवन निर्वाह कर रहा  होता है जिससे उसके खानपान स्वतंत्रता पर व्यापक असर दिखाई पड़ता है तथा घमा चौकड़ी,उछल कूद न कर पाने की वजह से संक्रमण से व्याधि ग्रस्त होकर असमय काल कल्वित हो रहे है चीतल हिरन की घटती संख्या को देखकर कुछ यही लगता है जबकि राष्ट्रीय पक्षी मोर जिसकी संख्या दस के आसपास बताई गई थी वह भी  घटकर बच्चे सहित तीन चार शेष होना बताया जा रहा  है जबकि सर्वविदित है कि यदि राष्ट्रीय पक्षी मोर की असामयिक  मृत्यु होने पर उसके शव को तिरंगे में लपेट कर ससम्मान दफनाया जाता है   तथा यह भी निश्चित है कि मोर थल एवं नभ चर प्राणी है तब स्वभाविक है उसे खुले बाड़ा वाले स्थान में तो रखा नही जा सकता उसके सुरक्षात्मक दृष्टिकोण से उसे पिंजरे नुमा किसी खुले स्थान पर रखा जाता होगा फिर उनकी संख्या ग्राफ मे लगातार गिरावट दर क्यो दर्ज हो रही है 

हाल ही कांकेर क्षेत्र से लाए गए दो तेंदुआ भी काल कल्वित हो गए जबकि यह बात भी जंगल सफारी के अंदर से छनकर आ रही है कि  चोटिल अथवा घायल वन्य प्राणियों को बगैर अचेत किए उसका ऑपरेशन किया जाता है जिसका वीडियो भी है इसमें बताया गया है कि ऑपरेशन करते समय मूक वन्य प्राणी कितने असहनीय दर्द से छटपटा रहा है यह वन्य प्राणियों के साथ क्रूरता एवं अत्याचार नही तो और क्या है ?  केवल वन्य प्राणियों का प्रदर्शन कर आर्थिक लाभ अर्जित करना वन विभाग के जंगल सफारी का दायित्व नही है बल्कि उनकी सुरक्षा,उनके रख रखाव,खानपान  एवं प्राकृतिक वातावरण निर्मित करना का भी महती दायित्व भी बनता है उनके व्यापक  स्वच्छंद विचरण हेतु विशाल भूभाग में प्राकृतिक वातावरण निर्मित करना है ताकि वे सहजता पूर्वक ऐसे वातावरण को अपना रहवास समझ कर आत्मसात कर सके न कि  केवल  सीमित वर्ग क्षेत्र में बाड़े निर्माण कर  बंधक और कैदी की भांति उनका प्रदर्शन कर अर्थ लाभ कमाने का एक जरिया मात्र न बनाया जाए? 

वविनि के भोजराज जैन अब 80 हजार रिश्वत के लिए अधीनस्थों से ले रहे सेवा

 वविनि के भोजराज जैन अब 80 हजार रिश्वत के लिए अधीनस्थों से ले रहे सेवा  

रायपुर (फॉरेस्ट क्राइम न्यूज़)छग राज्य वन विकास निगम में  भ्रष्टाचार अनियमितता एवं घोटालों का खेल तो वर्षों से चल ही रहा है परन्तु नियुक्ति पद स्थापना एवं ग्रेच्युटी फंड देने के नाम पर अब भी कोई अवसर नही छोड़ा जा रहा है पहले ऐसे कार्यों के लिए सीधे ऊपर बैठे अधिकारी अपना मुंह खोल  कर पैसों के लेनदेन की बात करते थे परन्तु अब चेहरे बदल कर पैसों के लेनदेन करने का प्रकरण प्रकाश में आ रहा है  यह कटु सत्य बिलासपुर के कोटा पंडरिया परियोजना मंडल के अंतर्गत से आ रहा है जहां के सहायक  प्रबन्धक लेखा के द्वारा दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी से उसके नियमितीकरण सूची में नाम समायोजित करने के एवज में गरीब दीन व्यक्ति से अस्सी हजार रुपयों की डिमांड की जा रही है  ऐसा कृत्य करने वाले कोटा पंडरिया परियोजना मंडल में सहायक प्रबन्धक लेखा पद पर टी श्री हरि के द्वारा अंजाम दिया जाना बताया गया है एक गरीब दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी जो विगत 28 वर्षों से छग वन विकास निगम के कोटा परियोजना मंडल में कार्यरत है तथा 2011-12 में ही उसका नियमितीकरण होना तय था परन्तु किसी कारण वंश सूची में नाम नही जा पाया तथा दस वर्षों तक उसे इंतज़ार करना पड़ा परन्तु टी. श्री हरि  सहायक प्रबंधक लेखा वित्त प्रबन्धक संविदा नियुक्त भोजराज जैन जैसे अधिकारीयों के  इशारों में नृत्य करते है तथा अब वे स्वयं पैसे लेने की बजाए अपने अधीनस्थ मंडल कार्यालयों में सहायकों से ऐसे कृत्य को अंजाम देने से भी गुरेज नही कर रहे है फिर भी वास्तविकता सामने आ ही जाती है तथा ऐसे भ्रष्ट लोगों को सार्वजनिक होना पड़ता है जिनमे भोजराज जैन जैसे शातिर घाघ अधिकारी के सुनियोजित दिशा निर्देश का पालन करते हुए टी. श्री हरि द्वारा एक दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी से नियमितीकरण सूची में नाम  पंजीबद्ध हेतु 80 हजार रुपये की मांग की जा रही है 

यह कथन स्वयं सहायक लेखा कोटा पंडरिया टी. श्री हरि के द्वारा रामनारायण साहू से  कहा है कि रायपुर के जैन साहब को उक्त राशि देने पर ही राम नारायण साहू का नियमितीकरण हो पाएगा स्पष्ट करते चले कि राज्य सरकार के जारी दिशा निर्देश पर  एवं जारी परिपत्र के अनुसार ऐसे पात्र व्यक्ति जो लगभग दस वर्षों से दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी है उन की सूची बना कर नियमितीकरण में समायोजित करने के उद्देश्य से नामांकन कार्य किया जा रहा है परन्तु  वन विकास निगम के कार्यालयों में सम्मानित पदों पर बैठे ऐसे अधिकारी जो चाय में मक्खी गिर जाए तो उसे भी चूस कर चाय पीने वाले मक्खी चूस गरीब दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों से रिश्वत लेने पीछे नही हट रहे है तथा राम नारायण साहू  से अस्सी हजार रुपये की मांग कर रहे है स्वभाविक है कि ऐसे रिश्वत खोरी की मांग बगैर किसी ऊपर बैठे अधिकारी के दिशा निर्देश  के कोई कर्मचारी इतनी बड़ी हिमाकत तो नही कर सकता इसका उदाहरण बिलासपुर में  रिश्वत मांगने वाली यह पहली घटना सामने आई है इसमें भी सेवानिवृत हो चुके एवं मुख्यालय में संविदा नियुक्त  वित्त प्रबंधक लेखा भोजराज जैन के द्वारा  दूर की कौड़ी  वाला खेल खेला जा रहा है जब से फॉरेस्ट क्राइम न्यूज़ ने जोड़ तोड़ कर संविदा नियुक्त  भोजराज जैन  का वित्त प्रबंधक वन मुख्यालय में पदस्थी  का समाचार वायरल हुआ तब से ही  विभाग में उनकी बड़ी छीछालेदर हुई समाचार वायरल होने के पश्चात  उनके नियुक्ति,पदस्थापना,एवं प्रमोशन,जैसे  लेनदेन के मामले में आंशिक गिरावट के साथ उनके अवैध रूप से धन अर्जित करने की मंशा और मंसूबों पर भी पानी फिर गया तब से ही उन्होंने नियुक्ति,पदोन्नति, अतिरिक्त पद स्थापना एवं फर्जी बिल बाउचर के माध्यम से अधिकारियों कर्मचारोयों का शारीरिक मानसिक और आर्थिक शोषण जैसे अवैध उगाही से अपना हाथ खींच लिया तथा अब वे स्वयं प्रत्यक्ष रूप से सामने न आते हुए  अप्रत्यक्ष रूप से अपने चंगु मंगू अधिकारियों को आवैध उगाही में संलग्न कर लिया जिसका ऐसे अधिकारी पद पावर का  बेजा लाभ उठाते हुए दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों से भी राशि की मांग कर रहे है यह बात का खुलासा लगभग 28 वर्षों से छग वन विकास निगम बिलासपुर में सेवा देने वाले रामनारायण साहू को विभाग में नियमित करने के लिए 80 हजार रुपये की रिश्वत की मांग कथित सहायक लेखा प्रबन्धक श्री टी.हरि द्वारा किया जा रहा है यही नही पैसे न देने की स्थिति में उसे लगभग छ माह से भी कार्य से पृथक कर दिया गया जिसकी वजह से दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी राम नारायण साहू के समक्ष अपने परिवार के भरण पोषण की समस्या खड़ी हो गई 80 हजार रिश्वत की मांग के संदर्भ में राम नारायण साहू ने बताया कि सहायक लेखा प्रबन्धक  द्वारा स्पष्ट यह कहा जा रहा है कि यदि उसके नाम को समाहितिकरण करवाना है तो रायपुर में वित्त प्रबंधक भोजराज जैन को राशि देनी पड़ेगी तब उसके नाम को नियमितीकरण सूची में समायोजित किया जाएगा इसके लिए उसे 80 हजार रुपये देने पड़ेंगे इससे ज्ञात होता है कि वित्त प्रबंधक लेखा में संविदा नियुक्त भोजराज जैन अपने सुनियोजित अर्थ लाभ वाली मंशा की मानसिकता से अब भी रिहा नही हुए है बल्कि स्वतः पर्दे के पीछे रहते हुए अपने चंगु मंगू भक्तों के माध्यम से अवैध उगाही वाला कार्यक्रम  संचालित कर रहे है वही एक अन्य मामले में भी सेवा निवृत्त कर्मचारी संगठन द्वारा  लिखित शिकायत का मामला सामने आ रहा है जिसमे प्रधान मुख्य वन संरक्षक पी.सी.पांडे साहब भावसे प्रबंध संचालक  छग राज्य वन विकास निगम को  स्वर्गीय सेवतकर साहब जो विगत  2015 को रिटायर हुए थे तथा   2 मई 2021 को कोरोना के चलते उनका स्वर्गवास हो गया था उनके ग्रेच्युटी एवं अवकाश नगदीकरण एरियर की राशि भुगतान में कथित  श्री हरि सहायक प्रबन्धक लेखा बिलासपुर कोटा परियोजना मंडल द्वारा कागजी दस्तावेजो के नाम पर परेशान किया जा रहा है ऐसी परिस्थिति सहायक प्रबन्धक द्वारा लंबे समय से उत्पन्न की  जा रही है ताकि  ग्रेच्युटी अवकाश फंड दिलवाने के एवज में स्वर्गवासी कर्मचारी की पत्नी एवं पुत्र  हलकान किया जा सके पश्चात  विभाग से राशि दिलवाने के एवज में उनसे एक बड़ी कमीशन राशि की बात की जा सके ऐसी स्थिति उत्पन्न करनें की यह एक सोची समझी नाट्य स्थिति निर्मित की जा रही है तथा ऐसे नाट्य के  रूप रेखा तैयार करने में महानट श्री भोजराज जैन महारत रखते है  उन्ही के दिशा  निर्देशन में यह नाट्य टी. श्री हरि सहायक प्रबन्धक लेखा बिलासपुर कोटा परियोजना मण्डल द्वारा खेला जा रहा है जो  देखने पर स्वतः  स्थिति स्पष्ट नज़र आती है जबकि पूर्व अंक में फॉरेस्ट क्राइम न्यूज़ ने स्पष्ट कर दिया था कि वन विकास निगम कर्मचारियों से अवैध  उगाही के मामले को जो संविदा नियुक्त भोजराज जैन द्वारा किए जाएगे उसे प्रमुखता से समाचार प्रकाशन कर उसका भंडाफोड़ किया जाएगा जिसका उन्होंने तोड़ निकलते हुए अब स्वयं प्रत्यक्ष रूप से सामने न आकर अपने अन्य सहयोगियों को आगे कर अवैध उगाही का माध्यम बना लिया है जबकि ऐसे कृत्यों में महारत हासिल किए हुए पुराने कर्मचारी  संविदा नियुक्त पिल्लई,कोठारे बाबू, जो दो से तीन मर्तबा संविदा... संविदा..वाला खेल खेल चुके है वो  चिर खामोशी वाली चादर ओढ़ लिए है परन्तु    श्री भोजराज जैन द्वारा अवैध रूप से उगाही जैसे दिल दहला देने वाले प्रकरण लगातार सामने आ रहे है परन्तु फिर भी वन विकास निगम में ऊपर बैठे उच्च अधिकारी मौनी बाबा जैसे मौन धारण किए हुए तथा अब तक  आंख बंद कर क्यों बैठे है ?  यह समझ के परे है विभागीय कर्मियों में कानाफूसी हो रही है कि कहीं  भोजराज जैन के उक्त अवैध  उगाही में उनकी भी मूक सहमति तो नही ? इस सवाल वन विकास निगम के समस्त परियोजना मंडल कार्यालय के कर्मचारियों में अब चर्चा का विषय बनता जा रहा है.

इंडियन जर्नलिस्ट् फेडरेशन ने पत्रकार रजा मेंमन पर हमला करने की निंदा करते हुए आरोपियों पर कड़ी कार्यवाही की मांग की

 इंडियन जर्नलिस्ट् फेडरेशन ने पत्रकार रजा मेंमन पर हमला करने की निंदा करते हुए  आरोपियों पर कड़ी कार्यवाही की मांग की

सरगांव / बिलासपुर।  इंडियन जर्नलिस्ट् फेडरेशन छत्तीसगढ़ यूनिट पत्रकार संगठन प्रदेश अध्यक्ष शरनजीत सिंह तेतरी ने पत्रकार रजा मेंमन पर हमला करने की कड़ी निंदा की है तथा आरोपियों पर शीघ्र कार्यवाही की मांग की गई बताते चले कि विगत 22सितंबर रात को पत्रकार रजा मेंमन नवभारत संवाददाता सरगांव के साथ मारपीट और लूटपाट की नीयत से तीन लोगों के द्वारा हमला  किया गया। इंडियन जर्नलिस्ट्स फेडरेशन के पत्रकार संगठन द्वारा पत्रकार रजा मेंमन पर हमला करने वाले आरोपियों पर कड़ी कार्यवाही की मांग करते हुए  पुलिस उच्च अधिकारी को ज्ञापन सौंप इंडियन जर्नलिस्ट्स फेडरेशन( ijf) छत्तीसगढ़ के पत्रकार संगठन के बन्धुयो ने यथा शीघ्र कार्यवाही का अनुरोध किया इंडियन जर्नलिस्ट्स फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष श्री तेतरी ने कहा की इस संबंध में अतिशीघ्र DGP और गृह मंत्री से मुलाकात कर आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा की पत्रकार सुरक्षा कानून लागू नहीं होने से छत्तीसगढ़ में पत्रकारों के ऊपर हमले हो रहे है उन्होंने मांग की है छत्तीसगढ़ में तत्काल पत्रकार सुरक्षा कानून लागू हो. ज्ञापन  सौंपने श्री शरनजीत सिंह तेतरी छत्तीसगढ़ प्रदेशअध्यक्ष (ijf), अमित मिश्रा प्रदेश उपाध्यक्ष, अनिल रतेरिया प्रदेश महासचिव, प्रताप नारायण सिंह प्रदेश सचिव , भारत योगी प्रदेश सचिव , आबिद शेख ,नरेंद्र शर्मा, महेंद्र ठाकुर,विजय लाल, किशोर कर ,शशिर देवांगन , श्याम कश्यप , राहुल पनका,सैय्यद शफ़ीक़ अमन, मो. शमीम,आदि  मौजूद थे | 



सोमवार, 27 सितंबर 2021

यातायात आरक्षक ने भाग रहे मोबाइल चोर को दबोचा ..पुलिस अधीक्षक ने प्रोत्साहित किया

 यातायात आरक्षक ने भाग रहे मोबाइल चोर को दबोचा ..पुलिस अधीक्षक ने  प्रोत्साहित किया

रायपुर (फॉरेस्ट क्राइम न्यूज़) मोबाइल छीनकर भागने के प्रकरण आज कल आम हो चुके है परन्तु सक्रियता और तत्परता से इसे रोका भी जा सकता है ऐसा ही एक प्रकरण सिविल लाइन थाना अंतर्गत भी आया जहां एक चोर द्वारा शराब दुकान के पास से किसी अज्ञात व्यक्ति का मोबाइल चोरी कर तेजी से नेताजी चौक सिविल लाइन से भाग रहा था उसी समय यातायात थाना कोतवाली चौक से ड्यूटी पूरी कर आरक्षक रजब खान वापस घर जा रहा था बदहवास भागते  लड़के पर उसे शक हुआ तथा तत्परता पूर्वक  चोर का पीछा कर उसे पी.डब्ल्यू.डी.चौक पर पकड़ लिया तथा इसकी सूचना तत्काल कंट्रोल रूम व यातायात में देकर चोर को थाना सिविल  लाइन को सुपुर्द किया आरक्षक रजब खान की कर्तव्यनिष्ठा एवं  तत्परता पूर्वक किए  गए कार्यों की सराहना करते हुए पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत अग्रवाल द्वारा नगद पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देकर उसे प्रोत्साहित किया 

रविवार, 26 सितंबर 2021

हादसे में घायलों का कुशल क्षेम जानने विधायक धनेंद्र साहू ग्राम भलेरा पहुंचे

 हादसे में घायलों का कुशल क्षेम जानने विधायक धनेंद्र साहू  ग्राम भलेरा पहुंचे 


रायपुर (आरंग)विगत दिवस जनपद पंचायत आरंग   विधान सभा अभनपुर के अतर्गत ग्राम भलेरा में हुए शेड गिरने के हादसे में घायल ग्रामीणों का  कुशलक्षेम  जानने वरिष्ठ क्षेत्रीय विधायक श्री धनेंद्र साहू आज ग्राम भलेरा पहुंचे तथा घायल हुए  प्रत्येक ग्रामीण के घर पहुंच कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली  ग्रामीणों से मिलने के पश्चात उन्होंने उनके बेहतर स्वास्थ्य की कामना की एवं उपचार हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिए  ग्रामीणों से मुलाकात के दौरान उन्होंने ग्राम भलेरा के ग्रामीणों को आश्वस्त किया

कि हादसे में घायलों के बेहतर उपचार में कोई कमी नही आने दिया जाएगा इसके लिए शीघ्र ही स्वास्थ्य कर्मियों की एक टीम स्वास्थ्य परीक्षण करने ग्राम भलेरा आएगी तथा उन्होंने  घायलों के समुचित इलाज एवं हरसंभव मदद का आश्वासन  भी दिया श्री साहू शेड गिरने वाली घटना स्थल पहुंच कर उसका निरीक्षण किया  तथा घटिया स्तरहीन  शेड निर्माण को लेकर पूर्व सरपंच द्वारा निर्माण एवं निर्माण सामग्री के व्यर्थ होने पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए घटना की जांच के आदेश दिए उल्लेखनीय है  कि विगत सप्ताह वरिष्ठ विधायक  श्री  धनेंद्र साहू ग्राम भलेरा में भूमि पूजन सहित अन्य कार्यक्रम में पहुंचे थे  जहां वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए  कार्यक्रम पूर्व सरपंच के कार्यकाल में लगभग  7 लाख रुपये से  निर्मित शेड में रखा गया  था चलते कार्यक्रम के दौरान ही टीन शेड गिर गया जिसमें एक दर्जन से ऊपर ग्रामीण हताहत हो गए थे हादसे में  घायल ग्रामीणों को तत्काल क्षेत्रीय विधायक की गाड़ी सहित अन्य माध्यम से उपचार हेतु आरंग ले जाया  गया था जहां कुछ ग्रामीणों की हालत चिंता जनक बताई गई थी 

घटना पश्चात विधायक धनेंद्र साहू  लगातार ग्रामीणों के स्वस्थ्य की जानकारी  लेते रहे तथा इसी सिलसिले में आज वे पुनः ग्राम भलेरा ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जानकारी लेने पहुंचे थे तथा प्रत्येक पीड़ित ग्रामीण के घर पहुंच कर उन्होंने उन के स्वास्थ्य की जानकारी ली इस अवसर पर वरिष्ठ विधायक धनेंद्र साहू के साथ हरीश साहू,डामन  साहू, बबलू वैष्णव,भलेरा, सरपंच प्रतिनिधि चन्द्र कुमार साहू, अमित साकरे, गोवर्धन साहू,ग्राम सचिव सहित सैकड़ों ग्रामवासी उपस्थित थे


मंगलवार, 21 सितंबर 2021

दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी संगठन के पदाधिकारी समाहितीकरण के मांग को लेकर वन मंत्री से मिले

 

*दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी संगठन के पदाधिकारी समाहितीकरण के मांग को लेकर वन मंत्री से मिले *
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 रायपुर (फॉरेस्ट क्राइम न्यूज़)छत्तीसगढ़ दैनिक वेतन भोगी वन कर्मचारी संघ के प्रान्ताध्यक्ष कमलनारायण साहु, प्रदेश महामंत्री रामकुमार सिन्हा, प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद वर्मा, के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल  वन मंत्री मोहम्मद अकबर से मुलाकात कर वन विभाग के 1400 वन रक्षक/सहायक ग्रेड03/वाहन चालक के रिक्त पद तथा वन विकास निगम में 700 पद सहित छ. ग. राज्य लघु वनोपज संघ के अंतर्गत सहायक ग्रेड 03/संदेश वाहक के 113 सीधी भर्ती के रिक्त पदों में  कार्यरत दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को समाहितीकरण करने हेतु चर्चा किया  रिक्त पदों में समाहितीकरण के संबंध में वन मंत्री मो.अकबर द्वारा पूर्णरूप से आश्वासन दिया गया प्रतिनिधि मंडल के  रामकुमार सिन्हा ने वन मंत्री महोदय का ध्यानाकर्षण कराया कि वन विभाग /वन विकास निगम/ राज्य लघुवनोपज में दैनिक वेतन भोगी /वाहन चालक/कम्प्युटर आपरेटर  विगत 10-15 वर्षो से निरंतर अपनी सेवा देते आ रहे है किन्तु, आज तक उन्हें  नियमितीकरण का लाभ  नही दिया गया 

 और ना ही सीधी भर्ती में समाहितीकरण किया जा रहा है ! जिसके कारण दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का भविष्य अंधकार मय  हो गया है छग प्रदेश दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि मंडल ने वन मंत्री मो.अकबर को  इस बात से भी अवगत कराया कि वन विभाग में कार्यभारित/आकस्मिकता निधी से सेटप तैयार कर दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियोजित कर  नियुक्ति  आदेश दिया जाए जिस पर वन मंत्री द्वारा सहानुभुति पूर्वक विचार करने की बात कही तथा जी. ए. डी. को प्रस्ताव लिख  वन बल प्रमुख के समक्ष प्रस्ताव रखने आदेश किया तथा 

उक्त प्रस्ताव को वन मंत्री के द्वारा सीधी भर्ती में समाहितीकरण का प्रस्ताव पर अनुमोदन करने का भी आश्वासन दिया जाना बताया गया है,  इस संदर्भ में  छत्तीसगढ़ दैनिक वेतन भोगी वन कर्मचारी संघ के प्रदेश पदाधिकारी शीघ्र ही वन बल प्रमुख श्री राकेश चतुर्वेदी से मिलकर प्रस्ताव विषय पर चर्चा कर अपनी मांग रखेंगे, संगठन के प्रदेश महामंत्री रामकुमार सिन्हा  व अरविंद वर्मा ने बताया कि वन बल प्रमुख हमारे हित में सार्थक निर्णय के लिए कटिबद्ध है इस विषय पर  वे प्रारंभ से ही चिंतन मंथन करते  रहे है और बताया कि वन बल प्रमुख ने पूर्व भी दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के हित में  कह चूके है कि  किसी दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के साथ अन्याय नही होने दिया जाएगा   तथा उनके जल्द से जल्द नियमितीकरण होने की बात भी दोहराई थी , नियमितीकरण एवं समाहितिकरण को लेकर  प्रदेश पदाधिकारियों ने वन विकास निगम के प्रबंध संचालक पी.सी.पांडे,उप प्रबंध संचालक व लेखाधिक्षक से मुलाकात कर समाहितीकरण के विषय में चर्चा किया गया  जिस पर वन विकास निगम से तत्काल जानकारी मंगाया गया है ताकि रिक्त पदों पर समाहितीकरण कर वन विकास निगम में कर्मचारियों कि पूर्ति किया जा सकें! प्रदेश सलाहकार तुलसी डोंगरे एवं प्रदेश महामंत्री रामकुमार सिन्हा सहित समस्त संगठन उक्त विषय को लेकर दैनिक वेतन भोगियों के  नियमितीकरण के संबंध में महाधिवक्ता उच्च न्यायालय बिलासपुर तथा कांग्रेस पार्टी  के प्रदेश प्रभारी पी. एल. पुनिया, प्रदेशाध्यक्ष मोहन मरकाम से भी चर्चा किया जा चुका है! शीघ्र ही इसके सार्थक परिणाम आने की बात कही गई है वन मंत्री से मिलने वाले प्रतिनिधि मंडल में दैनिक वेतनभोगी वन कर्मचारी संगठन के प्रदेश  अध्यक्ष कमल नारायण साहू, प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद वर्मा,महामंत्री रामकुमार सिन्हा,सलाह कार तुलसी डोंगरे,वविनि अध्यक्ष जनकलाल साहू, नवीन झा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे 

शुक्रवार, 17 सितंबर 2021

वीडियो के आधार पर दो मजनूं गिरफ्तार सिविल लाइन पुलिस की कार्यवाही

  वीडियो के आधार पर दो मजनूं गिरफ्तार सिविल लाइन पुलिस की कार्यवाही 


रायपुर (फॉरेस्ट क्राइम न्यूज़)राजधानी में महिलाओं से लगातार बढ़ रही छेड़खानी और सुरक्षा को लेकर  कल शाम सिविल लाइन थाना क्षेत्र ने किसी आम व्यक्ति के द्वारा छेड़छाड़ का वीडियो बना कर सोशल मीडिया में डाल दिया  वीडियो देखने के पश्चात उसे आधार बनाकर सिविल लाइन पुलिस ने दो मजनूंओं को गिरफ्तार किया है सिविल लाइन पुलिस से मिली जानकारी के अंतर्गत  सबसे व्यस्ततम एव पॉश इलाका शंकर नगर में 2 लड़कों द्वारा एक लड़की का पीछा करते,एवं  छेड़ते एक वीडियो  सामने आया था. जिसे स्थानीय पुलिस ने संज्ञान में लेकर त्वरित कार्यवाही करते हुए दोनों मजनुओं को 2 घंटे के अंदर  पकड़ लिया  .  इस संदर्भ में ज्ञात हुआ कि सिविल लाइन पुलिस  स्वयं प्रार्थी बनते हुए FIR दर्ज की है, दोनो अपराधियों को गिरफ्तार कर उनकी  गाड़ी भी जप्त की गई है.  आगे की कार्यवाही करते दोनों मजनुओं को आज  जेल भेज दिया गया