बुधवार, 24 अगस्त 2022

सांगली नर्सरी में विलुप्त वनोपज चिरौंजी के अस्तित्व बचाने की पहल



        सांगली नर्सरी में विलुप्त वनोपज 

    चिरौंजी के अस्तित्व बचाने की सफल पहल 



अलताफ हुसैन

रायपुर (छत्तीसगढ़ वनोदय) घटते वन बढ़ते कांक्रीटीकरण ने आज ज़न मानस के माथे पर चिंता की लकीर खींच दी है यही वजह है कि पर्यावरण संतुलन हेतु प्रदेश का वन विभाग नित नए नए प्रयोगों के साथ अपना अस्तित्व खो रहे वनों के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु  कार्य कर रहा है तथा विलुप्त हो रहे ऐसे पेड़ पौधों की प्रजातियों को बचाने आधुनिक तकनीक एवं प्रयोग से उनका रोपण कर भावी पीढ़ी को रूबरू कराने कटिबद्ध है  छत्तीसगढ़ प्रदेश के वृहद पैमाने पर फैले वन क्षेत्रों में चार (चिरौंजी) के पेड़ पूर्व मे बहुतायत स्थिति में दृष्टिगोचर हो जाया करते थे  जिससे वनवासी,वनादिवासियों को  वनोपज के रूप यह बड़ी सहजता से उपलब्ध हो जाता था  तथा उनके आर्थिक स्त्रोत का एक सशक्त माध्यम भी बना हुआ था परन्तु जब से धीरे धीरे जंगलों में मानव की बढ़ती धमक एवं अवैध कटाई की घटनाएं बड़ी तब से  वनोपज चार (चिरौंजी) का पौधा का मिलना दुरूह हो गया

जिससे वन क्षेत्रों में निवासरत जन जाति वनवासियों,वनादिवासियों, को आर्थिक रूप से आघात पहुंचा ही वही दूसरी ओर चार पौधों का अस्तित्व भी वन क्षेत्रों से समाप्ति की ओर पहुंच गया जंगली पौधों के रुप में चिन्हित (चार)चिरौंजी के पौधों  की समाप्ति की वजह से निष्ठावान वन कर्मियों की माथों में शिकन  उभरने लगी तब उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारियों का इस ओर ध्यानाकर्षण करवाया 



प्रदेश के राजनांदगांव  वन मंडल के अंबा गढ़ चौकी अंतर्गत ग्राम सांगली स्थित सांगली(रोपणी) नर्सरी संभवतः पूरे प्रदेश का पहला ऐसा रोपणी  है जहां चार (चिरौंजी) के अस्तित्व को बचाने हेतु मैदानी अमले के द्वारा  कवायद की जा रही है रोपणी में लगभग दो हजार (चार) चिरौंजी के सफल पौधे  रोपण  किए जाने का श्रेय राजनांदगांव सीएफ बी.पी.. सिंह साहब एवं डीएफओ सलमा फारुखी मैडम एवं मैदानी अमले को जाता है जिनके द्वारा विलुप्त हो रहे चार के  अस्तित्व बचाने के सतत प्रयास, मार्ग दर्शन,दिशा निर्देश से सफलता का नवीन मार्ग प्रशस्त हुआ है प्रायोगिक रूप से किए गए उक्त प्रयास की सर्वत्र मुक्त कंठ से प्रशंसा मिल रही है  इसके लिए सुनील शर्मा नर्सरी प्रभारी  जो विगत कई वर्षों से वन विभाग में फॉरेस्ट गार्ड के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे है परन्तु पेड़ पौधों एवं पर्यावरण के प्रति अथाह प्रेम की वजह से उन्हें विभाग द्वारा सौपें गए  सांगली नर्सरी प्रभार का दायित्व एवं क्षेत्र के वनों से विलुप्त होने के कगार में पहुंच रहे जन उपयोगी पौधों को सहेजने में पूरी निष्ठा से साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर अंबा गढ़ चौकी परिक्षेत्र के अंतर्गत  ग्राम सांगली स्थित सबसे पुराने सांगली रोपणी के  कुल चार हेक्टेयर भूमि में जो बहुत  छोटे भूभाग में है



अपनी लगन और कठोर परिश्रम करके नर्सरी में ऐसे विलुप्त प्रजाति के अस्तित्व बचाने के उद्देश्य से बीजारोपण रुट सूट ,एवं टहनी ड्राफ्टिंग के माध्यम से नन्हे नन्हे पौधों का जन्म पैदावार कर विशाल हरियाली आभा बिखेर रहे है जो आज भी आसपास के ग्रामीणों सहित,मुख्य मार्ग से गुजरते   विभागीय अधिकारियों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बिंदु बना हुआ है एक प्रकार से चार हेक्टेयर छोटे से भूभाग में नर्सरी के माध्यम से विभाग के लिए बहुत बड़ा कार्य को अंजाम दे रहे है संपूर्ण नर्सरी में चार नल स्त्रोत होने के बावजूद स्ट्रिंगकलर पद्धति के माध्यम से सिंचाई व्यवस्था से बारह मासी वे कुछ न कुछ नया करते रहते है तथा ऐसे पौधे जो वन क्षेत्रों से विलुप्त होने के कागार में पहुंच चूके होते है उनके बीज संग्रहण कर उसका रोपण कर उसे सहेजने का पूरा प्रयास करते है बीज से रूट सूट के माध्यम से या पौधों को ड्राफ्टिंग कर ऐसे पेड़ पौधों को बचाने का पूर्ण प्रयास करते है जो विलुप्तता की कगार में पहुंच चुके है चिरौंजी पौधे रोपण का आइडिया कहां से आया पूछने पर उन्होंने इस सन्दर्भ में बताया कि बाजारों में जब किसी फलदार पौधों  के विलुप्त होने का अभास होता है तब सर्व प्रथम उसका सर्वे कर वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया जाता है पश्चात विलुप्त प्रजाति के पौधों के बीज संग्रहण किया जाता है पश्चात ग्रीष्म ऋतु की तीक्ष्ण धूप में इन्हें खूब सुखाया जाता है पश्चात  कठोर अवरण को हटा कर चार के मध्य बीज के पतले अवरण जो  बीज के मुंह को खोल कर पहले मदर बेड में रोपण कर लिया जाता है पश्चात प्लास्टिक बैग में खाद मिश्रित उपजाऊ काली मिट्टी में  इनका पुनः रोपण कर शिफ्टिंग की जाती  है तथा नियमित पानी एवं कम से कम चार घण्टे धूप के साथ सतत निगरानी एवं सुरक्षा  की जाती है जब बीज अंकुरित होते है तब रोपित पौधों को पूरी तरह सेवा की जाती है अंबागढ़ चौकी के उप वन मण्डलाधिकारी शिवेंद्र कुमार साहू जो ऊर्जावान एवं युवा है उन्होंने चर्चा के दौरान बताया कि  चिरौंजी पौधा रोपण के  पूर्व  पहले ग्रीष्म ऋतु में वन क्षेत्रों से संग्रहित कर बीज संकलन किया गया तथा ग्रीष्म ऋतु में सुखा कर मदर बेड में रोपण कर उसे  काले बैग में खाद युक्त काली मिट्टी के साथ शिफ्टिंग किया गया प्रारंभिक वर्षा ऋतु में  लगातार प्राकृतिक वर्षा पानी मिलने से जब बीज के अंकुरण के साथ आशातीत परिणाम सामने आए तब मन खुशी से झूम उठा   जब वह दो से तीन फीट की ऊंचाई होने पर वरिष्ठ अधिकारियों के दिशा  निर्देश एवं प्रयोग के रूप में अंकुरित दो टहनी को पृथक कर रूटसूट के माध्यम से रोपा गया जिसके आशातीत परिणाम कुछ ठीक  नही आए प्रभारी सुनील शर्मा ने आगे बताया कि  सीएफ बी.पी.सिंह  साहब के लगातार दौरे और मॉनिटरिंग से उनके दिशा निर्देश पर बीज से दो मुख टहनी फुटने पर एक टहनी के रूट सूट को पृथक बैग में ट्रांसफर कर रोपण किया गया जिससे  बहुत से पौधों  की क्षति हुई  इसके पश्चात  शेष पौधों के अस्तित्व को बचाने पूर्ण प्रयास किया गया जिसकी वजह से दो हजार पौधों को बचा लिया गया  सांगली नर्सरी प्रभारी सुनील शर्मा ने आगे बताया कि (चार) चिरौंजी के बाजार में कमी की वजह से इसके रोपण का आइडिया आया तब वरिष्ठ अधिकारी सी.एफ. बी.पी.सिंह एवं डीएफओ सलमा फारुखी मैडम से इस संदर्भ में चर्चा कर लगभग 2500 से ऊपर स्थानीय वन क्षेत्रों के वनवासियों से विभागीय संग्रहण दर से (चार) चिरौंजी बीजों का संग्रहण किया गया तथा उनके दिशा निर्देश और मार्ग दर्शन में प्रायोगिक स्तर पर  कम बीजो के माध्यम से रोपण किया गया जिसके सार्थक परिणाम मिलने पर अधिकारी द्वय ने भी प्रसन्नता व्यक्त की सफलता पूर्वक चार (चिरौंजी) बीजों के रोपण में सी.एफ. बी.पी.सिंह साहब एवं डी.एफ.ओ.सलमा फारुखी मैडम  जैसे अधिकारियों के लगातार दिशा निर्देश,मार्ग दर्शन एवं समय समय पर मॉनिटरिंग का परिणाम है कि आज वन क्षेत्रों से विलुप्त (चार)  चिरौंजी पौधों के अस्तित्व को वन क्षेत्रों से बचाने सफलता प्राप्त हुई है बताते चले कि सीएफ बी.पी.सिंह साहब एक कड़क एवं कर्तव्य परायण अधिकारी के रूप में पहचाने जाते है तथा कार्यों के प्रति कभी कोई समझौता नही करते यही वजह है कि समय समय पर कार्य स्थल का साक्षात अवलोकन कर वस्तुस्थिति से अवगत होकर कार्यों के प्रति समुचित दिशा निर्देश देकर गुणवत्ता पूर्वक कार्यों के किए जाने पर विश्वास करते है यही वजह है कि कार्यों की गुणवत्ता के साथ ही प्रशासनिक पकड़ भी मजबूत रखते है जिसके उदाहरण के रूप में सांगली रोपणी में चार (चिरौंजी) पौधों के रोपण में सफल परिणाम परिलक्षित हो रहे है वहीं डीएफओ सलमा फारुखी मैडम जो पूर्व में  रायपुर वन मंडल के अंतर्गत वन अनुसंधान में अपनी सेवाएं दे चुकी है जहां आधुनिक तकनीक से पौधे रोपण के क्रिया कलापों से भी पूरी तरह अवगत है जिसका अनुभव का लाभ विभाग के ही सांगली रोपणी  में भले ही प्रायोगिक स्तर पर (चार) चिरौंजी पौधों के बीजा रोपण के साथ सफलता पूर्ण अंकुरण से उनका भी उत्साह के साथ प्रशंसा व्यक्त करना लाजिमी हो जाता है 

यही से तो एक कार्यो के प्रति निष्ठा एवं कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी की मूल पहचान भी बनती है सांगली नर्सरी प्रभारी सुनील शर्मा ने यह दावा किया है कि प्रदेश भर में सांगली नर्सरी एकलौता ऐसा रोपणी केंद्र  है जहां चिरौंजी के पौधे सफलता पूर्वक तैयार किए गए है जो वन विभाग के लिए अपने आप मे बहुत बड़ी उपलब्धि साबित हुई है प्रभारी सुनील शर्मा आगे बताते है कि रेंजर सुंदर लाल जांगड़े के द्वारा उनके मार्ग दर्शन में समस्त कार्य संपादित किए गए है उनके द्वारा खाद बीज से लेकर  समस्त सुविधाए उपलब्ध कराई गई है यही नही आसपास के ग्रामीणों को भी रोजगार मुहैया बारहमासी रोजगार ग्यारंटी के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है वनवासियों से चार बीज संग्रहण पश्चात बीज क्रय  उन्ही के माध्यम से किया गया है ताकि गुणवत्ता पूर्ण बीज से रोपण कार्य किया जा सके वन क्षेत्रों से प्राप्त होने वाले  (चार) चिरौंजी रोपण के संदर्भ में प्रशिक्षु भावसे परिक्षेत्राधिकारी  चन्द्र शेखर शंकर सिंह परदेशी ने बताया कि यह वनोपज फल बल वर्धक प्रोटीन युक्त ड्राई फ़ूड में उपयोग किया जाता है विलुप्त हो रही (चार) चिरौंजी के अस्तित्व को बचाने सीएफ साहब एवं डीएफओ  मैडम के दिशा निर्देश एवं मार्ग दर्शन में केवल राजनांदगांव वृत के सांगली रोपणी में प्रयोग के तौर पर दो हजार पौधों का सफल रोपण किया गया है इस संदर्भ में प्रभारी  रेंज अधिकारी 



  चन्द्र शेखर शंकर सिंह परदेशी भावसे (प्रशिक्षु परिक्षेत्राधिकारी अंबा गढ़ चौकी) बताते है कि इसके लिए वन क्षेत्र से वनवासियों से संग्रहण  कर धूप में इसे सुखाया गया पश्चात इसके हार्ड कव्हर गुठली को तोड़कर इसका रोपण किया गया प्रशिक्षु भावसे परिक्षेत्राधिकारी इसके रोपण तकनीक के बारे में अपनी राय   बताते है कि प्रारंभिक प्रक्रिया में फल को सूरज की तपिश में तपा कर  ऊपरी कठोत सतह साफ कर गुठली से बीज निकाल कर  बीज में छिलके के मुख की परत को सुई के समान स्थान बनाया जाता है तथा इसे नमी युक्त बेड में रोपा गया है सप्ताह भर पश्चात अंकुरण होने पर इसे क्रम अनुसार बेड में लगाया गया है या सीधे तौर पर भी इसे बेड में रोपा जा सकता है पर मालूम रहे कि जहां रोपा जा रहा है वह भूमि नमी युक्त होनी चाहिए तथा कम से कम तीन से चार घण्टे सूर्य की रौशनी और तपिश बराबर अंकुरण क्षेत्र में मिलनी चाहिए तभी यह अंकुरित हो कर ग्रोथ करेगा इसके पश्चात नियमित आवश्यकता अनुसार सिंचाई मिलनी चाहिए दो माह में लगभग डेढ़ से दो फीट चार पौधे सर्वाइव कर सकता है पश्चात इसे  दो से तीन फीट गड्ढे कर अन्य क्षेत्र में भी  रोपा जा सकता है  प्रशिक्षु भावसे  परिक्षेत्राधिकारी चन्द्र शेखर शंकर सिंह परदेशी का कथन है कि वन क्षेत्रों से  विलुप्त की कागार में पहुंच चुके बेशकीमती वनोपज (चार) चिरौंजी पौधों के अस्तित्व को बचाना अत्यंत आवश्यक हो गया है वर्तमान में  प्राचीन काल से ही चिरौंजी जो ड्रायफूड में शामिल किया गया है एक हजार रुपये से लेकर दो हजार रुपये तक मानक के अनुसार इसका बाजार मूल्य है इसको बढ़ावा देने के लिए विभाग को इस पर विचार करना चाहिए इससे विभाग को भी अच्छा लाभ प्राप्त हो सकता है सांगली रोपणी में रोपित चार (चिरौंजी)पौधों के भावी उपयोग के संदर्भ में नर्सरी प्रभारी सुनील शर्मा कहते है कि  ग्राम पंचायतों,समजिक संस्थानों एवं  विभाग द्वारा मांग अनुसार इसका वितरण किया जाएगा क्योंकि यह केवल वन क्षेत्र तक सीमित रखने वाले पौधे नही है ऐसे जनोपयोगी  कीमती फल वाले पौधों को यदि ग्रामीण क्षेत्र नगर पंचायत शहर जैसे प्रत्येक क्षेत्र में रोपण करने से इसके दोहरा तिहरा लाभ प्राप्त किया जा सकता है  जैसे हितग्राही यदि अपने घर मे रोपे तो आने वाले कुछ वर्षों में ही लगभग पच्चीस से तीस किलो चार (चिरौंजी) फल एक पेड़ से प्राप्त कर सकता है तथा अतिरिक्त आय उपार्जन कर सकता है वही ग्राम पंचायत अथवा नगर,शहर में रोपा जाता है तो पर्यावरण संतुलन में भी सहायक है इसके अलावा बेशकीमती फलदार पौधे होने की वजह से अवैध कटाई से भी बचत हो सकती है  सांगली नर्सरी प्रभारी सुनील शर्मा आगे कहते है कि इसके लगने से बढ़ते प्रदूषण से भी राहत मिल सकती है बस,आवश्यकता है कि विभाग इसके संरक्षण के साथ संवर्धन की एक सार्थक पहल करे  जिससे भावी पीढ़ी को आर्थिक आय के साथ प्रदूषण मुक्त वातावरण निर्मित करने में यह चिरौंजी पौधा सब के लिए ,लाभकारी के साथ हित कारक साबित हो सकता है

रविवार, 21 अगस्त 2022

गाता रहे मेरा दिल म्यूज़िकल ग्रुप की सफल प्रस्तुति देर रात तक किशोर दा के गीतों पर झूमे श्रोता*

 *गाता रहे मेरा दिल म्यूज़िकल ग्रुप की सफल प्रस्तुति देर रात तक किशोर दा के गीतों पर झूमे श्रोता*


अलताफ हुसैन

रायपुर जीवन मे कुछ नया करने की ललक,दृढ़ इच्छा शक्ति,पूर्ण मनोवेग और ईमानदारी से किया गया प्रयास सदैव सफलता की कुंजी माना गया है उक्त वाक्यों को सार्थक कर दिखाया *गाता रहे मेरा दिल म्यूज़िकल ग्रुप* ने रविवार को गाता रहे मेरा दिल म्यूज़िकल ग्रुप के द्वारा स्व.किशोर दा की स्मृति में गीत संगीत का रंगारंग कार्यक्रम नव भारत के पीछे स्थित माया राम सुरजन हॉल में सम्पन्न हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ  स्तुति गीत... ऐ मालीक तेरे बंदे है हम...  से प्रारंभ  किया गया जिसे रायपुर शहर की मंझी हुई गायिका पूजा सिंह के द्वारा प्रस्तुत दिया गया

पश्चात नवाब कादिर और पूजा सिंह के द्वारा गाया युगल गीत...हमारे सिवा तुम्हारे और कितने दीवाने.. प्रस्तुत किया गाया जिसे श्रोताओं ने काफी सराहा वही गाता रहे मेरा दिल के लीड गायक जयदीप होर के द्वारा... जीवन के दिन.. छोटे सही ...हम भी बड़े दिल वाले ...गीत बड़ी संजीदगी के साथ प्रस्तुत किया गया जिसे दर्शकों ने ताली की गड़गड़ाहट से स्वागत किया

नवोदित सिंगर मुजीब अली के द्वारा ...एक अजनबी हसीनों से ...यूं मुलाकात हो गई... गीत की प्रस्तुति दी गई  तो मुकेश की आवाज़ को आत्मसात कर पृथक पहचान बना चुके नंद किशोर मिश्र के द्वारा  बहुत सुंदर ढंग मो रफी की आवाज़ मे ...ऐ गुल बदन गीत की... प्रस्तुति दी गई नया उभरता चेहरा श्रेया भट्टाचार्य जो भविष्य मे क्लासिकल संगीत क्षेत्र का चमकता सितारा है उसके  द्वारा ,,,कुहू कुहू बोले कोयलिया ,,,क्लासिक गीत को सुन कर श्रोता गण  अपने आप को रोक नही सके तथा अपने स्थान पर खड़े हो कर जम कर ताली बजाकर श्रेया को अपना स्नेह दिया संजय वर्मा के द्वारा गीत ...ये शाम मस्तानी मदहोश किए जा ...एवं फ़िल्म याराना का सुपर डुपर गीत ...सारा ज़माना..हसीनों का दीवाना..जैसे फ़ास्ट गीत ने गीत संगीत की महफ़िल में जबरदस्त गर्मी ला दी 


छत्तीसगढ़ में कराओके म्यूज़िक लाने वाले कमल बड़वानी के द्वारा गीत..क्या यही प्यार है..एवं कोरा कागज था ये मन मेरा गीत की बेहतरीन प्रस्तुति पूजा के साथ  दी गई ... जिनकी गायकी में भी परिपक्वता नज़र आई युवा गायक राजेश गोयल के द्वारा मुकेश की आवाज़ में  चंदन सा बदन  चंचल सी किरण...  को लोगो ने पसंद किया ...आर वासु के द्वारा ,,,देखा न हाए रे सोचा न,,,, एवं हम बंजारों की बात मत पूछो जी..के अलावा अन्य गीतों  को श्रोताओं से अच्छा प्रतिसाद मिला अतिथि गायक संदीप तिवारी के द्वारा गाया गीत ...मच गया शोर सारी नगरी रे... पर लोगो ने बहुत ताली बजाया तो अब्दुल क़य्यूम के द्वारा कव्वाली ..ये माना मेरी जान ..मुहब्बत सजा है ...गीत पर बैठे सभी श्रोता झूम कर अपने स्थान पर ताली के साथ गीत को संगत देते हुए  नाचने लगे इसके अलावा , नवाब कादिर एवं पंचमी शेन्द्रे पूजा सिंह,श्रेया भट्टाचार्य  के द्वारा प्रस्तुत  युगल गीत क्रमशः ,,मेरे सपनों का वो राजा मेरे दिल का वो राजकुमार,,,अच्छा तो हम चलते है गीत को बहुत पसंद किया गया
 मंच संचालन के साथ एल. एन.लाहोटी जी के गायकी की भूमिका में मूल स्वर में ... ये दुनिया ये महफ़िल.. मेरे काम की नही....तथा पूजा सिंह के साथ प्रस्तुत युगल गीत ...सावन का महीना पवन करे सोर...की प्रस्तुति काबिले तारीफ रही  वर्षों से कला साहित्य सामाजिक आर्थिक क्षेत्र मे अपनी लंबी सेवा देने वाले श्री लाहोटी का  पुष्प गुच्छ श्रीफल,एवं स्मृति चिन्ह देकर डायरेक्टर नवाब कादिर द्वारा सम्मानित किया गया

 गाता रहे मेरा दिल  म्यूज़िकल ग्रुप के संरक्षक पार्षद तिलक पटेल से विशेष आग्रह पर उनके द्वारा एक गीत .. . ...पल पल दिल के पास तुम रहती हो,,,बहुत सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया गया  तथा श्रोताओं ने  काफी पसंद किया डायरेक्टर  नवाब कादिर श्रेया भट्टाचार्य,कमल बड़वानी,पूजा सिंह.आर वासु,संजय वर्मा,  जयदीप होर,संदीप तिवारी,मिसेस तिवारी,ने कार्यक्रम में लगातार एक से बढ़कर एक सुपरहिट गीतों की प्रस्तुति दी क्लासिकल गीत के अलावा श्रेया भट्टाचार्य के द्वारा गीत ,,पिया तू अब तो आजा गीत पर जबरदस्त तालियों की गड़गड़ाहट से श्रेया का स्वागत अभिनन्दन किया गया , अतिथि गायक,संदीप तिवारी पूजा सिंह के द्वारा ,,,,जीना क्या अजी प्यार बिना,, गीत को काफी पसंद किया गया कार्यक्रम के मध्य में विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित पार्षद तिलक पटेल का श्रीफल शाल, पुष्प गुच्छ के साथ स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया गया ..



कार्यक्रम देर से प्रारंभ होने के कारण कसे हुए अंदाज़ में  मंच संचालन करते हुए लक्ष्मी नारायण लाहोटी ने  बेहतरीन ढंग से मोर्चा सम्हालते हुए क्रम अनुसार एक एक कर नए और अतिथि कलाकारों को श्रोताओं के हवाले करते गए तथा गायक कलाकारों ने भी  अपनी गायकी के साथ पूरा पूरा न्याय करते हुए पहली बार गाता रहे मेरा दिल कार्यक्रम की प्रस्तुति में अपनी सहभागिता सुनिश्चित की गाता रहे मेरा दिल  म्यूज़िकल ग्रुप का यादे किशोर कुमार कार्यक्रम  वाकई में एक चुनौती के रूप में था परन्तु नवाब कादिर के द्वारा विपरीत परिस्थितियों में  कुछ नया करने के जज़्बे ने खड़ी हुई  बड़ी चुनौती को भी बौना कर दिया पहली मर्तबा सम्पन्न हुए उक्त कार्यक्रम में कुछ कमी  रह गई जिसका निराकरण एवं सुधार भविष्य में करने की बात कही है
फिर भी चलते कार्यक्रम में एक समय ऐसा भी आया था  कि श्रोताओं को बैठने कुर्सी नही मिली तो श्रोता बाहर हॉल में चाय की चुस्की लेते हुए कार्यक्रम का आनंद उठाते दिखे इन कमी के बावजूद श्रोता अपने स्थान पर पूर्ण तन्मयता से डटे रहे तथा नब्बे प्रतिशत विशुद्ध किशोर दा के गाए सदाबहार सुपर हिट गीतों को सुनकर श्रोता देर रात तक गीत संगीत का आनंद लेते रहे गाता रहे मेरा दिल के संयोजक डायरेक्टर नवाब कादिर अपने प्रथम सफल प्रोग्राम से गदगद हो कर 16 अक्टूबर को पुनः कार्यक्रम करने का मन बना चुके है जिसकी घोषणा शीघ्र करने की बात कही वही मंच संचालक लक्ष्मी नारायण लाहोटी ने उपस्थित समस्त कराओके परिवार एवं श्रोताओ का हृदय से आभार व्यक्त किया

बुधवार, 17 अगस्त 2022

गायक,कवि, पुरातत्व संग्रहण के साथ छह सौ मंचों के सफल संचालन का अनूठा विश्व कीर्तिमान

 गायक,कवि, पुरातत्व संग्रहण के साथ छह सौ मंचों के सफल संचालन का अनूठा विश्व कीर्तिमान


अलताफ हुसैन

रायपुर ,उन्नत ललाट,ऊंचा कद काठी, सफेद लकदक वस्त्र, चश्मे के पीछे आत्म विश्वास और स्वाभिमान से चमकती आंखे, सूर्य सा दमकता मुख मंडल, प्रभावशाली व्यक्तित्व और सदैव संवेदनशील मानव हित एकता के लिए तत्पर,समाजिक उत्थान एवं महिला सशक्तिकरण का जज़्बा,आर्थिक प्रगति के खेवनहार, कवि,गायक,सहित स्वदेशी विरासत,संस्कृति,लोक कला के साझेदार, ऐसे सर्वगुण सम्पन्न व्यक्तित्व  का नाम लक्ष्मी नारायण लाहोटी है जो राजधानी रायपुर के आन बान और शान बन चुके है कवि गायक,एवं मंच में अपनी जादुई आवाज़ से लोगो को बांधने वाले जादूगर एवं अद्भुत प्रतिभा के धनी लक्ष्मी नारायण लाहोटी जैसे प्रभावशाली व्यक्तित्व का  कम से कम आज के इस अवसरवादी काल मे मिलना तनिक कठिन है फिर भी ऐसे आकर्षक,अद्भुत प्रतिभाशाली व्यक्तित्व के धनी जिनमे उपरोक्त समस्त विधाएं कूट कूट कर रची बसी है ऐसे व्यक्तित्व आज बगैर किसी लोभ और अपेक्षाओं से लगभग पच्चीस वर्षों से ऊपर अपने सामाजिक नैतिक दायित्वों का निर्वहन अनवरत कर अपनी एक पृथक छबि रायपुर शहर मे बना चुके है जिनकी पहचान  विरले व्यक्तित्व के रूप में लक्ष्मी नारायण लाहोटी के नाम से  अंकित हो चुका है   जिन्होंने सामाजिक,आर्थिक,एवं साहित्य,कला क्षेत्र में  अपनी पृथक पहचान बनाई है आज शहर के किसी भी  स्थल में अब चाहे वह कवि सम्मेलन,मुशायरा, हो अथवा गीत संगीत का कार्यक्रम हो या विधवा विधुर विवाह हो या फिर आर्थिकी प्रगति का समायोजित  मंच हो जब तक श्री लाहोटी जी की उपस्थिति वहां न हो ऐसे प्रायोजित होने वाले कार्यक्रम के मंच फीके और नीरस से प्रतीत होते है यही वजह है कि इस प्रकार के आयोजनों में उन्होंने  25 वर्षों से लगभग 600 से ऊपर मंचीय सूत्रधार का सफल भूमिका का निर्वहन करते हुए  एक अटूट विश्व कीर्तिमान अपने नाम स्थापित कर लिया है 

 रायपुर शहर के पुरानी बस्ती महामाया मंदिर के पृष्ठ क्षेत्र में निवासरत 63 वर्षीय लक्ष्मी नारायण लाहोटी की एक पृथक पहचान समाजिक आर्थिक उत्थान,गीत संगीत,साहित्य,कला, क्षेत्र में बन चुकी है  श्री लक्ष्मी नारायण लाहोटी से जब मिल कर इस विषय को लेकर चर्चा की तब उन्होंने खुले किताब की भांति अपने जीवन के पन्ने पृष्ठ दर पृष्ठ पलटते चले गए उन्होंने बताया कि पुरातत्व वस्तुओं का संकलन उनका शौक रहा है यही वजह है कि 70 वर्षों से प्राचीन टेलीफोन आज उनके घर की शोभा बढ़ा रहा है मजे की बात यह है कि 1950 से लगाए गए यह टेलीफोन आज भी चालू हालात में है तथा लैड लाइन नम्बर आज भी चालू स्थिति में है प्रारंभिक टेलीफोन बिल 19 रुपये आना बताया लगाए गए टेलीफोन के बिल कोरोना काल को छोड़ कर  आज तक उनके पास है जो सबसे बड़ी उपलब्धि है इसके अलावा बहुत से 786 सीरीज नम्बर के नोट का संकलन उन्होंने किया हुआ है जिसे वे सहज के रखे हुए है लक्ष्मी नारायण लाहोटी आगे बताते है कि उन्होंने लगभग 20 वर्षों से कौमी एकता के नाम पर मदार बाडा पुरानी बस्ती में होने वाले कव्वाली का आयोजन में अपनी सहभागिता निभाई है इसके अलावा उर्दू और हिंदी कवि सम्मेलन,मुशायरों, में बकायदा रचना प्रस्तुति के साथ मंच साझा किया है मुनव्वर राणा से लेकर जानी बाबू ललकार  जैसे कई बड़े शायर और कव्वालों के साथ उनकी यादे आज भी जुड़ी है यही वजह है कि बहुत से सेलिब्रिटीज के जन्म दिवस के साथ प्रमुख तिथि को एक डायरी में संकलित कर रखा है तथा आज भी पुराने से लेकर नए शायर,कवि के मध्य उनकी अच्छी पकड़ बनी हुई है  लक्ष्मी नारायण लाहोटी से जब कला संस्कृति से जुड़ने के संदर्भ में पूछा गया तब उन्होंने बताया कि बचपन से ही सामाजिक मुख्य धारा में कुछ नया करने के एक जुनून के चलते वे युवा अवस्था से ही  भिन्न भिन्न कला साहित्य,गीत संगीत और सामाजिक क्षेत्रों में लगातार संलिप्त रहे परिणामतः "जहां चाह वहां राह" की स्थिति निर्मित होती चली गई और शनैः शनैः उनकी यशस्वी प्रतिभागी उपरोक्त क्षेत्र में बढ़ती चली गई यही नही महिलाओं के सम्मान एवं उनके सशक्तिकरण के लिए  प्रति वर्ष मार्च में होने वाले महिला दिवस के उपलक्ष पर अब तक 108  ऐसे चयनित  महिलाओं का सम्मान भी कर चूक है  जिससे ऐसी महिलाओं का आत्म सम्मान बढ़ा है  वृद्ध, युवाओं, के एकांकी जीवन में तनिक क्षण तनाव मुक्त जीवन से रूबरू कराने के उद्देश्य से समय समय पर विविध कार्यक्रम जैसे कवि सम्मेलन,मुशायरे,एवं कवि गोष्ठी,नशिस्त, गीत संगीत इत्यादि का आयोजन कर इस माध्यम से उनमें ऊर्जा का संचार  करने  का सामाजिक महती दायित्व भी वे निभाते रहे है जिसके कारण उन्हें स्थानीय कवि संघ का महासचिव नियुक्त किया गया उनकी बहुत सी रचनाओं का प्रकाशन स्थानीय एवं देश के भिन्न भिन्न समाचार पत्रों, पुस्तकों में किया जा चुका है स्थानीय उर्दू अकादमी में भी उनकी रचनाएं प्रकाशित हो चुकी है  इसके अलावा  व्यवसायिक संगठन चेम्बर ऑफ कॉमर्स में भी विभिन्न पदों पर रहते हुए अपना अमूल्य वैचारिक योगदान देते रहे है व्यवसाय क्षेत्र से जुड़े लाहोटी जी का  जीवन काल मे गीत संगीत के क्षेत्र में विशेष रुचि रही हैं उनके लगातार सक्रियता एवं उपस्थिति से आज यह क्षेत्र अपने अविश्वसनीय शिखर पर पहुंच चुका है  कराओके व्ही एम डब्ल्यू  म्यूज़िकल ग्रुप के माध्यम से की गई एक छोटी सी शुरुआत आज शहर के गायकों के लिए जोश,जुनून,और ऊर्जा का संचार कर रही  है राजधानी रायपुर में ही लगभग 30 से 35 म्यूज़िकल ग्रुप संस्थाएं आज अस्तित्व में आ चुकी है तथा गीत संगीत कार्यक्रम के श्रोताओं में भी भारी इजाफा हुआ है अब राजधानी में म्यूज़िकल ग्रुप के द्वारा दी जाने वाले कार्यक्रम की स्थित यह निर्मित हो गई है कि सप्ताह में चार कार्यक्रम होने लग गए तथा लगातार प्रतिभाएं निखर कर सामने आ रही है गीत संगीत से जुड़े लगाव के संदर्भ में लाहोटी जी का कथन है कि गीत संगीत बचपन से ही वे आत्मसात किए हुए है गीत संगीत मानव जीवन में ऑक्सीजन का कार्य करती है यह ईश्वरी संरचना का बेहतरीन शाहकार है जो एक तरफ अध्यात्म से जोड़ने में सहायक होता है तो दूसरी ओर दुखी और मृतप्रायः व्यक्ति के मन को तनाव मुक्त,प्राण वायु भर देता है उन्होंने लोगो से अपील की है कि एक बार जीवन के तनाव  से जूझ रहे व्यक्ति गीत संगीत कार्यक्रम में आए तो वह स्वयं को शांत चित्त महसूस करने लगेगा वही आश्चर्य का विषय यह भी है कि अधिकांश प्रायोजित फिल्मी गीत संगीत कार्यक्रम में उनकी गायकी के साथ सफल मंच संचालन का दोहरा रूप भी परिलक्षित होता है एक प्रकार से कार्यक्रम का संपूर्ण भार लाहोटी जी के कंधों पर टिका हुआ  होता है फिर भी वे इस सहजता से उसे निभाते है कि लोग कभी बोरियत महसूस नही करते इस बारे में वे कहते है कि कम शब्दों में मनोरंजन के साथ गायकों को श्रोताओं के हवाले करना तथा उन्हें और श्रोताओं के मध्य परस्पर समन्वय स्थापित करने की कला ज्ञाता ही एक सफल मंच संचालक बन सकता है लाहोटी जी के सफल मंच संचालन के संदर्भ मे जब  गाता रहे मेरा दिल म्यूज़िकल ग्रुप के डायरेक्टर एवं आयोजक नवाब कादिर से जानना चाहा  तब उन्होंने लाहोटी जी के संदर्भ में बताया कि वे एक सादगी पसंद व्यक्ति के साथ मृदु भाषी एवं कम शब्दों में प्रस्तुतिकरण उनकी सबसे बड़ी विशेषता है छोटा हो या बड़ा सबका सम्मान उनके महान व्यक्तित्व को परिभाषित करता है यही वजह है कि म्यूज़िकल कार्यक्रम के अलावा अन्य प्रायोजित कार्यक्रम में उनकी उपस्थिति, एवं सहभागिता सुनिश्चित रहती है  समाचार पत्र यूथ क्रांति के संपादक एवं पत्रकार तथा "गाता रहे मेरा दिल" म्यूज़िकल ग्रुप के डायरेक्टर श्री नवाब कादिर ने आगे बताया कि लाहोटी जी मेरे बाल सखा होने के साथ विद्या काल से ही बहुमुखी प्रतिभा के धनी रहे है आज उनके द्वारा गीत संगीत,साहित्य कला क्षेत्र के  कार्यक्रमों में दी जाने वाली प्रस्तुति,समाजिक,व्यवसायिक,दायित्वों का निर्वहन उनके व्यक्तित्व पर चार चांद लगा रहा है जिसके पीछे उनकी लगातार,परिश्रम,त्याग नैतिक दायित्वों का पूर्ण ईमानदारी और निष्ठा पूर्वक की गई तपस्या का परिणाम है जिसका प्रतिफल उन्हें अब प्राप्त हो रहा है श्री नवाब कादिर ने उनके उत्तरोत्तर सफल,स्वस्थपूर्ण जीवन एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की है यहां यह कथन अतिशयोक्ति नही होगा कि लक्ष्मी नारायण लाहोटी तो व्यक्ति एक है परन्तु अनेक प्रतिभाओं को स्वतः में समेटे हुए है एक प्रकार से वे चलते फिरते,जीते जागते संपूर्ण प्रतिभा के विद्यालय है जिनसे जितना प्रतिभा प्राप्त करना है  वह उनसे प्राप्त कर सकता है 

गुरुवार, 28 जुलाई 2022

बार नवापारा अभ्यारण्य में अब काले हिरण कुलांचे भरते दिखेंगे...वन भैंसे की वंश वृद्धि के लिए उपाय जारी

बार नवापारा अभ्यारण्य - लगातार बढ़ रहे काले हिरणों की धमा चौकड़ी से बार की रौनक बढ़ी...वन भैंसे की वंश वृद्धि के लिए उपाय जारी

 (छत्तीसगढ़ वनोदय)वन का श्रृंगार वन्य प्राणी है विशेषकर कुलांचे भरते हिरण जब वन में परिलक्षित होते है तो मन भी प्रफुल्लित हो उठता है  इनकी उपस्थिति ही वन के सौंदर्य एवं वैभवता में चार चांद लगा देता है छत्तीसगढ़ के बहुत से ऐसे वन क्षेत्र है जहां पर इनकी उपस्थिति से वन का अस्तित्व बचा हुआ है तथा वन एवं वन्य प्राणियों के संरक्षण संवर्धन हेतु राज्य सरकार भी बड़ी शिद्दत से उपाय कर रही है बार नवापारा अभ्यारण्य प्रदेश का ऐसा वन क्षेत्र अभ्यारण्य है जहां देश विदेश से पर्यटक यहां की प्राकृतिक आभा को नजदीक से महसूस करने दर्शनार्थ हेतु आते है क्योंकि यहां चार सदी से ऊपर वन क्षेत्र को संरक्षित कर यहां के वन्य प्राणियों की सुरक्षा का महती दायित्व वन विभाग अपने स्तर पर कर रहा है यही नही बारनवापारा अभ्यारण्य प्रबंधन क्षेत्रो से विलुप्त होते वन्य प्राणियों को देश के अन्य राज्यों से लाकर यहां इनकी (वन्य प्राणियों)  भरपाई एवं उनके रहवास की समुचित व्यवस्था पर भी जोर दे रहा है ताकि क्षेत्र में वन्य प्राणियों के स्वतंत्र विचरण करते हुए पर्यटक दर्शन लाभ उठा सकेइसके लिए बार नवापारा अभ्यारण्य प्रबंधन ने काले हिरण अर्थात कृष्ण मृग को दिल्ली ज़ू सहित बिलासपुर के कानन पेंडारी से मंगवाया  है जिनकी संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है इस संदर्भ में बार अधीक्षक आनंद कुदरिया बताते है कि कृष्ण मृग के यहां तक लाने बड़ी मशक्कत करनी पड़ी मगर वर्ष भर पूर्व लगभग सत्तर से ऊपर काले हिरण यहां दिल्ली जू से मंगवाए गए थे परन्तु समस्या इस बात को लेकर थी कि वे यहां के जलवायु,वातावरण को अंगीकार कर पाएंगे की नही क्योंकि किसी भी प्रदेश से लाए जाने वाले वन्य प्राणी परिवर्तित वातावरण एवं जलवायु क्षेत्र में लाने पर उनके स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है तथा उनकी मृत्यु भी संभावित होती है बार अधीक्षक आनंद कुदरिया साहब ने आगे बताया कि  जैसा हमने सोचा था वैसा ही काले हिरण के साथ हुआ क्षेत्र की नमीयुक्त भूमि पर उनके पग मिट्टी में धंसने लगे एवं खुर जो बहुत संकुचित एवं छोटा होता है वह क्षतिग्रस्त होने के साथ जख्म बन गए  घाव संक्रमित होकर  तथा विपरीत मौसम जो अति उष्ण कटि बद्ध क्षेत्र होने के कारण उनका स्वास्थ्य गिरने लगता है इसका लाभ उठाते हुए आसपास के जंगली हिंसक वन्य प्राणियों द्वारा  इन्हें शिकार बना लिया जाता है बहुत से वन्य प्राणी  असमय काल कलवित हो जाते है तब हमने उनकी सुरक्षा के उपाय हेतु तात्कालिक सी सी एफ वन्य प्राणी सहित बलौदाबाजार के डी एफ ओ मयंक अग्रवाल साहब  से चर्चा की उनके द्वारा दिए गए दिशा निर्देश के अनुसार हमने सभी काले हिरण को ऐसे वृहद भूभाग वाले सुरक्षित नुमा वनक्षेत्र स्थल पर छोड़ा जहां धसान क्षेत्र या नमीयुक्त मुलायम मिट्टी  कम था तब इसके हमे आश्चर्यजनक परिणाम सामने आए तथा वे झुंड के अनुसार बार नवापारा के संरक्षित दायरे के पृथक क्षेत्र में स्वच्छंद भ्रमण करने लगे इस संदर्भ में बार नवापारा के ऊर्जावान युवा सोच रखने वाले,पर्यावरण,एवं प्रकृति प्रेमी  तात्कालिक परिक्षेत्राधिकारी, वर्तमान पदोन्नत एस डी ओ कृषालू चंद्रकार ने बताया कि मैं प्रारंभ से ही पर्यावरण एवं प्राकृतिक प्रेमी रहा हूँ शायद यही वजह रही कि सी.जी. पीएससी उत्तीर्ण के साथ ही मुझे अधिक वेतन के साथ अन्य स्थान में पोस्टिंग मिल रहा था



परन्तु मैंने कम वेतन वाले  वन विभाग का चयन किया क्योंकि प्रकृति प्रारंभ से मेरे मन मे रची बसी थी जंगल पहाड़,वन्य प्राणियों को देखना मुझे सुहाता था सो उन्होंने वन विभाग में सेवा देने का चयन किया तथा ईश्वर की कृपा भी ऐसी रही कि उन्हें बार अभ्यारण्य एवं उसके आसपास वन क्षेत्र में ही सेवा करने का प्रारंभिक सुअवसर मिला तथा वे वन क्षेत्र में सतत विकास के साथ नई योजनाओं का सफल क्रियान्वयन करते रहे  तात्कालिक  परिक्षेत्राधिकारी वर्तमान एस डीओ श्री चंद्राकर ने आगे बताया कि श्याम मृग के बचाव हेतु  बार के ही वृहद भूभाग वाले संरक्षित क्षेत्र के स्थान में रखा गया ताकि  उनकी सुरक्षा के साथ खानपान पर वन कर्मी बराबर नज़र बनाए रखे इसके लिए प्रबंधन की ओर से वन क्षेत्र के एक बहुत बड़े भूभाग में लगभग एक से डेढ़ फीट रेत बिछाई गई कुछ समय पश्चात उसके आशातीत परिणाम सामने आने लगे  शनैः शनैः काले हिरण भय मुक्त संरक्षित अभ्यारण्य क्षेत्र में विचरण करने लगे तथा नैसर्गिक प्रजनन क्रिया से उनकी संख्या में भी लगातार वृद्धि होती रही बार तत्कालिक परिक्षेत्राधिकारी, वर्तमान एसडीओ  कृषाणु चंद्राकर  हर्ष व्यक्त करते हुए आगे बताते है कि आज काले हिरण की संख्या में आशातीत वृद्धि हुई है इनके कुनबे की संख्या लगभग 150 से ऊपर पहुंच चुकी है जो हमारे लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है उन्होंने बताया कि नर व मादा व शावक काले हिरण अब बार नवापारा अभ्यारण्य में निर्भीक हो कर कुलांचे भरते पर्यटकों को परिलक्षित हो रहे है उनमें बहुत से नन्हे शावक भी है स्वच्छंद विचरण करते ये बार क्षेत्र से देवपुर सहित आसपास वन क्षेत्रों में अपनी आमद दर्ज कर चुके है

ज्ञातव्य है कि वन एवं जलवायु विभाग द्वारा  वर्ष पूर्व दिल्ली ज़ू सहित ग्वालियर,एवं बिलासपुर कानन पेंडारी जू से लगभग सत्तर काले हिरण मंगवाए गए थे  परन्तु  बलौदाबाजार वन क्षेत्र के समानान्तर एवं लाए गए काले हिरण के मिजाज के अनुकूल जलवायु एवं वातावरण की उपलब्धि सबसे बड़ी चुनौती थी इसके अलावा अभ्यारण्य के नमी युक्त दलदली मिट्टी होने के कारण कुछ काले हिरण के पैर चोटिल एवं संक्रमित हो रहे थे तथा कृष्ण मृग के ऊर्जा विहीन क्षीण गति होने के कारण हिंसक वन्य प्राणियों सहित ग्रामीण श्वानों  के द्वारा उन्हें क्षति पहुंचाने का प्रयास किया जाता रहा था जो एक प्रकृति प्रक्रिया भी है  जिसकी वजह से अति संवेदनशील वन्य प्राणी  काले हिरण असमय काल ग्रास बने  तब इनके संरक्षण को लेकर वन प्राणी सीसीएफ सहित तात्कालिक बलौदाबाजार के मण्डलाधिकारी श्री कृष्ण राम बढई साहब से चर्चा कर उन के दिशा निर्देश पर उन परिवर्तित ऋतु एवं कारणों की सुरक्षात्मक दृष्टिकोण के समाधान पर कार्य करते हुए बार के वृहद भूभाग को  सुरक्षित किया गया जबकि वर्तमान  डी एफ ओ बलौदाबाजार मयंक अग्रवाल साहब ने विशेष परिस्थिति अनुसार व्यापक कदम उठाने दिशा निर्देश दिए जिस पर अक्षरा कार्य किया गया  विशेष कर दलदली क्षेत्र में रेतीली भूमि निर्मित किया गया कुछ समय पश्चात इसके आश्चर्यजनक परिणाम परिलक्षित हुए एक ही स्थान में रहने और परस्पर संपर्क के कारण इनकी वंश वृद्धि हुई


तब बार प्रबंधन ने काले कृष्ण मृगों को बार अभ्यारण्य क्षेत्र के विभिन्न क्षेत्रों में बीस बीस की संख्या में  छोड़ते गए तथा मुक्त वातावरण मिलने पर ये स्वयं ऐसे क्षेत्रों का चयन कर  विचरण करने लगे जो इन्हें सुरक्षित लगा  वर्तमान डीएफओ कृषालु चन्द्राकर ने बताया कि वंश वृद्धि के उद्देश्य से उस समय संरक्षित वन क्षेत्र  मे लगभग तीस की संख्या में काले नर व मादा हिरण को रखा गया है ताकि प्राकृतिक सहवास पश्चात इनकी वंश वृद्धि हो सके तात्कालिक बार परिक्षेत्राधिकारी एवं वर्तमान डी एफ ओ  कृषाणु चंद्राकर आगे बताते है कि कृष्ण मृग काफी संवेदनशील एवं नाजुक प्राणी होते है मानव स्पर्श मात्र से ये भयभीत होकर थरथर कांपते है इसलिए इन्हें मानव संपर्क से दूर रखा जाता है   इसके अलावा आसपास क्षेत्र भी प्राकृतिक रूप से हरे घास का चराई क्षेत्र है एवं बार अभ्यारण्य  प्रबंधन की ओर से भी हरे चारागाह विस्तार कर नियमित व्यवस्था की गई है बार क्षेत्र के बहुत से ही घास क्षेत्रों का चयन कर विकासित किए गए है ताकि उनके खानपान में कोई कमी न हो इसके लिए ग्रास लैंड की योजना लगातार बार क्षेत्र में विभिन्न हिस्सों में विकसित की गई है इस संदर्भ में बलौदाबाजार वन मंडल के वर्तमान डीएफओ मयंक अग्रवाल ने बताया कि बार क्षेत्र में लगभग तीस से ऊपर विभिन्न प्रजाति के घास का रोपण करने की योजना लगभग पूर्णता हो चुकी है जो शाकाहारी वन्य प्राणियों की भूख शांत करेगा इसके लिए ग्रास लैंड में बारीक दुब से लेकर ग्रीष्म ऋतु में शाकाहारी वन्य प्राणियों की सभी 30 से अधिक प्रजाति के घास वाली खुराक की व्यवस्था की जाएगी जो उनके सुरक्षा की दृष्टिकोण से भी उपयुक्त होगा
          तथा इन्हें सुरक्षित रख वंश को संवर्धित किया जा सके तात्कालिक बार रेंजर एवं वर्तमान डी एफ ओ  कृषाणु चंद्राकर ने आगे बताया कि कृष्ण मृग के अलाव  इसी प्रकार दो वन भैंसा जिनमे नर मादा सम्मिलित है को मानस नेशनल पार्क आसाम से लाया गया है तथा उसकी तीमारदारी की जा रही है इनके लिए बार में ही अलग से बाड़ा बनवाया गया है तथा प्रकृति सहवास हेतु उनकी मीटिंग का इंतजार किया जा रहा है 

इन्हे बार अभ्यारण्य में लाए हुए लगभग तीस माह ऊपर होने जा रहा है लगातार प्रकृति सहवास की स्थिति निर्मित हुई है तथा नन्हे शावक भी दृष्टि गोचर हो रहे है वही बार प्रबंधन नए वन्य प्राणियों पर  विचार करते हुए  स्थानीय प्रदेश के अचानकमार पार्क से एक  वन भैंसा लाने की योजना बनाया हुआ है ताकि विलुप्त होते वन भैंसों की वंश वृद्धि की जा सके इसके लिए प्रयास किए जा चुके है खान पान हेतु हरे घास के चारे की व्यवस्था की गई है  समय समय पर बकायदा इनके स्वास्थ्य हेतु डॉक्टरी परीक्षण भी करवाया जाता है परन्तु अब तक किसी प्रकार की खुश खबरी नही आई है इस सन्दर्भ में तात्कालिक रेंजर एवं वर्तमान पदोन्नत एस डी ओ  कृषालु चंद्राकर का कथन है कि वन भैंसा की  एक ही वंश अथवा परिवार के होने के कारण इनका प्राकृतिक सहवास की स्थिति निर्मित नही हो पा रही है इसलिए अतिरिक्त अचानक मार अभ्यारण्य क्षेत्र एवं आसाम  नेशनल पार्क  से दो अन्य नर वन भैंसा लाए गए है  जिसकी तीमारदारी की जा रही है समय पर स्वास्थ्य परीक्षण सहित सभी खानपान और व्यवस्था विभाग से लिखित मांग की जाती है परंतु अब भी उसका वंश वृद्धि नहीं हो सका है तात्कालिक  बार नवापारा परिक्षेत्राधिकारी एवं पदोंन्नत डी एफ ओ  कृषाणु चंद्राकर काले कृष्ण मृग की सुरक्षा हेतु काफी चिंतित नज़र आए उनका कथन है कि वन ग्रामों में बहुतायत स्थिति में श्वान हो चुके है जो हिरण जैसे निरीह प्राणी पर एक साथ हमला कर उन्हें चोटिल कर देते है जिससे संक्रमित हो ये असमय काल कल्वित हो जाते है इस ओर विभाग को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है

जो इनके भविष्य के अस्तित्व की चिंता का करे  वही आसपास के नगर परिषद सहित रायपुर से भी नगर निगम के द्वारा कुत्तों का रेस्क्यू कर उन्हें बार के वन क्षेत्रों में बहुतायत संख्या में छोड़ा जा चुका है जिसकी वजह से यहां के वन्य प्राणियों के अस्तित्व पर खतरा बढ़ गया है इसके लिए प्रबंधन द्वारा विशेष कार्य योजना बना कर इनके रोकथाम पर कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया है यही नही श्री चंद्राकर ने समस्त नगर परिषद एवं नगर पालिकाओं से अपील भी की है कि अपने क्षेत्रों से  रेस्क्यू किए गए श्वान को बार क्षेत्र में न छोडे 

इसके लिए नगर परिषद,एवं पालिकाओं से पत्राचार कर उन्हें अवगत कराने की बात भी कही है यदि छोड़े गए श्वानों से निरीह वन्य प्राणियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो जाती है तो तात्कालिक बार तत्कालिक रेंजर वर्तमान एस डी ओ कृषालू चंद्राकर इस बात से आश्वस्त हो जाते है कि बार के वन्य प्राणियों की संख्या में लगातार वृद्धि तय है तथा यहां की आभा के साथ साथ वन्य प्राणियों की नाद से यह क्षेत्र भी गुंजयमान होगा तथा पर्यटकों के लिए और अधिक आकर्षण का केंद्र भी बनेगा वही बार अभ्यारण्य क्षेत्र को नेशनल पार्क(ज़ू)बनाने की बात भी कही है ताकि मानव दखल कम होने के साथ बार अभ्यारण्य क्षेत्र की सुरक्षा वन्य प्राणियों के संरक्षण,संवर्धन और पर्यटन की दृष्टिकोण से भी यह क्षेत्र विस्तृत होकर  मिल का पत्थर साबित होगा.  

शनिवार, 23 जुलाई 2022

वन विभाग में फर्जी अनुकंपा नियुक्त दो कर्मचारी बर्खास्त एक पर जांच के आदेश

 वन विभाग में फर्जी अनुकंपा नियुक्त दो कर्मचारी बर्खास्त एक पर जांच के आदेश

रायपुर  भिन्न भिन्न वन मंडल कार्यालय मे अलग अलग मामले में फर्जी रूप से कार्य करते पाए जाने की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए  प्रधान मुख्य वन संरक्षक द्वारा उन्हें तत्काल सेवा से बर्खास्त करने की कार्यवाही करने का आदेश जारी किया है  जिसमें एक मामला रायपुर वन मंडल एवं दूसरा मामला  कटघोरा वन  मंडल का बताया जाता है जहां सहायक ग्रेड -3 के पद  पर फर्जी तरीके से अनुकंपा नियुक्ति प्राप्त कर  लंबे समय से शासकीय राशि एवं  दिए जाने वाली समस्त विभागीय लाभ का उपभोग करने वाले कर्मचारियों को तत्काल बर्खास्त करने का पत्र जारी किया गया है वहीं रायपुर वन मंडल में लंबे समय से बगैर कागजात,दस्तावेज,एवं नियुक्ति आदेश  के फॉरेस्ट गार्ड की नौकरी करने वाले वन कर्मी के विरुद्ध भी जांच करने के आदेश विभाग ने जारी किए है  

प्रधान मुख्य वन संरक्षक कार्यालय नवा रायपुर के दिनांक 05/07/2022 को जारी पत्र क्रमांक प्रशा/अराज 1/उ.व.क्षे./432/2022/7183 में मुख्य वन संरक्षक को लिखे आदेश पत्र में उल्लेख किया गया है कि विभिन्न माध्यमों से शिकायत के आधार पर कटघोरा वन मंडल में श्रीमती अनुपमा धुर्वे एवं श्रीमती रजनी राठौर जो विगत कई वर्षों से सहायक ग्रेड -3 के पद पर फर्जी तरीके से अनुकंपा नियुक्ति प्राप्त कर वन विभाग के समस्त लाभ एवं वेतन उठा रही थी जिनकी शिकायत महासमुंद निवासी अश्वनी सोनी ने किया था  शिकायत को गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए  पीसीसीएफ ने तत्काल दोनों कर्मचारियों को बर्खास्त करते हुए पद मुक्त करने का आदेश जारी किया वही जंगल सफारी एवं नंदन वन में कार्यरत पिंकेश्वर दास वैष्णव फॉरेस्ट गार्ड के दस्तावेज नियुक्ति आदेश पत्र भी रायपुर वन मंडल जंगल सफारी  कार्यालय में उपलब्ध नही है तथा वह भी लगभग दस वर्षों से यहां जंगल सफारी में कार्यरत है यह जानकारी  अभय पांडे एसडीओ जंगल सफरी  के द्वारा रायपुर निवासी मज़हर इकबाल पत्रकार  को  आरटीआई में जानकारी मांगने पर प्रदान की थी  जवाब से असंतुष्ट होकर इसकी शिकायत ऊपर करने पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक नवा रायपुर ने बगैर दस्तावेज के पिंकेश्वर दास वैष्णव के द्वारा कार्यालय में कैसे कार्यरत है इसकी जांच रिपोर्ट मांगी है 

  बताते चलें कि बर्खास्तगी  की कार्यवाही में फर्जी तरीके से विभागीय लाभ उठाने वाले कर्मचारियों पर वन अधिनियम के तहत अब तक उठाए गए समस्त लाभ वेतन इत्यादि की रिकवरी की जा सकती है यही नही फॉरेस्ट गार्ड पिंकेश्वर दास वैष्णव के जांच  में यदि वह भी फर्जी नियुक्ति से कार्य कर रहा होगा तो रिकवरी के साथ मिलने वाले समस्त लाभ सेवानिवृत्त पश्चात मिलने वाली राशि से  भी वंचित  होना पड़ेगा  तथा शासन की आंखों में धूल झोकते हुए शासकीय राशि के फर्जी आहरण कर उपभोग के अपराध में उसे जेल भी हो सकती है यही नही सूचना के अधिकार में पिंकेश्वर दास वैष्णव के दस्तावेज न होने के बावजूद विभाग में कार्य करने की जानकारी होने पर अपने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना  न देते हुए फर्जी तरीके से फॉरेस्ट गार्ड पिंकेश्वर दास वैष्णव को शासन में सेवा देते रहने जैसे  गंभीर अपराध में सहयोग  करने  लंबे समय तक अधिकारियों को  गुमराह करते हुए अंधेरे  में रखने  के एवज में तात्कालिक जंगल सफारी के जन सूचना अधिकारी  अभय पांडे एस डी ओ पर भी विभागीय गाज गिर सकती है 

गुरुवार, 21 जुलाई 2022

प्रदेश सरपंच संघ द्वारा 18 अगस्त को प्रदेश व्यापी हड़ताल

 प्रदेश सरपंच संघ द्वारा 18 अगस्त को प्रदेश व्यापी हड़ताल


छत्तीसगढ़ प्रदेश सरपंच संघ  के समस्त 11664 ग्राम पंचायतों के सरपंच द्वारा अगले माह  एक दिवसीय प्रदेश व्यापी प्रदर्शन करेंगे 

यह जानकारी प्रदेश सरपंच संघ के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल धींवर  ने दी है  उन्होने  समस्त ग्राम पंचायतों के सरपंच से  रायपुर में होने वाले उक्त धरना प्रदर्शन,महारैली में शामिल होने का आह्वान किया है 

छत्तीसगढ़ प्रदेश सरपंच संघ की 8 सूत्रीय अधिकार पत्र (मांगों) को लेकर 18अगस्त 2022 को बूढ़ा तालाब रायपुर की धरणा स्थल पर विशाल महारैली एवं एकदिवसीय महाधरणा प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया जाना सुनिश्चित किया गया है,जिसमें, सरपंच ग्राम पंचायत के प्रति, शासन/ प्रशासन की निरंकुश नितियों की विरुद्ध हल्ला बोल हुंकार भरने के लिए प्रदेश भर की सरपंच भाई बहन एकत्रित होंगे, और, छत्तीसगढ़ प्रदेश सरपंच संघ के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दुहरायेगे तथा एकजुट होकर अपनी संघ की एकता और अखंडता को प्रदर्शित करेंगे 


सोमवार, 18 जुलाई 2022

स्वामी आत्मानंद बी.पी.पुजारी स्कूल में अब गरीब के बच्चे नही अमीर के बच्चे फर्राटेदार इंग्लिश बोलेंगे

 स्वामी आत्मानंद बी.पी.पुजारी स्कूल में अब गरीब के बच्चे नही अमीर के बच्चे फर्राटेदार इंग्लिश बोलेंगे 

रायपुर शिक्षा का अधिकार प्रत्येक बच्चों का मौलिक अधिकार है जिसके लिए राज्य शासन नित नई योजनाओं के माध्यम से शिक्षा के स्तर को सुधार कर आधुनिक शिक्षा से छात्र छात्राओं को संलग्न कर रही है इसके लिए छत्तीसगढ़ प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने भी बहुत से शासकीय शालाओं का जीर्णोद्धार कर  हिंदी सहित इंग्लिश। स्कूलों का निर्माण किया है जिसे आत्मानन्द इंग्लिश स्कूलों का नाम दिया तथा यह प्रचार किया कि अब गरीब मजदूरों के बच्चे भी फर्राटेदार अंग्रेजी बोलेंगे परंतु चंद वर्षों में ही आम जनता की यह भ्रांति चकनाचूर हो गई क्योंकि ऐसे सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधरते ही अब प्रायवेट स्कूलों की  फाइव स्टार सुविधा के साथ लाखों रुपये व्यय करने वाले उद्योगपतियों ने गरीबों के लिए बनाए गए स्वामी आत्मानंद सरकारी इंग्लिश स्कूलों पर भी अपना कब्जा जमाना प्रारंभ कर दिया परिणामतः जो गरीब, मध्यम वर्ग मजदूरों की सुविधा के लिए सरकार ने शिक्षा का स्तर सुधार कर उन्हें अंग्रेजी स्कूल में परिवर्तित किया था

वही गरीब मध्यम वर्ग के बच्चे और उनके पालक अब स्कूलों के बाहर धक्के खा रहे है तथा साधन संपन्न बच्चे स्वामी आत्मानंद इंग्लिश माध्यम स्कूलों में अतिक्रमण कर उन्हें शिक्षा के अधिकार से वंचित कर सरकारी व्यवस्था का खुले आम धज्जियां उड़ा रहे है तथा मन मुताबिक पीछे के दरवाजे से साधन संपन्न बच्चों एवं राजनीति पहुंच वालों को ही शाला में प्रवेश दिया जा रहा है यहां तक प्रायवेट स्कूलों के नुमाइंदे भी सरकारी स्कूलों का तवाफ़ करना शुरू कर अपनी सरगर्मियां शुरू कर दिए है जो स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूलों एवं प्रायवेट स्कूलों के बीच सांठ गांठ सहित अनेक सन्देह को जन्म देता है तथा आम जनता केवल सरकारी व्यवस्था,एवं शाला प्रबंधन के दो पाटों के मध्य आटे के मानिंद पीस रही है ऐसे गरीब मध्यम वर्ग के बच्चों को न तो शाला में प्रवेश दिया जा रहा है और न ही उन्हें स्कूलों में बैठाया जा रहा है कई छात्र ऐसे भी है जिन्होंने गत वर्ष परीक्षा उतीर्ण कर अगली कक्षा में पसंदीदा सब्जेक्ट लेकर बैठने को लेकर उत्साहित होकर पहुंचे मगर उन्हें भी मनपसंद सब्जेक्ट वाली कक्षा में न बैठाकर तुगलकी फरमान निकाल कर बलात अन्य सब्जेक्ट वाली कक्षा में बैठने कहा जा रहा है ऐसे न करने पर उन्हें टीसी निकालने दबाव बनाया जा रहा है जिससे पलकों की चिंता बढ़ चुकी है अब  शाला प्रबंधन की ऐसे तुगलकी फरमान एवं परिस्थिति में बच्चे जाएं तो कहां जाए वाली स्थिति निर्मित हो चुकी है 

        यह परिस्थिति राजातालाब स्थित स्वामी आत्मानंद इंग्लिश बीपी पुजारी स्कूल में अधिक देखने मिल रही है जहां बहुत से पालक भटकते हुए निराश मिले है उनमें बहुत से पालक निम्न एवं मध्यम वर्ग के आम व्यक्ति थे जिन्होंने बताया कि बच्चों के प्रवेश को लेकर जिन्होंने ऑन लाइन फार्म भरा था परन्तु दो वर्षों से उनके बच्चों का दाखिला ही नही हो पा रहा है उसी प्रकार बहुत से पालक स्कूल परिसर से रोते हुए निकले जो स्थानीय रवि शंकर शुक्ल के ही वार्ड वासी थे उनसे  पूछने पर उन्होंने बताया कि शाला की प्रिंसिपल श्रीमती सूद का व्यवहार किसी भी पालक से शालीनता पूर्वक नही है उन्हें वह हीन भावना से व्यवहार करती है तथा बाहरी वार्डों के वीआईपी कहे जाने वाले सभ्य एवं साधन संपन्न व्यक्तियों के बच्चों को शाला प्रवेश दे दिया गया जबकि स्थानीय वार्ड के पालकों का कथन है कि उनके बच्चों को अब तक प्रवेश नही दिया गया बताते चले कि सरकार ने स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल प्रारंभ किया था तब यह कहा था कि ''अब गरीब के बच्चे भी फर्राटे दार अंग्रेजी बोलेंगे '' परन्तु यहां ठीक उलट हो रहा है यहां गरीब मध्यम वर्गीय स्कूल के छात्र फर्राटे दार  इंग्लिश नही बोल रहे बल्कि अमीर के बच्चे जो पूर्व से ही इंग्लिश स्कूल में पढ़ रहे थे तथा वे ही फर्राटेदार इंग्लिश बोल रहे है क्योंकि प्रायवेट स्कूल जो फाइव स्टार होटल के समान थी तथा यहां कि फीस भी लाखों रुपये की होती थी सरकार द्वारा शिक्षा का व्यवसायीकरण करते हुए ऐसे शाला जो उजाड़ हो चुके थे तथा जिसका कोई पुरसाने हाल नही था उसे रंग रोगन और जीर्णोद्धार कर आधुनिक शाला के रूप में विकसित किया गया तथा जन विरोध मुखर न हो इसके लिए उन्होंने गरीबो और मध्यम वर्गीय छात्र छात्राओं के इंग्लिश पढ़ने का सुअवसर वाला लॉलीपॉप दिखाया ताकि कोई विरोध न हो परन्तु जैसे ही स्कूल की पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार आया समस्त वीआईपी साधन संपन्न वर्ग के छात्र छात्राओं ने यहां कब्जा करना प्रारंभ कर दिया अब जो पूर्व में संचालित बीपी पुजारी हिंदी मीडियम स्कूल थी वह भी इंग्लिश मीडियम वाली नवीनीकरण की भेंट चढ़ गई अब वे गरीब माध्यम वर्ग के छात्र अब तो हिंदी वाली पढ़ाई से भी वंचित हो गए है जबकी शिक्षा विभाग ने यह गाईड लाइन भी जारी कर रखा था कि जिस वार्ड में स्वामी आत्मानंद इंग्लिश माध्यम स्कूल खुले है वहां के वार्ड के बच्चों को प्राथमिकता दी जाएगी परन्तु पं. रवि शंकर शुक्ल वार्ड का स्वामी आत्मानंद बीपी पुजारी इंग्लिश स्कूल पहला एकलौता ऐसा वार्ड है जहां स्थानीय बच्चों को नाममात्र लेकर अन्य क्षेत्र के साधन संपन्न वीआईपी  छात्रों को प्रवेश अधिक दिया गया है इस संदर्भ में राजातालाब नूरानी चौक के कांग्रेस नेता मुमताज हुसैन ने स्थानीय रवि शंकर शुक्ल वार्ड के पार्षद आकाश तिवारी पर यह आरोप लगाया है कि उनके शह पर स्कूल प्रिंसिपल श्रीमती सूद द्वारा स्थानीय वार्ड वासियों के छात्रों को अनदेखा कर प्रवेश नही दे रही है तथा उन्हें किसी भी रूप से प्रताड़ित कर  बाहर का रास्ता दिखा रही है ताकि बाहरी वार्डों के रसूखदार,साधन संपन्न  छात्रों को लिया जा सके ऐसे पिछले दरवाजे से आने वाले छात्रों से कितनी राशि लेकर प्रवेश दिया जा रहा है यह जांच का विषय है श्री हुसैन ने यह भी कहा कि शिक्षा विभाग के अधिकारी यहां अध्यनरत जितने भी बच्चे है उनसे उनका पता पिता का व्यवसाय एवं उनके सामाजिक स्तर की जांच कर सकते है जिसमे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा प्रिंसिपल सूद की भूमिका काफी संदिग्ध है तथा वे पालकों को नाना प्रकार से प्रताड़ित कर पुराने छात्रों को निकालने कुचक्र रच रही है  यही वजह है कि उनका छात्र छात्राओं के पालको से इतना बुरा व्यवहार है कि पालकगण स्कूल से रोते हुए निकल रहे है ज्ञात हुआ है कि उनके इसी व्यवहार के चलते एक पालक लियाकत अली एवं उनकी पुत्री नफीसा अली ने उनके दुर्व्यवहार  का वीडियो बनाना चाहा जिसका भान होने पर उन्हें पुलिस इत्यादि की धमकी देकर धमकाया गया तथा लिखित में ऐसा न करने की बात लिखवाकर रखा गया जबकि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का स्पष्ट आदेश है कि कोई भी शासकीय कर्मचारी आम जनता से दुर्व्यवहार या अपमान जनक तरीके से पेश आता है उसका वीडियो बना कर उन्हें भेजे संलिप्त कर्मचारी पर कार्यवाही की जाएगी परन्तु छत्तीसगढ़ में इस प्रकार की दुर्व्यवहार करने की छूट दी गई है संभावना यह भी जताई जा रही है कि शायद उन्हें राजनीति संरक्षण दिया जा रहा है तभी तो प्रिंसिपल का हौसला इतना अधिक बुलंद है यही नही वीडियोग्राफी किए जाने वाली इसी बात का प्रतिशोध में प्रिंसिपल मैडम द्वारा लियाकत अली के पुत्र वसीम अली को मैथ्स में कम नम्बर आने की बात कहकर मैथ्स सब्जेक्ट वाली क्लास में बैठने नही दिया जा रहा है पालक लियाकत अली का कथन है कि प्रिंसिपल रूम में लगे समस्त स्कूल खुलने से लेकर आज तक कि रिकार्डिंग की छानबीन होनी चाहिए जिससे सच सामने आ सके खुलेआम प्रिंसिपल का कथन है कि मुझे ऊपर से यानी मुख्यमंत्री की तरफ से बैठाया गया है मुझे कोई हटा नही सकता मगर मैं वसीम अली को मैथ्स क्लास में नही बैठने दूंगी ? जबकि ऊपरी पहुंच की आड़ में गरीब मध्यम वर्ग के बच्चों को इस प्रकार प्रताड़ित कर अन्य स्थानों के बच्चों को रख लिया गया  बल्कि उन्हें कम नम्बरों को आधार बनाकर  मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया  यहां तक उन्हें टीसी देने की बात भी कही जा चुकी है लियाकत अली के पुत्र वसीम अली जो गत वर्ष कक्षा दसवीं में सेकेंड डिवीजन आया है उसे प्रिंसिपल द्वारा कॉमर्स में न बैठने का तुगलकी फरमान निकाल दिया जबकि छात्र वसीम अली मैथ्स सब्जेक्ट पढ़ना चाहता है इस संदर्भ में वार्ड पार्षद आकाश तिवारी से बात करने पर उनका मत है कि मैथ्स में पैंतालीस नम्बर आने पर उसे देश का राष्ट्रपति भी मैथ्स में नही बिठा सकता  कथन आशय यह है कि अपत्यक्ष रूप से भी वार्ड पार्षद आकाश तिवारी प्रिंसिपल की ही भाषा मे बात कर रहे हैं यानी अब प्रिंसिपल ही तय करेगी की किस बच्चे को कौन से सब्जेक्ट वाली कक्षा में बैठाना है यह तो मानव अधिकारों का सीधा हनन है कुछ पालक यह भी आरोप लगा रहे है कि साधन संपन्न छात्रों के पालकों से बड़ी रकम लेकर उन्हें प्रवेश दिया जा रहा है तभी तो स्थानीय छात्रों को प्रताड़ित कर छंटनी की जा रही है ताकि लाखों रुपये लेकर संपन्न छात्रों को लिया जा सके जबकि रिपोर्ट लेने गए पत्रकारों के समक्ष ही सेरीखेड़ी स्थित एक प्राइवेट स्कूल के संचालक गाड़ी से उतर कर प्रिंसिपल सूद मैडम से चर्चा कर रवाना हो गए किसी प्रायवेट स्कूल कर्मी का इस तरह आकर चर्चा करना वह भी अनेक सन्देह को जन्म देता है  इसकी पूर्ण पड़ताल कर आगामी अंक में प्रकाशित किया जाएगा परन्तु  इससे यह अनुमान तो लगाया जा सकता है कि स्वामी आत्मानंद बीपी पुजारी स्कूल गरीब मध्यम वर्गीय छात्र छात्राओं के लिए नही बल्कि रसूखदार साधन संपन्न लोगों के लिए निर्माण किया है तथा एक प्रकार से शिक्षा के अधिकार से गरीब मध्यम वर्गीय बच्चों को  सुनियोजित तरीके से वंचित करने की एक साजिश रची गई है अब ऐसे निम्न वर्गीय छात्र छात्राओं के समक्ष पठन पाठन की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है अब वार्ड में न सरकारी स्कूल है और प्राइवेट स्कूल में बडी फीस देकर पढाने की हिम्मत किसी भी गरीब माध्यम वर्गीय व्यक्ति के बस में नही रवि शंकर शुक्ल वार्ड के ही मुन्ना भाई उर्फ मो.हनीफ,,शानू टेलर्स जैसे अनेक पालकगण है जिनके समक्ष अपने बच्चों के  शिक्षा के लिए माथे पर चिंता की लकीर उभर आई है

बुधवार, 13 जुलाई 2022

ग्राम पंचायत तामासिवनी ग्राम सभा मे आय व्यय का लेखा जोखा प्रस्तुत,पूर्व कार्यों की सराहना की गई

  ग्राम पंचायत तामासिवनी  ग्राम सभा मे आय व्यय का लेखा जोखा प्रस्तुत,पूर्व कार्यों की सराहना की गई



रायपुर जनपद पंचायत एवं  विधान सभा अभनपुर के तहत ग्राम तामासिवनी में आज ग्राम सभा का आयोजन कर ग्रामीणों के समस्याओं एवं नवीन कार्यों का लेखा जोखा रखा गया जहाँ सरपंच दीपिका हेमलाल जांगड़े ने नए कार्य योजनाओं के संदर्भ में अपनी बात रखी जिसे उपस्थित गणमान्य पंचगण सहित समस्त ग्राम वासियों द्वारा करतल ध्वनि से स्वागत किया गया

इस अवसर पर इस अवसर पर ग्राम सभा मे पिछड़ी जाति प्रमाण पत्र में नाम जुड़ाने स्वीकृत किया गया साथ ही लंबित कार्यो एवं उसके भुगतान के यथाशीघ्र निराकरण की बात कही गई यही नही महिला भवन निर्माण स्वीकृत के साथ ही ग्राम में सीसी रोड जिसका कार्य द्रुत गति से जारी है शीघ्र पूर्ण होने की जानकारी दी गई इसके अलावा उप स्वास्थ्य केंद्र के जीर्णोद्धार,जाति प्रमाणपत्र बनवाने में पंचायत से पूर्ण सहयोग करने प्रस्ताव पारित किया गया 



श्रीमती दीपिका हेमलाल जांगड़े ने बताया कि टीकाकरण सहित,निर्माण कार्य,विधुत बिल, स्थानीय तालाब साफ सफाई, गहरी करण उसके मुरुम निष्पादन जिसमे दलदली मिट्टी पश्चात निकले मुरुम को स्थानीय गड्ढे नुमा स्थल पर पटाव सहित अन्य मद में होने वाले व्यय की जानकारी प्रस्तुत किया गया जबकि पंचायत को अन्य कर से 50 हजार रुपये प्राप्ति की बात कही गई  वर्ष 2022-23हेतु नवीन कार्यों को लेकर भी चर्चा की गई इस अवसर पर अन्य निर्माण मूलक, शिक्षा,स्वास्थ्य,जल, के  विषय पर भी ग्राम सभा मे जमकर चर्चा किया गया ग्राम सभा में सरपंच दीपिका हेमलाल जांगड़े, ग्राम पंचायत तामासिवनी सचिव, पंचगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे 

मंगलवार, 12 जुलाई 2022

जब सरकार के पंचायत मंत्री ही पॉवर विहीन तो ग्राम पंचायतों का क्या होगा

  जब सरकार के पंचायत मंत्री ही पॉवर विहीन तो ग्राम पंचायतों का क्या होगा 

रायपुर शिक्षा स्वास्थ्य, रोजगार,आवास,मूलभूत समस्याओं जैसे ज्वलनशील सामाजिक मुद्दों का निराकरण एवं उदार नीति के तहत सही मायनों में राजनीति की गाड़ी चल सकती है तथा जो व्यक्ति इसपर नही चलेगा वह बीच मंझधार में थम जाता है उक्त कथन जनपद पंचायत आरंग के ग्राम गोढ़ी के ऊर्जावान,मिलनसार,आकर्षक व्यक्तित्व के धनी गोपाल धींवर  का  है जो अब तक दो बार सरपंच पद पर आसीन रहते हुए जन सेवा का कार्य कर रहे है साधारण परिवार में जन्मे गोपाल धींवर प्रारंभ से ही जन सेवा की अटूट भावना उनके मन मे समाई थी अतएव आम जनता की दबी कुचली आवाज़ को बुलंद करते करते कब उन्हें राजनीति में प्रवेश दिला दिया पता ही नही चला मृदुभाषी, दबे कुचले लोगों को उनके अधिकार की लड़ाई सड़क से लेकर उच्च स्तर पर की बीए ग्रेजुएट गोढ़ी सरपंच गोपाल धींवर की साफगोई राजनीति ने उन्हें छग प्रदेश सरपंच संघ जैसे उच्च पद के अध्यक्ष के रूप में पदासीन कर दिया जो आज ग्राम गोढ़ी के मूलभूत समस्याओं के साथ ही प्रदेश के सरपंचों के अधिकार की लड़ाई भी लड़ रहे है तथा समय समय पर उनकी आवाज़ सड़क से सदन तक पहुंचने कोई कोर कसर नही छोड़ते श्री धींवर का कथन है कि ग्राम का मॉडल उन्हें ऐसा निर्मित करना है जैसे शहर में समस्त सुबिधाये उपलब्ध है वैसे ही ग्राम गोढ़ी में यहां के ग्रामीणों को सुविधा प्राप्त हो इसके लिए उन्होंने बताया कि यहां सर्व प्रथम  शिक्षा और स्वास्थ्य हेतु जोर दिया जा रहा है यहां उच्चस्तरीय शिक्षा संस्थान खोले जाने हेतु विशेष प्रयास किए जा रहे है इसके लिए शासन द्वारा प्रस्तावित जेल निर्माण सबसे बड़ी बाधा बन रही है श्री गोपाल धींवर का कथन है कि जेल निर्माण से यहां का वातावरण अव्यवस्थित हो जाएगा ग्रामीण भी इस निर्माण से प्रसन्न नही है क्योंकि सर्वाधिक क्षेत्र को हरियाली लाने ग्रामीणों ने काफी मशक्कत की है उसके रख रखाव एवं सुरक्षा हेतु अपनी संपूर्ण ऊर्जा लगा दी थी याब उसी हरियाली पूर्ण स्थल पर जेल निर्माण जैसी व्यवस्था शासन यह निर्मित करना चाहती है जो उचित नही है सरपंच गोपाल धींवर का कथन है कि पूर्व से हरियाली युक्त क्षेत्र होने के कारण जो लगभग क्रमशः 85 एकड़ एवं 65 एकड़ भूभाग में विस्तृत है उसे उपवन अथवा ऑक्सिजोन निर्माण कर क्षेत्र को प्रदूषण रहित शुद्ध स्वास्थ्य वर्धक वातावरण निर्मित किया जा सकता है  परन्तु जेल निर्माण जैसा कि अन्य विभाग नवा रायपुर स्थित अटल नगर में हस्तांतरित किए गए है वैसे ही जेल निर्माण भी वही किया जा सकता है बताते चले कि क्षेत्र में   हॉस्पिटल इत्यादि भी संचालित है जहां जेल संचालन से ग्राम गोढ़ी क्षेत्र की व्यवस्था प्रभावित होगी अतएव उन्होंने जेल निर्माण ब्यवस्था नवा रायपुर क्षेत्र में किए जाने की बात कही है वही ग्राम में हायर सेकंडरी स्कूल की मांग लंबे समय से की जा रही है जो अब भी हाई स्कूल में संचालित हो रहा है    उन्होंने आगे बताया कि बसाहट हेतु पृथक भूमि में निर्माण किए जाएंगे वही ग्राम गोढ़ी से सटे बांध खुटेरी को डेवलपमेंट करने अटल ऑक्सीवन हस्तांतरित किया गया हायर सेकेंडरी स्कूल भवन का प्रयास जो अभी तक हाई स्कूल में लग रहा है उसका निर्माण प्राथमिक है परन्तु ग्राम पंचायतों को मिलने वाली राशि मे विलंब के कारण यह अब तक लंबित है



 श्री गोपक धींवर आगे कहते है यहां जेल की जगह मेडिकल या अन्य शैक्षणिक  कॉलेज खोले जाए,,शिक्षा,स्वास्थ्य हेतु वे लगातार आवाज़ उठा रहे है वन संसाधन हेतु यहां भूमि उपलब्ध करा सकते है तो रहने के लिए बसाहट हेतु मानव संसाधन हेतु भूखंड उपलब्ध करवा सकते है इसके मिसाल के तौर पर उन्होंने बताया कि इंदिरा आवास योजना के तहत ग्राम वासियों को  दस एकड़ भूमि पंचायत ने उपलब्ध करवा दिया वे कहते है कि गौठान को ग्रामीण उद्योग के तहत विकसित करने का विचार है स्टेडियम,स्कूल,गार्डन, हेतु यहां भू संसाधन पर्याप्त है शासन का सहयोग पूर्णतः नही मिल पा रहा है ग्राम में शहर जैसी सुविधा मिले जेल जैसे निर्माण से यहां की भगौलिक प्रकृति को क्षति पहुंचेगी यहां पूर्व में 85 एकड़ भूभाग में 40 साल पुराना सन 1983 में लगभग 6000 से ऊपर वृक्ष रोपण किए गए थे जो वन सदृश्य क्षेत्र है परन्तु निरीक्षकों द्वारा बगैर वन क्षेत्र एवं हरियाली का उल्लेख किए जेल निर्माण हेतु प्रस्ताव भेजा गया है जो सीएम भूपेश बघेल जी को भी इसकी जानकारी नही है  अर्थात प्रतिवेदन में 6000 वृक्षों  का उल्लेख कहीं भी नही किया वर्तमान राजनीति परिवेश के संदर्भ में श्री गोपाल धींवर कहते है पूरे प्रदेश में 11664 ग्राम पंचायत है जहां अब तक सरकार नही पहुंच सकी वहां सरपंचों को सही ढंग से शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु राशि लंबित कर दी गई है जिससे ग्राम क्षेत्र का विकास नही हो या रहा है अब सरकार प्रदेश भर के ग्राम पंचायतों में उपस्थिति दर्ज करवा कर चयनित आवेदकों को सामने कर देती है

जिससे पात्र व्यक्ति की बात सरकार के कानों तक नही पहुंच पा रही है एवं जनता में आक्रोश है क्योंकि यदि प्रदेश के ग्राम के ग्रामीण ही प्रसन्न नही है तो भावी चुनाव सरकार के लिए बहुत बड़ी चुनौती बनकर खड़े हालांकि सरपंचों के उत्थान हेतु   19 नवंबर 2021 इंदिरा जयंती के अवसर पर सरकार ने महा सम्मेलन  इंडोर स्टेडियम में रखा था जिसमे बहुत सी घोषणाएं एवं वादे किए गए थे एक वर्ष होने जा रहा है परन्तु एक भी घोषणा पर अमल नही हुआ सरकार को कुंभकर्णी नींद से जगाने प्रदेश सरपंच संघ द्वारा  26 मार्च 2022 में को प्रदर्शन किया गया था परन्तु  उपरोक्त घोषणा के बावजूद वास्तविक धरा पर आज पर्यंत कोई भी घोषणा का अनुपालन नही किया गया इससे सरकार पुनः सत्ता में आएगी उस पर संशय के बादल मंडरा रहे है उन्होंने आगे कहा  क्योंकि जब प्रदेश भर के ग्रामीण क्षेत्रों के पंच सरपंच ही खुश नही जो जमीनी सिपाही माने जाते है तो भला वे ग्रामीणों को जोड़ने कहां तक कवायद करेंगे यह सवाल सरकार के सामने है इस पर उन्हें ही विचार करना है क्योंकि सरकार के पदस्थ पंचायत मंत्री के समक्ष भी स्तपंच संघ अपनी व्यथा लेकर जाते है तो वे स्पष्ट कहते है कि मेरा कोई पावर ही नही है मुझे कोई भी केंद्र द्वारा जनहित में जारी योजना से पृथक कर दिया गया है तथा वह वैसा भी लेप्स हो चुका है तब इस परिस्थिति में राज्य सरकार की भावी स्थिति क्या निर्मित होगी यह सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है 

लोन दिलाने और धोखाधड़ी के कई मामले में शातिर नजमुद्दीन गिरफ्तार

 लोन दिलाने और धोखाधड़ी के कई मामले में शातिर नजमुद्दीन गिरफ्तार

रायपुर धोखधड़ी के मामले में आज सिविल लाइन पुलिस ने एक शातिर बदमाश को गरियाबंद से धर दबोचा जिससे सिविल लाइन पुलिस द्वारा आरोपी से कड़ी पूछ ताछ की गई  जिसके द्वारा बहुत से लोगों को लोन दिलाने के नाम पर ठगी किया जाना बताया गया पकड़े गए आरोपी का नाम नजमुद्दीन खान बताया गया 

 सिविल लाइन टी.आई.सत्य प्रकाश ने बताया कि नजमुद्दीन खान के विरुद्ध वित्त विभाग से जेसीबी दिलाने के नाम पर पांच लाख अट्ठारह हजार रुपये  आवेदक से लिया गया था तथा आवेदक को लोन न दिलाकर  रुपये गबन कर कई दिनों से फरारी काट रहा था सिविल लाइन पुलिस द्वारा सूचना प्राप्त होते ही गरियाबंद दबिश देकर आरोपी नजमुद्दीन खान को उसके निवास से गिरफ्तार कर शून्य में मामला दर्ज किया गया 

 नजमुद्दीन खान के संदर्भ में ज्ञात हुआ है कि वह एक शातिर दिमाग का व्यक्ति है तथा उद्योग विभाग सहित वित्त विभाग में लोगों को लोन दिलाने के नाम पर कई लोगों से लाखों रुपये लेकर  धोखाधड़ी एवं शासकीय रुपये लेकर गबन किया गया  जिसकी पुलिस तफ्तीश कर रही है 


 

सोमवार, 11 जुलाई 2022

वन बल प्रमुख राकेश चतुर्वेदी को छत्तीसगढ़ वनोदय पत्रिका भेंट की

 वन बल प्रमुख राकेश चतुर्वेदी को छत्तीसगढ़ वनोदय पत्रिका की ताजा तरीन अंक भेंट की 


रायपुर छत्तीसगढ़ प्रदेश वन विभाग के मुखिया एवं वन बल प्रमुख श्री राकेश चतुर्वेदी से छत्तीसगढ़ वनोदय पत्रिका के संपादक अलताफ हुसैन द्वारा नव रायपुर अटल नगर स्थित अरण्य मुख्यालय स्थित कार्यालय में सौजन्य भेंट कर छत्तीसगढ़ वनोदय पत्रिका का ताजा तरीन नवीन अंक  भेंट की गई जिसे अवलोकन पश्चात वन विभाग द्वारा भिन्न भिन्न वन मंडलों में मैदानी कर्मचारियों द्वारा कराए गए  विकास परक, कार्यों एवं नरवा प्रोजेक्ट सहित अन्य संबंधित आलेख देखकर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए संपादक द्वय को  शुभकामनाएं दी तथा  उज्ज्वल भविष्य की कामना की  इस विशेष संक्षिप्त भेंट के अवसर पर छत्तीसगढ़ वनोदय पत्रिका के संपादक अलताफ हुसैन ने प्रदेश भर में कैम्पा मद से हो रहे विकास कार्यों एवं नरवा प्रोजेक्ट के कार्यों की जानकारी देते हुए वन विभाग द्वारा वन एवं जल परिवर्तन कार्यों के लिए सुदूर वन क्षेत्रों के भीतर बेहतर प्रयास किए जाने की जानकारी दी  वन बल प्रमुख श्री राकेश चतुर्वेदी साहब से विशेष सौजन्य भेंट के दौरान सह संपादक मज़हर इकबाल विशेष रूप से उपस्थित थे 

शनिवार, 9 जुलाई 2022

आरंग में सचिव दिवस सम्पन्न भर्ती प्रक्रिया व्यापम से किए जाने की मांग

 आरंग में सचिव दिवस सम्पन्न भर्ती प्रक्रिया व्यापम से किए जाने की मांग

आंरग-छग प्रदेश ग्राम पंचायत सचिव दिवस के अवसर पर जनपद पंचायत आरंग के सभा हाल में एक कार्यक्रम विगत दिनों आयोजित किया गया कार्यक्रम में सबसे पहले मुख्य अतिथि अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अवध राम साहू जी हरिश्चंद्र  वर्मा जी ,रायपुर जिला सचिव संगठन के अध्यक्ष श्री अमर धनकर ,जिला सचिव संगठन सचिव चिंतामणी साहू  ,जनपद पंचायत आरंग के ब्लॉक अध्यक्ष सतीश नारंग, रतन चंद्र साहू, द्वारिका यादव,उपस्थित चारो ब्लॉक अध्यक्ष के  द्वारा मां सरस्वती के छाया चित्र माल्यार्पण कर शुभारंभ किया गया । कार्यक्रम की अगली कड़ी में रायपुर जिले के दिवंगत सचिव साथियों को दो मिनट का मौन धारण कर श्रद्धांजलि अर्पित किया गया । पश्चात

राष्ट्रीय  पंचायत पुरस्कार प्राप्त सचिवों को सम्मानित किया पंचायत सचिवों श्री कल्याण डहरिया (आरंग),श्री मोहन साहू(आरंग) ,विष्णु देवांगन (तिल्दा )का श्रीफल ,साल देकर सम्मानित किया गया । वरिष्ठ सचिव साथी शिवकुमार वर्मा (तिल्दा ) को भी सम्मानित किया गया । रायपुर जिला अध्यक्ष अमर धनकर द्वारा सचिव के शासकीय करण, एवम सहायक विस्तार अधिकारी के पद हेतु 50 प्रतिशत पदो पर सचिवों को सीधी भर्ती के माध्यम से ए डी ई ओ पद  हेतु व्यापम से भर्ती में प्राथमिकता दिए जाने का निर्णय के मांग  शासन से किया गया भर्ती प्रक्रिया के पूर्व सभी सचिव हित में मांग पहुंचने की बात रखी। मंच संचालन भगवान दास खुटे द्वारा व्यक्त किया एवम आभार व्यक्त सतीश नारंग द्वारा किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से रायपुर जिले समस्त  408 सचिव साथी गण उपस्थित होकर हर्ष उल्लास के साथ मनाया गया।

रविवार, 26 जून 2022

इमरान सुपर मेलोडी वॉइस संस्था का सिल्वर जुबली कार्यक्रम में दर्शक झूमे

इमरान सुपर मेलोडी वॉइस संस्था का सिल्वर जुबली कार्यक्रम में दर्शक झूमे
रायपुर रविवार को नए पुराने गीतों की क्रम बद्ध श्रृंखला के तहत गीत संगीत प्रेमियों को इमरान सुपर मेलोडी वॉइस ग्रुप के माध्यम से बेहतरीन सदाबहार नए पुराने फिल्मी गीतों को सुनने का अवसर मिला जिसे सुन कर दर्शक लगभग पांच घण्टे तक देवेंद्र नगर स्थित बालाजी स्कूल में जमे रहे 
और हर गीतों में झूम कर लुत्फ उठाया लगभग उन्तीस गायकों की लंबी फेहरिस्त में एक से बढ़कर एक गायकों ने अपने अंदाज में रफी,लता मुकेश,किशोर,मन्ना डे,बालसुब्रमण्यम, अनुराधा पौडवाल,कविता कृष्णमूर्ति, कैलाश खेर,पंकज उधास,सहित सुप्रसिद्ध फिल्मी गायक,गायिकाओं की आवाज़ को सुजीत यादव,अन्नू धवले, सानिया अली,कमल बड़वानी,शकील खान,मोहम्मद अली,आस्था भट्ट,जितेंद्र भाई, सहित अन्य प्रतिभागियों ने अपनी दिलकश आवाज़ में गीतों को गाया संगीत संध्या के प्रायोजक एवं इमरान सुपर मेलोडी वॉइस के डॉयरेक्टर इमरान खान ने बताया कि लगभग उनतीस कलाकारों का चयन फ्री ऑन लाइन के माध्यम से किया गया जिनमे प्रतिभाशाली गायक कलाकारों का अवसर दिया गया डॉयरेक्टर इमरान खान ने बताया कि यह सिल्वर जुबली, कार्यक्रम था जिसमे बहुत सी नई प्रतिभाओं को अवसर दिया गया जिन्होंने अपनी गायकी से श्रोताओं का भरपूर  मनोरंजन कर झूमने विवश कर दिया कार्यक्रम में कलाकारों का उत्साह वर्धन हेतु,कराओके, गीत संगीत प्रेमी  विशेष रूप से बड़ी संख्या में उपस्थित थे