बुधवार, 24 मार्च 2021

जमीन से जुड़ा और बढ़ते कदम संस्था में समाज सेवा का दैदीप्यमान सितारा - सुनील छतवानी

 जमीन से जुड़ा और बढ़ते कदम संस्था में समाज सेवा का दैदीप्यमान सितारा - सुनील छतवानी 



रवि. के. गुरबक्षाणी

दुनिया मे बहुत कम ऐसी शख्सियतें पाई जाती है जो अपना लक्ष्य लेकर चलती हैं , परिस्थितियां अनुकूल ना हो तब भी विचलित नहीं होती है । सुनील छतवानी ऐसी ही एक मिसाल है जो वर्षों तक कांग्रेस के लिए समर्पित रहे हैं । उन्होंने अपने वक्त का इंतज़ार किया और तब तक निरन्तर सेवा कार्य मे लगे रहे । जैसे ही समय पक्ष में आया उन्हें इसका प्रतिफल भी मिला । सुनील छतवानी को एल्डरमैन के पद पर सुशोभित किया गया । जिसके हकदार वे वर्षों से थे । 

सुनील छतवानी का राजनैतिक सफर किसी फिल्मी कहानी जैसा दिलचस्प और संघर्ष से भरा पड़ा है । बहुत छोटी उम्र से वो सेवा कार्य के लिए मन बना चुके थे । उनके लिए कांग्रेस पार्टी सही लगी और उन्होंने विधिवत सदस्यता ग्रहण की । उत्तर विधानसभा क्षेत्र के लिए वे तन मन धन से समर्पित हो गए । विधायक कुलदीप जुनेजा जी के वे विश्वसनीय कार्यकर्ता है । जुनेजा जी के लिए सुनील की कड़ी मेहनत उल्लेखनीय है । यही कारण है कि जुनेजा जी ने उन्हें एल्डरमैन बनाने की बात कही थी और ये वादा उन्होंने पूरा भी किया ।

सुनील छतवानी समाज सेवा कार्य मे गहरा दखल रखते हैं । बढ़ते कदम संस्था में वे वृद्धा आश्रम के प्रभारी हैं और 6 वर्षों से यह दायित्व निभा रहे हैं । संस्था के हर पुनीत कार्य मे वे पूरी तन्मयता से भागेदारी निभाते हैं । अपने सेवा कार्य मे वे अपनी प्रेरणा बढ़ते कदम संस्था के संस्थापक स्व. अनिल गुरु जी को मानते हैं । 

सुनील का कहना है गुरुजी चाहते थे संस्था का एक सदस्य किसी भी पार्टी में सक्रियता निभाए जिससे सेवा कार्य का क्षेत्र बड़ा हो सके । उनका सपना मैं एल्डरमैन के रूप में पूरा कर पाया मुझे इसकी खुशी है और यह मैं गुरुजी को समर्पित करता हूं ।

सेवा कार्य मे सुनील लगातार 15 वर्षों से सक्रिय है । उनके दर से कोई खाली हाथ नहीं जाता है । सुनील ने काफी संघर्ष के दिन देखे हैं । गरीबी देखी है । उसका मुकाबला किया और आज खुश है । 

कांग्रेस पार्टी के लिए वे ताउम्र लगे रहेंगे । उनके पापा बीजेपी में सक्रिय सदस्य थे और निर्दलीय के रूप में एक चुनाव भी लड़ चुके हैं । राजनीति में उन्हीं की प्रेरणा से सुनील आये हैं ।

रविवार, 21 मार्च 2021

जनता की सेवा करना मुख्य उद्देश्य - सन्ध्या नानू ठाकुर*

 

*जनता की सेवा करना मुख्य उद्देश्य - सन्ध्या नानू ठाकुर*

पार्षद / डॉ राजेन्द्र प्रसाद वार्ड क्रमांक 52

राजनैतिक सफर में पहला पड़ाव हमेशा चुनौती भरा होता है यह सर्वविदित है । बहुत कम लोग अपनी पहली पारी में ही हुनर दिखा पाते है । ऐसे ही सहज सरल व्यवहारिक, व्यक्तित्व की धनी और  मालिक है डॉ राजेन्द्र प्रसाद शुक्ल वार्ड के पार्षद नानू ठाकुर जी जो पार्षद के रूप में वार्ड क्रमांक 52 से अपनी श्रीमती संध्या ठाकुर जी के साथ निरन्तर सकारात्मक रूप से जनसेवा कर रहे हैं ।

लगातार 20 वर्षों से कांग्रेस पार्टी से जुड़े नानू ठाकुर जी समर्पित कार्यकर्ता रहे हैं । पार्षद चुनाव के समय उन्होनें अपनी दावेदारी पेश की थीं किंतु वार्ड महिला वर्ग के लिए सुरक्षित होने के कारण अपनी श्रीमती संध्या ठाकुर जी का नाम निर्दलीय के रूप में सामने लाए ।

निर्दलीय पार्षद के रूप में चुनाव लड़ने का माद्दा आसान नहीं होता है क्योंकि पार्टी विशेष का चुनाव चिन्ह अलग पहचान रखता है । इस संदर्भ में श्री नानू ठाकुर कहते हैं पार्षद चुनाव में व्यक्ति विशेष का विशेष महत्व होता है । उनका व्यवहार कार्यकर्ता के रूप में सक्रियता मायने रखती है । यही वजह है कि उन्होंने निर्दलीय के रूप में भी चुनाव लड़ने का मन बनाया ।


हालांकि जब उनसे पूछा गया कि आपका वार्ड बीजेपी का वार्ड माना जाता है यहां से लगातार बीजेपी के पार्षद जीतते रहे हैं फिर भी आपने यही से चुनाव लड़ने का मन बनाया ? इस पर उन्होंने कहा

कोई भी चुनौतीपूर्ण कार्य करने में जो मज़ा है वो आसान काम करने में कहां है । मैंने लम्बा समय इस वार्ड में दिया है और यथासंभव लोगो से जुड़ा रहा हूँ उनके सुख दुख में शामिल रहा हूँ । यही कारण है कि जनता ने अपना आशीर्वाद दिया है ।
जनता की सेवा करना हमारा मुख्य उद्देश्य है प्रदेश में चल रही तमाम राज्य सरकार की योजनाओं का फायदा जनता जनार्दन को मिले । ज्यादा से ज्यादा वर्ग इन जन कल्याणकारी योजनाओं से लाभवन्तित होए शुरू से मैंने इस बात का ख्याल रखा है । वार्ड के चौतरफा विकास करना चाहता हूं ।श्री सत्यनारायण शर्मा जी मेरे राजनैतिक गुरु है आइडियल है उन्हीं की छत्रछाया में मैं कार्य करता हूँ । कांग्रेस पार्टी के वे सीनियर नेता है । दरअसल वे जब चुनाव लड़ते हैं तो सिर्फ वे ही चुनाव  लड़ते है कांग्रेस पार्टी द्वितीय हो जाती है । ऐसा विराट व्यक्तित्व है उनका । सत्यनारायण जी के सहयोग से ही अपने वार्ड का विकास कर पा रहा हूँ उन्हीं का मार्गदर्शन मिलता है ।

मेरा सपना था जब भी हो अपने वार्ड वासियों के स्वास्थ्यगत दृष्टिकोण  को ध्यान में रखते हुए हॉस्पिटल बनाने में पूरी ताकत लगाऊ ।वार्ड में स्कूल और सामुदायिक भवन भी प्राथमिकता के रूप में शामिल है । परमात्मा की दया से इंग्लिश मीडियम स्कूल बहुत जल्द अगले सेमेस्टर से स्टार्ट हो जाएगा ।

माननीय मुख्यमंत्री जी के गोठान कार्यक्रम योजना के अंतर्गत वार्ड की 15 महिला को रोजगार मिला है । हम महिलाओं के लिए और योजनाबध्द तरीके से रोजगार मुहैया कराने की कोशिश करेंगे ।बहुत जल्द वार्ड में लाइब्रेरी की योजना भी लाएंगे । बच्चों की पढ़ाई को बढ़ावा मिलेगा ।

नेकी की दीवार अपना गार्डन मेन रोड अमलीडीह के पास है,
और मोहल्ला क्लिनिक जोन आफिस के सामने ,पूर्व में मुख्यमंत्री वार्ड कार्यालय, वर्तमान में पार्षद कार्यालय जिसे मोहल्ला क्लिनिक बनाया गया हैं। यह वार्ड की विशेषता रही है ।

कांग्रेस के पिछड़ने में सक्रिय कार्यकर्ताओ की कमी है यहां हर कार्यकर्ता स्वयं को नेता समझता है । बस यही चूक हो जाती है लेकिन मेरा विश्वास है कांग्रेस पार्टी अपना पुराना मुकाम हासिल कर लेगी ।
* अरुणा आदिले
*निशा चंचलानी

शुक्रवार, 19 मार्च 2021

छग वन विकास निगम के तूता नर्सरी से 47 बोरी खाद चोरी तो राजनांदगांव में 5 वर्षों में खाद ही नही खरीदी- तो मुख्यालय द्वारा स्वीकृत करोड़ों की राशि का क्या किया

 छग वन विकास निगम के तूता नर्सरी से 47 बोरी खाद चोरी तो राजनांदगांव में 5 वर्षों में खाद ही नही खरीदी- तो मुख्यालय द्वारा स्वीकृत करोड़ों की राशि का क्या किया 




अलताफ हुसैन की रिपोर्ट

रायपुर (फॉरेस्ट क्राइम न्यूज़) छग राज्य वन विकास निगम के तूता नर्सरी में एक बहुत ही चौकाने वाला मामला सामने आया है इसमें लगभग 47 बोरी रसायनिक डी पी सी खाद चोरी चला गया मजेदार बात यह है कि चोरी सुरक्षा श्रमिकों के रहते हुए हुआ है इसके लिए नया रायपुर के परियोजना अधिकारी रेंजर ऋषि शर्मा एवं दो अन्य के द्वारा जांच की गई थी वह भी बगैर वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में लिए जांच की गई और नतीजा सिफर रहा अर्थात कोई भी दोषी कर्मचारियों के ऊपर कोई भी वैधानिक कार्यवाही नही की गई और मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया इस संदर्भ में कुछ सुरक्षा श्रमिकों के इसमें संलिप्तता होने की आशंका बाहर आ रही है  जिसमे कुल मिलाकर मामले की लीपा पोती की बात कही जा रही है 

 संपूर्ण विवरण के अनुसार दिनांक 06/01/2021/ को नया रायपुर स्थित तूता नर्सरी में स्थित चेंबर में लाखों रुपये  डीएपी,यूरिया,रसायनिक खाद क्रय कर रखी गई थी जिसमे विगत माह तक लगभग 47 बोरी खाद चेंबर के पीछे की खिड़की तोड़कर चोर द्वारा चोरी कर लिया गया  मामले का खुलासा होने पर इसकी जांच नया रायपुर एवं तूता नर्सरी प्रभारी राधेश्याम साहू फील्ड ऑफिसर रूपेश कुमार टण्डन एवं नवा रायपुर के रेंजर ऋषि शर्मा द्वारा  छानबीन की गई ज्ञात हुआ है कि यह समस्त जांच उच्च अधिकारियों के बगैर संज्ञान में लिए किया गया  तथा सुरक्षा श्रमिक राजेन्द्र बैस हेमन्त बैस,मेहतरु बैस, संजय बैस,नितेश पटेल द्वारा 47 बोरी डी ए पी खाद चोरी करना पाया गया जिसे आरोपियों द्वारा बिसेन पटेल नामक व्यक्ति के पास एक हजार रुपये प्रति बोरी के हिसाब से बेचा जाना भी स्वीकार किया गया फिर भी तीनों जांच कर्ता वन विकास निगम कर्मचारी उपरोक्त आरोपियों के विरुद्ध कोई वैधानिक कार्यवाही न करके मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जिसकी वजह से विभाग में तीनों कर्मचारियों के कार्यवाही को लेकर शक की उंगली उठाई जा रही है यही नही तूता नर्सरी से बहुत से पुराने पोल, फेंसिंग तार एवं पंप इत्यादि भी चोरी गए है जिसकी अब तक वरिष्ठ अधिकारियों को तनिक भी आभास नही है इस संदर्भ में ज्ञात हुआ है कि सेक्टर 24 में छग राज्य वन विकास निगम द्वारा एक बड़े भूभाग में प्लांटेशन करवाया गया है जहां पर सामने में नए सीमेंट पोल लगा दिया गया वही भीतर एवं पीछे में पुराने सीमेंट पोल और फेंसिंग तार लगे है अब सन्देह व्यक्त किया जा रहा है कि कहीं ये तुता नर्सरी से गायब सीमेंट पोल एवं गायब हुए फेंसिंग तार तो नही ? क्योंकि यह भी ज्ञात हुआ है कि सेक्टर 24 के संपादित किए वृक्षारोपण  प्लांटेशन में डाले जाने हेतु रसायनिक डीएपी खाद का क्रय छग वन विकास निगम द्वारा उपरोक्त बड़े भूभाग में संपादित प्लांटेशन हेतु किया गया था परन्तु देखा यह जाता है कि केवल प्लान्टेश के समय ही पॉलीथिन ट्री बैग में ही दस से पंद्रह ग्राम की मात्रा में यूरिया डीएपी रसायनिक खाद डाला जाता है पश्चात प्रति वर्ष किए जाने वाले उपचार में निंदाई,गुड़ाई, गाला, इत्यादि बनाकर रिप्लेसमेंट कार्य यानी पुनः वृक्षारोपण कार्य किया जाता है जिसमे प्रथम,द्वितीय एवं तृतीय वर्ष में पौधे सहित खाद का उपयोग होता है परंतु अमूमन देखा यह जाता रहा है कि प्लांटेशन कार्य होने के पश्चात संबंधित परियोजना अधिकारी कर्मचारी बड़ी मात्रा में यूरिया,डीएपी रसायनिक खाद की अफरा तफरी कर देते है यानी एक प्रकार से स्थानीय कृषकों एवं खाद क्रेताओं को औने पौने दाम पर क्रय कर दिया जाता है इससे छग वन विकास निगम को बड़े राजस्व की हानि होती है जबकि  निगम द्वारा लाखों करोड़ों रुपये व्यय कर यूरिया, डीएपी रसायनिक  खाद क्रय किए जाते है इसका एक जीवंत उदाहरण ही है कि  विगत माह तूता नर्सरी से सुरक्षा श्रमिकों की उपस्थिति में खाद की बोरियां  चोरी हो गए  वही  सवाल उठाया जा रहा है कि जो स्वयं नर्सरी के सुरक्षा में तैनात सुरक्षा कर्मी थे उन्होंने किसके कहने पर चोरी की है और यदि स्वयं तीनो जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारियों द्वारा  इसकी पड़ताल की गई तो वरिष्ठ अधिकारियों के बगैर संज्ञान में लाए इन पर वैधानिक कार्यवाही क्यो नही की गई औऱ मामले को क्यो ठंडे बस्ते में डालकर दबा दिया गया ?  इसमें एक बहुत बड़ी मिली भगत कर गड़बड़ी करने का षड्यंत्र की बू आ रही है ताकि मामला और उजागर न हो जाए ? गौर तलब है कि वन विकास निगम में खाद क्रय से लेकर हेराफेरी कर गड़बड़ी करने का यह कोई पहला मामला नही है इसके पहले भी अनेक परियोजना मण्डलों में खाद  क्रय में कमीशन खोरी से लेकर फील्ड अफसरों द्वारा आसपास के किसानों को सैकड़ों बोरी  रसायनिक खाद की अफरा तफरी कर दी जाती रही है यही वजह है कि प्लान्टेशनों में पौधे लगाने के पश्चात समय समय पर की जाने वाली उपचार व्यवस्था के अंतर्गत  पौधों में गाला बनाने से लेकर दवा,खाद देने के दोबारा उपचार नही किया जाता परिणामतः पानी दवा के अभाव में कई पौधे मर जाते है और द्वितीय,तृतीय वर्ष में उपचार हेतु मिलने वाली राशि को परस्पर बंदरबांट कर लिया जाता है वही दूसरा उदाहरण छग वन विकास निगम के पानाबरस परियोजना मंडल में भी देखने को आया है यहां पर गत माह दिनांक 05/02/2021/ को पत्र क्रमांक291-92 -सु.का.अ.के माध्यम से 1 जनवरी  2016 से 30 दिसंबर वर्ष 2020 तक खाद मिट्टी, रेती,गिट्टी,पौधे क्रय, का  भुगतान के स्वीकृत दर की कॉपी सहित बिल बाउचर की सत्यापित छाया प्रति की जानकारी मांगी गई थी जिसके प्रत्युत्तर में छग वन विकास निगम पानाबरस परियोजना मंडल कार्यालय के पत्र  क्रमांक/वविनि /नि.स. /2021/4450/ के दिनांक 09/03/2021/के माध्यम से यह जानकारी दी गई कि 01 जनवरी वर्ष  2016 से 30 दिसंबर 2020 तक निर्धारित 5000 या इससे अधिक का भुगतान  नही किया गया जिसमे खाद  पौधे क्रय, रेती,गिट्टी इत्यादि भी सम्मिलित बताया गया  है जबकि निगम मुख्यालय नया रायपुर  से यह ज्ञात हुआ है कि विगत वर्ष ही लगभग बीस लाख रुपयों की केवल खाद  क्रय पानाबरस परियोजना मंडल में किया गया जबकि ज्ञात तो यह भी हुआ है कि वर्ष 2019 के फरवरी माह में ही करोड़ों के ऐतिहासिक बिल भुगतान किया गया था उक्त क्रय किए गए खाद  जिसका भुगतान ग्रामीण  सहकारी दर से किया गया अब यह ग्रामीण सहकारी दर का भुगतान वास्तव में कोई निर्धारित दर है या इसमें भी कमीशन खोरी की गई है यह जानकारी तभी सामने आती जब इसके बिल बाउचर,या कैशबुक की छाया प्रति उपलब्ध कराई जाती वही वर्ष 2017-18 में नवीन पानाबरस कार्यालय का नव निर्माण लगभग 64 लख रुपये में  किया गया था जिसमे बड़ी मात्रा में रेती गिट्टी, का भुगतान,ठेकेदार, पेटी ठेकेदारों को किया गया  क्या उक्त भुगतान भी बगैर बिल बाउचर लिए दिए, कर दिया गया ? विगत वर्ष पूर्व बीस लाख  खाद क्रय किया गया क्या उसका भुगतान भी क्रेता या उपयोग कर्ता  ठेकेदार द्वारा मांगे गए सामानों की संख्या,ट्रक में लाए गए खाद बोरी की संख्या बताए  बगैर, तथा उसका बिल,बाउचर प्रस्तुत किए बगैर भुगतान कर दिया गया ? उल्लेखनीय है कि राजनांदगांव के पानाबरस परियोजना मंडल के अंतर्गत कुछ नर्सरी भी है जहां पॉलीथिन बैग में रूट सूट सहित बीज के माध्यम से पौधे प्रसंस्करण कार्य किए जाते है जहां पर अनिवार्यतः खाद का उपयोग अवश्य किया जाता है फिर किस आधार पर  उपरोक्त मांगी गई जानकारी में निर्धारित दर की राशि के ऊपर हुए भुगतान के बिल बाउचर,कैशबुक की प्रति आवेदक को उपलब्ध नही कराई गई ? इससे ज्ञात होता है कि खाद क्रय से लेकर रेती,गिट्टी,इत्यादि में बहुत बड़ा खेल और भ्रष्टाचार किया गया है जिसके बिल,बाउचर,कैशबुक  देने पर कार्यों में अनियमितता, गड़बड़ घोटाला,और भ्र्ष्टाचार का भंडाफोड़ होने का भय है यही वजह है कि आवेदक को जानकारी देने के बजाए भुगतान न होना बताकर निरंक पत्र जारी कर दिया गया और खाद खरीदी से लेकर अन्य सामाग्रियों में कमीशन खोरी गड़बड़ घोटाला में पर्दा डालने का कुत्सित प्रयास किया गया है सवाल यह भी उठता है कि जब  छग राज्य वन विकास निगम निगम द्वारा प्रति वर्ष केवल खाद खरीदी के नाम पर समस्त परियोजना मण्डलों के नाम करोड़ों का बजट पारित करता है तो राजनांदगांव पानाबरस परियोजना मंडल कार्यालय द्वारा विगत पांच वर्षों में खाद क्रय के नाम पर कोई भुगतान नही किया जाने पर स्वीकृत बजट राशि जाती कहां है ? इसका आशय स्पष्ट है कि प्राप्त स्वीकृत समस्त राशि से नाममात्र का खाद क्रय कर शेष राशि कमीशनखोरी, और गड़बड़ घोटाला कर  भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाती है






सिंचाई की कोई व्यवस्था नही प्लांटेशन के पेड़ पौधे अभी से सूखने लगे


 छग वन विकास निगम को चारागाह समझने वालों को यह भी सुध नही की वर्तमान में ग्रीष्म ऋतु का आगाज हो रहा है परंतु अभी तक पानी सिंचाई व्यवस्था के नाम पर भी कोई व्यवस्था दिखाई नही दे रही है या फिर सिंचाई हेतु टेंडर निकाल कर लगाए गए पौधों,प्लान्टेशनों को जीवित रखने विभाग की कोई खास रुचि नही दिख रही है सब प्लान्टेशनों को केवल भगवान भरोसे छोड़ दिया गया उदाहरण के लिए आक्सिजोन  को ही देख लिया जाए तो वहां की स्थिति बाद से बदतर हो चुकी है  वहां पेड़ पौधों के मध्य उग आए बड़े बड़े खरपतवार इसकी शोभा को समाप्त कर रहे है हालांकि बताया यह जा रहा था कि स्मार्ट सिटी अंर्तगत बनाए गए आक्सिजोन को स्मार्ट सिटी को सौंप दिया जाएगा परन्तु अब तक ऐसा कुछ दिखता नही है ज्योंकि अब भी  कुछ  कर्मचारी निगम के ही कार्यरत है कर्मचारियों के अभाव में यहां की स्थिति बहुत ज्यादा जर्जर हो चुकी है बीस एकड़ भुभाग के वृहद स्तर पर फैले  लगभग बीस करोड़ की राशि से निर्मित आक्सिजोन की स्थिति एक वर्ष में ही दयनीय हो चुकी है प्रदेश की संस्कृति को उकेरने के उद्देश्य से लाखों रुपयों से निर्मित बांस के हट अपनी दशा पर आंसू बहा रहे है तालाब में निर्मित फौव्वारे के बिजली उपकरण औंधे हो चुके है पानी की व्यवस्था ऎसी कि पाइप  से टपक पद्धति का समुचित लाभ भी पौधों को नही मिल पा रहा है जगह जगह से पाइप उखड़ चुके है एक वर्ष में ही इसकी वैभवता क्षीण होती जा रही है श्रमिको का अलग से टोटा बना हुआ है एक प्रकार से छग वन विकास निगम में कार्य के नाम पर कुछ नही हो रहा है बल्कि सेवानिवृत्त  पूर्व एम डी राजेश गोवर्धन और निगम की पूर्व आरजीएम मैडम सोमादास ने छग वन विकास निगम को करोड़ों रुपयों का चूना लगाकर   आकूत संपतियां अर्जित कर अपने अपने राह निकल चुके है  अब नए प्रबन्ध संचालक केवल बचे खुचे कार्यों को ही पूरा कर रहे है बाकी नया कुछ करने को वन विकास निगम में अभी टाइम लगेगा फिर भी यह चिंता का विषय है कि  प्रति वर्ष राज्य सरकार को लाभांश राशि के रूप में एक बहुत बड़ी राशि छग वन विकास निगम देता आ रहा है वह अब चालू वित्तीय वर्ष में कितनी राशि देता है देखना होगा ? या कोरोना के प्रकोप से निगम भी अब तक उभर नही पाया है ?

शनिवार, 6 मार्च 2021

लेनदेन को लेकर अपहरण का प्रयास पीड़ित को फंसने पिछली सीट पर रिवाल्वर रख पुलिस को सूचना दी-25 आर्म्स एक्ट का मामला पंजीबद्ध

 लेनदेन को लेकर अपहरण का प्रयास पीड़ित को फंसने पिछली सीट पर रिवाल्वर रख पुलिस को सूचना दी-25 आर्म्स एक्ट का मामला पंजीबद्ध

अल्ताफ हुसैन 

रायपुर (फॉरेस्ट क्राइम न्यूज़) राखी थाना नवा रायपुर अटल नगर  के अंतर्गत एक  व्यक्ति को सरकारी पीपीई किट सप्लाई करने तथा अधिकारी से मिलवाने की बात कह कर एक अन्य व्यक्ति द्वारा साजिश कर देसी कट्टा पिछली सीट में रख पुलिस को सूचना दी गई  तथा अपहरण का प्रयास कर उसे उठा कर जबरन ले जाने लगे  पीड़ित द्वारा मदद की गुहार लगाने पर अपहरण कर्ता फरार हो गए मौके पर उपस्थित राहगीरों द्वारा  112 को डायल कर सूचना दी गई वही पीड़ित को राखी थाना लाया गया जहां उसकी गाडी चेक करने पर पिछली सीट पर अपहरणकर्ताओं द्वारा छोड़ी गई रिवाल्वर जप्त किया गया और पीड़ित को ही कट्टा रखने के जुर्म में 25 आर्म्स एक्ट की धारा लगा दिया गया  इस संदर्भ में  पीड़ित हैदर अली द्वारा राखी पुलिस को बारबार अपने अपहरण की सूचना देने के बावजूद किसी प्रकार की कोई लिखित रिपोर्ट साजिश कर्ता के विरुद्ध पुलिस द्वारा नही लिखी गई इससे पुलिस की कार्यशैली पर उंगली उठ रही है तथा पीड़ित हैदर अली पर ही आर्म्स एक्ट के तहत कार्यवाही की जो कट्टा जब्त किया गया वह बिल्कुल खाली बताई गई   घटना कल शाम चार से पांच बजे के बीच  का बताया जाता है वही एक पक्षीय कार्यवाही में राखी पुलिस की असंवेदनशीलता भी सामने आई है पीड़ित को कल शाम से  अपने घर या वकील को मोबाइल से सूचना देने तक नही दिया गया जिसकी वजह से उसके घर वाले अनिष्ट होने की आशंका से जूझते रहे पुलिस की इस एक पक्षीय कार्यवाही से पीड़ित को मानसिक शारीरिक रूप से प्रताड़ित होना बताया गया  नवा रायपुर स्थित राखी पुलिस एवं  पीड़ित से मिली जानकारी के अनुसार संपूर्ण विवरण कल शाम 5 बजे के बाद कि बताई जा रही है जिसमे पीड़ित हैदर अली को निजाम खान उम्र 52  वर्ष मूल  गरियाबंद वर्तमान निवासी रायपुर  द्वारा अपने दो साथियों के साथ नवा रायपुर मंत्रालय में किसी अधिकारी  से पीपीई किट दिलाने के नाम पर पैसे देने की बात कह कर बुलाया तथा अधिकारी से  मिलाने की बात कहकर लगभग तीन से चार घण्टे तक हैदर के साथ उसकी ही गाड़ी में घूमता रहा यहां तक नया रायपुर के अंधेरे सड़कों में घूमाने के बाद वह अपनी गाड़ी में बैठ कर चला गया  इस दरमियान वह लगातार मोबाइल पर गरियाबंद पुलिस को लोकेशन देता रहा कुछ देर पश्चात दो तीन युवक पहुंच कर उसे जबरन उठाकर ले जाने लगे अपहरण की आशंका पर पीड़ित ने शोर मचाना शुरू किया तब कुछ राहगीरों ने 112 को फोन कर सूचना दी गई  तब मौका स्थल पररायपुर  पुलिस टीम पहुंची  बगैर ड्रेस के युवकों द्वारा पीड़ित के गाड़ी को थाने ले जाया गया तथा स्वयं को गरियाबंद पुलिस होना बताया सवाल उठता है कि क्या गरियाबंद पुलिस बगैर उपस्थिति पत्र एवं   सूचना दिए  दूसरे जिले में कार्यवाही कर सकती है? निजाम खान रायपुर पुलिस को सूचना देने के बजाए गरियाबंद पुलिस को गाड़ी में बैठ कर लोकेशन क्यों दे रहा था ? जबकि हैदर अली रायपुर निवासी को लेनदेन का हवाला देकर बुलाने वाले निजाम खान जो उद्योग विभाग में कार्यरत था तथा आर्थिक गड़बड़ घोटाले में उसे विभाग से बर्खास्त कर दिया गया उसके नाम को पुलिस को बताने के बावजूद  रिपोर्ट में उसका नाम दर्ज क्यो नही किया गया ?तथा हैदर अली के द्वारा थाने में निजाम के नाम बताने पर भी उसका कहीं उल्लेख  न करते हुए केवल हैदर अली पर ही कार्यवाही की गई ? इससे ज्ञात होता है कि निजाम खान जो स्वयं गरियाबंद निवासी है उसके द्वारा ही पुलिस को अपने  साजिश में शामिल कर उसे फंसाने के कुत्सित षड्यंत्र रचा गया जबकि पीड़ित हैदर अली के द्वारा यह भी आशंका  व्यक्त की जा रही है कि पिछली सीट में बैठे निजाम खान  के द्वारा ही पुराने लेन देन के मामले को लेकर ही साजिश के तहत उसे फंसाया गया उसने सवाल खड़ा किया कि जब चार घण्टे तक निजाम खान द्वारा कथित अज्ञात अधिकारी से मिलाने की बात कह कर उसे नवा रायपुर घुमाया जा रहा था तब राखी थाने की पुलिस को गाड़ी में रखे कट्टा की मुखबिर से सूचना क्यों नही मिली ? निजाम खान के जाते ही पीछे से जो सिविल ड्रेस में पुलिस कर्मी जो स्वयं को गरियाबंद पुलिस बता रहे थे जिनके शरीर पर न कोई ड्रेस था और न ही उनके पास कोई बैज या नाम पट्टिका थी फिर भी वे स्वयं को गरीयाबंद  पुलिस बता रहे थे उन्हें फिर रायपुर अर्थात दूसरे जिले में कट्टा होने की जानकारी कैसे हुई ? इसके पीछे बहुत बड़ी साजिश होना पीड़ित हैदर अली ने बताया उसने यह भी कहा  कि उसे अपहरण कर जान से मारने की साजिश निजाम खान द्वारा रचा गया था यही कारण है कि बार बार पुलिस को उसके बारे में बताने  के बावजूद उसके नाम तक को रिपोर्ट मे अंकित नही किया उसने यह भी बताया कि निजाम खान और उसका दोनों का मोबाइल लोकेशन ट्रेस कर भी वस्तुस्थिति ज्ञात किया जा सकता है परंतु पुलिस द्वारा केवल मुझे ही आरोपी बना दिया जबकि अंधेरे में उसे बार बार ले जाने का प्रयास कथित निजाम खान द्वारा किया जाता रहा परन्तु अनिष्ट आशंका के मैने उधर जाना उचित नही समझा  उसने यह भी बताया केवल उसे ही टारगेट कर आरोपी बनाने का प्रयास किया गया उनके द्वारा अपहरण की नाकाम कोशिश करने वाले निजाम खान द्वारा पिछली सीट के नीचे कट्टा रखकर षड्यंत्र के तहत उसे  फंसाया गया है फिलहाल राखी थाना पुलिस ने  25 आर्म्स एक्ट के तहत हैदर अली पर कार्यवाही की है  वही मुख्य  साजिश कर्ता निजाम खान एवं दो अन्य साथी मोबाइल बन्द कर फरार है   हैदर अली संपूर्ण घटना की लिखित जानकारी गृह मंत्री सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारीयों को देने की बात  कही है बताते चलें कि मुख्य आरोपी निजाम खान उद्योग विभाग में शासकीय कर्मचारी था तथा आर्थिक अनियमितता और गड़बड़ घोटाला, भ्रष्टाचार में संलिप्तता के कारण उसे विभाग से हटा दिया गया है पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है

बुधवार, 3 मार्च 2021

वरिष्ठ पत्रकार ईश्वर लाल खरे का हृदयघात से निधन पत्रकार जगत में शोक की लहर... दी श्रद्धांजलि

 


वरिष्ठ पत्रकार ईश्वर लाल खरे का हृदयघात से निधन पत्रकार जगत में शोक की लहर... दी श्रद्धांजलि 



रायपुर नेशनल मीडिया फाउंडेशन के प्रदेश अध्यक्ष एवं क्राइम राजधानी के संपादक वरिष्ठ पत्रकार ईश्वर लाल खरे का आज 11 बजे दिल का दौरा पड़ने से आकस्मिक निधन हो गया वे 52वर्ष के थे दिवंगत श्री आई एल खरे अपने पीछे भरापूरा  परिवार छोड़ गए जिसमे दो पुत्र एक पुत्री है श्री खरे के आकस्मिक निधन से पत्रकार जगत  में शोक  की लहर है  दिवंगत श्री खरे को वरिष्ठ पत्रकार नवाब कादिर,अब्दुल हमीद, अनिल सिंह, अलताफ हुसैन, अमरधारी मिश्रा जी,  मोहम्मद आरिफ,मज़हर इकबाल,प्रदीप दत्ता, सीमा दुबे,शनि देव,ललित यादव,शशांक खरे, प्रदीप साहू, कुलदीप शुक्ला,अख्तर हुसैन बल्लू यादव, यासीन खान, रज़्ज़ाक़ खान,मनप्रीत सिंह रवि के गुरबक्षणी, संजय श्रीवास्तव,सहित अनेक पत्रकारों  ने दो मिनट मौन धारण कर मृतात्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की है तथा उनके परिवार को इस दुख सहने की शक्ति हेतु ईश्वर से प्रार्थना की  गई  उनकी अंतिम यात्रा और अंत्येष्टि कल प्रातःकाल उनके निवास लक्ष्मी नगर पचपेड़ी नाका से निकलेगी   

मंगलवार, 2 मार्च 2021

ग्राम भलेरा डायवर्षन का जीर्णोद्वार एवं नहर लाईनिग कार्य हेतु एक करोड़ 28 लाख स्वीकृत

 

ग्राम भलेरा डायवर्षन का जीर्णोद्वार एवं नहर लाईनिग कार्य हेतु एक करोड़ 28 लाख स्वीकृत 



हमारे संवाददाता द्वारा

  रायपुर (फॉरेस्ट क्राइम न्यूज़)छग शासन जल संसाधन संभाग रायपुर द्वारा भलेरा डायवर्षन का जीर्णोद्वार एवं नहर लाईनिग कार्य लागत राशि रु १करोड़ २८लाख का भूमिपूजन माननीय श्री धनेंद्र साहू (पूर्व मंत्री एवं विधायक अभनपुर) के मुख्यआथित्य एवं श्रीमति मीना चंद्रकुमार साहू (सरपंच ग्राम पंचायत भलेरा) के अध्यक्षता मे संपन्न हुए। 

  उक्त कार्य क्रम मे आशुतोष तिवारी (सयुक्त महामंत्री जिला कांग्रेस कमेटी रायपुर ग्रामीण ) डामन साहू (उपाध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी रायपुर ग्रामीण) दीपिका हेमलाल जांगडे (सरपंच तामा सिवनी) हुलास साहू (उपसरपंच) बिसेलाल साहू (सरपंच भुरका) पवन पटेल (उपसरपंच) सतीश ध्रुव (सरपंच उगेतरा) एम के बर्मन(कार्यपालन अभियंता) दीपक देव (अनुभागीय अधिकारी जल संसाधन रायपुर संभाग) एस एन सोनवानी  ए के निकोसे (उप अभियंता) अजय खरे (एस डी ओ) महेश्वर ध्रुव (इंजीनियर) आदि उपस्थित थे।



रविवार, 28 फ़रवरी 2021

वविनि के पानाबरस परियोजना मंडल कार्यालय में सूचना के अधिकार में पारदर्शिता हुई समाप्त...आवेदक को गुमराह करने प्रमाणक की जगह दे रहे भ्रामक जानकारी....मुख्यालय भी नही ले रहा सुध

 वविनि के पानाबरस परियोजना मंडल कार्यालय में सूचना के अधिकार में पारदर्शिता हुई समाप्त...आवेदक को गुमराह करने प्रमाणक  की जगह दे रहे भ्रामक जानकारी....मुख्यालय भी नही ले रहा सुध 



अलताफ हुसैन की रपट

रायपुर (फॉरेस्ट क्राइम न्यूज़) केंद्र शासन ने सूचना के अधिकार 2005 अधिनियम तो वैसे शासकीय कार्यों में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से इसे लागू किया था ताकि आम व्यक्ति  सूचना मांग कर विकास कार्यों की गुणवत्ता के साथ आम जनता से कर के रूप में राज्य शासन द्वारा लिए जाने वाली अरबों खरबों की राशि का वास्तविक धरा पर  कितना सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है उसकी सटीक जानकारी मिल सके परन्तु देखा यह जा रहा है कि सरकारी अधिकारी कर्मचारी, और भ्रष्टासुरों के द्वारा कार्यों में पारदर्शिता लाने की बजाए आम इंसान द्वारा मांगे जाने वाले सूचना के अधिकार में भी दिग्भ्रमित,छलावा देने वाली जानकारी प्रदान कर अपने भ्रष्ट कार्यों पर पर्दा डालने से गुरेज नही करते और ऐसे भ्रष्ट कार्य निर्बाध रूप से अब भी बेखौफ होकर संचालित हो रहै है ऐसा ही एक  मामला छग राज्य वन विकास निगम पाना बरस परियोजना मंडल कार्यालय में  विगत वर्ष 2020 नवंबर में सूचना के अधिकार 2005 अधिनियम के तहत एज निर्धारित राशि से ऊपर हुए भुगतान का बिल और प्रमाणक मांगा गया था परंतु भ्रष्टाचार में लीन विभागीय कर्मचारियों ने ऐसे नगद किए गए भुगतान के प्रमाणक देना तो दूर बल्कि ऐसे बिल प्रमाणक आवेदक को थमा दिए जिसमे न तो इसके लिए वन विकास निगम द्वारा कोई स्वीकृत राशि जारी किया गया था और न ही इसके लिए मुख्यालय से कोई बजट पारित किया गया था यह वो नगद राशि जो लगभग तीन लाख बीस हजार की राशि थी जो वर्ष 2016 से वर्ष 2020 तक नगद भुगतान जारी किया गया था इस संदर्भ में यह ज्ञात हुआ कि ऐसी राशि को खुदबुर्द करने राज्य का वन विकास निगम कोई अलग से न ही बजट पारित करता है और न ही इसके लिए कोई स्वीकृत राशि जारी की जाती है फिर भी बगैर बजट स्वीकृति के यह राशि केवल नाश्ता,भोजन, पानी बिजली पेट्रोल इत्यादि में व्यय कर दिए गए अब यह राशि किस मद से एडजस्ट किए गए होंगे यह अनेक सवाल खड़े करता है जबाकि इसके इतर यह भी बताते चले कि छग राज्य वन विकास निगम में बजट अनुसार विभिन्न निर्माण कार्यों से लेकर वानिकी और प्लांटेशन एवं अन्य क्रय इत्यादि कार्यों  में व्यय हेतु स्वीकृत बजट अनुसार तीन से चार किश्तों में  राशि जारी की जाती है भले ही कार्य आईपीडी योजनान्तर्गत हो या विभागीय स्तर पर जिसमे कार्य योजना अनुसार पौधे क्रय से लेकर मिट्टी क्रय , गड्ढे खनन एवं दवा खाद छिड़काव हेतु राशि डी.एम एवं आर जी एम के माध्यम से जारी होती है वह भी कार्य निरीक्षण पश्चात राशि जारी होती है परन्तु कथित पानाबरस परियोजना मंडल कार्यालय में सारे नियम कानून को बलाए ताक रखकर तीन लाख से ऊपर राशि का भुगतान वर्ष 2016 से लेकर वर्ष 2020 माह अगस्त तक कर दिया गया   गौरतलब यह है कि निर्धारित राशि से ऊपर  वन विकास निगम अधिकारियों द्वारा किए गए भुगतान  राज्य शासन के नियम विरुद्ध जाकर किया गया इसकी वजह बताते चले कि केंद्र सरकार ने राज्य शासन  को स्पष्ट निर्देश दिए  थे कि वर्ष 2016 से समस्त भुगतान ऑन लाइन अथवा बैंक से किए जाए परन्तु यहां पाना बरस परियोजना मंडल कार्यालय में केंद्र और राज्य शासन के समस्त भुगतान जो पांच हजार या उससे अधिक की राशि थे उसे सरकार के द्वारा जारी निर्देशों की अवहेलना करते हुए नियम कानून विरुद्ध जा कर किया गया अब यहां विचारणीय पहलू यह है कि जब वर्ष 2016 से वर्ष 2020 तक वन विकास निगम पानाबरस परियोजना मंडल कार्यालय के अधिकारी कर्मचारी शासन के दिशा निर्देश कानून का खुले आम गलत व्याख्या करते हुए  उपरोक्त पांच हजार से ऊपर राशि का नगद भुगतान कर रहे थे तब तात्कालिक डिवीजन मैनेजर,  आर जी एम से लेकर मुख्यालय में बैठे वरिष्ठ,वित्त अधिकारी आंख बंद कर ऐसे भुगतान को हस्ताक्षर कर प्रोत्साहित क्यो कर रहे थे ? क्या ऐसे भुगतान में हस्ताक्षर कर आम जनता के द्वारा प्रदाय कर के रूप में प्राप्त अरबो की राशि मे गड़बड़ घोटाला और भ्रष्टाचार कर मिलीभगत से राज्य सरकार के आर्थिकी रीढ़ को क्षतिग्रस्त नही कर रहे थे ? यह तो पानाबरस परियोजना मंडल कार्यालय में गड़बड़ घोटाला, और भ्रष्टाचार का मात्र  एक उदाहरण है जो सूचना के अधिकार में प्रदाय कुछ प्रमाणक जिनमे पानी भोजन नाश्ता सहित विधुत बिल,एवं पेट्रोल के दस्तावेज दिए गए परन्तु ऐसे प्रमाणको का क्या जिनमे बड़े बड़े भुगतान जो निर्धारित पांच हजार रुपये से ऊपर होकर लाखों में किए गए जिसमे पाना बरस परियोजना मंडल कार्यालय का वर्ष 2017- 18 में अर्थात तीन वर्ष पूर्व नव निर्मित कार्यालय भवन जो लगभग 64 लाख से ऊपर राशि मे निर्माण किया गया परन्तु उक्त भवन में न ही प्रतिदिन के होने वाले क्रय सहित संपादित होने वाले  नियमित कार्यों का लेखा जोखा दर्ज किया गया और न ही उसकी गुणवत्ता पत्र जारी किया गया  क्योंकि देखने मे यह आ रहा है कि पानाबरस परियोजना मंडल कार्यालय की दीवारें अभी से दरक  रही है इससे स्पष्ट ज्ञात होता है कि पानाबरस परियोजना मंडल कार्यालय  भवन निर्माण में निम्न स्तर का कार्य संपादित किया गया तथा अधिकारी, एवं अज्ञात ठेकेदार ने मिलकर   लाखों का खेल कर अपने रास्ते निकल गए  नही तो आवेदक को सूचना के अधिकार में चाही गई जानकारी में  निर्माण वर्ष से लेकर कार्यालय भवन पूर्ण होने  तक संपादित होने वाले प्रति दिन के क्रय किए गए निर्माण सामग्री व्यय जो हजारों में होता है उसके प्रमाणक आवेदक को दिए जा सकते थे परंतु उसके प्रमाणक भी नही दिए गए इस संदर्भ में आवेदक द्वारा एक अन्य सूचना के अधिकार लगाकर भवन निर्माण में वन विकास निगम द्वारा दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित निविदा की कॉपी ठेकेदार का नाम सहित प्रतिदिन संपन्न हुए कार्यों एवं निर्माण सामग्री क्रय का ब्यौरा एवं अंत मे  ठेकेदार, इंजीनियर द्वारा नव निर्मित कार्यालय की गुणवत्ता एवं कितने वर्षों तक भवन क्षतिग्रस्त नही होगा उसका  जारी फिटनेस  पत्र की जानकारी संबन्धी  आवेदन लगाया जाएगा साथ ही   वर्ष 2018 -19 में कार्यालय भवन निर्माण में कितने ट्रक रेती,ईंट गिट्टी, सीमेंट का भुगतान किस इंजीनियर, ठेकेदार ट्रेडर्स के नाम से जारी किया गया उसके प्रमाणक भी आवेदक को उपलब्ध नही कराए गए इसे लेकर सूचना का अधिकार लगाया गया है इसके अलावा  निर्माण और पौधे क्रय से लेकर श्रमिकों के भुगतान से लेकर अर्दली भुगतान,जो वर्षों से हजारों रुपये के रूप में नगद भुगतान किया जा रहा है जो रेंजर के साथ आज तक किसी अर्दली को नही देखा गया उसका भुगतान किस अर्दली,या व्यक्ति के नाम से भुगतान प्रदाय किया जाता रहा है यह आज भी  पर्दे के पीछे है जिसका  दस्तावेज ही विगत वर्ष 2016 से वर्ष 2020 माह नवंबर तक किए गए नगद भुगतान के प्रमाणक दस्तावेज   आवेदक  फॉरेस्ट क्राइम द्वारा मांगा गया था जिसमें गोल मोल भ्रामक जानकारी देकर आवेदक को पूरी तरह गुमराह करने का प्रयास मंडल कार्यालय अधिकारी द्वारा किया गया यही नही  आवेदक को मंडल कार्यलय द्वारा  क्रय की गई  स्टील अलमारी, कुर्सियां, टेबल, ए.सी. पंखे इत्यादि  की जानकारी भी मांगी गई थी जो राजनांदगांव से क्रय करने की बजाए रायपुर से क्रय किए जाने के प्रमाणक के रूप मे बिल प्रदाय किया गया जो पूरी तरह फर्जी निकला ऐसे फर्जी दस्तावेज प्रमाणको का संचय कर एक बहुत बड़े गड़बड़,घोटाले और भ्रष्टाचार का भण्डाफोड़ किया जाएगा ज्ञातव्य हो कि  मंडल कार्यालय में पदस्थ अधिकारी कर्मचारीयों  ने तो ऐसे फर्जी प्रमाणक तो आवेदक को पूर्व में दे दिए  है जिनमे तात्कालिक बड़े  अधिकारी कर्मचारियों की कलम फंसी है तथा उनके द्वारा हस्ताक्षरित भुगतान कर दिए गए हैजिन्हें बचाने के लिए ही आवेदक को फर्जी एवं दिग्भर्मित करने वाले दस्तावेज प्रदाय कर दिए गए जो आगे चलकर यही दस्तावेज इनके गले की फांस बन सकती है?  पर क्या ऊपर बैठे अधिकारियों का यह दायित्व नही बनता कि वर्षों से शासन के नियम विरुद्ध जाकर वन विकास निगम के जिम्मेदार अधिकारियों,कर्मचारियों  द्वारा  नगद भुगतान जो लाखों नही बल्कि करोड़ों में हो गया उसकी निष्पक्ष जांच की जाए एवं ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों  जिनमे कई तो सेवानिवृत्त हो चुके है ऐसे अधिकारी,कर्मचारी के विरुद्ध  विभागीय कार्यवाही करते हुए उनके चल अचल संपति से राशि वसूली की जाए बताते चले कि यदि शेष दस्तावेज प्रमाणक न देने एवं आवेदक को भ्रामक जानकारी प्रदाय कर गुमराह करने का जो प्रयास किया गया था उसके विरुद्ध जाते हुए आवेदक द्वारा सुस्पष्ट शब्दों में पुनः सूचना के अधिकार के तहत पानाबरस परियोजना मंडल कार्यालय में आवेदन लगाया जा चुका है साथ ही पूर्व के आवेदन पर आधी अधूरी संतोष जनक जवाब एवं प्रमाणक मंडल कार्यालय द्वारा न देने पर इसके विरुद्ध भी राज्य सूचना आयोग में अपील की जा चुकी है यदि राज्य सूचना आयोग द्वारा  इस संदर्भ में सारगर्भित सन्तोष जनक कार्यवाही नही करती  है तो आवेदक राज्य के  आर्थिक निरोधक संस्थान सहित विधिक शरण में जा कर न्यायसंगत कार्यवाही करेगा.



  .

सोमवार, 22 फ़रवरी 2021

स्मार्ट सिटी की तर्ज पर ग्राम निसदा को स्मार्ट ग्राम बनाने का प्रयास- सरपंच माहेश्वरी देव कुमार साहू

 स्मार्ट सिटी की तर्ज पर ग्राम निसदा को स्मार्ट ग्राम बनाने का प्रयास- सरपंच माहेश्वरी देव कुमार साहू


रायपुर (फॉरेस्ट क्राइम न्यूज़)आरंग विकास खण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत  निसदा के ग्राम गौठान की बाड़ी में महिला स्वसहायता समूह द्वारा  मौसमी सब्जियों का उत्पाद कर आत्म निर्भरता की ओर कदम बढ़ा रही है और आर्थिक सुदृढ़ता की ओर बढ़ रही है इस संदर्भ में ग्राम निसदा के गौठान में जब वस्तुस्थिति का साक्षात निरीक्षण किया गया तो वहां महिला स्व सहायता समूह पूरी शिद्दत से छ एकड़ वृहद भूभाग में फैले मौसमी सब्जियों के उत्पाद में तल्लीन दिखी जिसमे भिंडी भाटा टमाटर,लौकी,सहित मौसमी फल पपीता आम जाम जामुन इत्यादि की फसल ली जा रही थी इसके लिए दस से ऊपर महिला समूह पूरी तल्लीनता से गौठान में पृथक कार्यों को सुचारू ढंग से कार्य सम्हाले हुए थे  इस संदर्भ में  सरपंच श्रीमती  माहेश्वरी देवकुमार साहू ने बताया कि ग्राम निसदा में महिला समूह विभिन्न विकास कार्यों में पूरा सहयोग दे रही है तथा गौठान में मौसमी फल सब्जी उत्पाद कर अपनी पृथक पहचान निर्मित कर रही है



छग प्रदेश सरकार की महत्वांकाक्षी योजना नरवा गरुवा घुरूवा बाड़ी के सफल क्रियान्वयन से  अतिरिक्त स्त्रोत से  आर्थिक सुदृढ़ता की ओर बढ़ रही है वर्तमान में टमाटर लौकी सहित बहुत से मौसमी सब्जीयों का क्रय बाजार में किया जा रहा है तथा प्राप्त आय से अगली फसल की तैयारी की जा रही है सरपंच श्रीमती माहेश्वरी देव कुमार साहू ने आगे बताया यही नही गौठान में अन्य आर्थिक आय बढ़ाने के उद्देश्य से मुर्गी पालन बकरी पालन के लिए पृथक कमरे का निर्माण प्रस्तावित है जिसका कार्य भी शीघ्र किया जाएगा फिर भी ग्राम गौठान में गाय की व्यवस्था  चारा पानी की समुचित व्यवस्था की गई है इसके लिए पृथक टँकी एवं पेयजल की व्यवस्था की गई है पूर्व में कुछ टँकी बनाई गई थी परंतु मेरे कार्यकाल में लगभग 20 टँकी का निर्माण किया गया  जिसमें बर्मी कम्पोस्ट खाद का निर्माण किया जा रहा ह इसके लिए बाकायदा गौधन क्रय सुचारू ढंग से किया जा रहा है एवं बर्मी कम्पोस्ट खाद निर्माण कर उसका क्रय भी किया जाना बताया गया



 साथ ही पृथक  शौचालय निर्माण किए गए है स्वच्छता अभियान को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त सूखा गीला कचरा निष्पादन हेतु गौठान के बाहर अतिरिक्त कक्ष बनाया गया है गौठान एवं ग्राम में पेयजल और सिंचाई हेतु बोर पंप खनन कराया गया है ग्राम प्रवेश द्वार में रंग रोगन सहित आकर्षय व्वरूप प्रदान किया गया है ग्राम निसदा सरपंच  श्रीमती माहेश्वरी देव कुमार साहू ने बताया कि ग्राम को स्मार्ट सिटी के अनुरूप स्मार्ट ग्राम बनाने में पूरी तरह कटिबद्ध है इसके पहले चरण में ग्राम में नाली निर्माण से लेकर खनिज मद से अतिरिक्त कक्ष,निर्माण  निसदा पंचायत कार्यलय का रंग रोगन सहित टाइल्स लगाकर जीर्णोद्धार किया गया है

 वही निसदा ग्राम पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि श्री देवकुमार साहू ने बताया कि ग्राम में सीसी रोड मार्ग का निर्माण तथा स्कूल में आकर्षक रंग रोगन कर स्वच्छता का संदेश दिया गया है साथ ही गौरव पथ उन्नयन कार्य लंबित है जो शीघ्र वित्तीय वर्ष में प्रारंभ किया जाएगा सरपंच प्रतिनिधि देवकुमार साहू ने बताया कि ग्राम निसदा को हाईटेक प्रणाली से जोड़ा गया है तथा समस्त कार्यों को उसके माध्यम से किया जाता है  उन्होंने बताया कि बहुत से विकास  कार्य अब भी लंबित है जो समय अनुसार किया जाएगा आगे  बताया कि मनरेगा अंतर्गत ग्राम वासियों को रोजगार उपलब्ध कराया जाता है इसके लिए गुटीय स्थिति निर्मित की गई है जिसमे प्रत्येक गुट को समय अनुसार रोजगार उपलब्ध कराया जाता है

 राशन कार्ड,वृद्धा पेंशन योजना छात्रवृत्ति फार्म सहित समस्य शासकीय योजना का लाभ स्थानीय प्रत्येक ग्रामीणों को प्राप्त हो रहा है स्वच्छता अभियान के तहत शौचालय निर्माण,से भी ग्रामीण लाभार्थियों को लाभ प्राप्त हुआ है  इससे समस्त ग्राम वासी भी प्रसन्न है 

सरपंच प्रतिनिधि देवकुमार साहू ने बताया कि ग्राम वासियों के आर्थिक सहयोग से ग्राम निसदा के तालाब समीप रिक्त भूमि पर शनि देव का विशाल मंदिर निर्माण किया गया है जो आरंग विकास खण्ड में एक उदाहरण है मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम अप्रेल माह में विशाल स्तर पर किया जाएगा हलांकि छोटा शनि मंदिर में जो ग्राम में ही स्थित है  वहां शनि देव की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा कर दी गई है

शुक्रवार, 19 फ़रवरी 2021

गंगरेल गार्डन में देर रात गजदल का उत्पात लाखों की क्षति का अनुमान

 गंगरेल गार्डन में देर रात गजदल का उत्पात लाखों की क्षति का अनुमान 


अलताफ हुसैन 

रायपुर (फॉरेस्ट क्राइम न्यूज़)धमतरी वन परिक्षेत्र अंतर्गत लगभग 19 हाथियों के दल ने गंगरेल बांध स्थित गार्डन को पूरी तरह तहस नहस कर दिया जिसमें लाखों की क्षति होना बताया गया है जबकि क्षेत्र में किसी ग्रामीण व्यक्ति के जान की क्षति नही होना बताया गया है 





 विश्वस्त सूत्रों एवं वायरल वीडियो से ज्ञात हुआ है कि गंगरेल बांध के समीप डेढ़ दर्जन से ऊपर गजदल ने देर रात धमक दी तथा गंगरेल बांध के समीप सैलानियों और पर्यटकों के लिए निर्मित करोड़ों रुपये की लागत से गार्डन को पूरी तरह क्षति ग्रस्त कर दिया वही कुछ पगोडे तथा बच्चो के खेलने के उपकरण से लेकर पेड़ पौधों को खुलकर क्षति पहुंचाया



एक अनुमान के अनुसार लाखों रुपये की क्षति उत्पात गजदल द्वारा किया  गया यहां तक उनकी धमक से गार्डन के दो चौकीदार वहां से जान बचाने छुप गए रहे वर्ना एक बहुत बड़ा हादसा हो सकता था डी एफ़ ओ की टीम की सतर्कता से उन्हें बचाया गया उत्पाती गजदल ने पर्यटन स्थल गंगरेल गार्डन में नरियल पेड़ केले के पौधे अन्य प्रजाति के पेड़ पौधे कचरा फेकने के डस्टबिन, कुर्सी टेबल,बच्चों के खेल उपकरण सहित  बड़ी संख्या में पेड़ पौधों को कुचलकर क्षति पहुंचाया गया उत्पात मचाने के पश्चात गजदल भोर पश्चात अपने गन्तव्य वनक्षेत्र की ओर बढ़ गए गजदल के उत्पात से वन ग्राम क्षेत्रों में दहशत का माहौल बना हुआ है 



इस संदर्भ में वन विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों को इसकी सूचना  दी गई जहां धमतरी डी एफ़ ओ और उनकी पूरी टीम ने तत्काल उत्पात क्षेत्र पहुंच कर रेस्क्यू कर दो कर्मचारियों को बचाया एवं  ढोल,नगाड़े,और मशाल के  माध्यम से उन्हें गंगरेल क्षेत्र से खदेड़ने में कामयाब हो गए फिर भी आसपास ग्राम क्षेत्र में दहशत का माहौल निर्मित है 




बुधवार, 17 फ़रवरी 2021

बी पी पुजारी इंग्लिश मीडियम स्कूल में आकाश तिवारी ने नए सत्र में छात्र छात्राओं को मिठाई खिलाकर और पेन कॉपी वितरण कर उत्साह वर्धन किया

 बी पी पुजारी इंग्लिश मीडियम स्कूल में पार्षद आकाश तिवारी ने नए सत्र में छात्र छात्राओं को मिठाई खिलाकर और पेन कॉपी वितरण कर उत्साह वर्धन किया




रायपुर (फॉरेस्ट क्राइम न्यूज़)पंडित रवि शंकर शुक्ल वार्ड के अंतर्गत नगर निगम द्वारा संचालित इंग्लिश मीडियम बी पी पुजारी स्कूल में प्रथम दिवस स्कूल छात्रों का उत्साहवर्धन करने पंडित रवि शंकर शुक्ल वार्ड क्रमांक 35 के पार्षद एवं एम आई सी सदस्य आकाश तिवारी पहुंचे तथा स्कूल छात्र छात्राओं को मिठाई खिलाकर स्वागत किया और पेन कॉपी वितरण कर उन्हें लगन के साथ अध्यापन करने की सलाह दी इस अवसर पर समस्त छात्र,छात्राओं  से पढ़ाई को लेकर उनसे चर्चा भी की और नए अध्यापक अध्यापिकाओं को छात्रों की पठन, पाठन सहित जिज्ञासा का निराकरण एवं उनके  मानसिक शारीरिक विकास हेतु दिशा निर्देश दिया वही कोरोना काल पश्चात प्रथम बार स्कूल पहुंचे छात्र छात्राओं में काफी उत्साह दिखा  उल्लेखनीय है कि नगर निगम द्वारा संचालित इंग्लिश मीडियम स्कूल खुलने का यह प्रथम अवसर था जिसका कायाकल्प करके प्रतिभाशाली छात्र छात्राओं का चयन कर अल्प राशि मे शिक्षा देने की यह पहल की गई है जहां प्रथम दिवस ही छात्र छात्राओं की उपस्थिति शत प्रतिशत बताई गई   वार्ड के प्रतिभाशाली छात्र छात्राओं के प्रथम दिवस तीन घण्टे के अध्ययन कार्य तथा परिचय में निकला वही छात्र छात्राओं ने पढाई के संदर्भ में बताया कि नए टीचर्स ने पढाई बड़ी तल्लीनता से करवाया है जिसके आगे बहुत अच्छे परिणाम आएंगे वार्ड पार्षद आकाश तिवारी ने समस्त छात्र छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है  कोरोना काल को देखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पूर्ण ध्यान रखा गया तथा एक कक्षा में अधिक बच्चे न हो इसके लिए दो कक्षाएं लगाई गई

सोमवार, 15 फ़रवरी 2021

तुंहर सरकार तुंहर द्वार शिविर पूरी तरह असफल रहा-लता सुनील चौधरी

 तुंहर सरकार तुंहर द्वार शिविर पूरी तरह असफल रहा-लता सुनील चौधरी



रायपुर (फॉरेस्ट क्राइम न्यूज़) पं रविशंकर शुक्ल वार्ड 35 राजातालाब में सुनील चौधरी ज़िलाध्यक्ष भाजपा अन्य पिछड़ा वर्ग मोर्चा रायपुर व श्रीमती लता सुनील चौधरी पूर्व पार्षद के नेतृत्व में वार्ड की समस्याओं को लेकर तुंहर सरकार तुंहर द्वार शिविर में ज्ञापन सौंपने गई चल रहे शिविर में भाजपा कार्यकर्ताओं एवं आम जनता को पुलिस द्वारा शिविर में जाने के पूर्व गेट पर रोक दिया गया पूर्व पार्षद लता सुनील चौधरी ने बताया कि वार्ड के नागरिक अपनी मूलभूत समस्या जिनमे नया पट्टा व पट्टा नवीनीकरण , प्रधानमंत्री आवास योजना , राशन कार्ड , आधार कार्ड , आयुष्मान कार्ड , लोन आदि के आवेदन लेकर पहुँचे थे लेकिन एक भी आवेदन स्वीकार नही किया गया उन्होंने महापौर पर आरोप  लगते हुए कहा कि महापौर ने एक भी आवेदन स्वीकार न कर आम जनता का अपमान किया है । तथा समस्त वार्ड में लगाए जा रहे शिविर मात्र जनता को छलने का कार्य किया जा रहा है



भाजपा पिछड़ा वर्ग के जिला अध्यक्ष सुनील चौधरी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया कि महापौर से आग्रह भी किया की ज्ञापन में शामिल 19 विषयों में से किसी 4 की घोषणा तत्काल मंच से कर दे लेकिन महापौर ने गोल मोल जवाब दे कर टाल दिया , एक भी घोषणा नही की । पूरे शिविर में एक विशेष समुदाय के लोगों ने क़ब्ज़ा कर लिया था अन्य किसी के आवेदन स्वीकार ही नही किये जा रहे थे । कांग्रेसी कार्यकर्ताओ ने महिलाओं से अभद्रता की जिसका पुरज़ोर विरोध किया गया। महिलाओं को पुरुष पुलिसकर्मी अभद्र तरीक़े से रोकते व धक्का देते रहे ।


महापौर और उनकी टीम ने आज जो जनता की अनदेखी की है इसको ध्यान में रखते हुये जनता के सारे आवेदन मुख्यमंत्री कार्यालय पहुँचाये जाने की बात भी पूर्व पार्षद एव बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कही है

रायपुर में रहस्यमय तरीके से ट्रेन से लापता हुई महिला, 7 दिन बाद भी नहीं मिला कोई सुराग

 



 फॉरेस्ट क्राइम न्यूज़ 15 फरवरी 2021आकांक्षी अपने पति सुखवीर शर्मा के साथ विशाखापत्तनम घूमने गई थीं और 6 फरवरी को कोरबा लौटते समय सुबह के करीब 7.15 बजे रायपुर में ट्रेन से अचानक लापता हो गईं. बता दें कि कोरबा में सुखवीर शर्मा के बड़े भाई जसवीर शर्मा रहते हैं जिनके घर उन्हें वापस लौटना था.

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में यात्रा के दौरान एक महिला रहस्यमय तरीके से ट्रेन से लापता हो गई हैं. यह घटना 6 फरवरी की है. महिला का नाम आकांक्षी है जो अपने पति और 6 साल के बच्चे के साथ विशाखापत्तनम से घूम कर वापस अपने जेठ के घर कोरबा लौट रही थीं. जीआरपी और रेल प्रशासन की लाख कोशिशों के बाद भी महिला का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है.

लापता महिला आकांक्षी के मामा शिव कुमार भारद्वाज के मुताबिक आकांक्षी अपने पति सुखवीर शर्मा के साथ विशाखापत्तनम घूमने गई थीं और 6 फरवरी को कोरबा लौटते समय  सुबह के करीब 7.15 बजे रायपुर में ट्रेन से अचानक लापता हो गईं. बता दें कि कोरबा में सुखवीर शर्मा के बड़े भाई जसवीर शर्मा रहते हैं जिनके घर उन्हें वापस लौटना था.

शिव कुमार भारद्वाज ने बताया कि इसके बाद उनके पति ने ट्रेन से उतर कर रेल थाने में अपनी पत्नी के लापता होने की रिपोर्ट लिखवाई जिसकी जांच अभी भी रेल पुलिस कर रही है. आकांक्षी के मामा ने कहा, 'स्टेशन पर लगे सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि रायपुर में उनकी भांजी (आकांक्षी)  ट्रेन में चढ़ी लेकिन अपने पति को नहीं मिली और उसके बाद से लापता है.'

शिवकुमार भारद्वाज ने बताया कि भांजी के साथ ही उसका और पति दोनों का फोन भी गुम है. लेकिन यहां हैरान करने वाली बात ये है कि जहां महिला का फोन लापता होने के दिन से ही बंद आ रहा है, वहीं उनके पति का फोन घटना के बाद भी चार दिनों तक एक्टिव रहा है. रेल पुलिस को इसकी जानकारी मोबाइल नंबर के सीडीआर से भी मिली है. पुलिस ने जब लापता महिला के पति के फोन को ट्रैक किया तो जिस दिशा में वो ट्रेन जा रही है उसी दिशा में फोन भी ट्रैक हो रहा है.

शिवकुमार ने बताया कि इसके बाद जीआरपी ने उस ट्रेन की कई बार तलाशी ली लेकिन फोन या महिला का कोई पता नहीं चला. ट्रैकिंग के दौरान 11 फरवरी के बाद से वो फोन भी अब बंद आने लगा है. उन्होंने कहा कि उनके परिवार को कोई अंदाजा नहीं है कि महिला को किसी ने अगवा किया है या फिर वो नशाखुरानी गिरोह की शिकार हुई है.

लापता महिला के मामा ने बताया कि आकांक्षी के ससुराल में भी कोई विवाद नहीं है और वो बहुत अच्छे ढंग से रह रही थी. ऐसे में पूरा परिवार परेशान है और आकांक्षी की सलामती की दुआ मांग रहा है. अगर आप लोगों में से किसी को भी महिला के बारे में कोई जानकारी मिलती है तो आप इस मोबाइल नंबर 7011241885 पर संपर्क कर उनकी जानकारी दे सकते हैं.

ये भी पढ़ें

RECOMMENDED

  •  
  •  
  •  
  •  

शिवकुमार ने बताया कि इसके बाद जीआरपी ने उस ट्रेन की कई बार तलाशी ली लेकिन फोन या महिला का कोई पता नहीं चला. ट्रैकिंग के दौरान 11 फरवरी के बाद से वो फोन भी अब बंद आने लगा है. उन्होंने कहा कि उनके परिवार को कोई अंदाजा नहीं है कि महिला को किसी ने अगवा किया है या फिर वो नशाखुरानी गिरोह की शिकार हुई है.

लापता महिला के मामा ने बताया कि आकांक्षी के ससुराल में भी कोई विवाद नहीं है और वो बहुत अच्छे ढंग से रह रही थी. ऐसे में पूरा परिवार परेशान है और आकांक्षी की सलामती की दुआ मांग रहा है. अगर आप लोगों में से किसी को भी महिला के बारे में कोई जानकारी मिलती है तो आप इस मोबाइल नंबर 7011241885 पर संपर्क कर उनकी जानकारी दे सकते हैं.