मंगलवार, 8 जून 2021

वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने कैंपा मद से दो हजार दो सौ उनतीस करोड रुपये 27 हजार 69 कार्यों के लिये स्वीकृत किए,- अधिकारियों को तत्परता से कार्य के दिए निर्देश

 


 वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने कैंपा मद से दो हजार दो सौ उनतीस करोड रुपये 27 हजार 69 कार्यों के लिये स्वीकृत किए,- अधिकारियों को तत्परता से कार्य के दिए निर्देश


रायपुर (फॉरेस्ट क्राइम न्यूज़) वर्ष 2018-19एवं -21-22के लिए दो हजार दो सौ उनतीस करोड़ के  27 हजार  69 कार्यों की स्वीकृति वन रोपण निधि प्रबन्धन एव योजना प्राधिकरण (कैम्पा) मद से छग के वन मंत्री मोहम्मद अकबर के द्वारा दी गई समीक्षा बैठक में वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने कार्यों में कसावट लाने के निर्देश दिए तथा समय समय पर अधिकारियों को निर्माण  क्षेत्र में भ्रमण कर  कार्यों की पड़ताल कर उसके गुणवत्ता पर भी ध्यान देने जोर दिया वन मंत्री मोहम्मद अकबर  गत वर्ष एक हजार तीन सौ 9 करोड़ के  व्यय से 19 हजार 147 कार्य विभाग  द्वारा संपादित कार्यो के पूरा किए जाने की समीक्षा कर रहे थे सोमवार को हुए इस बैठक में  नवीन कार्यों को ततपरता से कराए जाने के आवश्यक दिशा निर्देध दिए



 विभाग द्वारा कराए गए 2018-19 के स्वीकृत समस्त कार्य लंबित न हो उस पर भी संज्ञान लिया यही नही छग के अन्य क्षेत्र के विभागीय कार्यों में हो रही देरी को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की तथा शीघ्र लंबित कार्य पूर्ण करने के दिशा निर्देश दिए उन्होंने समस्त निर्माण आवसीय,कार्यालयों कार्यों को पूर्ण करने के  निर्देश दिए 

   समीक्षा बैठक में वन विभाग के प्रमुख सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी,कैंपा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, वी.श्रीनिवास राव,एवं,समस्त मुख्य वन संरक्षक,वन मण्डलाधिकारी विशेष रूप से उपस्थित थे 

शनिवार, 5 जून 2021

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम के निर्देश पर पार्षद आकाश तिवारी ने किया अच्छे दिन का विरोध*

 *कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम के निर्देश पर पार्षद आकाश तिवारी ने किया अच्छे दिन  का विरोध*



 रायपुर देश के प्रधानमंत्री मोदी जी *अच्छे दिनों* का वादा करके और महंगाई का बहाना बनाकर सत्ता में आये थे। उनके दावों के जाल में फँसकर भारत की जनता ने उन्हें सत्ता सौंप दी। लेकिन आज 7 साल बाद अच्छे दिनों की आस में बैठी जनता को पुराने दिन याद आ रहे हैं। पहले 80/- रू. लीटर मिलने वाला खाने का तेल अच्छे दिन आने के बाद 200/- रू. लीटर पार कर गया। 400/- रू. में मिलने वाला सिलेण्डर 900/- रू. का हो गया। 60/- रू. लीटर का पेट्रोल अच्छे दिन आने के बाद 100/- लीटर से ज़्यादा आ गया। आम जनता समझ नहीं पा रही है कि ये कौन से अच्छे दिन है ?



-*शहर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष* के निर्देश पर व *रायपुर उत्तर विधायक कुलदीप जुनेजा जी* के मार्गदर्शन में *वार्ड 35 के पार्षद एवं एमआईसी सदस्य आकाश तिवारी* ने अपने घर के बाहर महंगाई के विरोध में काला कपड़ा पहनकर प्रदर्शन किया। आकाश तिवारी ने अपने सुपर 30 टीम के साथ सिलेण्डर, पेट्रोल, राशन, तेल रखकर *मोदी जी के अच्छे दिनों को आईना दिखाने का काम किया* इस विरोध प्रदर्शन में गुरू घासीदास बे लॉक कांग्रेस अध्यक्षा दीपा बग्गा जी ने सक्रिय सहभागिता निभाई ।



आकाश तिवारी का कहना है कि जनता ने मोदी जी को जिन उम्मीदों के साथ चुना है, मोदी जी को अड़ानी अंबानी के अलावा जनता की उन उम्मीदों का भी ख़्याल रखना चाहिये?क्या देश में अच्छे दिन का अधिकार केवल अड़ानी अंबानी को है ? 

क्या कथित भाजपा के १० करोड़ कार्यकर्ताओं को मोदी के अच्छे दिनों को भुगतना नहीं पड़ रहा है?


आकाश तिवारी ने कहा कि कोरोना काल के कारण जनता मजबूरी में चुप है, आपदाकाल ख़त्म होने के बाद जनता केन्द्र सरकार को सबक़ सिखायेगी और मोदी के अच्छे दिन को ख़त्म करेगी।

शुक्रवार, 4 जून 2021

नवा रायपुर के ग्राम डोमा स्थित प्राकृतिक वन क्षेत्र में एक करोड़ अड़तालीस लाख रुपये का स्तरहीन निर्माण कार्य

 नवा रायपुर के ग्राम डोमा स्थित प्राकृतिक वन क्षेत्र में एक करोड़ अड़तालीस लाख रुपये का स्तरहीन निर्माण कार्य 

अलताफ हुसैन 7869247588

रायपुर (फॉरेस्ट क्राइम न्यूज़)वैसे तो प्रदेश का वन विभाग प्रदेश भर के वनों के संरक्षण संवर्धन हेतु कटिबद्ध है  इसके लिए विभाग द्वारा अनेक योजनाओं के माध्यम से नए नए जतन करता है कभी बिगड़े वनों में पुनः वृक्षारोपण कर उसे प्राकृतिक स्वरूप प्रदान किया जाता है कभी वन्य प्राणियों के सुरक्षात्मक दृष्टिकोण से वनों के भीतरी क्षेत्रों में तालाब खनन कर ग्रीष्म ऋतु में उनकी जल पिपासा को राहत प्रदान किया जाता है वही वनवासियों के सहज सुलभ आवागमन हेतु कच्चे मुरुमी मार्ग,रपटा, पुलिया एवं अग्नि वॉच टॉवर का निर्माण किया जाता है ताकि वनों को आग से बचाया जा सके इन सब के बावजूद वनों के संरक्षण हेतु कराए जाने वाले निर्माण  कार्यों की गुणवत्ता में कहीं न कहीं खामियां और कमी बनी रहती है कमीशनखोरी,के चलते औरअधिकारियों द्वारा  गड़बड़ घोटाले के साथ भ्रष्टाचार को अंजाम देने के कारण करोड़ो की राशि व्यय करने के बाद भी  निर्माण कार्य की गुणवत्ता लगभग समाप्त हो जाती है   

ताज़ा प्रकरण नवा रायपुर के ग्राम घोरभट्टी,डोमा,ऊगेतेरा के मध्य प्राकृतिक वनों के संरक्षण से जुड़ा हुआ है  जहां पर लगभग आठ किलोमीटर के वृहद भूभाग परिधि में जहां प्राकृतिक वन का विस्तार था जिसके संरक्षण हेतु उसके चारों ओर ब्रिक्स ईट की जुड़ाई कर लोहे के एंगल में फेंसिंग की जा रही है प्राकृतिक वन परिक्षेत्र के फेंसिंग में किए जाने वाले सीमेंट जुड़ाई इतनी घटिया है कि यह कभी भी भरभरा कर ढह सकती है क्योंकि जुड़ाई निर्माण कार्य मे न ही सही ढंग से सीमेंट मिलाया जा रहा है और न ही बेस को मजबूती प्रदान की जा रही है जिससे इसकी गुणवत्ता सन्देह जनक हो गई है इस संदर्भ में वहां उपस्थित ठेकेदार कर्मचारी अश्वन केशरवानी से चर्चा किया गया तो उसने ठेकेदार का नाम  वी आई पी रोड  स्थित ग्राम फुंडहर निवासी  सुनील कुमार सिंह  बताया जिसके ठेके में उक्त निर्माण कार्य का होना बताया जबकि इसकी निविदा प्रकाशन को लेकर भी संशय की स्थिति निर्मित है कि किसी राजनीतिक एप्रोच के माध्यम से निर्माण कार्य प्राप्त किया गया जबकिं नवा रायपुर के प्रभारी साधेलाल बंजारे ने इसके निविदा प्रकाशन पश्चात ठेकेदार सुनील कुमार सिंह को ठेका प्राप्त होना बताया 

बहरहाल, ठेका पद्धति जिस प्रकार भी किया गया परन्तु निर्माण स्थल में जब इसकी गुणवत्ता का परीक्षण किया गया तब निम्न स्तर के रेती सीमेंट के मसाले से ब्रिक्स ईट की जुड़ाई करते पाया गया स्थिति यह थी कि जब जुड़ाई किए गए सीमेंट मसाले को हाथ से कुरेदा गया तब वह भरभरा कर गिरने लगा इस तारतम्य में जब उपस्थित मुंशी अश्वन केशरवानी से पूछा गया तब उसने एक बोरी सीमेंट  में बीस धमेला रेती मिलाने की बात बताई जबकिं इतने रेती सीमेंट  की जुड़ाई  में काफी मजबूती आ जाती है वही साढ़े तीन फीट ऊंचे ब्रिक्स जुड़ाई दीवार में उसका बेस ही एक से डेढ़ फीट से लिया गया जिसमें जमीन के भीतर नाममात्र गिट्टी,रेती सीमेंट का मसाला मिलाकर  औपचारिकता निभाए जैसा प्रतीत होता है बेस के लिए किए गए गड्ढे में बेस गिट्टी डालने के पश्चात एक ईट लगाने पर वह बाहर दिखाई देने लग गया बता दे कि जब किसी भी निर्माण की नींव ही मजबूत नही होगी तब उसके मजबूती  की क्या गुणवत्ता होगी इसका अनुमान सहजता से लगाया जा सकता है मजदूरों द्वारा भी रोजी के संदर्भ में डेढ़ सौ रुपये तो मिस्त्री को 250 रुपये देने की बात बताई  जबकि कलेक्टर दर पर कुशल अकुशल श्रमिक का पारिश्रमिक भुगतान भी यहां होता दिखाई नही दे रहा है  वही चार फीट के लोहे के एंगल में तार फेंसिंग किया गया है  जिसे  एंगल में मात्र तारों से बांध दिया गया है जबकिं वही उपस्थित एक अन्य कर्मचारी ने बताया कि गुणवत्ता विहीन दीवार में लगाए गए लोहे के चार एंगल को ईट दीवार, तोड़कर चोरों ने उड़ा दिया है सवाल उठता है कि निर्माण कार्य के समय ही जब चोरों ने दीवार तोड़कर एंगल चोरी कर लिए तब भविष्य में स्तरहीन गुणवत्ता वाले दीवार मर इसकी पुनरावृत्ति नही होगी इसकी क्या ग्यारंटी ? उपस्थित दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी देवकुमार ने बताया कि ग्राम डोमा में यह एक प्राकृतिक वन क्षेत्र है अवैध कटाई एव वन्य प्राणियों की सुरक्षा की दृष्टिकोण से वॉल निर्माण कर फेंसिंग कराई जा रही है वनक्षेत्र में हिरण,बारहसिंघा, जंगली बराह,सरीसृप जीव जंतु के अलावा अनेक पक्षियों का वास  है विशेष कर जंगली मादा वराह, अमूमन भूमि को अपने पैने  दांतो से खोद कर बड़ा गड्ढा करती है जहां वह प्रजनन प्रक्रिया पूर्ण करती है वह भी नवजात बच्चों की सुरक्षा हेतु ऐसे दीवार के समीप गड्ढा कर गुफा नुमा बनाती है जिसकी वजह से भी दीवार के क्षतिग्रस्त होने की संभावना बढ़ जाती है   ज्ञात हुआ है

कि वन विभाग द्वारा क्षेत्र को संरक्षित कर पर्यटन स्थल के रुप में विकसित करने की योजना बनाई  है परन्तु प्रारंभिक निर्माण कार्य मे ही जब स्तरहीन गुणवत्ता के निर्माण किए जाएंगे तो इसके सुरक्षा संरक्षण और संवर्धन की क्या अपेक्षा की जा सकती  जब  कि वन विभाग इस प्रोजेक्ट में इसकी लागत के बारे में ज्ञात हुआ है कि लगभग एक करोड़ अड़तालीस (1करोड़ 48 रुपये) लाख रुपये की लागत से आठ किलोमीटर लंबे वन परिधि क्षेत्र में सुरक्षा घेरा का निर्माण करवा  रही है वही सुरक्षा परिधि और गुणवत्ता की चर्चा की जाए तो खरोरा के समीप स्व  इंदिरा गांधी मोहरेंगा पर्यटन स्थल में भी लगभग 16 किलोमीटर परिधि में वॉल निर्माण कर लोहे के एंगल में तारों की फेंसिंग की जा रही है वहां डी एफ ओ विश्वेश कुमार झा साहब के कुशल नेतृत्व और मार्ग दर्शन में रायपुर रेंजर मिर्जा फिरोज बेग, के  दिशा निर्देश पर प्रभारी दीपक तिवारी के द्वारा निर्माण स्थल पर पूर्ण निगरानी और गुणवत्ता पर किसी प्रकार का समझौता न करते हुए संपूर्ण कार्य संपादित करवाया जा रहा है जिसका परिणाम यह होगा कि एक मजबूत टिकाऊ वॉल के साथ मजबूत तार फेंसिंग से वर्षों तक वन एवं वन प्राणियों की सुरक्षा बनी रहेगी जबकिं नवा रायपुर के नव पदस्थ रेंजर सतीश मिश्रा  ने बताया कि एस डी ओ साहब एव वे स्वयं निर्माण स्थल का भौतिक परीक्षण करके आए है जिसमे कुछ कमियां दिख रही है उस पर सुधार करने दिशा निर्देश दिए गए है जबकिं गुणवत्ता को लेकर भी उन्होंने किसी प्रकार का समझौता न करने की बात कही है यदि गुणवत्ता और टिकाऊपन ही नही होगा तो शासन द्वारा करोड़ों की लागत लगाने का कोई औचित्य ही नही ग्राम डोमा में आठ किलोमीटर दायरे में प्राकृतिक वन के संरक्षण हेतु किए जा रहे निर्माण के स्तरहीन गुणवत्ता को लेकर रायपुर डी एफ ओ साहब से मिल कर चर्चा करने का प्रयास किया गया परन्तु  उपस्थित न होने के कारण उनसे चर्चा नही हो पाई शीघ्र ही इस विषय पर उनसे चर्चा  पश्चात संपूर्ण तथ्यों पर प्रकाश डाला जाएगा

छग राज्य वन विकास निगम में चोरी बड़ी, खाद के साथ लोहे के ग्रिल में लगे साढ़े तीन लाख के भाले की हो चुकी चोरी, अधिकारी है अंजान

 छग राज्य वन विकास निगम में  चोरी बड़ी, खाद के साथ लोहे के ग्रिल में लगे साढ़े तीन लाख के भाले की हो चुकी चोरी, अधिकारी है अंजान

अलताफ हुसैन 7869247588

रायपुर (फॉरेस्ट क्राइम न्यूज़ )राजधानी वासियों के स्वास्थ्यगत सरोकारों की चिंता करते हुए हरियाली एवं स्वच्छ वातावरण निर्मित के उद्देश्य से छग  राज्य सरकार ने स्मार्ट योजना अंतर्गत  छग राज्य वन विकास निगम के माध्यम से लगभग बीस करोड़ की अधिक लागत राशि से ई ए सी कॉलोनी स्थित क्षेत्र में ऑक्सीजोन का निर्माण 21 हेक्टेयर वृहद भूभाग में किया  जिसमें देशी विदेशी  वृक्षों के अलावा आकर्षक फल फूल के पौधे भी शामिल है वही ऑक्सीजोन में आधुनिक व्यायाम उपकरण जोन, योग जोन, पथ वे , सहित बच्चो के खेल जोन इत्यादि भी सम्मिलित किए गए  यही नही ऑक्सीजोन  में हरियाली के मध्य सुकून के दो पल व्यतीत करने प्रदेश की विरासत को सहेजते हुए ,वनादिवासी संस्कृति की झलक निर्मित कर  बांस के पगोडे इत्यादि भी निर्माण किए गए है  इन सब की सुरक्षात्मक दृष्टिकोण से ऑक्सीजोन  के चारो ओर लाखो रुपयों की लागत  से लोहा निर्मित ग्रिल का निर्माण भी किया गया  परन्तु वर्तमान स्थिति को देखकर ज्ञात होता है कि यहां सुरक्षा के आभव में शनैः शनैः ऑक्सिजोन केवल अब उजड़ा चमन बन कर न रह जाए क्योंकि वर्ष 2017 पश्चात ऑक्सीजोन  का निर्माण कार्य जब प्रारंभ हुआ तब से ही छग राज्य वन विकास निगम के ऊपर बैठे भ्रष्ट अधिकारियों ने गड़बड़ी,अनियमितताऐं,और भ्रष्टाचार के माध्यम से करोड़ों रुपये की हेराफेरी कर घोटाला किया  बचा खुचा राजस्व की हानि अब  ऑक्सीजोन में चोरों के द्वारा किया जा रहा है

एक प्रकार से चोरों  के  वारे न्यारे हो रहे है प्रशासनिक ढिलाई , सुरक्षा और देखरेख के आभव में लगातार ऑक्सीजोन में  चोरी हो रही है तथा निगम अधिकारी पूरी तरह से शिकार पश्चात सुस्त पड़े अजगर सांप की भांति अपनी आंख मूंदे शिथिल अवस्था मे पड़े होने का स्वांग रचे हुए है क्योंकि हाल ही में यह भी ज्ञात हुआ था कि चोरों द्वारा लगभग दस हजार रुपये का ऑक्सीजोन  के अंदर निर्मित मंदिर के समीप  लगे लोहे  ग्रील के चोरी चले जाने   का समाचार स्थानीय दैनिक समाचार पत्रों मे प्रकाशन हुआ था फिर बड़े नाटकीय ढंग से  लोहे ग्रिल चोरो को भी पकड़ लिया गया अब इसके पीछे वास्तव में किसी अज्ञात चोर के हाथ होने की संभावना है या फिर छग राज्य वन विकास निगम के  कर्मचारी ही ऐसे ऑक्सीजोन में लगे  लोहे ग्रिल की वस्तुओं की हेराफेरी कर अपने पौ बारह कर रहे है 

बताते चलें कि छग राज्य वन विकास निगम के नवा रायपुर अटल नगर स्थित तूता नर्सरी में भी विगत कुछ माह पूर्व 35 बोरी डीएवीपी खाद की चोरी का मामला सामने आ चुका है जिसमे अज्ञात चोरों द्वारा नर्सरी के कक्ष में रखे 35 बोरी डीएवीपी खाद खिड़की तोड़ कर चोरी कर लिया गया था तब वहां स्थित चार चौकीदारों द्वारा आठ सौ, हजार रुपये में खाद को बेचे जाने की पुष्ट जानकारी भी छनकर सामने आई थी परन्तु इस संबन्ध में छग राज्य वन विकास निगम में ऊपर बैठे वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा क्या वैधानिक कार्यवाही किया गया यह अब तक  ज्ञात नही हुआ परन्तु इस प्रकार की चोरी की घटनाएं अनवरत प्रदेश के अन्य नर्सरी में घटित हो रहा है इस बात से कतई इंकार नही किया जा सकता क्योंकि बताते चले कि राजनांदगांव के पानाबरस परियोजना मंडल कार्यालय अंतर्गत नर्सरी सहित  सिरपुर रायकेरा नर्सरी एव वन विकास निगम के जमीनी स्तर पर किए जाने वाले ,प्लांटेशन एवं,अन्य औधौगिक परियोजनाओं,वानिकी कार्यों  में बड़ी मात्रा में लाखों,करोड़ों रुपये के खाद निगम द्वारा प्रति वर्ष क्रय किया जाता है जो जमीनी स्तर पर इसका  उपयोग कम ही  हो पाता है क्योंकि नर्सरी इत्यादि स्थल से क्रय किए गए  पौधों के पॉलीथिन बैग में पहले ही सौ दो सौ ग्राम खाद का उपयोग किया जा चुका होता है केवल रोपण स्थल पर ही मिट्टी के साथ अल्प मात्रा में खाद मिलाई जाती है या समय समय पर प्लांटेशन क्षेत्रो में किए जाने वाले निंदाई गुड़ाई  में  खाद का उपयोग होता है वास्तविक धरा में ऐसे कार्य स्थलों में खाद  क्रियान्वयन का उपयोग लगभग न के बराबर  किया जाता है परिणामतः ऐसे बचे  खाद का उपयोग कृषकों को बेचने का कार्य तथा प्राप्त राशि का लाभ मैदानी अमला भरपूर उठाता जिससे रोपण क्षेत्र के पेड़ पौधे खाद उपचार के अभाव में मरणासन्न स्थिति में पहुंच जाते है तथा कई प्लांटेशन फेल भी हो जाते है फिर भी प्रदेश के अनेक प्लांटेशन स्थल में निरीक्षक द्वारा परीक्षण कॉपी में सफल प्लांटेशन दर्ज कर अपने कार्यों के प्रति अपने गैर जिम्मेदार कर्मचारी होने का सही हस्ताक्षर कर देते है 




और गड़बड़ घोटाले में अप्रत्यक्ष रूप से सहभागी बन जाते है जबकि नियमानुसार किसी भी नए प्लांटेशन क्षेत्र में  बगैर मृदा,मिट्टी परीक्षण के भी पथरीले,चट्टानों वाले प्लांटेशन स्थल पर   पौधों का रोपण कर दिया जाता है जबकि उन्हें स्थल मृदा, मिट्टी के प्रकार, के परीक्षण पश्चात ही उपजाऊ स्थलों में  प्लांटेशन रोपण की अनुमति प्राप्त होती है इसके बावजूद वन विकास निगम कर्मी इस  प्रक्रियाओ का पालन नही करते तथा कोई भी रिक्त स्थल चयन कर चाहे वह मुरुमी स्थल हो पथरीली चट्टानी स्थल हो या अनुपयोगी पड़त भाटा भूमि ही क्यों न हो वहां प्लांटेशन रोपण कार्य कर दिया जाता है परिणामतः वहां खाद उपयोग के पश्चात भी रोपण क्षेत्र के पेड़ पौधों के जीवित होने एवं सर्वाइव  की संभावन क्षीण एव नाममात्र रह  जाती है  और वन विकास  निगम  को एक बड़ी राजस्व राशि  की हानि होती है इसके उदाहरण आज भी प्रदेश के अनेक आईपीडी प्लांटेशनो को देखकर हुए नुकसान का अनुमान सहजता से लगाया जा सकता जो पूरी तरह से फेल्वर हो चुके है जिनमे नवा रायपुर स्थित हरियर छत्तीसगढ़ योजना एव आईपीडी के तहत 2015-16 में वन विकास निगम  द्वारा ग्राम जौंदा जौंदी, उपरवारा,एवं जंगल सफारी मार्ग स्थित  कराए गए पथ रोपण एवं ब्लॉक प्लांटेशन पूरी तरह से नेस्तनाबूद हो चुके है जिन्हें उदाहरण स्वरूप लिया जा सकता है वही पानाबरस परियोजना मंडल अंतर्गत वर्ष 2019 में  दल्ली राजहरा के आईपीडी प्लांटेशन  पथ रोपण भी गाय,मवेशियों  के चारे के रूप में चट हो गया, भिलाई स्थित सेक्टरो में कराए गए प्लान्टेशन के वृक्षारोपण भी पूरी तरह तबाह बर्बाद हो चुके है इसकी एक वजह यह भी सामने आई है कि वन विकास निगम में ऊपर बैठे अधिकारियों का दौरा प्लांटेशन क्षेत्रों में कम ही होता है जिसकी वजह से अधिकारी,कर्मचारी बेलगाम हो जाते है तथा मर्जी होने पर ही यदाकदा प्लांटेशन क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते है यहां तक चौकीदार भी मन मुताबिक अपनी उपस्थिति दर्ज कराते है तथा रोपण स्थल प्लांटेशनो को भगवान भरोसे छोड़ दिया जाता है  जिससे मैदानी अधिकारी कर्मचारी भी बेखौफ हो जाते है तथा गड़बड़,घोटाला,और भ्रष्टाचार को खुल कर अंजाम देते है   फिर भी निगम ऐसे  नर्सरी,प्लांटेशन क्षेत्रों में खाद के उपयोग के लिए लाखों करोड़ों की राशि व्यय करता है जिसका उपयोग और आर्थिक लाभ पेड़ पौधों को कम वन विकास निगम अधिकारी कर्मचारी को बड़ी  मात्रा में मिलता है जो मैदानी स्तर के अधिकारी कर्मचारी ऐसे खाद को कम दामों पर स्थानीय कृषकों को बेच देते है जिससे इनकी अतिरिक्त आय हो जाती  है जबकि यह सवाल भी उठाया जाता रहा है कि निगम द्वारा क्रय किए गए खाद जो प्लांटेशनो एव वानिकी कार्य उपयोग में अधिक होता है इसका लिखित विवरणी की जांच भी कभी होती है अथवा नही ? या वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में होने के बावजूद ऐसे गड़बड़ घोटाले के खेल को अप्रत्यक्ष रूप से अनवरत प्रोत्साहित किया जाता रहा  है यह जांच का विषय है छग वन विकास निगम के मैदानी कर्मचारियों द्वारा खाद में गड़बड़ घोटाला और भ्रष्टाचार करने वाला यह तो एक छोटा सा मात्र उदाहरण है परन्तु सुरक्षा प्रहरी चौकीदारों  के होने के बाद यदि आंख से  कोई काजल चुरा ले तो इसे क्या कहा जाए जैसा कि ऊपर इस बात का स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि पिछले माह मई में ऑक्सीजोन से लोहे ग्रिल चोरी हो जाने के समाचार दैनिक समाचार पत्रों में प्रकाशित हुए थे बाद में इसकी पुष्टि रेंजर ऋषि शर्मा ऑक्सीजोन प्रभारी शरद डड़सेना ने बताया कि गेट मिल गया एवं चोर भी पकड़े गए  गेट ग्रिल चोरी करने में आपराधिक किस्म के गंजेड़ी, नशेड़ियों का हाथ होना बताया गया सवाल यह उठता है कि गंजेड़ी नशेड़ी असमाजिक तत्व नज़रों  के सामने से एवं संभवतः ऑक्सीजोन  में सीसीटीवी लगे होने के बावजूद  लोहे का ग्रिल दिनदहाड़े चोरी करने की हिमाकत कर सकते है तो वहां उपस्थित चौकीदार क्या कर रहे थे फिर अधिकारियों के त्वरित एक्शन लेने में चोर भी पकड़े गए यह सब कैसे नाटकीय ढंग से हुआ यह तो निगम कर्मचारी ही बता सकते है  परन्तु  फिर भी चोरी का यह सिलसिला अब तक थमा नही है  ऑक्सीजोन में लगातार अब भी चोरी द्रुत गति से हो रही है ज्ञात हो कि ऑक्सीजोन में लगभग ग्यारह चौकीदार  कर्मचारीयों  की ड्यूटी सुबह शाम लगाई गई है इसके बावजूद  चोरी का सिलसिला थमने का नाम ही नही ले रहा है ऑक्सीजोन में अब चोरी  लोहे के लगे ग्रिल की नही बल्कि उसके ऊपर अलग से जड़े गए लोहे के भाले की लगातार चोरी हो रही है जिसकी लागत ही दस बीस हजार की नही बल्कि साढ़े तीन लाख रुपये है जो चोरों द्वारा पूरी तरह से तोड़ कर चुरा लिया गया  इस तारतम्य में फॉरेस्ट क्राइम  न्यूज़ के पास पूर्व से उपलब्ध कार्यालयीन दस्तावेज जो सूचना के अधिकार में प्राप्त किए गए थे  छग वन विकास निगम के पत्र क्रमांक /वविनि/भंडार/2019/ 3176/ जो दिनांक 07/11/2019/ को रामेश्वर प्रसाद सिन्हा राजातालाब नूरानी चौक स्थित ठेकेदार के नाम से लोहे के भाले नग 3500 नग प्रति भाला 92/रुपये की दर से 500 ग्राम प्रति भाला (एरो) का वजन से जिसकी डिजाइन,फिक्सिंग, मटेरियल,एवं टूल सहित  नियम की शर्तों  पर संपूर्ण  कार्य आदेश तात्कालिक मंडल प्रबन्धक बार नवापारा परियोजना मंडल के द्वारा स्वीकृति प्रदान कर जारी किया गया था  जो संपूर्ण ऑक्सीजोन  क्षेत्र की लोहे जाली में अतिरिक्त कार्य आदेश के माध्यम से कराया गया था हालांकि लौह धातु के भाले ग्रिल के साथ ही लगाए जाने का प्रावधान है परन्तु अतिरिक्त कार्यादेश निकाल कर साढ़े तीन लाख का भाला लगाना अनेक सन्देह को जन्म देता है जबकि इसका भुगतान उपरोक्त 92 रुपये की दर से कार्यादेश अनुसार किया जाना प्रस्तावित था परन्तु लोहे के भाला लगाने के पश्चात इसका भुगतान 100 रुपये की दर से किया गया जो 3500 भाले की कीमत साढ़े तीन लाख रुपये हो गयी जिस प्रकार 500 ग्राम अर्थात आधा किलो ग्राम का भाला लगाने के कार्य आदेश जारी हुए थे मगर उक्त वजन के ठोस घनत्व के भाला न लगाकर  दो पतले लोहे की पोलकी जोड़कर डिजाइन  निर्माण किया गया जबकि ग्रिल में लगाए गए लोहे की 3500 भाले जिसमें एक भाला का घनत्व वजन 500 ग्राम अथवा आधा किलोग्राम न होकर उसका वजन मात्र 200 ग्राम  भी नही है उसके पीछे छग राज्य वन विकास निगम ने साढ़े तीन लाख रुपये के अतिरिक्त लोहे के भाले पूरे ऑक्सीजोन क्षेत्र में सुरक्षा की दृष्टिकोण से लगवा दिए  जो अब  पूरी तरह से चोरी हो गए  और मात्र दस फीसदी ही शेष है वहीं ऑक्सीजोन  में चारो ओर लगाए गए लोहे के ग्रिल की गुणवत्ता और वजन में भी अब संदेह व्यक्त किया जा रहा है कि लगाए गए लोहे ग्रिल की सामग्री का घनत्व एवं वजन में समझौता कर कहीं भारी गड़बड़ी न किया गया हो ? यदि इसकी जांच की जाती है तो एक बहुत बड़े गड़बड़,घोटाला,और भ्रष्टाचार का पर्दाफाश हो सकता है क्योंकि लोहे के ग्रिल लगाए एक वर्ष भी नही हुए अभी से कथित लोहे के ग्रिल जंग जु हो कर  सड़ने लग गया है  ऑक्सीजोन का उद्घाटन गत वर्ष 2020 के प्रारंभिक माह में प्रदेश के मुख्य मंत्री श्री भूपेश बघेल वन मंत्री श्री मोहम्मद  अकबर एवं सम्मानित प्रशासनिक अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ था जो एक वर्ष में ही ऑक्सीजोन की स्थिति देखरेख,और,सुरक्षा के अभाव में इसकी कांतिमय आभा में  ग्रहण और व्यवस्था छिन्न भिन्न होते नज़र आ रही है वैसे भी ज्ञात यह हुआ है कि स्वपोषित संस्था होने की वजह से  छग राज्य वन विकास निगम के राजस्व में किसी प्रकार की बढ़ोतरी नही हुई है केवल वन विकास निगम के  प्रत्येक मंडल कार्यालय कोरोना काल मे औपचारिकता पूर्ण कार्य कर रहे है डिपो और काष्ठागर की नीलामी भी प्रभावित हुई है यहां तक कैम्पा मद से मिलने वाली राशि भी लगभग बन्द हो चुका है नए प्लांटेशन  की स्थित बचे खुचे राशि से किए जाने की जुगत की जा  रही है ऐसे में  आम आदमी के  द्वारा छग वन विकास निगम में लगातार चोरी की घटनाओं का बढ़ना आश्चर्य,एव अचरज  जैसी अभिव्यक्ति प्रदर्शित किए जाने में कोई गुरेज नही है 

रविवार, 30 मई 2021

कोविड से पीड़ित मीडिया कर्मी के इलाज में हुए खर्च की प्रतिपूर्ति भी नियमों के तहत् राज्य शासन करेगा

 मुख्यमंत्री बघेल ने   कोरोना से दिवंगत मीडिया कर्मी के आश्रितों को 

पांच लाख रूपए की सहायता देने की घोषणा की, आई जे एफ के प्रदेश अध्यक्ष शरनजीत ने आभार जताया


कोविड से पीड़ित मीडिया कर्मी के इलाज में हुए खर्च की प्रतिपूर्ति भी नियमों के तहत् राज्य शासन करेगा


मुख्यमंत्री श्री बघेल ने अपने बजट भाषण 2021-22 में ही मीडिया कर्मी की असामयिक मृत्यु पर दी जाने वाली आर्थिक सहायता राशि को दो लाख रूपए से बढ़ाकर पांच लाख रूपए किये जाने की घोषणा की थी





रायपुर ।  30 मई 2021 कोरोना से दिवंगत हुए मीडिया कर्मी के आश्रित परिजनों को छत्तीसगढ सरकार पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। यह सहायता संचार प्रतिनिधि कल्याण सहायता नियमों के तहत् दी जायेगी। इसके अतिरिक्त जो मीडिया कर्मी कोविड से पीड़ित होने पर अस्पताल मे भर्ती होकर इलाज कराये हैं, उनके इलाज में आये खर्च की प्रतिपूर्ति भी नियमों के तहत् राज्य शासन करेगा। कोविड पीडित संचार प्रतिनिधियों के परिवारो की जानकारी जनसम्पर्क संचालनालय द्वारा अपने एकत्र की जी रही है।



कोरोना से दिवंगत मीडिया कर्मी के आश्रित परिजनों या इलाज कराने वाले मीडियाकर्मी निर्धारित प्रपत्र मे आवेदनपत्र अभिलेखों सहित सम्बन्धित जिला जनसम्पर्क कार्यालय में जमा कर सकते हैं। 

इंडियन जर्नलिस्ट फेडरेशन छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष शरनजीत सिंह तेतरी ने पत्रकारों के हित में किए गए घोषणा की तहे दिल से छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रति आभार ब्यक्त करता है। श्री तेतरी ने कहा कि हम जैसे ही प्रदेश में कोरोना महामारी से पत्रकारों की लगातार मौत होती रही तत्काल हमने मुख्यमंत्री जी से न्यायोचित मांग सर्वप्रथम प्रदेश में रखा था।

मीडिया कर्मियों को यह आर्थिक सहायता देने पत्रकार कल्याण कोष समिति की बैठक शीघ्र ही बुलाई जा रही है। ज्ञातव्य हो कि अन्य राज्यों से काफी पहले मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने अपने बजट भाषण 2021-22 में मीडिया कर्मी की असामयिक मृत्यु पर संचार प्रतिनिधि कल्याण सहायतार्थ नियम के तहत् आर्थिक सहायता राशि को दो लाख रूपए से बढ़ाकर पांच लाख रूपए किये जाने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री श्री बघेल की घोषणा के अनुरूप जनसम्पर्क विभाग द्वारा नियमों में आवश्यक सुधार किया जा कर राजपत्र मे प्रकाशन के लिये भेजा जा चुका है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की घोषणा अनुरूप आर्थिक सहायता पर क्रियान्वयन शुरू कर दिया गया है।

इंडियन जर्नलिस्ट्स फेडरेशन( ijf) छत्तीसगढ़ के पत्रकार संगठन के बन्धुयो ने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की घोषणा  आभार  जताया   शरनजीत सिंह तेतरी छत्तीसगढ़ प्रदेशअध्यक्ष (ijf), अमित मिश्रा प्रदेश उपाध्यक्ष, अनिल रतेरिया प्रदेश महासचिव, प्रताप नारायण सिंह प्रदेश सचिव , भारत योगी प्रदेश सचिव ,   आबिद शेख ,नरेंद्र शर्मा, महेंद्र ठाकुर,विजय लाल, किशोर कर ,शशिर देवगन , श्याम कश्यप ,

दीपक जैन, बसंत सचदेव प्रदेश उपाध्यक्ष, अरुण कुमार पंडा प्रदेश उपाध्यक्ष ,प्रदीप भट्टाचार्य प्रदेश उपाध्यक्ष , ज़रीन सिद्दीकी रायपुर संभाग  अध्यक्ष , यशवंत मरकाम गरियाबंद जिला अध्यक्ष , अरुण पाढ़ी जगदलपुर

बुधवार, 12 मई 2021

कोरोना से मृत पंचायत सचिव की बहन चुकेेश्वरी विश्वकर्मा को तीन दिन मेंअनुकंपा नियुक्ति- सचिव संघ का प्रयास*

 

*कोरोना से मृत पंचायत सचिव  की बहन चुकेेश्वरी विश्वकर्मा को तीन दिन मेंअनुकंपा नियुक्ति- सचिव संघ का प्रयास*



आरंग@ रायपुर जिले के जनपद पंचायत आरंग के ग्राम पंचायत रसोटा में ग्राम पंचायत सचिव पद पर पदस्थ,  विगत दिनों डायमंड सिंह विश्वकर्मा का ग्राम पंचायत में फ्रंट लाइन वर्कर की तरह अपने ड्यूटी निर्वाह करते हुए कोरोना से संक्रमित हो गया था इलाज के दौरान कोरोना संक्रमण से आकस्मिक मृत्यु 6 मई 2021 को हो गया, जिसकी सूचना जिला पंचायत सीईओ डॉ गौरव सिंह को मिलते ही तुरंत संज्ञान लेते हुए ब्लॉक अध्यक्ष सतीश नारंग को फोन पर बात कर निर्देशित किया कि 3 दिवस के भीतर निर्धारित प्रारूप में संपूर्ण दस्तावेज पूर्ण कर दिवंगत सचिव के आश्रित को अनुकम्पा नियुक्ति सबंधित फॉर्म जमा कराए जाए उनके निर्देश के परिपालन में ब्लॉक अध्यक्ष सतीश नारंग और राकेश बंजारे , शाखा प्रभारी अशोक मिश्रा के द्वारा 9 मई 2021 को अनुकम्पा नियुक्ति का फॉर्म दिवंगत सचिव के बहन कु. चुकेश्वरी विश्वकर्मा आवेदक के नाम से फॉर्म जमा किया और इस पर तुरंत कार्यवाही करते हुए जिला पंचायत सीईओ आश्रित को दिनांक 12 मई 2021 को सचिव पद हेतु नियुक्ति आदेश जारी किया। यह छ ग में पहली प्रकरण होगा जो मृत्यु के महज 5 दिन के भीतर किसी सचिव के आश्रित को अनुकम्पा नियुक्ति मिला।

*सचिव संघ के प्रांत अध्यक्ष व ब्लॉक अध्यक्ष के प्रयास से जल्द नियुक्ति आदेश मिल पाया*
        प्रदेश पंचायत सचिव संगठन के पत्र को ध्यान में रखते हुए विकास आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी की गई ज्ञापन क्रमांक  8483 दिनांक 3. 5.21 के  अनुसार जिला पंचायत रायपुर के सीईओ द्वारा अनुकंपा नियुक्ति प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए मृतक सचिव डायमंड विश्वकर्मा की बहन कुमारी चुकेश्वरी विश्वकर्मा का अनुकंपा नियुक्ति मात्र 03 दिन में किया गया ।  बताते चले  कि अनुकंपा नियुक्ति के लिए  ब्लॉक स्तरीय टीम ने बहुत मेहनत किया है रातों-रात  फार्म भरा गया, एवं सीईओ साहब से निवेदन कर कार्यालय विकास आयुक्त के पत्र का हवाला देते हुए मृतक परिवार के आर्थिक स्थिति से अवगत कराया गया जिसे , सीईओ द्वारा  सहर्ष स्वीकार करते हुए तत्काल अनुकंपा नियुक्ति दिया गया ।

प्रदेश सचिव संघ के प्रांताध्यक्ष तुलसी साहू एवं आरंग ब्लॉक  अध्यक्ष सतीश नारंग ने अल्प समय मे अनुकंपा नियुक्ति दिए जाने पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ गौरव सिंह जी सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग प्रसन्ना साहब  डायरेक्टर साहब पंचायत को  धन्यवाद ज्ञापित किया एवं इस कार्य में लगे हुए जनपद पंचायत आरंग के  समस्त सचिव जो दिन रात मेहनत कर  अनुकंपा नियुक्ति कराने में मदद किया है उनका भी  धन्यवाद ज्ञापित करते हुए आभार व्यक्त किया जिनमे मुख्यतः जिला अध्यक्ष अमर धनकर जी प्रांत अध्यक्ष तुलसी साहू एव  जनपद पंचायत आरंग के सचिव साथी ब्लॉक अध्यक्ष सतीश नारंग, उपाध्यक्ष गोवर्धन साहू, पूर्णिमा वर्मा, पुष्पा गोस्वामी, संरक्षक यशवंत टंडन, हरमोहन बांधे, योगेन्द्र अग्रवाल,सचिव कल्याण डहरिया, सह सचिव यशवंत कन्नोजे , कोषाध्यक्ष शोभा ध्रुव, रेणुका वर्मा, प्रवक्ता लवी गुप्ता, दाऊ लाल धीवर, मीडिया प्रभारी गंगा प्रसाद साहू, सलाहकार गिरधर साहू, गोपाल चंद्राकार, रोहित साहू, गौत राम साहू, रवि टंडन , रामाधार रात्रे, कार्यकारणी सदस्य भगवान दास खुते , कौशल साहू, दीपक वर्मा, पिंकेश बांधे , विश्वनाथ वर्मा, गायत्री शर्मा रास्टी सोनवानी, अनीता टंडन, धरम बंजारे, ममता साहू, लक्ष्मी मन्हरे, खिलावन ध्रुव, मेनका साहू सुरेन्द्र साहू, मीनाक्षी अग्रवाल  और सचिव संघ आरंग के प्रयास को सराहनीय बताया।

शुक्रवार, 7 मई 2021

जेल में निरुद्ध मुस्लिम कैदियों की कोरोना काल की वजह से रोजे फीके,,अब तक कोई संस्था ने नही लिया सुध,

 जेल में निरुद्ध मुस्लिम कैदियों की कोरोना काल की वजह से रोजे फीके,,अब तक कोई संस्था ने नही लिया सुध,


रायपुर रमज़ान के रोज़े का जुमातुल विदा हो गया यानी रोज़े अब अपने  अंतिम सप्ताह के अंतिम पायदान में है वहीं कुछ मुस्लिम भाई बहन ईद त्योहार की छुटपुट तैयारी भी प्रारंभ कर दिए होंगें लेकिन राजधानी रायपुर के सेंट्रल  जेलों में निरुद्ध विचाराधीन कैदियों को इस पवित्र माह रमज़ान में कोई सुध लेने वाला नही आया प्रायः देखा तो यह जाता रहा है कि सरकारी आयोग, निगम मंडल,बोर्ड, संस्था द्वारा पूर्व से ही जेल विभाग के उच्च अधिकारी को पत्र लिख कर निर्देशित किया जाता था कि मुस्लिम बंदियों  के रोजदारी अफ्तारी का व्यवस्था किया जाए परन्तु कोरोना काल के भीषण महामारी मे सरकारी निगम मंडल आयोग ने पत्र लिख कर व्यवस्था करना भी मुनासिब नही समझा जेल सूत्रों से  ज्ञात यह हुआ है कि मुस्लिम रोजदार कैदियों को  सुबह मिलने वाला भोजन को शाम की अफ्तारी बना कर रोजे खोले  जा रहे है और रात के भोजन को ही सेहरी के लिए उठा कर रख दिया जा रहा है इसमें जेल प्रशासन का कोई दोष नही वह तो अपने नियम अनुसार कार्य कर रही है परंतु राज्य सरकार से संबंधित निगम आयोग बोर्ड जैसी कई अल्पसंख्यक विभाग से संबंधित संस्थाए कार्य कर रही है परंतु एक भी ऐसी निगम मंडल,आयोग  संस्थाओं ने जेल विभाग को एक  पत्र लिख कर रोजदारों के रोजे व्यवस्था हेतु  दिशा निर्देश पत्र जारी नही किया  हालांकि इसकी वजह कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर भी मानी जा रही है बावजूद गत वर्ष अल्पसंख्यक आयोग द्वारा कम से कम जेल प्रशासन को पत्र लिख कर जेल में निरुद्ध विचाराधीन कैदियों के रोजे की समुचित व्यवस्था के लिए पत्र लिखा था वही कुछ समाजिक संस्थाओं द्वारा भी जेल में रोजा अफ्तारी की व्यवस्था की जाती थी परन्तु कोरोना काल मे ऐसी सामाजिक संस्थाओं ने भी अपने हाथ पिछे खींच लिए है और मुस्लिम रोजेदार कैदी बगैर खजूर मुंह मे रखे  पानी पी कर रोजे खोल रहे है 

गुरुवार, 6 मई 2021

वरिष्ठ कांग्रेसी नेता दीपक दुबे के परिवार पर कोरोना का कहर

 वरिष्ठ कांग्रेसी नेता दीपक दुबे के परिवार पर कोरोना का कहर



सतत 50 वर्षों से कांग्रेस को समर्पित श्री दीपक दुबे (पंडरी, रायपुर) पर कोरोना मानों कहर बन कर टूटा है। बीते माह भर में दुबे परिवार के छः सात लोगों को कोरोना संक्रमण ने अपनी चपेट में लिया। यहीं रायपुर में ही निवासरत छोटे दामाद इंजीनियर लीलाधर शुक्ल, साले उमाशंकर दुबे और उनसे छोटे रवि शंकर दुबे की क्रूर कोरोना ने इसी हफ्ते इहलीला समाप्त कर दी। दीपक दुबे की तीनों बेटियों को कोरोना संक्रमण ने अपनी गिरफ्त में लिया। सघन और सतत उपचार के बाद बेटियों के स्वास्थ्य में सुधार हुआ तो उनके एक भतीजे (छोटे साले के बेटे) को संक्रमण से बचाने में लगे रहे दुबे जी। बहत्तर (72) वर्ष की आयु में भी अपनी धर्मपत्नी श्रीमती आशा दुबे और बहु श्रेया दुबे, बेटे आकाश दुबे के साथ सबकी देखभाल में लगे दीपक दुबे के हौसले-हिम्मत और धीरज ने एक छत और एक छत्रछाया के नीचे सबको सम्हालने का प्रयास किया। उन्होंने अपने तीन नहीं बल्कि चार प्रियजनों को खो दिया। कुछ ही दिनों पहले श्री दुबे ने अपने चाचा कृष्ण कांत दुबे (संचालक-सुख सागर) को खो दिया था। 

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के प्रथम पंक्ति के नेताओं में, संगठन के अग्रणी नेताओं में जिनकी गिनती होती है, वह दीपक दुबे जिन्होंने हर समय कांग्रेस में सेवारत रहना ही अपने जीवन का ध्येय माना, आज मानों टूटने से लगे हैं। 

यहां हम सभी को यह जानना जरूरी हो जाता है कि श्री दीपक दुबे कौन हैं? श्री दुबे पंडित श्यामा चरण शुक्ल के निकटतम लोगों में से एक माने जाते हैं। अपने आखिरी दिनों में पंडित श्यामा चरण जी शुक्ल ने रायपुर के एक निजी अस्पताल में उनसे मिलने आए कांग्रेस के शीर्ष नेता मोतीलाल वोरा के हाथों में दीपक दुबे का हाथ थमाते हुए कहा था कि  इनका ध्यान रखना। इन्होंने कांग्रेस को अपने जीवन का स्वर्णिम समय दिया है, हम इन्हें कुछ भी नहीं दे पाए।  1972 में बिलासपुर पहुंच वहां तीन महीने रुक कर श्री श्रीधर मिश्र (चतुरू बाबू) पूर्व केबिनेट मंत्री मध्यप्रदेश शासन का चुनाव सम्हाला, 1994 में तरुण चटर्जी जैसे दिग्गज और कद्दावर नेता को उन्हीं के वार्ड में पार्षद का चुनाव हरवाया था। छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद से प्रदेश कांग्रेस कमेटी में लगातार महामंत्री, उपाध्यक्ष जैसे जिम्मेदारी के पद पर कार्यरत रहते हुए, मोतीलाल वोरा,चरण दास महंत, नंद कुमार पटेल, भूपेश बघेल सभी के अध्यक्षीय कार्यकाल में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की। कांग्रेस को सत्तारूढ़ करने वाली चुनावी टीम के सदस्य भी रहे हैं। ऐसी विषम परिस्थितियों में श्री दीपक दुबे के लिए उनकी अपनी कांग्रेस पार्टी यदि आज एक संबल बन कर साथ खड़ी दिखती, तो यह उनके टूटते हौसलौं को सहारा होता।

बुधवार, 5 मई 2021

सचिव संघ आरंग ने सीईओ आरंग को ज्ञापन सौंपा.... कोविड व्यवस्था के अलावा अन्य कार्य नही करेंगे।-सतीश नारंग

 


सचिव संघ आरंग ने सीईओ आरंग को ज्ञापन सौंपा.... कोविड व्यवस्था के अलावा अन्य कार्य नही करेंगे।-सतीश नारंग


आरंग, प्रदेश सचिव संघ छत्तीसगढ़ के ज्ञापन क्रमांक 141/कोविड़ 19/2021-22 रायपुर दिनांक 03.05.2021 के संदर्भ में छत्तीसगढ़ पंचायत सचिव संघ के जिला इकाई के जिला अध्यक्ष एवं ब्लॉक इकाई के ब्लॉक अध्यक्षों का दिनांक 18.04.2021 को वर्चुअल बैठक में लिए निर्णयानुसार से जनपद पंचायत आरंग के समस्त ग्राम पंचायतों में कार्यरत सचिव अपने पंचायत के मूल कार्य के साथ कोविड 19 अन्तर्गत केवल एक ही कार्य कवारेंटाइन सेंटर की व्यवस्था का कार्य संपादित करेंगे। इसके अतिरिक्त अन्य कार्य जैसे -  कोरोना  टीकाकरण, कोरोना टेस्ट,  कोरोना संक्रमण से मृतक का अंतिम संस्कार सहित कोवीड 19 सबंधित अन्य कार्य के लिए दूसरे विभाग के कर्मचारियों से कार्य लिए जाने सबधित ज्ञापन मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत आरंग को ज्ञापन सौंपा, *ज्ञात हो कि सचिव पंचायत स्तर मेे मैदानी स्तर में कोरोना रोकथाम हेतू फ्रंट लाइन वर्कर  की तरह शासन द्वारा कार्य लिया जा रहा है लेकिन अभी तक 50 लाख रुपए की बीमा कवर सचिवों को नहीं दिया गया ड्यूटी करते हुए प्रदेश से सैकड़ों सचिव स्वर्गवास हो गए है*



इससे सचिव साथी और उनके परिवार डरे हुए है,ज्ञापन सौपने के लिए सचिव संघ आरंग के अध्यक्ष सतीश नारंग, पूर्व अध्यक्ष योगेन्द्र अग्रवाल, सह सरक्षक हरमोहन बांधे, सचिव कल्याण डहरिया, प्रवक्ता गंगा प्रसाद साहू, कार्यकारणी सदस्य पिंकेश बांधे मास्क व सामाजिक दूरी का पालन करते हुए उपस्थित रहे।

मीडिया फाउंडेशन के प्रदेश अध्यक्ष नवाब कादिर ने पत्रकारों को अग्रिम पंक्ति सिपाही का दर्जा देने की मांग की*

 *मीडिया फाउंडेशन के प्रदेश अध्यक्ष नवाब कादिर ने पत्रकारों को अग्रिम पंक्ति सिपाही का दर्जा देने की मांग की*


रायपुर मीडिया फाउंडेशन के प्रदेश अध्यक्ष नवाब कादिर ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से प्रदेश के पत्रकारों को अग्रिम पंक्ति के कोरोना सिपाही का दर्जा देने की मांग की है नवाब कादिर ने कहा कि दो वर्षों से अनेक पत्रकार कोरोना काल के महामारी में अपने पत्रकारिता दायित्व का निर्वाहन करते हुए समाचार संकलन कर असमय काल कलवित हो चुके है फिर भी अपने जान की परवाह किए बगैर संक्रमण काल मे समाचार संकलन कर रहे है तथा संक्रमित हो कर अपना और अपने परिवार को खतरे में डाल रहे है परंतु प्रदेश सरकार 


असंवेदनशीलता का परिचय देते हुए  उन्हें अब तक फ्रंट लाइन वारियर्स का दर्जा नही दी है जिससे उनके परिवार को वह सम्मान नही मिल पा रहा है जिसके वे अधिकारी है जबकि देश के अनेक राज्य ने पत्रकारों की भावनाओं का सम्मान करते हुए उन्हें फ्रंट लाइन वारियर्स का दर्जा देकर सामाजिक आर्थिक रूप से सम्मानित कर चुकी है मीडिया फाउंडेशन के प्रदेश अध्यक्ष नवाब कादिर कोषाध्यक्ष अलताफ हुसैन ने प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से शीघ्र ही पत्रकारों को फ्रंट लाइन वारियर्स का दर्जा देने की मांग की है

बुधवार, 28 अप्रैल 2021

कोरोना का प्रभाव हुआ कम ,,,

 





रायपुर  कोरोना के कहर से अब राजधानी रायपुर में बाहर निकलने की स्थिति में आने लगी है। एक समय ऐसा था, जब यहां पर रोज पांच हजार तक मरीज मिल रहे थे, अब इनकी संख्या जहां दो हजार से भी नीचे आ गई है, वहीं अब ऑक्सीजन वाले बेड और ऑक्सीजन वाली पोर्टेबल मशीनों की मारा-मारी समाप्त हो गई है। अब वेटिंग जैसी स्थिति नहीं रह गई है। मरीजों को आसानी से सब मिल जा रहा है। आने वाले समय में स्थिति में और भी सुधार होगा और वेंटिलेटरों की भी कमी बहुत जल्द समाप्त हो जाएगी। अब निजी डॉक्टरों की ओपीडी में मरीजों का आना पहले की तुलना में बहुत कम हो गया है। डॉक्टरों की मानें तो रायपुर में पीक अब ढलान पर है।

कोरोना की इस लहर में प्रदेश में सबसे ज्यादा खराब स्थिति में रायपुर रहा है। सबसे ज्यादा मरीज मिलने का सिलसिला यहां ज्यादा रहा है, लेकिन अब इस सप्ताह से स्थिति में बहुत सुधर नजर आने लगा है। जहां एक तरफ नए मरीजों के आने का आंकड़ा बहुत नीचे चले गया है, वहीं ठीक होने वाले मरीज भी ज्यादा हो गए हैं। डॉक्टर शैलेश खंडेलवाल का कहना है, हमारा

सोमवार, 26 अप्रैल 2021

जनसंपर्क विभाग वेबपोर्टल की जानकारी देने में कर रहा हीला हवाला,,,पत्रकार ने अपील में निशुल्क जानकारी देने की मांग की

 जनसंपर्क विभाग वेबपोर्टल की जानकारी देने में कर रहा हीला हवाला,,,पत्रकार ने अपील में निशुल्क जानकारी देने की मांग की 




रायपुर वरिष्ठ पत्रकार एव आर टी आई एक्टिविस्ट भरत योगी ने जन संपर्क विभाग से वेब पोर्टल के जारी किए गए विज्ञापन की सूची सहित अन्य विषय को लेकर मांगे गए जानकारी उपलब्ध न कराने पर  जन संपर्क विभाग के अपीलीय अधिकारी सन्तोष मौर्या पर संबंधित अधिकारियों  पर जन सूचना अधिनियम के अंतर्गत कार्यवाही करने की मांग की है 



   बताते चले कि श्री योगी ने जनसंपर्क विभाग में विज्ञापनों के बन्दरबांट  विषय को लेकर सूचना के अधिकार 2005 अधिनियमन के तहत जानकारी चाही थी परन्तु निर्धारित तिथि व्यतीत होने के बावजूद जन संपर्क विभाग के जन सूचना अधिकारी द्वारा सूचना प्रदान नही किया जिसको लेकर श्री योगी ने अपीलीय अधिकारी श्री संतोष मौर्या को सोशल मीडिया के माध्यम से दोषी कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही कर दण्डित करने पत्र प्रेषित किया है श्री योगी ने आशंका व्यक्त करते हुए पत्र लिखा है कि जन संपर्क विभाग में कुछ अस्थायी फर्जी टाइप के वेबपोर्टल जो प्रदेश के बाहर के है उन्हें जन संपर्क कर्मचारियों की मिलीभगत के चलते लाखों रुपये के विज्ञापन जारी किए जा रहे है तथा स्थानीय वेब पोर्टलों को केवल नियम कानून में उलझा कर रख दिया गया है  ऐसे ही वेबपोर्टल न्यूज़ साइड के डिटेल,,मालिक के नाम मोबाइल नम्बर, माह में जारी  होने वाले विज्ञापन एवं जारी की गई राशि का संपूर्ण ब्यौरा जन संपर्क  विभाग के जन सूचना अधिकारी से माह फरवरी में  मांगी  थी परन्तु निर्धारित अवधि समाप्त होने के बावजूद उन्हें अब तक जानकारी उपलब्ध नही कराई गई जिस विषय को लेकर ही श्री योगी ने प्रथम अपीलीय अधिकारी के समक्ष अपना पक्ष सोशल मीडिया के माध्यम से पत्र लिखा तथा शीघ्र जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की गई  उल्लेखनीय है कि जिला जन संपर्क विभाग में कमीशन खोरी के ऐसे मामले समय समय पर जन मानस के समक्ष आते रहे है जिसमे  यह बात भी सामने आई है कि कुछ चाटुकारिता करने वाले पत्रकारों को विभाग की ओर से  जारी बड़ी राशि  प्रदर्शित विज्ञापन जारी किए जाते है  तथा विगत कई वर्षों से निकलने वाली पत्र पत्रिकाओं को एक निर्धारित शुल्क प्रदान किया जाता है जिनकी राशि मे कटौती कर अपने कृपा पात्र लोगों को दिया जाता है  जबकि ऐसे चाटूकार कमीशनखोरी करने वाले पत्रकार हजारो लाखों में विज्ञापन प्राप्त कर लेते है तो नियमित प्रकाशन करने वालों को नियम कानून में उलझा दिया जाता है वही पत्रकारों में यह भी चर्चा आम हो चुका है कि जन संपर्क विभाग में अधिकारियों कर्मचारियों की मिलीभगत के चलते केवल कमीशनखोरी में ज्यादा ध्यान दिया जाता है जबकि पात्र पत्रकारों को उनका अधिकार नही मिल पाता और वे अपने पत्र पत्रिकाओं के प्रिंटिंग राशि भी नही निकाल पाते है जिसकी वजह से उनके समक्ष विकराल आर्थिक समस्या खड़ी रहती है जबकि कई ऐसे भी समाचार पत्र पत्रिकाएं है जो जन संपर्क विभाग के निर्दिष्ट समस्त गाइड लाइनों को पूरा करते है फिर भी उन्हें विज्ञापन जारी नही किया जाता इससे अनेक पत्र पत्रिकाओं के मालिकों में रोष व्याप्त है वही दूसरी ओर पत्रकारिता की आड़ में राजनितिक एप्रोच से छुटभैय्या नेताओं ने अपनी दुकानदारी चालू कर दी वहीं वर्षों से पत्रकारिता करने वाले तपस्वी पत्रकार अपना अधिकारों से वंचित है ज्ञात हुआ है कि शहर में ऐसा भी स्थान है जहां ओर चन्द रुपये देकर वेबपोर्टल साइड तथा आर एन आई से नाम मंगाने का धंधा भी बड़े पैमाने पर फलफूल रहा है जिसकी वजह से भी पत्रकारिता कलंकित हो रही है 

इस संदर्भ में भी पारदर्शिता लाए जाने की आवश्यकता मानी जा रही है वही कुछ पत्रकारों ने यह भी कहा है कि जिस पत्र पत्रिका को पांच वर्ष अवधि से अनवरत नियमित प्रकाशन हो रहा है ऐसे पत्र पत्रिकाओं को ही जन संपर्क विभाग विज्ञापन जारी करे,

शुक्रवार, 9 अप्रैल 2021

जोन 4 नगर निगम की अनुबंधित महिलाओं द्वारा मास्क के नाम पर अवैध वसूली...निगम संज्ञान लेकर इन्हें हटाए

 जोन 4  नगर निगम की अनुबंधित महिलाओं द्वारा मास्क के नाम पर अवैध वसूली...निगम संज्ञान लेकर इन्हें हटाए



रायपुर कोरोना जैसी वैश्विक महामारी में जहां लोग अपने बचाव का जतन कर रहे है तो वही इसकी आड़ में कुछ  लोगों के लिए पैसे कमाने का एक सशक्त माध्यम भी बन चुका है विशेष कर नगर निगम  अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों के लिए  वहां के अस्थायी निगम कर्मचारी महिलाएं जिनके बारे में बताया जाता है कि संभवतः ये आंगन बाड़ी  महिला सदस्य होती है कोरोना मास्क की आड़ में अब उनकी चांदी कट रही है तथा वे आम जनता को मास्क पहनने एव लगाए गए रुमाल गमछा  चेहरा कव्हर गिरने  के नाम पर जमकर अवैध वसूली कर रही है जिससे हर खास ओ आम  हलाकान हो चुके है तथा अब लोगों के बीच से  विरोध के स्वर भी मुखर हो रहे है और ऐसे तथाकथित  आंगनबाड़ी  निगम महिला कर्मचारीयों को तत्काल मास्क की आड़ में किए जा रहे अवैध वसूली से हटाये जाने की मांग की जा रही है क्योंकि देखा यह जा रहा है कि मास्क गिरने या हटने पर दण्डात्मक राशि न देने पर  विवाद की स्थिति निर्मित हो रही है और मारपीट की नौबत सामने आ रही है



  ऐसा ही एक ताज़ातरीन मामला जोन क्रमांक 4 के अतर्गत गोलबाजार थाना के हबीब होटल के समीप देखने को मिला जहां पर एक मीडिया कर्मी जिसने गमछे से फेस कव्हर किया हुआ था परन्तु संयोग से वह नाक के नीचे हो गया तब वहां उपस्थित   आंगन बाड़ी महिला जिन्हें निगम द्वारा अनुबंध में रखा जाता है जो स्वयं को निगम कर्मचारी बताकर मीडिया कर्मी से नाक के नीचे गमछा बंधे होने के कारण दण्डात्मक राशि 500 रुपये की मांग करने लगी जबकि मीडिया कर्मी ने अपना परिचय भी दिया तथा एक अन्य मीडिया कर्मी थाने में जब मोबाइल से वीडियो बनाने लगा तब वह उल्टे एक अन्य मीडिया कर्मी को धमकाने लगी कि तू मेरा क्या वीडियो बना रहा है मैं तेरा वीडियो बनाती हूं .इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अवैध वसूली करने में ये महिलाएं किसी को झेप भी नही रही थी जबकि पीड़ित मीडिया कर्मी ने बताया कि      उसके दो पहिया वाहन की चाबी बलात निकालकर दण्डात्मक राशि पटाने की मांग करने लगी उनके द्वारा बलात व्यवहार से क्षुब्ध मीडिया कर्मी ने अपने वरिष्ठ को इसकी सूचना दी मगर वह उनसे भी बहस,मुबाहिसा  करने लगी तब मामला गोलबाजार थाना पहुंचा जहां पर तकरार होने की स्थिति पर थाना प्रभारी द्वारा  मामला किसी तरह शांत किया गया तथा मीडिया कर्मी को जाने दिया गया जबकि इनके उक्त आम जन से दुर्व्यवहार को लेकर स्वयं पुलिस कर्मी भी विरोध करते नज़र आए उनका कथन है कि किसी प्रकार से भी आम जनता को परेशान नही किया जाना चाहिए तथा लोगो को जो फेस कव्हर पहने हुए है या किसी कारण वश फेस कव्हर गिरने या हटने पर उन्हें एक बार समझाइश देकर छोड़ा जाना चाहिए मगर ऐसे तथाकथित आंगन बाड़ी की अनुबंधित निगम कर्मचारी जो केवल फेस कव्हर की आड़ में जिनका अवैध वसूली लक्ष्य होता है  वे बलात लोगो से पांच सौ रुपये चलानी कार्यवाही भरने की बात करती है


 तथा किसी के पास पांच सौ रुपये न होने की स्थिति पर उनसे सौ दो तीन सौ रुपये नगद लेकर उन्हें छोड़ देती है ज्ञात तो यह भी हुआ है कि रसीद काटने वक्त न डुप्लीकेट रसीद होती है और न ही कार्बन कॉपी लगाई जाती है जिससे इनकी अवैध वसूली की आशंका को बल मिलता है तथा  सौ दो सौ तीन सौ रुपये जो बगैर रसीद काटे लिया जाता है वह अवैध उगाही की राशि इनके जेब मे पहुंच जाती है ऐसा अवैध राशि वसूली का  माहौल केवल जोन क्रमांक चार ही नही बल्कि राजधानी के विभिन्न आउटरों में देखने सुनने और पढ़ने को मिल रहा है एक  स्थान में घटना के बारे में यह भी जानकारी मिली है कि अवैध वसूली को लेकर जूते,पैजर, लाठी भांजने के समाचार भी जन मानस के समक्ष आ चुके है  एक प्रकार से आम जनता से अवैध राशि वसूली को लेकर सभी आम लोग रोष व्यक्त कर रहे है क्योंकि कहा जा रहा है कि महिला होने का लाभ उठाते हुए ये दस के ग्रुप की महिलाएं किसी से भी उलझ जाती है तथा आम जनता से दुर्व्यवहार भी करती है लोगों का कथन है  कि जब निगम इन्हें अनुबन्ध के आधार पर रखी है तो उनके द्वारा क्यों किसी से भी बगैर मनी रसीद काटे सौ दो सौ और तीन सौ की वसूली की जा रही उस वक्त निगम का कोई जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी की नियुक्ति क्यों नही की जा रही है ? ताकि व्यवस्था को संभाला जा सके कथित महिला कर्मचारियों  द्वारा  लगातार सामने आ रहे अवैध वसूली और दुर्व्यवहार से निगम और महापौर की छबि धूमिल हो रही है मास्क चेकर  महिलाओं द्वारा आम जनता की दो पहिया वाहन से बलात चाबी निकालना और दण्डात्मक राशि लेकर छोड़ना  जिसका इन्हें अधिकार नही है यह सब किसकी शाह पर  किया जा रहा है यह सवाल अब  आम जनता के मध्य उठाया जा रहा है