गुरुवार, 9 फ़रवरी 2023

11-12 फरवरी को रायपुर में मौजूद रहेंगे देश के नामचीन लेखक और कवि

 


🔴 11-12 फरवरी को रायपुर में मौजूद रहेंगे देश के नामचीन लेखक और कवि 



घृणा के समय में प्रेम विषय पर आयोजित सेमिनार में करेंगे शिरकत⚫




रायपुर. साहित्य अकादमी, छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद की तरफ से इसी महीने की 11 वह 12 फरवरी को ‘ घृणा के समय में प्रेम ’ जैसे महत्वपूर्ण विषय पर दो दिवसीय कविता, कहानी, गायन और विचार गोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है.


परिषद का यह आयोजन सिविल लाइंस के न्यू सर्किट हाउस स्थित कन्वेंशन हॉल में प्रतिदिन सुबह साढ़े दस बजे से प्रारंभ होगा और शाम छह बजे तक चलेगा. इस आयोजन में नामचीन लेखकों और विचारकों के साथ वे कवि भी अपनी हिस्सेदारी दर्ज करेंगे जिन्हें आवाम का रचनाकार माना जाता है और युवाओं का एक बड़ा वर्ग पसंद करता है. 


साहित्य अकादमी के अध्यक्ष ईश्वर सिंह दोस्त ने बताया कि इस कार्यक्रम में समाज में व्याप्त सांप्रदायिकता और वैमनस्यता के माहौल के कारणों व स्रोतों पर बात की जाएगी. आज मनुष्य के विवेक को कुंद करते हुए जिस तरह से नफरत का वातावरण निर्मित किया जा रहा है, तब आपसी प्रेम व सौहार्द्र और मनुष्य के विवेक को सुरक्षित रखने में लेखक, साहित्यकारों और संस्कृतिकर्मियों की भूमिका कैसी हो सकती है इस पर  बात की जाएगी.लेखक इस मुद्दे पर भी चर्चा करेंगे कि आपसी संवाद, सहिष्णुता, करुणा और प्रेम जैसे नैतिक मूल्यों को पुख्ता करने के लिए बेहतर ढंग से क्या किया जा सकता है. 


विभिन्न सत्रों के रूप में आयोजित इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में कहानी पाठ, कविता पाठ, परिचर्चा के साथ ही जनसरोकार से जुड़े गीतों और कविताओं पर महत्वपूर्ण ढंग से काम करने वाले इंडियन रोलर बैंड की प्रस्तुति भी होगी.


इस कार्यक्रम में वरिष्ठ और युवा कवि विष्णु नागर, नासिर अहमद सिकंदर, राकेश पाठक, हरीश चंद्र पांडे, मदन कश्यप, कुँअर रवीन्द्र, नंद कुमार कंसारी, विनोद वर्मा, निधीश त्यागी, रजत कृष्ण, अदनान कफील दरवेश, संजय शाम, अंशु मालवीय, अनुपम सिंह, अरबाज खान के साथ ही ' याद रखा जाएगा सब कुछ याद रखा जाएगा ' जैसी जनप्रिय रचना लिखने वाले युवा कवि आमिर अज़ीज़,  मॉब लीचिंग पर ' वास्तविक कानून ' जैसी मर्मस्पर्शी कविता लिखने वाले नवीन चौरे और 'कौन जात हो भाई' जैसी कविता के जरिए अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करने वाले कवि बच्चा लाल उन्मेष कविताओं का पाठ करेंगे.


वरिष्ठ साहित्यकार विष्णु नागर, प्रभु नारायण वर्मा, सियाराम शर्मा, मदन कश्यप, आशुतोष कुमार, विजेंद्र सोनी, वंदना चौबे सहित अन्य साहित्यकार विमर्श में भाग लेंगे.वहीं नामचीन कहानीकार राजेंद्र दानी, आनंद बहादुर, कैलाश बनवासी, कामेश्वर पांडेय, श्रद्धा थवाईत और राकेश मिश्र कहानी पाठ करेंगे.इस कार्यक्रम का संयोजन छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ पत्रकार और लेखक राजकुमार सोनी कर रहे हैं.

शनिवार, 4 फ़रवरी 2023

पाशा की सुरीले गीत संगीत भाषा का श्रोताओं ने जमकर लुत्फ उठाया...नए पुराने नग्मों पर थिरके

 पाशा की सुरीले गीत संगीत भाषा का श्रोताओं ने जमकर लुत्फ उठाया...नए पुराने नग्मों पर थिरके 

अलताफ हुसैन

रायपुर (मिशन पॉलिटिक्स न्यूज़) मो.रफी के नग्मों को बेहतर ढंग से निभाने वाले गायक ज़ाहिद पाशा द्वारा प्रजेंट्स.. एक शाम सुरीले गीतों के नाम.. कार्यक्रम के माध्यम से मायाराम सुरजन हॉल गूंजा जिसमे नए पुराने गीतों का बेहतरीन समावेश किया गया और रफी लता आशा,किशोर,कुमार शानू अमित कुमार शब्बीर कुमार,मो अजीज़ के एक से बढ़कर एक सुपरहिट गीत की प्रस्तुति सधे हुए गायको द्वारा दी गई  इस बार ज़ाहिद पाशा के द्वारा गायकी की गीत संगीतिज्ञ शाला में चुनिंदा गायकों को लेकर सजाई गई थी जो परिपक्व होने के साथ उनके सुर ताल  की जबरदस्त जुगलबन्दी देखने मिली और समस्त हॉल प्रत्येक गीत पर तालियों की गड़गड़ाहट से सभी गायकों  का स्वागत वंदन,अभिनन्दन किया यहां तक बहुत से गीतों की सटीक प्रस्तुति ने कुछ श्रोताओं को थिरकने विवश कर दिया जो एक गीत संगीत कार्यक्रम की सफलता को प्रदर्शित करता है

प्रारंभिक चरण में एक शाम सुरीले गीतों के नाम के आधार स्तंभ ज़ाहिद पाशा के द्वारा रफी साहब का गीत.. चराग दिल का जलाओ...इतने सधे हुए अंदाज़ में गाया कि उपस्थित श्रोता खड़े हो कर ताली बजाने विवश हो गए शेष गिरी राव और श्रीमती जी. कृष्णा राव का युगल गीत.. जब हम जवां होंगे..जाने कहां होंगे.. बेताब गीत को सुनाकर सभी श्रोताओं को बेताब कर दिया क्योंकि गीत इतना अच्छा बन पड़ा था और सभी श्रोताओं ने भी मुक्त कंठ से उनके प्रस्तुति पर अपनी प्रशंसा व्यक्त किया और मुक्त हस्त से ताली की गड़गड़ाहट से दोनों कलाकारों का स्वागत भी किया  चुलबुल कलाकार के रुप में चिन्हित शहज़ादा खान ने वातावरण को खुशनुमा बनाने के उद्देश्य से कुछ कलाकारों की मिमिक्री करने का प्रयास किया परंतु वे सफल नही हो सके पश्चात अपने बेहतरीन गीत  ..बार बार देखो हजार बार देखों ...की प्रस्तुति मंच की आसंदी से न देकर श्रोताओ के बीच पहुंच कर दी और बहुत सटीक ढंग से प्रस्तुति दी जिसे भी श्रोताओं ने  खुलकर उनके साथ नृत्य करते हुए सराहा 
वही शहज़ाद खान और संजू साहू ने आधुनिक डिस्को संगीत में दोनों गायक कदमताल मिलाते हुए,,प्यार बिना चैन कहां रे...गीत को सटीक रूप से प्रस्तुत किया जिसे श्रोताओं ने झूमकर गीतों का लुत्फ उठाया वही पाशा के रफी साहब वाली भाषा मे...चराग दिल का जलाओ बहुत अंधेरा है... गीत पर श्रोता स्तब्ध होकर गीतों को सुनते रहे क्योंकि उनकी आवाज़ और साज में जबरदस्त तालमेल था  शेषगिरी राव और जी कृष्णा राव का युगल गीत... मुत्तु कौड़ी कव्वाड़ी हड़ा....जो बेहद जटिल गीत माना जाता है को हूबहू अंदाज़ में प्रस्तुत करने कामयाब रहे जो अपने आप मे एक उदाहरण है कि व्यक्ति मेहनत करे तो कामयाबी जरूर मिल सकती है जो दोनों युगल ने साबित कर दिया  
वही महेंद्र सिंह ठाकुर की गायकी बड़ी लाजवाब रही उनके द्वारा मुगल ए आज़म का सुप्रसिद्ध प्रेम,विरह वीर रस का समायोजित आंशिक गीत... ज़िंदाबाद ज़िंदाबाद.. आए मुहब्बत ज़िंदाबाद ...  जो एक हाई रेंज गीत है को इतनी संजीदगी के साथ प्रस्तुत किया कि सभी दर्शक खड़े होकर ताली से उनका अभिवादन किया  नवोदित कलाकार विभूति कर्मकार ने भी क्लासिकल संगीत के गीतों का तड़का लगाकर बीच बीच मे काफी वाहवाही बटोरी फ़िल्म उपकार गीत ...कसमे वादे प्यार वफ़ा... गीत को भी दुर्गेश पुलि ने बेहतरीन ढंग से जिया और खूब तालियां बटोरी क्योंकि यह गीत भी हाई रेंज का होने के साथ ही मानव रिश्तों के महत्व को दर्शाता है मन्नाडे साहब के स्वरबद्ध किए गए गीत को निभाना एक कलाकार के लिए चुनौती होती है जिसे  दुर्गेश पुलि ने उस चुनौती को स्वीकार करते हुए बेहतर ढंग से निभाया वही मनोज मसंद द्वारा रफ्ता रफ्ता देखो आंख मेरी लड़ी है ...लाई भी न गई..निभाई भी न गई... और तू मायके मत जइयो...की सटीक प्रस्तुति दी एक प्रकार से उनकी गायकी में सुधार के साथ निखार आते जा रहा है और ट्रैक पर कम से कम पकड़ बनती जा रही  कुमार शानू की आवाज़ को हूबहू जीने वाले बादशाह की आवाज़ भी लाल दुपट्टे वाली तेरा नाम तो बता जैसे चार गायको को जीने में कामयाब रहे और उनकी प्रस्तुति को भी सराहा गया विजय कोठारी मल्ली जी के द्वारा भी अतिथि गायक के रूप में अपनी बेहतरीन गीतों की प्रस्तुति दिया गया जो काफी पसंद किए गए

दीवाना हुआ बादल..और इन जैसे बहुत से गीतों की प्रस्तुति का सिलसिला देर रात तक अनवरत चलता रहा और श्रोता भी मायाराम सुरजन हॉल में जमे रहे तथा प्रत्येक गीतों का लुत्फ उठाते रहे वही मंच संचालन को लेकर श्रोताओं में एक शिकायत देखी गई रविन्द्र सिंह दत्ता का प्रस्तुति करण काअंदाज़ अलहदा है परंतु जिस प्रकार गीतों के गाए जाने के पीछे की संपूर्ण परेशानी जटिलताएं और उसके व्यवधान पर प्रकाश डालते है उसके उतने समय के चलते लगभग पांच से सात गीतों की प्रस्तुति पर असर पड़ता है जिसकी वजह से बहुत से गायकों के गीतों की प्रस्तुति से वंचित होना पड़ता है इस पर उन्हें ध्यान देने की आवश्यकता है यही कारण है कि उन्हें बहुत से म्यूज़िकल ग्रुप लेने से कतराने लगे है मंचीय सूत्रधारक का कार्य कम सधे हुए शब्दों में शेर ओ शायरी और कलाकार के व्यक्तित्व उसके प्रतिभा का मूल्यांकन का बखान करते हुए उन को मंच सौंपे यह विद्या होनी चाहिए न कि स्वयं भू होकर लंबी बीते हुए गायक,संगीतज्ञों की पर्दे के पीछे की कथा से अवगत कराया जाए  बहरहाल, उनकी आवाज़ और अंदाज़ के सब श्रोता कायल है उनकी उपरोक्त कमी को वे तनिक व्यवस्थित करेंगे तो श्रोताओं की पहली पसंद बन सकते है कृपया कथित बातों को वे अन्यथा न लेते हुए इस पर विचार करें 


बुधवार, 1 फ़रवरी 2023

जब तीन हाथियों से सामना हुआ वन विकास निगम कर्मियों का- एक रोमांच कथा

 जब तीन हाथियों से सामना हुआ वन विकास निगम कर्मियों का- एक रोमांच कथा 

अलताफ हुसैन

रायपुर (छत्तीसगढ़ वनोदय) 18 सितंबर 2021का दिन था आषाढ़ का महीना चल रहा था रुक रुक कर वर्षा हो रही थी हाल ही अस्तित्व में आए नए जिला  मोहला मानपुर का सघन वन क्षेत्र जहां आबादी भी कम थी सूर्यास्त होते ही लोग अपने अपने घरों मे दुबक जाते सघन वन क्षेत्र और माकूल वातावरण होने के कारण यहाँ बिना बुलाए मेहमान की तरह कहीं भी खंड वर्षा होते रहता है  मगर 18 सितंबर 2021 का मौसम तनिक शुष्क था एक तरह से आसमान में दूर कही कहीं काले बादल अपनी मस्ती में हवा के झोंके के साथ आवागमन करते परिलक्षित हो रहे थे  जिससे सूरज की आंख मिचौली चल रही थी आम दिनों की भांति लोग दैनिक दिनचर्या के तहत नियमित काम काज को निपटा रहे थे कभी तेज धूप लोगों को राहत देता तो कभी सर्र सर्र करती  मौसम की ठंडी हवा का झोंका गालों में पड़ते ही  पूरे शरीर मे ठिठुरन की एक सिहरन सी उठ जाती संध्या के साढ़े पांच बज रहे थे ऐसे में वन विकास निगम के मोहला परिक्षेत्र के अधिकारी द्वय जागेश गौड़ और होमलाल साहू कार्यालयीन कार्यों का निपटारा कर के काष्ठागर स्थित अपने शासकीय आवास की ओर धीरे धीरे गपियाते पहुंचे ही थे कि रेंजर जागेश गौड़ के मोबाइल की घण्टी सहसा घनघना उठी रेंज अधिकारी जागेश गौड़ ने मोबाइल में देखा तो कॉल वन विकास निगम राजनांदगांव मुख्यालय से  डी.एम. ए. के.पाठक साहब का था मोहला रेंज ऑफिसर जागेश गौड़ ने साथ चल रहे तात्कालिक  रेंजर होमलाल साहू को हाथों की उंगलियों  से  चुप रहने का इशारा करते हुए कॉल रिसीव करते हुए कहा- यस सर,दूसरी ओर से वन विकास निगम पानाबरस डिवीजन के डी. एम.  पाठक साहब की भारी भरकम आवाज़ आई जागेश,अभी अभी सूचना मिली है कि  वन क्षेत्र के राजाडेरा,मिस्प्रि  वन क्षेत्र में 22  हाथियों का दल विचरण कर रहा है.. तुम तत्काल..  कुछ कर्मियों को ले जाकर उस क्षेत्र में मुनादी करवाओ... और गज दल के मूवमेंट की खबर मुझे दो..सुरक्षा की दृष्टि से सभी ग्रामीण वनवासियों को अपने घरों में रहने की सलाह दो.. ताकि जान,माल के खतरे से आम लोगों को बचाया जा सके और हां.. इसमें  किसी प्रकार की कोई कोताही नही होनी चाहिए...इधर से रेंजर जागेश गौंड ने यस सर कहा , और तात्कालिक रेंजर होमलाल साहू को हाथियों के धमक के बारे में जानकारी दी जिसे सुनकर वो भी हड़बड़ा गए क्योंकि हाथियों का दल पहली बार निगम के वन क्षेत्र में अपनी आमद दी थी इसलिए उनका चौंकना स्वाभाविक था उन्होंने भी बगैर देर किए तत्काल अपने अधीनस्थ सहयोगीयों,राजन,डालेंद्र,रवि शंकर पारकर,गौरी शंकर भारद्वाज,सहित अन्य निगम के वन कर्मियों को दो विभागीय जीप लेकर उपस्थित होने कहा- साथ ही पेट्रोल,मशाल,मोटी रस्सी,एवं अन्य सुरक्षा सामग्री लाने का आदेश दिया तब ड्रायव्हर ने बताया कि एक गाड़ी की लाइट खराब हो चुकी है तथा इंजन भी कभी भी बंद हो जाता है.. इस पर तत्कालीन रेंजर होमलाल साहू ने उन्हें कहा- अभी गाड़ी बनाने का समय नही है तत्काल काष्ठागार स्थित  कार्यालय पहुँचों...

जब वे ये आदेश दे रहे थे तब तक सूर्य भी अस्तांचल में जा चुका था वातावरण हल्के सुरमयी रंग में तब्दील हो रहा था..दूर बादल के टुकड़ों में नारंगी रंग की हल्की आभा फैली हुई थी जो प्राकृतिक वातावरण को मनमोहक बना रहा था फिर भी दोनों रेंज ऑफिसर के पैर बगैर देरी किए अपने विभागीय आवास की ओर बढ़ गए तकरीबन एक घण्टे पश्चात सभी वन विकास निगम कर्मी दो गाड़ियों में ईंधन डलवाकर काष्ठागर आवासीय क्षेत्र के सामने खड़े थे जिनकी संख्या लगभग दस थी जैसे ही दोनों रेंज ऑफिसर अपने आवास से  बाहर आए सब कर्मियों  ने एकसाथ  सैल्यूट मार कर उनके आदेश का इंतज़ार करने लगे रेंज ऑफिसर जागेश गौड़,और होमलाल साहू जिनकी नियुक्ति  ही कुछ वर्ष पूर्व हुई थी जिसमें रेंज ऑफिसर जागेश गौंड एक कद्दावर बलिष्ठ कद काठी एवं निर्भीक साहसी अधिकारी के रूप में जाने जाते है तथा अपने कर्तव्य के प्रति सदैव जागरूक रहना उन के व्यवहार में शामिल है उनके लिए प्रारंभिक सेवाकाल में   हाथियों के आगमन और उनकी मॉनिटरिंग किसी रोमांच से कम नही था वही  तात्कालिक   (डिप्टी डीएम) तात्कालिक रूप डी एम होमलाल साहू एक कर्तव्य परायण अधिकारी के रूप में पहचाने जाते है  उन्हें तनिक भी आभास नही था कि अपने सेवाकाल के दौरान इस प्रकार की कल्पना नही की थी कि कभी हाथियों के दल से सुरक्षा और निगरानी की जिम्मेदारी मिलेगी फिर भी साहस और रोमांच से भरे कर्तव्य निर्वहन का यह पहला सुअवसर जिसमे हाथियों से सामना होना था कोई भी अधिकारी खोना नही चाहते था 

 रात के आठ बजे सभी वन विकास निगम कर्मी मोहला स्थित काष्ठागार के आवासीय स्थल से दो जीप में सवार होकर रवाना हुए पानी की हल्की फुल्की बूंदा बांदी प्रारंभ हो गयी थी कभी कभार दूरस्थ क्षेत्र में बिजली की गड़गड़ाहट भरे  चकाचौंध रौशनी  की चमक से वनों के अस्पष्ट पेड़ों के ऊंचे झुरमुट दिख जाते जो भयावह और डरावने लग रहे थे ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे कब हाथियों का दल उनके समक्ष आकर सामने खड़े हो जाए  फिर भी रैनकोट से सुसज्जित अपनी सुरक्षा हेतु सामग्री लिए वे सब हाथियों के मूवमेंट स्थल की ओर बढ़ गए हाथी प्रभावित क्षेत्र के आसपास ग्राम में पहुंच कर सरपंच कोटवार को जानकारी देने का सिलसिला और कहीं कहीं ग्राम में अपनी गाड़ी में लगे छोटे से लाउडस्पीकर पर मुनादी भी करते रहे ताकि आम जन सजग रहे अनेक ग्राम मे सन्नाटे को चीरती हुई निगम कर्मियों की स्पीकर की आवाज़ से क्षेत्र गुंजयमान होने लगा  कि कोई भी व्यक्ति रात्रि में अपने घरों से बाहर न निकले.रात में ...दिशा मैदान को न जाएं और ..हाथी दिखने पर उनके करीब न जाएं.. हाथी दल दिखने पर तत्काल विभाग को सूचना दे... इस प्रकार रात भर आसपास के बहुत से गांव में निगम कर्मी सचेत करने मुनादी करते रहे  जबकि यह प्रथम अवसर था जब हाथियों का दल वन विकास निगम  मोहला के पानाबरस परियोजना मंडल के वन परिक्षेत्र में  दृष्टोगोचर हुआ था जिनकी उपस्थिति से होने वाले किसी भी अप्रिय घटना से सभी निगम कर्मी आशंकित थे जबकि उनके पास विभाग द्वारा प्रदत्त किसी प्रकार सुरक्षा सामग्री की माकूल व्यवस्था भी नही  थी सिवाय पेट्रोल मशाल,रस्सी,से वे कितना हाथियों को काबू कर पाते यह उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती थी फिर भी एक दूसरे का साथ और साहस के चलते वे अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे थे

 रात भर अनेक गांव में मुनादी के पश्चात वे सब वापस मोहला जाने पर चर्चा करने लगे डिप्टी डिविजनल मैनेजर महेश खटकर को वापसी की सूचना देकर वे वापसी की सोची क्योंकि अब भोर के चार बज रहे थे रात का अंधियार अब धीरे धीरे फीका होना प्रारंभ हो चुका था आसमान में अब भी बादल होने से भोर की सफेदी उस पर हावी हो रहा था मगर सघन वन क्षेत्र होने से वन मार्ग अब भी रात के स्याह रंग से सराबोर था जागेश गौंड,और होमलाल साहू एक ही गाड़ी में बैठे पाली ग्राम क्षेत्र में अपनी अंतिम सर्च,और मुनादी कर वापस लौटने पर चर्चा करते हुए वन मार्ग में बढ़ रहे थे  पक्के वन मार्ग में  सिंगल लेन सड़क पर उनके पीछे बगैर लाइट वाली गाड़ी भी फर्राटे भरते चल रही थी जिस पर शांत वातावरण में गाड़ियों की आवाज़ से कुछ दूर अशांति का वातावरण निर्मित हो जाता जिससे दोनों गाड़ियों में बैठे वन कर्मी सहज होने का प्रयास करते कि गाड़ियों के शोर से कोई भी वन्यप्राणी कम से कम उनके करीब आने का दुस्साहस नही करेगा जिस स्थल से उन सब का जाना हो रहा था वहां से महाराष्ट्र बॉर्डर  की दूरी भी मात्र 12 किलोमीटर शेष थी आंखे भी कभी कभी नींद से बोझिल होने का प्रयास करती कुछ वन कर्मियों की आंख स्वतः बंद हो चुकी थी और गाड़ी की हिचकोलों में वे मां की गोद मे किसी हिलोर का अहसास करते हुए अचेतन स्थिति में झूम रहे थे इधर दोनों रेंजर भी  बातचीत कर नींद को काफूर करने का प्रयास कर बोझिल और उनींदा आंखों से सभी निश्चित होकर पाली ग्राम क्षेत्र की ओर बढ़ रहे थे सब कुछ सामान्य चल रहा था ड्राइवर भी जल्द से जल्द पाली ग्राम के अपने अंतिम पड़ाव के लक्ष्य की ओर जीप को द्रुत गति से बढ़ा रहा था एक समय ऐसा भी आया कि वन क्षेत्र के धुमावदार रास्ते मे पड़ने वाले नाले की ओर जैसे ही ड्रायव्हर ने गाड़ी की स्टेयरिंग घुमाया वैसे ही उसने जम कर पैर से ब्रेक को दबा दिया गाड़ी भी.. चर्ररर..चर्ररर करते हुए सड़क पर टायर का निशान छोड़ती हुई रुक गई यही स्थिति पीछे आ रही गाड़ी की भी हुई यकायक आगे जीप के ब्रेक लगाने से वह   भी बगैर देरी किए जीप को ब्रेक लगा एक झटके में जीप खड़ी कर दी ब्रेक का जोर से झटका लगने पर सभी निगम कर्मी एक दूसरे के ऊपर गिरते गिरते बचे सभी हतप्रभ हो कर आंखे खोल कर  कौतूहल वश एक दूसरे को सवालिया नज़रों से देखने लगे..दोनों रेंजर एक साथ चीखते लहजे में ड्रायव्हर की ओर मुखातिब हुए  ..क्या हुआ..ब्रेक इतनी जोर से क्यों लगाया ... ड्रायव्हर भय मिश्रित आंखों से बगैर कुछ बोले स्टेयरिंग से हाथ को थोड़ा ऊपर  करके उंगली के इशारे से सड़क की ओर इशारा किया... सब ने आंख घुमा कर  सामने  लाइट में लगभग 15 मीटर की दूरी पर तीन विशाल काय हाथियों  को सड़क से पार होते देखा एक क्षण में सब के कंठ सुख गए..गले की हड्डी ऊपर नीचे होने लगी..दिल की धड़कन तेज गति से धड़कने लगा...जिससे हाथ पांव में कंपन्न होना शुरू हो गया...भय से सब के हाथ पांव फूल गए.. हाथियों को इतने करीब से देखते ही सब की घिग्घी बंध गई किसी के मुंह से कुछ भी नही निकला...ऐसा लगने लगा कि मौत एकदम करीब से जा रही है पीछे  बगैर लाइट की गाड़ी में भी कोई हलचल नही थी उसमे बैठे निगम कर्मियों को यह समझते देर नही लगी कि सामने जरूर कुछ हुआ है तभी किसी कर्मी  ने बाहर झांक कर देखा तो बीच सड़क से तीन हाथी पार होकर सड़क के नीचे खड़े हुए है इधर गाड़ियों की ब्रेक की आवाज़ और गाड़ी की गड़गड़ाहट सुन कर तीनों हाथी भी यथावत स्थिति में जहां के तहां  खड़े हो गए  रेंजर जागेश गौंड,और हेमलाल साहू के माथे पर सुबह की ठंडी हवाओं के बीच मे  पसीने की बूंद उभर आई थी  सब निगम कर्मी सांस रोक कर उन्हें खड़े देखते रहे जो सड़क के करीब नीचे सुपे जैसे कान खड़े कर हमले की मुद्रा में खड़े दिख रहे थे उनमें एक दंतैल के अलावा दो अन्य वयस्क हाथी थे यकायक गाड़ियों और जोर से लगे ब्रेक की आवाज़ से वे तीनों हाथी भी अपने कान खड़े कर लिए तथा अपने पैरों को जमीन में रगड़ने लगे उनकी यह प्रतिक्रिया कोई शुभ  संकेत नही होता इसका मतलब वे गुस्सा होकर  हमला करने की चेतावनी दे रहे हो इधर गाड़ी में बैठे आर.ओ.जागेश गौंड,एवं होमलाल साहू के माथे में पसीने की बूंद उभर आई  ड्रायव्हर के हाथ स्टेयरिंग से चिपक गए और सभी निगम कर्मी सांस रोक कर गाड़ी में जड़वत हो गए,,न कोई हलचल और न ही कोई शब्द किसी के मुंह से निकल पा रहा था सब की आत्मा भय के कारण अंदर से थरथरा रही थी मात्र 15 मीटर की दूरी पर  सामने खड़े तीन हाथी जैसे उन्हें साक्षात यमराज  दिखने लगे थे उन्हें आशंका होने लगी कि कब उत्तेजित होकर तीनों हाथी उन पर हमला कर दे परंतु वे तीनों हाथी भी लाइट की चमक से कुछ समझ नही पा रहे थे तब धीरे से रेंजर जागेश गौंड ने फुसफुसा कर आदेश दिया गाड़ी को पीछे करो... ड्रायव्हर ने पीछे देखा बगैर लाइट वाली गाड़ी एकदम चिपक कर खड़ी थी मगर वह भी पीछे नही हो सकती थी क्योंकि घूमावदार,संकरा मार्ग होने की वजह से गाड़ी पीछे नही किया जा सकता था ड्राइवर ने पीछे न जाने की स्थिति से रेंजर को अवगत कराया  फिर तत्कालीन रेंजर होमलाल साहू ने  ड्रायवहर से कहा - ऐसा करो ..गाड़ी की लाइट उनकी आंखों में मार कर बंद चालू करो और साथ मे सायरन बजाओ ताकि आवाज़ सुन कर वे आगे बढ़ जाएं परन्तु बार बार लाइट बंद चालू करने तथा सायरन बजाने से इसका विपरीत प्रभाव दिखा तीनों हाथी और अधिक उत्तेजित होकर कान खड़े करने लगे उसी समय एक हाथी अपना कदम उनकी जीप की ओर बढ़ाया तब दूसरे हाथी ने उसकी पूंछ को पकड़ कर कुछ संकेत दिया जिससे वह हाथी वही खड़ा हो गया अब निगम कर्मियों के समक्ष समस्या यह थी कि यदि गाड़ी पुल के नीचे करते है तब उन्हें गाड़ी फंसने की आशंका होने लगी क्योंकि मार्ग  गहरा और बहुत जटिल था वही पीछे गाड़ी करते है तो ऐसा महसूस हुआ कि कब किधर से 22 हाथियों का दल जो आसपास वन क्षेत्र में विचरण कर रहे थे कहीं पीछे से न पहुंच जाए और जीप सहित सब को चकनाचूर न कर दे ..अब निगम कर्मियों की स्थिति यह हो गई कि न आगे जा सकते है और न ही पीछे जा सकते थे क्योंकि पूरा गज दल आसपास विचरण कर रहे थे निगम कर्मियों को सब तरफ हाथी के रूप में यमदूत नज़र आ रहे थे सब भय मिश्रित नेत्रों से गाड़ी के बाहर आंखे फाड़ फाड़ कर अंधेरे में देखने का प्रयास करने लगे कहीं पूरा का पूरा हाथियों का कुनबा वहां न आ जाए और जान पर बन आए ? इधर सब को यह भय भी सता  रहा था कि इधर सड़क के नीचे खड़े तीनों हाथियों में से किसी एक ने भी अन्य स्थल में विचरण करते दल को संकेतात्मक चिंघाड़ मार दी  तो सब कुछ समाप्त हो जाएगा  सब निगम कर्मी की स्थिति किसी पिंजरे में फंसे हुए प्राणी  जैसी लग रही थी उनके सामने तीनों हाथी के रूप में साक्षात यमराज दिखाई दे रहा था कुछ निगम कर्मी तो कांपते हाथ को जोड़कर,आंख बंद कर  ईश्वर से प्रार्थना करने लगे थे कि किसी तरह जान बचा लो प्रभु और आई मुसीबत को किसी तरह टाल दो... रेंज अधिकारी जागेश गौंड ने हिम्मत और साहस के साथ ड्रायव्हर को आदेश दिया कि फिर से सायरन बजाओ...सायरन बजाने से तीनों हाथी और उत्तेजित हो कर पांव जमीन में रगड़ने लगे तब एक निगम कर्मी ने साहस दिखाते हुए मशाल जलाकर, पेट्रोल मुंह मे रखकर उनकी ओर फूंकने लगा....आग के उठते लपट देखकर  हाथियों ने एक कदम उनकी ओर बढ़ाया ....इससे सभी निगम कर्मी डर से कांपने लगे मौके की नजाकत को देखते हुए तुरंत तत्कालीन रेंजर होमलाल साहू ने आग फेकने वाले निगम कर्मी को गाड़ी में  बैठने का आदेश दिया जैसे ही वह कर्मी गाड़ी में चढ़ा ड्रायव्हर को आदेश दिया कि गाड़ी स्पीड से निकालो..ड्राइवर ने थोड़ी हिम्मत जुटाई और तुरन्त एक्सीलेटर पर पैर को दबा दिया पीछे खड़ी गाड़ी भी ब्रेक से पैर हटाते हुए एक्सीलेटर पर दबाव बना दिया एक झटके के साथ  आगे चल रही गाड़ी के पीछे अपनी गाड़ी को फर्राटे से पीछे लगा दिया वातावरण गाड़ियों की आवाज़ से गूंज उठा जीप की कर्कश ध्वनि के बढते ही तीनों हाथी वापिस सड़क पर चढ़ने लगे मगर तब तक दोनों गाड़ी ने अपनी रफ्तार पकड़ ली थी और एक फर्राटे के साथ दोनों गाड़ियां उन तीनों हाथी के सामने से सायरन बजाते हुए वहां से आगे बढ़ गए कुछ दूर आगे जाने के बाद पीछे चल रही गाड़ियों में बैठे निगम कर्मियों ने मुड़कर देखा तीनों हाथी सड़क मे पहुँच चूके थे और वे दूर होती गाड़ियों की ओर देख रहै थे वहां से कुछ किलोमीटर आगे आने पर सब ने राहत की सांस ली और ईश्वर को धन्यवाद दिया परंतु आषाढ़ की इस रात में पन्द्रह मिनट का यह भयावह क्षण जिसे वे अभी गुजार कर आ रहे थे उनके जीवन का अविस्मरणीय  क्षण बन गया था वर्तमान मोहला परिक्षेत्राधिकारी जागेश गौंड एवं होमलाल साहू जो वर्तमान में  एस डी ओ बन चुके है 

से जब इस रोमांचक क्षण की कथा का वर्णन सुन रहे थे तब घटनाचक्र का स्मरण मात्र से शरीर मे सिहरन उठ रही थी और रौंगटे खड़े हो रहे थे हाथी दल के अनवरत आवागमन के संदर्भ में जब मोहला परिक्षेत्राधिकारी जागेश गौंड से चर्चा की तब उन्होंने कहा कि वन विभाग को गजदल के आवागमन मार्ग क्षेत्र में कॉरिडोर निर्माण करना चाहिए हालांकि इस सिलसिले में विभाग ने भि कार्ययोजना बना कर विचार करना प्रारंभ कर दिया है उन्होंने आगे कहा- क्योंकि दिन में हाथी वनक्षेत्र में घास फूस,और झाड़ इत्यादि कहा कर अपनी क्षुधा शांत कर लेता है परन्तु स्वाद बदलने खेत खलिहान की उपज की ओर आकर्षित होता है तथा माल के साथ जान का खतरा बढ़ जाता है वही उन्होंने आगे बताया कि झुंड में रहते समय यह अधिक आक्रमक नही होता जितना अकेला हाथी हमलावर होता है इसके लिए हालांकि बहुत से हाथियों में रेडियो कॉलर लगाया गया था जो हट गया है जिससे इनके एक्जिट लोकेशन ज्ञात नही हो पाता वविनि रेंजर जागेश गौंड ने आगे बताया कि महाराष्ट्र में ठीक इसके विपरीत हाथियों के निगरानी हेतु एक्सपर्ट रखे गए है जो सेटेलाइट से पूर्वानुमान लगा कर महाराष्ट्र वन क्षेत्रों में होने वाली हलचल,सूचना के अनुसार तथा गजदल के वर्ष भर में किस ऋतु मे उनका आगमन होना है उसके समयानुसार महाराष्ट्र बॉर्डर तक विस्तृत ग्राम क्षेत्रों में मुनादी करवा दी जाती है ताकि जानमाल से आम जन को  बचाया जा सके परन्तु हमारे यहां किसी प्रकार की आधुनिक पद्धति नही है जिससे अनेक जान माल के क्षति होने की घटनाएं घटित होती रहती है उन्होंने आगे कहा- कि इसके लिए विभाग योजना बनाए छग,मप्र.और महाराष्ट्र राज्य मिलकर हाथी दल के विचरण क्षेत्र का मैप बनाकर कॉरिडोर बनाए तथा हाथियों से आम जन की सुरक्षा के साथ साथ इनके संरक्षण संवर्धन में भी कार्य किए जा सकते है वही वर्त्तमान डिप्टी डीएम होमलाल साहू का कथन है कि वन विभाग की तरह प्रदेश भर में बहुत से निगम के वन क्षेत्र है जहां हमे सुरक्षा हेतु कोई सामग्री नही दी जाती इसके लिए वन विकास निगम,वन विभाग  गजदल से आमजन के जानमाल की सुरक्षा सहित सभी के सुरक्षा हेतु सामग्री होनी चाहिए इसके लिए बाकायदा वन विकास निगम को भी शासन की ओर से बजट जारी होना चाहिए जिसके बगैर किसी भी प्रकार की सुरक्षा संरक्षण,संवर्धन बे मायनी है वही वर्तमान मिस्प्रि रेंजर कुमारी दीपिका केशरवानी का कथन है कि बहुत से वन ग्राम क्षेत्र मे हाथी के हमले से कई ग्रामीण हताहत हुए है तथा मृत्यु तक हो चुकी है जिन्हें उपचार एवं अंतिम संस्कार हेतु प्रारंभिक सहायता राशि दी जाती है परंतु मिलने वाले मुआवजे की राशि प्रदाय करने में काफी विलंब होता है मिस्प्रि रेंजर कुमारी दीपिका केशरवानी आगे बताती है कि पहले ग्रामीण किसी प्रकार का कोई सहयोग नही करते थे  परन्तु जब से हाथियों द्वारा जानमाल की क्षति पहुंचाई गई तब से वे वविनि कर्मियों से पूरा सहयोग करते है वो आगे कहती है कि वविनि कर्मियों को भी सुरक्षा हेतु सभी सामग्री मिलनी चाहिए तथा अन्य आधुनिक उपकरण भी लगाए और दिए जाने चाहिए जैसे टीवी के माध्यम से नाटक और शिक्षा के माध्यम से जन जागरूकता आवश्यक है ताकि गजदल की सही लोकेशन और सही समय में ग्रामीणों को जन जागरूकता लाने  लोकेशन ट्रेस कर ने सेटेलाइट,जीपीएस, जैसे अनेक आधुनिक माध्यम की आवश्यकता है जो अभी तक हमे प्रदाय नही हो सका है 

सोमवार, 30 जनवरी 2023

श्रीमद भागवत कथा सप्ताह का आयोजन राजातालाब में कथा वाचक पं. चंद्रकांत कृष्णा शास्त्री जी महाराज ने सभी श्रद्धालुओं को भक्ति में डुबोया

 श्रीमद भागवत कथा सप्ताह का आयोजन राजातालाब में  कथा वाचक पं. चंद्रकांत कृष्णा शास्त्री जी महाराज ने सभी श्रद्धालुओं को भक्ति में डुबोया 


रायपुर (मिशन पॉलिटिक्स न्यूज़) राजातालाब स्थित छोटा हनुमान मंदिर में दिनांक 26 जनवरी 2023 से 2 फरवरी 2023 तक प्रतिदिन श्री मद भागवत कथा का आयेजन किया गया है जिसमे सुप्रसिद्ध कथा वाचक चंद्रकांत कृष्ण शास्त्री महाराज वृंदावन के श्री मुख से  एवं श्री संतोष तिवारी शास्त्री जी महाराज के द्वारा दोपहर दो बजे से अमृतवाणी का लाभ प्रतिदिन सैकड़ों, की संख्या में उपस्थित श्रद्धालु गण  उठा रहे है  श्रीमद भागवत सप्ताह में कथावाचक शास्त्री महाराज अनेकों अनेक प्रसंगों पर प्रकाश डालते हुए सत्मार्ग में चलने का आव्हान श्रद्धालुओ से किया तथा प्रतिदिन धार्मिक कर्मकांड को विधि अनुसार कर रहे है  प्रथम दिवस कलश यात्रा एवं गौकर्ण कथा का उल्लेख किया दूसरे दिन कपिल देव देवहुति संवाद तृतीय दिवस सति संवाद प्रह्लाद चरित्र पर प्रकाश डाला गया चतुर्थ दिवस श्री राम जन्म,एवं कृष्ण जन्म प्रसंग की प्रस्तुति दी गई पंचमी दिवस श्री कृष्ण लीला गोवर्धन पूजा के महत्व को बताया गया छठे दिवस महारास लीला एवं रुक्मणि विवाह प्रसंग कथा का पाठ कर समस्त श्रद्धालुओं को कृष्ण भक्ति में डुबो दिया हर तरफ श्रद्धालु राधे कृष्ण का जाप कर झूमने लगे सप्तमी दिवस पर 16 सहत्र 108 विवाह एवं सुदामा चरित्र प्रसंग का पाठ ने उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया प्रभु श्री कृष्ण और  निर्धन सुदामा के मित्रता चरित्र का इतना सटीक वर्णन शास्त्री महाराज ने प्रस्तुत किया कि समस्त श्रद्धालुओं की आंखों से अश्रुधारा निकल पड़ी  अष्टमी अंतिम दिवस परीक्षित मोक्ष,चढ़ोत्तरी,एवं पूर्णाहूति  दी गई तथा शोभायात्रा के साथ ही श्रीमद भागवत कथा का समापन किया गया  संपूर्ण श्रीमद भागवत कथा का पुण्य परम् पितरों के मोक्ष हेतु आयोजित किया गया श्री मद भागवत कथा सप्ताह एवं भजन कीर्तन का आयोजन श्री राजकुमार शर्मा एवं श्रीमती उषा देवी शर्मा के द्वारा किया गया था  श्रीमद भागवत कथा सप्ताह कार्यक्रम  के मुख्य अतिथि रवि शंकर शुक्ल वार्ड के पार्षद एवं एम आई सी सदस्य आकाश तिवारी जी थे जिनकी गरिमामयी उपस्थिति में कार्यक्रम संपादित हुआ विशेष सहयोग के रूप में श्रीमती  कलावती रेड्डी,श्रीमती मंजू गौरी,एवं श्रीमती ईशा श्रीवास्तव का विशेष योगदान रहा 

शुक्रवार, 27 जनवरी 2023

रायपुर,आरंग,अभनपुर, सहित वन विभाग कर्मियों ने गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण किया गया

 रायपुर,आरंग,अभनपुर, सहित वन विभाग कर्मियों ने गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण किया 

रायपुर गणतंत्र दिवस के उपलक्ष पर  वन मंडल रायपुर के बहुत से कार्यालय काष्ठागर में वन कर्मियों ने ध्वजारोहण कर हर्षोउल्लास के साथ राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस मनाया 


 इस अवसर पर बहुत से स्थलों में बच्चों को स्वल्पाहार स्वरूप बूंदी सेव भी बांटा गया रायपुर वन मण्डल अंतर्गत ध्वजारोहण कार्यक्रम रायपुर डीएफओ विश्वेश झा के निर्देश पर परिक्षेत्राधिकारी सतीश मिश्र के मार्ग दर्शन  में  आरंग क्षेत्र में लोकनाथ ध्रुव डिप्टी रेंजर के द्वारा किया गया  इस अवसर पर काष्ठागर के समस्त वन कर्मी उपस्थित हुए तथा राष्ट्रीय गीत गा कर राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी गई वही अभनपुर काष्ठागर के प्रभारी  गिरीश रजक  के द्वारा ध्वजारोहण किया गया पश्चात राष्ट्रगान का पाठ कर उपस्थित स्थानीय बच्चों को तिरंगा झंडा के साथ स्वल्पाहार स्वरूप बूंदी सेव बांटकर  उनमे देश भक्ति का संचार किया उसी प्रकार रायपुर डिवीजन ऑफिस में भी ध्वजारोहण कार्यक्रम संपन्न हुआ इस अवसर पर सभी अधिकारी कर्मचारी विशेष रूप से उपस्थित थे  यही नही वन विभाग के प्रदेश भर के कार्यालयों काष्ठागार , में ध्वजारोहण  का कार्यक्रम प्रातःकाल किया गया जिसे डीएफओ,एस डीओ,  स्थानीय कार्यालय के परिक्षेत्राधिकारी, डिप्टी रेंजर सहित प्रभारियों द्वारा ध्वजा रोहण कर विधिवत गणतंत्र दिवस मनाया गया  मुख्यालय अरण्य भवन नया रायपुर में भी ध्वजारोहण पश्चात मार्च पास्ट और राष्ट्रीय गान के साथ सलामी दी गई जहां सभी वरिष्ठ अधिकारी कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे 

मंगलवार, 24 जनवरी 2023

सोना,चांदी,ताम्र, लाने वन अधिकारी,कर्मचारी बहा रहे पसीना

 सोना,चांदी,ताम्र, लाने वन अधिकारी,कर्मचारी बहा रहे पसीना 

अलताफ हुसैन द्वारा

रायपुर (छग वनोदय)ग्रीन गोल्ड अर्थात हरा सोना का नाम आते ही प्रदेश में आच्छादित हरे भरे वन क्षेत्रों का परिदृश्य हमारे नज़रों के सामने परिलक्षित होना शुरू हो जाता है उसके संरक्षण संवर्धन के लिए वन अधिकारी और कर्मचारी पूरी तन्मयता,कर्तव्य निष्ठा, और शिद्दत से वनों की चाक चौबंद सुरक्षा हेतु अपना पसीना बहाते प्रायः प्रदेश के वन क्षेत्रों में दृष्टिगोचर हो जाते है ताकि प्राकृतिक रूप से प्राप्त वन जैसी अनुपम थाती का अस्तित्व बचा रहे मगर इस बार प्रदेश भर के सेवारत वन अधिकारी कर्मचारी, वन रूपी हरा सोना को बचाने नही अपितु पीला चमकदार सोना,और चांदी लाने के लिए  अपना पसीना रात दिन बहा रहे है चौंकिए नही!पीला सोना और चांदी प्राकृतिक धातु के नही बल्कि  हरियाणा पंचकूला में 2023 मार्च माह में आयोजित अखिल भारतीय वन खेल कूद का आयोजन किया जा रहा है जिसके लिए छत्तीसगढ़ प्रदेश के बहुत से वन अधिकारी कर्मचारी बड़ी संख्या में भाग ले रहे है तथा जीत सुनिश्चित कर प्रदेश वन विभाग का नाम रौशन करने अपना पसीना रायपुर स्थित अनेक स्टेडियम,ग्राउंड,जैसे स्थलों में सुबह शाम बहा रहे है ताकि गोल्ड,सिल्वर,ब्रॉन्ज,मेडल ला सके और प्रदेश वन विभाग का नाम रौशन कर  सके

इसके लिए भिन्न भिन्न खेल के लिए विशेष तौर पर खेल विद्या में दक्ष कोच रखे गए है ताकि प्रैक्टिस में किसी प्रकार की कोई कमी न रह सके 

   मार्च 2023  हरियाणा स्थित पंचकूला में आयोजित होने वाले उक्त अखिल भारतीय खेल कूद प्रतियोगिता में प्रदेश भर के वन अधिकारी कर्मचारी, बतौर खिलाड़ी हिस्सा ले रहे है साल में एक बार होने वाले ऐसे आयोजन के लिए प्रदेश वन विभाग ने भी कमर कस ली है जिसमे राज्य के समस्त वन मंडल कार्यालय से ऐसे प्रतिभाशाली खिलाडी राजधानी रायपुर पहुंच चुके है तथा गोल्ड सिल्वर,ब्रॉन्ज, मेडल लाने आतुर दिख रहे है  उनके  शारीरिक और मानसिक विकास हेतु संवेदनशील  प्रदेश वन विभाग के मुखिया एवं पीसीसीएफ   संजय शुक्ला साहब के दिशा निर्देश में लगभग 270 प्रतिभागियों की फेहरिस्त ए.पी.सी.सी.एफ.श्री सुनील मिश्र के मार्गदर्शन में तथा आई.एफ.एस. सहायक अधिकारी आलोक तिवारी द्वारा तैयार की गई है जिनका चयन का जिम्मा सुनील मिश्रा एपीसीसीएफ द्वारा  किया जाएगा इस संदर्भ में सहयोगी भावसे अधिकारी आलोक तिवारी पूर्व कालिक सेवा के दौरान  लंबे समय तक मैदानी वन क्षेत्रों के विकास में अनेक कार्य करवाए है  यही नही जन सरोकार योजनाओं का सफल क्रियान्वयन के उद्देश्य से सुदूर वन क्षेत्रों में निवासरत वन वासी वनादिवासियों को समाज की मुख्य धारा में लाने सदैव प्रयासरत रहे है उन्हों ने बताया कि बेहतर परफॉर्मेंस वाले वन विभाग के ख़िलाडियों  का चयन किया जाएगा जिसमे लिस्ट शॉर्ट की जाएगी तथा 225 से 230 खिलाड़ियों का चयन करते हुए उन्हें भावी मार्च माह में आयोजित प्रतियोगिता में भाग लेने हरियाणा पंचकूला में भेजा जाएगा इसके लिए बाकायदा दल निरीक्षक के तौर पर अधिकारीयों की नियुक्ति की जाएगी जिनके नेतृत्व और निगरानी में  230 महिला पुरुष खिलाड़ी प्रतिभागी हरियाणा पंचकूला में   10 मार्च 2023 से 14 मार्च 2023 तक अखिल भारतीय खेल कूद प्रतियोगिता में आयोजित  होने वाले  भिन्न भिन्न खेलो का प्रदर्शन करेंगे तथा राज्य वन विभाग के लिए गोल्ड,सिल्वर,ब्रॉन्ज,मेडल लाने का प्रयास करेंगे भावसे अधिकारी आलोक तिवारी ने आगे बताया कि अखिल भारतीय वन  खेलकूद प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु संपूर्ण प्रदेश से महिला पुरुष प्रतिभागी खिलाड़ी सुबह शाम कसरत से तैयारी कर रहे है इसके लिए बाकायदा कोच की नियुक्ति की गई है जो खेलों की बारीकियों से सभी खिलाड़ियों को दक्ष करने में जुटे है भावसे अधिकारी आलोक तिवारी ने आगे बताया कि सभी ख़िलाडियों को तीन वर्ग में विभाजित किया गया है



 ओपन,जूनियर और सीनियर वर्ग  जिनमे क्रमशः 18 वर्ष की आयु से लेकर 40 वर्ष,41 वर्ष आयु से लेकर 53 वर्ष आयु तक एवं सीनियर में 61 वर्ष आयु तक के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे महिला वर्ग में भी 40 से 50 वर्ष आयु तक खिलाड़ियों को अवसर दिया जाएगा उन्होंने आगे बताया कि अब तक 285 खिलाड़ी अपना पसीना बहा रहे है जो भिन्न भिन्न स्पर्धा के हिस्सा होंगे  श्री तिवारी ने आगे बताया कि  पिछले खेलकूद प्रतियोगिता जो उड़ीसा में आयोजित था उसमें प्रदेश वन विभाग का सर्वोत्तम प्रदर्शन रहा जिसमे 56गोल्ड मैडल,43 सिल्वर मेडल तथा 29 ब्रॉन्ज मैडल प्राप्त कर देश भर में प्रथम स्थान प्राप्त कर प्रदेश वन विभाग का नाम रौशन किया था संपूर्ण वन विभाग खेलकूद प्रतिभागियों को मार्ग दर्शन देने वाले सहायक भावसे अधिकारी आलोक तिवारी आगे बताते है कि इसमें सभी प्रकार के खेल होंगे ओपन गेम के अलावा इंडोर  गेम भी है जो खेला जाएगा स्थानीय प्रैक्टिस हेतु राज्य खेल एवं युवा कल्याण विभाग से समस्त प्रकार के सहयोग प्राप्त हो रहा है वही सभी प्रकार की खेलकूद सामग्री,सहित ग्राउंड,मैदान, स्टेडियम इत्यादि उपलब्ध कराया गया है तथा खिलाड़ियों का चयन वन बल प्रमुख,एवं प्रदेश के मुखिया,संजय शुक्ला साहब एवं एपीसीसीएफ सुनील मिश्रा द्वारा किया जाएगा 

   


          
  इस संदर्भ में कुछ स्थलों में जाकर इसका जायजा लिया गया जहां खिलाड़ी सुबह शाम प्रैक्टिस में अपना पसीना बहाते दिखे कोटा स्टेडियम में बाधा दौड़,स्पीड दौड़ पैदल दौड़,भाला फेक, गोला फेक, इत्यादि खेलो में  अधिकारी कर्मचारी अभ्यास करते नज़र आए वही पारंगत खेल के कोच राधा कृष्ण पिल्ले दो अन्य सहायक कोच  के साथ उन्हें तपाते रहे ताकि उनके खेल में कोई कमोबेश न रह जाए  कोच पिल्ले ने बताया कि यहां कुछ गोल्ड मेडलिस्ट खिलाड़ी भी है जिन्होंने पिछले प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल लिया था सहायक कोच में चारु लता,गजपाल, के नाम का उल्लेख किया वही वेट लिफ्टिंग का अभ्यास पंडरी स्थित जिमखाना में होना बताया जहां बहुत से महिला और पुरुष वर्ग अपने रुचि अनुसार संबंधित खेल का अभ्यास करते दिखे जिनके कोच तेजा सिंह अशोक साहू,गजेंद्र पांडे खेल की बारीकियां सिखाते दिखे इस संदर्भ में तेजा सिंह से चर्चा करने पर उन्होंने बताया कि वन विभाग के खिलाड़ीयों का प्रारंभिक चयन वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किया गया है जिसमे सभी खिलाड़ियों को कोचिंग दी जा रही है जिसके पश्चात अंतिम चयन प्रक्रिया की जाएगी जिसमें उत्कृष्ट खिलाड़ियों जिनकी संख्या 225 से 230 तक हो सकती है 
इसमें सभी आयु वर्ग के खिलाड़ी और खेल समाहित है जिनमे एथलेटिक्स, स्विमिंग, बैडमिंटन, लॉन टेनिस,वेट लिफ्टिंग, पॉवर लिफ्टिंग,टेबल टेनिस जैसे प्रमुख खेल के खिलाड़ी मौजूद है तेजा सिंह और राधा कृष्ण पिल्ले ने संयुक्त रूप से आगे बताया कि बहुत से गोल्ड मेडलिस्ट खिलाड़ी भी प्रतियोगिता में भाग लेने कोचिंग कर रहे है जिनमें नवोनिता बेरा,बाबू बेरा,जो छग दौड़ में प्रथम रहे उन्होंने आगे बताया कि बाबू बेरा पटना में नेशनल गेम खेल चुके है रोहन तिवारी 110 मीटर बाधा दौड़ जूनियर नेशनल गेम के विजेता है कमोद रजक जो 61 वर्षीय है पैदल चाल में 19 बार गोल्ड मेडल ले चुके है राजनांदगांव वविनि से पैदल चाल प्रतिभागी  हेमनाथ साहू भी इस प्रतियोगिता में जम कर अभ्यास कर रहे है वही 56 वर्षीय राजकुमार पांडे जो वाहन चालक कर्मचारी संघ बिलासपुर के तीन बार के अध्यक्ष भी है को पॉवर  वेट लिफ्टिंग में 64 मैडल जीत कर एक ऐतिहासिक कीर्तिमान बनाया है यही नही राष्ट्रपति ज्ञानी जैलसिंह से भी वे सम्मानित हो चुके है तात्कालिक मध्य प्रदेश के राज्यपाल एन एम चांडी ने भी उन्हें सम्माननित किया है मंत्री रविन्द्र चौबे से लेकर विभागीय अधिकारियों से भी वे पुरुस्कृत हो चुके है 

इस बार भी वे अपनी किस्मत पॉवर वेट लिफ्टिंग भारोत्तोलन में आजमा रहे है लॉन टेनिस का कोच त्रिनाथ राव छत्तीसगढ़ क्लब में दे रहे है उन्होंने बताया कि लगभग 7 से 8 प्रतिभागी टेनिस की बारीकियां सिख रहे है तथा उनमें काफी बदलाव आया है इसी प्रकार बलबीर जुनेजा स्टेडियम,पुलिस ग्राउंड,कोंटा स्टेडियम,पंडरी जिमखाना सहित अन्य ग्राउंड में लगातार प्रैक्टिस अंतिम चरण में पहुंच चुकी है जिसका परिणाम भावी अखिल भारतीय वन खेल कूद प्रतियोगिता महोत्सव के पश्चात दिखेगा

शुक्रवार, 13 जनवरी 2023

पेट्रोल के दाम पर सौ रुपये में मिट्टी तेल दिया अब दस महीने से ऊपर मिट्टी तेल का वितरण बंद-शक्कर भी गाहे बगाहे दिया जा रहा

 


 पेट्रोल के दाम पर सौ रुपये में मिट्टी तेल दिया अब दस महीने से ऊपर मिट्टी तेल का वितरण बंद-शक्कर भी गाहे बगाहे दिया जा रहा 


मामला-सारागांव उचित मूल्य दुकान में खुल कर काला बाजारी 

रायपुर से मात्र बीस किलोमीटर की दूरी पर स्थित सारा गांव के शासकीय उचित मूल्य के दुकान पर विगत दस महीने से ऊपर मिट्टी तेल वितरण नही किया जा रहा है जिसके वजह से बहूत से ग्रामीण खासे नाराज है और  विक्रेता को पूछने पर  वह भी कोटा का मिट्टी तेल दस महीने से नही आना बताया है

   रायपुर के करीब स्थित ग्रामीण क्षेत्र सारागांव में धान खरीदी केंद्र के बगल में  स्थित उचित मूल्य की राशन दुकान जिसका आई. डी. क्रमांक - 442001019 है के माध्यम से  विगत कई वर्षों से मिट्टी तेल,शक्कर और अन्य खाद्य वस्तुओं की कालाबजारी करने का आरोप स्थानीय ग्रामीण उपभोक्ताओं द्वारा लगाया जा रहा है जिसे ग्राम पंचायत सारागांव में शासकीय उचित मूल्य के नाम से विक्रेता हीरामणि के द्वारा संचालित किया जाता है वहां उपस्थित अनेक उपभोक्ताओं से राशन के समय पर मिलने की बात पूछी गई तो ग्रामीण उपभोक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने विगत दस माह से मिट्टी तेल वितरण नही किया जाना बताया ग्रामीणों ने बताया कि दस माह पूर्व मे यदाकदा मिट्टी तेल वितरण सौ रुपये की दर से किया जाता था जिसे महंगा दर से उपभोक्ताओं को देने के पीछे की वजह उचित मूल्य दुकान के विक्रेता द्वारा मिट्टी तेल का टोटा होने की बात कही गई थी

जबकि ग्रामीणों ने बताया कि अधिक दर पर या कहें पेट्रोल की दर पर मिट्टी तेल वितरण के कारण बहुत से उपभोक्ता तेल लेना बंद कर दिए जिसकी वजह से दस महीने से किसी भी उपभोक्ताओं को मिट्टी तेल का वितरण आज पर्यंत नही किया गया ज्ञात हुआ है कि मिट्टी तेल का शासकीय दर 30 रुपये है जिसे विक्रेता द्वारा पेट्रोल के दाम पर सौ रुपये में उपभोक्ताओं को बेचा जाता था वही कुछ उपस्थित उपभोक्ताओं ने बताया कि रात के समय चोरी छिपे  ग्राम स्थित कुछ होटलों में  टीन के कनस्तर में भर कर उन्हें सप्लाई  कर दिया जाता था जिसका उपयोग वे ईंधन के रुप में खाद्य सामग्री निर्माण करने में करते है जबकि विक्रेता हीरामणि से चर्चा करने पर उसने भी बताया कि विगत दस माह से मिट्टी तेल का वितरण नही किया गया इसलिए उपभोक्ताओं को मिट्टी तेल का वितरण नही किया जाता

 जबकि इस बात की पुष्टि हेतु रायपुर कलेक्टोरेट स्थित खाद्य विभाग के कमिश्नर से करने का प्रयास किया गया परन्तु वे उपस्थित न होने के कारण जानकारी उपलब्ध नही हो सकी है शीघ्र ही वस्तुस्थिति ज्ञात कर इसकी शिकायत कलेक्टर महोदय से की जाएगी उपस्थित ग्रामीणों ने यह भी बताया कि शक्कर भी गिने चुने उपभोक्ताओं को दिया जाता है वह भी किसी किसी महीने नही दिया जाता आखिर संपूर्ण तेल और शक्कर जाता कहाँ  है इसकी सुध लेने या जांच करने वाला कोई भी अधिकारी नही है जिसकी वजह से विक्रेता हीरामणि के हौसले बुलंद है तथा वह खुलकर कालाबजारी को अंजाम दे रहा है राशन ही नही बल्कि अन्य प्रकार के करारोपण कर स्थानीय सरपंच द्वारा आर्थिक शोषण किया जा रहा है ग्रामीणों ने आगे बताया कि प्रकाश व्यवस्था और मकान कर के नाम पर भी प्रति राशन कार्ड धारियों से ग्राम सारागांव सरपंच के द्वारा  सौ रुपये शुल्क लिया जा रहा है यह शुल्क प्रति वर्ष लिया जाता है तथा बहुत से कर दाता स्थनीय ग्रामीण भी नही होना बताया गया वही शासकीय उचित मूल्य दुकान के विक्रेता हीरामणि के कथन अनुसार लगभग एक हजार कार्ड धारक संपूर्ण ग्राम में  होना बताया गया है  प्रकाश विद्युत व्यवस्था के नाम पर दिया तले अंधेरा वाली कहावत चरितार्थ होती परिलक्षित होती है क्योंकि ग्राम सारागांव के अधिकांश क्षेत्र अंधेरे में डूबे रहते है फिर किस प्रकार की प्रकाश व्यवस्था कर के रूप में लिया जा रहा है यह समझ के परे है  

उल्लेखनीय है एक तरफ छत्तीसगढ़ राज्य की कांग्रेस सरकार बिजली बिल हाफ सहित मुफ्त बिजली की योजना चलाकर समस्त आम जन को विद्युत अधिभार से मुक्त करने का प्रयास कर उन्हें रिझाने का प्रयास करती है वही ग्राम सारागांव सरपंच द्वारा प्रत्येक राशन कार्ड धारियों से प्रकाश और मकान कर रोपण कर किसके जेब मे पैसा डाला जा रहा है यह जांच का विषय है  राशन के समय पर न मिलने और मिट्टी तेल न मिलने जैसे इस समस्त बिषय को लेकर अध्यक्ष प्रबंधक सी.पी.वैष्णव से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि वे दो वर्ष से रिटायर हो चुके है तथा अनेकों बार राशन दुकान से नाम और मोबाइल नम्बर हटाने कहा गया है परंतु आज पर्यंत उसे नही हटाया गया उन्होंने संपूर्ण दायित्व विक्रेता हीरामणि के सिर डाल दिया है  संपूर्ण मामले का  सही जवाब वे ही दे सकते है अब वास्तविकता क्या है यह तो जांच के बाद ही सामने आ सकता है 

 

मंगलवार, 10 जनवरी 2023

सुरवाणी के गायक सुर 'मा' रहिन मचाया धमाल श्रोता जमकर झूमे मंच.प्रस्तोताओं के गीत गाने को लेकर उठ रहे सवाल

 सुरवाणी के गायक सुर 'मा' रहिन मचाया धमाल श्रोता जमकर झूमे.मंच प्रस्तोताओं के गीत गाने को लेकर उठ रहे सवाल


रायपुर विगत दिवस मायाराम सुरजन हॉल में सुरवाणी म्यूज़िकल ग्रुप एवं मिशन पॉलिटिक्स मैगज़ीन के संयुक्त तत्वाधान में गीत संगीत का रंगारंग कार्यक्रम और सम्मान अलंकरण  समारोह का कार्यक्रम  संपन्न हुआ जिसमें एक से बढ़कर एक गीतों की प्रस्तुति दी गई साथ ही वर्षों से कला साहित्य क्षेत्र में अपनी जीवन व्यतीत करने वाले विभूतियों का अवार्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया यह प्रथम अवसर था जब किसी म्यूज़िकल संस्था ने ऐसे कलाकारों को सम्मान प्रदान किया इसका श्रेय सुरवाणी म्यूज़िकल ग्रुप के डायरेक्टर सुजीत यादव को जाता है जिन्होंने अपने पारखी नजरों से उन्हें तलाश कर उनकी प्रतिभा का समुचित मूल्यांकन कर जन मानस के सम्मुख प्रस्तुत किया और उन्हें समाजिक सम्मान से नवाजा जो अपने आप मे एक बेहतर प्रयास माना जा रहा है सुरवाणी म्यूज़िकल ग्रुप के इस संयुक्त प्रयास का सर्वत्र सराहना की जा रही है वही इस तारतम्य में गीत संगीत की सुर संध्या का आयोजन में जबरदस्त परफॉर्मेंस देखने और सुनने मिला

 जिसमे नवोदित गायको सहित बहुत से मंझे हुए गायकों ने एक से बढ़कर एक फिल्मी गीत की प्रस्तुति दी जिसे उपस्थित श्रोताओं ने भरपूर तरीके से सराहा सर्व प्रथम माता भजन से सुर संध्या का आगाज़ हुआ जिसे एंकर लक्ष्मी नारायण लाहोटी ने प्रस्तुत किया पश्चात महेंद्र मतेलकर ने हम बेवफा हरगिज न थे गीत से शुरुआत की जिसे उपस्थित श्रोताओं ने पसंद किया वही नवोदित गायक ओ मेरे दिल के चैन गीत के साथ ही डॉ.शशी खिरैय्या ने न तुम हमे जानो ..न हम तुम्हे जाने गीत ..की प्रस्तुति दी जिसे ताली की गड़गड़ाहट से उनका स्वागत किया गया अगले क्रम के गायक महेश साहू ने दोस्त दोस्त न रहा गाया तो दीपक देवांगन ने ...फ़िल्म कुली का सारी दुनिया का बोझ हम उठाते है कि जबरदस्त प्रस्तुति दी तो फ़णेन्द्र देवांगन ने प्रेम रोग फ़िल्म का सुपरहिट गीत... अरे कुछ नही कुछ नही... गीत पर श्रोता झूमने लगे तो माही शर्मा के साथ बे खुदी में सनम उठ गए जो कदम गीत से वातावरण नए पुराने गीत संगीत के लय पर झूमने लगा
 वही उत्तम सूरज ने... ऐ ज़िंदगी गले लगा ले... और सलोचना सूची के युगल गीत मिल के न होंगे जुदा आ कसम खा ले... जैसे रूमानी गीत की प्रस्तुति दी तो मनीष राव ने.. हमने तुमको देखा.. गीत पर अस्सी नब्बे दशक के दौर में ले गए वही सी.के.रामटेके ने रफी साहब का गाया गीत..लाखों है निगाह में ...गीत को बहुत ही उम्दा ढंग से प्रस्तुति दी जिसे सभी श्रोताओं ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की जबकि सुरवाणी के डायरेक्टर सुजीत यादव का एक अलहदा रूप इस बार मंच पर दिखाई दिया किशोर कुमार का तेरा पीछा न मैं छोडूंगा ...और पूजा के साथ युगल गीत ओ मेरी जान बोल मेरी जान...मैं हूँ खलनायक..सुन बेलिया... जैसे गीत के अलावा उन्होंने मनहर,विनोद राठौर,कुमार शानू,एस. पी.बालासुब्रमण्यम सहित अन्य गायको की आवाज़  में गाए गीत को प्रस्तुत कर  सब श्रोताओं  को चौकने विवश कर दिया भिन्न भिन्न गायको की आवाज़ को अपने भीतर समेटे बहुमुखी प्रतिभा के धनी सुजीत यादव की गायकी में एक परिपक्वता झलकी तथा सभी  गायको की आवाज़ में उन्होंने प्रस्तुत गीतों के साथ पूरा न्याय करने में कोई कोर कसर नही छोड़ी सुजीत यादव के इस नए स्वरूप ने उनके कद को ऊंचा किया है यही वजह है कि उनकी गायकी और समर्पण भाव को देखते हुए मिशन पॉलिटिक्स मैगज़ीन द्वारा लीजेंड किशोर के सम्मान से सम्मानित करते हुए उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट की है वही मनोज मसंद पूजा का युगल गीत...जय जय शिव शंकर.. तेरा पीछा न मैं छोडूंगा सोनिए..जैसे गीत गाकर संपूर्ण माहौल में उत्साह और उमंग भर दिया अतिथि गायक के रूप में अनुराग ठाकुर ने या अली गीत ...के अलावा भी एक अन्य गीत को गाया जिसे कफ पसंद किया गया  वही माही शर्मा, रीना पनिका,पूजा सिंह,सलोचना सूची और वुमैन स्टार अनिता गजभिये ने अन्य गायकों के साथ इतना बेहतरीन तालमेल बैठाते हुए अपने गीतों की प्रस्तुति दी कि किसी भी गीत पर श्रोताओं को किसी प्रकार की टिप्पणी का कोई अवसर नही दिया इनकी युगल गायकी में सभी श्रोताओं ने ताली बजाकर,आनंद उठाया आवाज़ को सराहा वही मंच संचालन के साथ संचालक द्वय द्वारा गीत गाए जाने को लेकर भी स्वर मुखर होने लगे है बहुत से गायको की राय है कि मंच संचालक या तो मंच संचालन करे या फिर गीत ही गा ले मंच संचालन के साथ गीतों की प्रस्तुति से श्रोताओ में सुगबुगाहट बढ़ गई है कि  इस प्रकार की परंपरा से श्रोता यह समझ नही पाते है कि प्रस्तोता मंच संचालक है या गायक है ? इस ओर सभी मंच संचालकों को गंभीरता से विचार करना होगा 

सोमवार, 9 जनवरी 2023

ग्राम भलेरा निवासी समाजसेवी नंदकुमार साहू की प्रपौत्री का नाम करण और रामायण पाठ हुआ

 ग्राम भलेरा निवासी समाजसेवी नंदकुमार साहू की प्रपौत्री का नाम करण और रामायण पाठ हुआ

रायपुर ग्राम भलेरा (मिशन पॉलिटिक्स न्यूज़) आरंग जनपद अंतर्गत ग्राम भलेरा निवासी समाजसेवी नंदकुमार साहू के प्रपौत्री का आज पूर्ण विधि विधान के साथ नामकरण किया गया जिसे ज्ञाता पंडित के ज्ञान अनुसार चंद्र पक्ष में जन्म होने के कारण कन्या का नाम चंद्र कला रखा गया

संध्या मे रामायण पाठ का कार्यक्रम हुआ  इस अवसर पर आसपास के ग्रामीण पत्रकार,एवं बहुत से सम्मानीय जन दिन भर कार्यक्रम में शामिल होकर कन्या को दीर्धायु होने का आशीर्वाद देकर जलपान ग्रहण किया 



इस अवसर पर आसपास क्षेत्र के बहुत से ग्रामीण मेहमान लगातार उपस्थित होकर देर रात तक बधाई देते रहे 


शनिवार, 7 जनवरी 2023

अवार्ड पाकर कलाकार हुए भावुक कला साधकों ने कार्यक्रम को सराहा,अगले वर्ष जनवरी में किया जाएगा सम्मान समारोह

 अवार्ड पाकर कलाकार हुए भावुक कला साधकों ने कार्यक्रम को सराहा,अगले वर्ष जनवरी में किया जाएगा सम्मान समारोह

अलताफ हुसैन द्वारा

रायपुर (मिशन पॉलिटिक्स न्यूज़) सुरवाणी म्यूज़िकल ग्रुप एवं मिशन पॉलिटिक्स मैगजीन के 12 वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य पर मायाराम सुरजन हॉल में गीत संगीत का रंगारंग कार्यक्रम और सम्मान समारोह का आयोजन किया गया जिसमें बहुत से सुपर हिट फिल्मी गीतों का कार्यक्रम हुआ  सुर संध्या कार्यक्रम  के मध्य में ही सम्मान अलंकरण भी किया गया 



जिसमें सर्व प्रथम लगभग दस वर्षों से कॉलेज शिक्षण काल से ही साहित्य के प्रति समर्पित रहे मनोज मसंद को जिन्होंने अब तक सैकड़ों कविता का लेखन कर विभिन्न मंचों से प्रस्तुति दी जिसके लिए उन्हें अनेक संस्थाओं द्वारा पुरुस्कार सहित प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह भी प्रदान किए जा चुके है परंतु यह पहला अवसर था जब किसी रजिस्टर्ड मीडिया संस्थान ने उनके कवि हृदय को परखा और भरी संगीतमयी सभा मे उन्हें शाइनिंग स्टार अर्थात चमकदार सितारा की उपाधि पदनाम से सम्मानित करते हुए उन्हें अभिनंदन पत्र सहित स्मृति चिन्ह प्रदान कर उनकी प्रतिभा का सही मूल्यांकन  किया वे भी शाइनिंग स्टार  सम्मान पाकर भाव विभोर हो गए तथा मंचीय आसंदी से स्व रचित रचना के माध्यम से दोनों संस्थाओं का आभार व्यक्त किया जिसे सुनकर भरी सभा करतल ध्वनि से गुंजयमान हो उठी वही अगली कड़ी में बचपन अर्थात शैक्षणिक काल से ही गीत संगीत के प्रति समर्पित रही सुमधुर आवाज़ की धनी पूजा सिंह को सुर कोकिला अवार्ड से सम्मानित करने हेतु मंच पर आमन्त्रित किया गया तो वोह इतनी अधिक भावुक हो गई कि उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े तथा भावुक होकर उन्होंने कहा कि 25 वर्षों की तपस्या का प्रतिफल आज प्राप्त हुआ है उन्होंने कहा कि मैं सुरवाणी म्यूज़िकल ग्रुप और मिशन पॉलिटिक्स का हृदय से आभार व्यक्त करती हूँ कि मेरी गायकी कला को आप लोगों ने समझा और परखा और मुझे यह सम्मान प्रदान किया जो मेरे जीवन काल की सर्वाधिक बड़ी उपलब्धि है 

अगली कड़ी के सम्मान हेतु  समाज सेवी,साहित्यकार,सुप्रसिद्ध मंच संचालक,पुरातत्व प्रेमी, लक्ष्मी नारायण लाहोटी को मंच पर आमन्त्रित किया गया जिन्होंने चालीस वर्षों से ऊपर साहित्य के प्रति समर्पण भाव,महिला सशक्तिकरण हेतु कार्यक्रमों के माध्यम से उन्हें जागृत करना एवं सफल मंच संचालन का लंबा अनुभव के आधार पर उन्हें दिव्य मुक्ता अवार्ड से सम्मानित किया जिसे पाकर वे काफी गदगद हो गए उन्होंने कहा कि आयरन मैन खिताब के पश्चात यह दिव्य मुक्ता अवार्ड मेरे जीवन मे काफी महत्व रखता है जो मुझे समाजिक स्तर पर दिव्य जो भव्य और चमक का सूचक है तथा मोती जो एक समुद्र गर्भा रत्न है इस तरह मुझे भव्य दिव्य आभा का चमकदार मोती के काबिल समझ कर अवार्ड दिया गया जो मेरे व्यक्तित्व को और चमकदार बना दिया

वही जब लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड हेतु सत्तर वर्षीय सादिक खान को मंच पर आमन्त्रित किया गया तो संपूर्ण हॉल उनके स्वागत के लिए खड़ा हो गया और काफी देर तक करतल ध्वनि हॉल में गूंजती रही सादिक खान जो एंकरिंग के मामले में उस्ताद माने जाते है 
तथा सर्वाधिक आश्चर्य का विषय यह है कि उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन काल ही मंच को समर्पित कर रखा है आज भी सत्तरवें सावन में भी अपनी गर्जन आवाज के रसपूर्ण शब्दों की वर्षा करते हुए नही थकते एंकरिंग विद्या में पारंगत आज भी उनकी जादुई आवाज़ बैठे दर्शको को सम्मोहित करने पर्याप्त है  उनका कथन है कि वे आज भी मंच का दिया हुआ खाते है और परिवार का पालन पोषण करते है



 उन्हें जब लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान किया गया तो वे काफी भावुक हो गए और कहा कि यह सम्मान मेरे जीवन का सर्वाधिक उत्कृष्ट सम्मान है जीवन भर बड़े बड़े सेलिब्रिटीज के मंचों का संचालन किया परन्तु किसी भी मंच ने ऐसा पुरुस्कार नही दिया जो आज सुरवाणी म्यूज़िकल ग्रुप और मिशन पॉलिटिक्स मैगजीन ने दिया उन्होंने अपनी भावना व्यक्त करते हुए आगे कहा कि सैकड़ों समाचार पत्र,न्यूज़ चैनल हमारे इर्दगिर्द  है परंतु कोई भी हमारी प्रतिभा का मूल्यांकन नही करता सभी सेलिब्रिटीज के पीछे भागते है परंतु आज मिशन पॉलिटिक्स मैगज़ीन ने छोटे स्तर पर होने वाले कलाकारों और एंकरों के बीच पहुंच कर अपनी महती नैतिक जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए हमारे लिए दो शब्द लिखा हमारी भावनाओं को व्यक्त किया उन्होंने आगे कहा कि आज कराओके जगत में बढ़ती भीड़ का संपूर्ण श्रेय सही मायनों में मिशन पॉलिटिक्स और ऐसे समाचार पत्रों को जाता है जो अपना कीमती समय निकाल कर प्रतिभाओं का सटीक मूल्यांकन कर उनका मान सम्मान बढ़ा रहे है उनमे प्रतिस्पर्धा की भावना जागृत कर रहे है मैं ऐसे म्यूज़िकल ग्रूप और मीडिया संस्थान का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ उन्हें सैल्यूट करता हूँ जो हम जैसे कलाकारों की वेदना लिख कर जन जन तक पहुंचाते है 

वही मंचो में अपनी अलग पहचान निर्मित करने वाले रविन्द्र दत्ता ने भी सभी अलंकृत विभूतियों के सम्मान हेतु उन्हें बधाई देते हुए कहा कि यह एक बेहतर पहल है जिससे प्रतिभाओं का उत्साह वर्धन होगा उनके उक्त बयान से मिशन पॉलिटिक्स मैगज़ीन सुरवाणी म्यूज़िकल ग्रुप ने संयुक्त रुप से यह निर्णय लिया है
कि प्रति वर्ष जनवरी माह में ऐसे सम्मान अलंकरण समारोह का  आयोजन कर प्रतिभाओं का सम्मान जिसमे सामाजिक,साहित्य,गीत संगीत,कला संस्कृति क्षेत्र की दबी प्रतिभाओं का मूल्यांकन कर उन्हें उपरोक्त अवार्ड से सम्मानित करेगा ताकि एक स्वस्थ्य और स्वच्छ वातावरण निर्मित किया जा सके इसके अलावा सुरवाणी म्यूज़िकल ग्रुप ने संपूर्ण ग्रुप के कलाकार सदस्यों की ओर से पत्रकार अलताफ हुसैन को नारद वाणी सम्मान से अलंकृत करते हुए स्मृति चिन्ह प्रदान किया  सुरवाणी म्यूज़िकल के उक्त सुर संध्या अलंकरण समारोह कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार  नवाब कादिर, जे पी दुबे, राकेश  तिवारी दंपति जी ,एंकर रविन्द्र दत्ता, सहित बहुत से म्यूज़िकल ग्रुप के सम्माननिय डायरेक्टर, गायक ,कलाकार, और प्रबुद्ध जन बड़ी संख्या मे उपस्थित थे 

शुक्रवार, 6 जनवरी 2023

आज लाहोटी दिव्य मुक्ता,मसंद शाइनिंग स्टार तो पूजा सिंह सुर कोकिला सादिक खान लाइफ टाइम अचीवमेंट सम्मान से सम्मानित होंगे

 आज लाहोटी दिव्य मुक्ता,मसंद शाइनिंग स्टार तो पूजा सिंह सुर कोकिला सादिक खान लाइफ टाइम अचीवमेंट सम्मान से सम्मानित होंगे 

 लक्ष्मी नारायण लाहोटी दिव्य मुक्ता अवार्ड


सादिक खान लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड

रायपुर सुरवाणी म्यूज़िकल ग्रुप औऱ मिशन पॉलिटिक्स के संयुक्त तत्वाधान में सुर संध्या और सम्मान समारोह कार्यक्रम आज मायाराम सुरजन हॉल में रखा गया है जिसमे सधे हुए गायकों के द्वारा सुपरहिट फिल्मी गीतों की प्रस्तुति दी जाएगी गीत संगीत कार्यक्रम के मध्य ही अलंकरण समारोह रखा गया है 



मनोज मसंद को शाइनिंग स्टार अवार्ड

पूजा सिंह को सुर कोकिला अवार्ड


 

जिसमे लक्ष्मी नारायण लाहोटी को दिव्य मुक्ता अवार्ड मनोज मसंद को शाइनिंग स्टार पूजा सिंह को सुर कोकिला अवार्ड सहित अजीवन मंचों के प्रति समर्पित रहे एंकर सादिक खान को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा यह जानकारी सुर वाणी म्यूज़िकल ग्रुप के डायरेकर सुजीत यादव और मिशन पॉलिटिक्स मैगज़ीन के संपादक अलताफ हुसैन ने संयुक्त रूप से  देते हुए बताया कि सम्मान समारोह में कुल बीस कलाकारों को सम्मानित किया जाएगा जो अपने आप मे एक नई शुरुआत मानी जा रही है

मंगलवार, 3 जनवरी 2023

सुरवाणी म्यूज़िकल ग्रुप एवं मिशन पॉलिटिक्स मैगज़ीन का संयुक्त सुर संध्या कार्यक्रम और सम्मान समारोह 7 जनवरी को

 सुरवाणी म्यूज़िकल ग्रुप एवं मिशन पॉलिटिक्स मैगज़ीन का संयुक्त सुर संध्या कार्यक्रम और सम्मान समारोह 7 जनवरी को

रायपुर मिशन पॉलिटिक्स मैगज़ीन एवं सुर वाणी म्यूज़िकल ग्रपू के संयुक्त तत्वाधान में 7 जनवरी 2023 शनिवार को मायाराम सुरजन हॉल में सदाबहार फिल्मी गीत संगीत की सुर संध्या और  विशिष्ठ जनों का सम्मान अलंकरण समारोह रखा गया है जिसमे चार ऐसी विभूतियां जिन्होंने गीत संगीत और कला,साहित्य क्षेत्र मे अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है उन्हें क्रमशः सवर्ण मुक्ता, लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड एवं सुर कोकिला, शाइन स्टार पदनाम अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा साथ ही उन्हें प्रशस्ति प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह दिया जाएगा इसके अलावा  बीस अन्य स्मृति चिन्ह,शॉल, भी सुरवाणी गायको एवं अन्य कलाकारों को प्रदाय किए जाएंगे  सम्मान समारोह कार्यक्रम सुर वाणी के सदाबहार नग्मों के मध्य किया जाएगा सुरवाणी म्यूज़िकल ग्रुप एवं मिशन पॉलिटिक्स मंथली मैगज़ीन (मीडिया संस्थान) जो भारत सरकार के सूचना प्रसारण मंत्रलय से पंजीबद्ध प्रिंट मीडिया संस्था है एवं जिसके स्थापना को 12 वर्ष हो रहा है दोनों के परस्पर संयुक्त प्रयास और तत्वाधान में किया जा रहा है यह जानकारी  मिशन पॉलिटिक्स मैगज़ीन संस्थान के स्वामी मुद्रक,प्रकाशक, एवं संपादक अलताफ हुसैन और सुरवाणी म्यूज़िकल ग्रुप के डायरेक्टर सुजीत यादव ने संयुक्त रूप से दी है उन्होंने बताया यह सम्मान दोनों ग्रुप के संयुक्त प्रयास से प्रति वर्ष जनवरी में आयोजित कर चार ऐसे विशिष्ट व्यक्तित्व को प्रदाय किए जाएंगे  जिन्होंने कला,साहित्य, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में अपना अमूल्य योगदान दिया है ज्ञातव्य हो कि सुरवाणी की सुर संध्या  कार्यक्रम  7 जनवरी 2023 शनिवार को 6 बजे से मायाराम सुरजन हॉल में आयोजित किया गया है जिसमे सुरवाणी के सुरीले गायक अपनी प्रस्तुति देंगे कार्यक्रम का मंच संचालन सुप्रसिद्ध एंकर लक्ष्मी नारायण लाहोटी करेंगे गीत संगीत की सुरीली सुरमयी संध्या पर सुरवाणी के मार्गदर्शक,और प्रेरणा स्रोत मनोज मसंद भी अपनी विशेष गीतों की प्रस्तुति देंगे  इस विशेष अवसर पर सभी ,डायरेक्टर, कलाकार,गायक,गीत संगीत प्रेमी,श्रोता गण अधिक से अधिक संख्या में अपनी गरिमामयी उपस्थित देकर कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना अमूल्य सहयोग प्रदान करेंगे ऐसी अपील सुरवाणी डायरेक्टर सुजीत यादव और सहयोगी संस्थान मिशन पॉलिटिक्स के संपादक और पत्रकार अलताफ हुसैन ने  की है

शनिवार, 24 दिसंबर 2022

बस्तर के बुर्जी और कुंदेड़ में पुलिस कैंप का विरोध कर रहे आदिवासियों पर पुलिस के हमले की किसान सभा ने की निंदा, कहा : दोषियों को गिरफ्तार करो, घायलों को मुफ्त चिकित्सा और मुआवजा दो*





*बस्तर के बुर्जी और कुंदेड़ में पुलिस कैंप का विरोध कर रहे आदिवासियों पर पुलिस के हमले की किसान सभा ने की निंदा, कहा : दोषियों को गिरफ्तार करो, घायलों को मुफ्त चिकित्सा और मुआवजा दो*






रायपुर। छत्तीसगढ़ किसान सभा ने दक्षिण बस्तर के सुकमा जिले में बुर्जी और कुंदेड़ गांवों में पुलिस कैंप की स्थापना के विरोध में शांतिपूर्ण ढंग से धरना दे रहे आदिवासियों पर पुलिस के हमले की तीखी निंदा की है। ये पुलिस हमले 15 दिसम्बर और 22 दिसम्बर को किए गए हैं। पुलिस के इन हमलों में 13 आदिवासियों के गंभीर रूप से घायल होने की खबर मिली है। छत्तीसगढ़ किसान सभा ने मांग की है कि उक्त हमलों के लिए दोषी पुलिस अधिकारियों और जवानों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए तथा घायल आदिवासियों को मुफ्त चिकित्सा सहायता व मुआवजा दिया जाए। इसके साथ ही किसान सभा ने बस्तर के सैन्यीकरण पर रोक लगाने की भी मांग की है।



आज यहां जारी एक विज्ञप्ति में छग किसान सभा के अध्यक्ष संजय पराते और महासचिव ऋषि गुप्ता ने बस्तर में जल–जंगल–जमीन और खनिज की लूट पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इस लूट के खिलाफ आदिवासी प्रतिरोध को कुचलने के लिए ही जगह–जगह पुलिस कैंप बनाए जा रहे हैं और इसके लिए आदिवासियों की जमीन छीनी जा रही है। आंदोलनकारी ग्रामीणों के अनुसार, कुंदेड़ का पुलिस कैंप दो आदिवासियों की 10 एकड़ जमीन पर जबरन कब्जा करके बनाया गया है।


उल्लेखनीय है कि पिछले दो सालों से सिलगेर, बुर्जी, कुंदेड़ सहित पुसानर, बेचापाल, बेचाघाट, नांबीधारा, गोमपाड़, सिंगाराम, गोंडेरास व अन्य स्थानों पर पुलिस कैंप की स्थापना के विरोध में आंदोलन चल रहे हैं। आदिवासियों के इन आंदोलनों को कुचलने के लिए उन पर भारी दमन किया जा रहा है। किसान सभा नेताओं ने कहा है कि अपनी मांगों के लिए शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन करने का अधिकार संविधान भी देता है, लेकिन प्राकृतिक संपदा की लूट को आसान बनाने के लिए केंद्र और राज्य, दोनों ही सरकारें उन पर जुल्म ढा रही है, उन पर लाठियां–गोलियां बरसा रही है और  उन्हें गैर–कानूनी तरीके से गिरफ्तार कर रही है। ये पुलिस कैंप ग्राम सभाओं की सहमति के बिना और पेसा कानून का उल्लंघन कर स्थापित किए जा रहे हैं।


आंदोलनकारी आदिवासियों से मिली जानकारी के आधार पर किसान सभा नेताओं ने घायल आदिवासियों की तस्वीरें और नाम भी जारी किए हैं। घायलों के नाम हैं : बोगाम भीमे, मूवा एमूला (अलगुड़ा), मड़लाम जोगा (बोड़ाम), ओयाम लखमा, ओयाम मंगडू (प्रलागट्टा), कुंजाम देवा, मुचाकी मंगू, मुचाकी मंगली (बैनपल्ली), छुर्रा, माड़वी पोदीयल (तोलेवर्ती), कलमू गंगी, माड़वी ठंगा, पोडियाम मासे (मोरपल्ली गांव) आदि।


किसान सभा नेताओं ने प्रदेश और देश भर की प्रगतिशील–जनवादी ताकतों से बस्तर के आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों और मानवाधिकारों के हनन के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की है।


*संजय पराते*

अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ किसान सभा

(मो) 94242–31650